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October 13, 2025

समस्तीपुर

बाल संसद की विशेष बैठक प्रधानाध्यापक मुकेश कुमार के नेतृत्व में आयोजित किया गया

नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर- समस्तीपुर प्रखंड के मध्य विद्यालय बेला पंचरुखी में प्रधानाध्यापक मुकेश कुमार के नेतृत्व में डिजिटल लाइब्रेरी निर्माण से संबंधित बैठक आयोजित किया गया।इसमें मुख्य अतिथि के रूप में सहगल फाउंडेशन की सीनियर प्रोग्राम लिस्ट इंदु वर्मा भाग ली।विद्यालय में बाल बैंड पार्टी की धुन पर मार्च पास्ट कर अतिथियों को एस जी एस हाल तक लाया गया,जहां बाल संसद की प्रधानमंत्री शालिनी कुमारी एवं साथी के द्वारा स्वागत गीत गाकर उनका सम्मान किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि इंदु वर्मा ने डिजिटल लाइब्रेरी की उपयोगिता एवं उससे बच्चों को मिलने वाले लाभ के बारे में विस्तृत जानकारी दी।कार्यक्रम का संचालन कंप्यूटर विशेषज्ञ अनुपम कुमार ने किया। इस अवसर पर विद्यालय की छात्राओं के द्वारा छठ पर्व पर आधारित भाव नृत्य का प्रदर्शन किया गया।मौके पर कृषि विशेषज्ञ आनंद कुमार मौर्य, लक्ष्मी कुमारी, शिक्षक संजीव कुमार झा, किरण कुमारी,बीबी शकीला रहमान, विभा कुमारी, इंदिरा कुमारी आदि ने सहयोग किया।

समस्तीपुर

निर्वाचन तैयारी में तेजी लाने का दिया निर्देश: फॉर्म-18 व 19 की अद्यतन रिपोर्ट शीघ्र भेजने का आदेश

नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर।आगामी विधानसभा आम निर्वाचन 2025 की तैयारियों को गति देने के उद्देश्य से निर्वाचन कोषांग के नोडल पदाधिकारी-सह-उप निर्वाचन पदाधिकारी विनोद कुमार ने जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) एवं अंचल अधिकारियों (CO) को स्पष्ट निर्देश जारी किया है। उन्होंने कहा है कि निर्वाचन संबंधी फॉर्म-18 और फॉर्म-19 की प्राप्ति एवं उसकी स्थिति की अद्यतन रिपोर्ट अविलंब जिला निर्वाचन कार्यालय को भेजी जाए। उप निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक प्रखंड स्तर पर नामनिर्दिष्ट पदाधिकारियों के पास अब तक प्राप्त फॉर्मों की संख्या — ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों माध्यमों में — स्पष्ट रूप से अंकित होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि “यह प्रतिवेदन तत्काल तैयार कर भेजा जाए ताकि आयुक्त महोदय को अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराई जा सके।” श्री कुमार ने कहा कि इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता के रूप में लिया जाए और किसी भी स्तर पर देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि निर्वाचन संबंधी सभी सूचनाएं समय पर उपलब्ध कराना प्रशासनिक पारदर्शिता और चुनाव की निष्पक्षता के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फॉर्म-18 और 19 से जुड़ा कार्य निर्वाचन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण है, जिसके माध्यम से डाक मतपत्र (Postal Ballot) और सेवा मतदाता (Service Voter) से संबंधित आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित होती हैं। जिला प्रशासन ने सभी प्रखंड एवं अंचल अधिकारियों से अपेक्षा की है कि वे निर्देशों का तात्कालिक अनुपालन करें, ताकि निर्वाचन की तैयारियां समयबद्ध और त्रुटिरहित ढंग से पूरी की जा सकें।

समस्तीपुर

“समय से पहले पूरी हों सभी व्यवस्थाएं” – डीएम ने प्रेक्षक कोषांग की समीक्षा बैठक में दिए स्पष्ट निर्देश

नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर–  आगामी बिहार विधानसभा आम निर्वाचन 2025 को लेकर सोमवार को समाहरणालय सभागार में जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिला पदाधिकारी रोशन कुशवाहा की अध्यक्षता में प्रेक्षक कोषांग के पदाधिकारियों एवं संपर्क पदाधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में डीएम ने निर्वाचन से संबंधित सभी कार्यों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए पदाधिकारियों को कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन कार्य अत्यंत जिम्मेदारीपूर्ण है, अतः सभी पदाधिकारी अपने कार्यों को पूर्ण निष्ठा, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ करें। किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा। डीएम श्री कुशवाहा ने स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रेक्षकों के आगमन, प्रवास, परिवहन एवं समन्वय से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं ससमय सुनिश्चित की जाएं, ताकि निर्वाचन प्रक्रिया में कोई बाधा न आए। उन्होंने संचार प्रणाली को मजबूत बनाने और सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि सभी संपर्क पदाधिकारी प्रेक्षकों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखें और आवश्यक सहयोग प्रदान करें। साथ ही निर्वाचन संबंधी रिपोर्टिंग और अभिलेखों की सटीकता सुनिश्चित करें। बैठक में अपर समाहर्ता ब्रजेश कुमार, एडीएम (आपदा) राजेश कुमार सिंह, पंचायती राज पदाधिकारी विष्णुदेव मंडल, एनडीसी-सह-डीपीआरओ रजनीश कुमार राय सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे। डीएम ने कहा कि जिले में शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और भयमुक्त वातावरण में चुनाव संपन्न कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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Kantara Chapter 1 Worldwide Collection: वर्ल्डवाइड 600 करोड़ के क्लब में शामिल हुई कांतारा चैप्टर 1, रजनीकांत-थलपति विजय की फिल्मों के कलेक्शन को किया ध्वस्त

Kantara Chapter 1 Worldwide Collection: ऋषभ शेट्टी की कांतारा चैप्टर 1, जब 2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी, तो नेटिजन्स ने इसे जबरदस्त रिस्पांस दिया. फिल्म ने ओपनिंग डे पर ही इतिहास रचते हुए 61 करोड़ से ज्यादा की कमाई की. दूसरे हफ्ते में आने के बाद भी कन्नड़ फिल्म की कमाई में गिरावट नहीं आई और थियेटर्स में धड़ाधड़ टिकट बिक रहे हैं. मूवी ने हिंदुस्तान में 400 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर डाली है. वहीं वर्ल्डवाइड 600 करोड़ का आकड़ा पार हो गया है. वर्ल्डवाइड कांतारा चैप्टर 1, 600 करोड़ के क्लब में हुई शामिल कांतारा चैप्टर 1 ने 11 दिनों में हिंदुस्तान में 438.40 करोड़ की कमाई की. वहीं वर्ल्डवाइड इसका कलेक्शन 614.30 करोड़ हो गया है. इसी के साथ मूवी ने रजनीकांत की जेलर (605 करोड़) और विजय की लियो (606 करोड़) जैसी हालिया ब्लॉकबस्टर फिल्मों के लाइफटाइम कलेक्शन को पीछे छोड़ दिया है. फिल्म अब 2025 की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली हिंदुस्तानीय फिल्म है और छावा (808 करोड़) के करीब पहुंच रही है. यह फिल्म पूरी तरह से पैन इंडिया पर सफल रही है, जिसने कन्नड़ और हिंदी दोनों वर्जन में 100 करोड़ से ज्यादा की कमाई की है. किस फिल्म का प्रीक्वल है कांतारा चैप्टर 1? ऋषभ शेट्टी की ओर से लिखित और निर्देशित, कांतार चैप्टर 1, 2022 की ब्लॉकबस्टर फिल्म कांतारा का प्रीक्वल है. जिसने दुनिया भर में 400 करोड़ की कमाई की थी. कांतारा चैप्टर 1 में कौन से स्टार्स हैं मौजूद? कांतारा चैप्टर 1 में ऋषभ शेट्टी के अलावा रुक्मिणी वसंत, जयराम और गुलशन देवैया भी प्रमुख भूमिकाओं में हैं. कांतारा चैप्टर 1 को बॉक्स ऑफिस पर किस फिल्म से मिल रही है टक्कर? कांतारा चैप्टर 1 को बॉक्स ऑफिस पर वरुण धवन की सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी से कड़ी टक्कर मिल रही है. कांतारा चैप्टर 1 ने हिंदुस्तान और वर्ल्डवाइड में कितनी कमाई कर ली? कांतारा चैप्टर 1 ने हिंदुस्तान में 438.40 करोड़  की कमाई कर डाली है. वहीं वर्ल्डवाइड मूवी ने 614.30 करोड़ कमाए. कांतारा चैप्टर 1 कब सिनेमाघरों में हुई थी रिलीज? कांतारा चैप्टर 1, 2 अक्टूहर को गांधी जयंती और दशहरा के मौके पर रिलीज हुई थी. यह भी पढ़ें- Kantara Chapter 1: ब्लॉकबस्टर फिल्म का क्लाइमैक्स शूट करते वक्त कुछ इस हाल में थे ऋषभ शेट्टी, BTS फोटोज देख आप भी रह जाएंगे शॉक्ड The post Kantara Chapter 1 Worldwide Collection: वर्ल्डवाइड 600 करोड़ के क्लब में शामिल हुई कांतारा चैप्टर 1, रजनीकांत-थलपति विजय की फिल्मों के कलेक्शन को किया ध्वस्त appeared first on Naya Vichar.

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Bihar JDU Candidate: जदयू में सिंबल बंटना शुरू, अबतक 4 को मिला टिकट, जानिए नाम

Bihar JDU Candidate: बिहार चुनाव को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में सीट बंटवारे के एलान के बाद से उम्मीदवारों को सिंबल देने का काम शुरू हो गया है. सोमवार शाम को NDA एक साझा प्रेस कांफ्रेंस में उम्मीदवारों के नाम का ऐलान होना था. किसी वजह से यह प्रेस कांफ्रेंस रद्द कर दिया गया है. समाचार आ रही है कि नीतीश कुमार की पार्टी जदयू ने 4 उम्मीदवारों को सिंबल दे दिया है. जिन उम्मीदवारों को सिंबल दिया गया है उनमें संतोष कुमार निराला, सिद्धार्थ पटेल, उमेश कुशवाहा और सुनील कुमार के नाम शामिल हैं. जदयू में सिंबल बांटना शुरू, अबतक 4 को मिला टिकट, संतोष कुमार निराला, सिद्धार्थ पटेल, उमेश कुशवाहा और सुनील कुमार की उम्मीदवारी तय @Jduonline #BiharElections2025 #Bihar @BJP4Bihar @NitishKumar @RJDforIndia #nitishkumar #JDU #BreakingNews #bihar_update #LatestNews #Bihar_BJP pic.twitter.com/xeKsBpZpLW — Naya Vichar (@prabhatkhabar) October 13, 2025 बिहार चुनाव की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें इन उम्मीदवारों के नाम भी लगभग फाइनल सूत्रों के मुताबिक सकरा से आदित्य कुमार, रूपौली से कलाधर मंडल, ठाकुरगंज से गोपाल अग्रवाल, जमालपुर से नचिकेता, जगदीशपुर से भगवान सिंह कुशवाहा, राजगीर से कौशल किशोर, धौरैया से मनीष कुमार, झाझा से दामोदर रावत, राजपुर से संतोष निराला, फुलवारी शरीफ से श्याम रजक, मसौढ़ी से अरुण मांझी, बड़हिया से इंद्रदेव पटेल, महनार से उमेश कुमार कुशवाहा, वैशाली से सिद्धार्थ पटेल का नाम जदयू ने फाइनल कर दिया है. इसके अलावा अमरपुर से जयंत राज, वाल्मीकिनगर से रिंकू सिंह, फुलपरास से शीला मंडल, धमदाहा से लेसी सिंह, कुचायकोट से अमरेन्द्र पांडे, बरारी से विजय निषाद, रून्नी सैदपुर से पंकज मिश्रा, हरलाखी से सुधांशु शेखर, सुपौल से विजेंद्र यादव, मोकामा से अनंत सिंह, पिपरा से रामविलास कामत,केशरिया से शालिनी मिश्रा, संदेश से राधा चरण सेठ, आलमनगर से नरेंद्र नारायण यादव, जहानाबाद से चंद्रेश्वर चंद्रवंशी, घोसी से ऋतुराज, बिहारीगंज से निरंजन मेहता को भी जदयू उम्मीदवार बना सकती है. जदयू हथुआ से राम सेवक सिंह, भोरे से सुनील कुमार, सरायरंजन से विजय चौधरी, सोनबरसा से रत्नेश सदा, शिवहर से चेतन आनंद, काटी से अजीत कुमार, वारिस नगर से अशोक कुमार मुन्ना, बरबीघा से सुदर्शन, बेलागंज से मनोरमा देवी, बहादुरपुर से मदन सहनी और कल्याणपुर से महेश्वर हजारी को उम्मीदवार बना सकती है. इसे भी पढ़ें: 29 सीट मिलने के बाद चिराग को लगा तगड़ा झटका, प्रदेश उपाध्यक्ष ने दिया इस्तीफा, 17 नवंबर को दाखिल करेंगे नामांकन The post Bihar JDU Candidate: जदयू में सिंबल बंटना शुरू, अबतक 4 को मिला टिकट, जानिए नाम appeared first on Naya Vichar.

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बिहार चुनाव 2025: भागलपुर दंगा पीड़ितों का केस लड़ने वाले वकील अब चुनावी मैदान में, जन सुराज ने दिया टिकट

Bihar Election 2025: बिहार में विधानसभा चुनाव का एलान हो गया है. जन सुराज पार्टी ने अपने प्रत्याशियों की दूसरी लिस्ट जारी की है. जिसमें भागलपुर से 74 वर्षीय अभयकांत झा को उम्मीदवार बनाया गया है. अभयकांत झा सिविल कोर्ट, भागलपुर के वरिष्ठ वकील हैं और पहले भागलपुर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रह चुके हैं. 1989 के भागलपुर दंगे में मुस्लिम पीड़ितों के केस लड़ने के कारण वे शहर में न्यायप्रिय और संवेदनशील वकील के रूप में प्रसिद्ध हैं. इस चुनाव में अभयकांत झा पहली बार चुनावी मैदान में उतर रहे हैं. लंबे समय से सोशल वर्क में एक्टिव हैं अभयकांत झा अभयकांत झा लंबे समय से सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे हैं. वे भागलपुर जन सुराज पार्टी के डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर भी हैं और जिले की सभी चुनावी तैयारियों, बूथ-स्तर संगठन और उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभा रहे हैं. उनके बारे में बताया जाता है कि वे न केवल वकील और नेता हैं, बल्कि जनता के मुद्दों के प्रति हमेशा सजग और संवेदनशील रहे हैं. 1989 का भागलपुर दंगा और न्याय की लड़ाई अभयकांत झा का नाम सबसे अधिक 1989 के भागलपुर दंगे के दौरान सामने आया. उस समय उन्होंने मुस्लिम पक्ष के 880 से ज्यादा पीड़ितों के केस मुफ्त में लड़कर न्याय दिलाने का प्रयास किया. इस दंगे में लगभग 1,070 लोग मारे गए, जिनमें करीब 93% मुस्लिम थे, और लगभग 50 हजार लोग अपने घरों से दूसरी जगह चले गए थे. वहीं, 68 मस्जिदें और 20 मजार तहस-नहस कर दी गई थीं. दंगे के दौरान हिंसा इतनी भयानक थी कि लोगों ने शरणार्थी शिविरों की ओर पलायन किया और पूरे शहर में डर का माहौल फैल गया. दंगे में सैकड़ों लोगों की हुई थी मौत 24 अक्टूबर 1989 को भागलपुर में विश्व हिंदू परिषद की राम शिला पूजन यात्रा निकाली गई थी. मुस्लिम बहुल इलाके ततारपुर से गुजर रहे जुलूस में तनाव बढ़ा और पत्थरबाजी व आगजनी शुरू हो गई. पुलिस की फायरिंग में कई लोग मारे गए और स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई. इस दौरान सैकड़ों लोगों की मौत और भारी नुकसान हुआ. दंगे के बाद अभयकांत झा ने निष्पक्ष तरीके से पीड़ितों का पक्ष लिया. उनके प्रयास से कई मामलों में न्याय मिला और उन्हें शहर में संवेदनशील और न्यायप्रिय वकील के रूप में पहचान मिली. नेतृत्वक और सामाजिक सक्रियता अभयकांत झा ब्राह्मण समाज से आते हैं, लेकिन उनकी छवि हमेशा जनता के हित और न्याय के प्रति प्रतिबद्ध रही है. वे नेतृत्वक मंच पर सक्रिय न होने के बावजूद सोशल और एजुकेशनल कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेते रहे हैं. उनका नाम 1989 के दंगे के बाद और भी अधिक सम्मानित हुआ, क्योंकि उन्होंने बिना किसी व्यक्तिगत लाभ के पीड़ितों का केस लड़कर समाज में न्याय की भावना को मजबूत किया. अभयकांत झा ने कई आरोपियों को दिलाई उम्रकैद की सजा भागलपुर दंगे की जांच के लिए दिसंबर 1989 में जस्टिस रामनंदन प्रसाद अध्यक्ष, जस्टिस रामचंद्र प्रसाद सिन्हा और जस्टिस एस. शमसुल हसन की अध्यक्षता में एक आयोग बनाया गया. मार्च 1995 में इस कमीशन ने 323 पन्नों की रिपोर्ट प्रकाशित की. 2005 में कुछ बंद फाइलें फिर से खुलवाई गईं, जिससे कई आरोपियों को उम्रकैद की सजा मिली. हालांकि, सबूतों के अभाव में कुछ प्रमुख आरोपियों को बाद में बरी कर दिया गया. जन सुराज पार्टी का भरोसा अभयकांत झा की जन सुराज पार्टी में जगह उनके न्यायप्रिय और सामाजिक योगदान के कारण मिली है. जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर का का मानना है कि उनकी छवि और अनुभव से न केवल चुनावी मजबूती मिलेगी, बल्कि जिले में पार्टी की सामाजिक स्वीकार्यता भी बढ़ेगी. पार्टी सूत्रों के अनुसार, अभयकांत झा जिले के बूथ-स्तर संगठन और उम्मीदवार चयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. Also Read: बिहार चुनाव 2025: RJD की इन 44 सीटों पर संभावित प्रत्याशी तय, तेजस्वी की रणनीति से गठबंधन में हलचल तेज The post बिहार चुनाव 2025: भागलपुर दंगा पीड़ितों का केस लड़ने वाले वकील अब चुनावी मैदान में, जन सुराज ने दिया टिकट appeared first on Naya Vichar.

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Heavy Rain: 14,15,16,17,18 और 19 अक्टूबर को इन राज्यों में भारी बारिश की संभावना, आंधी-तूफान की चेतावनी, IMD अलर्ट

Heavy Rain: मौसम विभाग के अनुसार 14 से 19 अक्टूबर के दौरान तमिलनाडु और केरल और माहे में, 14 से 16 अक्टूबर के दौरान दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम और रायलसीमा, 17 और 18 अक्टूबर को लक्षद्वीप में कुछ स्थानों पर हल्की से भारी बारिश की संभावना है. आईएमडी के अनुसार अगले 4 से 5 दिनों के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है. इसके अलावा मौसम विभाग ने तूफान की भी संभावना व्यक्त की है. 15 अक्टूबर तक छत्तीसगढ़ और ओडिशा में तूफान आने की संभावना मौसम विभाग के अनुसार 14 से 15 अक्टूबर तक छत्तीसगढ़, 14 से 16 अक्टूबर तक विदर्भ और 14 से 15 अक्टूबर के दौरान ओडिशा में बिजली के साथ तूफान की संभावना है. गोवा और महाराष्ट्र में 17 अक्टूबर तक तूफान की संभावना मौसम विभाग के अनुसार 14 से 17 अक्टूबर के दौरान कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, 14 से 16 अक्टूबर तक मराठवाडा में बिजली के साथ तूफान आने की संभावना है. मछुआरों के लिए चेतावनी जारी अरब सागर – केरल तट, लक्षद्वीप, कोमोरिन क्षेत्र के साथ और उसके आसपास मछुआरों को नहीं जाने की सलाह दी गई है. बंगाल की खाड़ी – 16 से 17 अक्टूबर को तमिलनाडु तट और आसपास के समुद्री क्षेत्रों, 16 और 17 अक्टूबर को मन्नार की खाड़ी में मछुआरों को नहीं जाने की सलाह दी गई है. The post Heavy Rain: 14,15,16,17,18 और 19 अक्टूबर को इन राज्यों में भारी बारिश की संभावना, आंधी-तूफान की चेतावनी, IMD अलर्ट appeared first on Naya Vichar.

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Dhanteras 2025: क्या आप भी धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदने वाले हैं? पहले जान लें ये जरूरी बातें, वरना हो सकता है नुकसान

Dhanteras 2025: धनतेरस के पावन दिन पर सोना-चांदी, बर्तन, झाड़ू और घर सजाने के लिए वस्तुएं खरीदने की परंपरा सदियों से चली आ रही है. कई लोग इस दिन कुछ खरीदें या न खरीदें, लेकिन झाड़ू अवश्य खरीदते हैं. झाड़ू को माता लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है. इसलिए धनतेरस के दिन इसे खरीदना बहुत ही शुभ माना गया है. हालांकि इस दिन झाड़ू खरीदते समय कुछ विशेष सावधानियां बरतना और नियमों का पालन करना बेहद ज़रूरी है. आइए जानते हैं कि धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए. धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदते समय क्या करें? धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदते समय ध्यान रखें कि आप खजूर के पत्तों, तार के पत्तों, घास या तिनकों से बनी झाड़ू ही खरीदें. झाड़ू को हमेशा सुबह के समय खरीदना चाहिए. ऐसा करना शुभ माना गया है. धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदने के बाद क्या करें? झाड़ू को घर की दक्षिण दिशा में रखें. माना जाता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा घर से दूर रहती है. झाड़ू को घर की रसोई या स्टोर रूम में रखना भी शुभ माना गया है. कहते हैं, ऐसा करने से बुरी नज़र नहीं लगती. धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदते समय क्या न करें? इस दिन प्लास्टिक या अन्य कृत्रिम चीज़ों से बनी झाड़ू नहीं खरीदनी चाहिए. झाड़ू को सूर्यास्त के बाद नहीं खरीदना चाहिए. धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदने के बाद क्या न करें? झाड़ू को कभी भी घर की पूर्व दिशा में न रखें. ऐसा करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ता है. झाड़ू पर पैर न रखें. यदि गलती से पैर लग जाए, तो तुरंत क्षमा मांगें, क्योंकि झाड़ू को माता लक्ष्मी का रूप माना गया है. झाड़ू को मुख्य द्वार या पूजा स्थान के पास नहीं रखना चाहिए, यह अशुभ माना जाता है. यह भी पढ़ें: Dhanteras 2025 Shubh Muhurat: इस साल धनतेरस पर 1 घंटे का शुभ मुहूर्त, जानें पूजा का शुभ समय Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. नया विचार किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. The post Dhanteras 2025: क्या आप भी धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदने वाले हैं? पहले जान लें ये जरूरी बातें, वरना हो सकता है नुकसान appeared first on Naya Vichar.

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आखिरकार घुटने पर आ ही गई महंगाई, सितंबर में 2017 के बाद का सबसे निचला स्तर

Retail Inflation: आखिरकार खुदरा महंगाई घुटने पर आ ही गई. सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, हिंदुस्तान की खुदरा महंगाई (रिटेल इन्फ्लेशन) सितंबर 2025 में 1.54% पर आ गई. यह आंकड़ा पिछले आठ वर्षों में सबसे कम है और जून 2017 के बाद का सबसे निचला स्तर माना जा रहा है. इस गिरावट ने आम आदमी की जेब पर राहत दी है और उपभोक्ताओं के लिए मूल्य वृद्धि के दबाव को कम किया है. खाद्य पदार्थों की कीमतों में गिरावट सितंबर में महंगाई में जोरदार गिरावट मुख्य रूप से खाद्य पदार्थों की कीमतों में लगातार कमी के कारण हुई. उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक (सीपीआई) 2.28% दर्ज किया गया, जो जून 2025 से खाद्य कीमतों के नकारात्मक क्षेत्र में होने का संकेत है. इस तरह की गिरावट लगातार चौथे महीने दर्ज की गई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर दबाव कम हो गया है. ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मुद्रास्फीति आंकड़ों से पता चला कि ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई 1.07%, जबकि शहरी क्षेत्रों में 2.04% रही. खाद्य महंगाई ग्रामीण क्षेत्रों में -2.17% और शहरी क्षेत्रों में -2.47% रही. इस गिरावट का प्रमुख कारण सब्जियों, खाद्य तेलों, फलों, अनाज, दालों और अंडों की कीमतों में कमी है. नियंत्रण में रही दूसरे क्षेत्रों की महंगाई खाद्य श्रेणियों में गिरावट के अलावा गैर-खाद्य वस्तुओं में भी मुद्रास्फीति नियंत्रण में रही. विशेष रूप से ईंधन और प्रकाश की कीमतों में स्थिरता ने महीने के दौरान ऊर्जा पर दबाव कम किया. हाउस (शहरी क्षेत्रों के लिए): 3.98% एजुकेशन: 3.44% हेल्थ: 4.34% ट्रांसपोर्ट और टेलिकॉम: 1.82% फ्यूल और लाइट: 1.98% कैसे घटी महंगाई मंत्रालय ने कहा कि इस गिरावट का कारण “अनुकूल आधार प्रभाव” और सब्जियां, तेल और वसा, फल, अनाज, दालें, अंडे तथा ईंधन एवं प्रकाश जैसी प्रमुख श्रेणियों में कीमतों में कमी है. यह मिश्रित प्रभाव महंगाई दर को साल-दर-साल 1.54% तक सीमित करने में मदद करता है. कहां से जुटाए गए आंकड़े सितंबर के आंकड़े सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 1,181 गांवों और 1,114 शहरी बाजारों से एकत्र किए गए. ग्रामीण बाजारों का कवरेज 99.83% और शहरी बाजारों का कवरेज 98.56% रहा. इससे यह सुनिश्चित हुआ कि आंकड़े राष्ट्रीय स्तर पर वास्तविक और प्रतिनिधि हैं. इसे भी पढ़ें: ट्रंप के टैरिफ से चीन को लगा जोरदार झटका, सितंबर में अमेरिकी निर्यात में बड़ी गिरावट उपभोक्ताओं के लिए क्या मतलब है यह डेटा? इस गिरावट का मतलब है कि आम आदमी को खाने-पीने की चीजों और अन्य जरूरी वस्तुओं पर कीमतों के बढ़ने का दबाव कम हुआ है. लगातार चार महीनों से खाद्य मुद्रास्फीति नकारात्मक क्षेत्र में होने से उपभोक्ताओं को अल्पकालिक राहत मिली है. साथ ही, ईंधन की कीमतों में स्थिरता ने परिवहन और दैनिक खर्चों पर नियंत्रण बनाए रखा. इसे भी पढ़ें: LIC SIP Plan: एलआईसी एसआईपी में हर महीने 25,000 जमा करने पर 10 साल में कितना मिलेगा पैसा, जानें पूरा कैलकुलेशन The post आखिरकार घुटने पर आ ही गई महंगाई, सितंबर में 2017 के बाद का सबसे निचला स्तर appeared first on Naya Vichar.

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Beauty Tips: झुर्रियां अब नहीं छीन पाएंगी चेहरे की खूबसूरती, 30 की उम्र के बाद इन चीजों का करें रेगुलर इस्तेमाल

Beauty Tips: 30 की उम्र के बाद चेहरे पर जो एक सबसे बड़ी प्रॉब्लम दिखती है वह रिंकल्स की प्रॉब्लम होती है. जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है वैसे-वैसे चेहरे पर झुर्रियां और फाइन लाइन्स का दिखना शुरू हो जाता है. यह एक नेचुरल प्रोसेस हैं लेकिन अगर इन्हें रोका न जाए तो इससे पूरे चेहरे की खूबसूरती छिन जाती है. आज की यह आर्टिकल उन लोगों के लिए काफी काम की होने वाली है जिनकी उम्र 30 के करीब है या फिर वे 30 की उम्र को अभी ही पार किया है. आज हम आपको कुछ ऐसी चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनका इस्तेमाल आपको 30 की उम्र के बाद चेहरे पर करना शुरू कर देना चाहिए. जब आप इन चीजों का इस्तेमाल रेगुलर बेसिस पर करते हैं तो आपके चेहरे पर झुर्रियां नहीं आती और साथ ही आपकी खूबसूरती लंबे समय तक बरकरार भी रहती है. तो चलिए इन चीजों के बारे में विस्तार से जानते हैं. एलोवेरा जेल से मसाज अगर आप अपने चेहरे से झुर्रियों को दूर रखकर उसे लंबे समय तक जवान और खूबसूरत बनये रखना चाहते हैं तो ऐसे में आपको एलोवेरा जेल का इस्तेमाल करना चाहिए. हर सुबह बिना भूले अपने चेहरे की एलोवेरा जेल से मसाज करना शुरू कर दें. जब आप ऐसा करना शुरू करते हैं तो कुछ ही महीनों में आपको फर्क आपको अपने चेहरे पर साफ दिखने लगता है. यह भी पढ़ें: Skincare Tips: भूलकर भी 35 की उम्र के बाद अपने चेहरे पर न लगाएं ये चीजें, छिन जाती है खूबसूरती उड़ जाता है निखार यह भी पढ़ें: Skincare Tips: सोते-सोते स्किन को बनाएं यंग एंड हेल्दी, जानें परफेक्ट नाइट स्किनकेयर रूटीन डाइट में शामिल करें ये विटामिन्स एक्सपर्ट्स की अगर मानें तो डाइट से भी आप अपने चेहरे पर आने वाली झुर्रियों को रोक सकते हैं. इसके लिए आपको अपने डाइट में उन चीजों को शामिल करना होगा जिनमें विटामिन सी और ई भरपूर मात्रा में पायी जाती हों. नींद को करें पूरा अगर आप अपनी स्किन को यंग और फ्रेश बनाये रखना चाहते हैं तो आपको इस बात का भी खास ख्याल रखना चाहिए कि आप पर्याप्त मात्रा में नींद लें. एक्सपर्ट्स के अनुसार जब आप 7 से 8 घंटे की नींद लेते है तो आपकी स्किन को रिलैक्स और रिपेयर होने का समय मिल जाता है. यह भी पढ़ें: Beauty Tips: हर सुबह सिर्फ 3 स्टेप्स में बनाएं अपने चेहरे को ग्लोइंग और स्मूद, खूबसूरती ऐसी कि हर किसी की नजरें ठहरेंगी आप पर स्ट्रेस से पाएं छुटकारा चेहरे पर झुर्रियों के आने के पीछे एक मुख्य कारण स्ट्रेस भी होता है. अगर आप ज्यादा स्ट्रेस लेंगे तो इसका असर आपके चेहरे पर झुर्रियों के तौर पर दिखना शुरू हो जाएगा. झुर्रियों से बचने के लिए यह काफी जरूरी हो जाता है कि आप अपने स्ट्रेस लेवल्स को कंट्रोल में करके रखें. घर से बाहर निकलते समय सनस्क्रीन का इस्तेमाल चेहरे पर समय से पहले झुर्रियां आने के पीछे एक सबसे मुख्य कारण है सूर्य की हानिकारक किरणें. अगर आप चाहते हैं कि आपके चेहरे पर झुर्रियां न आए तो ऐसे में 30 की उम्र के बाद कम से कम घर से निकलने से पहले सनस्क्रीन का इस्तेमाल जरूर करें. यह भी पढ़ें: Beauty Tips: इन आदतों के कारण स्त्रीएं समय से पहले खो देती हैं अपनी जवानी, कम उम्र में ही चेहरे पर दिखने लगते हैं बुढ़ापे के लक्षण The post Beauty Tips: झुर्रियां अब नहीं छीन पाएंगी चेहरे की खूबसूरती, 30 की उम्र के बाद इन चीजों का करें रेगुलर इस्तेमाल appeared first on Naya Vichar.

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