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December 5, 2025

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शादी से कॉर्पोरेट शो तक, इवेंट मैनेजमेंट से कमाएं लाखों

Event Management Career: आज के समय में इवेंट मैनेजमेंट ऐसा फील्ड बन गया है जहां क्रिएटिविटी और मैनेजमेंट स्किल दोनों का बेहतरीन इस्तेमाल होता है. शादी, कॉर्पोरेट इवेंट, बड़े शो, म्यूजिक कॉन्सर्ट और फेस्टिवल जैसी तमाम चीजें बढ़ रही हैं और इन्हें प्रोफेशनल तरीके से संभालने के लिए इवेंट मैनेजर की मांग आसमान छू रही है. यही वजह है कि इस क्षेत्र में अब लाखों की कमाई (Event Management Career) करना बिल्कुल मुश्किल नहीं है. अगर आप स्मार्ट प्लानिंग, कम्युनिकेशन और टीम हैंडलिंग में अच्छे हैं, तो यह फील्ड आपके लिए करियर का शानदार मौका बन सकता है. इवेंट मैनेजमेंट उन लोगों के लिए बेहतरीन फील्ड है जिन्हें आउटडोर काम पसंद है, क्रिएटिविटी की समझ है और नई चीजें सीखने का शौक है. Event Management Courses: करें ये कोर्स डिप्लोमा इन इवेंट मैनेजमेंट 6 से 12 महीने का छोटा लेकिन स्किल-बेस्ड कोर्स है, जिसमें इवेंट प्लानिंग और मैनेजमेंट की बेसिक ट्रेनिंग दी जाती है. इसके बाद BA या BBA इन इवेंट मैनेजमेंट तीन साल की फुल-टाइम डिग्री है, जो करियर की मजबूत शुरुआत देती है. वहीं, PG Diploma एक साल का एडवांस्ड कोर्स है. इवेंट इंडस्ट्री में लीडरशिप रोल चाहने वालों के लिए MBA इन इवेंट मैनेजमेंट दो साल का प्रोफेशनल प्रोग्राम है. Event Management टॉप कॉलेज नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इवेंट मैनेजमेंट (NIEM) IIFT दिल्ली एमिटी यूनिवर्सिटी AAFT नोएडा इंडियन स्कूल ऑफ इवेंट मैनेजमेंट (ISEM) कमाई लाखों में इवेंट मैनेजमेंट में काम करने वाले लोगों की कमाई उनके अनुभव, काम के स्तर और नेटवर्किंग पर निर्भर करती है. शुरुआत में 20–30 हजार रुपये प्रति माह आसानी से मिलने लगते हैं. जैसे-जैसे आपका अनुभव बढ़ता है या आप फ्रीलांसिंग करना शुरू करते हैं, वैसे-वैसे आपकी इनकम लाखों में पहुंच सकती है. बड़े इवेंट्स को अकेले मैनेज करने वाले प्रोफेशनल्स एक प्रोजेक्ट से ही 1–5 लाख रुपये तक कमा लेते हैं. यह भी पढ़ें: मुंगेर की बेटी ने UPSC में गाड़ा झंडा, 22 की उम्र में बनी IPS The post शादी से कॉर्पोरेट शो तक, इवेंट मैनेजमेंट से कमाएं लाखों appeared first on Naya Vichar.

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SMAT मैच के दौरान हार्दिक और रवि बिश्नोई का क्यूट मोमेंट वायरल, जब आउट हुए पांड्या, VIDEO

SMAT: स्टार हिंदुस्तानीय ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025/26 में शानदार फॉर्म में वापसी की है. बड़ौदा के लिए दो मैचों में, पांड्या ने बल्ले और गेंद दोनों से कमाल दिखाया है, एक मैच में उन्होंने 42 गेंदों में 77 रनों की मैच जिताऊ पारी स्पोर्ट्सी और दूसरे मैच में चार ओवर में सिर्फ 16 रन दिए और एक विकेट चटकाया. दूसरे मैच में, पांड्या बल्ले से ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ पाए और 10 रन बनाकर आउट हो गए. हालांकि, गुजरात के स्पिनर रवि बिश्नोई द्वारा आउट होने के बाद, उन्होंने गेंदबाज के साथ एक दिल छू लेने वाला पल साझा किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. Hardik and Ravi Bishnoi cute moment viral when Pandya out VIDEO रवि बिश्नोई की गेंद पर आउट हुए हार्दिक पांड्या सातवें ओवर में बल्लेबाजी कर रहे पांड्या, बिश्नोई की एक गेंद पर गलत टाइमिंग से कैच आउट हो गए. जैसे ही बिश्नोई ने जश्न मनाने के लिए हाथ ऊपर उठाए, पांड्या भी उनके जश्न में शामिल हो गए. मैदान से बाहर जाने से पहले पांड्या ने बिश्नोई को विकेट लेने के लिए मजाकिया अंदाज में गले लगाया और दोनों ने गर्मजोशी से गले मिलकर खुशी जाहिर की. पांड्या का अच्छा फॉर्म टीम इंडिया के लिए बिल्कुल सही समय पर आया है, क्योंकि उन्हें 9 दिसंबर से दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शुरू होने वाली पांच मैचों की टी-20 सीरीज के लिए उन्हें टीम में शामिल किया गया है. Hardik Pandya & Ravi Bishnoi cute moment🥰Bishnoi took the wicket of HP and they hugged🫂 pic.twitter.com/88IfFhRLdS — Rohan Gangta (@rohangangta) December 4, 2025 पांड्या के लिए मैच में फैंस का जमावड़ा इस बीच, सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में पांड्या की क्रिकेट में वापसी को धूमधाम से मनाया गया, जिससे आयोजकों को बड़ौदा-गुजरात मैच को उच्च क्षमता वाले स्टेडियम में शिफ्ट करना पड़ा. यह मैच, जो मूल रूप से जिमखाना ग्राउंड में होना था, बाद में राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में शिफ्ट कर दिया गया. इससे सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ को संभालने में आसानी हुई. बुधवार को पंजाब के खिलाफ मुकाबले में कई फैंस हार्दिक से मिलने और सेल्फी लेने के लिए मैदान में दौड़ गए, जिसकी वजह से कई बार मैच को रोकना पड़ा. दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी20 सीरीज में दिखेंगे पांड्या अधिकारियों ने पुष्टि की कि टीम होटलों, अभ्यास केंद्रों और टिकट काउंटरों के पास असामान्य रूप से बड़ी संख्या में प्रशंसकों की भीड़ जमा होने के बाद स्टेडियम बदलने का निर्णय लिया गया. इस बार दर्शकों की संख्या हार्दिक की वजह से सामान्य घरेलू टूर्नामेंटों में होने वाली भीड़ से कहीं अधिक है. पंजाब के खिलाफ बड़ौदा के पिछले मैच में, पिच पर अतिक्रमण के कारण कई बार स्पोर्ट्स बाधित हुआ. आयोजकों ने कहा कि यह भीड़ पूरी तरह से हार्दिक पांड्या को देखने के उत्साह के कारण था. पांड्या ने मंगलवार को लंबी चोट के बाद प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी की. ये भी पढ़ें- Viral Video: मैच के पहले ये कैसा टोटका कर रहे हैं रोहित शर्मा, पंत ने ये क्या करा दिया ये क्या हो रहा है? मोहम्मद सिराज का सेलेक्शन नहीं होने पर भड़के आकाश चोपड़ा, देखें Video नया विचार पॉडकास्ट पर 7 दिसंबर को रवि शास्त्री The post SMAT मैच के दौरान हार्दिक और रवि बिश्नोई का क्यूट मोमेंट वायरल, जब आउट हुए पांड्या, VIDEO appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Job News: नीतीश सरकार का बड़ा ऐलान, तीन नए विभागों की सौगात, 2030 तक 1 करोड़ युवाओं को रोजगार

Bihar Job News: सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि हमारी प्रशासन ने अगले 2030 तक 1 करोड़ युवाओं को नौकरी एवं रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित किया है. इसके लिए जरूरी है कि राज्य में ज्यादा से ज्यादा युवाओं को कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण दिया जाए और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण उच्च एवं तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराई जाए. निर्देश जारी सीएम नीतीश ने आगे कहा कि इसके लिए राज्य में अलग से तीन नए विभाग- युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग, उच्च शिक्षा विभाग तथा नागर विमानन विभाग सृजित करने का निर्देश दिया है. इन तीन नए विभागों के सृजन से राज्य में ज्यादा से ज्यादा युवाओं को नौकरी एवं रोजगार दिलाने में काफी मदद मिलेगी. युवा, रोजगार एवं कौशल विभाग के जरिए अगले 5 वर्षों में बड़ी संख्या में युवाओं को अवसर प्रदान करने का निर्णय लिया गया है. हमलोगों ने अगले 5 वर्षों (2025-30) में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी एवं रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए जरूरी है कि राज्य में ज्यादा से ज्यादा युवाओं को कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण दिया जाए और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण उच्च एवं तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही… — Nitish Kumar (@NitishKumar) December 5, 2025 सीएम नीतीश ने बताया रोड मैप सीएम नीतीश ने आगे कहा, “राज्य में कई नए हवाई अड्डों का निर्माण हो रहा है एवं भविष्य में उड़ान योजना के तहत कई बड़े-छोटे नए हवाई अड्डों का निर्माण प्रस्तावित है. राज्य में अलग से नागर विमानन विभाग के सृजन से इसमें तेजी आएगी, औद्योगिक वातावरण बढ़ेगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और इससे राज्य में निर्मित उत्पादों के निर्यात में मदद मिलेगी.” इसके अलावा हमलोगों ने अलग से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम निदेशालय एवं बिहार विपणन प्रोत्साहन निगम (Bihar Marketing Promotion Corporation) सृजित करने का भी निर्णय लिया है जिससे युवाओं को प्रशासनी नौकरी और रोजगार देने के लक्ष्य को आसानी से प्राप्त किया जा सकेगा. सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम निदेशालय का गठन कर युवाओं को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों से संबंधित कौशल विकास के लिए प्रत्येक जिले में मेगा स्किल सेंटर की स्थापना की जाएगी ताकि राज्य के युवाओं को अधिक से अधिक नौकरी या रोजगार का अवसर मिल सके. बिहार के युवाओं के अच्छे भविष्य के लिए हम संकल्पित- सीएम नीतीश सीएम नीतीश ने X पोस्ट में आगे लिखा, “बिहार विपणन प्रोत्साहन निगम (Bihar Marketing Promotion Corporation) के सृजन से राज्य में कृषि, पशुपालन, बागवानी एवं खाद्य प्रसंस्करण के साथ-साथ हस्तशिल्प, ग्रामीण उद्योग, लघु एवं कुटीर उद्योग जैसे उत्पादों की उपलब्धता, गुणवत्ता एवं वितरण व्यवस्था सुदृढ़ होगी और बड़ी संख्या में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे. राज्य के युवाओं के सुखद भविष्य के लिए हमलोग लगातार काम कर रहे हैं. अधिक से अधिक युवाओं को प्रशासनी नौकरी एवं रोजगार देने के लिए राज्य प्रशासन प्रतिबद्ध है. बिहार के युवा दक्ष एवं आत्मनिर्भर हों, उन्हें रोजगार के नए अवसर मिले, उनका भविष्य सुरक्षित हो इसके लिए हमलोग संकल्प ले चुके हैं.” इसे भी पढ़ें: बिहार में बदलने वाला है मौसम का मिजाज, IMD ने बताया अगले 48 घंटे के दौरान कैसा रहेगा मौसम का हाल The post Bihar Job News: नीतीश प्रशासन का बड़ा ऐलान, तीन नए विभागों की सौगात, 2030 तक 1 करोड़ युवाओं को रोजगार appeared first on Naya Vichar.

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‘टैलेंट, लीडरशिप और तेज दिमाग’! इस समय पर जन्मे बच्चों में होती है ये तीनों चीजें, इन क्षेत्रों में मचाते हैं तहलका

Birth Time Personality, रांची: शिशु का जन्म समय उनकी जीवन यात्रा, स्वभाव, सोच और प्रतिभा के बारे में काफी कुछ जानकारी दे सकता है. वैसे तो हर बच्चा अपनी किस्मत की किताब खुद लिखता लेकिन किसी शिशु भी का समय जानकार ज्योतिषाशास्त्र के जरिये सामान्य अनुमान जरूर लगा सकते हैं. इसी कड़ी में आज हम जानने की कोशिश करेंगे कि सुबह 4 बजे दोपहर 12 बजे के बीच जन्मे शिशु वैदिक एस्ट्रो के अनुसार कैसे होते है. इस समयावधि के बीच जन्मे बच्चों कौन कौन विशेष गुण आमतौर पर देखने को मिलते हैं, जो उन्हें जीवन में अलग पहचान दिलाने में मदद करते हैं. इस समय में जन्मे शिशु होते हैं जिज्ञासु वैदिक एस्ट्रो के अनुसार इस सुबह 4 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच जन्मे शिशु अक्सर ऊर्जावान, जिज्ञासु और मिलनसार होते हैं. ये शिशु अपने आसपास के माहौल को जल्दी भांपते हैं और नये अनुभवों को अपनाने में सहज रहते हैं. इन्हें सामाजिक गतिविधियों और स्पोर्ट्सों में भाग लेना पसंद होता है, जिससे उनकी नेतृत्व क्षमता धीरे-धीरे विकसित होती है. इन बच्चों में भावनात्मक समझदारी भी होती है. इनमें दूसरों के दृष्टिकोण को समझने की क्षमता कमाल की होती है. खासकर इनमें किसी भी दल या ग्रुप के सदस्यों के बीच बेहतर तालमेल भी कौशल होता है. यही कारण है कि इस समय में जन्मे शिशु अक्सर परिवार और दोस्तों के बीच अपनी बात प्रभावशाली ढंग से रख लेते हैं. Also Read: Bread Kachori Recipe: सिर्फ 10 मिनट में बनाएं क्रिस्पी और स्पाइसी ब्रेड कचौड़ी, शाम की चाय और टिफिन के लिए परफेक्ट स्नैक क्रियेटिव सोच और शिक्षा में होती है अधिक रुचि ज्योतिषशास्त्र के अनुसार सुबह‑दोपहर के समय जन्मे बच्चों में क्रियेटिव सोच और शिक्षा में रुचि अधिक होती है. ये शिशु किसी भी चीज को जल्दी सीखते हैं. साथ ही इनमें नये विषयों में खुद को ढालने में महारत हासिल होता है. कला, संगीत, लेखन और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में रुचि में शामिल रहती है. इसके अलावा इनमें धैर्य और समझदारी इतनी गजब की होती है कि ये छोटी-छोटी चीजों में छिपी मूल बातों को असानी से समझ जाते हैं और किसी भी विषय को बरीकी सोचते हैं. अपने चुने हुए क्षेत्रों में होते हैं भरोसेमंद व्यक्तित्व ज्योतिषशास्त्र की मानें तो इस समय पर जन्मे बच्चों के लिए जीवन और करियर की दिशा अधिक स्पष्ट होती है. ये शिशु अपने चुने हुए क्षेत्र में प्रभावशाली और भरोसेमंद व्यक्तित्व के रूप में उभरते हैं. इस समय के बीच जन्मे शिशु अगर नेतृत्व की क्षमता वाले पेशों में आगे बढ़ते हैं तो सफलता की संभावना अधिक होती है. ये लोग समाज सेवा, शिक्षा, रचनात्मक क्षेत्र और तकनीकी क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाले होते हैं. जोखिम उठाने और चुनौती स्वीकार करने की प्रवृत्ति उन्हें अन्य बच्चों से अलग बनाती है. Also Read: Mooli Patta Saag: सर्दियों में मूली के पत्ते से बनाएं टेस्टी साग, गरमा-गरम चावल-दाल के साथ करें सर्व The post ‘टैलेंट, लीडरशिप और तेज दिमाग’! इस समय पर जन्मे बच्चों में होती है ये तीनों चीजें, इन क्षेत्रों में मचाते हैं तहलका appeared first on Naya Vichar.

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आ गया मौसम विभाग का अलर्ट, रांची समेत 11 जिलों में शीतलहर की चेतावनी, आपके यहां कैसा रहेगा वेदर

Table of Contents मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट Cold Wave Alert: उत्तर-पश्चिमी हवाओं ने बढ़ायी ठंड पश्चिमी और उससे सटे मध्य भागों में कहीं-कहीं शीतलहर सबसे कम न्यूनतम तापमान गुमला में Cold Wave Alert: झारखंड की राजधानी रांची समेत 11 जिलों में शीतलहर चलने की चेतावनी मौसम विभाग की ओर से दी गयी है. हिंदुस्तान मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मौसम केंद्र रांची ने शुक्रवार को बताया कि 5 और 6 दिसंबर को रांची, खूंटी, रामगढ़, बोकारो, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, चतरा, लातेहार, पलामू और गढ़वा जिले में कहीं-कहीं शीतलहर चलेगी. इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट मौसम केंद्र रांची के प्रभारी निदेशक अभिषेक आनंद ने नया विचार (prabhatkhabar.com) को बताया कि झारखंड के 11 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. यह अलर्ट 7 दिसंबर की सुबह 8:30 बजे तक के लिए प्रभावी है. यानी 7 दिसंबर की सुबह तक लोगों को ठिठुरन महसूस होगी. Cold Wave Alert: उत्तर-पश्चिमी हवाओं ने बढ़ायी ठंड उन्होंने बताया कि राज्य के अधिकांश जिलों में सुबह में कोहरा या धुंध छाया रहा. बाद में आसमान साफ रहा. उत्तर-पश्चिमी हवाओं की वजह से अभी ठंड का प्रकोप बढ़ा हुआ है. उन्होंने कहा कि अगले 2 दिन तक न्यूनतम तापमान में 2 डिग्री सेंटीग्रेड की गिरावट आ सकती है. इसके बाद 3 दिन तक तापमान में धीरे-धीरे वृद्धि हो सकती है. झारखंड की ताजा समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें पश्चिमी और उससे सटे मध्य भागों में कहीं-कहीं शीतलहर उन्होंने बताया है कि झारखंड के पश्चिमी और उससे सटे भागों में कहीं-कहीं शीतलहर चल सकती है. राजधानी रांची का उच्चतम तापमान 23 डिग्री सेंटीग्रेड और न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेंटीग्रेड रहने की संभावना है. सबसे कम न्यूनतम तापमान गुमला में मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य का मौसम शुष्क रहा. पश्चिमी और निकटवर्ती मध्य भागों में कहीं-कहीं शीतलहर की स्थिति देखी गयी. सबसे अधिक उच्चतम तापमान 28.4 डिग्री सेंटीग्रेड चाईबासा में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 5.7 डिग्री सेंटीग्रेड गुमला में रिकॉर्ड किया गया. इसे भी पढ़ें सावधान! पलामू, गढ़वा समेत झारखंड के 7 जिलों में चलेगी शीतलहर, मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट झारखंड को झेलना होगा सर्दी का सितम, 10 डिग्री की गिरावट के बाद इतना बढ़ा पारा, जानें कैसा रहेगा आज का मौसम झारखंड को झेलनी होगी कोहरे और धुंध की मार, आज ही जान लें अगले 5 दिन कैसा रहेगा रांची का मौसम पुरवैया हवाओं ने बढ़ाई कनकनी, अगले 15 दिन कैसा रहेगा झारखंड का मौसम? Jharkhand Weather: झारखंड में सर्दी का सितम शुरू, ठंडी हवाओं से ठिठुरने लगी रांची, कई शहरों का तापमान गिरा The post आ गया मौसम विभाग का अलर्ट, रांची समेत 11 जिलों में शीतलहर की चेतावनी, आपके यहां कैसा रहेगा वेदर appeared first on Naya Vichar.

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इस्लामिक स्टेट आतंकी की जगह अपने ही जासूस दोस्त की कर दी हत्या, US फोर्स पर लगा गंभीर आरोप

US forces reportedly killed Syrian spy: अमेरिका और उसके खुफिया मिशन से एक बड़ी चूक सामने आई है. सीरिया में अमेरिकी सेना स्थानीय सीरियाई समूहों के साथ एक अभियान पर गई थी. इसमें वह इस्लामिक स्टेट (आईएस) के एक आतंकवादी को पकड़ने गई थी, लेकिन इसी दौरान उसने एक ऐसे व्यक्ति की हत्या कर दी, जो इन्हीं आतंकवादियों के लिए जानकारी जुटाने के लिए अंडरकवर काम कर रहा था. उसके परिवार वालों ने यह जानकारी साझा की है. हाल ही में सीरिया में अमेरिका समर्थित प्रशासन सत्ता में आई है. बशर अल असद की प्रशासन को उखाड़ फेंकने के बाद अहमद अल शरा के नेतृत्व वाली प्रशासन अमेरिका के साथ मिलकर आईएस के बचे हुए नेटवर्क को समाप्त करने में जुटी है. लेकिन इस हत्या के बाद उस क्षेत्र की नेतृत्वक और जटिल सुरक्षा व्यवस्था सामने आई है.  मारे गए अंडरकवर जासूस का नाम खालिद अल-मसूद बताया जा रहा है. उसके परिजनों के अनुसार वह कई वर्षों से आईएस पर जासूसी कर रहा था. पहले अल-शरा के नेतृत्व वाले विद्रोहियों के लिए और उससे पहले राष्ट्रपति बशर अल-असद के पतन के बाद बने अंतरिम प्रशासन के लिए. अल-शरा के विद्रोही मुख्य रूप से इस्लामवादी थे, इनमें से कुछ अल-कायदा से जुड़े थे, लेकिन वे आईएस के कट्टर दुश्मन भी थे और पिछले दशक में कई बार उससे भिड़ते रहे. अमेरिकी या सीरियाई प्रशासनी अधिकारियों ने अल-मसूद की मौत पर कोई टिप्पणी नहीं की है. इसे दोनों पक्षों द्वारा बेहतर होते संबंधों को नुकसान से बचाने की कोशिश माना जा रहा है. 19 अक्टूबर की छापेमारी के कुछ सप्ताह बाद अल-शरा वॉशिंगटन गए और घोषणा की कि सीरिया आईएस के खिलाफ वैश्विक गठबंधन में शामिल होगा. फिर भी, अल-मसूद की मौत आईएस के खिलाफ अभियान के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है.  खालिद अल-मसूद की तस्वीर. फोटो- एक्स. गलत खुफिया जानकारी का संदेह न्यूयॉर्क स्थित सुरक्षा थिंक टैंक ‘द सूफान सेंटर’ के वरिष्ठ शोधकर्ता वसीम नसर के मुताबिक, अल-मसूद दक्षिणी सीरिया के बाडिया रेगिस्तान में आईएस में घुसपैठ कर खुफिया जानकारी जुटा रहा था. वहां आज भी समूह के कुछ लोग सक्रिय हैं. उनके अनुसार, जिस छापे में अल-मसूद मारा गया वह गठबंधन और दमिश्क के बीच तालमेल की कमी का नतीजा था. यह स्पष्ट नहीं है कि 19 अक्टूबर की छापेमारी गलत खुफिया जानकारी के कारण विफल हुई या किसी ने जानबूझकर गलत सूचना देकर गठबंधन को गुमराह किया. नसर ने कहा कि अतीत में कई विरोधी गुटों ने अपने निजी हिसाब चुकाने के लिए गठबंधन का इस्तेमाल किया है. कैसे-कैसे घटा घटनाक्रम 30 नवंबर 2025 को अमेरिकी और सीरिया के गृह मंत्रालय के बलों ने दक्षिणी सीरिया में आईएस के 15 हथियार भंडारों का पता लगाकर उन्हें नष्ट किया था. दमिश्क के पूर्व में रेगिस्तान की सीमा पर स्थित एक कस्बा दमैर में छापा मारा गया था. रात करीब 3 बजे भारी वाहनों और विमानों की आवाज से लोग जाग उठे. स्थानीय निवासियों के अनुसार, अमेरिकी सैनिकों ने छापे को ‘सीरियन फ्री आर्मी’ (एसएफए) के साथ मिलकर अंजाम दिया. यह वही अमेरिकी-प्रशिक्षित विपक्षी गुट है जो कभी असद के खिलाफ लड़ा था और अब आधिकारिक तौर पर सीरियाई रक्षा मंत्रालय के अधीन है. अल-मसूद के चचेरे भाई अब्देल करीम मसूद ने कहा कि जब उन्होंने दरवाजा खोला, तो बाहर अमेरिकी झंडे लगी हम्वी गाड़ियाँ खड़ी थीं. उन्होंने कहा कि उनमें से एक पर बैठे व्यक्ति ने टूटी-फूटी अरबी में बोलते हुए हम पर मशीनगन तान दी और हरी लेजर लाइट दिखाई और अंदर जाने को कहा. अल-मसूद की माँ, सुबह अल-शेख अल-किलानी ने कहा कि बलों ने उसके बेटे के घर को चारों ओर से घेर लिया और दरवाजे पर जोर से दस्तक दी. अल-मसूद ने दरवाजा खोला और बताया कि वह गृह मंत्रालय के अधीन जनरल सिक्योरिटी का सदस्य है, लेकिन इसके बावजूद बलों ने दरवाजा तोड़ दिया और उसे गोली मार दी. फिर सैनिक घायल अल-मसूद को अपने साथ ले गए. बाद में प्रशासनी सुरक्षा अधिकारियों ने परिवार को बताया कि उसे रिहा कर दिया गया है लेकिन वह अस्पताल में है. परिवार को बाद में उसका शव लेने के लिए बुलाया गया. यह स्पष्ट नहीं था कि उसकी मौत कब हुई. उसके परिवार में पत्नी और पाँच बेटियां हैं.  उसकी माँ ने कहा वह कैसे मरा? हमें नहीं पता. उन्होंने कहा कि वे चाहती हैं कि जिन लोगों ने उसे उसके बच्चों से छीन लिया, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाए. यह स्पष्ट नहीं है कि 19 अक्टूबर की छापेमारी गलत खुफिया जानकारी के कारण विफल हुई या किसी ने जानबूझकर गलत सूचना देकर गठबंधन को गुमराह किया. नसर ने कहा कि अतीत में कई विरोधी गुटों ने अपने निजी हिसाब चुकाने के लिए गठबंधन का इस्तेमाल किया है. जिम्मेदारों का टिप्पणी से इनकार अल-मसूद के परिवार का मानना है कि उसे एसएफए के कुछ सदस्यों द्वारा दी गई गलत जानकारी के आधार पर निशाना बनाया गया. एसएफए के प्रतिनिधियों ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की. तीन सीरियाई अधिकारियों ने पुष्टि की कि अल-मसूद अंतरिम प्रशासन की सुरक्षा भूमिका में काम कर रहा था. उनमें से दो ने बताया कि वह आईएस से लड़ने के अभियानों में शामिल था. अमेरिका ने पहले भी की है गलत हत्या  सीरिया में मौजूद करीब 1,000 से कम अमेरिकी सैनिक मुख्यतः हवाई हमले और आईएस के सेल पर छापेमारी करते हैं. वे उत्तर-पूर्व में कुर्द नेतृत्व वाले ‘सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेस’ और दक्षिण में ‘सीरियन फ्री आर्मी’ के साथ मिलकर काम करते हैं. नई सीरियाई प्रशासन की सुरक्षा एजेंसियाँ भी अब अमेरिका की एक नई साझेदार हैं. लंदन-आधारित मॉनिटरिंग समूह ‘एयरवॉर्स’ ने 2020 से अब तक सीरिया में गठबंधन अभियानों के दौरान नागरिकों के नुकसान के 52 मामलों को दर्ज किया है. एयरवॉर्स ने अल-मसूद को भी नागरिक के रूप में वर्गीकृत किया. अमेरिका पहले भी ऐसी गलती करता रहा है. 2023 में उसने ड्रोन हमला कर अल-कायदा नेता को मारने का दावा किया था, लेकिन बाद में पता चला कि लक्ष्य एक साधारण किसान था. ये भी पढ़ें:- लीक हो गई यूरोपीय नेताओं की कॉल, अमेरिका की नीयत पर जताई गई खोट, अब क्या करेंगे ट्रंप? 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Putin India Visit: रूसी नागरिकों को मिलेगा 30 दिन का फ्री ई-टूरिस्ट वीजा, जानें पीएम मोदी-राष्ट्रपति पुतिन की बैठक की 5 बड़ी बातें

Putin India Visit: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन हिंदुस्तान दौरे पर आएं है. शुक्रवार को दोनों नेताओं ने कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए. राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि रूस हिंदुस्तान को ईंधन की निर्बाध आपूर्ति के लिए तैयार है. वहीं पीएम मोदी ने कहा कि हिंदुस्तान जल्द ही रूसी नागरिकों के लिए 30 दिन का फ्री ई-टूरिस्ट वीजा वीजा जारी करेगा. पीएम मोदी ने यह भी कहा कि हिंदुस्तान-रूस आर्थिक साझेदारी को नयी ऊंचाई पर ले जाना हमारी प्राथमिकता है. इससे पहले गुरुवार को हिंदुस्तान पहुंचे रूसी राष्ट्रपति का जोरदार स्वागत किया गया. खुद पीएम मोदी ने एयरपोर्ट जाकर राष्ट्रपति पुतिन को रिसीव किया. क्या होता है ई-टूरिस्ट वीजा? ई-टूरिस्ट वीजा ऑनलाइन वीजा है. इसके लिए ऑनलाइन आवेदन देना होता है. इसके जरिए किसी देश का निवासी बिना प्रशासनी दफ्तरों में चक्कर काटे किसी दूसरे देश का वीजा हासिल कर सकता है. आवेदन मंजूर होने पर ईमेल पर इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन मिलता है. इसके जरिए उस देश में घूमने की इजाजत मिल जाती है. हिंदुस्तान प्रशासन के इस फैसले से उम्मीद है कि रूसी पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा. पीएम मोदी- राष्ट्रपति पुतिन की बैठक की पांच बड़ी बातें प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच वार्ता के बाद हिंदुस्तान रूस ने बंदरगाह और पोत परिवहन क्षेत्र में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए. प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन से वार्ता के बाद कहा- हम हिंदुस्तान-रूस आर्थिक सहयोग कार्यक्रम को 2030 तक जारी रखने पर सहमत हुए हैं. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा- हम दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को सालाना 100 अरब अमेरिकी डॉलर के स्तर पर ले जाने की संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं. राष्ट्रपति पुतिन ने कहा हम छोटे मॉड्यूलर परमाणु रिएक्टर और फ्लोटिंग परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के निर्माण में सहयोग पर भी चर्चा कर रहे हैं. हिंदुस्तान अब रूस के साथ मिलकर यूरिया का उत्पादन करेगा. हिंदुस्तान रूस से बड़े पैमाने पर यूरिया खरीदता है. हिंदुस्तान में राष्ट्रपति पुतिन का जोरदार स्वागत रूस का राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का हिंदुस्तान में जोरदार स्वागत हुआ. गुरुवार को पुतिन के हिंदुस्तान आगमन पर खुद पीएम मोदी ने एयरपोर्ट पर गले लगाकर रूसी राष्ट्रपति का स्वागत किया. पुतिन चार साल बाद हिंदुस्तान की यात्रा कर रहे हैं. फरवरी 2022 में यूक्रेन युद्ध की शुरुआत के बाद उन्होंने हिंदुस्तान का दौरा किया था. हवाईअड्डे से दोनों नेता पीएम मोदी के प्रशासनी आवास तक एक ही कार में गए थे. पुतिन के स्वागत में एक रात्रि भोज का भी आयोजन किया गया था. Also Read: Putin India Visit: हम हमेशा रहे हैं शांति के पक्षधर, द्विपक्षीय बैठक के दौरान पीएम मोदी ने कहा The post Putin India Visit: रूसी नागरिकों को मिलेगा 30 दिन का फ्री ई-टूरिस्ट वीजा, जानें पीएम मोदी-राष्ट्रपति पुतिन की बैठक की 5 बड़ी बातें appeared first on Naya Vichar.

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Flipkart Buy Buy Sale: हजारों रुपये सस्ता हुआ Oppo का दमदार फोन, मिलता है 6000mAh की बैटरी और सॉलिड कैमरा

Flipkart Buy Buy Sale: अगर आप भी कई दिनों से एक बजट स्मार्टफोन लेने की प्लानिंग कर रहे हैं तो फ्लिपकार्ट पर चल रहे सेल आपके लिए एक बढ़िया मौका हो सकता है. दरअसल,  Oppo का बजट स्मार्टफोन K13x 5G काफी सस्ते दाम पर मिल रहा है. आप इस फोन को कई बैंक डिस्काउंट और ऑफर्स के साथ भी खरीद सकते हैं, जिससे आपको काफी बचत होगी. इसके फीचर्स भी शानदार हैं, जो आपको जरूर पसंद आएंगे. आइए आपको बताते हैं ऑफर की पूरी डिटेल्स. Oppo K13x 5G Flipkart Offer फोन का 6GB RAM और 128GB वर्जन ₹16,999 में लिस्ट है. Flipkart सेल में आपको इस पर 17% की छूट मिल रही है. इस डिस्काउंट के बाद इसका असली MRP सिर्फ ₹13,999 रह जाता है. लेकिन अगर चाहें तो आप इसे और भी कम दाम में खरीद सकते हैं. Oppo K13x 5G Bank Offers  अगर ऑफर्स की बात करें, तो ये हैंडसेट Axis, ICICI, SBI और HDFC बैंक कार्ड्स पर ₹1,250 की छूट के साथ उपलब्ध है. इसके अलावा, पुराने फोन के एक्सचेंज पर आपको ₹12,910 का बोनस भी मिल सकता है, लेकिन इसके लिए आपके फोन की कंडीशन सही रेहनी चाहिए. आप इसे ऑनलाइन EMI ऑप्शन में भी ऑर्डर कर सकते हैं, जिसकी किश्त ₹4,667 है. Oppo k13x 5g price details on flipkart Oppo K13x 5G के फीचर्स Oppo के इस फोन में 6.67 इंच का फ्लैट AMOLED डिस्प्ले मिलता है, जिसमें 120Hz का रिफ्रेश दिया गया है. इसकी पिक ब्राइटनेस 1000 निट्स तक है. मल्टीटास्किंग और फास्ट परफॉरमेंस के लिए इसमें Dimensity 6300 प्रोसेसर लगा है, जो बहुत स्मूथ चलता है. फोटो और वीडियो क्वालिटी की बात करें तो इसमें डुअल कैमरा सेटअप मिलता है. मेंन कैमरा 50MP का है, जबकि सेल्फी के लिए इसमें 8MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है. बैटरी की बात करें तो इसमें बड़ी 6000mAh की बैटरी लगी है, साथ में 45W SuperVOOC फास्ट चार्जिंग भी है. सेफ्टी के लिए इसमें अंडर-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर है. यह IP65 रेटेड है और WiFi, Bluetooth, 5G सपोर्ट और स्टेरियो साउंड जैसे फीचर्स के साथ आता है. नया विचार पॉडकास्ट में रवि शास्त्री 7 दिसंबर को यह भी पढ़ें: 28,000 रुपये सस्ता हुआ Samsung Galaxy S24 FE, साल के आखिरी सेल में Flipkart दे रहा जबरदस्त ऑफर The post Flipkart Buy Buy Sale: हजारों रुपये सस्ता हुआ Oppo का दमदार फोन, मिलता है 6000mAh की बैटरी और सॉलिड कैमरा appeared first on Naya Vichar.

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Gupta Empire Golden Age Of India : क्या आप जानते हैं, वह स्तंभ कहां है, जिसने भारत के कई रहस्य को समेटे रखा?

Table of Contents कहां हैं गुप्तकालीन शिलालेख? गुप्तकालीन शिलालेख में क्या बताया गया है? हिंदुस्तानीय इतिहास का स्वर्ण युग किसे कहते हैं? गुप्तवंश की स्थापना किसने की थी? गुप्त साम्राज्य के किस राजा को हिंदुस्तान का नेपोलियन कहा जाता है? Gupta Empire Golden Age Of India : गुप्त काल को हिंदुस्तानीय इतिहास का स्वर्ण युग कहा जाता है. यह काल था चौथी शताब्दी से छठी शताब्दी के बीच का जो लगभग 320 से 550 ईस्वी तक माना जाता है. इस दौर में हिंदुस्तानीय सभ्यता ऊंचाई पर थी. नेतृत्व, कला, संस्कृति, विज्ञान, गणित और स्थापत्य के क्षेत्र में  हिंदुस्तानीय सभ्यता को यूरोप भी टक्कर नहीं दे पा रहा है. इस काल ने हमें आर्यभट्ट का शून्य और कालिदास का अभिज्ञान शकुंतलम्‌ भी दिया है. गुप्त काल हिंदुस्तानीय इतिहास के लिए इसलिए भी बहुत खास है क्योंकि इसने हमें कई ऐसे सबूत दिए जिनके आधार पर हिंदुस्तानीय इतिहास को और भी बेहतर ढंग से समझा जा सके. गुप्त काल का एक ऐसा ही शिलालेख आज भी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिसे पहले इलाहाबाद कहा जाता था, वहां मौजूद है. यह शिलालेख गुप्तकाल के महान शासक समुद्रगुप्त के समय का है, जिसमें उस वक्त की नेतृत्व, हिंदुस्तान की सामाजिक व्यवस्था, कला–साहित्य आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है. कहां हैं गुप्तकालीन शिलालेख? गुप्त कालीन कई शिलालेख बंगाल से काठियावाड़ तक कई इलाकों में मिले हैं. इनकी मदद से गुप्तों के इतिहास की क्रोनोलॉजी को समझना संभव हो पाया. साथ ही हमें उस वक्त की जानकारी भी मिली. गुप्तकालीन शिलालेखों में इलाहाबाद में मौजूद अशोक स्तंभ सबसे प्रमुख सबूत है, जिसपर उस वक्त की तमाम बातें बहुत ही स्पष्टता के साथ लिखी हैं. इस स्तंभ को मौर्य वंश के महान शासक सम्राट अशोक ने स्थापित किया था. इस स्तंभ पर उनके शिलालेख भी मौजूद हैं, बाद में समुद्रगुप्त ने भी इस स्तंभ पर शिलालेख करवाया. विभिन्न विषयों पर एक्सप्लेनर और विशेष आलेख पढ़ने के लिए क्लिक करें गुप्तकालीन शिलालेख में क्या बताया गया है? Gupta empire golden age of india : क्या आप जानते हैं, वह स्तंभ कहां है, जिसने हिंदुस्तान के कई रहस्य को समेटे रखा? 6 अशोक स्तंभ पर ऊपर की ओर सम्राट अशोक के शासनकाल की बातें लिखी हुई हैं. उसके बाद इस स्तंभ पर गुप्तकालीन शिलालेख है. जिसमें समुद्रगुप्त के विजय अभियानों, उस वक्त की नेतृत्व और समाज के बारे में विस्तार से बताया गया है. यह स्तंभ यह बताता है कि गुप्तवंश की स्थापना श्रीगुप्त ने की थी.  हालांकि उसका विस्तार चंद्रगुप्त प्रथम के समय हुआ. चंद्रगुप्त प्रथम समुद्रगुप्त के पिता थे और उन्होंने खुद गद्दी त्यागकर समुद्रगुप्त को सत्ता सौंपी थी. इस शिलालेख में समुद्रगुप्त का स्तुतिगान किया गया है. इसे उनके दरबार में काम करने वाले  हरिषेण ने लिखा है . गुप्त कालीन शिलालेख का महत्व इसलिए बहुत ज्यादा है, क्योंकि यह हमें हिंदुस्तानीय इतिहास को समझने में मदद करता है.   हिंदुस्तानीय इतिहास का स्वर्ण युग किसे कहते हैं? गुप्तकाल को हिंदुस्तानीय इतिहास का स्वर्ण युग कहा जाता है. गुप्तवंश की स्थापना किसने की थी? श्रीगुप्त ने गुप्तवंश की स्थापना की थी. गुप्त साम्राज्य के किस राजा को हिंदुस्तान का नेपोलियन कहा जाता है? समुद्रगुप्त को हिंदुस्तान का नेपोलियन कहा जाता है. ये भी पढ़ें : Mughal Harem Stories : जब अकबर के सीने पर इस हिंदू रानी ने खंजर रखकर बचाई थी लाज कहां है मुगलों की शान तख्त ए ताऊस, जिसको बनाने में लगा था 1150 किलो सोना, कोहिनूर और दरिया ए नूर हीरा The post Gupta Empire Golden Age Of India : क्या आप जानते हैं, वह स्तंभ कहां है, जिसने हिंदुस्तान के कई रहस्य को समेटे रखा? appeared first on Naya Vichar.

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Bihar: जिला बनने के 34 साल बाद भी किराये के मकान में रहते हैं DM-SP, SDM का भी नहीं है अपना आवास

Bihar: कैमूर जिला गठन के 34 वर्ष बीत जाने के बाद भी जिले के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों के पास अबतक अपना स्थायी आवास नहीं है. यह स्थिति उस जिले की है जिसके समाहरणालय परिसर की सुंदरता और व्यवस्थित प्रशासनिक ढांचे की पूरे बिहार में चर्चा होती है. लेकिन, विडंबना यह है कि इस समाहरणालय के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक अब भी किराये पर अतिथि गृहों में रहने को विवश हैं. वर्तमान में जिलाधिकारी सिंचाई विभाग के सर्किट हाउस में रहते हैं, जबकि पुलिस अधीक्षक का आवास जिला परिषद के सर्किट हाउस में बना हुआ है.  SDM जर्जर भवन में रहने को विवश दोनों आवास न तो आधुनिक मानकों के अनुरूप हैं और न ही प्रशासनिक सुविधा के लिहाज से उपयुक्त माने जाते हैं. दूसरी ओर, जिले के विकास कार्यों में पिछले कुछ वर्षों में तेजी से सुधार हुआ है और कैमूर अब राज्य के विकसित जिलों में अपना स्थान बना रहा है. इसके बावजूद जिले के सर्वोच्च अधिकारियों के लिए स्थायी आवास की व्यवस्था न होना प्रशासनिक दृष्टि से बड़ी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है. केवल डीएम व एसपी ही नहीं, बल्कि भभुआ अनुमंडल पदाधिकारी भी जर्जर और पुराने भवन में रहने को विवश हैं. यह भवन वर्षों पुराना है और मरम्मत के अभाव में इसकी स्थिति लगातार खराब होती जा रही है. इसी प्रकार पुराने समय में बनाये गये सर्किट हाउस और प्रशासनी भवनों में अपर समाहर्ता सहित अन्य कई पदाधिकारी रहने की व्यवस्था करते हैं. इन भवनों की संरचना भी वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुसार नहीं है, जिससे अधिकारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. सुविधाजनक आवास नहीं होने से काम होता है प्रभावित स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस जिले में योजनाएं तेजी से धरातल पर उतर रही हैं. सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक ढांचे में निरंतर सुधार दिख रहा है, वहां उच्च अधिकारियों के रहने की समुचित व्यवस्था न होना गंभीर चिंता का विषय है. अधिकारी भी अनौपचारिक रूप से स्वीकार करते हैं कि सुरक्षित और सुविधाजनक आवास की कमी प्रशासनिक कार्यों को प्रभावित करती है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें कई बार आवासीय परिसर निर्माण के लिए रखा गया प्रस्ताव गौरतलब है कि प्रशासनी स्तर पर कई बार नये आवासीय परिसरों के निर्माण का प्रस्ताव रखा गया. लेकिन, न तो बजटीय स्वीकृति मिल पायी न ही प्रक्रिया संबंधी बाधाओं के कारण प्रोजेक्ट आगे बढ़ सका. अब जिले के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन और प्रशासन इस दिशा में पहल करेगी, ताकि कैमूर जिले के अधिकारी भी अन्य जिलों की तरह आधुनिक और सुरक्षित प्रशासनी आवास का लाभ उठा सकें. इसे भी पढ़ें: नीतीश को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स से आया बधाई लेटर, लिखा- आप देश के पहले व्यक्ति जिन्होंने 10वीं बार सीएम पद की शपथ ली The post Bihar: जिला बनने के 34 साल बाद भी किराये के मकान में रहते हैं DM-SP, SDM का भी नहीं है अपना आवास appeared first on Naya Vichar.

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