Hot News

गंगा दशहरा और सप्तमी को एक समझने की भूल न करें, जानें दोनों में क्या है अंतर?

Ganga Dussehra 2026: सनातन धर्म में मां गंगा को केवल एक नदी नहीं, बल्कि मोक्षदायिनी देवी के रूप में पूजा जाता है. हिंदू कैलेंडर में मां गंगा को समर्पित दो बड़े उत्सव आते हैं, गंगा सप्तमी और गंगा दशहरा. अक्सर लोग इन दोनों त्योहारों को एक ही समझ लेते हैं या इनके बीच के अंतर को लेकर भ्रमित हो जाते हैं. भले ही दोनों पर्व मां गंगा की आराधना और पवित्र स्नान के लिए समर्पित हैं, लेकिन इनके पीछे की पौराणिक कथाएं, धार्मिक महत्व और तिथियां पूरी तरह अलग हैं. आइए जानते हैं कि इन दोनों पावन पर्वों में क्या अंतर है.

तिथि और समय का अंतर

दोनों त्योहार हिंदू पंचांग के अलग-अलग महीनों और तिथियों में मनाए जाते हैं:

  • गंगा सप्तमी: यह पर्व वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाया जाता है.
  • गंगा दशहरा: यह पर्व ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है.

जन्म और धरती पर आगमन का अंतर

गंगा सप्तमी यह मां गंगा का ‘उत्पत्ति दिवस’ या जन्मोत्सव माना जाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन गंगा जी भगवान ब्रह्मा के कमंडल से प्रकट हुई थीं. उन्होंने भगवान विष्णु के चरणों को पवित्र जल से धोकर स्वर्ग में अपना स्थान प्राप्त किया था.

गंगा दशहरा मां गंगा के पृथ्वी पर अवतरण का दिन माना जाता है. इसी दिन मां गंगा स्वर्ग से उतरकर भगवान शिव की जटाओं में समाई थीं और फिर पृथ्वी पर प्रकट हुई थीं.

दोनों पर्वों से जुड़ी कथाएं

गंगा सप्तमी

स्वर्ग से उतरते समय मां गंगा के तीव्र वेग से ऋषि जह्नु की कुटिया और पूजा सामग्री बह गई थी. इससे क्रोधित होकर ऋषि जह्नु ने पूरी गंगा नदी को पी लिया. बाद में देवताओं और राजा भगीरथ की प्रार्थना पर ऋषि जह्नु ने वैशाख शुक्ल सप्तमी के दिन अपने कान से गंगा को पुनः बाहर निकाला. इसी कारण इस दिन को गंगा का ‘दूसरा जन्म’ भी माना जाता है. इस घटना के बाद मां गंगा को ‘जाह्नवी’ नाम से भी जाना जाने लगा.

गंगा दशहरा

राजा भगीरथ ने अपने 60,000 पूर्वजों यानी सगर पुत्रों की आत्मा की शांति और मोक्ष के लिए हजारों वर्षों तक कठोर तपस्या की थी. उनके पूर्वजों की मुक्ति का एकमात्र मार्ग मां गंगा का पावन जल था. भगीरथ की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान ब्रह्मा ने गंगा को स्वर्ग से पृथ्वी पर भेजने की अनुमति दी. इसके बाद ज्येष्ठ शुक्ल दशमी के दिन मां गंगा पृथ्वी पर आने के लिए तैयार हुईं, लेकिन उनके प्रचंड वेग को संभालना संभव नहीं था. तब भगवान शिव ने गंगा को अपनी जटाओं में धारण कर लिया और बाद में अपनी जटाओं से उन्हें शांत धारा के रूप में पृथ्वी पर प्रवाहित किया.

यहां पढ़ें धर्म से जुड़ी बड़ी समाचारें: Religion News in Hindi – Spiritual News, Hindi Religion News, Today Panchang, Astrology at Naya Vichar

The post गंगा दशहरा और सप्तमी को एक समझने की भूल न करें, जानें दोनों में क्या है अंतर? appeared first on Naya Vichar.

Spread the love

विनोद झा
संपादक नया विचार

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top