आज(11 सितंबर) से अगले तीन दिनों तक दुनिया की नजरें दिल्ली पर रहने वाली हैं. वजह है 12 और 13 सितंबर को हिंदुस्तान मंडपम में होने वाला BRICS शिखर सम्मेलन. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत BRICS के सदस्य देशों के नेता और कई साझेदार देशों के प्रतिनिधि इस बैठक में जुट रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस भी सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं.
BRICS का शिखर सम्मेलन अब सिर्फ एक और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन तक सीमित नहीं है, करीब दो दशक पहले कुछ उभरती वित्तीय स्थितिओं के मंच के तौर पर शुरू हुआ BRICS आज 11 सदस्य देशों का मजबूत समूह बन चुका है. जो दुनिया की करीब 49.5 फीसदी आबादी, 40 फीसदी वैश्विक जीडीपी और 26 फीसदी वैश्विक व्यापार का प्रतिनिधित्व करते हैं.
ऐसे में इस सम्मेलन से अलग,अहम सवाल ये है कि क्या BRICS अब सिर्फ सहयोग का मंच नहीं होकर, दुनिया के आर्थिक और कूटनीतिक शक्ति-संतुलन को बदलने वाला नया केंद्र बन रहा है? आसान भाषा में कहें तो क्या BRICS नया वर्ल्ड ऑर्डर बना रहा है?
20 सालों में कितनी बदली BRICS की तस्वीर?
BRICS की कहानी सिर्फ सहयोग संगठन तक सीमित नहीं है. इससे आगे संगठन में शामिल देशों के बीच बढ़ता आपसी व्यापार, स्थानीय मुद्राओं में लेन-देन की कोशिश, न्यू डेवलपमेंट बैंक जैसा वैकल्पिक वित्तीय संस्थान और वैश्विक संस्थाओं में विकासशील देशों की ज्यादा हिस्सेदारी की मांग है, जो
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