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March 1, 2025

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अलकायदा के संदिग्ध आतंकी कटकी, सामी और कलीमुद्दीन नौ साल बाद बरी, जमशेदपुर की अदालत ने सुनाया फैसला

जमशेदपुर-प्रतिबंधित आतंकी संगठन अलकायदा से जुड़े होने के आरोप में नौ साल से जेल में बंद तीन संदिग्धों को कोर्ट ने शुक्रवार को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया. एडीजे-1 विमलेश कुमार सहाय की अदालत ने ओडिशा के कटक निवासी अब्दुल रहमान अली खान उर्फ कटकी, जमशेदपुर धातकीडीह निवासी मोहम्मद सामी उर्फ उज्जर उर्फ हसन और मानगो जाकिरनगर निवासी मौलाना कलीमुद्दीन को निर्दोष करार दिया. अदालत में सामी और कटकी की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई, जबकि कलीमुद्दीन सशरीर उपस्थित था. कोर्ट ने कटकी के सेशन ट्रायल 219 और सामी के सेशन ट्रॉयल 424 की सुनवाई गत 14 फरवरी को पूरी कर ली थी और फैसले के बिंदू पर 28 फरवरी 2025 की तिथि निर्धारित की थी. अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में असफल कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि अभियोजन पक्ष तीनों आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर सका. पिछले नौ सालों में इस मामले की जांच तीन अलग-अलग अधिकारियों ने की, लेकिन कटकी के मामले में 19 और सामी के मामले में 17 गवाहों की गवाही के बावजूद आरोप प्रमाणित नहीं हो सके. दिल्ली पुलिस की सूचना पर हुई थी गिरफ्तारी 25 जनवरी 2016 को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की सूचना पर बिष्टुपुर थाना में तत्कालीन थाना प्रभारी जीतेंद्र कुमार के बयान पर नामजद केस दर्ज किया गया था. इसके बाद 18 जनवरी 2016 को हरियाणा के मेवात से मोहम्मद सामी को गिरफ्तार किया गया, जबकि अब्दुल रहमान अली खान उर्फ कटकी को ओडिशा में उसके घर से दबोचा गया था. मौलाना कलीमुद्दीन को 16 सितंबर 2017 को टाटानगर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया था. कई गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ था मामला बिष्टुपुर पुलिस ने तीनों के खिलाफ हिंदुस्तानीय दंड संहिता की धारा 121 (देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने का प्रयास), 121ए (देश के खिलाफ षड्यंत्र), 120बी (आपराधिक साजिश), 34 (सामूहिक अपराध) और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धारा के अलावा अनलॉफुल एक्टिविटी प्रिवेंशन एक्ट (यूएपीए) 6, 8, 19, 20, 23 धारा 1967 लगाकर नामजद केस दर्ज किया गया था. कोर्ट में बचाव पक्ष की दलीलें पड़ी भारी मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष से अधिवक्ता दिलीप कुमार महतो, बोलाइ पंडा, संदीप सिंह और निधि कुमारी ने अदालत में दलीलें रखीं. वहीं, अभियोजन पक्ष से लोक अभियोजक राजीव कुमार मौजूद थे. अदालत में अभियोजन पक्ष यह साबित नहीं कर पाया कि आरोपी अलकायदा संगठन से जुड़े थे या किसी आतंकी गतिविधि में शामिल थे. जेल में बिताये नौ साल, अब मिली रिहाई तीनों आरोपियों ने अलग-अलग स्थानों पर नौ साल जेल में बिताये. पर्याप्त सबूतों के अभाव में अब कोर्ट ने उन्हें रिहा करने का आदेश दे दिया है. पढ़ें नया विचार प्रीमियम स्टोरी: Mughal Harem Stories :  मुगल हरम की औरतों ने मौत की परवाह किए बिना रात के अंधेरे में प्रेम को दिया अंजाम The post अलकायदा के संदिग्ध आतंकी कटकी, सामी और कलीमुद्दीन नौ साल बाद बरी, जमशेदपुर की अदालत ने सुनाया फैसला appeared first on Naya Vichar.

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Jharkhand Economic Survey: गरीबी में आयी कमी, बेरोजगारी दर में हुआ सुधार, झारखंड आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 का विश्लेषण

डॉ धीरज मणि पाठक/डॉ सीमा अखौरी, (सहायक प्रोफेसर, संत जेवियर्स कॉलेज, रांची)Jharkhand Economic Survey 2025: रांची-झारखंड की आर्थिक प्रगति और स्थिरता को रेखांकित करने वाला आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 राज्य की समग्र आर्थिक स्थिति को दर्शाते हुए पिछले कुछ वर्षों में किये गये विकास कार्यों और प्रशासनी नीतियों के सकारात्मक प्रभाव को उजागर करता है. सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में निरंतर वृद्धि ने राज्य की आर्थिक स्थिति को और मजबूती दी है. 2023-24 में बाजार मूल्य पर जीएसडीपी में 10.7% की वृद्धि हुई और आगामी वित्तीय वर्ष 2024-25 में 9.8% की वृद्धि का अनुमान है. इस वृद्धि को ध्यान में रखते हुए झारखंड ने देश के अन्य राज्यों के मुकाबले एक महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त किया है. झारखंड का प्रति व्यक्ति जीएसडीपी 2021-22 में ₹88,500 था, जो 2023-24 में बढ़कर ₹1,05,274 तक पहुंच गया है और यह 2024-25 के अंत तक ₹1,14,271 तक पहुंचने की उम्मीद है. आर्थिक विकास को लेकर सकारात्मक संकेत राज्य के क्षेत्रीय आर्थिक विकास को लेकर भी सकारात्मक संकेत सामने आये हैं. तृतीयक क्षेत्र (सेवा क्षेत्र) ने सबसे बड़ा हिस्सा लिया, इसके बाद द्वितीयक क्षेत्र (उद्योग) और प्राथमिक क्षेत्र (कृषि) का स्थान रहा. 2023-24 में इन क्षेत्रों का योगदान क्रमशः 44.4% व 35.5% और 20.10% था. जहां एक ओर प्राथमिक क्षेत्र में 7.27% की वृद्धि हुई, वहीं द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्र में 5.18% और 8.75% की वृद्धि दर्ज की गयी. गरीबी में कमी, बेरोजगारी दर में सुधार गरीबी उन्मूलन और रोजगार में सुधार को लेकर रिपोर्ट में उल्लेखनीय आंकड़े सामने आये हैं. राज्य की गरीबी दर में महत्वपूर्ण कमी आयी है. 2015-16 में जहां यह दर 42.10% थी, वहीं 2019-21 तक यह घटकर 28.81% हो गयी है. बहुआयामी गरीबी सूचकांक (एमपीआइ) भी इस अवधि में 0.202 से घटकर 0.131 हो गया है, जो राज्य की समग्र सामाजिक-आर्थिक प्रगति का प्रमाण है. राज्य की बेरोजगारी दर में भी सुधार हुआ है. 15-59 आयु वर्ग के श्रम बल भागीदारी दर (एलएफपीआर) में 2022-23 से 2023-24 के बीच 65.7% से बढ़कर 67.80% हो गयी है. वहीं, ग्रामीण और शहरी इलाकों में बेरोज़गारी दर में गिरावट आयी है. ग्रामीण क्षेत्रों में 2017-18 में बेरोज़गारी दर 8.10% थी, जो 2023-24 में घटकर 0.90% हो गयी. इसी तरह शहरी क्षेत्रों में बेरोज़गारी दर 10.6% से घटकर 6.1% हो गयी. मुद्रास्फीति की दर नियंत्रण में मुद्रास्फीति की दर भी नियंत्रण में रही है, जो वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान औसतन 5.70% रही. इसके अलावा, राज्य में बचत और क्रेडिट की स्थिति में भी सुधार हुआ है. 2014 से 2024 तक वाणिज्यिक बैंकों में जमा राशि ₹1.18 लाख करोड़ से बढ़कर ₹3.41 लाख करोड़ हो गयी, वहीं अग्रिम राशि ₹70,000 करोड़ से बढ़कर ₹1.64 लाख करोड़ हो गयी है. 2024-25 में राजकोषीय घाटा 1.90% संभव राज्य का राजकोषीय प्रबंधन भी उत्कृष्ट रहा है. नीति आयोग की (फिसक्ल हेल्थ इंडेक्स-2025) रिपोर्ट में झारखंड को 18 सामान्य श्रेणी राज्यों में चौथा स्थान मिला है और राज्य ने फिसक्ल प्रुडेंस इंडेक्स में पहले स्थान. राज्य का ऋण-जीएसडीपी अनुपात वित्तीय वर्ष 2022-23 में 28.40% था, जो 2023-24 में घटकर 27.10% तक पहुंच गया है. वहीं, राजकोषीय घाटा भी 2023-24 में बाजार मूल्य पर जीएसडीपी का 1.40% था और यह 2024-25 में 1.90% तक बढ़ सकता है. इस प्रकार से झारखंड की आर्थिक स्थिति में स्थिरता और प्रगति की स्पष्ट तस्वीर उभर रही है. पढ़ें नया विचार प्रीमियम स्टोरी: सावधान!  कहीं आपका बच्चा घंटों मोबाइल से चिपक कर मनोरोगी तो नहीं बन रहा The post Jharkhand Economic Survey: गरीबी में आयी कमी, बेरोजगारी दर में हुआ सुधार, झारखंड आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 का विश्लेषण appeared first on Naya Vichar.

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Cyber Crime: पीएम किसान योजना के नाम पर साइबर ठगी करनेवाले 12 आरोपी धराए, फर्जी अफसर बनकर ऐसे देते थे झांसा

Cyber Crime: देवघर-साइबर थाने की विशेष टीम ने गुप्त सूचना पर सारवां थाना क्षेत्र के दुली रायडीह गांव के समीप जंगल में छापेमारी की. इस दौरान पीएम किसान योजना के नाम पर लोगों से साइबर ठगी करते 11 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया. वहीं एक किशोर को भी निरुद्ध किया गया है. गिरफ्तार आरोपितों के खिलाफ साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर सभी को कोर्ट में पेश कराया गया तथा कोर्ट के निर्देश पर पुलिस ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया. गिरफ्तार आरोपियों में ये हैं शामिल पुलिस मीडिया सेल ने जानकारी दी है कि गिरफ्तार आरोपितों में सारवां थाना क्षेत्र के दासडीह गांव निवासी सनोज कुमार महरा, अजय कुमार महरा, कैलाश महरा, मनोज कुमार महरा, सारवां के ही खरवा गांव निवासी रोहित दास, अधीर दास, सारठ थाना क्षेत्र के दुधवाजोरी गांव निवासी दीपक कुमार महरा, पवन कुमार, राहुल कुमार, पथरड्डा ओपी अंतर्गत झुनाकी हरिजन टोला निवासी विक्रम कुमार दास व पाथरोल थाना क्षेत्र के पथरा गांव निवासी बिट्टू कुमार दास शामिल हैं. इन आरोपियों के पास से छापेमारी टीम ने 12 मोबाइल सहित 10 सिम कार्ड व प्रतिबिंब एप में दर्ज नंबर का एक सिम कार्ड जब्त किया गया. जांच में इनलोगों के पास से बरामद मोबाइल नंबरों के विरुद्ध ऑनलाइन शिकायतें दर्ज मिली हैं. लोगों को ऐसे देते थे झांसा पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे फर्जी क्रेडिट कार्ड अधिकारी बनकर फर्जी मोबाइल नंबर से उपभोक्ताओं को कॉल कर झांसे में लेते थे व केवाईसी अपडेट कराने के नाम पर ठगी करते थे. इसके अलावा फर्जी बैंक व कस्टमर अधिकारी बनकर भी ग्राहकों को झांसे में लेकर साइबर ठगी करते हैं. छापेमारी टीम में साइबर थाने के इंस्पेक्टर सुकांत त्रिपाठी सहित एसआइ अजय कुमार, सारवां थाना प्रभारी संदीप कुमार भगत व सशस्त्र पुलिस बल शामिल थे. पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी: सावधान!  कहीं आपका बच्चा घंटों मोबाइल से चिपक कर मनोरोगी तो नहीं बन रहा The post Cyber Crime: पीएम किसान योजना के नाम पर साइबर ठगी करनेवाले 12 आरोपी धराए, फर्जी अफसर बनकर ऐसे देते थे झांसा appeared first on Naya Vichar.

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पलामू डीसी शशिरंजन का एक्शन, 251 अनुसेवक किए गए बर्खास्त

मेदिनीनगर-पलामू जिले में कार्यरत 251 अनुसेवकों को डीसी शशिरंजन ने बर्खास्त कर दिया है. इस संबंध में डीसी ने पत्र जारी कर कहा है कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सिविल अपील नंबर 13950-13951/ 2024 में पारित आदेश के अनुपालन के संबंध में 22 फरवरी को बैठक हुई थी. इसमें निर्णय लिया गया कि विज्ञापन संख्या 1/2010 व 2/2010 से संबंधित नियुक्त सभी अनुसेवकों को अविलंब सेवा से बर्खास्त करते हुए कार्य मुक्त करना सुनिश्चित करें. डीसी शशिरंजन द्वारा जारी पत्र में क्या गया है? पलामू के डीसी शशिरंजन द्वारा जारी पत्र में कहा है कि नियुक्त सभी अनुसेवकों में से सेवानिवृत्ति, मृत होने की स्थिति में उनके आश्रितों को स्वीकृत पेंशन, पारिवारिक पेंशन, अनुकंपा नियुक्ति संबंधी सभी प्रदत्त लाभ को भी रद्द करना सुनिश्चित करें. इस संबंध में सभी कार्यालय प्रधान को निर्देश दिया गया है कि 24 घंटे के अंदर अनुपालन प्रतिवेदन भेजना सुनिश्चित करें. आदिवासी लड़की का सिर मुंडवा कर घुमाने से संबंधित मामले में सुनवाई नयी दिल्ली स्थित राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के कार्यालय में पलामू में आदिवासी लड़की का सिर मुंडवा कर घुमाने से संबंधित मामले की सुनवाई हुई. आयोग की ओर से इस मामले में पलामू के उपायुक्त शशि रंजन को नोटिस जारी किया गया था, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए. उनकी ओर से आयोग को किसी प्रकार की सूचना भी नहीं दी गयी. पलामू जिले के उपायुक्त शशि रंजन के इस आचरण पर आयोग की सदस्य डॉ आशा लकड़ा ने नाराजगी जतायी और कहा कि आदिवासी लड़की के साथ इस प्रकार का दुर्व्यवहार किया गया, फिर भी पलामू के उपायुक्त की ओर से इस मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी. अगली सुनवाई के दौरान पलामू के उपायुक्त उपस्थित नहीं हुए, तो उनके विरुद्ध वारंट जारी किया जायेगा. इससे पूर्व भी एक मामले में पलामू के उपायुक्त शशि रंजन को आयोग की ओर से दो बार नोटिस व दो बार समन जारी किया जा चुका है. इसकी जानकारी झारखंड के मुख्य सचिव को पत्र के माध्यम से दी जा चुकी है. पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी:Mughal Harem Stories : हिंदू रानियां नेतृत्वक समझौते की वजह से मुगल हरम तक पहुंचीं, लेकिन नहीं मिला सम्मान The post पलामू डीसी शशिरंजन का एक्शन, 251 अनुसेवक किए गए बर्खास्त appeared first on Naya Vichar.

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Hemant Soren Gift: हेमंत सोरेन की 1.63 लाख से अधिक कर्मियों को बड़ी सौगात, इन्हें भी मिलेगा लाभ, आज से कर सकेंगे आवेदन

Hemant Soren Gift: रांची-झारखंड के कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना लागू हो गया. कर्मी एक मार्च से इसके पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं. बीमा में कर्मचारियों के इलाज को लेकर खर्च की कोई सीमा नहीं रखी गयी है. गंभीर रूप से बीमार कर्मी और उसके आश्रित के इलाज में पूरी राशि का खर्च बीमा कंपनी से प्राप्त कर सकते हैं. विधानसभा सभागार में शुक्रवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसे लागू किया. इसका लाभ करीब 1.63 लाख कर्मियों के अतिरिक्त सेवानिवृत्त कर्मियों को मिलेगा. स्कीम के लाभुक विधायक, उनके परिजन और अधिवक्ता भी होंगे. आज का दिन है बेहद खास-मुख्यमंत्री समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है. एक सुखद अनुभव का दिन है. वर्तमान परिस्थिति में लोगों के स्वास्थ्य की समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ रही है. रहन-सहन और खान-पान की व्यवस्था लोगों को बीमार कर रही है. हर कोई किसी न किसी शारीरिक समस्या से गुजर रहा है. आज हम बड़े-बड़े अस्पतालों के भरोसे हैं. राज्य कई चुनौतियों से जूझ रहा है. यहां शिशु का जन्म होता है, लेकिन वह कुपोषित रहते हैं. वह बीमार नहीं होगा, ऐसा हो नहीं सकता है. स्त्रीएं खून की कमी से जूझ रही हैं. सीमित संसाधनों में भी राज्य कई गंभीर बीमारियों को मात दे रहा है. हम संकल्पित होकर काम कर रहे हैं. कर्मियों को मिल रहा है बीमा का लाभ-स्वास्थ्य मंत्री स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य में बिना भेदभाव के काम हो रहा है. सीएम के आदेश पर यहां के कर्मियों को बीमा का लाभ मिल रहा है. प्रशासन लोगों का सपना पूरा कर रही है. इससे बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधा मिल सकेगी. किसी भी कर्मचारी और उनके परिवार को इलाज के लिए वंचित नहीं रहना पड़ेगा. श्रम नियोजन प्रशिक्षण एवं उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव ने कहा कि प्रशासन राज्य के लोगों को खुशहाल बनाना चाहती है. अधिकारी व कर्मचारी जनता के हितों का ख्याल रखें. प्रशासन उनके हितों का ख्याल रखेगी. मौके पर ही शिक्षा विभाग की प्यारी कुमारी और उद्योग विभाग की दीप्ति शिखा हेरेंज सहित कई कर्मियों को कार्ड दिया गया. योजनाओं की चर्चा देश-विदेश में-रबींद्र नाथ महतो स्पीकर रबींद्र नाथ महतो ने कहा कि राज्य में चल रही योजनाओं की चर्चा आजकल देश-विदेश में है. यह योजना भी उसी तरह की है. कई लोग पैसे के अभाव में इलाज नहीं करा पाते थे. आज उनकी समस्या दूर हो रही है. इसमें फॉलोअप ट्रीटमेंट की व्यवस्था भी है. आज आप आर्गेन ट्रांसप्लांट भी करा सकते हैं. 2014 में हुई थी इसकी पहल विभागीय अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि राज्यकर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना की पहल 2014 में ही हुई थी. उस वक्त हेमंत सोरेन ही मुख्यमंत्री थे. 10 साल के बाद यह जमीन पर आ गयी है. इसके लाभुक सभी प्रशासनी कर्मी, विधानसभा सदस्य, पूर्व विधानसभा सदस्य, विधानसभा कर्मी और अधिवक्ता भी होंगे. इसके लिए 4850 रुपये प्रीमियम की राशि है. इलाज पूरी तरह कैशलेस होगा. देश के कई राज्यों में इस तरह की स्कीम लागू है, लेकिन यह दूसरे राज्यों से अलग है. इसमें इलाज के खर्च की कोई सीमा नहीं है. मौके पर टाटा एआइजी के मधुकर सिन्हा को प्रीमियम राशि का भुगतान भी किया गया. पढ़ें नया विचार प्रीमियम स्टोरी:Mughal Harem Stories : हिंदू रानियां नेतृत्वक समझौते की वजह से मुगल हरम तक पहुंचीं, लेकिन नहीं मिला सम्मान The post Hemant Soren Gift: हेमंत सोरेन की 1.63 लाख से अधिक कर्मियों को बड़ी सौगात, इन्हें भी मिलेगा लाभ, आज से कर सकेंगे आवेदन appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Weather: पटना के मौसम में आयेगा ठंडापन, बिहार के इन इलाकों में बारिश के आसार

Bihar Weather: पटना. बिहार में मौसम की उठापटक जारी है. राज्य के कई इलाकों में शनिवार को बादल छाये रह सकते हैं. एक मार्च को खासतौर पर उत्तर-पूर्व, दक्षिण-मध्य और दक्षिण-पूर्व बिहार में कुछ स्थानों पर बारिश होने के आसार हैं. तापमान में आंशिक तौर पर इजाफा होने की संभावना है. आइएमडी के अनुसार शनिवार को कटिहार, भागलपुर, बांका, जमुई, मुंगेर और नवादा में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है. इन इलाकों में चालीस किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवा भी चल सकती है. आइएमडी पटना ने इन जिलों के लिए चेतावनी भी जारी की है. आइएमडी के अनुसार पिछले 24 घंटे में खासतौर पर उच्चतम तापमान में आंशिक इजाफा हुआ है. शुक्रवार को राज्य में सर्वाधिक उच्चतम तापमान 30.9 डिग्री सेल्सियस औरंगाबाद में रहा. खगड़िया, बांका, मुंगेर, गया, शेखपुरा, जमुई और बक्सर में उच्चतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा. अगले 24 घंटे में पड़ सकती हैं फुहार मुजफ्फरपुर के आसमान में बादलों के घिरने से शुक्रवार को मौसम पूरी तरह बदल गया. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर बिहार के जिलों में अगले 24 घंटों में गरज वाले बादलों के बनने के साथ अधिकांश जगहों पर हल्की बारिश व बूंदा-बांदी हो सकती है. मौसम के सीनियर वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के चलते वर्षा की संभावना है. उत्तर पश्चिम बिहार के जिलों में इसके आसार अधिक हैं. मौसम विभाग की ओर से अगले 5 मार्च तक का पूर्वानुमान जारी किया गया है. इस अवधि में औसतन तीन किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पछुआ हवा चल सकती है. मौसम विभाग के रिकॉर्ड के तहत अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. न्यूनतम तापमान 14.5 डिग्री सेल्सियस रहा. हाल के दिनों में दिन में धूप की धमक तेज हो रही है.इसके साथ ही रात के तापमान में भी वृद्धि हो रही है.पूर्वानुमान की अवधि में अधिकतम तापमान 30 डिग्री व न्यूनतम तापमान 22 डिग्री तक जाने की संभावना है. मौसम का बदला मिजाज,दिनभर आसमान में छाये रहे बादल सीवान में हर दिन मौसम का मिजाज बदल रहा है. धूप व छांव की स्थिति ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी है. शुक्रवार को सुबह से आसमान में काले बादल मंडराने लगे. बादलों के बीच सूर्य देव आंख मिचौली की. आसमान में पूरे दिन बादल छाए रहे.मौसम के जानकारों का कहना है पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के चलते मौसम में परिवर्तन हो रहा है.यह स्थिति दो से तीन दिनों तक रहेगा.इससे गर्मी का प्रभाव भी कुछ हद तक कम होगा. किसान केदार नाथ गिरी ने बताया कि पल-पल बदल रहे मौसम के मिजाज खेती-किसानी के लिए अच्छे संकेत नहीं है. किसानों का कहना है कि तीखी धूप निकलने से फसल पर कुप्रभाव पड़ा है.किसान सिंचाई कर फसल को बचाए है. जिला कृषि पदाधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि ठंड कम पड़ने से गेहूं फसल की फसल प्रभावित हुई है. उत्पादकता कम होने की संभावना से इनकार नही किया जा सकता है.यदि अब बारिश हुई तो गेहूं की फसल की ज्यादा क्षति होगी. Also Read: बिहार प्रशासन को सर्वे में मिली 17.86 लाख एकड़ बेलगानी जमीन, अधिकतर पर है लोगों का कब्जा The post Bihar Weather: पटना के मौसम में आयेगा ठंडापन, बिहार के इन इलाकों में बारिश के आसार appeared first on Naya Vichar.

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Jharkhand Economic Survey 2025: झारखंड की अर्थव्यवस्था बढ़कर हो जाएगी 10 लाख करोड़ से अधिक, क्या है प्रति व्यक्ति आय?

Jharkhand Economic Survey 2025: रांची-झारखंड विधानसभा में शुक्रवार को वित्तीय वर्ष 2024-25 का आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत किया गया. वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सदन में आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया. इसमें जीएसडीपी से लेकर प्रति व्यक्ति आय समेत विभिन्न तथ्यों का उल्लेख किया गया है. आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) और प्रति व्यक्ति आय में लगातार वृद्धि हो रही है. पिछले पांच वर्षों के दौरान झारखंड की विकास दर देश की तुलना में अधिक रही है. हालांकि प्रति व्यक्ति आय की रैंकिंग मामले में झारखंड आज भी देश के 28 राज्यों में 26 वें स्थान पर है. राज्य गठन के वक्त भी प्रति व्यक्ति आय की रैंकिंग में झारखंड 26वें स्थान पर ही था. वर्ष 2017-18 से 2023-24 के बीच बेरोजगारी दर में भारी गिरावट दर्ज की गयी है. राज्य में मलेरिया कुल बीमारी की तुलना में 37 प्रतिशत है. पिछले पांच वर्षों के दौरान राज्य के जीएसडीपी में हुआ सुधार राज्य में विकास दर की चर्चा करते हुए कहा गया है कि वर्ष 2011-12 के मुकाबले स्थिर मूल्य पर राज्य का जीएसडीपी 2024-25 के दौरान दो गुना होने का अनुमान है. वर्ष 2024-25 में स्थिर मूल्य पर राज्य के जीएसडीपी में 6.7 प्रतिशत की दर से वृद्धि हुई, अगले वित्तीय वर्ष के दौरान इसमें 7.5 प्रतिशत की दर से वृद्धि होने का अनुमान है. पिछले पांच वर्षों के दौरान राज्य के जीएसडीपी में सुधार हुआ है. 2019-20 में स्थिर मूल्य पर राज्य का जीएसडीपी देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 1.59 प्रतिशत था, जो 2023-24 में यह बढ़ कर 1.64 प्रतिशत हो गया है. पिछले पांच वर्षों के दौरान राज्य की विकास दर, देश की विकास दर से अधिक रही है. राज्य में लगातार बढ़ रही प्रति व्यक्ति आय रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य में प्रति व्यक्ति आय लगातार बढ़ रही है. वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्थिर मूल्य पर प्रति व्यक्ति आय 68,612 रहने का अनुमान है. अगले साल इसके 72,836 रुपये होने का अनुमान है. वर्ष 2000-2001 में झारखंड प्रति व्यक्ति आय के मामले में सिर्फ बिहार और उत्तर प्रदेश से आगे था. आज भी यही स्थिति कायम है. रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2017-18 के मुकाबले 2023-24 तक की अवधि में बेरोजगारी दर में भारी गिरावट दर्ज की गयी है. वर्ष 2017-18 में राज्य में बेरोजगारी दर 7.7 प्रतिशत थी. यह वर्ष 2023-24 में गिर कर 1.3 प्रतिशत तक पहुंच गयी है. राज्य प्रशासन द्वारा किये जानेवाले खर्च में भी 10 प्रतिशत की दर से वृद्धि रिपोर्ट में राज्य की आर्थिक स्थिति की चर्चा करते हुए कहा गया कि वर्ष 2018-19 से 2023-24 के दौरान राज्य के राजस्व में सालाना 9.4 प्रतिशत की दर से वृद्धि हुई है. इस अवधि मे राज्य के अपने स्रोतों से होनेवाली आमदनी, केंद्रीय करों में हिस्सेदारी और अनुदान से मिलनेवाली राशि के मुकाबले तेजी से बढ़ी है. राज्य के अपने राजस्व स्रोतों में औसतन 12.5 प्रतिशत की दर से वृद्धि हुई है. साथ ही राज्य प्रशासन द्वारा किये जानेवाले खर्च में भी 10 प्रतिशत की दर से वृद्धि हुई है. 2018-19 में राज्य प्रशासन का कुल खर्च 65,888 करोड़ रुपये था, जो 2023-24 में 1.07 लाख करोड़ रुपये हो गया. राज्य खाद्य सुरक्षा और पोषण के मामले में हो रहे लगातार मजबूत रिपोर्ट के अनुसार, राज्य खाद्य सुरक्षा और पोषण के मामले में लगातार मजबूत हो रहा है. राज्य में प्रति व्यक्ति धान की उपलब्धता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. 2024-25 प्रति व्यक्ति धान की उपलब्धता 107 किलोग्राम से अधिक होने का अनुमान है. राज्य में मांस, मछली, दूध और अंडा इत्यादि की उपलब्धता बढ़ने से पोषण के मामले में पहले के मुकाबले काफी सुधार हुआ है. सर्वेक्षण रिपोर्ट में उद्योग, शिक्षा, नागरिक सुविधा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, आधारभूत संरचना सहित अन्य क्षेत्र में सुधार होने की बात कही गयी है. साथ प्रशासन द्वारा चलाये जा रहे विभिन्न प्रकार की कल्याणकारी योजनाओं की वजह से एससी, प्रिमिटिव ट्राइब, एसटी,ओबीसी सहित अन्य के जीवन स्तर में सुधार का उल्लेख किया गया है. वर्ष 2029-30 तक झारखंड की वित्तीय स्थिति 10 लाख करोड़ से अधिक होगी राज्य के आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में 2029-30 तक राज्य की वित्तीय स्थिति बढ़ कर 10 लाख करोड़ से अधिक होने का अनुमान किया गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट में 2029-30 तक राज्य की वित्तीय स्थिति के 10 ट्रिलियन होने का अनुमान किया गया था. वर्तमान मूल्य पर राज्य की सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 4,61,010 करोड़ रुपये होने का अनुमान है. अगर जीएसडीपी में 14.2 प्रतिशत की दर से वृद्धि होती रही, तो 2029-30 में राज्य की वित्तीय स्थिति 10 लाख करोड़ से अधिक हो जायेगी. पिछले कई वर्षों के दौरान राज्य के विकास दर में हुई प्रगति से इस बात का विश्वास है कि जीएसडीपी मे 14.2 प्रतिशत की दर से वृद्धि होगी. वर्ष 2012-13, 2014-15, 2016-17, 2017-18 और 2021-22 में जीएसडीपी में 14.2 प्रतिशत की दर से वृद्धि हुई. सिर्फ 2018-19 में इस वृद्धि दर में एक प्रतिशत की कमी दर्ज की गयी थी. पढ़ें नया विचार प्रीमियम स्टोरी: झारखंड के इस मंदिर में पूरी होती है मनोकामना, पाहन करते हैं मुंडारी भाषा में मंत्रोच्चार The post Jharkhand Economic Survey 2025: झारखंड की वित्तीय स्थिति बढ़कर हो जाएगी 10 लाख करोड़ से अधिक, क्या है प्रति व्यक्ति आय? appeared first on Naya Vichar.

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