हजारीबाग से जयनारायण की रिपोर्ट
Vande Bharat: झारखंड के हजारीबाग जिले के चालकुशा प्रखंड स्थित दशहरा ब्लॉक हॉल्ट के समीप बुधवार को एक संभावित बड़ा रेल हादसा टल गया. एक ही ट्रैक पर चल रही दो वंदे हिंदुस्तान एक्सप्रेस ट्रेनें काफी नजदीक पहुंच गईं. हालांकि आधुनिक सिग्नल प्रणाली की सक्रियता और लोको पायलट की सतर्कता के कारण समय रहते स्थिति नियंत्रित कर ली गई और किसी प्रकार की दुर्घटना नहीं हुई.
गया-हावड़ा और पटना-रांची वंदे हिंदुस्तान एक ही लाइन पर थीं
चौबे स्टेशन के स्टेशन मास्टर संजय कुमार ने बताया कि दोनों ट्रेनें डाउन लाइन पर चल रही थीं. इनमें आगे गया-हावड़ा वंदे हिंदुस्तान एक्सप्रेस (20894) थी, जबकि उसके पीछे पटना-रांची वंदे हिंदुस्तान एक्सप्रेस (22306) चल रही थी. किसी कारणवश पीछे चल रही पटना-रांची वंदे हिंदुस्तान एक्सप्रेस आगे वाली ट्रेन के काफी करीब पहुंच गई. इससे कुछ समय के लिए रेल महकमे में हलचल मच गई.
आधुनिक सिग्नल प्रणाली ने दिया खतरे का संकेत
रेल अधिकारियों के अनुसार, नई सिग्नल प्रणाली के तहत लोको पायलट को तत्काल सतर्कता संबंधी संकेत प्राप्त हुआ. खतरे का संकेत मिलते ही चालक ने तुरंत ब्रेक लगाकर ट्रेन की गति नियंत्रित की और उसे रोक दिया. समय रहते कार्रवाई होने के कारण संभावित दुर्घटना टल गई. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक सुरक्षा प्रणाली की वजह से दोनों ट्रेनों के बीच सुरक्षित दूरी सुनिश्चित हो सकी.
किसी यात्री को नहीं पहुंचा नुकसान
घटना में किसी भी यात्री के घायल होने या किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है. रेलवे ने स्पष्ट किया है कि इस घटना का रेल परिचालन पर भी कोई असर नहीं पड़ा और सभी ट्रेनों का संचालन सामान्य रूप से जारी रहा. घटना के बाद रेलवे अधिकारियों ने स्थिति की समीक्षा की और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया.
कुछ देर तक रेल महकमे में रही हलचल
दो हाई-स्पीड वंदे हिंदुस्तान ट्रेनों के एक ही ट्रैक पर अत्यधिक नजदीक पहुंचने की सूचना के बाद रेलवे महकमे में कुछ समय के लिए हलचल देखी गई. हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा प्रणाली पूरी तरह प्रभावी ढंग से काम कर रही थी और इसी वजह से बड़ा हादसा टल गया.
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तकनीक और सतर्कता से टली दुर्घटना
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक सिग्नल प्रणाली और लोको पायलट की त्वरित प्रतिक्रिया के कारण स्थिति पर समय रहते नियंत्रण पा लिया गया. इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि अत्याधुनिक सुरक्षा तकनीक और मानव सतर्कता के समन्वय से संभावित दुर्घटनाओं को टाला जा सकता है.
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