अलकायदा के संदिग्ध आतंकी कटकी, सामी और कलीमुद्दीन नौ साल बाद बरी, जमशेदपुर की अदालत ने सुनाया फैसला
जमशेदपुर-प्रतिबंधित आतंकी संगठन अलकायदा से जुड़े होने के आरोप में नौ साल से जेल में बंद तीन संदिग्धों को कोर्ट ने शुक्रवार को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया. एडीजे-1 विमलेश कुमार सहाय की अदालत ने ओडिशा के कटक निवासी अब्दुल रहमान अली खान उर्फ कटकी, जमशेदपुर धातकीडीह निवासी मोहम्मद सामी उर्फ उज्जर उर्फ हसन और मानगो जाकिरनगर निवासी मौलाना कलीमुद्दीन को निर्दोष करार दिया. अदालत में सामी और कटकी की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई, जबकि कलीमुद्दीन सशरीर उपस्थित था. कोर्ट ने कटकी के सेशन ट्रायल 219 और सामी के सेशन ट्रॉयल 424 की सुनवाई गत 14 फरवरी को पूरी कर ली थी और फैसले के बिंदू पर 28 फरवरी 2025 की तिथि निर्धारित की थी. अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में असफल कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि अभियोजन पक्ष तीनों आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर सका. पिछले नौ सालों में इस मामले की जांच तीन अलग-अलग अधिकारियों ने की, लेकिन कटकी के मामले में 19 और सामी के मामले में 17 गवाहों की गवाही के बावजूद आरोप प्रमाणित नहीं हो सके. दिल्ली पुलिस की सूचना पर हुई थी गिरफ्तारी 25 जनवरी 2016 को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की सूचना पर बिष्टुपुर थाना में तत्कालीन थाना प्रभारी जीतेंद्र कुमार के बयान पर नामजद केस दर्ज किया गया था. इसके बाद 18 जनवरी 2016 को हरियाणा के मेवात से मोहम्मद सामी को गिरफ्तार किया गया, जबकि अब्दुल रहमान अली खान उर्फ कटकी को ओडिशा में उसके घर से दबोचा गया था. मौलाना कलीमुद्दीन को 16 सितंबर 2017 को टाटानगर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया था. कई गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ था मामला बिष्टुपुर पुलिस ने तीनों के खिलाफ हिंदुस्तानीय दंड संहिता की धारा 121 (देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने का प्रयास), 121ए (देश के खिलाफ षड्यंत्र), 120बी (आपराधिक साजिश), 34 (सामूहिक अपराध) और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धारा के अलावा अनलॉफुल एक्टिविटी प्रिवेंशन एक्ट (यूएपीए) 6, 8, 19, 20, 23 धारा 1967 लगाकर नामजद केस दर्ज किया गया था. कोर्ट में बचाव पक्ष की दलीलें पड़ी भारी मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष से अधिवक्ता दिलीप कुमार महतो, बोलाइ पंडा, संदीप सिंह और निधि कुमारी ने अदालत में दलीलें रखीं. वहीं, अभियोजन पक्ष से लोक अभियोजक राजीव कुमार मौजूद थे. अदालत में अभियोजन पक्ष यह साबित नहीं कर पाया कि आरोपी अलकायदा संगठन से जुड़े थे या किसी आतंकी गतिविधि में शामिल थे. जेल में बिताये नौ साल, अब मिली रिहाई तीनों आरोपियों ने अलग-अलग स्थानों पर नौ साल जेल में बिताये. पर्याप्त सबूतों के अभाव में अब कोर्ट ने उन्हें रिहा करने का आदेश दे दिया है. पढ़ें नया विचार प्रीमियम स्टोरी: Mughal Harem Stories : मुगल हरम की औरतों ने मौत की परवाह किए बिना रात के अंधेरे में प्रेम को दिया अंजाम The post अलकायदा के संदिग्ध आतंकी कटकी, सामी और कलीमुद्दीन नौ साल बाद बरी, जमशेदपुर की अदालत ने सुनाया फैसला appeared first on Naya Vichar.

