Hot News

March 17, 2026

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

IPL 2026 से पहले हिटमैन की तैयारी शुरू, छक्का लगाकर खुद कहा ‘कैच इट’

Highlights प्रैक्टिस में दिखा रोहित का जलवा कब शुरू होगा IPL का नया सीजन? मुंबई इंडियंस का पहला मुकाबला कैसा रहा है मुंबई का प्रदर्शन? Rohit Sharma Practice Video: आईपीएल 2026 की शुरुआत 28 मार्च से होने वाली है. टूर्नामेंट के लिए सभी टीमों ने अपनी तैयारी तेज कर दी है. मुंबई इंडियंस के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा भी मैदान पर प्रैक्टिस के लिए उतर चुके हैं. इंटरनेट पर उनका एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है. इस वीडियो में रोहित पुराने अंदाज में बड़े शॉट लगाते हुए नजर आ रहे हैं. प्रैक्टिस में दिखा रोहित का जलवा मुंबई इंडियंस ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से रोहित शर्मा का एक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में रोहित ने शार्दुल ठाकुर की गेंद पर आगे बढ़कर एक शानदार छक्का लगाया. शॉट मारने के तुरंत बाद रोहित ने खुद ही ‘कैच इट’ की आवाज लगाई. लेकिन गेंद बाउंड्री पार करके दर्शकों के बीच जाकर गिरी. फैंस रोहित के इस वीडियो को बहुत पसंद कर रहे हैं. प्रैक्टिस के दौरान रोहित की फिटनेस भी पहले से काफी बेहतर लग रही है. इस सीजन में उन्हें बल्ले से काफी रन बनाने की उम्मीद है. View this post on Instagram A post shared by Mumbai Indians (@mumbaiindians) कब शुरू होगा IPL का नया सीजन? आईपीएल के नए सीजन का पहला मैच 28 मार्च को तय किया गया है. पहले दिन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद की टीमें आमने सामने होंगी. मुंबई इंडियंस की टीम टूर्नामेंट के पहले दिन मैदान पर नहीं उतरेगी. सभी क्रिकेट फैंस इस नए सीजन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं और टीमों ने अपनी रणनीति बनाना शुरू कर दिया है. मुंबई इंडियंस का पहला मुकाबला मुंबई इंडियंस की टीम अपने आईपीएल सफर की शुरुआत 29 मार्च से करेगी. मुंबई का पहला मैच मजबूत कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ होगा. यह मुकाबला मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में स्पोर्ट्सा जाएगा. टीम की कमान अब रोहित शर्मा के पास नहीं है. अब हार्दिक पांड्या टीम के कप्तान हैं और उनके सामने टीम को अच्छी शुरुआत दिलाने की बड़ी जिम्मेदारी है. कैसा रहा है मुंबई का प्रदर्शन? मुंबई इंडियंस के लिए पिछले कुछ सीजन बहुत अच्छे नहीं रहे हैं. टीम ने पिछले सीजन में टॉप 4 तक का सफर तय किया था लेकिन फाइनल में जगह नहीं बना सकी थी. वहीं 2024 के सीजन में टीम का प्रदर्शन बेहद खराब था और वह दसवें नंबर पर रही थी. मुंबई ने अपना आखिरी आईपीएल खिताब साल 2020 में जीता था. अब फैंस को हार्दिक पांड्या की कप्तानी में टीम से बेहतर प्रदर्शन की पूरी उम्मीद है. ये भी पढ़ें- स्कूल में 50 परसेंट लाना था मुश्किल, सूर्यकुमार ने कप्तानी में पाए 80 प्रतिशत नंबर 900 मेहमान, अवधी शाकाहारी खाना… कुलदीप और वंशिका के रिसेप्शन की पूरी डिटेल धोनी के साथ स्पोर्ट्सने पर सैमसन का बयान, बताया क्यों छोड़ा राजस्थान रॉयल्स का साथ? The post IPL 2026 से पहले हिटमैन की तैयारी शुरू, छक्का लगाकर खुद कहा ‘कैच इट’ appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

प्लास्टिक, स्टील या तांबा- पानी पीने के लिए कौन-सी बोतल है सबसे सही? एक्सपर्ट से जानें

Healthiest Material for Water Bottles: आजकल हम पानी तो साफ पीते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आप किस बोतल से पानी पी रहे हैं? एक्सपर्ट डॉ हंसा राजेन्द्र जी के अनुसार सही बोतल का चुनाव आपकी सेहत और पर्यावरण दोनों पर बड़ा असर डालती है वही गलत बोतल धीरे-धीरे शरीर को नुकसान भी पहुंचा सकती है. कौन-सी बोतल में पानी पीना है सबसे हेल्दी (Healthiest Material for Water Bottles) कौन सी बोतल सबसे सुरक्षित है सबसे सेफ और केमिकल-फ्री ऑप्शन है ग्लास (कांच) की बोतल. इस बोतल में पानी का स्वाद नहीं बदलता और यह घर और ऑफिस के लिए बढ़िया ऑप्शन है लेकिन इसे सावधानी से इस्तेमाल करें क्यूंकी लापरवाही के कारण जल्दी टूट सकती है. कॉपर (तांबे) की बोतल बैक्टीरिया खत्म करने में मदद करती है और डाइजेशन और इम्यूनिटी के लिए अच्छी होती है. अगर आप कॉपर (तांबे) की बोतल का इस्तेमाल करते है तो रोज साफ करें, जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल से नुकसान भी हो सकता है प्लास्टिक बोतल, यह सबसे हल्की और सस्ती तो होती है लेकिन सबसे ज्यादा खतरनाक भी. गर्मी में केमिकल छोड़ती है और शरीर में माइक्रोप्लास्टिक पहुंच सकता है. इसे कम से कम इस्तेमाल करें. स्टेनलेस स्टील बोतल भी एक अच्छा और सेहतमंद ऑप्शन है यह बोतल मजबूत होती है और लंबे समय तक चलती है. इसमें आप गर्म और ठंडा दोनों पानी रख सकते हैं. डेली यूज और ट्रैवल के लिए सबसे अच्छा ऑप्शन है. मिट्टी (मटका/क्ले) की बोतल पानी को ठंडा और स्वादिष्ट बनाती है और पाचन के लिए अच्छी मानी जाती है लेकिन आसानी से टूट सकती है. यह भी पढ़ें: नेचुरल स्किन ग्लो के लिए रोज पिएं बीटरूट डिटॉक्स ड्रिंक, एक्सपर्ट ने बताया बनाने का तरीका यह भी पढ़ें:  सुबह खाली पेट केला खाने से क्या होता है? एक्सपर्ट से जानें इसके कमाल के फायदे The post प्लास्टिक, स्टील या तांबा- पानी पीने के लिए कौन-सी बोतल है सबसे सही? एक्सपर्ट से जानें appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

iPhone का ट्रैकिंग फीचर ने दिया धोखा तो यूजर पहुंचा कोर्ट; Apple को देना होगा अब मुआवजा

iPhone में एक शानदार फीचर होता है, जिससे फोन स्विच ऑफ होने के बाद भी उसे ट्रैक किया जा सकता है. लेकिन सोचिए, अगर यही फीचर फेल हो जाए तो क्या होगा? एक ऐसे ही मामले में चोरी हुए iPhone को ट्रैक नहीं किया जा सका, जिसके बाद मामला कोर्ट पहुंच गया. आखिरकार कंज्यूमर कोर्ट ने Apple पर 1 लाख रुपये का मुआवजा लगाने का आदेश दे दिया. आइए आपको इस पूरे मामले के बारे में डिटेल में बताते हैं. क्या है पूरा मामला? Apple के डिवाइस में Find My नाम का एक खास फीचर होता है, जिससे iPhone, iPad या AirPods को आसानी से ट्रैक किया जा सकता है. iOS 15 के बाद इसे और एडवांस बना दिया गया. अब फोन बंद हो या बैटरी खत्म हो, फिर भी Bluetooth सिग्नल के जरिए उसकी लोकेशन पता चल सकती है. लेकिन शान मोहम्मद के मामले में यही सिस्टम फेल हो गया. शान मोहम्मद दिल्ली के रहने वाले हैं. ये Weather Cool Services के मालिक हैं और 2015 से iPhone यूजर रहे हैं. उन्हें iPhone के खास फीचर्स (Find My) पर पूरा भरोसा था. इसी भरोसे के चलते उन्होंने 10 फरवरी 2022 को ₹70,500 खर्च करके iPhone 13 खरीदा, जो iOS 15 के साथ आता है. मोहम्मद ने डिवाइस ढूंढने के लिए हर संभव कोशिश की. चाहे वो Apple की वेबसाइट हो, iCloud, कस्टमर केयर या फिर सर्विस सेंटर. लेकिन अफसोस, हर जगह से उन्हें सिर्फ निराशा ही हाथ लगी. उनकी तमाम कोशिशें बेकार साबित हुईं और डिवाइस का कोई सुराग नहीं मिल पाया. इसके बाद उन्होंने कंज्यूमर कोर्ट का सहारा लिया. Apple को देना पड़ेगा मुआवजा  साउथ दिल्ली के जिला उपभोक्ता आयोग ने एक अहम फैसले में Apple को 1 लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया है. आयोग की अध्यक्ष मोनिका ए. श्रीवास्तव और सदस्य किरण कौशल की बेंच ने माना कि कंपनी ने अपने ट्रैकिंग फीचर से जुड़ी जरूरी जानकारी साफ तौर पर यूजर्स तक नहीं पहुंचाई. दरअसल, iPhone के स्विच ऑफ होने पर जो ट्रैकिंग से जुड़ा मैसेज दिखाई देता है, वो सिर्फ यह बताता है कि इस डिवाइस में ऐसा फीचर मौजूद है. लेकिन इसे सही तरह से इस्तेमाल करने के लिए फोन में ‘Find My Device’ पहले से ऑन होना जरूरी है. आयोग का कहना है कि Apple ने इस जरूरी कंडीशन को कहीं भी स्पष्ट नहीं किया है. इसी लापरवाही को देखते हुए कंपनी पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है. यह भी पढ़ें: सैमसंग गैलेक्सी S26 अल्ट्रा में आया प्राइवेसी डिस्प्ले क्या है, जो स्क्रीन पर ताक-झांक कर देगा बंद? The post iPhone का ट्रैकिंग फीचर ने दिया धोखा तो यूजर पहुंचा कोर्ट; Apple को देना होगा अब मुआवजा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

आधे से ज्यादा लोग नहीं जानते जींस धोने का सही तरीका, अभी जान लें वरना होगा नुकसान

Washing Tips: जींस की अगर बात करें तो यह वह कपड़ा है जो हमारे वॉर्डरोब को और भी ज्यादा स्टाइलिश बना देता है. मौका चाहे कोई भी हो आप इसे बिना किसी टेंशन के पहन सकते हैं. जींस पहनने का असली मजा उस समय सबसे ज्यादा आता है जब वह पूरी तरह से साफ हो, फिटिंग हो और उसका रंग भी बिलकुल नए जैसा ही हो. अगर आपको भी जींस पहनना पसंद है तो आज की यह आर्टिकल बिलकुल आपके लिए ही है. आज हम आपको कुछ ऐसे टिप्स देने जा रहे हैं जिन्हें अगर आप जींस को धोते समय अपनाते हैं, तो आपका जींस न सिर्फ बेहतर तरीके से साफ होगा बल्कि उसका रंग भी ज्यादा लंबे समय तक फीका नहीं पड़ेगा. अगर आपको अपनी जींस से प्यार है और आप उसे लंबे समय तक नए जैसा रखना चाहते हैं, इन टिप्स को जरूर अपनाएं. जींस को पलट कर ही धोएं अगर आप अपनी जींस को धोने जा रहे हैं, तो इसे हमेशा ही अंदर से बाहर की तरफ पलटकर ही धोएं. जब आप ऐसा करते हैं तो उसका रंग फीका पड़ने से बचा हुआ रहता है और साथ ही कपड़ा भी जल्दी खराब नहीं होता है. डेनिम जींस के लिए यह तरीका सबसे ज्यादा बेहतर है. यह भी पढ़ें: गर्मियों में घर हो जाता है भट्टी जैसा गर्म? अपनाएं ये आसान ट्रिक्स, घर रहेगा ठंडा और फ्रेश ठंडे पानी का इस्तेमाल करें जींस को धोते समय आपको कभी भी गर्म पानी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. आपको इसे हमेशा ठंडे या फिर गुनगुने पानी से ही साफ करना चाहिए. जब आप गर्म पानी से अपनी जींस को धोते हैं तो वह हल्का सा सिकुड़ जाता है और साथ ही उसका रंग भी फीका पड़ जाता है. ठंडे पानी से धोने से आपको इस तरह की कोई भी प्रॉब्लम नहीं होती है. लाइट डिटर्जेंट का इस्तेमाल करें जींस को धोते समय हमेशा ही माइल्ड या फिर लाइट डिटर्जेंट का ही इस्तेमाल करना चाहिए. अगर आप एक हार्ड पाउडर या फिर केमिकल वाले डिटर्जेंट का इस्तेमाल करते हैं तो इससे कपड़े का रंग उत्तर जाता है और साथ ही कपड़े के फाइबर भी कमजोर पड़ जाते हैं. यह भी पढ़ें: जूतों से आने वाली गंदी बदबू से हैं परेशान? ये 5 घरेलू तरीके तुरंत दिलाएंगे समस्या से राहत मशीन में धोते समय सावधानी अगर आप कपड़ों को धोने के लिए मशीन का इस्तेमाल करते हैं, तो इसे हमेशा ही हल्के मोड में रखें और इन्हें ज्यादा देर तक न धोएं. जब आप जींस को लंबे समय तक मशीन में रखते हैं तो यह जल्दी खराब भी हो सकता है. दाग लगे हों तो ही साबुन का इस्तेमाल करें अगर आपके जींस पर किसी तरह का जिद्दी दाग लगा हुआ है और वह डिटर्जेंट से नहीं हट रहा है, तो आपको एक लाइट या फिर स्पॉट क्लीनर का इस्तेमाल करना चाहिए. इन दागों को हटाने के लिए हल्के हाथों से रगड़ें ताकि कपड़ा किसी भी तरह से खराब न हो. जींस सुखाने का सही तरीका जींस को सही तरीके से सिर्फ धोना ही काफी नहीं होता है. उसे सही तरीके से सुखाना भी उतना ही जरूरी है. आपको कभी भी अपने जींस को सीधे धूप में नहीं डालना चाहिए. ऐसा करने से इसका रंग फीका पड़ सकता है. सबसे बेहतर होगा कि आप इस जींस को किसी छायादार जगह पर उल्टा लटकाकर सुखाएं. यह भी पढ़ें: दीवारों पर लगे पेंसिल और क्रेयॉन के दाग हटाना अब हुआ आसान, ये 4 घरेलू उपाय जरूर आएंगे आपके काम The post आधे से ज्यादा लोग नहीं जानते जींस धोने का सही तरीका, अभी जान लें वरना होगा नुकसान appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

स्कूल में 50 परसेंट लाना था मुश्किल, सूर्यकुमार ने कप्तानी में पाए 80 प्रतिशत नंबर

Highlights स्कूल में 50 परसेंट पार करना था मुश्किल पिता इंजीनियर थे पर बेटे ने चुना स्पोर्ट्स परिवार से मिला सपनों को पूरा करने का साथ मेहनत से नहीं पड़ी प्लान बी की जरूरत Suryakumar Yadav Captaincy Record: सूर्यकुमार यादव को पढ़ाई में भले ही कोई खास सफलता नहीं मिली, लेकिन क्रिकेट के मैदान पर उन्होंने 80 प्रतिशत अंक पक्के कर लिए हैं. सूर्यकुमार की कप्तानी में हिंदुस्तान ने हाल ही में टी20 वर्ल्ड कप का खिताब बचाया है. टीम इंडिया के कप्तान के रूप में उनका जीत का रिकॉर्ड 80 प्रतिशत है. साल 2024 में टी20 टीम की कमान संभालने के बाद से उन्होंने टीम को लगातार सफलता दिलाई है. सूर्यकुमार की कप्तानी में हिंदुस्तान ने कुल 52 मैच स्पोर्ट्से हैं, जिनमें से 42 मैचों में टीम को शानदार जीत मिली है. स्कूल में 50 परसेंट पार करना था मुश्किल सूर्यकुमार से जब उनके इस शानदार रिकॉर्ड के बारे में सवाल किया गया, तो उनका जवाब बहुत सीधा था. उन्होंने कहा कि स्कूल और कॉलेज में जो नंबर वह लाना चाहते थे, वह अब उन्हें क्रिकेट में मिल रहे हैं. उन्होंने साफ कहा कि पढ़ाई के समय वह कभी 50 या 60 प्रतिशत का आंकड़ा पार नहीं कर सके. क्रिकेट में 80 प्रतिशत जीत का रिकॉर्ड सुनना उन्हें बहुत अच्छा लगता है. उन्होंने यह भी कहा कि वह आंकड़ों पर बहुत ज्यादा ध्यान नहीं देते, लेकिन हार किसी को पसंद नहीं होती और उन्हें भी बस जीतना ही अच्छा लगता है. STORY | Couldn’t get it in academics but cricket got me my 80 per cent score: SKY It eluded him in academics, but on the cricket field, Suryakumar Yadav has finally got his 80 per cent score. Basking in the glory of leading India to a historic defence of the T20 World Cup title… pic.twitter.com/UaHjOkyBSK — Press Trust of India (@PTI_News) March 17, 2026 पिता इंजीनियर थे पर बेटे ने चुना स्पोर्ट्स सूर्यकुमार यादव के पिता अशोक कुमार यादव भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) में इलेक्ट्रिकल इंजीनियर के पद पर थे. घर में पढ़ाई का माहौल होने के बावजूद सूर्यकुमार का मन कभी भी किताबों में नहीं लगा. परिवार से मिला सपनों को पूरा करने का साथ जब परिवार ने देखा कि उनका पढ़ाई में कोई मन नहीं है, तो उन्होंने क्रिकेट में आगे बढ़ने के लिए पूरा सपोर्ट किया. सूर्यकुमार ने बताया कि घर वालों ने शुरुआत में उन्हें पढ़ाई के लिए बहुत कहा. लेकिन जल्दी ही वे समझ गए कि इस लड़के को किताबों में कोई दिलचस्पी नहीं है. परिवार ने देखा कि उसे क्रिकेट स्पोर्ट्सने में पूरा मजा आता है. इसके बाद घर वालों ने कहा कि तुम बस अपना स्पोर्ट्स स्पोर्ट्सो, अगर कुछ हासिल नहीं हुआ तो हम लोग सब संभाल लेंगे. मेहनत से नहीं पड़ी प्लान बी की जरूरत हमेशा हंसते-मुस्कुराते रहने वाले इस धाकड़ बल्लेबाज ने अपनी मेहनत से कभी वह समय नहीं आने दिया जब उन्हें किसी ‘प्लान बी’ का सहारा लेना पड़े. परिवार के विश्वास और अपने दमदार स्पोर्ट्स की बदौलत उन्होंने विश्व क्रिकेट में अपना एक अलग नाम बना लिया है. ये भी पढ़ें- 900 मेहमान, अवधी शाकाहारी खाना… कुलदीप और वंशिका के रिसेप्शन की पूरी डिटेल धोनी के साथ स्पोर्ट्सने पर सैमसन का बयान, बताया क्यों छोड़ा राजस्थान रॉयल्स का साथ? IPL 2026: बीसीसीआई का सभी टीमों को झटका, प्रैक्टिस में मनमानी नहीं कर पाएंगी फ्रेंचाइजी The post स्कूल में 50 परसेंट लाना था मुश्किल, सूर्यकुमार ने कप्तानी में पाए 80 प्रतिशत नंबर appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बंगाल चुनाव 2026: TMC ने जारी की 291 उम्मीदवारों की लिस्ट, कहां से चुनाव लड़ेंगी ममता बनर्जी?

TMC Candidate List 2026: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) की सबसे बड़ी नेता ममता बनर्जी ने बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए अपने 291 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है. मंगलवार को उन्होंने पार्टी कार्यालय में प्रत्याशियों की घोषणा की. पार्टी 291 सीट पर ही चुनाव लड़ेगी. दार्जिलिंग की 3 सीटों पर टीएमसी अपने उम्मीदवार नहीं देगी. पार्टी ने कई उम्मीदवारों की सीट बदल दी है. कुछ नये चेहरों को भी चुनाव लड़ने का मौका दिया है. तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी भवानीपुर से चुनाव लड़ेंगीं. ममता बनर्जी की पार्टी ने 52 स्त्रीओं को दिया टिकट तृणमूल कांग्रेस ने 50 से अधिक स्त्रीओं को टिकट दिया है. पार्टी के उम्मीदवारों की घोषणा के लिए आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी ने 52 स्त्रीओं को टिकट दिया है. उन्होंने बताया कि एसटी और एससी के लिए आरक्षित सीटों से अधिक प्रत्याशी पार्टी ने दिये हैं. कहा कि राज्य में 84 सीटें आरक्षित हैं. तृणमूल कांग्रेस ने 95 एससी-एसटी उम्मीदवार खड़े किये हैं. इनमें 78 एससी और 17 एसटी प्रत्याशी हैं. 31 से 90 साल तक के उम्मीदवारों को टिकट ममता बनर्जी की पार्टी ने 31 साल से 90 साल तक के उम्मीदवारों को इस बार चुनाव लड़ने का मौका दिया है. इसमें 4 प्रत्याशी 31 साल से कम उम्र के हैं. तृणमूल की कैंडिडेट लिस्ट में किस आयु वर्ग के कितने उम्मीदवार हैं, उसकी पूरी लिस्ट यहां पढ़ें. 31 साल से कम उम्र के 4 उम्मीदवार 31 से 40 साल के 38 उम्मीदवार 41 से 50 साल के 88 उम्मीदवार 51 से 60 साल के 89 उम्मीदवार 61 से 70 साल के 47 उम्मीदवार 71-80 साल के 23 उम्मीदवार 81-90 साल के 2 उम्मीदवार TMC उम्मीदवारों की पूरी लिस्ट यहां देखें विधानसभा का नाम सीट का प्रकार उम्मीदवार का नाम मेकलीगंज एससी अधिकारी परेश चंद्र माथाभांगा एससी सबलू बर्मन कूचबिहार उत्तर एससी पार्थ प्रतिम रॉय कूचबिहार दक्षिण अभिजीत दे भौमिक (हिप्पी) शीतलकुची एससी हरिहर दास सिताई एससी संगीता रॉय बासुनिया दीनहाटा उदयन गुहा नाटाबाड़ी शैलेन वर्मा तूफानगंज एससी शिव शंकर पॉल कुमारग्राम एसटी राजीव तिर्की कालचीनी एसटी वीरेंद्र बाड़ा अलीपुरदुआर सुमन कांजीलाल फालाकाटा एससी सुभाष चंद्र रॉय मदारीहाट एसटी जय प्रकाश टोप्पो धूपगुड़ी एससी डॉ निर्मल चंद्र रॉय मयनागुड़ी एससी राम मोहन रॉय जलपाईगुड़ी एससी कृष्णा दास राजगंज एससी स्वप्ना बर्मन डाबग्राम-फूलबाड़ी रंजन शील शर्मा माल एसटी बुलू चिक बड़ाइक नागरकाटा एसटी संजय कुजूर माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी शंकर मालाकार सिलीगुड़ी गौतम देब फांसीदेवा एसटी रीना टोप्पो एक्का चोपड़ा हमीदुल रहमान इस्लामपुर कन्हैयालाल अग्रवाल गोआलपोखर मो गुलाम रब्बानी चकुलिया आजाद मिनहाजुल आफरीन करणदीघी गौतम पाल हेमताबाद सत्यजीत बर्मन कालियागंज एससी निताई वैश्य रायगंज एससी कृष्णा कल्याणी इटाहार मुशर्रफ हुसैन कुषमांडी एससी रेखा रॉय कुमारगंज तोराफ हुसैन मंडल बालूरघाट अर्पिता घोष तपन एसटी चिंतामणि बिहा गंगारामपुर गौतम दास हरिरामपुर विप्लव मित्रा हबीबपुर एसटी अमल किस्कू गजोले एससी प्रसेनजीत दास चांचल प्रसून बनर्जी हरिश्चंद्रपुर मो मतिबुर रहमान मालतीपुर अब्दुर रहीम बक्शी रतुआ समर मुखर्जी मानिकचक कविता मंडल मालदा एससी लिपिका बर्मन घोष इंगलिश बाजार आशीष कुंडू मोथाबाड़ी मो नजरुल इसलाम सूजापुर सबीना यासमीन वैष्णनवनगर चंदना प्रशासन फरक्का अमीरुल इस्लाम शमशेरगंज नूर आलम सुती इमानी विश्वास जंगीपुर जाकिर हुसैन रघुनाथगंज अखरुज्जमां सागरदीघी बैरन विश्वास लालगोला डॉ अब्दुल अजीज भगवानगोला रेयात हुसैन प्रशासन रानीनगर अब्दुल सौमिक हुसैन मुर्शिदाबाद शावनी सिंहा रॉय नबग्राम एससी प्रणव चंद्र दास खरग्राम एससी आशीष मरजीत बुरवान प्रतिमा रजक कांडी अपूर्व प्रशासन डेविड भरतपुर मुस्तफिजुर रहमान (सुमन) रेजीनगर अताउर रहमान बेलडांगा रबीउल आलम चौधरी बहरमपुर नारू गोपाल मुखर्जी हरिहरपाड़ा नियामत शेख नोदा सहीना मुमताज खान डोमकल हुमायूं कबीर (पूर्व आईपीएस) जालंगी बाबर अली करीमपुर सोहम चक्रवर्ती तेहट्टा दिलीप पोद्दार पलाशीपाड़ा रुकबानुर रहमान कालीगंज अलीफा अहमद नकाशीपाड़ा कल्लोल खान चापड़ा जुबैर शेख कृष्णनगर उत्तर अभिनव भट्टाचार्य नवद्वीप पुंडरीकाक्ष्य साहा कृष्णनगर दक्षिण उज्ज्वल विश्वास शांतिपुर ब्रजकिशोर गोस्वामी रानाघाट उत्तर पश्चिम तापस घोष कृष्णगंज एससी समीर कुमार पोद्दा रानाघाट उत्तर पूर्व एससी बर्नाली दे रॉय रानाघाट दक्षिण एससी डॉ सौगत कुमार बर्मन चकदह शुभंकर सिंह जिसू कल्याणी एससी डॉ अतींद्र नाथ मंडल हरिनघाटा एससी डॉ राजीव विश्वास बागदा एससी मधुपर्णा ठाकुर बनगांव उत्तर एससी विश्वजीत दास बनगांव दक्षिण एससी ऋतुपर्णा आध्या गायघाटा एससी नरोत्तम विश्वास स्वरूपनगर एससी बीना मंडल बादुरिया बुरहानुल मुकद्दिन लिटन हाबरा ज्योतिप्रिय मल्लिक बालू अशोकनगर नारायण गोस्वामी आमडांगा पीरजादा कासिम सिद्दीकी बीजपुर सुबोध अधिकारी नैहाटी सनत दे भाटपाड़ा अमित गुप्ता जगदल सोमनाथ श्याम इचिनी नोआपाड़ा तृणांकुर भट्टाचार्य बैरकपुर राजू चक्रवर्ती उर्फ राज खड़दह देवदीप पुरोहित दमदम उत्तर चंद्रिमा भट्टाचार्य पानीहाटी तीर्थंकर घोष पुची कमरहट्टी मदन मित्रा बड़ानगर सायंतिका बनर्जी दमदम ब्रात्य बसु राजारहाट न्यू टाउन तापस चटर्जी बिधाननगर सुजीत बोस राजारहाट गोपालपुर अदिति मुंशी मध्यमग्रम रथिन घोष बारासात सव्यसाची दत्त देगंगा अनीसुर रहमान विदेश हारोआ मो मुफ्ती अब्दुल मतीन उर्फ मतीन साहेब मिनाखां एससी उषा रानी मंडल संदेशखाली एसटी झरना सरदार बशीरहाट दक्षिण सुरजीत मित्रा बादल बशीरहाट उत्तर मो तौसिफ रहमान हिंगलगंज एससी आनंद प्रशासन गोसाबा एससी सुब्रत मंडल बासंती एससी नीलिमा विशाल मिस्त्री कुलतली एससी गणेश चंद्र मंडल पाथरप्रतिमा समीर कुमार जाना काकद्वीप मंटूराम पाखिरा सागर बंकिम चंद्र हाजरा कुलपी एससी बर्नाली धारा रायदीघी तापस मंडल मंदिरबाजार एससी जयदेब हल्दर जयनगर विश्वनाथ दास बारुईपुर पूर्व एससी विभाष सरदार कैनिंग पश्चिम एससी परेश राम दास कैनिंग पूर्व मो बहारुल इस्लाम बारुईपुर पश्चिम बिमान बनर्जी मगराहाट पूर्व एससी शर्मिष्ठा पुरकायत मगराहाट पश्चिम शमीम अहमद डायमंड हार्बर पन्नालाल हल्दर फालता जहांगीर खान सतगछिया सोमाश्री बेतल विष्णुपुर एससी दिलीप मंडल सोनारपुर दक्षिण अरुंधती मैत्रा उर्फ लवली भांगड़ सौकत मोल्ला कसबा जावेद अहमद खान जादवपुर देवव्रत मजुमदार उर्फ मलय सोनारपुुर उत्तर फिरदौसी बेगम टॉलीगंज अरूप विश्वास बेहला पूर्व शुभाशीष चक्रवर्ती बेहला पश्चिम रत्ना चटर्जी महेशतला शुभाशीष दास बजबज अशोक कुमार देव मटियाबुर्ज अब्दुल खालेक मोल्ला कोलकाता पोर्ट फिरहाद हकीम भवानीपुर ममता बनर्जी रासबिहारी देवाशीष कुमार बालीगंज शोभनदेव चट्टोपाध्याय चौरंगी नयना बंद्योपाध्याय इंटाली संदीपन साहा बेलेघाटा कुणाल घोष जोड़ासांकू विजय उपाध्याय श्यामपुकुर डॉ शशि पांजा मानिकतला श्रेया पांडेय काशीपुर-बेलगछिया अतिन घोष बाली कैलाश मिश्र हावड़ा उत्तर गौतम चौधरी हावड़ा मध्य अरूप रॉय सन ऑफ लेट प्रभात रॉय शिवपुर डॉ राणा चटर्जी हावड़ा दक्षिण नंदिता चौधरी संकराइल एससी प्रिया पाल पांचला गुलशन मल्लिक उलुबेड़िया पूर्व रीतब्रत बनर्जी उलुबेड़िया उत्तर एससी बिमल कुमार दास उलुबेड़िया दक्षिण पुलक रॉय श्यामपुर नदेबासी जाना बागनान

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

इजराइल के रक्षा मंत्री का दावा, हमले में ईरान के सिक्योरिटी चीफ अली लारीजानी की मौत

Israel Iran War: इजराइल के रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज ने दावा किया है कि ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी की मौत हो गई है. न्यूज एजेंसी एपी की एक रिपोर्ट के मुताबिक काट्ज ने कहा कि इजराइली सेना ने रातभर चले हमलों में लारीजानी को निशाना बनाया. ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद लारीजानी देश के सबसे प्रभावशाली नेताओं में शामिल थे. हालांकि, इस दावे की अभी तक ईरान की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. इजराइली सेना ने ईरान के बासिज प्रमुख को मार गिराने का भी किया दावा अली लारिजानी के अलावा इजराइल ने मंगलवार को यह भी दावा किया कि उसने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के स्वयंसेवी बल बासिज के प्रमुख गुलामरजा सुलेमानी को मार गिराया है. इजराइल के मुताबिक सोमवार को किए गए एक हमले में सुलेमानी मारे गए. हालांकि, ईरान की ओर से अब तक उनकी मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. बासिज बल को ईरान में विरोध प्रदर्शनों को दबाने वाली एक अहम ताकत माना जाता है. इजराइली सेना ने अपने बयान में कहा कि बासिज ईरानी शासन की सशस्त्र व्यवस्था का हिस्सा है. इजराइली सेना ने क्या कहा? इजराइली सेना के अनुसार ईरान में आंतरिक विरोध प्रदर्शनों के दौरान, खासकर हाल के सालों में जब प्रदर्शन तेज हुए, तब सुलेमानी के नेतृत्व में बासिज बलों ने दमन में प्रमुख भूमिका निभाई. सेना ने आरोप लगाया कि इस दौरान व्यापक गिरफ्तारियां, असैन्य प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग और हिंसक कार्रवाई की गई. Also Read: ईरान पर करारा हमला जारी रखो… ट्रंप से बोले सऊदी क्राउन प्रिंस, आखिर अरब मुल्क क्या चाहते हैं? The post इजराइल के रक्षा मंत्री का दावा, हमले में ईरान के सिक्योरिटी चीफ अली लारीजानी की मौत appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

जमशेदपुर के फौलादी बेटे अंश को मिला सम्मान, जान दांव पर लगाकर ले आए 45,000 मीट्रिक टन गैस

जमशेदपुर से अशोक झा की रिपोर्ट Jamshedpur News: हिंदुस्तान के करोड़ों लोगों का पेट भरने के लिए जान दांव पर लगाकर हजारों मीट्रिक टन गैस लाने वाले जमशेदपुर के फौलादी बेटे अंश त्रिपाठी मंगलवार को गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर सम्मानित किए गए. अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर बढ़ते तनाव के बीच हिंदुस्तान की ऊर्जा सुरक्षा के मोर्चे पर बड़ी जीत हासिल हुई है. शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया का विशालकाय गैस टैंकर ‘शिवालिक’ मुंद्रा पहुंचने के बाद अब एक और बड़ा जहाज ‘नंदा देवी’ 45,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर गुजरात के वडीनार पोर्ट पहुंच गया है. इस मिशन की सफलता में जमशेदपुर के होनहार सेकंड इंजीनियर अंश त्रिपाठी ने अहम भूमिका निभाई, जिन्हें उनकी टीम के साथ मंगलवार को विशेष रूप से सम्मानित किया गया. ​एमएमडी कांडला और आईओसीएल ने दिया अवार्ड मंगलवार को ​मुंद्रा पोर्ट पर आयोजित समारोह में एमएमडी कांडला के प्रिंसिपल ऑफिसर कैप्टन संतोष कुमार एस. डारोकर और आइओसीएल (इंडियन ऑयल) की टीम ने ‘शिवालिक’ के क्रू मेंबर्स को सम्मानित किया. इस दौरान जमशेदपुर के अंश त्रिपाठी को उनकी तकनीकी कुशलता और जोखिम भरे हालातों में जहाज को सुरक्षित तट तक लाने के लिए सम्मानित किया गया. उनकी टीम की इस उपलब्धि को देश के ऊर्जा संकट को टालने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. ​होर्मुज स्ट्रेट पार कर लाया गया ‘नीला ईंधन’ ‘नंदा देवी’ और ‘शिवालिक’ दोनों जहाजों ने दुनिया के सबसे संवेदनशील जलमार्ग ‘होर्मुज स्ट्रेट’ को पार कर हिंदुस्तान में प्रवेश किया है. जहां ‘शिवालिक’ 46,000 टन गैस लेकर मुंद्रा आया, वहीं ‘नंदा देवी’ के वडीनार पहुंचने से देश के सुरक्षित स्टॉक में बड़ी बढ़ोतरी हुई है. इससे रसोई गैस की सप्लाई अब सामान्य होने की दिशा में है. अब छोटे जहाजों से शहरों तक पहुंचेगी गैस ​ऊर्जा मंत्रालय ने सप्लाई को और तेज करने के लिए नयी रणनीति अपनाई है. अब इन बड़े बंदरगाहों (मुंद्रा और वडीनार) से छोटे-छोटे जहाजों के जरिए देश के अलग-अलग तटीय शहरों और डिपो तक एलपीजी की सप्लाई की जायेगी .इस ‘हब एंड स्पोक’ मॉडल से गैस कम समय में उपभोक्ताओं तक पहुंचेगी और बड़े जहाजों का बोझ भी कम होगा. ​जमशेदपुर का गौरव ​जमशेदपुर के अंश त्रिपाठी ने समुद्री इंजीनियरिंग के क्षेत्र में जमशेदपुर का नाम रौशन किया है. चुनौतीपूर्ण रूट पर जहाज के इंजन और तकनीकी व्यवस्था को दुरुस्त रखकर उन्होंने साबित किया कि जमशेदपुर की प्रतिभा हर क्षेत्र में अग्रणी है. इसे भी पढ़ें: प्रिंस खान के गुर्गों पर मंडरा रहा काल, आठ दिन के अंदर धनबाद पुलिस के दूसरे एनकाउंटर से अपराधियों में खौफ तेल की खेप भी रास्ते में ​गैस के बाद अब कच्चे तेल की आपूर्ति भी बढ़ रही है. संयुक्त अरब अमीरात से ‘जग लाडकी’ नामक जहाज 81,000 टन कच्चा तेल लेकर मुंद्रा पोर्ट की ओर बढ़ रहा है. अगले 24 से 48 घंटों में इसके पहुंचने की उम्मीद है. इसे भी पढ़ें: मुंद्रा पोर्ट पहुंचते ही जमशेदपुर के फौलादी बेटे अंश ने मां को किया फोन, बोला- मां, मैं लौट आया The post जमशेदपुर के फौलादी बेटे अंश को मिला सम्मान, जान दांव पर लगाकर ले आए 45,000 मीट्रिक टन गैस appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

1 अप्रैल से बदलेंगे अंडा बिक्री के नियम, यूपी में हर अंडे पर एक्सपायरी डेट अनिवार्य

Egg Expiry Date: उत्तर प्रदेश प्रशासन ने अंडे के कारोबार को लेकर बड़ा फैसला लिया है. अब 1 अप्रैल से राज्य में बिकने वाले हर अंडे पर उसकी उत्पादन तारीख (लेड डेट) और एक्सपायरी डेट लिखना जरूरी होगा. यानी अब दुकानदार “ताजा अंडा” कहकर पुराना अंडा नहीं बेच पाएंगे. क्यों लिया गया ये फैसला ? प्रशासन का कहना है कि यह नियम लोगों की सेहत को ध्यान में रखकर लागू किया जा रहा है. पहले कई जगहों पर दुकानदार पुराने अंडे भी फ्रेश बताकर बेच देते थे, जिससे लोगों की सेहत पर असर पड़ता था. अब ग्राहक खुद अंडे पर लिखी तारीख देखकर तय कर सकेंगे कि वह खाने लायक है या नहीं. कितने दिन तक सुरक्षित रहता है अंडा ? आम तौर पर अगर अंडे कमरे के तापमान (करीब 30°C) पर रखे हों, तो वे लगभग 2 हफ्ते तक सही रहते हैं. वहीं अगर उन्हें ठंडे तापमान (2 से 8°C) में रखा जाए, तो 5 हफ्ते तक इस्तेमाल किए जा सकते हैं. लेकिन कई दुकानदार सही तरीके से स्टोरेज नहीं करते थे, जिससे समस्या होती थी. अगर कोई दुकानदार या व्यापारी इस नियम का पालन नहीं करता है, तो उसके अंडे जब्त कर लिए जाएंगे. ऐसे अंडों को या तो नष्ट कर दिया जाएगा या साफ लिखा जाएगा कि ये खाने के लिए सुरक्षित नहीं हैं. प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस बार लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. कोल्ड स्टोरेज की कमी भी चुनौती यूपी जैसे बड़े राज्य में अभी अंडों के लिए सीमित कोल्ड स्टोरेज हैं, मुख्य रूप से आगरा और झांसी में. साथ ही नियम है कि अंडों को सब्जियों के साथ एक ही कोल्ड स्टोरेज में नहीं रखा जा सकता. हालांकि प्रशासन का कहना है कि अब बहाने नहीं चलेंगे, सभी को नियम मानने होंगे. उपभोक्ताओं को क्या फायदा ? इस नए नियम से सबसे बड़ा फायदा आम लोगों को होगा. अब उन्हें अंदाजा लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी कि अंडा कितना पुराना है. अंडे पर साफ-साफ तारीख लिखी होगी, जिससे वे सुरक्षित और ताजा अंडे खरीद सकेंगे. कुल मिलाकर, यह कदम उत्तर प्रदेश में फूड सेफ्टी को मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है. Also Read : शादीशुदा कपल के लिए जॉइन्ट ITR की मांग, राघव चड्ढा ने उठाया मुद्दा The post 1 अप्रैल से बदलेंगे अंडा बिक्री के नियम, यूपी में हर अंडे पर एक्सपायरी डेट अनिवार्य appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

कबाड़ समझकर न फेंकें पुराने कपड़े, बेचने के लिए खुल गए हैं ये तीन पोर्टल

Sell old clothes online India: अक्सर घरों में पुराने कपड़ों को संभालकर रखा जाता है और बाद में उन्हें किसी बर्तन वाले को देकर छोटे-मोटे बर्तन ले लिए जाते हैं. लेकिन अब ऐसा करना बंद करें। अब हिंदुस्तान में ऐसे कई डिजिटल प्लेटफॉर्म आ चुके हैं जो आपके पुराने कपड़ों के बदले आपको मोटी रकम दे रहे हैं. अब आपको फटे-पुराने या छोटे हो चुके कपड़ों को औने-पौने दाम में बेचने की जरूरत नहीं है. इन 3 पोर्टल्स पर मिलेगा कपड़ों का सही दाम आजकल Re-commerce का चलन बढ़ गया है. Freeup, Gletot और Etashee जैसे ऐप्स आपके पुराने फैशन, बैग्स और एक्सेसरीज को बेचने का बेहतरीन मौका देते हैं. Freeup यहां आप अपने कपड़ों को री-सेल करके सीधे पैसे कमा सकते हैं. Gletot यह प्लेटफॉर्म अच्छी कंडीशन वाले पुराने कपड़ों के लिए बेस्ट है. अगर आपके पास ब्रांडेड कपड़े या साड़ियां हैं, तो Etashee पर आपको अच्छी कीमत मिल सकती है. वजन के हिसाब से पाएं डिस्काउंट अगर आप ऑनलाइन नहीं बेचना चाहते, तो स्मार्ट बाजार (Smart Bazaar) एक अच्छा विकल्प है. यहां आप अपने पुराने कपड़े और रद्दी अखबार ले जा सकते हैं. वहां आपको वजन के हिसाब से एक्सचेंज कूपन दिए जाते हैं, जिनका इस्तेमाल आप नई खरीदारी में पैसे कम करवाने के लिए कर सकते हैं. बेचने का तरीका है बेहद आसान इन पोर्टल्स का इस्तेमाल करना बहुत सरल है: अपने कपड़ों की अच्छी फोटो खींचें और ऐप पर अपलोड करें. कपड़ों की डिटेल भरने के बाद कंपनी का प्रतिनिधि खुद आपके घर आकर कपड़े पिकअप करेगा. कपड़े ले जाने के बाद आपको तुरंत पैसे या कूपन मिल जाएंगे. बिना मोलतोल के शानदार कमाई बर्तन वालों के साथ होने वाली चिक-चिक और मोलतोल से अब आपको छुटकारा मिल जाएगा. इन पोर्टल्स पर रेट फिक्स होते हैं और यह पूरी तरह पारदर्शी है. इससे न सिर्फ आपकी कमाई होती है, बल्कि कपड़ों को रीसायकल करके आप पर्यावरण बचाने में भी मदद करते हैं. Also Read: शादीशुदा कपल के लिए जॉइन्ट ITR की मांग, राघव चड्ढा ने उठाया मुद्दा The post कबाड़ समझकर न फेंकें पुराने कपड़े, बेचने के लिए खुल गए हैं ये तीन पोर्टल appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top