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September 30, 2026

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झारखंड DGP नियुक्ति मामले में SC में 9 अक्टूबर को सुनवाई, केंद्र ने प्रक्रिया पर उठाए सवाल

रांची. मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड के डीजीपी तदाशा मिश्रा की नियुक्ति के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई की. इस दौरान केंद्र ने नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाए और अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को तय की. डीजीपी नियुक्ति प्रक्रिया का पालन नहीं होने का आरोप सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि राज्य प्रशासन ने डीजीपी नियुक्ति के लिए तय प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया. केंद्र का तर्क है कि राज्य ने नियुक्ति के लिए निर्धारित तीन नामों के पैनल का पालन नहीं किया. ऐसे में डीजीपी की नियुक्ति अवैध है. सॉलिसिटर जनरल ने मामले की सुनवाई बुधवार को करने की अपील की. इस पर राज्य प्रशासन की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने असमर्थता जाहिर की. साथ ही, मामले में मदद करने वाले राजू रामचंद्रन ने कहा कि अगले हफ्ते वह उपलब्ध नहीं हैं. ये भी पढ़ें: झारखंड बंद आज: आंदोलनकारियों की मांगों को लेकर निकला मशाल जुलूस, रांची में हाई अलर्ट अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को सभी की दलील सुनने के बाद शीर्ष अदालत ने मामले की सुनवाई 9 अक्तूबर को करने का फैसला लिया. पीठ ने अगली सुनवाई में झारखंड प्रशासन को नियुक्ति नियमावली की कानूनी वैधता पर अपना जवाब दाखिल करने का आदेश दिया. वहीं राज्य प्रशासन के वकील सिब्बल ने अगली सुनवाई में डीजीपी नियुक्ति की वैधता पर जवाब दाखिल करने की बात कही. तीन जजों की पीठ कर रही मामले की सुनवाई ज्ञात हो कि मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायाधीश वी मोहना और न्यायाधीश जॉयमाला बागची की खंडपीठ मामले की सुनवाई कर रही है. ये भी पढ़ें: JPSC घोटाला: तीन आरोपियों की जमानत खारिज, कोर्ट ने OMR शीट में हेरफेर और परीक्षा प्रणाली में सेंधमारी को बताया गंभीर The post झारखंड DGP नियुक्ति मामले में SC में 9 अक्टूबर को सुनवाई, केंद्र ने प्रक्रिया पर उठाए सवाल appeared first on Naya Vichar.

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INDIA ब्लॉक की बैठक से पहले दिल्ली में पोस्टर वॉर, विपक्षी नेताओं के खिलाफ लगाए गए होर्डिंग

आज होने वाली INDIA ब्लॉक की बैठक से पहले मध्य दिल्ली में विपक्षी दलों के नेताओं को निशाना बनाते हुए कई होर्डिंग लगाए गए हैं. इन होर्डिंग पर विपक्षी नेताओं को लेकर संदेश लिखे गए हैं. हालांकि, इन होर्डिंग को किसने लगाया है, इसकी जानकारी फिलहाल नहीं है. SIR विवाद पर विपक्ष की बैठक INDIA ब्लॉक की यह बैठक मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी विवाद के बीच हो रही है. बैठक में विपक्षी दल इस मुद्दे पर आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे. विपक्षी दल मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद हरेंद्र सिंह मलिक ने बैठक में पार्टी की भागीदारी की पुष्टि की. उन्होंने कहा कि सपा की ओर से पार्टी प्रमुख या महासचिव बैठक में शामिल हो सकते हैं. मलिक ने कहा कि उनकी पार्टी PDA की लड़ाई संविधान के पक्ष में और BJP के खिलाफ लड़ रही है. कांग्रेस ने PM और गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग की इससे पहले कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की थी. कांग्रेस ने कहा कि CEC ज्ञानेश कुमार से जुड़े विवाद के बाद दोनों को पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है. कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार को हटाने, SIR पर रोक लगाने और मतदाता सूची से हटाए गए 13.30 करोड़ नामों को बहाल करने की मांग भी दोहराई. सोनिया गांधी, राहुल गांधी और खरगे बैठक में होंगे शामिल बैठक में कांग्रेस की ओर से सोनिया गांधी, राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के शामिल होने की संभावना है. सपा की ओर से हरेंद्र मलिक के शामिल होने की उम्मीद है. TMC की ओर से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के आने की संभावना है. ये भी पढ़ें: ‘चुनाव आयोग लोकतंत्र की गरिमा का प्रतीक, कांग्रेस नहीं पचा पा रही हार’, खरगे पर स्मृति ईरानी का पलटवार तेजस्वी यादव, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती भी बैठक में हो सकते हैं शामिल RJD नेता तेजस्वी यादव, नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला और PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती भी बैठक में शामिल हो सकते हैं. झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता हेमंत सोरेन वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक में जुड़ सकते हैं. शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे के भी वर्चुअल माध्यम से शामिल होने की संभावना है. इन दलों के नेता भी बैठक में हो सकते हैं शामिल NCP (SP) की सुप्रिया सुले, CPM के एमए बेबी, CPI के डी राजा और CPI(ML) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य के भी बैठक में शामिल होने की उम्मीद है. इसके अलावा RSP के एनके प्रेमचंद्रन, IUML के सादिक थंगल, VCK प्रमुख थिरुमावलवन और MDMK नेता डी वैको भी बैठक में हिस्सा ले सकते हैं. स्वतंत्र राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल के भी INDIA ब्लॉक की बैठक में शामिल होने की संभावना है. The post INDIA ब्लॉक की बैठक से पहले दिल्ली में पोस्टर वॉर, विपक्षी नेताओं के खिलाफ लगाए गए होर्डिंग appeared first on Naya Vichar.

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सऊदी अरब का रक्षक बनेगा पाकिस्तान! खाड़ी में बढ़ते तनाव के बीच बोला- हर सैन्य मदद देने को तैयार

नए रक्षा समझौते के तहत पाकिस्तान ने सऊदी अरब को सैन्य मदद देने का ऐलान किया है. रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि समझौते के तहत सऊदी अरब की रक्षा के लिए पाकिस्तान अपनी उपलब्ध सैन्य क्षमताओं का इस्तेमाल करेगा. पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक, उन्होंने यह पुष्टि नहीं की कि पाकिस्तानी सेना पहले से यमन में हूती ठिकानों पर हवाई हमलों में शामिल रही है या नहीं. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ ने रोम में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सऊदी अरब की रक्षा के लिए पाकिस्तान हर उपलब्ध साधन का इस्तेमाल करने को तैयार है. उनसे जब पूछा गया कि क्या पाकिस्तान ने यमन में ईरानी ठिकानों के खिलाफ हवाई हमलों में हिस्सा लिया है, तो उन्होंने सीधे तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की. उन्होंने कहा कि समझौते के तहत पाकिस्तान की सैन्य क्षमताएं सऊदी अरब के लिए उपलब्ध रहेंगी. सऊदी पर हूती हमलों के बाद बढ़ी चिंता आसिफ के मुताबिक यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर मिसाइल और ड्रोन हमले तेज किए हैं. उन्होंने दावा किया कि हूतियों ने यमन के लाल सागर तट पर अपनी पकड़ बढ़ाई है और रणनीतिक इलाकों तक पहुंच बनाई है. पाकिस्तान का कहना है कि इन घटनाओं से सऊदी अरब की सुरक्षा के साथ-साथ लाल सागर और बाब-अल-मंदेब जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर भी खतरा बढ़ा है. पाकिस्तान बोला- सऊदी का दुश्मन हमारा दुश्मन ख्वाजा आसिफ ने सऊदी अरब के प्रति पाकिस्तान की प्रतिबद्धता को स्पष्ट करते हुए कहा कि सऊदी अरब के किसी भी दुश्मन को लेकर पाकिस्तान की स्थिति साफ है. इससे संकेत मिलता है कि नया रक्षा समझौता केवल कूटनीतिक सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर सैन्य सहयोग का रास्ता भी खोलता है. क्या है मक्का ज्वाइंट डिफेंस एग्रीमेंट? सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की ने अगस्त में मक्का ज्वाइंट डिफेंस एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए थे. समझौते के मुताबिक तीनों देशों में से किसी एक पर सशस्त्र हमला होने की स्थिति में उसे सभी पर हमला माना जाएगा. तीनों देशों ने इसे सामूहिक रक्षा और सैन्य सहयोग मजबूत करने वाला समझौता बताया है. तीनों देशों के सैन्य प्रमुखों की बैठक भी हुई 25 सितंबर 2026 रियाद में पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के सैन्य प्रमुखों ने बैठक की थी. इसमें खुफिया जानकारी साझा करने, सैन्य समन्वय और सैन्य क्षमताओं के बेहतर इस्तेमाल पर चर्चा हुई. बैठक में सऊदी अरब पर हूती हमलों और क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति पर भी विचार किया गया. अभी तैयार हो रहा है गठबंधन का पूरा ढांचा रक्षा समझौते के बावजूद इसके संचालन और कमांड से जुड़ी पूरी व्यवस्था अभी विकसित की जा रही है. पाकिस्तान के मुताबिक तीनों देश एक सचिवालय और गठबंधन के संस्थागत ढांचे को तैयार कर रहे हैं. फिलहाल समझौते में अन्य देशों को शामिल करने की कोई तत्काल योजना नहीं बताई गई है. ईरान के साथ बातचीत की वकालत भी कर रहा पाक दिलचस्प बात यह है कि सऊदी अरब को सैन्य समर्थन देने की बात कहने के साथ पाकिस्तान ईरान के साथ बातचीत के पक्ष में भी है. ख्वाजा आसिफ ने कहा कि इस्लामाबाद क्षेत्र में जारी व्यापक संघर्ष को बातचीत के जरिए खत्म करने की कोशिशों का समर्थन करता है. पाकिस्तान पहले भी ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत की मेजबानी कर चुका है. ये भी पढ़ें: अमेरिका अब फारस की खाड़ी में वापस नहीं आएगा, खामेनेई के सैन्य सलाहकार का दावा The post सऊदी अरब का रक्षक बनेगा पाकिस्तान! खाड़ी में बढ़ते तनाव के बीच बोला- हर सैन्य मदद देने को तैयार appeared first on Naya Vichar.

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Asian Games 2026 Day 11 Live: तीरंदाजी में भारतीय महिला टीम फाइनल में, थोड़ी देर में गोल्ड मेडल के लिए मुकाबला

नया विचार के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है. 30 सितंबर को एशियन गेम्स में हिंदुस्तान का एक्शन कई स्पोर्ट्सों में जारी रहेगा. आज तीरंदाजी, बॉक्सिंग, कुश्ती, शूटिंग और अन्य स्पोर्ट्सों में मेडल की उम्मीद है. The post Asian Games 2026 Day 11 Live: तीरंदाजी में हिंदुस्तानीय स्त्री टीम फाइनल में, थोड़ी देर में गोल्ड मेडल के लिए मुकाबला appeared first on Naya Vichar.

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Jammu Kashmir Encounter: मुठभेड़ में मारा गया पाकिस्तानी लश्कर कमांडर मूसा, यूसमर्ग में सुरक्षाबलों का ऑपरेशन जारी

हिंदुस्तानीय सेना का चिनार कॉर्प्स ने बताया, खुफिया जानकारी के आधार पर हिंदुस्तानीय सेना, J&K पुलिस और श्रीनगर सेक्टर CRPF ने कोराग, यूसमर्ग इलाके में एक जॉइंट सर्च ऑपरेशन शुरू किया. जवानों ने संदिग्ध गतिविधि देखी और जब उन्हें चुनौती दी गई, तो आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी. जिसके बाद जबरदस्त मुठभेड़ शुरू हो गई. इस दौरान आतंकवादी मारा गया. मूसा का करीबी सहयोगी यासिर भी इसी महीने 5 सितंबर को यूसमर्ग इलाके में हुई मुठभेड़ में मारा गया था. इसके बाद सुरक्षाबलों को मूसा की तलाश थी. इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी मूसा के मारे जाने के बाद भी सुरक्षाबलों ने इलाके में तलाशी अभियान जारी रखा है. अधिकारियों के अनुसार, घने जंगल और पहाड़ी इलाका होने के कारण जवान आसपास के क्षेत्रों में भी सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं. इलाके में अन्य आतंकियों की मौजूदगी की आशंका को देखते हुए सुरक्षाबल सतर्क हैं. सेना की चिनार कोर ने ‘ऑपरेशन कोराग’ के तहत चलाए जा रहे इस अभियान की जानकारी साझा करते हुए कहा कि ऑपरेशन अभी जारी है. ये भी पढ़ें: Jammu kashmir: कठुआ में बहस के बाद जवान ने साथियों पर बरसाईं गोलियां, असिस्टेंट कमांडेंट समेत 4 की मौत The post Jammu Kashmir Encounter: मुठभेड़ में मारा गया पाकिस्तानी लश्कर कमांडर मूसा, यूसमर्ग में सुरक्षाबलों का ऑपरेशन जारी appeared first on Naya Vichar.

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13 साल की उम्र में बेचते थे SIM कार्ड, होटल में की हाउसकीपिंग, फिर रितेश अग्रवाल ने ऐसे खड़ी की OYO की करोड़ों की कंपनी

आज जब किसी दूसरे शहर में सस्ते और ठीक-ठाक होटल की जरूरत होती है, तो OYO का नाम शायद ही किसी से छूटा हो. लेकिन इस कंपनी की शुरुआत किसी बड़े बिजनेस स्कूल, करोड़ों रुपये या किसी बड़े शहर से नहीं हुई थी. इसके पीछे ओडिशा के एक छोटे से शहर का वह लड़का था, जिसे बचपन से ही कुछ अलग करने की धुन सवार थी. इस लड़के का नाम है रितेश अग्रवाल. आज वह OYO के फाउंडर और चेयरमैन के तौर पर जाने जाते हैं, लेकिन उनकी कहानी को सिर्फ एक “कॉलेज ड्रॉपआउट से अरबपति” की कहानी कहना अधूरा होगा. क्योंकि रितेश के बिजनेस करने का तरीका उनके बचपन में ही दिखाई देने लगा था. ‘टेक टाइकून्स की कहानी’ की इस कड़ी में आइए जानते हैं रितेश अग्रवाल के बारे में, उनके बचपन से लेकर OYO के CEO बनने तक के सफर में छिपे उन किस्सों के बारे में, जिन्हें शायद बहुत कम लोग जानते हैं. Peter Thiel से मिला मौका और बदल गई दिशा रितेश की जिंदगी में एक बड़ा मोड़ तब आया जब उन्हें Peter Thiel Fellowship मिली. यह फेलोशिप पेपाल के को-फाउंडर पीटर थील से जुड़ी थी और इसमें युवा एंटरप्रेन्योर्स को अपनी कंपनी पर काम करने के लिए आर्थिक मदद दी जाती थी. रितेश को करीब 1 लाख डॉलर का ग्रांट मिला. OYO के मुताबिक, वह थिल फेलोशिप के लिए चुने जाने वाले पहले रेजिडेंट एशियन थे. दिलचस्प बात यह है कि उनके इस फैसले से परिवार शुरुआत में खुश नहीं था. रितेश ने एक इंटरव्यू में बताया कि उनके तीन बड़े भाई-बहन थे और परिवार चाहता था कि वह भी कोई अच्छी नौकरी करें. उनके लिए किसी IT कंपनी में एंट्री लेवल जॉब मिल जाना भी बड़ी सफलता होती. लेकिन रितेश कुछ और करना चाहते थे. एक समय तो उनके पिता को यह पता ही नहीं था कि बेटा कॉलेज से ज्यादा स्टार्टअप में समय दे रहा है. रितेश ने बताया कि जब उनके पिता कोटा पहुंचे और डीन से बात की, तब उन्हें पता चला कि बेटा कॉलेज में ज्यादा आता ही नहीं था. OYO के CEO थे, लेकिन खुद हाउसकीपिंग भी की आज OYO का नाम सुनते ही बड़े ऑफिस और करोड़ों रुपये का बिजनेस याद आता है. लेकिन शुरुआती दिनों में रितेश खुद होटल में हाउसकीपिंग से लेकर सेल्स तक का काम करते थे. उन्होंने बताया था कि जब गुरुग्राम में OYO सिर्फ एक होटल के साथ काम कर रहा था, तब वह खुद OYO की यूनिफॉर्म पहनकर हाउसकीपिंग करते थे और कस्टमर्स को कमरे दिखाते थे. कभी कस्टमर उन्हें कमरे से बाहर जाने को कह देता, तो वह चुपचाप बाहर आ जाते. एक बार तो एक परिवार ने उनसे अपने शिशु को संभालने के लिए भी कहा और इसके बदले उन्हें 50 रुपये टिप मिली. परिवार को मनाने में भी लगा वक्त रितेश के लिए बिजनेस शुरू करना जितना मुश्किल था, उतना ही मुश्किल परिवार को समझाना भी था. उन्होंने बताया कि शुरुआत में उनके माता-पिता को उनका स्टार्टअप करना समझ नहीं आता था. बाद में जब स्टार्टअप इकोसिस्टम को लेकर देश में माहौल बदला और OYO तेजी से आगे बढ़ा, तब परिवार का नजरिया भी बदला. एक पुराने इंटरव्यू में रितेश ने मजाक में यह भी बताया था कि उनकी मां इस बात से परेशान थीं कि अगर बेटा ग्रेजुएट नहीं होगा तो उससे शादी कौन करेगा. उस समय उन्हें यह बात भी समझानी पड़ी कि कॉलेज छोड़ना उनके लिए पढ़ाई छोड़ना नहीं, बल्कि कुछ नया बनाने की कोशिश थी. आज की कहानी की शुरुआत उन छोटे एक्सपेरिमेंट्स से हुई थी रितेश की कहानी को अगर पीछे मुड़कर देखें तो OYO अचानक पैदा हुआ आइडिया नहीं था. पहले कंप्यूटर से छेड़छाड़, फिर प्रोग्रामिंग सीखना, 13 साल की उम्र में SIM बेचना, इंजीनियरिंग कॉलेजेस पर किताब लिखना, स्टार्टअप इवेंट्स में जाना, अलग-अलग होटल्स में रहना और आखिर में होटल की समस्या को बिजनेस में बदलना, ये सभी छोटे-छोटे कदम थे. खुद रितेश ने एक पॉडकास्ट में अपने बचपन को याद करते हुए कहा था कि वह हमेशा कुछ अलग करने वाला बच्चा था. Thiel Fellowship के बाद उनके लिए सबसे बड़ी सीख यह थी कि “बड़ा सोचने के लिए रिसोर्सेज की जरूरत नहीं होती.” OYO की अपनी कहानी के मुताबिक, 2013 में गुरुग्राम में पहला OYO शुरू हुआ और इसके बाद कंपनी ने तेजी से विस्तार किया. आगे चलकर OYO कई देशों तक पहुंचा. नोट: यह लेख नया विचार की ‘टेक टायकून्स की कहानी’ सीरीज का हिस्सा है. इस सीरीज के जरिए हम टेक जगत की अलग-अलग दिग्गज हस्तियों की कहानी आपके सामने ला रहे हैं. इस सीरीज में हम जानेंगे कि उन्होंने अपने करियर की शुरुआत कैसे की, किन चुनौतियों का सामना किया और किस तरह अपनी मेहनत और काबिलियत के दम पर सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचे. इस सीरीज की अगली कड़ी में हम 7 अक्टूबर को टेक इंडस्ट्री के एक और बड़े नाम की कहानी आपके सामने लेकर आएंगे. तब तक जुड़े रहिए हमारे साथ. ये भी पढ़ें: पत्रकार बनना चाहते थे, पिता ने बनाया इंजीनियर, फिर Adobe को बदलकर रख दिया… ऐसी है CEO शांतनु नारायण की कहानी The post 13 साल की उम्र में बेचते थे SIM कार्ड, होटल में की हाउसकीपिंग, फिर रितेश अग्रवाल ने ऐसे खड़ी की OYO की करोड़ों की कंपनी appeared first on Naya Vichar.

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