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मादक पदार्थों की तस्करी मामले में 4 लोगों को हुई थी 10 साल की सजा, हाईकोर्ट ने किया रिहा, जानें पूरा मामला

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Calcutta High Court Released Drug Peddlers: कलकत्ता हाईकोर्ट ने 525 किलोग्राम मादक पदार्थ की जब्ती प्रक्रिया की वीडियोग्राफी नहीं किये जाने और साक्ष्य जुटाने में लापरवाही पर पुलिस के प्रति नाराजगी जतायी. साथ ही कोर्ट ने इस मामले में 4 लोगों की दोषसिद्धि रद्द करते हुए उन्हें तत्काल रिहा करने के आदेश दिये.

कृष्णनगर की अदालत ने आरोपियों को सुनायी थी 10 साल की सजा

नदिया जिले के कृष्णनगर की एक अदालत ने समीर दास, जहीरुद्दीन शेख, गोपाल दास और विजय विश्वास को 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनायी थी. हाईकोर्ट की एक खंडपीठ ने उन्हें तत्काल रिहा करने का आदेश दिया.

कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं कर रहे अधिकारी : हाईकोर्ट

अदालत ने कहा कि अधिकारियों को छापेमारी और जब्ती की वीडियोग्राफी सुनिश्चित करने का बार-बार निर्देश दिया गया है. ऐसा प्रतीत होता है कि वे इन निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं और इसके कारण वे ही बेहतर जानते हैं.

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अधिकारियों की कार्यप्रणाली से हाईकोर्ट नाराज

  • जस्टिस अरिजीत बनर्जी और जस्टिस अपूर्व सिन्हा राय की खंडपीठ ने कहा- हैरानी की बात है कि विशेष कार्य बल (एसटीएफ) और अन्य अधिकारी जांच एवं माप उपकरण समेत कई तरह के उपकरण साथ रखते हैं, लेकिन वे तलाशी और जब्ती की वीडियोग्राफी के लिए कोई उपकरण नहीं ले जाते.
  • खंडपीठ ने 24 जून को सुनाये गये अपने फैसले में कहा- अभियोजन पक्ष जब्ती प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करा सकता था. स्वतंत्र गवाहों की मदद से भी मामला साबित कर सकता था, लेकिन रिकॉर्ड में मौजूद सामग्री से पता चलता है कि अभियोजन पक्ष जब्ती प्रक्रिया की कोई वीडियोग्राफी पेश नहीं कर सका.
  • अदालत ने कहा कि पूरी संभावना है कि सभी अधिकारियों के पास स्मार्टफोन रहे होंगे और वे तलाशी एवं जब्ती की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कर सकते थे. ये लोग अपने फोन से तस्वीरें ले सकते थे, लेकिन कलकत्ता हाईकोर्ट समेत विभिन्न अदालतों के स्पष्ट निर्देशों के बाद भी उन्होंने वीडियोग्राफी नहीं की.

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525 किलो मादक पदार्थ जब्त, सूची 549 किलोग्राम की

पीठ ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने वीडियोग्राफी संबंधी निर्देश का पालन किये बिना छापेमारी दल में शामिल गवाहों पर भरोसा किया. कोर्ट ने कहा- हम उन गवाहों पर भरोसा करने के पक्ष में नहीं हैं, जो छापेमारी करने वाली टीम के सदस्य थे. अदालत ने यह भी कहा कि 525 किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किया गया था, लेकिन सूची 549 किलोग्राम मादक पदार्थ की तैयार की गयी.

मादक पदार्थ के वजन बढ़ने का सबूत नहीं : कोर्ट

पीठ ने कहा कि नमी के कारण मादक पदार्थ का वजन बढ़ने संबंधी टिप्पणी के समर्थन में कोई साक्ष्य पेश नहीं किया गया. न ही किसी गवाह ने इस बारे में बयान दिया. अदालत ने कहा कि यदि ऐसा हुआ भी था, तो जब्ती के बाद इन पदार्थों के भंडारण पर सवाल उठता है.

Calcutta High Court Released Drug Peddlers: 19 जुलाई 2024 को सुनायी गयी थी सजा

मादक पदार्थ की कथित जब्ती 23 मई 2021 को नदिया जिले के नकाशीपाड़ा थाना क्षेत्र में की गयी थी. चारों व्यक्तियों को 19 जुलाई 2024 को सजा सुनायी गयी थी.

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विनोद झा
संपादक नया विचार

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