Ali Khamenei funeral: ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान की कड़ी आलोचना की है, जिसमें उन्होंने अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में मौजूद ईरानी नेतृत्व पर हमला करने को लेकर टिप्पणी की थी. ईरान ने ट्रंप की एक शॉट वाली टिप्पणी को गैर-जिम्मेदाराना बयान बताते हुए कहा कि अमेरिका के पास न तो सभ्यता है और न ही सम्मान. ईरान ने यह भी कहा कि ट्रंप इस बात को समझ लें की लोगों को मारा जा सकता है लेकिन आदर्शों को खत्म नहीं किया जा सकता है. आर्मेनिया स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह जवाब दिया.
ईरानी दूतावास ने बोला तीखा बयान
आर्मेनिया स्थित ईरानी दूतावास ने अपनी पोस्ट में कहा कि अमेरिका खामेनेई की मौत के बाद देशभर में उमड़े शोक और भावनाओं को कभी नहीं समझ सकता, क्योंकि उसके पास न तो सभ्यता है, न इतिहास और न ही सम्मान. दूतावास ने कहा- लोगों को मारा जा सकता है, लेकिन आदर्शों को नहीं. आपने अयातुल्ला खामेनेई को मार डाला, लेकिन वास्तव में आपने केवल एक इत्र की बोतल तोड़ी, जिसकी खुशबू अब हर जगह फैल चुकी है.
ट्रंप ने क्या कहा था?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी मीडिया एक्सियोस को दिए गए एक इंटरव्यू में खामेनेई के अंतिम संस्कार में उमड़े हजारों लोगों की मौजूदगी पर अचरज जताते हुए कहा था- मुझे लगा था कि लोग खामेनेई से नफरत करते हैं. शायद ये दिखावटी आंसू हैं. ट्रंप ने आगे दावा किया कि यदि अमेरिका चाहे तो ईरान के बचे हुए शीर्ष अधिकारियों को एक ही गोली से खत्म कर सकता है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा नहीं किया जाएगा, क्योंकि अमेरिका तेहरान के साथ बातचीत के विकल्प खुले रखना चाहता है.
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ईरान ने दी थी जोरदार पलटवार की चेतावनी
अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ईरान ने अमेरिका और इजरायल को सख्त चेतावनी दी थी. ईरान के खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के कमांडर अली अब्दोल्लाही ने कहा था कि तेहरान अपने दुश्मनों खासकर अमेरिका और इजरायल को आगाह करता है कि वे किसी भी तरह की उकसावे वाली या सैन्य कार्रवाई न करें. उन्होंने साफ तौर पर कहा था कि अगर ईरान की संप्रभुता पर हमला हुआ या किसी प्रकार की आक्रामक कार्रवाई की गई, तो ईरानी सशस्त्र बल उसका कड़ा और निर्णायक जवाब देंगे.
खामेनेई के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ रही भारी भीड़
ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का पार्थिव शरीर फिलहाल तेहरान में रखा गया है, जहां देश-विदेश से लोग अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुंच रहे हैं. 28 फरवरी को अमेरिकी-इजरायली हवाई हमले में खामेनेई की मौत हो गई था. उनके अंतिम संस्कार की प्रक्रिया एक सप्ताह तक चलेगी, जिसके तहत तेहरान, क़ोम, नजफ़ और कर्बला में औपचारिक जुलूस निकाले जा रहे हैं. इसके बाद 9 जुलाई को उन्हें मशहद में दफनाया जाएगा.
अंतिम संस्कार का धार्मिक और नेतृत्वक पहलू
ईरानी प्रशासन ने इस अंतिम संस्कार को घरेलू एकजुटता और प्रतिरोध के प्रदर्शन के रूप में आयोजित किया है. अंतिम यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए, जो शिया परंपराओं के अनुसार रोते, नारे लगाते और सीना पीटते हुए शोक जाहिर करते नजर आए. पूरे आयोजन में धार्मिक आस्था के साथ-साथ नेतृत्वक संदेश भी साफ-साफ नजर आया. एक भव्य मेहराबदार मंच के नीचे सफेद सीढ़ीनुमा चबूतरे पर रखे ताबूतों के चारों ओर काले शोक झंडे और ईरानी राष्ट्रीय ध्वज लगाए गए, जो इस अवसर के धार्मिक और नेतृत्वक महत्व की ओर इशारा कर रहे थे.
शहादत और प्रतिरोध के प्रतीक के रूप में अंतिम यात्रा
ईरान के अनुसार, दुश्मन के हमले में खामेनेई की मौत ने शिया इतिहास में शहादत की परंपरा को और मजबूत किया है. सार्वजनिक जुलूस, पारंपरिक शोक और सामूहिक श्रद्धांजलि का मिला-जुला प्रतिरोध और राष्ट्रीय एकजुटता के शक्तिशाली प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है. (पीटीआई इनपुट के साथ)
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