Balochistan Liberation Front (BLF) से जुड़े त्रैमासिक प्रकाशन Sarmachar के जून–जुलाई–अगस्त 2026 अंक का संपादकीय केवल सुराब की एक कथित सैन्य कार्रवाई पर प्रतिक्रिया नहीं है. यह दरअसल संगठन के उस व्यापक नेतृत्वक और वैचारिक narrative को सामने रखता है, जिसके जरिए वह अपनी लंबे समय से जारी सशस्त्र गतिविधियों को ‘राष्ट्रीय मुक्ति संघर्ष’ के रूप में प्रस्तुत करता है.
इस अंक का संपादकीय शीर्षक है— ‘Bombardment on Civilians: Evidence of the Occupying State’s Vulnerability and Defeat.’ यानी नागरिकों पर बमबारी को पाकिस्तान की कमजोरी और कथित हार का प्रमाण बताया गया है.
BLF से जुड़े Aashob Publications ने इसे Sarmachar के सातवें संस्करण के रूप में जारी किया है. प्रकाशन में संगठन की गतिविधियों की रिपोर्ट और infographic भी शामिल हैं.
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