Hot News

October 10, 2025

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Suji Masala Puri: ट्रैवल में जाना हो या नाश्ते में कुछ स्पेशल सर्व करना हो, बनाएं सूजी मसाला पूरी, फॉलो करें आसान विधि 

Suji Masala Puri: सफर के दौरान हम अक्सर टिफिन में कुछ न कुछ ले जाते हैं जैसे रोटी-सब्जी, पूरी-सब्जी या फिर कोई नमकीन स्नैक्स. अगर आप भी घूमने के टाइम लंच बॉक्स के लिए कुछ टेस्टी और पेट भर देने वाली रेसिपी बनाने का सोच रहे हैं, तो इस आर्टिकल में हम आपको सूजी मसाला पूरी की आसान रेसिपी बताने जा रहे हैं. सूजी से हलवा, उपमा और भी कई तरह की डिश बनाई जाती हैं, जिसका स्वाद बहुत ही लाजवाब होता है, वैसी ही सूजी से बनी मसाला पूरी इतनी टेस्टी होती हैं कि हर कोई इसे खाने के बाद आपकी तारीफ जरूर करेगा. इसके अलावा, आप इसे बच्चों के टिफिन, सुबह के नाश्ते या सफर के लिए लंच में पैक कर सकते है.  सूजी मसाला पूरी बनाने के लिए सामग्री सूजी – 1 कप गेहूं का आटा – 2 बड़े चम्मच  तेल – 2 छोटे चम्मच  अदरक का पेस्ट – 1 छोटी चम्मच हरी मिर्च बारीक कटी – 1 धनिया पत्ता – 2 बड़े चम्मच (बारीक कटा) लाल मिर्च पाउडर – ½ छोटी चम्मच हल्दी पाउडर – ¼ छोटी चम्मच अजवाइन – ½ छोटी चम्मच नमक – स्वादानुसार पानी – गूंथने के लिए तेल – तलने के लिए सूजी मसाला पूरी बनाने की विधि  सबसे पहले एक बर्तन में सूजी, गेहूं का आटा, तेल, नमक, लाल मिर्च, हल्दी, अजवाइन, अदरक पेस्ट, हरी मिर्च और धनिया पत्ता डालें.  इसके बाद इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर सख्त आटा गूंथ लें.  गूंथे हुए आटे को ढककर 15-20 मिनट के लिए रख दें, जिससे सूजी अच्छे से फूल जाए.  अब आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाकर गोल बेल लें. इसे न ज्यादा मोटा रखें, न ज्यादा पतला.  अब एक कढ़ाई में तेल गरम करें. तेल गर्म हो जाने के बाद बेली हुई पूरी डालकर धीमी आंच पर दोनों तरफ से सुनहरी और कुरकुरी होने तक तलें.  अब तैयार हुए सूजी मसाला पूरी को गरमा गरम आलू की सब्जी, दही या चटनी के साथ परोसें.  यह भी पढ़ें: Gulab Jamun Recipe: आलू से सिर्फ नमकीन डिश नहीं, अब बनाएं टेस्टी गुलाब जामुन यह भी पढ़ें: नाश्ता हो या रात का डिनर, बनाएं झटपट रेस्टोरेंट स्टाइल गार्लिक पराठा सूजी से क्या-क्या बनता है? सूजी से आप हलवा, उपमा, चीला और इडली जैसे कई प्रकार के डिश बनाई जा सकती हैं.  सूजी मसाला पूरी के साथ क्या सर्व कर सकते हैं? आप सूजी मसाला पूरी के साथ आलू की सब्जी, मिक्स वेज, अचार, दही या हरी चटनी के साथ परोस सकते हैं.  सूजी मसाला पूरी को और ज्यादा कुरकुरी कैसे बनाएं? इसके लिए आप आटा थोड़ा सख्त गूंथे और पूरी को धीमी आंच पर धीरे-धीरे तलें. इससे पूरी ज्यादा फूलती और कुरकुरी बनती है. सूजी मसाला पूरी बनाने में कितना टाइम लगेगा? सूजी मसाला पूरी के लिए आटा तैयार करने के लिए आपको 20 मिनट लगेगा, इसके बाद इसे तलकर रेडी करने में 10 मिनट का समय लगेगा. यह भी पढ़ें- Sabudana Recipe: चटपटे स्वाद और हल्की भूख के लिए बेस्ट है ये साबूदाना भेल, जानें विधि  The post Suji Masala Puri: ट्रैवल में जाना हो या नाश्ते में कुछ स्पेशल सर्व करना हो, बनाएं सूजी मसाला पूरी, फॉलो करें आसान विधि  appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Karwa Chauth Special 2 Minute Facial: पार्लर जाने का नहीं मिला समय तो करवा चौथ पर घर बैठे करें 2 मिनट में फेसियल

Karwa Chauth Special 2 Minute Facial: करवा चौथ स्त्रीओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती है. इस दिन स्त्रीएं खुद को दुल्हन की तरह सजाती हैं. ऐसे में कई बार स्त्रीओं के पास पार्लर जाने का समय नहीं मिलता है. बाकी सारी चीजों कि तैयारी करने के लिए समय निकलते-निकलते चेहरे पर कुछ करने के लिए समय ही नहीं मिलता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि आप घर पर 2 मिनट में फेसिल करके चेहरे पर चांद जैसा चमक ला सकते हैं. इसके लिए आपको बहुत ज्यादा चीजों की जरूरत नहीं पड़ेगी. घर में मौजूद कुछ चीजों कि मदद से ही आप घर पर फेसियल कर सकते हैं. इस आर्टिकल में आपको बताएंगे कि कैसे आप घर में करवा चौथ के दिन फेसियल कर सकते हैं.  क्या सच में 2 मिनट में फेसियल हो सकता है? हां, बिल्कुल हो सकता है. घर में रखी हुई कुछ चीजों से आप झटपट तरीके से घर में फेसियाल कर सकते है और इससे आपके चेहरे में नेचुरल तरीके से गलो भी दिखाई देगा.  फेसियल के लिए कौन-कौन सी चीजों की जरूरत पड़ती है? फेसियाल के लिए जरूरत पड़ने वाली चीजें:कच्चा दूधगुलाब जल, एलोवेरा जेलमसाज क्रीम फेस पैक बर्फ के टुकड़े, ठंडा पानी फेस मॉइश्चराइज़र क्या है पहला स्टेप? क्लीनसिंग: सबसे पहले चेहरे को ठंडे पानी से धो लेंगे. इसके बाद इसमें कच्चे दूध से हल्के हाथों से 30 सेकेंड तक मसाज करेंगे.  क्या है दूसरा स्टेप? स्क्रब: गुलाब जल में एलोवेरा जेल मिलाकर चेहरे पर 1 मिनट तक सकर्ब करेंगे. इससे चेहरे में छिपी हुई गंदगी आसानी से निकल जाएगी.  क्या है तीसरा स्टेप? मसाज: छेरे को मसाज की  जरूरत हमेशा पड़ते है लेकिन जब हम फेसियाल करते हैं तो चेहरे पर मसाज से बहुत अच्छा ग्लो  दिखाई देता है. इससे चेहरे का ब्लड सर्कुलेशन सही होता है और चेहरा अंदर से निखर कर आता है.  क्या है चौथा स्टेप? कूलिंग: चेहरे में मसाज एक बाद कुलिंग की जरूरत होती है. इसके लिए आपको एक बड़े कटोरे में बर्फ के कुछ टुकड़े डालकर उसमें अपने चेहरे को डुबोना है. इससे चेहरे को थोड़ी ठंढक मिलेगी. इससे स्किन टाइट होती है.  आखिरी स्टेप क्या होती है? मॉइस्चराइजिंग: मॉइश्चराइज़र को चेहरे पर हल्के हाथों से लगाना है. इससे चेहरा काफी ज्यादा खूबसूरत लगेगा. इस फेसियाल को कब करना चाहिए? इस फेसियाल को करने के लिए शाम का वक्त सही होता है पूजा से थोड़े देर पहले क्योंकि इससे पूजा करते वक्त चेहरे पर अच्छा निखार आता है. यह भी पढ़ें: Last Minute Karwa Chauth Mehndi Design: करवा चौथ पर आखिरी वक्त में लगाएं ये खूबसूरत मेहंदी डिजाइन, मिलेगा साजन का प्यार और उम्र भर का साथ यह भी पढ़ें: Tanya Mittal Saree Draping for Karwa Chauth: इस त्यौहार पर पाएं तान्या मित्तल जैसा ग्लैमरस साड़ी लुक, सबकी नजर बस आप पर ही टिक जाएंगी यह भी पढ़ें: Homemade Sweets for Karwa Chauth: करवा चौथ के लिए घर पर बनाएं ये स्वादिष्ट और आसान मिठाइयां The post Karwa Chauth Special 2 Minute Facial: पार्लर जाने का नहीं मिला समय तो करवा चौथ पर घर बैठे करें 2 मिनट में फेसियल appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

IPS Y Puran Kumar Case: आत्महत्या या साजिश? IPS पूरन कुमार के सुसाइड नोट से मचा बवाल, DGP समेत 10 पर केस दर्ज

IPS Y Puran Kumar Case: हरियाणा के आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की खुदकुशी के मामले में बड़ा एक्शन सामने आया है.आईएएस अमनीत पी. कुमार की शिकायत पर चंडीगढ़ पुलिस ने हरियाणा DGP शत्रुजीत कपूर समेत 10 अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है.शिकायत में आत्महत्या के लिए उकसाने और SC/ST एक्ट के तहत गंभीर आरोप लगाए गए हैं. सुसाइड नोट में बड़े नामों का ज़िक्र IPS पूरन कुमार ने अपने सुसाइड नोट में कई वरिष्ठ अधिकारियों के नाम लिखे थे.इसमें मानसिक उत्पीड़न, जातिगत भेदभाव और अपमान की बात कही गई थी.वह हाल ही में रोहतक रेंज से तबादले के बाद सुनारिया में पदस्थ थे.वह 2001 बैच के IPS अधिकारी थे और अनुसूचित जाति समुदाय से आते थे. DGP की कुर्सी पर खतरा मंडराया FIR दर्ज होने के बाद हरियाणा प्रशासन हरकत में आ गई है। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने IPS आलोक मित्तल को तलब किया है.संभावना जताई जा रही है कि शत्रुजीत कपूर को हटाकर आलोक मित्तल को हरियाणा DGP नियुक्त किया जा सकता है. पत्नी IAS अमनीत का आरोप: “यह साधारण आत्महत्या नहीं” जापान दौरे से लौटने के बाद अमनीत पी. कुमार ने चंडीगढ़ पुलिस को दी शिकायत में कहा,“मेरे पति की आत्महत्या एक सोची-समझी साजिश का नतीजा है। उन्होंने मानसिक उत्पीड़न झेला, जातिगत भेदभाव का सामना किया, और आखिरकार आत्महत्या को मजबूर हुए. FIR में कौन-कौन शामिल? एफआईआर में हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर, रोहतक एसपी नरेंद्र बिजारणिया सहित 10 अफसरों के नाम हैं.सभी पर हिंदुस्तानीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और SC/ST एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है. पारिवारिक और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप इस घटना ने हरियाणा के प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है. नेतृत्वक दलों और दलित संगठनों ने इस मामले में सीबीआई जांच और उच्च स्तरीय कार्रवाई की मांग की है. The post IPS Y Puran Kumar Case: आत्महत्या या साजिश? IPS पूरन कुमार के सुसाइड नोट से मचा बवाल, DGP समेत 10 पर केस दर्ज appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

काबुल में पाकिस्तान की एयर स्ट्राइक, रात के अंधेरे में धमाकों से हड़कंप, पाक की धमकी के बाद हुआ हमला कहां तक जाएगा?

Pakistan Airstrike in Kabul Afghanistan: अफगानिस्तान की राजधानी काबुल गुरुवार देर रात दो शक्तिशाली विस्फोटों और उसके बाद हुई गोलीबारी से दहल उठी. यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सार्वजनिक रूप से अफगानिस्तान पर आतंकवादियों को शरण देने का आरोप लगाया था और उन्होंने चेतावनी दी थी अगर अफगानिस्तान का उपयोग पाकिस्तान विरोधी गतिविधियों के लिए किया जाएगा, तो कड़ा कार्रवाई की जाएगी. अब 48 घंटे के भीतर यह घटना हुई है. लोकल मीडिया के अनुसार यह घटना काबुल के डिस्ट्रिक्ट 8 के आसपास प्रशासनी ऑफिस और रिहाइश वाले इलाके में की गई. हालांकि इस घटना की जिम्मेदारी अभी किसी ने नहीं ली है. इस घटना का एक और पक्ष है कि यह ऐसे समय में हुई है, जब अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी हिंदुस्तान दौरे पर हैं. उनका यह ऐतिहासिक दौरा 2021 में तालिबान के शासन संभालने के बाद पहला दौरा है, जिसे काफी अहम माना जा रहा है.  कई चश्मदीदों ने शहर के ऊपर एक लड़ाकू विमान के उड़ने की आवाज सुनने की पुष्टि की. रात 12 बजे काबुल के ईस्ट एरिया में आसमान में विमानों की गर्जना सुनाई दी और फिर धमाके हुए. धमाकों के बाद गोलीबारी की भी समाचारें रिपोर्ट की गईं. शीर्ष खुफिया सूत्रों के मुताबिक, यह घटना पाकिस्तान तालिबान (टीटीपी) के प्रमुख नूर वली महसूद को निशाना बनाकर की गई हवाई हमले का नतीजा थी. काबुल के पूर्वी हिस्से में स्थित टीटीपी और अल-कायदा के एक सुरक्षित ठिकाने बताए जाते हैं. महमूद पाकिस्तान के नागरिक है, जिस पर कई हमलों का आरोप है.  तालिबान ने कहा चिंता की जरूरत नहीं अफगान अधिकारियों ने शहर के ऊपर असामान्य हवाई गतिविधि की पुष्टि की है. तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने एक्स (ट्विटर) पर पोस्ट किया, “काबुल शहर में विस्फोट की आवाज सुनी गई है. हालांकि किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है, सब कुछ ठीक है. घटना की जांच चल रही है और अब तक किसी नुकसान की रिपोर्ट नहीं मिली है.” हालांकि अफगानिस्तान के विदेश मंत्री के हिंदुस्तान दौरे पर इस तरह का हमला होना, एक इत्तेफाक नहीं लगता.  د کابل په ښار کې د یوې چاودنې غږ اوریدل شوی.خو څوک دې تشویش نه کوي، خیر او خیرت ده، د حادثې پلټنه روانه ده، تر اوسه د کوم زیان په اړه راپور نه دی ورکړل شوی. صدای یک انفجار در کابل شنیده شد.تحقیقات جریان دارد، تا کنون گزارش کدام زیانی داده نشده است خیر و خیرت می باشد. — Zabihullah (..ذبـــــیح الله م ) (@Zabehulah_M33) October 9, 2025 पाकिस्तान ने दी थी हमले की धमकी पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक दिन पहले संसद में अफगानिस्तान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा था कि “अब बहुत हो गया, अफगान जमीन से आतंकवाद बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.” उन्होंने बताया कि तीन साल पहले काबुल दौरे के दौरान अफगान अधिकारियों को 6,000-7,000 आतंकियों की मौजूदगी पर चिंता जताई थी, लेकिन कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला. आसिफ ने यह भी दावा किया कि अफगान प्रशासन ने टीटीपी आतंकियों को सीमा से हटाने के बदले इस्लामाबाद से धन की मांग की थी. तालिबान को दी गई इस चेतावनी के कुछ ही घंटे बाद काबुल में हवाई हमलों की समाचारें सामने आईं. आपको बता दें कि हाल ही में पाकिस्तान के ओरकजई में टीटीपी के एक हमले में पाकिस्तानी सेना के 11 सुरक्षाकर्मी, जिसमें एक मेजर और एक लेफ्टिनेंट कर्नल भी शामिल था. इस हमले के बाद ही काबुल में यह घटना हुई है. हालांकि पाकिस्तान की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.  सीमा-पार तनाव में बड़ी वृद्धि की आशंका कई सुरक्षा विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि अगर इन हमलों की पुष्टि होती है कि यह पाकिस्तान की ओर से किया गया है, तो यह पाकिस्तान और तालिबान नियंत्रित अफगान क्षेत्रों के बीच सीमा-पार संघर्ष का नया चरण होगा. एक काबुल निवासी ने X पर पोस्ट किया, “कई लोग रिपोर्ट कर रहे हैं कि पाकिस्तान ने हवाई हमला किया है. शहर के मध्य और उत्तरी हिस्सों में जोरदार विस्फोट हुए हैं, और कई नागरिक घर प्रभावित हुए हैं.” यह घटना पहली बार है जब पाकिस्तान ने सीधे काबुल के अंदर हवाई हमले किए हैं, जिससे क्षेत्रीय तनाव का नया अध्याय शुरू हो गया है. फिलहाल स्थिति तेजी से बदल रही है. काबुल के अधिकारी घटनास्थलों की जांच कर रहे हैं और संभावित हताहतों की संख्या का आकलन किया जा रहा है. Kabul, Just In: A Kabul resident says that unknown jets carried out strikes on several locations in the city and the sound of explosions woke people up.#KabulStrikes pic.twitter.com/si8ON1v3Cr — Ahmad Sharifzad (@AhmadSharifzad) October 9, 2025 ⚡️ Airstrikes SHAKE Kabul – fighter jets heard over Afghan capital Nobody’s claimed responsibility yet, but Pakistan accused Taliban of sheltering terrorists earlier today Defense Minister Asif said patience with Taliban ‘has now reached its limit’ pic.twitter.com/TdpzKij2hp — RT (@RT_com) October 9, 2025 हमले में सुरक्षित बताए जा रहे नूर वली खान कुछ मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हमले में लक्षित ठिकाने (नूर वली खान) को सफलतापूर्वक निशाना बनाया गया, लेकिन News18 की एक रिपोर्ट के अनुसार नूर वली महसूद ने दावा किया कि वह सुरक्षित हैं और पाकिस्तान में मौजूद हैं, हालांकि हमले में उनके बेटे की मौत हो गई है. 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद पहली बार पाकिस्तान ने काबुल के अंदर सीधे हमला किया है. तालिबान की सीमित वायु रक्षा क्षमता और पूर्व अफगान वायुसेना की अनुपस्थिति को देखते हुए, इस तरह का हमला जिसमें कथित तौर पर पाकिस्तानी मूल के लड़ाकू विमान और बाहरी तकनीकी सहायता शामिल थी. तालिबान के करीबी सूत्रों द्वारा अफगान संप्रभुता का खुला उल्लंघन माना जा रहा है. पाकिस्तान-तालिबान के बीच गहराएगा संकट विश्लेषकों का मानना है कि नूर वली महसूद के परिवार पर कथित हमले से टीटीपी की शूरा (काउंसिल) के भीतर बड़ा संकट पैदा हो सकता है, जो पहले से ही प्रो-काबुल (काबुल समर्थक) और प्रो-रावलपिंडी (पाकिस्तानी सेना समर्थक) गुटों में बंटी हुई है. सुरक्षा विशेषज्ञों को आशंका है कि इस अंदरूनी कलह और शक्ति-संघर्ष से उत्पन्न अस्थिरता का असर कुनार, नंगरहार और पकतिका जैसे सीमावर्ती इलाकों में फैल सकता है, जिससे

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Bihar Elections 2025: आज से 18 जिलों की 121 सीटों पर नामांकन शुरू, 17 अक्टूबर तक दाखिल होंगे पर्चे

Bihar Elections 2025: बिहार में सियासी रणभूमि सज चुकी है. पहले चरण के नामांकन की बिगुल आज से बज गई है. 18 जिलों की 121 सीटों पर उम्मीदवारों ने औपचारिक तौर पर मैदान में उतरना शुरू कर दिया है. नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 17 अक्टूबर तय है, जबकि इन सीटों पर 6 नवंबर को वोट पड़ेंगे. इस चरण में एनडीए और महागठबंधन के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिलेगा. चुनाव आयोग ने 8.5 लाख से ज्यादा कर्मियों को तैनात कर सुरक्षा और निगरानी के सख्त इंतजाम किए हैं. नामांकन प्रक्रिया की रूपरेखा तय पहले चरण की अधिसूचना जारी होते ही नामांकन की प्रक्रिया सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक चलेगी. 17 अक्टूबर को नामांकन की अंतिम तिथि होगी, 18 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 20 अक्टूबर तक प्रत्याशी नाम वापस ले सकेंगे. इसके बाद 4 नवंबर की शाम 5 बजे तक चुनाव प्रचार थम जाएगा और 6 नवंबर को मतदाता अपना प्रतिनिधि चुनने के लिए मतदान केंद्रों पर पहुंचेंगे. Get ready for the #Assembly Elections 🗓️ Check out the schedule for the General Election to the Legislative Assembly 2025 in #Bihar #ECI #Elections2024 #BiharElections2025 pic.twitter.com/2iqCcc8yem — Election Commission of India (@ECISVEEP) October 7, 2025 8.5 लाख कर्मियों की तैनाती, सुरक्षा के कड़े इंतजाम चुनाव आयोग ने इस चरण को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए अभूतपूर्व तैयारी की है. लगभग 8.5 लाख चुनाव कर्मियों को तैनात किया गया है, जिनमें 2.5 लाख पुलिस बल भी शामिल हैं. इनमें 4.53 लाख मतदान कर्मी, 28,370 मतगणना कर्मी, 17,875 माइक्रो ऑब्जर्वर, 9,625 सेक्टर अधिकारी और 90,712 आंगनवाड़ी सेविकाएं शामिल हैं. पहली बार 243 विधानसभा क्षेत्रों में से प्रत्येक के लिए एक सामान्य पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है, जो आयोग की आंख और कान की भूमिका निभाएंगे. साथ ही 38 पुलिस पर्यवेक्षक और 67 व्यय पर्यवेक्षक भी निगरानी के लिए तैनात रहेंगे. #ECI deploys around 8.5 lakh Officials for transparent elections in #Bihar Read in Detail 👇https://t.co/QT0KWU5Gai pic.twitter.com/3PeKRf291l — Election Commission of India (@ECISVEEP) October 9, 2025 पटना में सख्त व्यवस्थाएं, प्रत्याशियों को पैदल आना होगा पटना जिले के सभी 14 विधानसभा क्षेत्रों में भी शुक्रवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. प्रत्याशी सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक नामांकन पत्र दाखिल कर सकते हैं. नामांकन के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था सख्त की गई है. प्रत्याशियों को नामांकन स्थल से 100 मीटर पहले करगिल चौक पर वाहन छोड़ना होगा और पैदल ही पहुंचना होगा. उन्हें अधिकतम तीन गाड़ियों के साथ आने की अनुमति है. कलेक्ट्रेट परिसर में निजी वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी, केवल पदाधिकारियों व कर्मचारियों को छूट होगी. प्रत्याशी अपने बॉडीगार्ड को नामांकन कक्ष में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी और वे 100 मीटर की दूरी पर रहेंगे. प्रत्याशी या उनके समर्थक लाइसेंसी हथियार लेकर भी नामांकन स्थल में प्रवेश नहीं कर सकेंगे. नामांकन कक्ष में प्रत्याशी के साथ अधिकतम पांच लोग ही जा पाएंगे. कलेक्ट्रेट परिसर में सुरक्षा बल, स्त्री पुलिसकर्मी, फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस और चिकित्सक दल तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके. कहां भरे जाएंगे नामांकन पत्र पटना के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में नामांकन के लिए अलग-अलग स्थान निर्धारित किए गए हैं. मोकामा में समेकित भवन, बख्तियारपुर में एसडीओ कार्यालय, दीघा में डीसीएलआर पटना सदर कार्यालय, बांकीपुर और कुम्हरार में कलेक्ट्रेट परिसर, पटना साहिब में एसडीओ पटना सिटी कार्यालय, दानापुर में एसडीओ दानापुर कार्यालय, फतुहा में एडीएम आपूर्ति कार्यालय, मसौढ़ी में एसडीओ मसौढ़ी कार्यालय, पालीगंज व बिक्रम में एसडीओ व डीसीएलआर कार्यालयों में पर्चा भरा जाएगा. नामांकन शुल्क और प्रस्तावकों के नियम सामान्य श्रेणी के प्रत्याशियों को 10 हजार रुपये और एससी-एसटी प्रत्याशियों को 5 हजार रुपये शुल्क देना होगा. मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय दलों के प्रत्याशियों के लिए एक प्रस्तावक पर्याप्त होगा, जबकि पंजीकृत नेतृत्वक दलों या निर्दलीय प्रत्याशियों को 10 प्रस्तावकों के नाम देने होंगे. प्रत्याशी अधिकतम चार सेट में नामांकन पर्चा भर सकते हैं. चुनाव में खर्च की सीमा 40 लाख रुपये तय की गई है. Also Read: Pappu Yadav: पप्पू यादव ने किया आचार संहिता का उल्लंघन, वैशाली के सहदोई में बांटे पैसे, चुनाव आयोग को भी किया चैलेंज The post Bihar Elections 2025: आज से 18 जिलों की 121 सीटों पर नामांकन शुरू, 17 अक्टूबर तक दाखिल होंगे पर्चे appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Bihar Election 2025: एआई आधारित फर्जी खबरें फैलाने वालों की खैर नहीं, चुनाव आयोग का जानिये सख्त आदेश

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद निर्वाचन आयोग की तरफ से एआई आधारित भ्रामक और फर्जी प्रचार को लेकर सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किये गए. साथ ही बिहार पुलिस और उसकी अलग-अलग एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गयी हैं. कौन-कौन से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रहेगी नजर? आयोग के आदेश के बाद राज्य के गृह विभाग ने साइबर क्राइम यूनिट, आर्थिक अपराध इकाई (इओयू) और जिला पुलिस को विशेष निगरानी के निर्देश जारी कर दिये हैं. सूत्रों के अनुसार, पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को आदेश दिया है कि वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, एक्स (ट्विटर), इंस्टाग्राम, यूट्यूब और वाट्सएप पर निगरानी बढ़ाएं और नेतृत्वक दलों या उम्मीदवारों से जुड़े वीडियो, पोस्ट या ग्राफिक कंटेंट की नियमित जांच करें. तुरंत कार्रवाई का आदेश निर्देश में यह भी कहा गया है कि एआई या डिजिटल तकनीक से तैयार किसी भी ‘डीपफेक’ या ‘मॉर्ड’ पहचान होते ही उसकी तुरंत रिपोर्ट की जाए और संबंधित अकाउंट के खिलाफ कार्रवाई की जाए. साइबर अपराध इकाई ने भी तकनीकी निगरानी बढ़ा दी है. सोशल मीडिया पर चुनावी मैसेज की होगी स्कैनिंग जानकारी के मुताबिक, पटना, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, और गया सहित सभी रेंज अधिकारियों और साइबर थानों को निर्देश दिया गया है कि वे जिला निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ तालमेल बनाकर हर दिन सोशल मीडिया पर चल रहे चुनावी संदेशों की स्कैनिंग करें. किसी भी भ्रामक या फर्जी वीडियो के सोर्स का पता लगाकर जल्द प्राथमिकी दर्ज करने को कहा गया है. नेतृत्वक दलों के बीच चल रहे डिजिटल वॉर को देखते हुए सख्ती दरअसल, बिहार विधानसभा चुनाव के प्रचार में नेतृत्वक दलों के बीच चल रहे एआई आधारित डिजिटल वॉर को निर्वाचन आयोग ने गंभीरता से लिया है. आयोग ने दलों और उम्मीदवारों को चेतावनी दी है कि 6 अक्टूबर से लागू आदर्श आचार संहिता का पालन इंटरनेट और सोशल मीडिया पर साझा की जाने वाली सामग्री पर भी अनिवार्य है. आयोग ने क्लियर किया, आदर्श आचार संहिता के तहत अन्य दलों की आलोचना केवल उनकी नीतियों, कार्यक्रमों, पिछले रिकॉर्ड और कार्यों तक सीमित होनी चाहिए. Also Read: Bihar election 2025: चुनाव आयोग ने लगभग 8.5 लाख अधिकारियों की तैनाती की  The post Bihar Election 2025: एआई आधारित फर्जी समाचारें फैलाने वालों की खैर नहीं, चुनाव आयोग का जानिये सख्त आदेश appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Bihar Election 2025 Live Updates: 121 सीटों के लिए नामांकन आज से शुरू, NDA और महागठबंधन में खींचतान जारी

Bihar Election 2025 Live Updates: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का बिगुल बज चुका है। चुनावी जंग शुरू होने में महज 27 दिनों का समय शेष है। तारीखें सामने आ चुकी हैं। इस बार दो चरणों में चुनाव कराए जाएंगे। इलेक्शन कमीशन ने इसको लेकर 6 नवंबर और 11 नवंबर की तारीखें तय कर दी हैं। 14 नवंबर को वोटों की गिनती होगी। इसी के साथ बिहार में सीट शेयरिंग को लेकर हलचल तेज है। एनडीए में भी अभी तक सब कुछ साफ नहीं हो पाया है। चिराग पासवान और एनडीए के शीर्ष नेताओं के बीच बातचीत जारी है। दूसरी तरफ बिहार में बनी नयी पार्टी जनसुराज ने अपने प्रत्याशियों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। एनडीए और महागठबंधन की ओर से कैंडिडेट्स के नाम घोषित किये जाने बाकी हैं। AI कंटेंट को लेकर चुनाव आयोग सख्त चुनाव आयोग ने 6 अक्टूबर 2025 को तारीखों की घोषणा की थी। इसी के साथ पूरे प्रदेश में आदर्श आचार संहिता भी लागू कर दिया गया। इलेक्शन कमीशन ने एक प्रेस नोट जारी कर कहा है कि बिहार विधानसभा चुनाव और आठ विधानसभा सीटों के उपचुनाव की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) लागू हो गई है। आचार संहिता के नियम इंटरनेट और सोशल मीडिया पर डाले जाने वाले कंटेंट पर भी लागू होंगे। AI कंटेंट को लेकर चुनाव आयोग अब सख्त दिख रहा है।  बिहार चुनाव से संबंधित पल-पल के अपडेट्स नीचे दिये गये हैं… Bihar Election 2025 Live Updates: आरजेडी संसदीय दल की बैठक… Bihar Election 2025 Live Updates: आरजेडी संसदीय दल की बैठक आजबिहार विधानसभा चुनाव में कैंडिडेट्स के नाम और आगे की चुनावी रणनीति तय करने के लिए राजधानी पटना में आज आरजेडी संसदीय दल की बैठक बुलाई गई है। बैठक दोपहर 12 बजे से होगी. इसमें आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की ओर से उम्मीदवारों के नाम पर सहमति प्रदान किए जाने की संभावना है। Published on: 2025-10-10T08:24:31+05:30 Bihar Election 2025 Live Updates: 121 सीटों के लिए आज… Bihar Election 2025 Live Updates: 121 सीटों के लिए आज से नामांकनबिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के तहत 121 सीटों के लिए आज अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन की प्रक्रिया भी शुरू हो जायेगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर तय की गयी है। 18 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी। 20 अक्टूबर तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे। पहले चरण का मतदान छह नवम्बर को होगा। Published on: 2025-10-10T08:18:52+05:30 The post Bihar Election 2025 Live Updates: 121 सीटों के लिए नामांकन आज से शुरू, NDA और महागठबंधन में खींचतान जारी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

गलत है बगराम पर नियंत्रण की अमेरिकी जिद

Bagram : अफगानिस्तान फिर वैश्विक रणनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा बगराम एयरबेस पर पुनः नियंत्रण पाने की मांग ने पूरे क्षेत्र में चिंता और असहमति को जन्म दिया है. वर्ष 2021 में अमेरिकी सैनिकों की जल्दबाजी में हुई वापसी के बाद अमेरिका ने इस अति-महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाने को छोड़ दिया था. अब ट्रंप की यह कोशिश केवल अमेरिका की सैन्य शक्ति के प्रदर्शन का प्रयास नहीं है, बल्कि चीन को नियंत्रित करने और मध्य तथा दक्षिण एशिया में अमेरिकी प्रभाव को पुनः स्थापित करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है. पर हिंदुस्तान, चीन, रूस, ईरान, यहां तक कि पाकिस्तान जैसे देशों के लिए यह कदम क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक गंभीर चुनौती के रूप में देखा जा रहा है. वर्ष 2020 में ट्रंप प्रशासन द्वारा तालिबान के साथ दोहा समझौते पर हस्ताक्षर अमेरिका की लंबी और महंगी अफगान लड़ाई के अंत का संकेत था. पर 2020 का चुनाव हारने के बाद जब बाइडेन राष्ट्रपति बने, तो उन्होंने अमेरिकी सैनिकों की वापसी का काम पूरा किया. उसी के साथ बगराम एयरबेस, जो ‘वार ऑन टेरर’ के दौरान अमेरिकी अभियानों का मुख्य केंद्र था, अमेरिकी नियंत्रण से बाहर चला गया. चार साल बाद, ट्रंप बार-बार ‘बगराम वापस चाहिए’ जैसी बातें कर रहे हैं. पिछले महीने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर उन्होंने लिखा, ‘अगर अफगानिस्तान ने बगराम वापस नहीं दिया, तो बुरे नतीजे होंगे’. तालिबान की प्रतिक्रिया तत्काल और स्पष्ट थी. उन्होंने कहा कि अफगान भूमि का एक इंच भी किसी विदेशी शक्ति को नहीं सौंपा जायेगा. बगराम का भू-सामरिक महत्व असंदिग्ध है. यह काबुल से करीब 50 किलोमीटर उत्तर में स्थित है और चीन के पश्चिमी प्रांत शिंजियांग से महज एक घंटे की उड़ान दूरी पर है, जहां चीन की परमाणु और रक्षा परियोजनाएं स्थित हैं. अमेरिकी दृष्टिकोण से देखें, तो बगराम पर पुनः नियंत्रण पाना चीन की गतिविधियों पर निगरानी रखने, मध्य एशिया में प्रभाव बनाये रखने और क्षेत्र में शक्ति संतुलन स्थापित करने का साधन बन सकता है. यह ठिकाना ट्रंप की ‘नये शीतयुद्ध’ जैसी रणनीति का केंद्र हो सकता है. पर वर्तमान क्षेत्रीय परिस्थितियां 20वीं सदी के शीतयुद्ध जैसी नहीं हैं. कभी अमेरिकी अभियानों में सहयोगी रहा पाकिस्तान अब चीन के साथ अपने गहरे सामरिक संबंधों के कारण अमेरिका को ऐसी कोई सुविधा नहीं दे सकता. मध्य एशिया के देश रूस व चीन के प्रभाव में हैं, इसलिए वे भी अमेरिकी उपस्थिति का समर्थन नहीं करेंगे. खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकाने हैं, पर वे बहुत दूर हैं और पश्चिमी चीन या मध्य एशिया के लिए उपयोगी नहीं. ट्रंप की इस योजना के खिलाफ क्षेत्र में असामान्य एकता देखने को मिली है. हाल ही में मास्को में आयोजित सातवें मास्को फॉर्मेट कंसल्टेशन ऑन अफगानिस्तान में हिंदुस्तान, चीन, रूस, ईरान, पाकिस्तान और मध्य एशियाई देशों ने एक संयुक्त बयान जारी किया कि ‘अफगानिस्तान या उसके पड़ोसी देशों में किसी विदेशी शक्ति का सैन्य ढांचा अस्वीकार्य है’. यद्यपि बयान में अमेरिका या बगराम का नाम नहीं लिया गया, पर संकेत स्पष्ट था. यह उल्लेखनीय है कि उस हिंदुस्तान ने भी, जो हाल के वर्षों में अमेरिका का निकट रणनीतिक साझेदार रहा है, तालिबान और चीन के साथ इस मुद्दे पर एक स्वर में विरोध दर्ज किया. यह क्षेत्रीय असंतोष की गहराई और बदलते सुरक्षा समीकरणों को दर्शाता है. हिंदुस्तान की आपत्ति उसके सिद्धांतों पर आधारित है. नयी दिल्ली हमेशा अफगानिस्तान की संप्रभुता और स्वतंत्र निर्णय प्रक्रिया का समर्थन करती रही है. वह ‘अफगान नेतृत्व वाले, अफगान स्वामित्व वाले’ समाधान की पक्षधर है. हिंदुस्तान को भय है कि यदि अमेरिकी सैन्य ढांचा लौटता है, तो अफगानिस्तान पुनः महाशक्तियों के संघर्ष का अखाड़ा बन जायेगा, जिससे आतंकवाद, अस्थिरता और चरमपंथ को बढ़ावा मिलेगा. यह न केवल हिंदुस्तान की सुरक्षा के लिए खतरा होगा, बल्कि उसके विकास और संपर्क परियोजनाओं- जैसे ईरान के चाबहार बंदरगाह या अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे- पर भी प्रतिकूल असर डालेगा. चीन का विरोध उसकी सुरक्षा चिंताओं से प्रेरित है. बगराम से चीन के पश्चिमी क्षेत्रों की निगरानी आसानी से की जा सकती है, जो बीजिंग के लिए अस्वीकार्य है. उसे आशंका है कि अमेरिका इस ठिकाने का उपयोग उइगुर उग्रवाद या अन्य असंतोषी समूहों को समर्थन देने के लिए कर सकता है. रूस और ईरान इसे अमेरिकी सैन्य घेराबंदी की पुरानी रणनीति के पुनरुत्थान के रूप में देखते हैं. पाकिस्तान भी इस विचार से असहज है, क्योंकि वह न तो चीन को नाराज करना चाहता है, न अपने यहां किसी नये नेतृत्वक संकट को जन्म देना चाहता है. ट्रंप और उनके सलाहकारों के लिए बगराम अमेरिकी शक्ति का प्रतीक है. इसके दो लंबे रन-वे बड़े विमानों के लिए उपयुक्त हैं, और इसका स्थान पूरे मध्य और दक्षिण एशिया पर निगरानी रखने के लिए रणनीतिक रूप से आदर्श है. किंतु अब भू-नेतृत्वक परिदृश्य बदल चुका है. अमेरिका का प्रभाव इस क्षेत्र में कम हुआ है, जबकि क्षेत्रीय देश अपनी संप्रभुता और गैर-हस्तक्षेप की नीति पर एकमत हो रहे हैं. वर्ष 2021 में काबुल से वापसी ने अमेरिका की रणनीतिक अधीरता और असंगत नीति को उजागर किया था. यदि अब वह पुनः बगराम में लौटने की कोशिश करता है, तो यह न केवल अफगान संप्रभुता का उल्लंघन होगा, बल्कि अमेरिका की विश्वसनीयता को भी और कमजोर करेगा. वर्तमान समय जब क्षेत्रीय सहयोग विकास, संपर्क और स्थिरता पर आधारित हो रहा है, तब सैन्य दबाव की वापसी प्रतिकूल परिणाम ही लायेगी. बगराम विवाद इस व्यापक प्रश्न को भी सामने लाता है कि क्या अमेरिका अब भी सैन्य शक्ति को ही अपना प्रमुख उपकरण मानता है? चीन के साथ प्रतिस्पर्धा में केवल सैन्य साधनों से जीत नहीं मिल सकती. आज की प्रतिस्पर्धा कूटनीति, तकनीक, वित्तीय स्थिति और वैश्विक नेतृत्व में है. ट्रंप की बगराम के प्रति जिद घरेलू नेतृत्व के लिए उपयोगी हो सकती है, पर क्षेत्र के लिए यह अस्थिरता के एक नये चक्र की शुरुआत होगी. बगराम पर ट्रंप की महत्वाकांक्षा ने एक दुर्लभ क्षेत्रीय सहमति को जन्म दिया है- हिंदुस्तान, चीन, रूस, पाकिस्तान, ईरान और तालिबान इस मुद्दे पर एक साथ खड़े हैं. यह कोई वैचारिक एकता नहीं, व्यावहारिक समझ है कि अफगानिस्तान की स्थिरता ही क्षेत्रीय शांति की कुंजी है. यदि इतिहास से कोई सीख मिलती है, तो वह यह

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Watch: धोनी का क्रिकेट में नया अंदाज, जींस टी-शर्ट पहनकर खेलने उतरे मैदान पर, फैंस नजारा देखकर हैरान

हिंदुस्तानीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) एक बार फिर सुर्खियों में हैं इस बार मैदान पर नहीं, बल्कि अपने नए अंदाज और फैंस के जबरदस्त रिस्पॉन्स के कारण. गुरुवार को धोनी ने मदुरै के चिंतामणि के पास बने वेलाम्मल क्रिकेट स्टेडियम का उद्घाटन किया. इस मौके पर हजारों फैंस ने अपने चहेते कैप्टन कूल की एक झलक पाने के लिए जबरदस्त उत्साह दिखाया. तमिलनाडु का दूसरा बड़ा क्रिकेट स्टेडियम वेलाम्मल एजुकेशन ट्रस्ट ने तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन (TNCA) के सहयोग से इस अत्याधुनिक स्टेडियम का निर्माण किया है. करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह स्टेडियम 12.5 एकड़ जमीन पर फैला हुआ है और आधुनिक क्रिकेट सुविधाओं से सुसज्जित है. फिलहाल इसकी दर्शक क्षमता 7,300 दर्शकों की है, लेकिन भविष्य में इसे 20,000 तक बढ़ाने की योजना है. यह स्टेडियम दक्षिण हिंदुस्तान में क्रिकेट के एक नए हब के रूप में देखा जा रहा है और स्थानीय खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय मंच प्रदान करने की दिशा में एक अहम कदम है. पहली बार मदुरै पहुंचे धोनी मदुरै में यह धोनी का पहला सार्वजनिक कार्यक्रम था, और उनका स्वागत किसी सुपरस्टार से कम नहीं हुआ. धोनी मुंबई से एक निजी चार्टर विमान से मदुरै पहुंचे, जहां एयरपोर्ट पर हजारों फैंस उनकी एक झलक पाने के लिए उमड़ पड़े. वह अपनी पहचान वाली जर्सी नंबर 7 वाली सफेद कार में स्टेडियम पहुंचे. पूरे रास्ते फैंस धोनी-धोनी के नारे लगाते नजर आए. पुलिस को भीड़ को संभालने के लिए विशेष सुरक्षा इंतजाम करने पड़े. धोनी की मौजूदगी से पूरा मदुरै शहर क्रिकेटिया जोश में डूब गया. जींस-टीशर्ट में कैप्टन कूल का नया अंदाज उद्घाटन समारोह के दौरान धोनी ने अपने ट्रेडमार्क कूल स्टाइल में फैंस का दिल जीत लिया. उन्होंने ब्लैक टी-शर्ट और ग्रे जींस में बेहद सहज अंदाज में बल्ला उठाया और दर्शकों की ओर मुस्कुराते हुए हाथ हिलाया. उनका यह स्टाइलिश लुक सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है. MS DHONI BATTING AT THE NEW MADURAI STADIUM. pic.twitter.com/r6xwHlRt1i — Mufaddal Vohra (@mufaddal_vohra) October 9, 2025 धोनी ने बढ़ाया आयोजन का आकर्षण वेलाम्मल क्रिकेट स्टेडियम का उद्घाटन सिर्फ नए क्रिकेट बुनियादी ढांचे के कारण नहीं, बल्कि धोनी की उपस्थिति के कारण भी चर्चा में रहा. समारोह के बाद धोनी अपनी 7 नंबर की नीली कार से एयरपोर्ट लौटे और निजी विमान से मुंबई रवाना हो गए. धोनी का यह दौरा साबित करता है कि वह सिर्फ एक महान क्रिकेटर ही नहीं, बल्कि करोड़ों हिंदुस्तानीयों के दिलों के एवरग्रीन हीरो हैं. एमएस धोनी मदुरै क्यों पहुंचे थे? एमएस धोनी मदुरै में वेलाम्मल क्रिकेट स्टेडियम के उद्घाटन के लिए पहुंचे थे. यह उनका मदुरै में पहला सार्वजनिक कार्यक्रम था. वेलाम्मल क्रिकेट स्टेडियम कहां स्थित है? वेलाम्मल क्रिकेट स्टेडियम तमिलनाडु के मदुरै जिले में चिंतामणि के पास स्थित है. वेलाम्मल क्रिकेट स्टेडियम की लागत और क्षमता क्या है? यह स्टेडियम लगभग 300 करोड़ रुपये की लागत से बना है. फिलहाल इसकी दर्शक क्षमता 7,300 है, जिसे भविष्य में 20,000 तक बढ़ाने की योजना है. ये भी पढ़ें- Women World Cup 2025: हिंदुस्तान के विजयी रथ पर लगा ब्रेक, साउथ अफ्रीका ने तीन विकेट से दी मात, ऋचा की पारी गई बेकार क्रिकेट इतिहास में पहली बार, ऋचा घोष ने 94 रन जड़ बनाया बड़ा कीर्तिमान The post Watch: धोनी का क्रिकेट में नया अंदाज, जींस टी-शर्ट पहनकर स्पोर्ट्सने उतरे मैदान पर, फैंस नजारा देखकर हैरान appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Train Cancelled List: ट्रेन से सफर करने वाले हो जाएं सावधान, रेलवे ने 18 ट्रेनों का रूट बदला

Train Cancelled List: गोरखपुर जंक्शन पर वाशिंग पिट के नवनिर्माण कार्य के चलते यात्रियों को आने वाले दिनों में असुविधा का सामना करना पड़ सकता है, पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई ट्रेनों को अस्थायी रूप से रद्द या शॉर्ट टर्मिनेट/शॉर्ट ओरिजिनेट करने का निर्णय लिया है. रेलवे के अनुसार, गोरखपुर के पुराने वाशिंग पिट नंबर 1 और 2 पर इंजीनियरिंग कार्य चल रहा है. इस कारण चार ट्रेनों को रद्द किया गया है, जबकि 14 ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है. यह कार्य 28 फरवरी तक चलेगा. रद्द की गई ट्रेनों की सूची 05057 गोरखपुर-दिल्ली स्पेशल (26 फरवरी तक) 05058 दिल्ली-गोरखपुर स्पेशल (27 फरवरी तक) 05053 गोरखपुर-बांद्रा टर्मिनस स्पेशल (27 फरवरी तक) 05054 बांद्रा टर्मिनस-गोरखपुर स्पेशल (28 फरवरी तक) Also Read: Aaj ka Mausam : कुछ जगह भारी बारिश का अलर्ट, जानें दिल्ली–यूपी सहित अन्य राज्यों के मौसम का हाल शॉर्ट टर्मिनेशन / शॉर्ट ओरिजिनेशन ट्रेनें 01027 दादर-गोरखपुर → मऊ जंक्शन पर समाप्त (26 फरवरी तक) 01028 गोरखपुर-दादर → मऊ जंक्शन से शुरू (28 फरवरी तक) 22921/22922 बांद्रा टर्मिनस-गोरखपुर → बलरामपुर तक (22-24 फरवरी) 15031/15032 गोरखपुर-लखनऊ → गोमतीनगर तक (24 फरवरी तक) 11055/11056 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-गोरखपुर → गोंडा तक (27 फरवरी – 1 मार्च) 20103/20104 LTT-गोरखपुर → आजमगढ़ तक (27-28 फरवरी) 19409/19410 साबरमती-गोरखपुर → थावे तक (26-28 फरवरी) 11037/11038 पुणे-गोरखपुर → बढ़नी तक (26-28 फरवरी) यात्रियों के लिए सलाह रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की पुष्टि करें और किसी भी असुविधा से बचने के लिए रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन से जानकारी प्राप्त करें, Also Read: The post Train Cancelled List: ट्रेन से सफर करने वाले हो जाएं सावधान, रेलवे ने 18 ट्रेनों का रूट बदला appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top