Hot News

April 8, 2026

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

ईरान युद्ध : सीजफायर में बाधा बन सकते हैं ये 3 कारण, क्या स्थायी शांति कायम कर पाएगी शांतिवार्ता

US Iran War Ceasefire : अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के लिए हुए सीजफायर को एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक सफलता माना जा रहा है, पर विश्व के नेताओं को इस बात पर भरोसा नहीं हो रहा है कि यह सीजफायर स्थायी शांति लेकर आएगा. दरअसल, 10 अप्रैल से ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता होने वाली है, यह वार्ता कितनी सफल होगी यह तो आने वाला वक्त बताएगा. क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के रवैये पर पूरी दुनिया को भरोसा नहीं है. वहीं मिडिल ईस्ट में शांति कायम करने के लिए सभी पक्षों को शांति के लिए राजी करना होगा और आपसी बातचीत भी बढ़ाना होगा, पर यह एक बहुत बड़ी समस्या है, क्योंकि लेबनान में अपनी सैन्य कार्रवाई रोकने को इजरायल तैयार नहीं है. 1. क्या सीजफायर की राह में बाधा है लेबनान? मंगलवार की रात जब अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर की घोषणा हुई, तो पूरे मिडिल ईस्ट के अलावा विश्व ने भी राहत की सांस ली. लगभग 40 दिन से जारी इस युद्ध के खत्म होने का इंतजार पूरा विश्व कर रहा है, लेकिन इस युद्ध में शामिल पक्ष अपने-अपने हितों को लेकर झुकने के मूड में नहीं हैं. यही वजह है कि इजरायल ने यह साफ कर दिया है कि वह हिजबुल्लाह की समाप्ति के लिए लेबनान के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगा. वह यह मानता है कि लेबनान के खिलाफ कार्रवाई इस सीजफायर का हिस्सा नहीं है. हिजबुल्लाह एक ऐसा संगठन है, जो हमेशा ही इजरायल पर हमला करता रहता है. अपनी सीमा को हिजबुल्लाह से सुरक्षित करने के लिए इजरायल, लेबनान के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है, क्योंकि लेबनान को हिजबुल्लाह के ठिकानों में से एक माना जा सकता है. हिजबुल्लाह ने इजरायल पर पहले हमला किया था, जिसके जवाब में इजरायल ने भी उस पर हमला शुरू किया था. अब जबकि सीजफायर हो गया है, ईरान चाहता है कि उसके सहयोगियों पर हमले रोके जाएं, लेकिन इजरायल का यह कहना है कि यह सैन्य कार्रवाई अलग है. इससे ईरान युद्ध का कोई संबंध नहीं है. दोनों देशों द्वारा दिये जा रहे तर्क स्थायी सीजफायर की दिशा में बड़ी बाधा साबित हो सकते हैं. 2. क्या हैं सीजफायर की शर्तें ईरान में शांति चाहती है पूरी दुनिया ईरान और अमेरिका के बीच जो सीजफायर हुआ है, वह शर्तों के तहत हुआ है. सीजफायर को स्थायी बनाने के लिए इस्लामाबाद में शांतिवार्ता होगी. ईरान ने अपनी 10-सूत्रीय योजना में पूरे क्षेत्र में हमले रोकने की बात कही है. इसमें उसके सहयोगी समूह भी शामिल हैं. सीजफायर को स्थायी बनाने में सबसे बड़ा पेच यहीं फंसता है, क्योंकि इजरायल, लेबनान पर हमला बंद करने के मूड में बिलकुल भी नहीं है. इजरायल दक्षिणी लेबनान में ग्राउंड ऑपरेशन चला रहा है, ताकि वह अपने लिए एक सुरक्षित क्षेत्र बना सके, जहां हिजबुल्लाह आक्रमण ना कर सके. ईरान की शर्तों की वजह से इससे सीजफायर पर असर पड़ सकता है. होर्मुज स्ट्रेट को ईरान ने अभी तो खोला है, लेकिन वह कबतक इसपर कायम रहेगा, यह कहना मुश्किल है. सीजफायर के लिए होर्मुज स्ट्रेट को खोलना अमेरिका की सबसे बड़ी शर्त है. 3. ईरान और अमेरिका के बीच विश्वास की कमी ईरान युद्ध में जो सीजफायर हुआ है, उसमें सबसे बड़ी बाधा दोनों देशों के बीच विश्वास की कमी है. दोनों ही देश एक दूसरे पर भरोसा नहीं करते हैं. युद्ध की शुरुआत में अमेरिका ने यह कहा कि वह आम लोगों को इसमें शामिल नहीं करेगा, लेकिन स्कूल पर हमले हुए और टीचर और बच्चों को मिलाकर 175 लोगों की जान गई. हमले रोकने की बात हुई, लेकिन हमले जारी रहे. इस तरह की कार्रवाइयों की वजह से दोनों देशों के बीच विश्वास की कमी है. शांति वार्ता के दौरान दोनों का पक्षों का भरोसा काफी अहम होगा, लेकिन यह बहुत मजबूत नहीं है. सीजफायर की घोषणा के साथ ही ऐसी सूचना भी आई है कि कई देशों में मिसाइल अलर्ट पर हैं, यह स्थिति भी खतरनाक प्रतीत होती है. ये भी पढ़ें : अमेरिका-ईरान सीजफायर पर हिंदुस्तान की पहली प्रतिक्रिया- संघर्ष-विराम का किया स्वागत क्या है अमेरिका का CSAR मिशन? ईरान में जिसका इस्तेमाल कर पायलट को बचाया गया क्या माही भाई के बिना टीम CSK है जीरो, फैंस क्यों जानना चाहते हैं इस सवाल का जवाब? The post ईरान युद्ध : सीजफायर में बाधा बन सकते हैं ये 3 कारण, क्या स्थायी शांति कायम कर पाएगी शांतिवार्ता appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

दिन-रात पढ़ाई करने के बावजूद एग्जाम में नहीं आ रहे अच्छे मार्क्स? पैरेंट्स जरूर करें ये जरूरी काम

Parenting Tips: माता-पिता अक्सर यह शिकायत करते हैं कि उनका बच्चा मेहनत तो खूब करता है, घंटों पढ़ाई भी करता है, लेकिन फिर भी एग्जाम में उसे अच्छे मार्क्स नहीं मिलते. जब इतनी मेहनत के बाद भी मनचाहा रिजल्ट नहीं आता, तो इससे सिर्फ बच्चा ही नहीं, बल्कि माता-पिता भी निराश हो जाते हैं. अगर आपके घर में भी बच्चा दिन-रात मेहनत करने के बावजूद अच्छे मार्क्स नहीं ला पा रहा है, तो उस पर प्रेशर डालना सही तरीका नहीं है. इसके बजाय आपको एक सही रूटीन बनाने और पढ़ाई के तरीके में बदलाव करने पर ध्यान देना चाहिए. जब आप ये छोटे-छोटे बदलाव अपनाएंगे, तो कुछ ही समय में उसकी परफॉर्मेंस में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है. आइए जानते हैं, ऐसे ही कुछ आसान और असरदार बदलावों के बारे में. सही टाइम टेबल बनाना है जरूरी कई बार शिशु यह गलती कर देते हैं कि वे बिना प्लान किये ही पढ़ाई करने लग जाते हैं. ऐसा होने की वजह से उनके समय का इस्तेमाल सही तरीके से नहीं हो पाता है. एक पैरेंट होने के नाते आपको अपने शिशु के लिए एक आसान और बैलेंस्ड टाइम टेबल बनाना चाहते जिसमें उसे पढ़ाई के साथ-साथ ब्रेक और स्पोर्ट्सने-कूदने के लिए भी समय मिल सके. जब शिशु बिना रुके सिर्फ पढ़ाई ही करते रहते हैं, तो उनका दिमाग तक जाता है जिस वजह से वह किसी भी चीज में बेहतर तरीके से फोकस नहीं कर पाता है. यह भी पढ़ें: नए माता-पिता को इन 5 बातों के लिए हमेशा रहना चाहिए तैयार, वरना बाद में हो सकती है दिक्कत पढ़ाई करने का सही तरीका सिखाएं अगर आपको लगता है कि किताबें पढ़ना ही आपके शिशु के लिए सबकुछ है, तो आप काफी हद तक गलत है. शिशु को समझकर पढ़ना, अपने नोट्स तैयार करना और साथ ही रिवीजन करने के लिए खुद समय निकालना जरूर सिखाएं. जब बच्चा एक्टिव तरीके से पढ़ाई करता है तो उसे चीजें काफी जल्दी याद हो जाती हैं और साथ ही उसे ये चीजें लंबे समय तक याद भी रहती हैं. डिस्ट्रैक्शन से रखें दूर अगर आप चाहते हैं कि आपका बच्चा एग्जाम में अच्छे मार्क्स लेकर आए तो आपको उन सभी चीजों को उससे दूर कर देना चाहिए जिनकी वजह से उनका ध्यान भटक सकता है. खासकर जब वे पढ़ाई कर रहे हों, तो उनके पास स्मार्टफोन, टीवी और वीडियो गेम्स जैसे चीजें कभी नहीं रखनी चाहिए. शिशु बेहतर तरीके से पढ़ाई कर सकें इसके लिए घर में एक शांत और व्यवस्थित स्टडी रूम तैयार करें. नींद और डाइट का रखें ध्यान अगर आप चाहते हैं कि आपके शिशु एग्जाम में अच्छे मार्क्स लेकर आए, तो इसके लिए सिर्फ पढ़ाई ही नहीं बल्कि अच्छी नींद और सही डाइट भी उतनी ही जरूरी है. अगर आपका बच्चा अपनी नींद पूरी नहीं करता है, तो कुछ ही समय में उसका दिमाग ठीक से काम करना बंद कर देता है. इसके अलावा एक सही और बैलेंस्ड डाइट उसे फोकस करने में मदद करता है और साथ ही शरीर में एनर्जी को भी बढ़ाता है. यह भी पढ़ें: बच्चों को सही-गलत का फर्क सिखाने के लिए अपनाएं ये आसान तरीके, हर पैरेंट के लिए जरूरी गाइड शिशु पर ज्यादा प्रेशर न डालें अक्सर ऐसा होता है कि पैरेंट्स की उम्मीदें ही शिशु पर बोझ बन जाती है. जब पैरेंट्स शिशु पर प्रेशर डालते हैं तो इसकी वजह से बच्चा स्ट्रेस में आ जाता है और उसका परफॉरमेंस भी खराब हो जाता है. आपको हमेशा अपने शिशु को सपोर्ट करना चाहिए और अगर वह मेहनत कर रहा है, तो उसकी तारीफ भी करनी चाहिए. एग्जाम से पहले और बाद में भी उसे बेहतर करने के लिए मोटिवेट करते रहें. कमजोर सब्जेक्ट्स पर दें खास ध्यान हर एक बच्चा किसी सब्जेक्ट में अच्छा होता है तो किसी में उसकी पकड़ उतनी मजबूत नहीं होती हो. ऐसे में आपको सिर्फ स्ट्रॉन्ग सब्जेक्ट्स पर ध्यान देने की जगह पर कमजोर सब्जेक्ट्स को भी समझने में उनकी मदद करनी चाहिए. अगर आपके लिए पॉसिबल है तो आप उन्हें खुद एक्स्ट्रा समय दें या फिर एक ट्यूशन टीचर की मदद लें. यह भी पढ़ें: क्या आप भी अपने शिशु से हर दिन कहते हैं ये 3 पॉजिटिव बातें? बदल सकती है उनकी पूरी दुनिया The post दिन-रात पढ़ाई करने के बावजूद एग्जाम में नहीं आ रहे अच्छे मार्क्स? पैरेंट्स जरूर करें ये जरूरी काम appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

वोटर लिस्ट से नाम हटाये जाने के खिलाफ फिर कोर्ट जायेंगी ममता बनर्जी, BJP पर लगाये गंभीर आरोप

Mamata Banerjee News Today: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के रण में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने निर्वाचन आयोग और हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है. बुधवार को हुगली जिले के आरामबाग, बालागढ़ और श्रीरामपुर में ताबड़तोड़ रैलियां करते हुए ममता बनर्जी ने घोषणा की कि वोटर लिस्ट से करीब 91 लाख लोगों के नाम हटाये जाने के खिलाफ उनकी पार्टी एक बार फिर कोर्ट जायेगी. उन्होंने साफ कहा कि केवल नाम काटकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को भाजपा नहीं हरा पायेगी. वोटर लिस्ट फ्रीज करना कैसा लोकतंत्र : ममता बनर्जी आरामबाग की रैली में ममता बनर्जी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए निर्वाचन आयोग (ECI) को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा- अक्टूबर 2025 में 7.66 करोड़ मतदाता थे. इनमें से 90.83 लाख से ज्यादा नाम हटा दिये गये. हम संविधान के अनुसार नामों को वापस शामिल करवाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ेंगे. जब लोग वोट ही नहीं डाल पायेंगे, तो न्यायाधिकरण (Tribunal) बनाने का क्या फायदा? आप कहते हैं कि लिस्ट फ्रीज कर दी गयी है, हम इसे चुनौती देंगे. आयोग पर लगाया फोन कर धमकाने का आरोप ममता बनर्जी यहीं नहीं रुकीं. उन्होंने निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है. उन्होंने दावा किया कि आयोग लोगों को फोन करके धमका रहा है. उन्होंने कहा कि भाजपा मतदाताओं को लुभाने के लिए धन का प्रलोभन दे रही है और वोटर लिस्ट में हेरफेर करने की कोशिश कर रही है. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें भाजपा को वोट दिया तो छूट जायेगा मछली-भात : ममता बालागढ़ की रैली में ममता बनर्जी ने एक नया ‘कल्चरल कार्ड’ स्पोर्ट्सते हुए लोगों को चेतावनी दी. उन्होंने कहा- भाजपा को वोट देने का मतलब है अपनी भाषा और खान-पान का त्याग करना. उत्तर प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में लोगों को अंडे, मछली या मांस खाने की आजादी नहीं है. अगर बंगाल में भाजपा की प्रशासन आ गयी, तो यहां भी मछली, मांस खाना और बांग्ला भाषा बोलना मुश्किल हो जायेगा. इसे भी पढ़ें : बंगाल में ममता का ‘चौका’ या भाजपा का ‘परिवर्तन’? 294 सीटों का पूरा गणित और 2 चरणों का चुनावी शेड्यूल, यहां जानें सब कुछ बंगाल के विभाजन की साजिश का दावा श्रीरामपुर की जनसभा में ममता बनर्जी ने परिसीमन (Delimitation) को लेकर भी भाजपा को घेरा. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा परिसीमन की आड़ में बंगाल को विभाजित करने की गहरी साजिश रच रही है. वे बंगाल को बांटकर एक और नया राज्य बनाना चाहते हैं, लेकिन हम बंगाल का बंटवारा किसी कीमत पर नहीं होने देंगे. बंगाल चुनाव के इस दूसरे चरण से पहले ममता बनर्जी के इन बयानों ने राज्य की नेतृत्व में ‘अस्मिता’ और ‘अधिकार’ की लड़ाई को और तेज कर दिया है. इसे भी पढ़ें बंगाल चुनाव से पहले दिल्ली में हाई वोल्टेज ड्रामा, CEC ने चले जाने को कहा या TMC नेता चिल्लाए? नंदीग्राम का संग्राम : 21 लाख लेकर मैदान में उतरे शुभेंदु अधिकारी ने खर्च किये 23.62 लाख रुपए, ममता बनर्जी को हराया बंगाल की सियासत में ‘आया राम, गया राम’, 2021 की जीत के बाद 10 विधायकों ने बदला पाला, BJP को सबसे बड़ा झटका Exit Poll पर 9 से 29 अप्रैल तक बैन, दिखाने वाले 2 साल के लिए जायेंगे जेल The post वोटर लिस्ट से नाम हटाये जाने के खिलाफ फिर कोर्ट जायेंगी ममता बनर्जी, BJP पर लगाये गंभीर आरोप appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

CSK के लिए बुरी खबर, धोनी की वापसी के लिए करना होगा इंतजार, जानें कब लौटेंगे माही

Highlights लगातार तीन हार से चेन्नई की हालत खराब चेन्नई में धोनी का रिहैब और फिटनेस अपडेट दिल्ली और कोलकाता के खिलाफ स्पोर्ट्सना मुश्किल सीईओ काशी विश्वनाथन ने दी जानकारी डेवाल्ड ब्रेविस की वापसी की पूरी उम्मीद MS Dhoni Injury Update: पांच बार की चैंपियन टीम चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) की टीम आईपीएल 2026 (IPL 2026) में अपने शुरुआती तीनों मैच हार चुकी है. फिलहाल सीएसके पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे मौजूद है. इस मुश्किल समय में टीम के महेंद्र सिंह धोनी की फिटनेस को लेकर एक अहम अपडेट सामने आया है. धोनी अपनी पिंडली की चोट के कारण कम से कम एक सप्ताह और क्रिकेट के मैदान से दूर रहने वाले हैं. लगातार तीन हार से चेन्नई की हालत खराब कप्तान रुतुराज गायकवाड़ के नेतृत्व में चेन्नई की टीम हार की हैट्रिक लगा चुकी है और उसे अभी भी अपनी पहली जीत का इंतजार है. यह चेन्नई के इतिहास में किसी भी सीजन की दूसरी सबसे लंबी शुरुआती हार की सीरीज बन गई है. इन मुकाबलों में टीम को धोनी के अपार अनुभव और उनके मैच खत्म करने की कला की बहुत ज्यादा कमी महसूस हो रही है. चेन्नई में धोनी का रिहैब और फिटनेस अपडेट क्रिकबज की रिपोर्ट के अनुसार 44 साल के महेंद्र सिंह धोनी अभी मैच स्पोर्ट्सने के लायक बिल्कुल भी फिट नहीं हैं. वह अपनी पिंडली की मांसपेशियों में आए खिंचाव की समस्या से जूझ रहे हैं. धोनी इस समय अपने परिवार के साथ चेन्नई में ही मौजूद हैं. वहां वह टीम के खास फिजियो और सपोर्ट स्टाफ की देखरेख में रिहैब प्रक्रिया से गुजर रहे हैं. कुछ दिन पहले उन्होंने नेट्स पर बल्लेबाजी का अभ्यास जरूर किया था लेकिन उन्हें अपनी पूरी फिटनेस हासिल करने में अभी और समय लगेगा. दिल्ली और कोलकाता के खिलाफ स्पोर्ट्सना मुश्किल चेन्नई सुपर किंग्स आने वाले सात दिनों में अपने घरेलू मैदान एमए चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) में दो टीमों की मेजबानी करने वाली है. चेन्नई को 11 अप्रैल को दिल्ली कैपिटल्स और फिर 14 अप्रैल को कोलकाता नाइट राइडर्स का सामना करना है. रिपोर्ट के मुताबिक धोनी का 11 अप्रैल को दिल्ली के खिलाफ होने वाले मैच से बाहर रहना तय माना जा रहा है. इसके बाद 14 अप्रैल को कोलकाता के खिलाफ होने वाले मैच में भी उनके मैदान पर उतरने की उम्मीद काफी कमजोर है. सीईओ काशी विश्वनाथन ने दी जानकारी धोनी ना सिर्फ टीम की प्लेइंग इलेवन से बाहर हैं बल्कि वह डगआउट में भी नजर नहीं आ रहे हैं. शुरुआती तीन मुकाबलों में उन्होंने टीम के साथ बाहर के मैचों के लिए यात्रा नहीं की थी और घरेलू मैच में भी स्टेडियम नहीं पहुंचे. इस पर चेन्नई के सीईओ काशी विश्वनाथन ने बताया कि धोनी रिहैब कर रहे हैं और इसमें कुछ समय लगेगा. उन्होंने साफ किया कि धोनी की वापसी में कितना समय लगेगा यह अभी पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता. डेवाल्ड ब्रेविस की वापसी की पूरी उम्मीद चेन्नई के लिए चोटिल खिलाड़ियों की लिस्ट में युवा बल्लेबाज डेवाल्ड ब्रेविस का नाम भी शामिल है. वह साइड स्ट्रेन की चोट के कारण इस सीजन के शुरुआती तीनों मैच नहीं स्पोर्ट्स पाए हैं. हेड कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने बेंगलुरु के खिलाफ मिली हार के बाद स्पष्ट किया था कि ब्रेविस अब पूरी तरह ठीक होने के काफी करीब हैं. फ्लेमिंग ने कहा कि टीम ने सावधानी बरती है और अगले मैच के बीच पांच दिन का समय है. टीम को पूरी उम्मीद है कि वह तेजी से रिकवरी करेंगे और दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ अपना पहला मैच स्पोर्ट्सने के लिए पूरी तरह तैयार रहेंगे. ये भी पढ़ें- उसके शॉट्स देखकर मजा आ गया, वैभव सूर्यवंशी की बैटिंग के दीवाने हुए हार्दिक पंड्या ये होते हैं संस्कार, अशीष नेहरा से मिले वैभव तो छुए पैर, वीडियों ने जीता दिल क्या बारिश बिगाड़ेगी DC vs GT का मैच? जानें पिच और मौसम की रिपोर्ट The post CSK के लिए बुरी समाचार, धोनी की वापसी के लिए करना होगा इंतजार, जानें कब लौटेंगे माही appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बंगाल चुनाव से पहले दिल्ली में हाई वोल्टेज ड्रामा, CEC ने चले जाने को कहा या TMC नेता चिल्लाए?

ECI TMC Controversy: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के मतदान से पहले दिल्ली में नेतृत्व का पारा सातवें आसमान पर है. बुधवार को हिंदुस्तान निर्वाचन आयोग (ECI) की पूर्ण पीठ और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के प्रतिनिधिमंडल की बैठक बेहद तनावपूर्ण और कड़वाहट भरे माहौल में खत्म हुई. दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर बदसलूकी और चिल्लाने के गंभीर आरोप लगाये हैं. महज 7 मिनट चली बैठक और मच गया बवाल टीएमसी के प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि बैठक के अंत में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने उनसे बेहद रूखे अंदाज में कहा- यहां से चले जाइए. दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग के सूत्रों ने दावा किया कि टीएमसी नेता डेरेक ओब्रायन चुनाव आयुक्तों पर चिल्ला रहे थे. उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को बात न करने तक की चेतावनी दे दी. ECI TMC Controversy: डेरेक ओब्रायन बोले- इतिहास के पहले ऐसे CEC बैठक के बाद टीएमसी सांसद डेरेक ओब्रायन ने मीडिया को बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पत्र आयोग को सौंपे थे. उन्होंने चुनाव अधिकारियों के भाजपा से मिले होने के सबूत भी दिये. डेरेक ने कहा- हमने आयोग के साथ कई बैठकें की हैं, लेकिन कभी ऐसा व्यवहार नहीं देखा. जब हम बाहर निकल रहे थे, तब मैंने ज्ञानेश कुमार को बधाई दी कि वे एकमात्र ऐसे CEC हैं, जिन्हें हटाने के लिए संसद के दोनों सदनों में नोटिस दिया गया है. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें भयमुक्त, हिंसामुक्त, धमकीमुक्त और प्रलोभनमुक्त होंगे बंगाल चुनाव : CEC निर्वाचन आयोग के सूत्रों ने टीएमसी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि आयोग के प्रमुख ने केवल ‘सीधी बात’ की थी. आयोग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि पश्चिम बंगाल में आगामी चुनाव ‘भयमुक्त, हिंसामुक्त, धमकीमुक्त और प्रलोभनमुक्त’ होंगे. आयोग ने यह भी संकेत दिया कि वे किसी भी दल के दबाव में आये बिना निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. बंगाल चुनाव की तारीखें नजदीक आते ही चुनाव आयोग और सत्तारूढ़ दल के बीच यह टकराव आने वाले दिनों में और बढ़ने के संकेत दे रहा है. हंगामे के बाद TMC ने सोशल मीडिया पर किया पोस्ट दिल्ली में हाई वोल्टेज ड्रामा के बाद ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट लिखा. इसमें कहा- हम चुनाव आयोग से साफ कह रहे हैं. यह चुनाव होगा. दिल्ली के नियंत्रण के बगैर, बिना नेतृत्वक पूर्वाग्रह के, जान-बूझकर किसी को निशाना बनाये बगैर और डबल स्टैंडर्ड से मुक्त. निर्वाचन सदन में मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलने वाले डेलीगेशन में डेरेक ओ ब्रायन के अलावा सागरिका घोष, साकेत गोखले और मेनका गुरुस्वामी शामिल थीं. আমরাও নির্বাচন কমিশনকে সোজা কথা সোজাভাবেই বলছি। এবারের নির্বাচন হতে হবে: দিল্লির নিয়ন্ত্রণমুক্ত,রাজনৈতিক পক্ষপাতহীন,উদ্দেশ্যপ্রণোদিতভাবে কাউকে নিশানা করা থেকে মুক্তএবং অবশ্যই দ্বিচারিতামুক্ত। Our straight-talk to @ECISVEEP.This time, the Elections must be: Free from… pic.twitter.com/TpWxZv5yWr — All India Trinamool Congress (@AITCofficial) April 8, 2026 इसे भी पढ़ें बंगाल चुनाव 2026: वोटर लिस्ट शुद्धिकरण में 91 लाख मतदाता साफ, पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर महामुकाबला बंगाल में ममता का ‘चौका’ या भाजपा का ‘परिवर्तन’? 294 सीटों का पूरा गणित और 2 चरणों का चुनावी शेड्यूल, यहां जानें सब कुछ बंगाल में एसआईआर के बाद मतदाता सूची जारी होने से पहले सुरक्षा कड़ी बंगाल चुनाव 2026: यह लोकतंत्र का पर्व नहीं, अंतिम यात्रा है, SIR पर बरसे शुभंकर प्रशासन, चुनाव आयोग को लिखी चिट्ठी The post बंगाल चुनाव से पहले दिल्ली में हाई वोल्टेज ड्रामा, CEC ने चले जाने को कहा या TMC नेता चिल्लाए? appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

अपने ही देश में हक और पहचान के लिए क्यों ठोकरें खा रहे आदिवासी: हेमंत सोरेन

रांची से सुनील चौधरी की रिपोर्ट Ranchi News: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर आदिवासी समाज की पीड़ा को मार्मिक शब्दों में व्यक्त किया है. मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में सवाल उठाया है कि अंग्रेजों के सामने कभी न झुकने वाले, जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए सदियों से संघर्ष करने वाले और स्वाभिमान को कभी न बेचने वाले आदिवासियों को आज अपने ही देश में हक और पहचान के लिए दर-दर की ठोकरें क्यों खानी पड़ रही हैं. मुख्यमंत्री ने क्या लिखा मुख्यमंत्री ने लिखा है कि यह केवल एक प्रश्न नहीं, बल्कि लोकतंत्र के आईने में दिखती सच्चाई है. जिन समुदायों ने औपनिवेशिक सत्ता के खिलाफ सबसे पहले और निर्णायक लड़ाइयां लड़ीं, चाहे वह संथाल हूल हो या भगवान बिरसा मुंडा का उलगुलान, आज वही समुदाय अपने ही संविधान के भीतर मान्यता और सम्मान के लिए संघर्ष कर रहे हैं. उन्होंने इसे बड़ी विडंबना बताया है.  अंग्रेज़ों के सामने नतमस्तक नहीं होने वाले, जल–जंगल–ज़मीन की रक्षा में सदियों तक संघर्ष करने वाले, अपने स्वाभिमान को कभी न बेचने वाले, उन्हीं आदिवासियों को आज अपने ही देश में हक और पहचान के लिए दर-दर की ठोकरें क्यों खानी पड़ रही हैं? यह केवल एक प्रश्न नहीं है, यह हमारे लोकतंत्र… pic.twitter.com/JuEtR0MQ3j — Hemant Soren (@HemantSorenJMM) April 8, 2026 असम के चाय बागानों में आदिवासियों के लिए पोस्टर अपील मुख्यमंत्री ने पोस्ट के साथ तीन पोस्टर भी साझा किए हैं. इन पोस्टरों के माध्यम से असम के चाय बागानों में रह रहे आदिवासी भाई-बहनों से संवाद किया गया है. पोस्टरों में जोहार नमस्कार के साथ हिंदी, असमिया और अंग्रेजी में अपील की गयी है कि असम की धरती पर सदियों से रह रहे आदिवासियों को अब तक अनुसूचित जनजाति (एसटी) का संवैधानिक दर्जा नहीं मिला है, जो राष्ट्रीय स्तर का अन्याय है.  पोस्टर में क्या कहा गया है? पोस्टर में कहा गया है कि ब्रिटिश काल में घरों से दूर लाए गए और चाय बागानों की वित्तीय स्थिति को अपने खून-पसीने से खड़ा करने वाले इन आदिवासियों को आजादी के बाद भी न पहचान मिली और न सम्मान. मुख्यमंत्री ने लिखा है कि यह मुद्दा किसी पार्टी की नेतृत्व से ऊपर है, बल्कि न्याय, सम्मान और पहचान का सवाल है. मुख्यमंत्री ने असम के आदिवासी मतदाताओं से एसटी मान्यता, न्यूनतम 500 रुपये दैनिक मजदूरी, बच्चों की बेहतर शिक्षा, आवास और रोजगार जैसे मुद्दों को ध्यान में रखते हुए जेएमएम-जेबीपी उम्मीदवार को समर्थन देने की अपील की है. उन्होंने कहा है कि जब तक न्याय अधूरा है, तब तक लोकतंत्र भी अधूरा रहेगा. इसे भी पढ़ें: झारखंड में 2034 पदों पर हाईस्कूल शिक्षकों की नियुक्ति नहीं, 6 महीने पहले हाईकोर्ट ने दिया था आदेश इसे भी पढ़ें: बदहाल जिंदगी जी रहे शहीद बख्तर साय के वंशज, गढ़पहाड़ को टूरिस्ट प्लेस विकसित करने की मांग The post अपने ही देश में हक और पहचान के लिए क्यों ठोकरें खा रहे आदिवासी: हेमंत सोरेन appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

अमेरिका-ईरान सीजफायर पर भारत की पहली प्रतिक्रिया- संघर्ष-विराम का किया स्वागत

US Iran Ceasefire: ईरान अमेरिका सीजफायर का हिंदुस्तान ने स्वागत किया है. विदेश मंत्रालय ने युद्धविराम पर पहली प्रतिक्रिया देते हुए बुधवार (8 अप्रैल) को कहा कि उम्मीद करते हैं कि सीजफायर से पश्चिम एशिया में स्थायी शांति स्थापित होगी. विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस संघर्ष से आम लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी है, साथ ही वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार नेटवर्क भी प्रभावित हुए हैं. हिंदुस्तान ने उम्मीद जताई कि होर्मुज से अब बिना रुकावट जहाजों की आवाजाही हो सकेगी. अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी आखिरी 48 घंटे की डेडलाइन से करीब दो घंटा पहले ही ईरान के साथ सीज फायर की घोषणा की थी. ईरान ने भी इसे माना और होर्मुज खोलने पर राजी हो गया. MEI ने कहा- लड़ाई से सप्लाई चेन हुई प्रभावित विदेश मंत्रालय ने कहा कि हिंदुस्तान शुरू से ही इस बात पर जोर देता रहा है कि बढ़ते तनाव का समाधान बातचीत और कूटनीतिक रास्ते से ही निकाला जाना चाहिए. विदेश मंत्रालय ने कहा कि करीब 39 दिनों से जारी इस लड़ाई में सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है. इसके कारण आम लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी है. हिंदुस्तान प्रशासन के विदेश मंत्रालय ने उम्मीद जताई है कि अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही में कोई रुकावट नहीं आएगी. Ministry of External Affairs says, “We welcome the ceasefire reached and hope that it will lead to a lasting peace in West Asia. As we have continuously advocated earlier, de-escalation, dialogue and diplomacy are essential to bring an early end to the ongoing conflict. The… pic.twitter.com/p4QDf17oEI — ANI (@ANI) April 8, 2026 फियो ने कहा होर्मुज खुलने से निर्यातकों को राहत अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के फिर से खुलने से हिंदुस्तानीय निर्यातकों को राहत मिली है. हिंदुस्तानीय निर्यात संगठनों के महासंघ (फियो) ने कहा कि इससे जहाजों की आवाजाही में आ रही दिक्कतें कम होंगी और माल भेजने का रास्ता आसान होगा. फियो के अध्यक्ष एससी रल्हन ने कहा कि युद्धविराम और होर्मुज के खुलने से शिपिंग में रुकावट, बढ़ा हुआ भाड़ा और बीमा खर्च कम होने की उम्मीद है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह राहत फिलहाल अस्थायी है, इसलिए निर्यातकों को अभी भी सावधानी बरतनी होगी. उनका कहना है कि अगर क्षेत्र में स्थिरता बनी रहती है, तो भरोसा लौटेगा और व्यापार पूरी तरह सामान्य हो पाएगा. खाड़ी देशों से होता है हिंदुस्तान का व्यापार युद्धविराम की घोषणा हिंदुस्तान के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि मिडिल ईस्ट देशों का हिंदुस्तान के साथ व्यापारिक रिश्ता है. होर्मुज के रास्ते हिंदुस्तान काफी मात्रा में सामानों का आयात और निर्यात करता है. हिंदुस्तान का खाड़ी देशों के साथ द्विपक्षीय व्यापार साल 2024-25 में 178 अरब डॉलर (करीब 14.78 लाख करोड़ रुपये) था. इसमें 56.87 अरब डॉलर (4,70,000 करोड़ रुपये) का निर्यात (Export) और 121.67 अरब डॉलर (10 लाख करोड़ रुपये) का आयात (Import) शामिल है. हिंदुस्तान खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के छह सदस्य देशों के साथ व्यापक व्यापार करता है. इनमें संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सऊदी अरब, कतर, ओमान, कुवैत और बहरीन शामिल हैं. हिंदुस्तान यहां से तेल और गैस आयात करता है और मशीनरी, रत्न-आभूषण और कृषि उत्पाद निर्यात करता है. दो सप्ताह के लिए हुआ है संघर्षविराम अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी तय समय-सीमा खत्म होने से करीब 90 मिनट पहले घोषणा की कि अमेरिका ने पाकिस्तान के प्रस्ताव पर ईरान के साथ दो हफ्ते का संघर्षविराम मान लिया है. ट्रंप ने मंगलवार शाम (अमेरिकी समयानुसार) ट्रुथ सोशल पर यह जानकारी दी. ट्रंप ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने उनसे अनुरोध किया कि वह ईरान पर होने वाली विनाशकारी कार्रवाई को रोक दें. ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने भी इस दो हफ्ते के संघर्षविराम को मान लिया है. ईरान ने कहा है कि वह शुक्रवार से इस्लामाबाद में अमेरिका से बातचीत करेगा. (इनपुट भाषा) The post अमेरिका-ईरान सीजफायर पर हिंदुस्तान की पहली प्रतिक्रिया- संघर्ष-विराम का किया स्वागत appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

MBBS 2022 बैच पर NExT परीक्षा को लेकर वायरल नोटिस फेक, NMC ने किया साफ

NExT Exam Fake Notice: MBBS स्टूडेंट्स के बीच इन दिनों एक नोटिस तेजी से वायरल हो रहा था, जिसमें दावा किया जा रहा है कि 2022 बैच के छात्रों को अब नेशनल एग्जिट टेस्ट (NExT) देना अनिवार्य होगा. हालांकि, इस दावे को लेकर अब स्थिति साफ हो गई है. NMC ने इस नोटिस को पूरी तरह से फर्जी बताया है. NMC ने नोटिस जारी कर दी सूचना नेशनल मेडिकल काउंसिल (NMC) ने X पर एक नोटिस जारी कर लिखा, NMC की नजर में आया है कि सोशल मीडिया पर एक फेक सूचना फैलाई जा रही है. इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू की जा रही है. सभी कैंडिडेट्स को सलाह दी जाती है कि वे सिर्फ NMC की ऑफिशियल वेबसाइट nmc.org.in के माध्यम से जानकारी हासिल करें. It has come to the notice of National Medical Commission that a fake public notice is being circulated on social media. Strict legal action is being initiated against those responsible. All stakeholders are strongly advised to verify information only through official… pic.twitter.com/xbeRHPABER — National Medical Commission (@NMC_BHARAT) April 7, 2026 क्या था वायरल दावा? वायरल लेटर में कहा गया था कि NExT परीक्षा 2022 MBBS बैच से लागू होगी. इसमें यह भी दावा किया गया कि यह परीक्षा फाइनल ईयर क्वालिफाइंग एग्जाम, मेडिकल प्रैक्टिस के लिए लाइसेंस और PG एडमिशन (NEET PG की जगह) के तौर पर लागू होगी. क्या है सच्चाई? NMC के अधिकारियों ने साफ किया है कि ऐसा कोई आधिकारिक नोटिस जारी नहीं किया गया है और जो सर्कुलर वायरल हो रहा है, वह फर्जी है. इस पर जल्द आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करने की भी बात कही गई है. ऐसे में स्टूडेंट्स किसी भी नोटिस पर भरोसा करने से पहले ऑफिशियल वेबसाइट जरूर चेक करें. यह भी पढ़ें- JNU से पढ़ना हुआ अब और भी मुश्किल, फॉरेन लैंग्वेज में CUET UG से मिलेगा एडमिशन The post MBBS 2022 बैच पर NExT परीक्षा को लेकर वायरल नोटिस फेक, NMC ने किया साफ appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

अब हर साल कैश करा सकेंगे बची हुई छुट्टियां, छुट्टियों के नियमों में बड़ा बदलाव

New Labour Codes: नए लेबर कोड के तहत ‘लीव एनकैशमेंट’ (Leave Encashment) के नियमों को पूरे देश में एक समान और सरल बनाने की तैयारी है. सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि कर्मचारी अब हर साल के अंत में अपनी अतिरिक्त छुट्टियों के बदले नकद पैसा (Cash) मांग सकते हैं. यह अधिकार अब केवल कुछ राज्यों तक सीमित न रहकर पूरे देश के कर्मचारियों को मिलेगा. लीव एनकैशमेंट के नए नियम: क्या बदलेगा आपके लिए? हर साल पैसा पाने का अधिकार: पहले अधिकांश राज्यों में छुट्टियों का पैसा केवल नौकरी छोड़ते समय या रिटायरमेंट पर ही मिलता था. अब कर्मचारी कैलेंडर वर्ष के अंत में अपनी संचित छुट्टियों के लिए एनकैशमेंट की मांग कर सकेंगे. छुट्टियों को आगे ले जाने की सीमा (Carry Forward): नियमों के अनुसार, एक कर्मचारी अधिकतम 30 दिनों तक की छुट्टियों को अगले साल के लिए जोड़ (Accumulate) सकता है. यदि आपकी छुट्टियां 30 से अधिक हो जाती हैं, तो आप उन अतिरिक्त दिनों के बदले कंपनी से पैसा लेने के हकदार होंगे. एक देश, एक नियम: अभी तक अलग-अलग राज्यों में छुट्टियों को लेकर अलग-अलग कानून थे (जैसे तेलंगाना में नियम अलग थे). नए कोड के आने से पूरे हिंदुस्तान में एक ‘स्टैंडर्ड सिस्टम’ लागू होगा, जिससे मल्टी-स्टेट कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों और नियोक्ताओं दोनों के लिए स्पष्टता बढ़ेगी. नए लेबर कोड के तहत छुट्टियों का गणित विवरण नया प्रावधान अधिकतम संचय (Carry Forward) 30 दिन एनकैशमेंट की सुविधा हर साल उपलब्ध (Yearly) पात्रता पूरे देश के सभी कर्मचारी मुख्य लाभ रिटायरमेंट तक इंतजार करने की जरूरत नहीं Also Read: मुद्रा योजना के 11 साल पूरे, बिना गारंटी लोन की वो स्कीम जिसने करोड़ों को बनाया मालिक The post अब हर साल कैश करा सकेंगे बची हुई छुट्टियां, छुट्टियों के नियमों में बड़ा बदलाव appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

‘अपने बेटे को क्यों नहीं एक पैर पर खड़ा कर पाए ?’ भरे मंच पर बिग बी को लेकर ऐसा बोल गए समय रैना

Samay Raina: कॉमेडियन समय रैना इन दिनों अपने नए स्टैंडअप शो ‘स्टिल अलाइव’ को लेकर जबरदस्त सुर्खियों में हैं. इस शो के कई क्लिप्स सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें उनका बेबाक और मजेदार अंदाज दर्शकों को खूब पसंद आ रहा है. खासतौर पर सदी के महानायक अमिताभ बच्चन को लेकर किया गया उनका मजाक चर्चा का बड़ा विषय बन गया है. शो के दौरान समय रैना ने ‘कौन बनेगा करोड़पति’ में अपने अनुभव को शेयर किया. उन्होंने बताया कि जब वे इस क्विज शो में पहुंचे थे, तो उन्होंने एक ऐसा झूठ बोला, जो अब वे खुलकर स्वीकार कर रहे हैं. समय ने कहा कि उन्होंने अमिताभ बच्चन से यह कहा था कि उनकी दादी उनकी बहुत बड़ी फैन हैं, जबकि असल में उनकी दादी का कई साल पहले ही निधन हो चुका था. उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि उस माहौल में खुद को ढालने के लिए उन्हें ऐसा कहना पड़ा. Samay Raina roasting amitabh bachchan, don’t miss 0:21 sec 😂🔥 pic.twitter.com/f9RUXp1mr3 — Aditya. (@Adityaverce) April 7, 2026 KBC में अलग दिखने की थी तैयारी समय रैना ने बताया कि वे ‘कौन बनेगा करोड़पति’ में एक अलग इमेज के साथ जाना चाहते थे. आमतौर पर अपने कंटेंट में शरारती और बोल्ड अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले समय ने वहां खुद को शांत और सुलझा हुआ दिखाने की कोशिश की. उनका मानना था कि ऐसा करने से लोग उन्हें एक वर्सेटाइल कलाकार के रूप में देखेंगे. मन में आया मजाक, लेकिन नहीं कहा Samay Raina COOKED Amitabh Bachchan and Abhishek Bachchan 😭 “Aapne itna polio ka ad kia, apne bete ko pairo par khada kyu nahi kar paye” pic.twitter.com/3uxA04tjuw — Chota Don (@choga_don) April 7, 2026 शो में समय ने यह भी बताया कि उनके मन में अमिताभ बच्चन को लेकर एक मजाक आया था, लेकिन उन्होंने उसे शो में नहीं कहा. उनका मानना था कि अगर वे ऐसा बोलते, तो मामला बिगड़ सकता था. इसलिए उन्होंने अपनी सीमाओं को समझते हुए खुद को कंट्रोल किया और मंच की मर्यादा बनाए रखी. रणवीर अल्लाहबादिया पर भी की खुलकर बात अपने शो में समय रैना ने यूट्यूबर रणवीर अल्लाहबादिया से जुड़े विवाद का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि जिस सवाल को लेकर विवाद हुआ था, वह एक बार नहीं बल्कि कई बार पूछा गया था. हालांकि, एडिटिंग के दौरान उन्होंने काफी हिस्से हटाए ताकि कंटेंट संतुलित रहे. समय रैना का यह बेबाक और ईमानदार अंदाज दर्शकों को खूब पसंद आ रहा है. यही वजह है कि उनके शो के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं और सोशल मीडिया पर लोग उनकी कॉमिक टाइमिंग की जमकर तारीफ कर रहे हैं. यह भी पढ़ें: त्रिशाकर मधु संग राकेश मिश्रा का धमाका, ‘Dermi Cool चाही’ हुआ वायरल The post ‘अपने बेटे को क्यों नहीं एक पैर पर खड़ा कर पाए ?’ भरे मंच पर बिग बी को लेकर ऐसा बोल गए समय रैना appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top