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April 18, 2026

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बंगाल में 2021 जैसी लहर या ‘परिवर्तन’ की आहट? ममता बनर्जी की लोकप्रियता और भाजपा की रणनीति का पूरा विश्लेषण यहां पढ़ें

West Bengal Election 2021 vs 2026 Comparison: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए बिसात बिछ चुकी है. 2021 के ऐतिहासिक चुनाव में ‘स्पोर्ट्सा होबे’ का नारा गूंजा था. 2026 की दहलीज पर खड़ा बंगाल उससे काफी अलग नजर आ रहा है. पिछले 5 वर्षों में राज्य की नेतृत्वक तस्वीर और मतदाताओं का मिजाज काफी हद तक बदल चुका है. 2021 में ममता बनर्जी ने एकतरफा जीत हासिल की थी. 2026 का यह रण चुनौतीपूर्ण और ‘कांटे की टक्कर’ वाला माना जा रहा है. 2021 का ‘जनादेश’ और 2026 की ‘चुनौती’ 2021 में तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने 213 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया था. भाजपा 77 सीटों पर सिमट गयी थी. 2026 में परिस्थितियां बदली हुई हैं. इस बार क्या-क्या बदल गया है, यहां पढ़ें. सत्ता विरोधी लहर (Anti-Incumbency): 15 साल के शासन के बाद टीएमसी को भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों और ‘आरजी कर’ जैसे संवेदनशील मामलों के कारण उपजे जन-आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है. भाजपा का ग्राफ : भाजपा ने पिछले 5 सालों में अपनी सांगठनिक शक्ति बढ़ायी है. शुभेंदु अधिकारी अब नेता प्रतिपक्ष के रूप में ज्यादा आक्रामक हैं और ‘नंदीग्राम’ की जीत का मनोवैज्ञानिक लाभ उनके साथ है. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें ‘ममता फैक्टर’ बनाम ‘शुभेंदु का उदय’ 2021 में ममता बनर्जी ‘बंगाल की बेटी’ के रूप में उभरी थीं. 2026 में भी वह 49 प्रतिशत लोगों की पहली पसंद हैं, लेकिन उनकी लोकप्रियता के ग्राफ में गिरावट आयी है. दूसरी ओर, शुभेंदु अधिकारी अब अघोषित रूप से भाजपा के सबसे बड़े ‘चेहरे’ के रूप में स्थापित हो चुके हैं. यह मुकाबला अब सीधे तौर पर ‘दीदी बनाम दादा’ (ममता बनाम शुभेंदु) में बदल गया है. इसे भी पढ़ें : बंगाल चुनाव 2026: सीएम फेस पर शमिक भट्टाचार्य ने कर दिया बड़ा ऐलान, जानें किसके चेहरे पर चुनाव लड़ेगी भाजपा इसे भी पढ़ें : बंगाल समेत अन्य राज्यों में वोट के लिए बांटी जा रही शराब, ड्रग्स और कैश, अब तक 651.55 करोड़ जब्त West Bengal Election 2021 vs 2026 Comparison: नये ‘गेमचेंजर’ और समीकरण वोटर लिस्ट विवाद (SIR): 2021 में ऐसा कोई मुद्दा नहीं था, लेकिन 2026 में मतदाता सूची के पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भाजपा ने ‘घुसपैठ’ के मुद्दे को जोर-शोर से उछाला है. त्रिकोणीय मुकाबले की संभावना : ओवैसी की AIMIM और हुमायूं कबीर की AJUP का गठबंधन मुस्लिम मतों में सेंध लगा सकता है, जो 2021 में पूरी तरह ममता के साथ थे. युवा और आरजी कर का आंदोलन : 2021 में युवा वोटर टीएमसी के साथ थे. इस बार आरजी कर आंदोलन के बाद शिक्षित युवाओं और मध्यम वर्ग में प्रशासन के प्रति नाराजगी दिख रही है. इसे भी पढ़ें : ममता राज में बंगाल में कुपोषण काल, कोलकाता में बढ़ी चाइल्ड वेस्टिंग, 5000 करोड़ का हिसाब नहीं : भाजपा इसे भी पढ़ें : बंगाल चुनाव 2026 में ‘बाबरी’ मस्जिद ने बदला सियासी गणित, ढह जायेगा TMC का ‘अल्पसंख्यक’ किला? बंगाल का ‘शिफ्ट होता’ चुनावी लैंडस्केप 2021 में भाजपा केवल उत्तर बंगाल और जंगलमहल तक सीमित थी, लेकिन 2026 में वह दक्षिण बंगाल और शहरी इलाकों (जैसे कोलकाता और सॉल्ट लेक) में भी टीएमसी को कड़ी टक्कर दे रही है. भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था इस बार विकास के दावों पर भारी पड़ते दिख रहे हैं. इसे भी पढ़ें किसानों के लिए ‘फांसी का फंदा’ बन गया बंगाल का ‘सोना’, 15 साल में 136 मौत पर भाजपा ने ममता बनर्जी प्रशासन को घेरा बंगाल चुनाव 2026: ममता बनर्जी की स्त्री ब्रिगेड में टोटो चालक की पत्नी से राष्ट्रपति से सम्मानित किसान तक बंगाल चुनाव 2026: भितरघात और SIR का घातक कॉकटेल, 120 सीटों पर बिगड़ सकता है दिग्गजों का स्पोर्ट्स! विधानसभा चुनाव 2026: बंगाल की इन 294 सीटों पर होगी वोटिंग, एक-एक सीट का नाम यहां देखें The post बंगाल में 2021 जैसी लहर या ‘परिवर्तन’ की आहट? ममता बनर्जी की लोकप्रियता और भाजपा की रणनीति का पूरा विश्लेषण यहां पढ़ें appeared first on Naya Vichar.

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चुनाव आते ही फिर गूंजा दामोदर सेतु का मुद्दा, 350 करोड़ का बजट और 300 गांवों के लोगों का दर्द, देखें Video

Damodar River Bridge Issue| संतोष विश्वकर्मा, आसनसोल : पश्चिम बर्धमान और बांकुड़ा-पुरुलिया को जोड़ने वाली दामोदर नदी पर एक स्थायी पुल का निर्माण अब केवल स्थानीय मांग नहीं, 2026 के विधानसभा चुनाव का सबसे बड़ा ‘सियासी हथियार’ बन गया है. वर्षों से चल रहा संघर्ष अब एक व्यापक जन आंदोलन का रूप ले चुका है. आसनसोल के उम्मीदवारों के एजेंडे में आया पुल आसनसोल उत्तर और दक्षिण दोनों ही विधानसभा सीटों के दिग्गजों ने अपने चुनावी एजेंडे में इस पुल को पहले स्थान पर रखा है. लेकिन, सवाल वही है कि क्या इस बार यह पुल चुनावी वादों की भेंट चढ़ जायेगा या वास्तव में जनता को जान जोखिम में डालने से मुक्ति मिलेगी? सियासी दांव : बीजेपी का सर्वे बनाम तृणमूल का वादा दामोदर नदी पर पुल निर्माण को लेकर सभी नेतृत्वक दलों ने अपनी बिसात बिछा दी है. आसनसोल दक्षिण की भाजपा प्रत्याशी अग्निमित्रा पॉल ने ऐलान किया है कि उनकी पहली प्राथमिकता दामोदर सेतु का निर्माण होगी. इसके पहले भी अग्निमित्रा पॉल ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के जरिये सर्वे कराने की कोशिश की थी, लेकिन भौगोलिक जटिलताओं के कारण फाइल आगे नहीं बढ़ सकी. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें टीएमसी का मास्टरप्लान सालतोड़ा और आसनसोल उत्तर के तृणमूल उम्मीदवारों ने भी इसे अपने घोषणा पत्र में प्रमुखता दी है. बामनटोड़ा फेरी घाट से नेहरू पार्क तक करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे पुल का वादा किया गया है. बांस के पुल पर निर्भर है 300 गांवों की जिंदगी आसनसोल और बर्नपुर के रिवरसाइड घाट पर बना अस्थायी बांस का पुल किसी अजूबे से कम नहीं है. हालांकि, इसकी हकीकत बेहद डरावनी है. मानसून के दौरान जब डीवीसी (DVC) डैम से 80 हजार से 1 लाख क्यूसेक पानी छोड़ता है, तो यह अस्थायी पुल ताश के पत्तों की तरह बह जाता है. इसे भी पढ़ें : अग्निमित्रा पॉल की संपत्ति 5 साल में हुई डबल, दर्ज हैं 22 आपराधिक मामले पुल बहने पर नाव से नदी पार करते हैं लोग पुल बहने के बाद लोग नाव के सहारे उफनती नदी पार करते हैं. आईएसपी (ISP) स्टील प्लांट के मजदूरों से लेकर छात्रों और मरीजों तक, हर किसी को हर पल मौत का डर सताता है. बांकुड़ा और पुरुलिया के करीब 300 गांवों के लोग शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के लिए आसनसोल और बर्नपुर पर ही निर्भर हैं. करोड़ों का खर्च और फाइलों में दबा सर्वे प्रशासनिक स्तर पर कोशिशें तो हुईं, लेकिन अंजाम तक नहीं पहुंचीं. अगस्त 2021 में करीब 75 लाख रुपए खर्च करके जियोलॉजिकल सर्वे कराया गया. रिपोर्ट एक महीने में तैयार भी हो गयी, लेकिन प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बजट के दौरान कहा था कि इस पुल के निर्माण पर 350 करोड़ रुपए खर्च होंगे. भारी लागत के कारण फिलहाल यह योजना लटकी हुई है. इसे भी पढ़ें : बंगाल चुनाव 2026: पहचान नहीं, वजूद की लड़ाई! मुर्शिदाबाद की स्त्रीओं ने तोड़ी परंपरा, पढ़ें ग्राउंड रिपोर्ट दामोदर सेतु बंधन कमेटी का संघर्ष दामोदर सेतु बंधन कमेटी के महासचिव चंदन मिश्रा का कहना है कि यह आंदोलन अब रुकने वाला नहीं है. पिछले 7 सालों से बांकुड़ा और पश्चिम बर्धमान के प्रशासन को दर्जनों आवेदन दिये जा चुके हैं. कमेटी ने स्पष्ट कर दिया है कि जो पुल की बात करेगा, वही क्षेत्र पर राज करेगा. इसे भी पढ़ें कोयलांचल का सियासी मिजाज : आसनसोल दक्षिण में फिर खिलेगा कमल या होगी तृणमूल की वापसी? आसनसोल दक्षिण में कोयला और पहचान की जंग, अग्निमित्रा पॉल बचा पाएंगी अपना किला? बंगाल चुनाव 2026: 63 लाख वोटर गायब और ‘अस्मिता’ की जंग, ममता बनर्जी बचा पायेंगी अपना किला? चुनाव या ‘बंगाल गॉट टैलेंट’? कोई तल रहा पकौड़े, कोई मांज रहा बर्तन, वोटर को रिझाने के लिए हो रहे क्या-क्या जतन? The post चुनाव आते ही फिर गूंजा दामोदर सेतु का मुद्दा, 350 करोड़ का बजट और 300 गांवों के लोगों का दर्द, देखें Video appeared first on Naya Vichar.

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RCB vs DC: दिल्ली ने जीता टॉस, आरसीबी की पहले बैटिंग, देखें प्लेइंग XI

RCB vs DC: बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स (DC) ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया है. दिन के इस मैच में दिल्ली ने रन चेज करना सही समझा. आरसीबी ने अब तक पांच में से चार मुकाबले जीते हैं और IPL 2026 पॉइंट टेबल में दूसरे नंबर पर मजबूत स्थिति में है. वहीं दिल्ली ने अपने चार में से दो ही मैच जीते हैं और टेबल में पांचवें नंबर पर है. अगर दिल्ली आज का मुकाबला जीतती है तो वह चौथे नंबर पर पहुंच जाएगी. जबकि आरसीबी इस मैच को जीतकर टेबल टॉपर बनने का लक्ष्य रखेगा. 🚨 TOSS 🚨@DelhiCapitals have won the toss and will bowl first against @RCBTweets Updates ▶️ https://t.co/vfJ6SccA9T#TATAIPL | #KhelBindaas | #RCBvDC pic.twitter.com/u4tYnk5mUA — IndianPremierLeague (@IPL) April 18, 2026 DC की प्लेइंग इलेवन में कोई बदलाव नहीं टॉस के बाद कप्तान अक्षर पटेल ने कहा, ‘मैं पहले गेंदबाजी करूंगा. विकेट अच्छा और कड़ा लग रहा है. क्योंकि यह दिन का मैच है, इसलिए यह थोड़ा धीमा हो सकता है. साथ ही, चिन्नास्वामी आमतौर पर चेज करने के लिए जानी जाने वाली जगह है, इसलिए हम चेज करना चाहेंगे. हम उसी प्लेइंग XI के साथ उतर रहे हैं. अगर आप जीत रहे होते तो ब्रेक बुरा होता है, लेकिन क्योंकि हम पिछले दो मैच हार गए थे, इसलिए इस ब्रेक ने हमें फिर से एकजुट होने में मदद की. अब हम एक टीम के तौर पर फिर से साथ हैं और नई रफ्तार के साथ शुरुआत करने के लिए तैयार हैं. जाहिर है, हम विरोधी टीम पर नजर रख रहे हैं, लेकिन हम अपनी ताकत पर ध्यान दे रहे हैं और अपनी योजनाओं पर टिके हुए हैं. दिल्ली की प्लेइंग इलेवन पथुम निसांका, केएल राहुल (विकेटकीपर), समीर रिजवी, अक्षर पटेल (कप्तान), डेविड मिलर, ट्रिस्टन स्टब्स, आकिब नबी डार, लुंगी एनगिडी, कुलदीप यादव, टी नटराजन, मुकेश कुमार. पहले बैटिंग ही करना चाहती थी आरसीबी आरसीबी के कप्तान रजत पाटीदार ने कहा, ‘पहले बैटिंग करके खुशी हुई, क्योंकि हम इस पिच पर पहले बैटिंग करने का ही प्लान बना रहे थे. यह एक डे गेम है और पिच अच्छी लग रही है. इसलिए हम बोर्ड पर एक अच्छा टोटल खड़ा करेंगे और उन्हें दबाव में डालेंगे. (ग्रीन जर्सी पहल पर) मुझे लगता है कि हम यह जर्सी इसलिए पहनते हैं ताकि हम सस्टेनेबिलिटी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखा सकें और सभी को इस ग्रह के लिए ग्रीन विकल्प चुनने के लिए प्रोत्साहित कर सकें. हम उसी टीम के साथ स्पोर्ट्स रहे हैं. इस साल हमारा फाइनल चिन्नास्वामी में है, इसलिए हमें अपने सभी घरेलू मैच जीतने होंगे. आरसीबी की प्लेइंग इलेवन विराट कोहली, फिलिप सॉल्ट, देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, रोमारियो शेफ़र्ड, क्रुणाल पांड्या, भुवनेश्वर कुमार, सुयश शर्मा, जोश हेजलवुड. ये भी पढ़ें… आईपीएल का खिताब सबसे अधिक बार जीतने वाली तीनों टीमें इस सीजन में फिसड्डी क्यों? GT vs KKR: केकेआर की हार का विलेन कौन, कप्तान अजिंक्य रहाणे ने दिया जवाब The post RCB vs DC: दिल्ली ने जीता टॉस, आरसीबी की पहले बैटिंग, देखें प्लेइंग XI appeared first on Naya Vichar.

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किरेन रिजिजू बोले- महिलाओं को अधिकार न देकर विपक्ष ने किया पाप, कांग्रेस पर लगा काला धब्बा

Kiren Rijiju: संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, कांग्रेस पार्टी और विपक्ष ने स्त्रीओं के अधिकारों से वंचित करने की मानसिकता के चलते संवैधानिक संशोधन को पारित होने से रोक दिया. हम इसलिए दुखी हैं क्योंकि यह नुकसान देश की स्त्रीओं को पहुंचाया गया है. यह एक महत्वपूर्ण कदम था, जिसका उद्देश्य स्त्रीओं को लोकसभा और विधानसभाओं में अपनी बात रखने का मौका देना, उन्हें पूरी कानूनी प्रक्रिया में, देश का शासन चलाने वाले निर्णयों में, और निर्णय लेने की प्रक्रिया में भाग लेने के लिए सशक्त बनाना था. लेकिन यह कदम पारित नहीं हो सका. इसीलिए हम दुखी हैं. कांग्रेस पार्टी पर स्त्री-विरोधी होने का काला धब्बा लगा : रिजिजू रिजिजू ने कहा- इसे प्रशासन या हमारी पार्टी की विफलता नहीं माना जाना चाहिए. कांग्रेस पार्टी और कुछ अन्य पार्टियों ने देश को एक गहरा आघात पहुंचाया है. इसलिए, कांग्रेस पार्टी और उसके कुछ सहयोगियों को स्त्रीओं के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा. कांग्रेस पार्टी पर स्त्री-विरोधी होने का एक काला धब्बा भी लगा है. एक ऐसा कलंक जो कभी नहीं मिटेगा. #WATCH | Delhi: Parliamentary Affairs Minister Kiren Rijiju says, “We are all saddened by the fact that, driven by political motives and a mindset of denying women rights, the Congress Party and the opposition, with a blatant majority, prevented the passage of the Constitutional… pic.twitter.com/eGadPzEz0h — ANI (@ANI) April 18, 2026 स्त्रीओं के अधिकारों से वंचिेत करने का जश्न मनाना घोर पाप : रिजिजू संसदीय कार्य मंत्री ने कहा- स्त्रीओं के अधिकारों से वंचिेत करने का जश्न मनाना एक घोर पाप है. स्त्रीओं को अधिकार न देने का निर्णय लेकर वे इसे अपनी जीत मान रहे हैं. लोकसभा और विधानसभाओं में स्त्रीओं को आरक्षण देना हमारी जिम्मेदारी है, और हमें इसे हर हाल में सुनिश्चित करना है. कांग्रेस की मानसिकता ही अधिकारों से वंचित करने की है, और उस विधेयक को विफल करने के बाद वे जश्न मना रहे हैं. उन्होंने अपने असली चेहरे को पूरी तरह से बेनकाब कर दिया है. अब कोई बहाना काम नहीं आएगा. कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने उन अधिकारों को नष्ट कर दिया है जो स्त्रीओं को मिलने चाहिए थे. The post किरेन रिजिजू बोले- स्त्रीओं को अधिकार न देकर विपक्ष ने किया पाप, कांग्रेस पर लगा काला धब्बा appeared first on Naya Vichar.

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विजय सिन्हा की सुरक्षा घटी, निशांत कुमार को मिली Z कैटेगरी की सुरक्षा, श्रवण कुमार को Y प्लस

Bihar Government: बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा को लेकर बिहार प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है. अब उनकी सुरक्षा Z+ कैटेगरी से घटाकर Z श्रेणी कर दी गई है. यह फैसला राज्य सुरक्षा समिति की बैठक के बाद लिया गया. इसमें नेताओं की सुरक्षा की समीक्षा की गई. पहले विजय कुमार सिन्हा को Z+ कैटेगरी की हाई लेवल सुरक्षा मिलती थी. अब प्रशासन ने खतरे के आकलन के आधार पर इसे कम कर दिया है. इसका मतलब है कि अब उनके साथ पहले के मुकाबले कम सुरक्षाकर्मी रहेंगे. गृह विभाग द्वारा जारी आदेश की कॉपी बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें किस आधार पर लिया गया फैसला निशांत कुमार को Z श्रेणी की सुरक्षा दी गई है. उन्हें पहली बार इस स्तर की सुरक्षा मिली है. इसके अलावा श्रवण कुमार को Y+ कैटेगरी की सुरक्षा दी गई है. अब उनके साथ भी पुलिस सुरक्षा का खास इंतजाम रहेगा. प्रशासन का कहना है कि यह फैसला पूरी तरह से सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट और खतरे के स्तर को देखते हुए लिया गया है. इस तरह के बदलाव समय-समय पर होते रहते हैं ताकि सुरक्षा व्यवस्था सही बनी रहे. इसे भी पढ़ें: सीवान में रातभर होटल, लॉज और रेस्टोरेंट्स में चली छापेमारी, जानिए क्या है मामला z-security-1Download दोनों डिप्टी सीएम की सुरक्षा बढ़ी बिहार प्रशासन के गृह विभाग ने शुक्रवार को भी नेताओं की सुरक्षा को लेकर एक आदेश जारी किया था. इसमें बताया गया था कि राज्य के दोनों नए उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव को Z कैटेगरी की सुरक्षा दी जाएगी. यह डिसीजन सुरक्षा समिति की सलाह के बाद लिया गया. दोनों नेता प्रशासन में अहम जिम्मेदारी निभा रहे हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा बढ़ाई गई है. Z कैटेगरी मिलने के बाद अब उनके साथ ज्यादा सुरक्षाकर्मी रहेंगे. उनके घर, यात्रा और कार्यक्रमों में कड़ी निगरानी रखी जाएगी. प्रशासन ने पुलिस और संबंधित विभागों को इस व्यवस्था को तुरंत लागू करने का निर्देश दिया है. Z कैटेगरी की सुरक्षा हिंदुस्तान में हाई लेवल की मानी जाती है. इसमें करीब 22 सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं. इनमें NSG कमांडो के साथ पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान शामिल होते हैं. 24 घंटे सुरक्षा रहती है, साथ में एस्कॉर्ट गाड़ियां और आधुनिक हथियार भी मौजूद रहते हैं. The post विजय सिन्हा की सुरक्षा घटी, निशांत कुमार को मिली Z कैटेगरी की सुरक्षा, श्रवण कुमार को Y प्लस appeared first on Naya Vichar.

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सीएम सम्राट चौधरी 24 अप्रैल को बहुमत करेंगे साबित, एक दिन का होगा विशेष सत्र

Bihar Politics: बिहार विधानसभा का विशेष सत्र 24 अप्रैल को बुलाया गया है. इस दिन नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सदन में विश्वास मत प्रस्ताव पेश करेंगे और बहुमत साबित करेंगे. सचिवालय की ओर से आधिकारिक लेटर भी जारी किया गया है. सत्र की शुरुआत सुबह 11 बजे से होगी. नई प्रशासन के गठन के बाद यह विशेष सत्र बेहद खास माना जा रहा है. कब लाया जाता है विश्वास मत? विश्वास मत के जरिए ही यह तय होता है कि प्रशासन को विधायकों का पर्याप्त समर्थन है या नहीं. राज्यपाल की ओर से आदेश जारी किया जाता है. इसके बाद तय समय सीमा के अंदर ही विधानसभा में बहुमत साबित करना होता है. सदन में विश्वास मत तब लाया जाता है जब प्रशासन को सदन में अपनी बहुमत पर संदेह हो या फिर नई प्रशासन के गठन के बाद उसे अपनी ताकत साबित करनी हो. नई प्रशासन को बहुमत साबित नहीं करने की स्थिति में इस्तीफा देना पड़ता है. पूर्व सीएम नीतीश कुमार ने आज की थी मुलाकात मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से आज ही पूर्व सीएम नीतीश कुमार ने मुलाकात की थी. दोनों की मुलाकात 5 देशरत्न मार्ग स्थित आवास पर हुई. इस दौरान एक तस्वीर में देखा गया कि सीएम सम्राट चौधरी हाथ जोड़कर नीतीश कुमार को प्रणाम कर रहे हैं और नीतीश कुमार ने सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखा. सम्राट से मिलने के बाद नीतीश कुमार मुस्कुराते हुए दिखे. 15 अप्रैल को सम्राट चौधरी ने ली थी शपथ सम्राट चौधरी ने 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. उनके साथ जेडीयू कोटे के दो उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव बनाए गए थे. मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालते ही सम्राट चौधरी एक्शन मोड में हैं. सीएम सम्राट चौधरी ने सख्त आदेश दिया था कि बिहार को विकसित राज्य बनाना है और इसके लिए अनुशासन और संवेदनशीलता के साथ काम करें. Also Read: बिहार से दिल्ली और बेंगलुरु के लिए चलेंगी 3 जोड़ी समर स्पेशल ट्रेनें, जानिए कब से होगी शुरुआत The post सीएम सम्राट चौधरी 24 अप्रैल को बहुमत करेंगे साबित, एक दिन का होगा विशेष सत्र appeared first on Naya Vichar.

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पीएम मोदी आज रात 8:30 बजे देश को करेंगे संबोधित

PM Modi Address Nation: पीएम मोदी के संबोधित को लेकर उम्मीद की जा रही है कि वे स्त्री आरक्षण के कार्यान्वयन के मुद्दे और संसद में हुई घटनाओं पर विस्तार से चर्चा करेंगे. विपक्षी दलों ने शुक्रवार को संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के खिलाफ मतदान किया था. जिसके कारण विधेयक गिर गया. Prime Minister Narendra Modi will address the nation at 8:30 PM tonight. pic.twitter.com/1lg1catv0A — ANI (@ANI) April 18, 2026 बीजेपी ने काला दिन बताया, तो कांग्रेस ने प्रशासन पर नेतृत्व करने लगाया आरोप स्त्री आरक्षण को 2029 से लागू कराने और लोकसभा की सीटों की संख्या बढ़ाने से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में खारिज होने के बाद बीजेपी और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी हुई. बीजेपी ने बिल खारिज होने को काला दिन बताया. कांग्रेस और विपक्षी दलों पर स्त्रीओं के साथ विश्वासघात का आरोप लगाया. वहीं कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने कहा- प्रशासन इस मुद्दे पर नेतृत्व कर रही है. 2023 में पारित स्त्री आरक्षण कानून तुरंत लागू किया जाना चाहिए. पीएम मोदी कब-कब देश को संबोधित कर चुके हैं. 8 नवंबर, 2016 को पीएम मोदी ने नोटबंदी (Demonetization) की ऐतिहासिक घोषणा की थी.19 मार्च, 2020 को पीएम मोदी ने जनता कर्फ्यू का आह्वान किया था. उस समय कोरोना महामारी चरम पर था. 24 मार्च, 2020 को पीएम मोदी ने देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की थी. उस समय भी पीएम ने राष्ट्र को संबोधित किया था.3 अप्रैल, 2020 कोरोना के खिलाफ एकजुटता दिखाने के लिए दीये जलाने (9 मिनट) का आह्वान किया था.14 अप्रैल, 2020 को पीएम मोदी ने लॉकडाउन विस्तार की घोषणा की थी.12 मई, 2020 को पीएम मोदी ने आत्मनिर्भर हिंदुस्तान अभियान की घोषणा की थी.7 जून, 2020 को पीएम मोदी ने कोरोना टीकाकरण (Vaccine) अभियान को लेकर देश को संबोधित किया था.19 नवंबर, 2021 को पीएम मोदी ने तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा की थी. उस समय भी उन्होंने देश को संबोधित किया था.12 मई, 2025 को पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) और राष्ट्रीय सुरक्षा पर देश को संबोधित किया था. क्या था संशोधन बिल में? कैसे लोकसभा में पास नहीं हो पाया इस विधेयक के तहत 2029 के संसदीय चुनावों से पहले स्त्री आरक्षण कानून को कार्यान्वित करने के लिए लोकसभा सीटों को वर्तमान 543 से बढ़ाकर 816 तक किया जाना था. राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में भी स्त्रीओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को समायोजित करने के लिए सीटों की संख्या बढ़ाई जानी थी. इस महत्वपूर्ण विधेयक को पारित करने के लिए दो तिहाई बहुमत की आवश्यकता थी, लेकिन सत्तारूढ़ भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन आवश्यक समर्थन नहीं जुटा सका. शुक्रवार रात लोकसभा में विधेयक पर हुए मतदान के दौरान 298 सदस्यों ने इसके समर्थन में मतदान किया, जबकि 230 सांसदों ने इसके विरोध में मतदान किया. मतदान करने वाले 528 सदस्यों में से, विधेयक को दो-तिहाई बहुमत के लिए 352 के मतों की आवश्यकता थी. The post पीएम मोदी आज रात 8:30 बजे देश को करेंगे संबोधित appeared first on Naya Vichar.

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JPSC एग्जाम को लेकर गढ़वा के 20 केंद्रों पर निषेधाज्ञा लागू, 100 मीटर दायरे में बाहरी व्यक्तियों की एंट्री बैन

गढ़वा से अविनाश की रिपोर्ट  JPSC Prelims: झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा 2025 को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है परीक्षा को निष्पक्ष, कदाचारमुक्त और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए सदर अनुमंडल दंडाधिकारी (एसडीएम) संजय कुमार ने हिंदुस्तानीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा जारी कर दी है. 19 अप्रैल को सुबह 7 से शाम 7 बजे तक पाबंदी यह आदेश रविवार, 19 अप्रैल को सुबह 7 बजे से प्रभावी होगा और शाम 7बजे तक लागू रहेगा. सभी 20 परीक्षा केंद्रों की चहारदीवारी से 100 मीटर की बाहरी परिधि को ‘नो-एंट्री जोन’ में तब्दील कर दिया गया है. दो पालियों में होगी परीक्षा गढ़वा के निर्धारित केंद्रों पर परीक्षा दो शिफ्ट में आयोजित की जाएगी पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक. दूसरी पाली अपराह्न 3 बजे से शाम 5 बजे तक होगी. फ्लाइंग स्क्वॉड रखेगा नजर एसडीएम संजय कुमार ने बताया कि सभी केंद्रों पर दंडाधिकारियों और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है. इसके साथ ही उड़नदस्ता दल लगातार निगरानी करेंगे. प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति अफवाह फैलाने, कदाचार करने या नियमों का उल्लंघन करते पाया गया, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. परीक्षा की मर्यादा बनाए रखने के लिए प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं. निषेधाज्ञा के दौरान 100 मीटर के दायरे में ये गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी. अनाधिकृत प्रवेश: -परीक्षा से संबंधित व्यक्तियों के अलावा बाहरी लोगों का प्रवेश वर्जित. गैजेट्स और हथियार:- मोबाइल, ब्लूटूथ, हथियार या किसी भी प्रकार के विस्फोटक ले जाने पर रोक. ध्वनि प्रदूषण:- लाउडस्पीकर और ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग पूरी तरह बंद रहेगा. भीड़भाड़: -केंद्र के बाहर नारेबाजी, प्रदर्शन या अनावश्यक भीड़ जुटाने पर सख्त कार्रवाई होगी. यह भी पढ़ें: बोकारो में रंगेहाथ पकड़े गए CCL के अफसर: सेवानिवृत्त कर्मी के बेटे से घूस लेते दबोचे गए, पूरे दिन चली छापेमारी यह भी पढ़ें: 16 हजार लीटर पानी का संकट होगा दूर: सरायकेला के राजनगर में खराब पड़ी जलापूर्ति योजना जल्द होगी बहाल The post JPSC एग्जाम को लेकर गढ़वा के 20 केंद्रों पर निषेधाज्ञा लागू, 100 मीटर दायरे में बाहरी व्यक्तियों की एंट्री बैन appeared first on Naya Vichar.

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DA Hike: कर्मचारियों और पेंशनर्स का इंतजार खत्म; कैबिनेट ने दी 2% बढ़ोतरी को मंजूरी, 3 महीने का मिलेगा एरियर

DA Hike: देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए आज यानी शनिवार, 18 अप्रैल का दिन खुशियों भरा रहा. लंबे समय से चल रहे इंतजार और प्रदर्शनों के बीच, केंद्रीय कैबिनेट ने महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 2% की बढ़ोतरी पर मुहर लगा दी है. 58% से बढ़कर 60% हुआ DA इस फैसले के बाद अब केंद्रीय कर्मचारियों को मिलने वाला महंगाई भत्ता उनकी बेसिक सैलरी का 60% हो जाएगा. अब तक यह दर 58% थी. कर्मचारियों के लिए: मूल वेतन (Basic Pay) का 60% DA मिलेगा. पेंशनर्स के लिए: मूल पेंशन (Basic Pension) का 60% DR मिलेगा. किसे और कब से मिलेगा फायदा? इस फैसले का सीधा लाभ देश के 1.19 करोड़ लोगों को मिलेगा, जिनमें 49 लाख से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारी शामिल हैं. 68 लाख से ज्यादा पेंशनर्स शामिल हैं. यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से लागू मानी जाएगी. इसका मतलब है कि कर्मचारियों और पेंशनर्स को अप्रैल की बढ़ी हुई सैलरी के साथ-साथ जनवरी, फरवरी और मार्च यानी 3 महीने का बकाया (Arrear) भी मिलेगा. देरी और विरोध के बाद आई ‘गुड न्यूज’ वित्त वर्ष 2025-26 के इस अंतिम DA हाइक में उम्मीद से थोड़ी देरी हुई, जिसके कारण कर्मचारी संगठनों ने प्रशासन को पत्र लिखे थे और कई विभागों में लंच आवर के दौरान विरोध प्रदर्शन भी हुए थे. हालांकि कुछ संगठनों को 3% बढ़ोतरी की उम्मीद थी, लेकिन AICPI-IW के आंकड़ों के आधार पर प्रशासन ने 2% की वृद्धि को ही मंजूरी दी है. कैसे तय होता है DA? महंगाई भत्ते का कैलकुलेशन AICPI-IW (औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक) के आधार पर किया जाता है. श्रम मंत्रालय हर महीने ये आंकड़े जारी करता है, जिससे पता चलता है कि महंगाई के अनुपात में कर्मचारियों के भत्ते में कितनी वृद्धि की जरूरत है. महंगाई भत्ते से होने वाले फायदे सैलरी में इजाफा: बेसिक सैलरी के हिसाब से टेक-होम सैलरी में अच्छी बढ़त होगी. महंगाई से राहत: बढ़ती कीमतों के बीच यह अतिरिक्त राशि कर्मचारियों और पेंशनर्स के बजट को संतुलित करने में मदद करेगी. एरियर का बूस्ट: एक साथ 3 महीने का बकाया पैसा मिलने से बचत और निवेश में मदद मिलेगी. Also Read: क्या प्रशासनी कर्मचारियों की सैलरी ₹69,000 हो जाएगी? समझिए पूरी हकीकत The post DA Hike: कर्मचारियों और पेंशनर्स का इंतजार खत्म; कैबिनेट ने दी 2% बढ़ोतरी को मंजूरी, 3 महीने का मिलेगा एरियर appeared first on Naya Vichar.

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ईरान ने ट्रंप को दी सलाह: ‘फोन बंद कर सो जाएं, बीबी को करें ब्लॉक’; होर्मुज को खुला रखने का दावा बताया झूठा

शनिवार (18 अप्रैल) को ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिनमें ट्रंप ने कहा था कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) को हमेशा के लिए खुला रखने पर सहमति दे दी है. ईरान ने बेहद मजाकिया और तीखे अंदाज में ट्रंप के बयानों का जवाब देते हुए उन्हें हकीकत से दूर बताया है. ईरानी दूतावास का ट्रंप पर तंज: ‘बीबी को ब्लॉक करो और चैन से सो जाओ’ जिम्बाब्वे में ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्रंप को टैग करते हुए लिखा कि वह ज्यादा खुश न हों और अपनी गरिमा बनाए रखें. दूतावास ने ट्रंप को चार सुझाव दिए: ज्यादा उत्साह न दिखाएं और थोड़ी प्रतिष्ठा रखें. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के नए कानूनी नियमों के बारे में सोचना छोड़ दें, इसे हम खुद ठीक कर लेंगे. अपना फोन बंद करें, पोस्ट डालना बंद करें और एक हफ्ते के लिए ‘बीबी’ (बेंजामिन नेतन्याहू) को ब्लॉक कर दें. हल्का डिनर करें और चैन की नींद सोएं. 1. Try not to show yourself too happy. Have a little prestige;2. Never, (emphasize) never think to the new legal regime of the Strait of Iran. We will fix it;3. Turn off the phone, relax, no more posts and, block Bibi for one week;4. Eat a light dinner and sleep well. pic.twitter.com/dYicAvzvHn — Iran Embassy in Zimbabwe (@IRANinZIMBABWE) April 17, 2026 ट्रंप का दावा: ईरान ने मान ली हैं सारी शर्तें यह पूरा विवाद ट्रंप के शुक्रवार को किए गए दावों के बाद शुरू हुआ. ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट कर कहा था कि ईरान अब कभी भी होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद नहीं करेगा और न ही इसे हथियार की तरह इस्तेमाल करेगा. ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान अपना ‘न्यूक्लियर डस्ट’ (न्यूक्लियर कचरा या सामग्री) अमेरिका को सौंप देगा. उन्होंने कहा कि अमेरिका की मदद से ईरान समुद्र से बारूदी सुरंगें (माइन्स) हटा रहा है. ट्रंप ने इसे दुनिया के लिए एक शानदार दिन बताया था. ईरान ने दावों को बताया गलत  ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालीबाफ ने ट्रंप के इन दावों पर पलटवार किया. गालिबफ के अनुसार, ट्रंप ने एक घंटे के भीतर सात झूठे दावे किए हैं. उन्होंने साफ किया कि अगर अमेरिका ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी जैसे कदम उठाता है, तो ईरान के पास इस समुद्री रास्ते को बंद करने का विकल्प हमेशा खुला रहेगा. ईरान ने न्यूक्लियर सामग्री अमेरिका को सौंपने की बात से भी साफ इनकार कर दिया है. ये भी पढ़ें: ट्रंप की ईरान को धमकी: न्यूक्लियर डस्ट नहीं दिया तो ‘बुरे तरीके’ से छीन लेंगे, खुद को बताया ‘पीस प्रेसिडेंट’ पाकिस्तान में एक बार फिर हो सकती है शांति वार्ता ट्रंप ने अपने बयानों में यह भी स्पष्ट किया था कि जब तक ईरान के साथ पूरी डील (100% ट्रांजेक्शन) नहीं हो जाती, तब तक ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नौसेना द्वारा की जा रही घेराबंदी जारी रहेगी. हालांकि, ईरान ने साफ किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को केवल इजरायल-लेबनान युद्धविराम के मद्देनजर व्यापारिक जहाजों के लिए खोला गया है, न कि किसी अमेरिकी दबाव या स्थायी समझौते के तहत. पाकिस्तान में होने वाली संभावित शांति वार्ता से पहले दोनों देशों के बीच यह जुबानी जंग तनाव को और बढ़ा रही है. ये भी पढ़ें : ट्रंप बोले- ईरान से सारा यूरेनियम अमेरिका लाएंगे; भड़का तेहरान, कहा- ‘मिट्टी की तरह पवित्र है’ The post ईरान ने ट्रंप को दी सलाह: ‘फोन बंद कर सो जाएं, बीबी को करें ब्लॉक’; होर्मुज को खुला रखने का दावा बताया झूठा appeared first on Naya Vichar.

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