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March 1, 2026

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टी20 वर्ल्ड कप: भारत ने टॉस जीता, वेस्टइंडीज की पहले बल्लेबाजी, देखें Playing XI

India vs West Indies: हिंदुस्तानीय टीम ने वेस्टइंडीज के खिलाफ अहम मुकाबले में कोई भी बदलाव नहीं किया है. जबकि वेस्टइंडीज की टीम में एक बदलाव किया गया है. ब्रैंडन किंग की जगह अकेल हुसैन को टीम में शामिल किया गया है. हिंदुस्तान (प्लेइंग इलेवन) संजू सैमसन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, इशान किशन, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), हार्दिक पंड्या, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रित बुमरा. वेस्टइंडीज (प्लेइंग इलेवन) शाई होप (विकेटकीपर/कप्तान), रोस्टन चेज़, शिम्रोन हेटमायर, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, रोमारियो शेफर्ड, जेसन होल्डर, मैथ्यू फोर्डे, अकील होसेन, गुडाकेश मोती, शमर जोसेफ. हिंदुस्तानीय टीम का ईडन गार्डन्स में वेस्टइंडीज के खिलाफ शानदार रिकॉर्ड हिंदुस्तानीय टीम का ईडन गार्डन्स में वेस्टइंडीज के खिलाफ शानदार रिकॉर्ड रहा है. अब तक इस मैदान में हिंदुस्तान और वेस्टइंडीज के बीच चार बार टी20 में भिड़ंत हो चुकी है, जिसमें सभी मुकाबलों में हिंदुस्तान को जीत मिली है. जबकि वेस्टइंडीज का भी रिकॉर्ड इस ग्राउंड में अन्य टीमों के खिलाफ अच्छा रहा है. हिंदुस्तान और वेस्टइंडीज के लिए आज का मुकाबला करो या मरो वाला हिंदुस्तान और वेस्टइंडीज दोनों टीमों के लिए आज का मुकाबला करो या मरो वाला है. यहां से जीत दर्ज करने वाली टीम सीधे सेमीफाइनल में जाएगी. प्वाइंट्स टेबल में अच्छे नेट रन रेट के साथ वेस्टइंडीज की टीम हिंदुस्तान से एक पायदान ऊपर है. जबकि सुपर 8 के ग्रुप एक से दक्षिण अफ्रीका की टीम सेमीफाइनल के लिए पहले ही क्वालीफाई कर लिया है. ग्रुप दो से इंग्लैंड और न्यूजीलैंड की टीम सेमीफाइनल में पहुंची हैं. The post टी20 वर्ल्ड कप: हिंदुस्तान ने टॉस जीता, वेस्टइंडीज की पहले बल्लेबाजी, देखें Playing XI appeared first on Naya Vichar.

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पटना में रहने-खाने की टेंशन खत्म, चिराग के विधायक ने सरकारी आवास को बनाया जनता पैलेस

Bihar News: बिहार के ओबरा विधानसभा से विधायक डॉ. प्रकाश चंद्र ने पटना स्थित अपना नया प्रशासनी आवास जनता को समर्पित कर दिया है. लोक जनशक्ति पार्टी (रा) के विधायक प्रकाश चंद्र ने घोषणा की है कि उनका प्रशासनी बंगला अब ओबरा क्षेत्र के लोगों के लिए खुला रहेगा. इसका उद्घाटन 2 मार्च को किया जाएगा. जरूरतमंद लोगों को होगा फायदा प्रकाश चंद्र ने बताया कि चुनाव के दौरान उन्होंने वादा किया था कि ओबरा के जो लोग परीक्षा, इलाज या किसी जरूरी काम से पटना आते हैं और रहने की व्यवस्था नहीं होती. उनके लिए ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. उसी वादे को पूरा करते हुए उन्होंने अपना प्रशासनी आवास जनता को दे दिया है. यहां जरूरतमंद लोगों के लिए रहने और खाने की सुविधा मुफ्त रहेगी. उनके इस फैसले की नेतृत्वक गलियारों में काफी चर्चा हो रही है. आम तौर पर विधायक अपने प्रशासनी आवास का निजी उपयोग करते हैं, लेकिन डॉ. प्रकाश चंद्र ने इसे जनसुविधा केंद्र की तरह इस्तेमाल करने का फैसला लिया है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें प्रकाश चंद्र के बारे में जानिए डॉ. प्रकाश चंद्र ने 2004 में तरारी क्षेत्र से पंचायत समिति सदस्य के रूप में नेतृत्व में कदम रखा था. उस समय प्रमुख बनने का मौका होने के बावजूद उन्होंने पद लेने से इनकार कर दिया था. इसके बाद वे लंबे समय तक समाज सेवा में एक्टिव रहे. 2020 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद भी उन्होंने क्षेत्र में काम जारी रखा. 2025 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने ओबरा सीट से जीत दर्ज की. उन्होंने आरजेडी प्रत्याशी ऋषि कुमार को कड़े मुकाबले में हराया. प्रकाश चंद्र को 91638 वोट मिले. ऋषि को 79625 मत मिले. अब अपने प्रशासनी आवास को जनता के नाम कर उन्होंने एक नई पहल की है. इसे भी पढ़ें: ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच टेंशन में बिहार के कई परिवार, संजय झा ने विदेश मंत्रालय को सौंपा फीडबैक वाराणसी-कोलकाता 6-लेन हाईवे को मिली रफ्तार, गया में पत्थर कटाई के लिए लगेंगे 3 बड़े क्रशर The post पटना में रहने-खाने की टेंशन खत्म, चिराग के विधायक ने प्रशासनी आवास को बनाया जनता पैलेस appeared first on Naya Vichar.

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ईरान और अमेरिका-इजराइल में भीषण जंग, 350 फ्लाइट्स कैंसिल

Iran US Israel War: सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने बताया- मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल डेवलपमेंट की वजह से एयरस्पेस पर लगी रोक को देखते हुए, 01.03.2026 को इंडियन डोमेस्टिक कैरियर्स की कुल 350 फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गई हैं. पैसेंजर्स को सलाह दी जाती है कि वे अपनी फ्लाइट का स्टेटस संबंधित एयरलाइंस से चेक करें और किसी भी जरूरी मदद के लिए उनके साथ लगातार संपर्क में रहें. सिविल एविएशन मिनिस्ट्री, स्थिति पर लगातार नजर रखने और पैसेंजर्स को जरूरी मदद देने के लिए एयरलाइंस, एयरपोर्ट ऑपरेटर्स और दूसरे स्टेकहोल्डर्स के साथ लगातार संपर्क में है. दिल्ली में 100 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द दिल्ली हवाई अड्डे पर रविवार को कम से कम 100 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गईं. दिल्ली से उड़ान भरने वाली 60 और लैंड करने वाली करीब 40 विमाने को रद्द कर दिया गया है. दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, पश्चिम एशिया में बदलती नेतृत्वक स्थिति के कारण पश्चिम की ओर जाने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में व्यवधान या समय-सारिणी में परिवर्तन हो सकता है. डायल राष्ट्रीय राजधानी में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (आईजीआईए) का संचालन करती है. यह देश का सबसे बड़ा हवाई अड्डा भी है, जहां प्रतिदिन 1,300 से अधिक उड़ानें संचालित होती हैं. एयर इंडिया ने 50 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कीं पश्चिम एशिया में ताजा घटनाक्रम के मद्देनजर एयर इंडिया ने रविवार के लिए 22 और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दीं. इस घटना के कारण अब तक विदेश के लिए 50 से अधिक उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं. मुंबई-लंदन, दिल्ली-बर्मिंघम, दिल्ली-एम्स्टर्डम, दिल्ली-ज्यूरिख, दिल्ली-मिलान, दिल्ली-वियना और बेंगलुरु-लंदन (हीथ्रो) उड़ानों को आज के लिए रद्द कर दिया गया है. एयर इंडिया ने एक्स पर बताया कौन-कौन उड़ानें रद्द हुईं एयरलाइन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि रद्द की गई अन्य उड़ानों में दिल्ली-कोपेनहेगन, दिल्ली-लंदन (हीथ्रो) तथा दिल्ली-फ्रैंकफर्ट सेवाएं शामिल हैं. एयर इंडिया ने रविवार के लिए विभिन्न मार्गों पर चलने वाली 28 विदेशी उड़ानों को रद्द करने की शनिवार को घोषणा की थी. ये भी पढ़ें: क्या ईरान को नेस्तनाबूद करने के लिए सऊदी अरब और यूएई ने अमेरिका और इजरायल को उकसाया? ईरान-इजरायल युद्ध का हिंदुस्तान पर क्या होगा असर? जानें कारोबार पर कितनी आएगी आंच ईरानी सुप्रीम लीडर के परिवार में अब कौन-कौन बचा? हमले में खामेनेई समेत मारे गए कई परिवार वाले The post ईरान और अमेरिका-इजराइल में भीषण जंग, 350 फ्लाइट्स कैंसिल appeared first on Naya Vichar.

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कौन हैं अयातुल्ला अलीरेजा अराफी, जिन्हें बनाया गया है ईरान का कार्यवाहक सुप्रीम लीडर

Ayatollah Arafi : 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनके उत्तराधिकारी और कार्यवाहक सुप्रीम लीडर के रूप में अयातुल्ला अलीरेजा अराफी को ईरान की बागडोर सौंपी गई है. अयातुल्ला अराफी एक मौलवी हैं और उनकी उम्र 67 वर्ष है. कौन हैं अयातुल्ला अलीरेजा अराफी? अयातुल्ला अलीरेजा अराफी पेशे से एक अनुभवी मौलवी हैं. उनके बारे में यह कहा जा रहा है कि वे अयातुल्ला खामेनेई के काफी करीबी थे. ईरानी स्टूडेंट्स न्यूज एजेंसी (ISNA) की ओर से यह जानकारी सामने आयी है कि अयातुल्ला अराफी को लीडरशिप काउंसिल का ज्यूरिस्ट सदस्य नियुक्त किया गया है. तीन सदस्यों वाली लीडरशिप काउंसिल में राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और चीफ जस्टिस घोलमहुसैन मोहसेनी एजेई भी शामिल हैं. अराफी अभी असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के डिप्टी चेयरमैन के तौर पर काम कर रहे हैं, जो सुप्रीम लीडर को नियुक्त करती है. उनकी उम्र 67 साल है. विभिन्न विषयों पर एक्सप्लेनर और विशेष आलेख पढ़ने के लिए क्लिक करें ईरान में सुप्रीम लीडर का पद खाली हो जाये , तो क्या है व्यवस्था? ईरान के संविधान के अनुसार अगर वहां के सुप्रीम लीडर का पद खाली हो जाए तो एक अस्थायी लीडरशिप काउंसिल बनाई जाती है, जिसमें राष्ट्रपति, न्यायपालिका प्रमुख और गार्जियन काउंसिल का एक ज्यूरिस्ट सदस्य शामिल हो सकता है. अराफी की नियुक्ति इसी ज्यूरिस्ट सदस्य के तौर पर हुई है जो यह सुनिश्चित करेगा कि देश के फैसले इस्लामी कानून और संविधान के अनुरूप हों. ईरान का सुप्रीम लीडर देश की मिलिट्री का कमांडर-इन-चीफ होता है, इसके अलावा ताकतवर रिवोल्यूशनरी गार्ड भी उनके असर वाले सर्कल का हिस्सा होता है. ये भी पढ़ें : क्या ईरान को नेस्तनाबूद करने के लिए सऊदी अरब और यूएई ने अमेरिका और इजरायल को उकसाया? एसआईआर के बाद बंगाल में जारी होना शुरू हुआ वोटरलिस्ट, किन लोगों को नहीं मिलेगा वोट देने का मौका? टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में कौन-कौन सी 4 टीम स्पोर्ट्सेगी मुकाबला, जानिए समीकरण  क्या थी दिल्ली प्रशासन की शराब नीति, जिसने अरविंद केजरीवाल को पहुंचाया था जेल, अब हुए बरी The post कौन हैं अयातुल्ला अलीरेजा अराफी, जिन्हें बनाया गया है ईरान का कार्यवाहक सुप्रीम लीडर appeared first on Naya Vichar.

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हमले तेज किए तो अमेरिका देगा ऐसा जवाब कि… डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को चेतावनी

Donald Trump Warning to Iran: ईरान पर इजराइल और अमेरिका का हमला जारी है. ईरान भी पलटवार कर रहा है. कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर उसने तेज हमले किए हैं. ईरान ने रविवार को भी इजराइल और खाड़ी अरब देशों को निशाना बनाकर मिसाइलें दागीं. इजराइल और अमेरिका के हमले में अपने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने दोनों देशों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई का संकल्प दोहराया है. वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान हमले तेज नहीं करे, वरना अमेरिका ‘ऐसी ताकत के साथ जवाब देगा जो पहले कभी नहीं देखा गया होगा.’ खाड़ी देशों में तनाव का माहौल इससे पहले ईरान ने शनिवार को दावा किया कि तेहरान स्थित खामेनेई के कार्यालय पर हुए इजराइल-अमेरिका के हवाई हमले में खामेनेई की मौत हो गई. इस घटना के बाद इस्लामी गणराज्य के भविष्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ने की आशंका गहरा गई है. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा ईरान के लोगों के लिए अपने देश की बागडोर अपने हाथ में लेने का यह सबसे बड़ा अवसर है.वहीं, ईरान के मंत्रिमंडल ने संकल्प जताया कि इस अपराध का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा. अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने भी इजराइली और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए अब तक का अपना सबसे तीव्र आक्रामक अभियान शुरू करने की धमकी दी. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा “आपने सीमाएं पार कर दी हैं और आपको इसकी कीमत चुकानी होगी. हम ऐसा करारा जवाब देंगे कि आप खुद रहम की भीख मांगने पर मजबूर हो जाएंगे.” चरम पर ईरान-अमेरिका तनाव हाल के हफ्तों में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने पश्चिम एशिया में अमेरिकी युद्धपोतों और विमानों का सबसे बड़ा बेड़ा तैनात किया है. ईरान ने कहा था कि उसे युद्ध टलने की उम्मीद है लेकिन उसने यूरेनियम संवर्धन के अपने अधिकार को बरकरार रखा. इसने कहा कि उसने जून के बाद से परमाणु संवर्धन नहीं किया है, लेकिन उसने अंतरराष्ट्रीय निरीक्षकों को उन स्थलों का दौरा करने से रोक दिया जिन पर अमेरिका ने बमबारी की थी. इजराइल ने कहा कि इस अभियान की योजना अमेरिका के साथ मिलकर महीनों पहले बनाई गई थी. इजराइली सेना के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जमीर ने एक बयान में कहा कि वायुसेना के पायलटों ने ‘पूरे ईरान में सैकड़ों ठिकानों’ पर हमला किया. तेहरान में हुआ बड़ा धमाका, आसमान में उठा धुंए का गुबार इजराइली सेना ने कहा कि वह ईरान के शहर में हमला जारी रख रही है. इसी कड़ी में ईरान की राजधानी तेहरान में रविवार को एक बड़ा धमाका हुआ. इस विस्फोट से आसमान में धुएं का विशाल गुबार उठते हुए देखा गया. यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो पाया कि किस संस्थान को निशाना बनाया गया था. ऐसी रिपोर्ट आ रही है कि विस्फोट उस इलाके में हुआ, जहां देश का पुलिस मुख्यालय और ईरानी प्रशासनी टेलीविजन स्थित है. इजराइली सेना ने बताया कि वह मध्य तेहरान में ठिकानों को निशाना बनाकर हमला कर रही है. सेना ने कहा कि युद्ध के पहले दिन तेहरान तक जाने का रास्ता साफ किया और दूसरे दिन वह मध्य तेहरान पर हमला कर रही है. (भाषा इनपुट) इसे भी पढ़ें- ईरान-इजरायल युद्ध का हिंदुस्तान पर क्या होगा असर? जानें कारोबार पर कितनी आएगी आंच The post हमले तेज किए तो अमेरिका देगा ऐसा जवाब कि… डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को चेतावनी appeared first on Naya Vichar.

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ईरान-इजरायल युद्ध का भारत पर क्या होगा असर? जानें कारोबार पर कितनी आएगी आंच

Iran-Israel War: मध्य पूर्व (Middle East) में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है. अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के संकेतों ने इस आग में घी डालने का काम किया है. हिंदुस्तान के लिए यह स्थिति कूटनीतिक और आर्थिक, दोनों मोर्चों पर काफी अहम है. आइए समझते हैं कि इस युद्ध का हिंदुस्तान के व्यापार और आम आदमी पर क्या असर पड़ सकता है. ईरान संकट से हिंदुस्तान को कितना खतरा? हिंदुस्तान और ईरान के बीच व्यापारिक रिश्ते पिछले कुछ सालों में काफी बदल गए हैं. पहले हिंदुस्तान ईरान से भारी मात्रा में कच्चा तेल खरीदता था, लेकिन अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण अब यह बहुत कम हो गया है. पिछले वित्त वर्ष में दोनों देशों के बीच व्यापार सिमटकर महज 168 करोड़ डॉलर के आसपास रह गया है, जो हिंदुस्तान के कुल वैश्विक व्यापार का एक छोटा सा हिस्सा (0.01%) है. हिंदुस्तान ईरान को मुख्य रूप से बासमती चावल, चाय, चीनी और दवाइयां जैसी चीजें भेजता है, जबकि वहां से सेब, पिस्ता और खजूर मंगवाए जाते हैं. चूंकि यह कारोबार बहुत बड़ा नहीं है, इसलिए ईरान के साथ व्यापार रुकने से हिंदुस्तानीय वित्तीय स्थिति पर कोई बड़ा सीधा संकट आने के आसार कम हैं. इजरायल के साथ बढ़ता रक्षा और तकनीक का कारोबार ईरान के मुकाबले इजरायल के साथ हिंदुस्तान के व्यापारिक समीकरण थोड़े अलग और ज्यादा संवेदनशील हैं. पिछले एक दशक में हिंदुस्तान और इजरायल के बीच डिफेंस (रक्षा) और हाई-टेक उपकरणों का लेनदेन काफी बढ़ा है. हिंदुस्तान इजरायल से बड़ी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और विमानों के पुर्जे आयात करता है. आंकड़ों के मुताबिक, इजरायल से हथियारों की खरीदारी में कई गुना की बढ़ोतरी हुई है. अगर यह जंग लंबी खिंचती है, तो हिंदुस्तान को मिलने वाली डिफेंस सप्लाई और तकनीकी सहयोग पर असर पड़ सकता है, जो हिंदुस्तान की सुरक्षा रणनीतियों के लिहाज से चिंता का विषय हो सकता है. हवाई मार्ग बंद होने से एक्सपोटर्स की बढ़ी चिंता जंग के कारण कई अहम हवाई रास्तों को बंद या डायवर्ट कर दिया गया है. इसका सीधा असर एयर कार्गो (Air Cargo) पर पड़ रहा है. ताजी सब्जियां और फल एयर कार्गो के जरिए भेजे जाते हैं ताकि वे जल्दी खराब न हों. फ्लाइट्स कैंसिल होने या रास्ता लंबा होने से ये उत्पाद समय पर नहीं पहुंच पाएंगे. डिलीवरी में देरी का मतलब है माल का सड़ना और बीमा लागत का बढ़ना. इससे हिंदुस्तानीय निर्यातकों को करोड़ों का घाटा हो सकता है, जिसका सीधा असर देश के किसानों की आय पर पड़ेगा. आम आदमी पर क्या होगा इसका असर? भले ही सीधा व्यापार कम हो, लेकिन इस युद्ध का सबसे बड़ा असर सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स पर पड़ेगा. हिंदुस्तान अपनी जरूरत का लगभग आधा कच्चा तेल होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के रास्ते से मंगवाता है. अगर युद्ध के कारण यह समुद्री रास्ता बंद होता है, तो कच्चे तेल की सप्लाई बाधित होगी जिससे हिंदुस्तान में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ सकते हैं. इसके अलावा, लाल सागर (Red Sea) के रास्ते में तनाव बढ़ने से जहाजों का किराया और बीमा महंगा हो जाएगा. इसका सीधा मतलब यह है कि विदेशों से आने वाली हर चीज महंगी हो सकती है और हिंदुस्तान से बाहर सामान भेजना भी महंगा पड़ेगा. Also Read: अमेरिका से दोस्ती का रूस पर क्या होगा असर? रक्षा सचिव का आया बयान The post ईरान-इजरायल युद्ध का हिंदुस्तान पर क्या होगा असर? जानें कारोबार पर कितनी आएगी आंच appeared first on Naya Vichar.

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आपके मूलांक के लिए कैसी रहेगी यह होली? जानें अंकशास्त्र के अनुसार शुभ रंग और उपाय

Holi Numerology 2026: क्या इस होली आपकी किस्मत का रंग गाढ़ा होने वाला है? अंकशास्त्र की मानें तो आपकी Birth Date में छिपे नंबर यह बता सकते हैं कि साल 2026 की होली आपके लिए क्या खास लेकर आई है. हर नंबर की अपनी एक पावर होती है, और अगर आप अपने लकी नंबर के हिसाब से सही रंग चुनते हैं, तो यह होली सिर्फ मस्ती ही नहीं, बल्कि आपके लिए तरक्की के दरवाजे भी खोल सकती है. तो चलिए, जानते हैं कि आपके मूलांक के लिए कौन सा रंग सुपर लकी साबित होगा और कौन सा एक छोटा सा उपाय आपकी लाइफ बदल देगा. कैसे जानें अपना मूलांक ? अपना मूलांक जानना बहुत आसान है. यदि आपकी जन्म तारीख 1 से 9 के बीच है, तो वही आपका मूलांक है. यदि तारीख दो अंकों में है, तो उन्हें आपस में जोड़ लें. उदाहरण: यदि आपका जन्म 25 तारीख को हुआ है, तो 2+5 = 7. आपका मूलांक 7 होगा. Holi Numerology 2026: मूलांक के अनुसार आपका भविष्य और शुभ रंग मूलांक 1 (तारीख 1, 10, 19, 28): इस होली आपके मान-सम्मान में जबरदस्त बढ़ोतरी होगी. आपके लिए सुनहरा या पीला रंग सबसे शुभ है. घर से निकलने से पहले सूर्य देव को जल अर्पित करें और पीले गुलाल से तिलक लगाएं. मूलांक 2 (तारीख 2, 11, 20, 29): आपको मानसिक शांति मिलेगी और रुके हुए काम पूरे होंगे. आपके लिए सफेद या हल्का नीला रंग लकी है. चांदी के बर्तन से थोड़ा सा जल शिवजी को चढ़ाएं. मूलांक 3 (तारीख 3, 12, 21, 30): करियर में बड़ी सफलता के योग बन रहे हैं. गहरा पीला या केसरिया रंग आपके लिए भाग्यशाली रहेगा. अपने गुरु या बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लेकर ही होली स्पोर्ट्सना शुरू करें. मूलांक 4 (तारीख 4, 13, 22, 31): आपको अचानक धन लाभ हो सकता है, लेकिन वाणी पर कंट्रोल रखें. आपके लिए नीला या भूरा रंग शुभ है. होलिका दहन की राख का तिलक लगाएं. मूलांक 5 (तारीख 5, 14, 23): व्यापार और नौकरी में नई ऊंचाइयां छुएंगे. आपका लकी कलर हरा (Green) है. गणेश जी को हरा गुलाल चढ़ाएं और पक्षियों को दाना डालें. मूलांक 6 (तारीख 6, 15, 24): प्यार और रिश्तों में मिठास बढ़ेगी. आपके लिए गुलाबी या सफेद रंग सबसे बेस्ट है. होली के दिन खुशबूदार इत्र (Perfume) का इस्तेमाल जरूर करें. मूलांक 7 (तारीख 7, 16, 25): इस होली आपको मन की शांति मिलेगी और आप काफी अच्छा महसूस करेंगे. आपके लिए हल्का पीला या सफेद रंग सबसे शुभ है. अपनी किस्मत चमकाने के लिए किसी गरीब शिशु को सफेद मिठाई जरूर खिलाएं, यह आपके लिए बहुत अच्छा रहेगा. मूलांक 8 (तारीख 8, 17, 26): पुरानी मेहनत का फल मिलने वाला है. आपके लिए नीला या बैंगनी रंग बहुत लकी रहेगा. शनि देव के नाम का एक सरसों के तेल का दीपक जलाएं. मूलांक 9 (तारीख 9, 18, 27): आपके अंदर गजब का जोश और साहस रहेगा. आपके लिए लाल (Red) रंग सबसे उत्तम है. हनुमान जी को लाल सिंदूर चढ़ाएं और फिर होली स्पोर्ट्सें. ये भी पढ़ें: Numerology: अगर आपका मूलांक 8 है तो भूलकर भी न करें ये गलतियां वरना बढ़ सकती हैं मुश्किलें ये भी पढ़ें: Birth Date Numerology: अपनी जन्मतिथि से जानें अपना भविष्य, जानें किस मूलांक के लोगों के पास टिकता है सबसे ज्यादा पैसा ये भी पढ़ें: Numerology: अंक ज्योतिष से जानें अपने पार्टनर के साथ अपनी कम्पैटिबिलिटी, क्या जम पाएगी आपकी जोड़ी? Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post आपके मूलांक के लिए कैसी रहेगी यह होली? जानें अंकशास्त्र के अनुसार शुभ रंग और उपाय appeared first on Naya Vichar.

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ईडन गार्डन्स में भारत का दबदबा, वेस्टइंडीज का रिकॉर्ड बेहद खराब, चौंका देंगे आंकड़े

Table of Contents ईडन गार्डन्स में हिंदुस्तान और वेस्टइंडीज का एक दूसरे के खिलाफ टी20I में कैसा रहा है रिकॉर्ड्स? ईडन गार्डन्स में एक साल से अधिक समय बाद टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच स्पोर्ट्सेगा हिंदुस्तान ईडन गार्डन्स में हिंदुस्तान को छोड़कर अन्य टीमों के खिलाफ शानदार रहा है वेस्टइंडीज का रिकॉर्ड India vs West Indies: हिंदुस्तान और वेस्टइंडीज का मैच कोलकाता के ईडन गार्डन्स में शाम 7 बजे से स्पोर्ट्सा जाएगा. हिंदुस्तान को सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए हर हाल में वेस्टइंडीज को हराना होगा. नेट रन रेट के आधार पर वेस्टइंडीज, हिंदुस्तान से आगे हैं. ईडन गार्डन्स में हिंदुस्तान और वेस्टइंडीज का एक दूसरे के खिलाफ टी20I में कैसा रहा है रिकॉर्ड्स? ईडन गार्डन्स में हिंदुस्तान और वेस्टइंडीज के बीच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में 4 बार भिड़ंत हो चुकी है. जिसमें हर बार वेस्टइंडीज को हिंदुस्तान के हाथों हार का सामना करना पड़ा है. दोनों टीमों के बीच टी20 4 नवंबर 2018 को पहली बार भिड़ंत हुई थी. उस मुकाबले को हिंदुस्तान ने 5 विकेट से जीत लिया था. करीब दो साल बाद 16 फरवरी 2022 को दूसरी भिड़ंत हुई, जिसमें हिंदुस्तान ने 6 विकेट से वेस्टइंडीज को हराया था. उसी साल फरवरी में ही 18 और 20 को दोनों टीमों के बीच भिड़ंत हुई थी. दोनों मुकाबलों को हिंदुस्तान ने रन से जीता था. ईडन गार्डन्स में एक साल से अधिक समय बाद टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच स्पोर्ट्सेगा हिंदुस्तान ईडन गार्डन्स में पिछले एक साल से हिंदुस्तान कोई भी मैच नहीं स्पोर्ट्सा है. जबकि वेस्टइंडीज यहां आखिरी बार 19 फरवरी 2026 को वर्ल्ड कप में इटली के खिलाफ मुकाबला स्पोर्ट्सा था. जिसमें वेस्टइंडीज को 42 रन से जीत मिली थी. दूसरी ओर से आखिरी बार हिंदुस्तान ने इंग्लैंड के खिलाफ 22 जनवरी 2025 को मैच स्पोर्ट्सा था. जिसमें हिंदुस्तान को 7 विकेट से जीत मिली थी. ईडन गार्डन्स में हिंदुस्तान को छोड़कर अन्य टीमों के खिलाफ शानदार रहा है वेस्टइंडीज का रिकॉर्ड ईडन गार्डन्स में वेस्टइंडीज का रिकॉर्ड हिंदुस्तान के खिलाफ अच्छा नहीं रहा है, लेकिन अन्य टीमों के खिलाफ रिकॉर्ड बेहतरीन रहा है. हिंदुस्तान के अलावा कोलकाता में वेस्टइंडीज की टीम तीन अन्य टीमों के खिलाफ टी20 मुकाबला स्पोर्ट्स चुकी है. जिसमें सभी मुकाबले में उसे जीत मिली है. इटली को वेस्टइंडीज ने 42 रन, स्कॉटलैंड को 35 रन और इंग्लैंड को 4 विकेट से हराया था. The post ईडन गार्डन्स में हिंदुस्तान का दबदबा, वेस्टइंडीज का रिकॉर्ड बेहद खराब, चौंका देंगे आंकड़े appeared first on Naya Vichar.

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धनबाद नगर निगम चुनाव: 8 साल जेल में रहने के बाद संजीव सिंह ने कैसे ध्वस्त किया BJP-JMM का किला

Dhanbad Municipal Election Results, धनबाद, (प्रतीक पोपट): धनबाद की नेतृत्व में बीजेपी के बागी उम्मीदवार संजीव सिंह ने दमदार वापसी की है. दमदार इसलिए क्योंकि कि वे डिप्टी मेयर नीरज सिंह हत्याकांड में लंबे समय तक जेल में थे, लेकिन अदालत ने उन्हें उस केस से बरी कर दिया. वर्षों तक सलाखों के पीछे रहने के बाद जब वे सियासत के मैदान पर वापस लौटे तो उन्होंने नगर निगम चुनाव में मेयर पद के लिए दावेदारी ठोक दी. उन्होंने बकायदा प्रदेश भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को पत्र लिखकर समर्थन की मांग की. लेकिन उन्हें समर्थन नहीं मिला. इसके बजाय पार्टी ने संजीव कुमार को अपना समर्थन दिया. दूसरी तरफ बीजेपी के कद्दावर नेता रहे चंद्रशेखर अग्रवाल ने भी समर्थन की आस में पार्टी से बगावत कर झामुमो का दामन थाम लिया. झामुमो ने चंद्रशेखर अग्रवाल को अपना समर्थन दिया. जबकि कांग्रेस ने शमशेर आलम को सपोर्ट करने का ऐलान कर दिया. ऐसे में संजीव सिंह ने बैगर किसी के समर्थन के मैदान में उतरने का फैसला किया. बस उनके इस निर्णय से लगने लगा था कि वह बीजेपी के वोट बैंक में बड़ी सेंध लगायेंगे. हुआ भी यही. उन्होंने झामुमो समर्थित पूर्व मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल को 31,902 मतों के भारी अंतर से हरा दिया. इस जीत को धनबाद की नेतृत्व में बड़ा उलटफेर माना जा रहा है. मतगणना में साफ दिखी बढ़त चुनाव परिणामों के अनुसार, संजीव सिंह को कुल 1,43,362 मत मिले. वहीं चंद्रशेखर अग्रवाल को 82,460 वोट प्राप्त हुए. भाजपा समर्थित उम्मीदवार संजीव कुमार 57,895 लाकर चौथे स्थान पर रहे. कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी शमशेर आलम को 59,079 वोट लाकर तीसरे स्थान पर रहे. संजीव सिंह शुरुआती राउंड से ही बढ़त बनाए हुए थे. धीरे धीरे यह बढ़त और मजबूत होती गयी और अंत में ये निर्णायक साबित हुई. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतनी बड़ी जीत के पीछे का कारण क्या है. आज हम इस लेख में यही चीज को समझने की कोशिश करेंगे. युवाओं और सोशल मीडिया ने बदला माहौल संजीव सिंह की जीत में युवाओं की भूमिका अहम रही. चुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर उनके समर्थन में जबरदस्त माहौल बना. बड़ी संख्या में युवाओं ने न सिर्फ ऑनलाइन प्रचार किया, बल्कि बूथ स्तर पर भी सक्रियता दिखाई. इसका सीधा असर मतदान प्रतिशत और नतीजों पर पड़ा. Also Read: रांची डिप्टी मेयर के लिए बिछ गयी बिसात, हर दल के नेता जुटा रहे समीकरण, होली बाद मचेगी असली हलचल सहानुभूति लहर बनी ताकत करीब आठ साल तक जेल में रहने और नीरज सिंह हत्याकांड में बरी होने के बाद संजीव सिंह के पक्ष में सहानुभूति की लहर बनी. आम लोगों के बीच यह संदेश गया कि उन्हें नेतृत्वक साजिश के तहत फंसाया गया था. इस भावना ने मतदाताओं को उनके पक्ष में एकजुट किया. भाजपा के कोर वोट बैंक में सेंध निर्दलीय उम्मीदवार होने के बावजूद संजीव सिंह ने भाजपा के परंपरागत वोट बैंक में बड़ी सेंधमारी की. खासकर धनबाद और बागमारा क्षेत्र में भाजपा समर्थकों का बड़ा हिस्सा उनके साथ चला गया, जिससे मुकाबला एकतरफा होता चला गया. ‘अकेले योद्धा’ की बनी छवि चुनाव के दौरान सभी बड़े दलों का निशाना सिर्फ संजीव सिंह पर रहा. विरोधियों की इस घेराबंदी ने मतदाताओं की नजर में उनकी छवि एक ‘अकेले योद्धा’ के रूप में बना दी. यही छवि उनके लिए निर्णायक साबित हुई. 2017 में जाना पड़ा था जेल संजीव सिंह को वर्ष 2017 में अपने चचेरे भाई नीरज सिंह की हत्या की साजिश के आरोप में जेल जाना पड़ा था. वे अप्रैल 2017 से अगस्त 2025 तक न्यायिक हिरासत में रहे. 8 अगस्त 2025 को उन्हें सुप्रीम कोर्ट से स्वास्थ्य आधार पर जमानत मिली, जबकि 27 अगस्त 2025 को धनबाद की विशेष अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में उन्हें पूरी तरह बरी कर दिया. ‘सिंह मेंशन’ परिवार की विरासत संजीव सिंह प्रसिद्ध ‘सिंह मेंशन’ परिवार से आते हैं, जिसकी नींव उनके पिता सूर्यदेव सिंह ने रखी थी. झरिया और धनबाद की नेतृत्व में इस परिवार की गहरी पकड़ रही है. उनकी मां कुंती देवी विधायक रह चुकी हैं, जबकि वर्तमान में उनकी पत्नी रागिनी सिंह भाजपा से विधायक हैं. Also Read: झारखंड के 1.95 लाख से अधिक लोगों का वोट रद्दी, इन 3 गलतियों के कारण ‘लोकतंत्र के महापर्व’ पर लगा दाग The post धनबाद नगर निगम चुनाव: 8 साल जेल में रहने के बाद संजीव सिंह ने कैसे ध्वस्त किया BJP-JMM का किला appeared first on Naya Vichar.

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ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच टेंशन में बिहार के कई परिवार, संजय झा ने विदेश मंत्रालय को सौंपा फीडबैक

Iran USA Conflict: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने बिहार के हजारों परिवारों की चिंता बढ़ा दी है. जनता दल यूनाइटेड के सांसद संजय झा ने इस मुद्दे पर जानकारी देते हुए बताया कि बिहार और देश के अन्य राज्यों के लाखों लोग इन देशों में काम करते हैं. उन्होंने कहा कि प्रभावित इलाकों से लगातार लोगों और उनके परिजनों के फोन आ रहे हैं, जो वहां के हालातों को लेकर काफी डरे हुए हैं. संजय झा ने इस संबंध में विदेश मंत्री एस. जयशंकर से विस्तार से चर्चा की है और उन्हें जमीनी स्थिति से अवगत कराया है. हिंदुस्तान प्रशासन खाड़ी देशों के नेतृत्व और संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है. संजय झा ने क्या बताया सांसद संजय झा ने बताया कि युद्ध जैसे हालातों के कारण फिलहाल वहां के कई प्रमुख एयरपोर्ट बंद कर दिए गए हैं. इससे लोगों की तुरंत वापसी में तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं. उन्होंने खाड़ी देशों में रह रहे हिंदुस्तानीय लोगों से अपील की है कि वे अभी अपने घरों के भीतर ही रहें और किसी भी तरह की अफवाह पर यकीन न करें. जैसे ही वहां की स्थिति थोड़ी सामान्य होगी और हवाई सेवाएं बहाल होंगी, हिंदुस्तान प्रशासन सभी की सुरक्षित वतन वापसी के लिए ठोस रास्ता निकालेगी. इस पूरे मामले को लेकर बिहार प्रशासन भी केंद्र के साथ तालमेल बनाए हुए है ताकि प्रवासियों को हर संभव मदद पहुंचाई जा सके. बाहर जाने वालों को रोका इस तनाव का सीधा असर उन लोगों पर पड़ा है जो बिहार से वापस काम पर लौटने वाले थे. हैदराबाद एयरपोर्ट पर अररिया और पूर्णिया के कई परिवारों को उस समय रोक दिया गया जब वे कतर जाने के लिए उड़ान भरने की तैयारी में थे. एयरपोर्ट अधिकारियों ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें आगे जाने की इजाजत नहीं दी. इस कारण इन यात्रियों को अब वापस बिहार लौटना पड़ेगा. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें कुवैत में रहते हैं बड़ी संख्या में हिंदुस्तानीय कुवैत में इस समय करीब दस लाख से ज्यादा हिंदुस्तानीय रह रहे हैं और मिसाइल हमलों के बाद वहां काफी डर का माहौल है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कुवैत स्थित हिंदुस्तानीय दूतावास ने एक स्पेशल एडवाइजरी जारी की है. सभी नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे स्थानीय सुरक्षा निर्देशों का कड़ाई से पालन करें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें. किसी भी आपात स्थिति या मदद की जरूरत होने पर दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर 96565501946 जारी किया है. इस पर 24 घंटे संपर्क किया जा सकता है. इसे भी पढ़ें: 15 साल बाद सलवार-सूट में देखा और हो गया प्यार, जानिए जयमाला स्टेज पर दुल्हन को आशिक ने क्यों मारी गोली बिहार के इस जिले को मिले 4325 करोड़ का प्रोजेक्ट और गंडक पर पुल, नीतीश प्रशासन ने केंद्र से की सिफारिश The post ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच टेंशन में बिहार के कई परिवार, संजय झा ने विदेश मंत्रालय को सौंपा फीडबैक appeared first on Naya Vichar.

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