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April 21, 2026

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गुजरात को 100 रन पर धराशाई करने में हीरो रहे अश्विनी, कहा-मैंने यॉर्कर- स्विंग का भरपूर इस्तेमाल किया

Ashwani Kumar : गुजरात टाइटंस के खिलाफ स्पोर्ट्सते हुए तिलक वर्मा ने जहां अपनी बैटिंग से टीम में नई जान फूंकी, वहीं मुंबई के तेज गेंदबाज अश्विनी कुमार ने अपने यॉर्कर और स्विंग से गुजरात की टीम को इतना परेशान किया कि वे 100 रन पर ही धराशाई हो गए. अश्विनी कुमार ने अपने 4 ओवर में 24 रन देकर चार विकेट चटकाए.अश्विनी ने गुजरात टाइटंस को 15.5 ओवर में 100 रन पर आउट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. मैंने यॉर्कर और स्विंग को बनाया हथियार मैच के बाद मीडिया से बात करते हुए अश्विनी कुमार ने कहा कि मैं यॉर्कर और स्विंग पर काम कर रहा था. मैं बस मौके का इंतजार कर रहा था. मुझे जब भी मौका मिलता, मैं अच्छा प्रदर्शन करता या मैं मंदिर जाता था. मैं बस यही कर रहा था. अश्विनी ने कहा कि मैंने विकेट की परिस्थितियों के अनुसार गेंदबाजी की. हमने कप्तान से इस बारे में चर्चा की और अपनी रणनीति पर अच्छी तरह से अमल करने की कोशिश की.अश्विनी ने कहा-यह काली मिट्टी की पिच है, इसलिए हमें पता था कि गेंद थोड़ी नीची रहेगी. इसलिए हमारी रणनीति सही लेंथ पर गेंद डालना और पिच की परिस्थिति के अनुसार गेंदबाजी करना था. प्वाइंट टेबल में नंबर 7 पर पहुंचा मुंबई इंडियंस तिलक वर्मा और अश्विनी कुमार के शानदार प्रदर्शन की वजह से मुंबई इंडियंस की टीम एक बार फिर जाग गई है. 5 बार खिताब जीतने वाली मुंबई इंडियंस की टीम अपने पहले मैच को जीतने के बाद से लगातार हार रही थी, सोमवार को गुजरात के खिलाफ स्पोर्ट्सते हुए उसकी हार का सिलसिला टूटा है. अब टीम 6 मैच में दो जीत के साथ 4 अंक बटोर चुकी है और अब चेन्नई से ऊपर पहुंच गई है. ये भी पढ़ें : मुंबई इंडियंस के लकी चार्म बने तिलक वर्मा, हार्दिक ने कहा-टीम को इसकी सख्त जरूरत थी  GT vs MI: हार के बाद बोले शुभमन गिल- हमने बीच के ओवरों में काफी रन लुटाए The post गुजरात को 100 रन पर धराशाई करने में हीरो रहे अश्विनी, कहा-मैंने यॉर्कर- स्विंग का भरपूर इस्तेमाल किया appeared first on Naya Vichar.

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सस्ते होंगे IPL टिकट ! टीमों ने सरकार से की GST घटाने की मांग

IPL Ticket GST: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की फ्रेंचाइजी टीमों ने वित्त मंत्रालय का दरवाजा खटखटाया है. उनकी मुख्य मांग यह है कि आईपीएल मैचों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों के समान माना जाए और उन पर लगने वाले GST को 40% से घटाकर 18% किया जाए. ‘सिन गुड्स’ और 40% टैक्स पिछले साल सितंबर में हुए GST बदलावों के बाद, आईपीएल टिकटों को एक विशेष ‘डी-मेरिट’ (De-merit) श्रेणी में डाल दिया गया था, जिस पर 40% टैक्स लगता है. सिन टैक्स (Sin Tax): आमतौर पर यह उच्च टैक्स दर तंबाकू, सिगरेट, जुआ, कैसीनो और पान मसाला जैसी चीजों पर लगाई जाती है जिन्हें समाज के लिए हानिकारक माना जाता है. आईपीएल का तर्क: टीमों का कहना है कि आईपीएल एक स्वस्थ पारिवारिक मनोरंजन और स्पोर्ट्स है. इसे कैसीनो या सट्टेबाजी के बराबर रखना तर्कसंगत नहीं है. टैक्स कम करने के पीछे टीमों के 4 तर्क जब बीसीसीआई (BCCI) द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय मैचों और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों (जैसे थिएटर, शास्त्रीय नृत्य) पर 18% टैक्स लगता है, तो आईपीएल के साथ भेदभाव क्यों? विशेषज्ञों का मानना है कि 40% जैसा भारी टैक्स स्पोर्ट्सों के विकास में बाधा डालता है. आईपीएल केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि नए खिलाड़ियों को तैयार करने का एक बड़ा मंच है. आईपीएल से पर्यटन, होटल और फूड इंडस्ट्री को जबरदस्त बढ़ावा मिलता है. भारी टैक्स इस ग्रोथ को धीमा कर सकता है. अमेरिका और सऊदी अरब जैसे नए देश क्रिकेट में निवेश कर रहे हैं. हिंदुस्तान को अपनी नेतृत्व क्षमता बनाए रखने के लिए टैक्स ढांचे को प्रतिस्पर्धी बनाना होगा. विशेषज्ञों की राय EY के पार्टनर बिपिन सपरा के अनुसार, “आईपीएल जैसे आयोजनों पर 40% टैक्स लगाना स्पोर्ट्स जगत के लिए नकारात्मक संदेश है.” वहीं, प्राइस वॉटरहाउस (PwC) के पार्टनर प्रतीक जैन का कहना है कि हिंदुस्तान क्रिकेट में ग्लोबल लीडर है, लेकिन अत्यधिक टैक्स इसकी क्षमता को प्रभावित कर सकता है. आगे क्या होगा ? एक प्रशासनी अधिकारी ने पुष्टि की है कि यह मामला GST काउंसिल के सामने रखा जाएगा. आगामी 57वीं GST काउंसिल बैठक में इस पर फैसला लिया जा सकता है. यदि टैक्स घटता है, तो फैंस के लिए स्टेडियम जाकर मैच देखना काफी सस्ता हो सकता है. Also Read: गाड़ी ठुक जाए तो क्या करें? क्लेम लेने और खुद को सुरक्षित रखने के 10 जरूरी टिप्स The post सस्ते होंगे IPL टिकट ! टीमों ने प्रशासन से की GST घटाने की मांग appeared first on Naya Vichar.

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श्रवण कुमार बने JDU विधायक दल के नेता, तीन दिन पहले ही बढ़ाई गई थी सुरक्षा

Bihar Politics: नालंदा के विधायक श्रवण कुमार को जदयू विधायक दल का नेता चुना गया है. पार्टी की ओर से उनके नाम का प्रस्ताव पहले ही विधानसभा भेजा जा चुका था, जिस पर अब औपचारिक मुहर लग गई है. विधानसभा सचिवालय ने भी इसे लेकर नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. तीन दिन पहले ही बिहार प्रशासन ने पूर्व मंत्री श्रवण कुमार की सुरक्षा बढ़ाते हुए Y प्लस कैटेगरी की सुरक्षा प्रदान की थी. नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद से विधायक दल का पद खाली था. इसे लेकर जदयू नेताओं की बैठक हुई थी. मिली जानकारी के अनुसार, श्रवण कुमार को जदयू विधायकों ने पहले ही नेता चुन लिया था. इसके बाद पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने इस फैसले पर मुहर लगा दी. श्रवण कुमार को निशांत ने दी बधाई श्रवण कुमार को विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद नीतीश कुमार के बेटे निशांत जदयू दफ्तर पहुंचे हैं. कार्यालय में कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर रहे हैं. आगे की रणनीति पर चर्चा कर रहे हैं. श्रवण कुमार पर निशांत ने कहा कि अच्छा है उन्हें मैं बधाई देता हूं. 8 बार के विधायक हैं श्रवण कुमार नालंदा से जदयू विधायक श्रवण कुमार का नेतृत्वक सफर लगातार जीत और अनुभव से भरा रहा है. उन्होंने पहली बार 1995 में विधानसभा चुनाव जीता था. इसके बाद वे लगातार कई बार जनता का भरोसा जीतते रहे. वे 1995, 2000, 2005 (फरवरी), 2005 (अक्टूबर), 2010, 2015, 2020 और 2025 में विधायक चुने गए. यानि अब तक कुल 8 बार विधायक बन चुके हैं, जो उनकी मजबूत नेतृत्वक पकड़ को दिखाता है. मुख्य सचेतक भी रह चुके हैं श्रवण कुमार प्रशासन में भी उनकी भूमिका अहम रही है. वे लंबे समय तक ग्रामीण विकास मंत्री रहे और संसदीय कार्य मंत्री के रूप में प्रशासन और विधानसभा के बीच समन्वय की जिम्मेदारी निभाई. पार्टी के भीतर भी वे जदयू के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं और बड़े फैसलों में उनकी अहम भूमिका रहती है. साथ ही वे बिहार विधानसभा में मुख्य सचेतक भी रह चुके हैं. Also Read: बिहार में प्रशासनी कर्मचारियों को बड़ी राहत, अब नौकरी करते हुए भी दे सकेंगे प्रतियोगी परीक्षा, सम्राट प्रशासन ने बदला फैसला The post श्रवण कुमार बने JDU विधायक दल के नेता, तीन दिन पहले ही बढ़ाई गई थी सुरक्षा appeared first on Naya Vichar.

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75 दिन का चैलेंज और UPSC क्रैक, जानें लीजा का स्मार्ट स्टडी प्लान

Liza Garga Success Story: लीजा गर्ग ने यूपीएससी सिविल सर्विस की परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 303 हासिल की है. तीन प्रयासों में फेल होने के बाद भी लीजा ने हिम्मत नहीं हारी. यूपीएससी की तैयारी के लिए उन्होंने 75 दिन का स्मार्ट स्टडी प्लान बनाया और उसमें सफल भी हुईं. आइए लीजा गर्ग (Liza Garga) की स्मार्ट स्ट्रैटजी को समझते हैं. Liza Garga Success Story: कौन हैं लीजा गर्ग? लीजा गर्ग का जन्म असम के नगांव में हुआ था. उनका परिवार गुवाहाटी शिफ्ट हो गया. लीजा की स्कूलिंग गुवाहाटी से हुई है. स्कूलिंग खत्म होने के बाद उन्होंने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी सिलचर में एडमिशन लिया. यहां से लीजा ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की. शुरुआत में लीजा का प्लान विदेश में आगे की पढ़ाई करने का था, लेकिन कोविड-19 के दौरान उनकी सोच बदली. उन्होंने UPSC की तैयारी शुरू की. UPSC में तीन बार फेल लीजा का यूपीएससी सफर बिल्कुल आसान नहीं था. उन्होंने पहले तीन प्रयासों में प्रीलिम्स तक क्लियर नहीं किया. उन्होंने माना कि तैयारी के दौरान डिमोटिवेशन, एंग्जायटी और ओवरथिंकिंग जैसी चीजों से दूर रहना है. 75 दिनों का चैलेंज प्रीलिम्स क्लियर करने के बाद लीजा (Liza Garga) के पास मेंस परीक्षा की तैयारी के लिए सिर्फ 75 दिन थे. यही समय उनके लिए असली गेम चेंजर बना. उन्होंने इस कम समय को कमजोरी नहीं, बल्कि ताकत बनाया और एक चैलेंज के तौर पर अपना पूरा फोकस UPSC पर रखा. लीजा बताती हैं कि उन्होंने सबसे पहले यह समझ लिया था कि UPSC में सिर्फ ज्यादा पढ़ना ही काफी नहीं होता, बल्कि सही तरीके से पढ़ना ज्यादा जरूरी है. उनकी तैयारी का तरीका नीचे देख सकते हैं- सबसे बड़ा बदलाव उन्होंने यह किया कि कई किताबों और सोर्सेस के पीछे भागना बंद कर दिया. इस बार उन्होंने लिमिटेड और क्वालिटी स्टडी मटेरियल पर फोकस किया. लीजा ने पिछले सालों के सवाल यानी PYQs पर ध्यान दिया, बार-बार रिवीजन किया और एक क्लियर स्ट्रेटजी के साथ तैयारी की. इसके साथ ही उन्होंने रोजाना आंसर राइटिंग की प्रैक्टिस की, जिससे उनके जवाबों में क्लैरिटी और स्ट्रक्चर आया. मेंस परीक्षा में ऑप्शनल सब्जेक्ट को लीजा ने सबसे ज्यादा अहमियत दी. हर दिन के लिए टारगेट सेट किया और बिना किसी डिस्टर्बेंस के उसे पूरा करती गईं. UPSC में रैंक 303 लीजा गर्ग (Liza Garga) को यूपीएससी सिविल सर्विस 2025 की परीक्षा में रैंक 303 प्राप्त हुआ है. तीन अटेम्प्ट में प्रीलिम्स भी क्रैक नहीं करने वाली लीजा को चौथे प्रयास में सफलता मिली. उन्हें कुल 973 मार्क्स मिले जिनमें 775 मार्क्स लिखित परीक्षा में और 198 मार्क्स इंटरव्यू में प्राप्त हुए. यह भी पढ़ें: मां के अधूरे सपने को बनाया अपना लक्ष्य, दीक्षा ने UPSC में हासिल की AIR 44 The post 75 दिन का चैलेंज और UPSC क्रैक, जानें लीजा का स्मार्ट स्टडी प्लान appeared first on Naya Vichar.

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बाबा बैद्यनाथ धाम में टूटा गठबंधन धागा, श्रद्धालुओं में मची होड़

देवघर से संजीत मंडल की रिपोर्ट Deoghar News: झारखंड के देवघर में मंगलवार सुबह लगभग 9:30 बजे बाबा बैद्यनाथ मंदिर में एक अनोखी घटना ने श्रद्धालुओं के बीच उत्सुकता और आस्था का माहौल बना दिया. बाबा बैद्यनाथ और माता पार्वती के मंदिरों को जोड़ने वाला पवित्र गठबंधन धागा अचानक टूट गया, जिससे कुछ देर के लिए मंदिर परिसर में हल्की अफरा-तफरी की स्थिति बन गई.  प्रसाद के रूप में धागे के लिए होड़  जैसे ही धागा टूटकर नीचे गिरा, दोनों मंदिरों की छत पर तैनात भंडारियों ने तत्परता दिखाते हुए उसे संभाल लिया. और बहुत मशक्कत के बाद फिर से बांध दिया. हालांकि इस दौरान धागे का एक हिस्सा नीचे रह गया, जिसे प्रसाद स्वरूप पाने के लिए श्रद्धालुओं और तीर्थ पुरोहितों के बीच होड़ सी मच गई. हर कोई इस पवित्र धागे को अपने साथ ले जाने को उत्सुक दिखा.  घटना को लेकर पुरोहितों के अलग-अलग मत  इस घटना को लेकर पुरोहितों के बीच अलग-अलग मत सामने आए. कुछ पुरोहित इसे पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार शुभ संकेत नहीं मान रहे है. तो कुछ बाबा बैद्यनाथ और मैया पार्वती का आशीर्वाद.  श्रद्धालुओं ने माना ईश्वरीय संकेत  आध्यात्मिक दृष्टिकोण से देखें तो कई श्रद्धालु इसे ईश्वरीय संकेत और आशीर्वाद के रूप में देख रहे हैं. उनके अनुसार, गठबंधन का धागा प्रसाद रूप में मिलना अपने आप में सौभाग्य की बात है. धागा पाने वाले श्रद्धालु खुद को धन्य मानते नजर आए और इसे अपने जीवन में शुभ फल देने वाला मान रहे हैं. घटना चाहे तकनीकी कारणों से हुई हो या आस्था के संकेत के रूप में देखी जाए, लेकिन इसने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि बाबा धाम में हर घटना श्रद्धा और विश्वास से जुड़ जाती है. यहां आने वाले भक्त हर परिस्थिति में भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा का अनुभव करते हैं. यह भी पढ़ें: JPSC PT में अनुपस्थित रहे 1.06 लाख परीक्षार्थी: आयोग ने जारी किया मॉडल उत्तर, जानें मेंस और इंटरव्यू की संभावित तारीख यह भी पढ़ें: अक्षय तृतीया पर बाबा बैद्यनाथ का अलौकिक महाशृंगार: सरदार पंडा ने किया दिव्य पूजन, पलंग-पादुका का हुआ दान The post बाबा बैद्यनाथ धाम में टूटा गठबंधन धागा, श्रद्धालुओं में मची होड़ appeared first on Naya Vichar.

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पुराना स्मार्टफोन बना खतरा, हैकर्स ऐसे आपको लगा सकते हैं चूना

आज के डिजिटल दौर में स्मार्टफोन सिर्फ कॉलिंग डिवाइस नहीं, बल्कि हमारी पूरी जिंदगी का कंट्रोल सेंटर बन चुका है. बैंकिंग, सोशल मीडिया, फोटो, वीडियो- सब कुछ इसी में कैद है. लेकिन अगर आपका फोन “Expired” हो चुका है, तो यही डिवाइस आपके लिए सबसे बड़ा खतरा भी बन सकता है. साइबर एक्सपर्ट्स चेतावनी दे रहे हैं कि पुराने और असुरक्षित स्मार्टफोन हैकर्स के लिए आसान टारगेट बनते जा रहे हैं. क्या होता है ‘Expired Smartphone’ और क्यों है खतरनाक? स्मार्टफोन के एक्सपायर होने का मतलब यह नहीं कि वह चालू नहीं होगा, बल्कि इसका मतलब है कि कंपनी ने उसे सॉफ्टवेयर और सिक्योरिटी अपडेट देना बंद कर दिया है. जैसे ही अपडेट बंद होते हैं, फोन का सिक्योरिटी सिस्टम धीरे-धीरे कमजोर होने लगता है. यही कमजोरी साइबर अपराधियों के लिए एंट्री गेट बन जाती है. बिना अपडेट वाले फोन में मौजूद खामियों को हैकर्स आसानी से एक्सप्लॉइट कर सकते हैं. कैसे हैकर्स बना लेते हैं फोन पर पूरा कंट्रोल? एक बार अगर फोन में सेंध लग गई, तो हैकर्स के पास आपके डिवाइस का पूरा ऐक्सेस आ सकता है. वे आपके सोशल मीडिया अकाउंट्स, कैमरा, माइक्रोफोन और यहां तक कि बैंकिंग ऐप्स तक पहुंच बना सकते हैं. सबसे खतरनाक बात यह है कि हैकर्स ओटीपी पढ़ सकते हैं, जिससे आपके बैंक अकाउंट से पैसे निकालना उनके लिए आसान हो जाता है. कई मामलों में यूजर्स को पता भी नहीं चलता और अकाउंट खाली हो जाता है. बिना अपडेट वाला फोन बना हैकर्स का हथियार सिर्फ पैसे ही नहीं, आपकी प्राइवेसी भी दांव पर लग जाती है. हैकर्स कैमरा और माइक्रोफोन को रिमोटली ऐक्सेस कर सकते हैं. इसका मतलब है कि वे आपकी गतिविधियों पर नजर रख सकते हैं- आप कहां हैं, किससे बात कर रहे हैं, और क्या कर रहे हैं. यह स्थिति न सिर्फ असहज है, बल्कि ब्लैकमेलिंग और डेटा चोरी जैसे गंभीर अपराधों का कारण भी बन सकती है. किन यूजर्स को ज्यादा खतरा है? जिन लोगों के पास 3-4 साल पुराने स्मार्टफोन हैं और जिन्हें लंबे समय से कोई अपडेट नहीं मिला है, वे सबसे ज्यादा जोखिम में हैं. खासकर बजट और मिड-रेंज डिवाइस, जिनमें कंपनियां जल्दी अपडेट देना बंद कर देती हैं, ज्यादा संवेदनशील होते हैं. अगर आपके फोन में लेटेस्ट सिक्योरिटी पैच नहीं है, तो यह संकेत है कि आपका डिवाइस अब सुरक्षित नहीं रहा. कैसे बचें इस साइबर खतरे से? सुरक्षित रहने के लिए जरूरी है कि आप समय-समय पर अपने फोन का सॉफ्टवेयर अपडेट चेक करते रहें. अगर आपका फोन अपडेट नहीं ले रहा, तो उसे बदलने पर विचार करें. साथ ही, केवल भरोसेमंद ऐप्स ही इंस्टॉल करें और संदिग्ध लिंक या फाइल्स से दूर रहें. मोबाइल सिक्योरिटी अब सिर्फ ऑप्शन नहीं, बल्कि जरूरत बन चुकी है. यह भी पढ़ें: आपकी कॉल रिकॉर्ड हो रही है या नहीं, ऐसे करें पहचान The post पुराना स्मार्टफोन बना खतरा, हैकर्स ऐसे आपको लगा सकते हैं चूना appeared first on Naya Vichar.

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सेवानिवृत्त जज अमिताभ कुमार बने झारखंड के लोकायुक्त, राज्यपाल ने दिलाई शपथ 

रांची से प्रणव और संजीव सिंह की रिपोर्ट Ranchi News: झारखंड की राजधानी रांची के लोक भवन में मंगलवार को आयोजित समारोह में राजपाल संतोष कुमार गंगवार ने झारखंड उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश अमिताभ कुमार गुप्ता को लोकायुक्त, झारखंड के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई. न्यायाधीश डीएन उपाध्याय के निधन के बाद से यह पद खाली था. शपथ ग्रहण के पूर्व राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार द्वारा अमिताभ कुमार गुप्ता की लोकायुक्त के रूप में नियुक्ति संबंधी वारंट पढ़ा. इसके बाद राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव डॉ नितिन कुलकर्णी ने नवनियुक्त लोकायुक्त को शपथ ग्रहण के लिए आमंत्रित किया.  मुख्यमंत्री भी रहे मौजूद  इस मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी मौजूद रहे और इस महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रक्रिया के साक्षी बने. शपथ ग्रहण समारोह के बाद राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने लोकायुक्त श्री अमिताभ कुमार गुप्ता को अपनी ओर से हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी.  गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति  इस अवसर पर राज्य के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन, मंत्री राधाकृष्ण किशोर, मंत्री  दीपिका पाण्डेय सिंह, राज्यसभा सांसद डॉ महुआ माजी, मेयर रौशनी खलखो, गृह सचिव वंदना दादेल, डीजीपी तदासा मिश्रा, रांची डीसी मंजुनाथ भाजयंत्री सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे. लोकायुक्त का पद पिछले कुछ वर्षों से खाली था  उच्च न्यायालय ने इस महीने की शुरुआत में झारखंड प्रशासन को लोकायुक्त और अन्य संवैधानिक अधिकारियों की नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया था. राज्यपाल ने 16 अप्रैल को गुप्ता को झारखंड का लोकायुक्त नियुक्त किया था.  न्यायिक सेवा का लंबा अनुभव  अमिताभ कुमार गुप्ता का जन्म 31 मई 1959 को हुआ और दिल्ली विश्वविद्यालय के विधि संकाय से एलएलबी की उपाधि ली और उसी संस्थान से उन्होंने स्नातकोत्तर की पढ़ाई भी की. उन्होंने 11 जून 1997 को बिहार उच्च न्यायिक सेवा में अतिरिक्त जिला न्यायाधीश के रूप में कार्यभार संभाला. उन्हें 2013 में झारखंड उच्च न्यायालय में अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया और वह 30 मई 2021 को सेवानिवृत्त हुए.  यह भी पढ़ें: JPSC PT में अनुपस्थित रहे 1.06 लाख परीक्षार्थी: आयोग ने जारी किया मॉडल उत्तर, जानें मेंस और इंटरव्यू की संभावित तारीख यह भी पढ़ें: अक्षय तृतीया पर बाबा बैद्यनाथ का अलौकिक महाशृंगार: सरदार पंडा ने किया दिव्य पूजन, पलंग-पादुका का हुआ दान The post सेवानिवृत्त जज अमिताभ कुमार बने झारखंड के लोकायुक्त, राज्यपाल ने दिलाई शपथ  appeared first on Naya Vichar.

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गाड़ी ठुक जाए तो क्या करें? क्लेम लेने और खुद को सुरक्षित रखने के 10 जरूरी टिप्स

Car Accident Insurance Claim: सड़क पर एक्सीडेंट होना किसी बुरे सपने जैसा होता है. उस वक्त दिमाग काम करना बंद कर देता है, लेकिन वही समय सबसे ज्यादा सावधानी बरतने का होता है. अगर आपके पास कार इंश्योरेंस है, तो आप नुकसान की भरपाई कर सकते हैं, बशर्ते आप ये 10 कदम सही से उठाएं. गाड़ी को तुरंत किनारे लगाएं: जैसे ही एक्सीडेंट हो, सबसे पहले अपनी गाड़ी को सुरक्षित जगह पर रोकें. एक्सीडेंट छोटा हो या बड़ा, मौके से भागना आपको ‘हिट एंड रन’ के केस में फंसा सकता है. शांत रहें और सड़क पर बीचों-बीच बहस करने के बजाय ट्रैफिक को सुचारू होने दें. घायलों की मदद करें: सबसे पहले खुद को और अपनी गाड़ी में बैठे लोगों को देखें. इसके बाद दूसरी गाड़ी वाले या राहगीरों को चेक करें. अगर किसी को चोट लगी है, तो उसे प्राथमिक उपचार (First Aid) देना आपकी पहली जिम्मेदारी है. डॉक्टर या एम्बुलेंस को कॉल करें: अगर चोट गंभीर है तो तुरंत 102 (एम्बुलेंस) पर फोन करें. एक्सीडेंट के झटके में कभी-कभी चोट का तुरंत पता नहीं चलता, इसलिए डॉक्टर से सलाह लेना हमेशा बेहतर होता है. अपनी इंश्योरेंस कंपनी को फोन घुमाएं: ज्यादा देरी न करें! जैसे ही आप सुरक्षित महसूस करें, अपनी इंश्योरेंस कंपनी को एक्सीडेंट की जानकारी दें. वे आपको एक ‘क्लेम नंबर’ देंगे. ध्यान रहे, कंपनी को सारी बात सच-सच बताएं ताकि बाद में क्लेम रिजेक्ट न हो. पुलिस में रिपोर्ट (FIR) जरूर कराएं: अगर एक्सीडेंट में किसी को चोट लगी है या किसी और की प्रॉपर्टी का नुकसान हुआ है, तो पुलिस में FIR कराना बहुत जरूरी है. इंश्योरेंस क्लेम और कानूनी सुरक्षा के लिए इसकी कॉपी ‘संजीवनी’ जैसा काम करती है. सबूत के तौर पर फोटो और वीडियो लें: आजकल हर किसी के पास स्मार्टफोन है. अपनी कार के डैमेज, दूसरी गाड़ी के नंबर और एक्सीडेंट वाली जगह की हर तरफ से फोटो खींच लें. ये तस्वीरें इंश्योरेंस सर्वेयर को यह समझाने में मदद करेंगी कि एक्सीडेंट कैसे हुआ था. कागज तैयार रखें: क्लेम फाइल करने के लिए आपको इन चीजों की जरूरत पड़ेगी: आपका ड्राइविंग लाइसेंस (DL) गाड़ी की RC इंश्योरेंस पॉलिसी के कागज FIR की कॉपी सर्वेयर के आने तक मरम्मत न कराएं: अक्सर लोग जोश में आकर तुरंत मैकेनिक के पास गाड़ी भेज देते हैं. ऐसा न करें! पहले इंश्योरेंस कंपनी का सर्वेयर आकर गाड़ी देखेगा. उसकी रिपोर्ट के बाद ही काम शुरू कराएं. कोशिश करें कि गाड़ी कंपनी के ‘नेटवर्क गैरेज’ में ही बने ताकि आपको कैशलेस सुविधा मिल सके. बिल और रसीदें संभालकर रखें: अगर आप अपनी पसंद के किसी बाहरी गैरेज में काम करवा रहे हैं, तो सारे पक्के बिल और रसीदें संभालकर रखें. काम पूरा होने के बाद ये कागज कंपनी में जमा करने पर ही आपको पैसे वापस (Reimbursement) मिलेंगे. सुरक्षित ड्राइविंग का नियम बनाएं: एक्सीडेंट एक सबक है. हमेशा ट्रैफिक नियमों का पालन करें, सीट बेल्ट लगाएं और कभी भी शराब पीकर या तेज रफ्तार में गाड़ी न चलाएं. अपनी गाड़ी के जरूरी कागज हमेशा डिग्गी या फोन में फोटो के रूप में साथ रखें. Also Read: RBI का बड़ा, रुपये पर सट्टेबाजी के प्रतिबंध हटाए ,मार्केट में डीलर्स फिर कर सकेंगे ट्रेड The post गाड़ी ठुक जाए तो क्या करें? क्लेम लेने और खुद को सुरक्षित रखने के 10 जरूरी टिप्स appeared first on Naya Vichar.

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9020mAh बैटरी वाले Vivo T5 Pro की सेल शुरू, मिल रहा ₹3000 तक का डिस्काउंट

Vivo के लेटेस्ट मॉडल Vivo T5 Pro 5G की सेल आज से हिंदुस्तान में शुरू हो गई है. यह Vivo के T सीरीज का हिस्सा है और पिछले मॉडल T4 Pro का अपग्रेडेड वर्जन है. यह फोन 9020mAh की पावरफुल बैटरी, फास्ट चार्जिंग सपोर्ट, स्मूद डिस्प्ले और पावरफुल परफॉर्मेंस के साथ यूजर्स को एक ऑल-इन-वन एक्सपीरियंस देने का दावा करता है. कीमत, सेल और उपलब्धता Vivo T5 Pro 5G की सेल आज दोपहर 12 बजे से शुरू हो चुकी है. इसे आप Flipkart, Vivo की ऑफिशियल वेबसाइट और रिटेल स्टोर्स से खरीद सकते हैं. कीमत की बात करें, तो यह- 8GB + 128GB: ₹29,999 8GB + 256GB: ₹33,999 12GB + 256GB: ₹39,999 रुपये में उपलब्ध है. कंपनी पहली सेल के मौके पर HDFC, SBI, AXIS बैंक कार्ड्स और UPI पर बैंक डिस्काउंट दे रही है. इसके तहत बेस वेरिएंट की कीमत 2000 रुपये बाकी के दोनों वेरिएंट्स की कीमत 3000 रुपये तक कम हो जाएगी. डिस्प्ले और डिजाइन फोन में 6.8-इंच का AMOLED डिस्प्ले दिया गया है, जो 1.5K रेजोल्यूशन के साथ आता है. इसमें 144Hz रिफ्रेश रेट मिलता है, जिससे स्क्रॉलिंग और गेमिंग काफी स्मूद हो जाती है. साथ ही, 5000 निट्स तक की ब्राइटनेस इसे धूप में भी आसानी से इस्तेमाल करने लायक बनाती है. बड़ा बैटरी पैक होने के बावजूद इसका डिजाइन स्लिम है और वजन 213 ग्राम है. कैमरा सेटअप Vivo T5 Pro 5G के बैक पैनल में OIS सपोर्ट के साथ 50MP प्राइमरी कैमरा और 2MP पोर्ट्रेट सेंसर दिया गया है. सेल्फ़ी और वीडियो कॉलिंग के लिए फ्रंट में 32MP का कैमरा दिया गया है. खास बात यह है कि दोनों कैमरे 4K वीडियो रिकॉर्डिंग सपोर्ट करते हैं. परफॉर्मेंस और प्रोसेसर यह स्मार्टफोन Snapdragon 7s Gen 4 चिपसेट पर काम करता है, जिसे 12GB तक RAM और 256GB स्टोरेज के साथ जोड़ा गया है. यह सेटअप डेली यूज, मल्टीटास्किंग और गेमिंग के लिए काफी बेहतर माना जाता है. साथ ही इसमें बड़ा वेपर कूलिंग चेंबर सिस्टम दिया गया है, जो लंबे समय तक इस्तेमाल के दौरान फोन को ठंडा रखता है. सॉफ्टवेयर और अपडेट यह स्मार्टफोन Android 16 पर चलता है और कंपनी इसमें लंबे समय तक सॉफ्टवेयर और सिक्योरिटी अपडेट देने का वादा कर रही है. 9020mAh बैटरी और फास्ट चार्जिंग इस फोन की सबसे बड़ी खासियत इसकी 9020mAh बैटरी है, जो लंबे समय तक बैकअप देने के लिए डिजाइन की गई है. इसके साथ 90W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट मिलता है, जिससे फोन तेजी से चार्ज हो जाता है. कंपनी का दावा है कि बैटरी लंबे समय तक अपनी हेल्थ बनाए रखती है. यह भी पढ़ें: Vivo T5 Pro vs T4 Pro: कैमरा, बैटरी और परफॉर्मेंस में कौन है बेस्ट ऑप्शन? The post 9020mAh बैटरी वाले Vivo T5 Pro की सेल शुरू, मिल रहा ₹3000 तक का डिस्काउंट appeared first on Naya Vichar.

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मुंबई इंडियंस के लकी चार्म बने तिलक वर्मा, हार्दिक ने कहा-टीम को इसकी सख्त जरूरत थी

Tilak Varma : मुंबई इंडियंस और गुजरात टाइटंस के बीच सोमवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में जो मैच स्पोर्ट्सा गया, उसमें मुंबई ने ना सिर्फ 99 रन से जीत दर्ज की है, बल्कि इस मैच ने टीम में नई जान फूंक दी है. टीम को एक बार फिर से लड़ने का जज्बा मिला है और यह सबकुछ हो पाया है मैच के | प्लेयर ऑफ द मैच तिलक वर्मा की वजह से. तिलक वर्मा ने शानदार शतक जड़ा तिलक वर्मा ने अपने बल्ले से नरेंद्र मोदी स्टेडियम में एक तरह से जादू किया और अपनी टीम को फिर से ट्रैक पर ले आये. उन्होंने 224.44 के स्ट्राइक रेट से बिना आउट हुए 101 रन बनाए. उनका यह स्कोर 45 गेंदों में बना, जिसमें 8 छक्के और 7 चौके शामिल थे. तिलक वर्मा ने एक तरह से अपनी टीम के माथे पर विजयी भव का आशीर्वाद चस्पां कर दिया है. जीत के बाद जब उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का अवार्ड मिला तो उन्होंने अपने पहले शतक पर खुशी जाहिर की. तिलक के कहा कि पहला शतक हमेशा स्पेशल रहेगा. सच कहूं तो, यह हमारे लिए बहुत जरूरी था. हमारी टीम के पास ज्यादा टाइम नहीं है. हर गेम हमारे लिए ज़रूरी है. पिछले पांच मैच में मैं कुछ खास नहीं कर पाया, लेकिन यह हमारे लिए बहुत अहम मैच था. मैं प्रेशर में था, इसलिए सिर्फ अपनी स्किल का इस्तेमाल किया. तिलक ने 23 गेंदों में 82 रन बनाए मुंबई की शुरुआत बहुत खराब रही थी. तिलक वर्मा भी जब स्पोर्ट्सने आए थे, तो काफी प्रेशर में थे और उन्होंने अपनी पहली 22 गेंदों पर 19 रन बनाए थे. बाद में उन्होंने 23 गेंदों में 356.52 के औसत से 82 रन बनाए. वे मुंबई के सबसे तेज शतक बनाने वालों की सूची में भी शामिल हो गए हैं. तिलक के शतक से टीम का उत्साह बढ़ा है और टीम के कप्तान हार्दिक पांड्‌या ने कहा कि इसकी बहुत जरूरत थी. तिलक में जिस तरह का टैलेंट है, उसे सच में ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है. इसलिए मैं उन्हें बस यही मैसेज देता रहा कि तुम बस बॉल को देखो और चाहे कुछ भी हो, बॉल को हिट करो, क्योंकि मुझे सच में लगता है कि उनके बल्ले से जिस तरह की बॉल निकलती है वह वाकई कुछ खास है. अब समय आ गया था कि वह आएं और कुछ अच्छा करें.तिलक के पास ज़्यादातर कम रिस्क वाली टेक्निक है. 20वां ओवर जबरदस्त था, तिलक 80 रन पर थे और मुंबई का स्कोर 177/5 था।). बैटर के लिए सेंचुरी और टीम के लिए 200 – दोनों ही साइकोलॉजिकली हौसला बढ़ाने वाले माइलस्टोन – पहुंच में थे और तिलक ने दोनों लक्ष्य पूरा किया. ये भी पढ़ें : GT vs MI: हार के बाद बोले शुभमन गिल- हमने बीच के ओवरों में काफी रन लुटाए The post मुंबई इंडियंस के लकी चार्म बने तिलक वर्मा, हार्दिक ने कहा-टीम को इसकी सख्त जरूरत थी appeared first on Naya Vichar.

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