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May 3, 2026

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आपके स्मार्टवॉच की बैटरी चुपचाप खत्म कर रहा है यह फीचर, जरूरत पड़ने पर ही करें ऑन

Smartwatch GPS: कुछ स्मार्टवॉच ऐसी होती हैं जो सिर्फ एक दिन में ही चार्ज मांग लेती हैं. लेकिन कई मॉडल ऐसे भी हैं जो एक बार चार्ज करने पर कई दिनों या फिर हफ्तों तक आराम से चल जाते हैं. कुछ तो ऐसे भी होते हैं जो सोलर पावर से चलते हैं. यानी धूप मिलती रहे तो बैटरी खत्म ही नहीं होगी. लेकिन चाहे आपकी स्मार्टवॉच कितनी भी दमदार बैटरी वाली क्यों न हो, एक फीचर ऐसा है जो बैटरी को सबसे तेजी से खत्म करता है. हम बात कर रहे हैं GPS की. जैसे ही आप GPS ऑन करते हैं, चाहे आप दौड़ लगा रहे हों, साइकिल चला रहे हों, हाइक पर हों या सिर्फ रास्ता ढूंढ रहे हों, बैटरी की खपत काफी तेजी से बढ़ जाती है. यही वजह है कि जितना ज्यादा आप इसका इस्तेमाल करेंगे, उतनी जल्दी चार्जिंग की जरूरत पड़ेगी. आइए स्मार्टवॉच में दिए गए Built-in GPS के बारे में डिटेल में जानते हैं. स्मार्टवॉच में GPS कैसे काम करता है? स्मार्टवॉच में GPS दो तरीके से काम करता है. या तो फोन के जरिए (connected/assisted GPS) या फिर खुद घड़ी के अंदर मौजूद Built-in GPS से.अगर आपकी स्मार्टवॉच connected GPS इस्तेमाल कर रही है, तो उसे लोकेशन ट्रैक करने के लिए आपके फोन की जरूरत पड़ेगी. मतलब, फोन साथ रखना जरूरी हो जाता है. इसका एक नुकसान ये भी है कि इससे फोन और घड़ी दोनों की बैटरी जल्दी खत्म हो सकती है. वहीं, Built-in GPS में घड़ी के अंदर ही छोटा सा GPS रिसीवर होता है, जो सीधे पृथ्वी के चारों तरफ घूम रहे सैटेलाइट्स से सिग्नल पकड़कर आपकी लोकेशन ट्रैक करता है. जितने ज्यादा सैटेलाइट बैंड सपोर्ट होते हैं, लोकेशन उतनी ही ज्यादा सटीक मिलती है. लेकिन एक बात ध्यान रखने वाली है कि Built-in GPS लगातार सैटेलाइट से कनेक्ट रहता है, इसलिए इसकी बैटरी भी तेजी से खर्च होती है. यहां तक कि यह हार्ट रेट जैसे फीचर्स से भी ज्यादा बैटरी ले सकता है, क्योंकि GPS तब तक लगातार चलता रहता है जब तक आप ट्रैकिंग ऑन रखते हैं. GPS बैटरी लाइफ पर कैसे असर डालता है? अगर आप स्मार्टवॉच यूज करते हैं, तो एक बात हमेशा याद रखें कि GPS बैटरी का सबसे बड़ा दुश्मन है. नॉर्मल यूज में जो वॉच आपको तीन दिन तक आराम से चलती दिखती है, वही GPS ऑन करते ही महज 12 घंटे में जवाब दे सकती है. उदाहरण के लिए,  Apple Watch Ultra 3 अब तक की सबसे लंबी बैटरी लाइफ देने वाली Apple Watch मानी जाती है. यह नॉर्मल यूज में 42 घंटे और Low Power Mode में 72 घंटे तक चल सकती है. लेकिन GPS और हार्ट रेट ट्रैकिंग चालू होते ही बैटरी लगभग 14 घंटे में खत्म हो सकती है. हालांकि, अगर आप GPS और हार्ट रेट की फ्रीक्वेंसी कम कर दें, तो बैटरी करीब 35 घंटे तक चल सकती है. तो अगर आप चाहते हैं कि आपकी स्मार्टवॉच जल्दी डिस्चार्ज न हो, तो GPS का इस्तेमाल तभी करें जब असल में जरूरत हो. अगर आप किसी जाने-पहचाने रास्ते पर वॉक कर रहे हैं, तो GPS बंद रखें. साथ ही, Power Saving Mode को यूज करने से GPS ट्रैकिंग थोड़ी कम सटीक जरूर होगी, लेकिन बैटरी काफी ज्यादा बचेगी. यह भी पढ़ें: आखिर किस टेक्नोलॉजी की मदद से बज उठे करोड़ों स्मार्टफोन? जानें प्रशासन के इस खास सिस्टम के बारे में The post आपके स्मार्टवॉच की बैटरी चुपचाप खत्म कर रहा है यह फीचर, जरूरत पड़ने पर ही करें ऑन appeared first on Naya Vichar.

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6 मई को होगी सम्राट कैबिनेट की बैठक, कई जरूरी प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर

Bihar Cabinet: 15 अप्रैल को सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. इसके बाद से वह लगातार एक्शन मोड में हैं. इस बीच उन्होंने तीसरी कैबिनेट की बैठक बुला ली है. 6 मई को मुख्यमंत्री सचिवालय में सम्राट कैबिनेट की बैठक होगी. इस बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगने की संभावना जताई जा रही है. नई नीतियों को मंजूरी मिल सकती है. दूसरी बैठक में लिए गए फैसले इससे पहले दो बार हुई कैबिनेट की बैठक में कई जरूरी फैसले लिए गए. इस दौरान दोनों डिप्टी सीएम विजेंद्र यादव और विजय चौधरी मौजूद थे. 29 अप्रैल को हुई कैबिनेट की बैठक में 63 एजेंडों पर मुहर लगी थी. इनमें राज्य में बिजली आपूर्ति को मजबूत बनाने के लिए नई अंतरराज्यीय ट्रांसमिशन लाइन बनाने, पटना के मैंगल्स रोड पर साइबर अपराध इकाई और विशेष शाखा के लिए लगभग 51 करोड़ रुपये की लागत से नया भवन बनाने की मंजूरी, राज्य में कई बड़ी सड़क परियोजनाओं की मंजूरी समेत कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई थी. पहली बैठक में मिली थी इन प्रस्तावों पर मंजूरी इससे पहले 22 अप्रैल को पहली कैबिनेट की बैठक हुई थी, जिसमें 22 एजेंडों पर मुहर लगी थी. इसमें नगर विकास विभाग ने 11 नए ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप बनाने, 1500 स्त्री पुलिसकर्मियों को स्कूटी और 3200 पुलिसकर्मियों को मोटरसाइकिल देने की मंजूरी, सोनपुर स्थित बाबा हरिहरनाथ मंदिर क्षेत्र को काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित करने, मुंगेर जिले के तारापुर में धार्मिक और पर्यटन सुविधाओं के डेवलप करने समेत कई फैसले लिए गए. दिल्ली दौरे पर सम्राट चौधरी बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी फिलहाल दिल्ली दौरे पर हैं. आज उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और नित्यानंद राय से मुलाकात की. इसके साथ ही यह संभावना जताई जा रही है कि वे देर शाम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात कर सकते हैं. Also Read: पिता से आशीर्वाद लेकर यात्रा पर निकले निशांत कुमार, बोले- मेरी पहली नेतृत्वक यात्रा है The post 6 मई को होगी सम्राट कैबिनेट की बैठक, कई जरूरी प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर appeared first on Naya Vichar.

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सोमाली समुद्री डाकुओं का दुस्साहस, यमन के तट से हाईजैक करके ले गए जहाज, 10 दिनों में दूसरी बार किया कांड

Somalia Pirates Ship Hijack: शनिवार को सोमालिया के समुद्री लुटेरों ने यमन के तट के पास एक तेल टैंकर का अपहरण कर लिया. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच हुई इस घटना की पुष्टि कई सोमाली सुरक्षा अधिकारियों ने की है. यमन के तटरक्षक बल के अनुसार, एमटी यूरेका नामक टैंकर का अपहरण कर लिया गया है और वह सोमालिया की ओर बढ़ रहा है. बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने बताया कि गल्फ ऑफ एडन में काना बंदरगाह के पास समुद्री लुटेरों ने जहाज पर कब्जा कर लिया. रिपोर्ट के मुताबिक, लुटेरे कंदाला के पास एक दूरस्थ तटीय इलाके से निकले थे, जो गल्फ ऑफ एडन के किनारे स्थित है. रिपोर्ट के अनुसार, एमटी यूरेका पश्चिम अफ्रीकी देश टोगो के झंडे के तहत चल रहा था. सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि स्थानीय समयानुसार सुबह 5:00 बजे हथियारबंद लोगों ने जहाज पर कब्जा कर लिया. फिलहाल यह जहाज यमन और सोमालिया के बीच गल्फ ऑफ एडन में चल रहा है और आने वाले घंटों में सोमाली जलक्षेत्र में लंगर डाल सकता है. पिछले 10 दिनों में दूसरा जहाज किया हाईजैक यह मामला इसलिए भी चिंता का विषय बन गया है क्योंकि 10 दिनों के भीतर इस इलाके में यह दूसरा तेल टैंकर अपहरण है. इससे पहले 22 अप्रैल को हॉनर 25 नामक टैंकर को सोमाली लुटेरों ने हाईजैक कर लिया था. इसमें 18,500 बैरल तेल मोगादिशु ले जाया जा रहा था. इन दोनों घटनाओं से संकेत मिलता है कि सोमाली समुद्री लूटपाट देश के विशाल समुद्री तट पर फैल रही है, जो मुख्य भूमि अफ्रीका का सबसे लंबा तट है. यूरेका का अपहरण करने वाली घटना पिछले दो हफ्तों में चौथा सफल अपहरण है. एक और कोशिश हुई थी नाकाम एक अन्य घटना भी इसी क्षेत्र में हुई थी. युनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने शुक्रवार को बताया कि अल-मुकल्ला के पास एक बल्क कैरियर के करीब एक छोटी नाव (स्किफ) में सवार हथियारबंद लोग पहुंचे थे. तीन अलग-अलग सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, ये लोग कालूला (अलुला) के पास एक दूरस्थ तटीय इलाके से निकले थे. कालूला उस स्थान से करीब 209 किमी दूर है, जहां से एमटी यूरेका का अपहरण किया गया. हालांकि, इसमें ये समुद्री दस्यु सफल नहीं हो पाए. ये भी पढ़ें:- कौन हैं निक स्टीवर्ट? ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के समर्थक, बने हैं पीस डील करने वाली टीम के सलाहकार ये भी पढ़ें:- अमेरिका ने लगाए ड्रग तस्करी के आरोप: मेक्सिको के गवर्नर और मेयर ने पद छोड़ा, ट्रंप का डर! मादुरो जैसा होता हाल? फिर से बढ़ रही सोमालियाई दस्युओं की लूट की घटनाएं सोमाली समुद्री डकैती 2011 के बाद से काफी कम हो गई थी. हालांकि, 2023 के अंत से इसमें फिर से उछाल आया है, जब हूती विद्रोही लाल सागर और गल्फ ऑफ एडन में जहाजों पर हमले करने लगे. इन हमलों के कारण अंतरराष्ट्रीय नौसेनाएं हौथी खतरे से निपटने में व्यस्त हो गईं, जिससे सोमालिया के तट पर सक्रिय सशस्त्र समूहों को सुरक्षा में आई ढील का फायदा उठाने का मौका मिल गया. The post सोमाली समुद्री डाकुओं का दुस्साहस, यमन के तट से हाईजैक करके ले गए जहाज, 10 दिनों में दूसरी बार किया कांड appeared first on Naya Vichar.

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NCC किया है? सरकारी नौकरी में मिल सकता है बड़ा फायदा 

NCC Benefits in Government Jobs: आज के समय में प्रशासनी नौकरी पाना हर युवा का सपना है. लेकिन बढ़ती कॉम्पिटिशन के बीच सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, कुछ एक्स्ट्रा स्किल्स और सर्टिफिकेट भी आपकी राह आसान बना सकते हैं.  ऐसे ही एक बेहतरीन ऑप्शन है NCC (नेशनल कैडेट कोर). आइए जानते हैं कि NCC क्या है और इसके ‘A’, ‘B’ और ‘C’ सर्टिफिकेट्स से आपको क्या-क्या फायदे मिल सकते हैं.  NCC Benefits in Government Jobs: NCC क्या है और क्यों है खास? NCC एक यूथ डेवलपमेंट प्रोग्राम है, जिसमें स्कूल और कॉलेज के स्टूडेंट्स को डिसिप्लिन , लीडरशिप और देशभक्ति की ट्रेनिंग दी जाती है. इसमें आर्मी, नेवी और एयरफोर्स से जुड़ी बेसिक ट्रेनिंग भी मिलती है. NCC करने से सिर्फ फिजिकल फिटनेस ही नहीं बढ़ती, बल्कि आपका कॉन्फिडेंस और पर्सनैलिटी भी निखरती है. यही कारण है कि कई प्रशासनी विभाग NCC कैडेट्स (NCC Benefits in Government Jobs) को प्राथमिकता देते हैं.  प्रशासनी नौकरी में NCC का फायदा कैसे मिलता है? अगर आपके पास NCC का सर्टिफिकेट है, खासकर C Certificate, तो आपको कई प्रशासनी नौकरियों में सीधा फायदा मिलता है.  डायरेक्ट बोनस मार्क्स: कई भर्ती परीक्षाओं में NCC सर्टिफिकेट के लिए एक्स्ट्रा मार्क्स दिए जाते हैं.  प्राथमिकता: पुलिस, आर्मी और पैरामिलिट्री फोर्स में NCC वालों को प्राथमिकता मिलती है.  इंटरव्यू में फायदा: NCC की ट्रेनिंग आपके सेल्फ कॉन्फिडेंस को बढ़ाती है, जिससे इंटरव्यू में अच्छा परफॉर्मेंस  होता है.  NCC Benefits in Government Jobs: किन-किन नौकरियों में मिलता है फायदा? NCC करने के बाद आप कई प्रशासनी फील्ड में लाभ पा सकते हैं: 1. रक्षा सेवाएं (Army, Navy, Air Force): NCC C सर्टिफिकेट वालों को CDS (कंबाइंड डिफेंस सर्विस) में स्पेशल एंट्री मिलती है. कई बार रिटन एग्जाम से छूट भी मिल जाती है.  2. पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स: CRPF, BSF, CISF जैसी फोर्स में NCC कैडेट्स को प्राथमिकता दी जाती है.  3. राज्य प्रशासन की नौकरियां: कई राज्यों में NCC सर्टिफिकेट होने पर प्रशासनी भर्ती में बोनस मार्क्स मिलते हैं.  NCC A, B और C सर्टिफिकेट का महत्व A Certificate: स्कूल लेवल पर मिलता है, बेसिक फायदा देता है.  B Certificate: कॉलेज के पहले दो साल में मिलता है.  C Certificate: सबसे अहम होता है, प्रशासनी नौकरी में सबसे ज्यादा फायदा इसी से मिलता है.  NCC से सिर्फ नौकरी ही नहीं, और भी हैं फायदे NCC का फायदा सिर्फ जॉब तक सीमित नहीं है. इसके कई और बेनिफिट्स भी हैं: लीडरशिप स्किल्स मजबूत होती हैं.  टाइम मैनेजमेंट सीखते हैं.  टीमवर्क की समझ बढ़ती है.  देश सेवा का जज्बा पैदा होता है.  ये सभी स्किल्स आपको हर फील्ड में आगे बढ़ने में मदद करती हैं.  यह भी पढ़ें: Online Courses की दुनिया! घर बैठे फ्री में सीखें, करियर को दें नई उड़ान The post NCC किया है? प्रशासनी नौकरी में मिल सकता है बड़ा फायदा  appeared first on Naya Vichar.

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Maruti-Hyundai ने बनाए रिकॉर्ड, अप्रैल 2026 में 27% बढ़ी गाड़ियों की सेल

हिंदुस्तानीय ऑटो बाजार ने नए वित्त वर्ष की शुरुआत धमाकेदार अंदाज में की है. अप्रैल 2026 के आंकड़े बताते हैं कि कार और दोपहिया वाहनों की मांग में जबरदस्त उछाल आया है. कुल मिलाकर घरेलू बाजार में करीब 4.5 लाख यात्री वाहनों की बिक्री दर्ज की गई, जो पिछले साल के मुकाबले 27 प्रतिशत ज्यादा है. खास बात यह रही कि एंट्री-लेवल कारों से लेकर प्रीमियम सेगमेंट तक, हर कैटेगरी में खरीदारों की दिलचस्पी बढ़ती दिखी है. रिकॉर्ड प्रदर्शन से चमकी बड़ी कंपनियां इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा योगदान Maruti Suzuki का रहा, जिसने अप्रैल में अब तक की सबसे ज्यादा घरेलू बिक्री दर्ज की. कंपनी की छोटी कारों की डिमांड में तेज उछाल देखने को मिला, जिससे कुल बिक्री को मजबूत सपोर्ट मिला. वहीं Hyundai Motor India और Kia India ने भी अपने-अपने रिकॉर्ड बनाए, जो बताता है कि मिड-रेंज और SUV सेगमेंट में भी ग्राहकों का भरोसा बना हुआ है. टाटा, महिंद्रा और टोयोटा की भी मजबूत पकड़ Tata Motors ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 30 प्रतिशत से ज्यादा की ग्रोथ हासिल की. वहीं Mahindra & Mahindra की बिक्री में भी स्थिर बढ़त दर्ज हुई, जो SUV सेगमेंट की मजबूत मांग को दर्शाती है. Toyota Kirloskar Motor ने भी दो अंकों की वृद्धि के साथ अपनी पकड़ मजबूत की. इसके अलावा MG, Renault और Nissan जैसी कंपनियों ने भी बाजार में अपनी उपस्थिति बनाए रखी. नीतिगत फैसलों का दिखा सीधा असर ऑटो सेक्टर की इस तेज रफ्तार के पीछे प्रशासनी नीतियों का बड़ा हाथ माना जा रहा है. GST दरों में बदलाव, रेपो रेट में कटौती और आयकर में राहत ने लोगों की खरीद क्षमता को बढ़ाया है. विशेषज्ञों का मानना है कि आसान फाइनेंसिंग और कम EMI विकल्पों ने भी ग्राहकों को नए वाहन खरीदने के लिए प्रेरित किया है. दोपहिया बाजार में भी जबरदस्त उछाल सिर्फ कार ही नहीं, दोपहिया सेगमेंट में भी रिकॉर्ड ग्रोथ देखने को मिली. Hero MotoCorp की बिक्री में 80 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज हुई, जो ग्रामीण और अर्ध-शहरी बाजार की मजबूत मांग का संकेत है. Honda Motorcycle & Scooter India और Royal Enfield ने भी शानदार प्रदर्शन किया. इससे साफ है कि बजट से लेकर प्रीमियम बाइक तक हर सेगमेंट में खरीदार सक्रिय हैं. आगे क्या रहेगा ट्रेंड ऑटो इंडस्ट्री के लिए यह शुरुआत काफी सकारात्मक मानी जा रही है. हालांकि, ईंधन कीमतों में संभावित बढ़ोतरी और वैश्विक आर्थिक दबाव आगे की मांग को प्रभावित कर सकते हैं. इसके बावजूद, मौजूदा ट्रेंड यह संकेत देता है कि 2026 में ऑटो सेक्टर नई ऊंचाइयों को छू सकता है. यह भी पढ़ें: Alto से Brezza तक, हर सेगमेंट में Maruti का जलवा यह भी पढ़ें: Scooter से Bike तक, Honda की हर सेगमेंट में ग्रोथ, विदेशों में भी बढ़ी डिमांड The post Maruti-Hyundai ने बनाए रिकॉर्ड, अप्रैल 2026 में 27% बढ़ी गाड़ियों की सेल appeared first on Naya Vichar.

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क्या आपके घर में सही जगह पर लगा है विंड चाइम? जानें फेंग शुई के नियम

Feng Shui Tips: फेंग शुई के अनुसार विंड चाइम घर की सजावट के साथ-साथ सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने का एक आसान और प्रभावी तरीका माना जाता है. जब हवा चलती है तो इसकी मधुर आवाज घर के माहौल को शांत और सुकून भरा बनाती है. सही दिशा और सही जगह पर लगाया गया विंड चाइम घर में खुशहाली, शांति और सौभाग्य लाने में मदद करता है. वहीं गलत जगह या खराब विंड चाइम नकारात्मक असर भी डाल सकता है. इसलिए इसे लगाते समय कुछ आसान नियमों का ध्यान रखना जरूरी होता है, ताकि इसका पूरा फायदा मिल सके. 1. घर के मुख्य दरवाजे के पास लगाएं घर का मुख्य दरवाजा वह जगह होती है जहाँ से ऊर्जा अंदर आती है. इसलिए यहाँ विंड चाइम लगाना अच्छा माना जाता है. जब हवा चलती है और विंड चाइम की मधुर आवाज आती है, तो वह घर के माहौल को सकारात्मक और खुशहाल बनाती है. इससे घर में आने वाले लोगों पर भी अच्छा प्रभाव पड़ता है और माहौल हल्का व सुकून भरा लगता है. 2. खिड़की या बालकनी में लगाना सही होता है विंड चाइम को ऐसी जगह लगाना चाहिए जहाँ हवा का आना-जाना बना रहता हो, जैसे खिड़की या बालकनी. यहाँ लगाने से उसकी आवाज साफ और मधुर सुनाई देती है. साथ ही, हवा के साथ पॉजिटिव एनर्जी का फ्लो भी बेहतर होता है. इससे घर का वातावरण फ्रेश और एनर्जेटिक बना रहता है. 3. बेडरूम में सिर के ऊपर न लगाएं बेडरूम में विंड चाइम लगाते समय खास ध्यान रखें कि इसे बेड के ठीक ऊपर न लगाएं. ऐसा करने से उसकी आवाज सीधे आपके सिर के पास आती है, जिससे नींद में परेशानी या बेचैनी हो सकती है. बेहतर है कि इसे बेड से थोड़ी दूरी पर या कमरे के कोने में लगाया जाए, ताकि इसकी आवाज हल्की और सुकून देने वाली लगे. 4. मटेरियल और दिशा का ध्यान रखें विंड चाइम का मटेरियल और दिशा भी बहुत मायने रखता है. अगर आप धातु (metal) का विंड चाइम लगा रहे हैं, तो उसे पश्चिम या उत्तर दिशा में लगाना शुभ माना जाता है. वहीं लकड़ी (wood) का विंड चाइम पूर्व या दक्षिण-पूर्व दिशा में अच्छा रहता है. सही दिशा में लगाने से उसका असर बढ़ता है और घर में संतुलन बना रहता है. 5. टूटे या खराब विंड चाइम न रखें अगर आपका विंड चाइम टूट गया है या उसकी आवाज अच्छी नहीं आ रही, तो उसे घर में रखने से बचें. खराब या टूटी हुई चीजें नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ा सकती हैं. हमेशा सही और अच्छी आवाज वाला विंड चाइम ही लगाएं, ताकि घर में पॉजिटिव माहौल बना रहे. यह भी पढ़ें: Feng Shui Tips For Peace Of Mind: शांति और सुकून के माहौल के लिए जरूर अपनाएं फेंगशुई के ये टिप्स जरूर अपनाएं यह भी पढ़ें: Feng Shui Tips For Good Luck: घर में हो रहा है कलह और क्लेश, तो अपनाएं ये टिप्स, फेंगशुई से बदलेगा माहौल Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post क्या आपके घर में सही जगह पर लगा है विंड चाइम? जानें फेंग शुई के नियम appeared first on Naya Vichar.

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रविचंद्रन अश्विन ने की महेंद्र सिंह धोनी की जमकर तारीफ, कहा-मैंने उनके जैसा विकेटकीपर नहीं देखा

MS Dhoni : हिंदुस्तानीय टीम के लाजवाब स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि स्पिनरों के सामने विकेट के पीछे पूर्व हिंदुस्तानीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की तरह विकेटकीपिंग करते हुए मैंने किसी और को नहीं देखा है. अश्विन ने जियो स्टार से बात करते हुए याद किया कि कैसे धोनी की विकेटकीपिंग और स्पष्ट सोच उनकी शानदार कप्तानी से कहीं अधिक खास थी. धोनी की विकेटकीपिंग ने मुझे हमेशा हैरान किया अश्विन ने कहा कि धोनी की विकेटकीपिंग ने मुझे हमेशा हैरान किया है. लोग उनकी कप्तानी की बहुत तारीफ करते हैं और यह सही भी है. उनकी सफलता ही सब कुछ बयां करती है, लेकिन मेरे लिए उनकी दो चीजें सबसे अलग हैं. पहला वह मध्य क्रम के बहुत अच्छे बल्लेबाज थे. एक ऐसा खिलाड़ी जो स्पोर्ट्स को आखिर तक ले जा सकता था और उसे अनुकूल परिणाम के साथ खत्म कर सकता था. दूसरी बात स्पिनरों के सामने उनकी विकेटकीपिंग. मैंने उनके जैसा विकेटकीपर कोई और नहीं देखा है. धोनी गेंदबाजों के मामले में दखल नहीं देते थे अश्विन ने धोनी की रणनीति के बारे में बात करते हुए कहा कि धोनी गेंदबाजों के मामले में किसी तरह से दखल नहीं देते थे. अश्विन ने कहा कि उन्होंने कभी मेरे लिए फील्डिंग नहीं सजाई. मैं अपने लिए फील्डिंग खुद सजाता था. वह बस इतना कहते थे, दोहरा अनुमान मत लगाओ. पहले से अनुमान मत लगाओ.अगर तुम्हारी गेंद पर बड़ा शॉट लग जाए तो कोई बात नहीं. अगर कोई जोखिम लेता है तो लेने दो. बस अपनी फील्डिंग के हिसाब से गेंदबाजी करो. उन्हें मुझ पर पूरा भरोसा था. अश्विन ने 2011 के आईपीएल फाइनल में क्रिस गेल को शून्य पर आउट करने की घटना को याद किया और स्टंप के पीछे धोनी के शानदार कैच की सराहना की. ये भी पढ़ें : मुंबई इंडियंस को हराने के बाद बोले CSK के कप्तान रुतुराज गायकवाड़-कॉन्फिडेंस बूस्टर की तरह है यह जीत CSK vs MI : हार के बाद पूरी तरह निराश नजर आए मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पंड्या The post रविचंद्रन अश्विन ने की महेंद्र सिंह धोनी की जमकर तारीफ, कहा-मैंने उनके जैसा विकेटकीपर नहीं देखा appeared first on Naya Vichar.

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कौन हैं निक स्टीवर्ट? ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के समर्थक, बने हैं पीस डील करने वाली टीम के सलाहकार

Who is Nick Stewart: अमेरिका ने ईरान के साथ जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए वार्ताकारों की टीम का सलाहकार निक स्टीवर्ट को बनाया है. व्हाइट हाउस ने इस बात की पुष्टि की है. सीबीएस न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक,  व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ओलिविया वेल्स ने स्टीवर्ट को तेज-तर्रार और अनुभवी नीति विशेषज्ञ बताया, जो विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे. स्टीवर्ट को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद और सलाहकार जेरेड कुशनर ने शामिल किया है. कुश्नर और स्टीव विटकॉफ अमेरिका की ओर से ईरान से कूटनीतिक वार्ता कर रहे हैं. रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल में पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हुई बातचीत के असफल दौर से पहले ही स्टीवर्ट को टीम में शामिल कर लिया गया था. कौन हैं निक स्टीवर्ट? व्हाइट हाउस की प्रवक्ता वेल्स ने बताया कि स्टीवर्ट को ईरान से जुड़े मामलों का गहरा अनुभव है. वह राष्ट्रपति ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान अमेरिकी विदेश विभाग और कैपिटल हिल में काम कर चुके हैं. इससे पहले वे फाउंडेशन फॉर डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसीज से जुड़े थे, जिसने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का समर्थन किया था. स्टीवर्ट ने ट्रंप प्रशासन के पहले कार्यकाल में तत्कालीन विशेष प्रतिनिधि ब्रायन हुक के अधीन विदेश विभाग के ईरान एक्शन ग्रुप में चीफ ऑफ स्टाफ के रूप में काम कर चुके हैं. निक स्टीवर्ट का पूरा नाम निकोलस जे स्टीवर्ट है. उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक उन्होंने अमेरिकन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ इंटरनेशनल सर्विस से इंटरनेशनल स्टडीज, पीस एंड कन्फ्लिक्ट स्टडीज, अरब स्टडीज में ग्रैजुएशन किया है. उन्होंने कैंब्रिज विश्वविद्यालय (इंग्लैंड) से इंटरनेशनल पॉलिटिक्स में एमफिल भी किया है. फिलहाल वह अमेरिकी संसद के हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के चीफ ऑफ स्टाफ के तौर पर भी काम कर रहे हैं. Gulf states appear to see this moment for what it is: a historic opportunity to degrade Iran’s regime, & they’re weighing it favorably, even against the great risks. Years of tolerating Iranian aggression, proxy warfare, and nuclear brinkmanship have brought them to this moment. — Nick Stewart (@nick_jstewart) March 1, 2026 अमेरिका-ईरान के मध्य चल रहा शांति स्थापना का प्रयास यह कूटनीतिक बदलाव ऐसे समय आया है जब ईरान ने अमेरिका के 9-सूत्रीय शांति प्रस्ताव के जवाब में 14-सूत्रीय योजना पेश की है. तसनीम न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, यह प्रस्ताव पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए भेजा गया और इसका उद्देश्य अस्थायी युद्धविराम से आगे बढ़कर स्थायी समाधान निकालना है. जहां अमेरिका ने शुरुआत में दो महीने के युद्धविराम का सुझाव दिया था, वहीं ईरान ने इसे खारिज करते हुए 30 दिनों के भीतर सभी विवादों के समाधान की मांग की है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वे प्रस्ताव की समीक्षा करेंगे, लेकिन तेहरान के इरादों को लेकर संदेह बरकरार है. उन्होंने कहा कि ईरान ने अभी तक पर्याप्त कीमत नहीं चुकाई है. ये भी पढ़ें:- अमेरिका ने लगाए ड्रग तस्करी के आरोप: मेक्सिको के गवर्नर और मेयर ने पद छोड़ा, ट्रंप का डर! मादुरो जैसा होता हाल? ये भी पढ़ें:- चीन का खुला ऐलान: न मानेंगे और न लागू करेंगे अमेरिका के ये प्रतिबंध, ईरान के साथ हमारा ट्रेड लीगल तसनीम के मुताबिक, ईरानी प्रस्ताव में लेबनान सहित कई क्षेत्रीय तनावों को सुलझाने की बात है. इसमें भविष्य में हमलों को रोकने के लिए सुरक्षा गारंटी, अमेरिकी सेना की वापसी, नौसैनिक नाकेबंदी खत्म करने, जमे हुए अंतरराष्ट्रीय फंड जारी करने और प्रतिबंधों से हुए नुकसान की भरपाई की मांग शामिल है.  आर्थिक मोर्चे पर, ईरान ने सभी अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध हटाने और हॉर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन के लिए विशेष तंत्र प्रस्तावित किया है, ताकि वैश्विक तेल आपूर्ति स्थिर बनी रहे. ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि यह प्रस्ताव थोपी गई जंग को स्थायी रूप से खत्म करने के लिए है और अब फैसला अमेरिका को करना है. हालांकि ट्रंप ने माना कि वे समझौता करना चाहते हैं, लेकिन उन्होंने ईरानी नेतृत्व को अव्यवस्थित बताते हुए शक जताया और चेतावनी दी कि वार्ता विफल होने पर सैन्य कार्रवाई भी संभव है. The post कौन हैं निक स्टीवर्ट? ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के समर्थक, बने हैं पीस डील करने वाली टीम के सलाहकार appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड बोर्ड 12वीं का रिजल्ट जल्द, SMS और UMANG ऐप से करें चेक

JAC Board 12th Result 2026: झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) द्वारा कक्षा 12वीं (इंटरमीडिएट) परीक्षा का रिजल्ट जल्द जारी किया जाएगा. रिजल्ट के साथ ही बोर्ड पास प्रतिशत और टॉपर्स लिस्ट जारी करेगा. स्टूडेंट्स अपना रिजल्ट SMS और UMANG ऐप के जरिए आसानी से चेक कर सकते हैं. केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्म से ही रिजल्ट चेक करें JAC 12वीं का रिजल्ट छात्रों के करियर के लिए बेहद अहम होता है. बोर्ड से स्टूडेंट्स को सलाह दी है कि केवल ऑफिशियल वेबसाइट से ही 12वीं कक्षा का रिजल्ट चेक करें. ऑफिशियल वेबसाइट के अलावा UMANG, DigiLocker और SMS से रिजल्ट चेक कर सकते हैं. SMS से कैसे चेक करें झारखंड बोर्ड 12वीं का रिजल्ट? अपने मोबाइल के मैसेज बॉक्स में जाएं टाइप करें: JAC12 इसे निर्धारित नंबर पर भेजें कुछ ही समय में आपका रिजल्ट SMS के जरिए मिल जाएगा UMANG ऐप से कैसे देखें झारखंड बोर्ड 12वीं का रिजल्ट? अपने मोबाइल में UMANG ऐप डाउनलोड करें या खोलें ऐप में लॉगिन/रजिस्टर करें होमपेज पर Education सेक्शन में जाएं JAC 12वीं रिजल्ट 2026 वाली लिंक पर क्लिक करें अपना Roll Code और Roll Number डालें सबमिट करते ही आपका रिजल्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा इसे डाउनलोड या सेव कर लें स्कूल से मिलेगी मार्कशीट ध्यान रहे अभी जारी होने वाली मार्कशीट ओरिजिनल नहीं है. यह स्थाई है. झारखंड बोर्ड 12वीं कक्षा की ओरिजिनल मार्कशीट स्कूल से मिलेगी. बोर्ड की ओर से स्कूल को मार्कशीट भेजा जाएगा. आप इसे अपने स्कूल से प्राप्त कर सकते हैं. यह भी पढ़ें- MP Board Second Exam 2026: 7 मई से शुरू होंगी 10वीं-12वीं की द्वितीय परीक्षाएं, एडमिट कार्ड जारी The post झारखंड बोर्ड 12वीं का रिजल्ट जल्द, SMS और UMANG ऐप से करें चेक appeared first on Naya Vichar.

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पिता से आशीर्वाद लेकर यात्रा पर निकले निशांत कुमार, बोले- मेरी पहली राजनीतिक यात्रा है

Nishant Kumar: पश्चिम चंपारण के बगहा से निशांत कुमार सद्भाव यात्रा की शुरुआत करेंगे. इसके लिए वे पटना से रवाना हो चुके हैं. निश्चय रथ पर सवार होकर निशांत कुमार बगहा के लिए निकले. लेकिन इससे पहले उन्होंने अपने पिता नीतीश कुमार के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया. इस दौरान जेडीयू ऑफिस के बाहर जेडीयू नेताओं और कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ दिखी. यात्रा पर निकलने से पहले निशांत ने क्या कहा? निशांत यात्रा पर निकलने से पहले जेडीयू ऑफिस पहुंचे थे. इस दौरान मौजूद कार्यकर्ताओं ने जमकर नारे लगाए. यात्रा की शुरुआत से पहले निशांत कुमार ने कहा, आज से मेरी यात्रा की शुरुआत हो रही है. यह मेरी पहली नेतृत्वक यात्रा है. महात्मा गांधी ने भी अपनी सत्याग्रह की शुरुआत चंपारण की धरती से ही शुरू की थी. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के छोटे-छोटे वर्कर से मैं संवाद करूंगा. मेरी कोशिश रहेगी कि मैं जनता और पार्टी के कार्यकर्ताओं की सेवा करूं. जो पिताजी ने किया है, उसे जन-जन तक पहुंचाऊं. जनता की समस्या का समाधान निकालने की कोशिश करूंगा. पिताजी से मैंने आशीर्वाद लिया है, उन्होंने मुझे आशीर्वाद दिया. एमएलसी नीरज कुमार ने क्या कहा? निशांत कुमार की सद्भाव यात्रा को लेकर एमएलसी नीरज कुमार ने कहा, निशांत कुमार जी की यात्रा जनता दल यूनाइटेड के नई पीढ़ी के हाथ में है. पार्टी के सर्वमान्य नेता के रूप में उन्हें स्वीकृति मिल चुकी है. बिहार की तस्वीर नीतीश जी ने बदली और अब जेडीयू की तकदीर निशांत के हाथों में है. इस तरह से यात्रा की शुरुआत से पहले पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच काफी उत्साह दिखा. अशोक चौधरी ने क्या कहा? निशांत कुमार के निश्चय रथ को फूलों से सजाया गया था. यात्रा से पहले पूर्व मंत्री अशोक चौधरी ने कहा, हम सबकी शुभकामना है. निशांत जी ये पहली यात्रा है. उनकी यात्रा से संगठन को ताकत मिलेगी. यात्रा संगठन को धारदार बनाने के लिए किया जा रहा है. Also Read: ‘सम्राट की सेना का कहर जारी, कहा था ना सबका हिसाब होगा’, सिवान में एनकाउंटर पर बोले मांझी The post पिता से आशीर्वाद लेकर यात्रा पर निकले निशांत कुमार, बोले- मेरी पहली नेतृत्वक यात्रा है appeared first on Naya Vichar.

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