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May 3, 2026

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क्या आपके घर में सही जगह पर लगा है विंड चाइम? जानें फेंग शुई के नियम

Feng Shui Tips: फेंग शुई के अनुसार विंड चाइम घर की सजावट के साथ-साथ सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने का एक आसान और प्रभावी तरीका माना जाता है. जब हवा चलती है तो इसकी मधुर आवाज घर के माहौल को शांत और सुकून भरा बनाती है. सही दिशा और सही जगह पर लगाया गया विंड चाइम घर में खुशहाली, शांति और सौभाग्य लाने में मदद करता है. वहीं गलत जगह या खराब विंड चाइम नकारात्मक असर भी डाल सकता है. इसलिए इसे लगाते समय कुछ आसान नियमों का ध्यान रखना जरूरी होता है, ताकि इसका पूरा फायदा मिल सके. 1. घर के मुख्य दरवाजे के पास लगाएं घर का मुख्य दरवाजा वह जगह होती है जहाँ से ऊर्जा अंदर आती है. इसलिए यहाँ विंड चाइम लगाना अच्छा माना जाता है. जब हवा चलती है और विंड चाइम की मधुर आवाज आती है, तो वह घर के माहौल को सकारात्मक और खुशहाल बनाती है. इससे घर में आने वाले लोगों पर भी अच्छा प्रभाव पड़ता है और माहौल हल्का व सुकून भरा लगता है. 2. खिड़की या बालकनी में लगाना सही होता है विंड चाइम को ऐसी जगह लगाना चाहिए जहाँ हवा का आना-जाना बना रहता हो, जैसे खिड़की या बालकनी. यहाँ लगाने से उसकी आवाज साफ और मधुर सुनाई देती है. साथ ही, हवा के साथ पॉजिटिव एनर्जी का फ्लो भी बेहतर होता है. इससे घर का वातावरण फ्रेश और एनर्जेटिक बना रहता है. 3. बेडरूम में सिर के ऊपर न लगाएं बेडरूम में विंड चाइम लगाते समय खास ध्यान रखें कि इसे बेड के ठीक ऊपर न लगाएं. ऐसा करने से उसकी आवाज सीधे आपके सिर के पास आती है, जिससे नींद में परेशानी या बेचैनी हो सकती है. बेहतर है कि इसे बेड से थोड़ी दूरी पर या कमरे के कोने में लगाया जाए, ताकि इसकी आवाज हल्की और सुकून देने वाली लगे. 4. मटेरियल और दिशा का ध्यान रखें विंड चाइम का मटेरियल और दिशा भी बहुत मायने रखता है. अगर आप धातु (metal) का विंड चाइम लगा रहे हैं, तो उसे पश्चिम या उत्तर दिशा में लगाना शुभ माना जाता है. वहीं लकड़ी (wood) का विंड चाइम पूर्व या दक्षिण-पूर्व दिशा में अच्छा रहता है. सही दिशा में लगाने से उसका असर बढ़ता है और घर में संतुलन बना रहता है. 5. टूटे या खराब विंड चाइम न रखें अगर आपका विंड चाइम टूट गया है या उसकी आवाज अच्छी नहीं आ रही, तो उसे घर में रखने से बचें. खराब या टूटी हुई चीजें नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ा सकती हैं. हमेशा सही और अच्छी आवाज वाला विंड चाइम ही लगाएं, ताकि घर में पॉजिटिव माहौल बना रहे. यह भी पढ़ें: Feng Shui Tips For Peace Of Mind: शांति और सुकून के माहौल के लिए जरूर अपनाएं फेंगशुई के ये टिप्स जरूर अपनाएं यह भी पढ़ें: Feng Shui Tips For Good Luck: घर में हो रहा है कलह और क्लेश, तो अपनाएं ये टिप्स, फेंगशुई से बदलेगा माहौल Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post क्या आपके घर में सही जगह पर लगा है विंड चाइम? जानें फेंग शुई के नियम appeared first on Naya Vichar.

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रविचंद्रन अश्विन ने की महेंद्र सिंह धोनी की जमकर तारीफ, कहा-मैंने उनके जैसा विकेटकीपर नहीं देखा

MS Dhoni : हिंदुस्तानीय टीम के लाजवाब स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि स्पिनरों के सामने विकेट के पीछे पूर्व हिंदुस्तानीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की तरह विकेटकीपिंग करते हुए मैंने किसी और को नहीं देखा है. अश्विन ने जियो स्टार से बात करते हुए याद किया कि कैसे धोनी की विकेटकीपिंग और स्पष्ट सोच उनकी शानदार कप्तानी से कहीं अधिक खास थी. धोनी की विकेटकीपिंग ने मुझे हमेशा हैरान किया अश्विन ने कहा कि धोनी की विकेटकीपिंग ने मुझे हमेशा हैरान किया है. लोग उनकी कप्तानी की बहुत तारीफ करते हैं और यह सही भी है. उनकी सफलता ही सब कुछ बयां करती है, लेकिन मेरे लिए उनकी दो चीजें सबसे अलग हैं. पहला वह मध्य क्रम के बहुत अच्छे बल्लेबाज थे. एक ऐसा खिलाड़ी जो स्पोर्ट्स को आखिर तक ले जा सकता था और उसे अनुकूल परिणाम के साथ खत्म कर सकता था. दूसरी बात स्पिनरों के सामने उनकी विकेटकीपिंग. मैंने उनके जैसा विकेटकीपर कोई और नहीं देखा है. धोनी गेंदबाजों के मामले में दखल नहीं देते थे अश्विन ने धोनी की रणनीति के बारे में बात करते हुए कहा कि धोनी गेंदबाजों के मामले में किसी तरह से दखल नहीं देते थे. अश्विन ने कहा कि उन्होंने कभी मेरे लिए फील्डिंग नहीं सजाई. मैं अपने लिए फील्डिंग खुद सजाता था. वह बस इतना कहते थे, दोहरा अनुमान मत लगाओ. पहले से अनुमान मत लगाओ.अगर तुम्हारी गेंद पर बड़ा शॉट लग जाए तो कोई बात नहीं. अगर कोई जोखिम लेता है तो लेने दो. बस अपनी फील्डिंग के हिसाब से गेंदबाजी करो. उन्हें मुझ पर पूरा भरोसा था. अश्विन ने 2011 के आईपीएल फाइनल में क्रिस गेल को शून्य पर आउट करने की घटना को याद किया और स्टंप के पीछे धोनी के शानदार कैच की सराहना की. ये भी पढ़ें : मुंबई इंडियंस को हराने के बाद बोले CSK के कप्तान रुतुराज गायकवाड़-कॉन्फिडेंस बूस्टर की तरह है यह जीत CSK vs MI : हार के बाद पूरी तरह निराश नजर आए मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पंड्या The post रविचंद्रन अश्विन ने की महेंद्र सिंह धोनी की जमकर तारीफ, कहा-मैंने उनके जैसा विकेटकीपर नहीं देखा appeared first on Naya Vichar.

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कौन हैं निक स्टीवर्ट? ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के समर्थक, बने हैं पीस डील करने वाली टीम के सलाहकार

Who is Nick Stewart: अमेरिका ने ईरान के साथ जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए वार्ताकारों की टीम का सलाहकार निक स्टीवर्ट को बनाया है. व्हाइट हाउस ने इस बात की पुष्टि की है. सीबीएस न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक,  व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ओलिविया वेल्स ने स्टीवर्ट को तेज-तर्रार और अनुभवी नीति विशेषज्ञ बताया, जो विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे. स्टीवर्ट को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद और सलाहकार जेरेड कुशनर ने शामिल किया है. कुश्नर और स्टीव विटकॉफ अमेरिका की ओर से ईरान से कूटनीतिक वार्ता कर रहे हैं. रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल में पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हुई बातचीत के असफल दौर से पहले ही स्टीवर्ट को टीम में शामिल कर लिया गया था. कौन हैं निक स्टीवर्ट? व्हाइट हाउस की प्रवक्ता वेल्स ने बताया कि स्टीवर्ट को ईरान से जुड़े मामलों का गहरा अनुभव है. वह राष्ट्रपति ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान अमेरिकी विदेश विभाग और कैपिटल हिल में काम कर चुके हैं. इससे पहले वे फाउंडेशन फॉर डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसीज से जुड़े थे, जिसने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का समर्थन किया था. स्टीवर्ट ने ट्रंप प्रशासन के पहले कार्यकाल में तत्कालीन विशेष प्रतिनिधि ब्रायन हुक के अधीन विदेश विभाग के ईरान एक्शन ग्रुप में चीफ ऑफ स्टाफ के रूप में काम कर चुके हैं. निक स्टीवर्ट का पूरा नाम निकोलस जे स्टीवर्ट है. उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक उन्होंने अमेरिकन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ इंटरनेशनल सर्विस से इंटरनेशनल स्टडीज, पीस एंड कन्फ्लिक्ट स्टडीज, अरब स्टडीज में ग्रैजुएशन किया है. उन्होंने कैंब्रिज विश्वविद्यालय (इंग्लैंड) से इंटरनेशनल पॉलिटिक्स में एमफिल भी किया है. फिलहाल वह अमेरिकी संसद के हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के चीफ ऑफ स्टाफ के तौर पर भी काम कर रहे हैं. Gulf states appear to see this moment for what it is: a historic opportunity to degrade Iran’s regime, & they’re weighing it favorably, even against the great risks. Years of tolerating Iranian aggression, proxy warfare, and nuclear brinkmanship have brought them to this moment. — Nick Stewart (@nick_jstewart) March 1, 2026 अमेरिका-ईरान के मध्य चल रहा शांति स्थापना का प्रयास यह कूटनीतिक बदलाव ऐसे समय आया है जब ईरान ने अमेरिका के 9-सूत्रीय शांति प्रस्ताव के जवाब में 14-सूत्रीय योजना पेश की है. तसनीम न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, यह प्रस्ताव पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए भेजा गया और इसका उद्देश्य अस्थायी युद्धविराम से आगे बढ़कर स्थायी समाधान निकालना है. जहां अमेरिका ने शुरुआत में दो महीने के युद्धविराम का सुझाव दिया था, वहीं ईरान ने इसे खारिज करते हुए 30 दिनों के भीतर सभी विवादों के समाधान की मांग की है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वे प्रस्ताव की समीक्षा करेंगे, लेकिन तेहरान के इरादों को लेकर संदेह बरकरार है. उन्होंने कहा कि ईरान ने अभी तक पर्याप्त कीमत नहीं चुकाई है. ये भी पढ़ें:- अमेरिका ने लगाए ड्रग तस्करी के आरोप: मेक्सिको के गवर्नर और मेयर ने पद छोड़ा, ट्रंप का डर! मादुरो जैसा होता हाल? ये भी पढ़ें:- चीन का खुला ऐलान: न मानेंगे और न लागू करेंगे अमेरिका के ये प्रतिबंध, ईरान के साथ हमारा ट्रेड लीगल तसनीम के मुताबिक, ईरानी प्रस्ताव में लेबनान सहित कई क्षेत्रीय तनावों को सुलझाने की बात है. इसमें भविष्य में हमलों को रोकने के लिए सुरक्षा गारंटी, अमेरिकी सेना की वापसी, नौसैनिक नाकेबंदी खत्म करने, जमे हुए अंतरराष्ट्रीय फंड जारी करने और प्रतिबंधों से हुए नुकसान की भरपाई की मांग शामिल है.  आर्थिक मोर्चे पर, ईरान ने सभी अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध हटाने और हॉर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन के लिए विशेष तंत्र प्रस्तावित किया है, ताकि वैश्विक तेल आपूर्ति स्थिर बनी रहे. ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि यह प्रस्ताव थोपी गई जंग को स्थायी रूप से खत्म करने के लिए है और अब फैसला अमेरिका को करना है. हालांकि ट्रंप ने माना कि वे समझौता करना चाहते हैं, लेकिन उन्होंने ईरानी नेतृत्व को अव्यवस्थित बताते हुए शक जताया और चेतावनी दी कि वार्ता विफल होने पर सैन्य कार्रवाई भी संभव है. The post कौन हैं निक स्टीवर्ट? ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के समर्थक, बने हैं पीस डील करने वाली टीम के सलाहकार appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड बोर्ड 12वीं का रिजल्ट जल्द, SMS और UMANG ऐप से करें चेक

JAC Board 12th Result 2026: झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) द्वारा कक्षा 12वीं (इंटरमीडिएट) परीक्षा का रिजल्ट जल्द जारी किया जाएगा. रिजल्ट के साथ ही बोर्ड पास प्रतिशत और टॉपर्स लिस्ट जारी करेगा. स्टूडेंट्स अपना रिजल्ट SMS और UMANG ऐप के जरिए आसानी से चेक कर सकते हैं. केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्म से ही रिजल्ट चेक करें JAC 12वीं का रिजल्ट छात्रों के करियर के लिए बेहद अहम होता है. बोर्ड से स्टूडेंट्स को सलाह दी है कि केवल ऑफिशियल वेबसाइट से ही 12वीं कक्षा का रिजल्ट चेक करें. ऑफिशियल वेबसाइट के अलावा UMANG, DigiLocker और SMS से रिजल्ट चेक कर सकते हैं. SMS से कैसे चेक करें झारखंड बोर्ड 12वीं का रिजल्ट? अपने मोबाइल के मैसेज बॉक्स में जाएं टाइप करें: JAC12 इसे निर्धारित नंबर पर भेजें कुछ ही समय में आपका रिजल्ट SMS के जरिए मिल जाएगा UMANG ऐप से कैसे देखें झारखंड बोर्ड 12वीं का रिजल्ट? अपने मोबाइल में UMANG ऐप डाउनलोड करें या खोलें ऐप में लॉगिन/रजिस्टर करें होमपेज पर Education सेक्शन में जाएं JAC 12वीं रिजल्ट 2026 वाली लिंक पर क्लिक करें अपना Roll Code और Roll Number डालें सबमिट करते ही आपका रिजल्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा इसे डाउनलोड या सेव कर लें स्कूल से मिलेगी मार्कशीट ध्यान रहे अभी जारी होने वाली मार्कशीट ओरिजिनल नहीं है. यह स्थाई है. झारखंड बोर्ड 12वीं कक्षा की ओरिजिनल मार्कशीट स्कूल से मिलेगी. बोर्ड की ओर से स्कूल को मार्कशीट भेजा जाएगा. आप इसे अपने स्कूल से प्राप्त कर सकते हैं. यह भी पढ़ें- MP Board Second Exam 2026: 7 मई से शुरू होंगी 10वीं-12वीं की द्वितीय परीक्षाएं, एडमिट कार्ड जारी The post झारखंड बोर्ड 12वीं का रिजल्ट जल्द, SMS और UMANG ऐप से करें चेक appeared first on Naya Vichar.

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पिता से आशीर्वाद लेकर यात्रा पर निकले निशांत कुमार, बोले- मेरी पहली राजनीतिक यात्रा है

Nishant Kumar: पश्चिम चंपारण के बगहा से निशांत कुमार सद्भाव यात्रा की शुरुआत करेंगे. इसके लिए वे पटना से रवाना हो चुके हैं. निश्चय रथ पर सवार होकर निशांत कुमार बगहा के लिए निकले. लेकिन इससे पहले उन्होंने अपने पिता नीतीश कुमार के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया. इस दौरान जेडीयू ऑफिस के बाहर जेडीयू नेताओं और कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ दिखी. यात्रा पर निकलने से पहले निशांत ने क्या कहा? निशांत यात्रा पर निकलने से पहले जेडीयू ऑफिस पहुंचे थे. इस दौरान मौजूद कार्यकर्ताओं ने जमकर नारे लगाए. यात्रा की शुरुआत से पहले निशांत कुमार ने कहा, आज से मेरी यात्रा की शुरुआत हो रही है. यह मेरी पहली नेतृत्वक यात्रा है. महात्मा गांधी ने भी अपनी सत्याग्रह की शुरुआत चंपारण की धरती से ही शुरू की थी. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के छोटे-छोटे वर्कर से मैं संवाद करूंगा. मेरी कोशिश रहेगी कि मैं जनता और पार्टी के कार्यकर्ताओं की सेवा करूं. जो पिताजी ने किया है, उसे जन-जन तक पहुंचाऊं. जनता की समस्या का समाधान निकालने की कोशिश करूंगा. पिताजी से मैंने आशीर्वाद लिया है, उन्होंने मुझे आशीर्वाद दिया. एमएलसी नीरज कुमार ने क्या कहा? निशांत कुमार की सद्भाव यात्रा को लेकर एमएलसी नीरज कुमार ने कहा, निशांत कुमार जी की यात्रा जनता दल यूनाइटेड के नई पीढ़ी के हाथ में है. पार्टी के सर्वमान्य नेता के रूप में उन्हें स्वीकृति मिल चुकी है. बिहार की तस्वीर नीतीश जी ने बदली और अब जेडीयू की तकदीर निशांत के हाथों में है. इस तरह से यात्रा की शुरुआत से पहले पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच काफी उत्साह दिखा. अशोक चौधरी ने क्या कहा? निशांत कुमार के निश्चय रथ को फूलों से सजाया गया था. यात्रा से पहले पूर्व मंत्री अशोक चौधरी ने कहा, हम सबकी शुभकामना है. निशांत जी ये पहली यात्रा है. उनकी यात्रा से संगठन को ताकत मिलेगी. यात्रा संगठन को धारदार बनाने के लिए किया जा रहा है. Also Read: ‘सम्राट की सेना का कहर जारी, कहा था ना सबका हिसाब होगा’, सिवान में एनकाउंटर पर बोले मांझी The post पिता से आशीर्वाद लेकर यात्रा पर निकले निशांत कुमार, बोले- मेरी पहली नेतृत्वक यात्रा है appeared first on Naya Vichar.

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Alto से Brezza तक, हर सेगमेंट में Maruti का जलवा

हिंदुस्तान के ऑटो बाजार में अप्रैल 2026 ने नया इतिहास लिख दिया है. देश की सबसे बड़ी कार निर्माता Maruti Suzuki ने इस महीने रिकॉर्ड बिक्री दर्ज करते हुए 2.39 लाख से ज्यादा वाहनों की डिलीवरी की. यह आंकड़ा सिर्फ कंपनी के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा संकेत है कि एंट्री-लेवल से लेकर SUV तक हर सेगमेंट में मांग तेजी से बढ़ रही है. खास बात यह रही कि लंबे समय से कमजोर मानी जा रही छोटी कारों की कैटेगरी ने इस ग्रोथ को नई दिशा दी. घरेलू बाजार में ऐतिहासिक प्रदर्शन अप्रैल के दौरान कंपनी की घरेलू बिक्री 1.91 लाख यूनिट के पार पहुंच गई, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है. पिछले साल के मुकाबले इसमें बड़ा उछाल देखा गया. इस तेजी ने यह साफ कर दिया है कि हिंदुस्तानीय ग्राहक अब फिर से नए वाहन खरीदने के लिए आगे आ रहे हैं. खासकर शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों में डिमांड मजबूत बनी हुई है. छोटी कारों ने बदली तस्वीर इस बार ग्रोथ की सबसे बड़ी वजह कंपनी की एंट्री-लेवल और कॉम्पैक्ट कारें बनीं. Alto और S-Presso जैसे मॉडल्स की बिक्री में जबरदस्त उछाल दर्ज हुआ. वहीं Baleno, Swift, WagonR और Dzire जैसे लोकप्रिय मॉडल्स ने भी शानदार प्रदर्शन किया. इससे यह संकेत मिलता है कि बजट सेगमेंट की वापसी हो चुकी है, जिसे लेकर पिछले कुछ समय से सवाल उठ रहे थे. SUV सेगमेंट में भी दमदार पकड़ सिर्फ छोटी कारें ही नहीं, कंपनी का SUV पोर्टफोलियो भी तेजी से बढ़ा है. Brezza, Fronx, Grand Vitara और Jimny जैसे मॉडल्स की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है. यूटिलिटी व्हीकल सेगमेंट में दो अंकों की ग्रोथ ने कंपनी को संतुलित पोर्टफोलियो का फायदा दिया है. बाजार संकेत और संभावित चुनौतियां ऑटो एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यह तेजी फिलहाल कई पॉजिटिव फैक्टर्स का नतीजा है. आसान फाइनेंसिंग, टैक्स राहत और बेहतर इकोनॉमिक सेंटिमेंट ने ग्राहकों को खरीदारी के लिए प्रेरित किया है. हालांकि, आगे पेट्रोल की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी एक बड़ा जोखिम बन सकती है. अगर ईंधन महंगा होता है, तो एंट्री-लेवल सेगमेंट पर इसका असर पड़ सकता है. आगे कैसी रहेगी रफ्तार नए वित्त वर्ष की शुरुआत जिस तरह हुई है, उससे संकेत मिलते हैं कि आने वाले महीनों में भी मांग बनी रह सकती है. कंपनी के पास अभी बड़ी संख्या में बुकिंग पेंडिंग हैं, जिन्हें पूरा करने के लिए उत्पादन बढ़ाया जा रहा है. अगर मौजूदा ट्रेंड जारी रहता है, तो 2026 ऑटो सेक्टर के लिए रिकॉर्ड साल साबित हो सकता है. यह भी पढ़ें: Maruti Alto K10 Top Model: ₹5.44 लाख की इस कार में आपको क्या-क्या मिलता है? The post Alto से Brezza तक, हर सेगमेंट में Maruti का जलवा appeared first on Naya Vichar.

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Maruti Alto K10 Top Model: ₹5.44 लाख की इस कार में आपको क्या-क्या मिलता है?

Maruti Suzuki हमेशा से ऐसी कारें बनाने के लिए जानी जाती है, जो बजट में हों, चलाने में आसान हों और हर हिंदुस्तानीय परिवार की जरूरतों पर खरी उतरें. Alto K10 VXi+ (O) AGS इसी भरोसे को एक नए अंदाज में आगे बढ़ाती है. यह Alto K10 की टॉप मॉडल है. इसकी शुरुआती कीमत 5.44 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है, लेकिन फीचर्स और सेफ्टी के मामले में यह छोटी कार बड़े सरप्राइज देती है. आइए जानते हैं इस कार में आपको क्या खास मिलता है. इंजन और ड्राइविंग  इसमें आपको 1.0-लीटर का पेट्रोल इंजन (998cc) मिलता है. यह इंजन करीब 66 bhp की पावर और 89 Nm का टॉर्क जनरेट करता है. अब ये आंकड़े सुनने में भले ही छोटे लगें, लेकिन शहर की रोजमर्रा की ड्राइविंग के लिए ये बिल्कुल परफेक्ट हैं. कार हल्की है, इसलिए ट्रैफिक में आसानी से निकल जाती है और ड्राइव करते समय स्मूद फील देती है.  इस कार में दिया गया AGS (Auto Gear Shift) गियरबॉक्स आपको जरूर पसंद आएगा. इसमें न तो क्लच दबाने की झंझट है और न ही बार-बार गियर बदलने का सिरदर्द. खासकर नए ड्राइवर्स के लिए, यह फीचर काफी काम का है. ARAI के अनुसार, यह लगभग 24.9 किमी/लीटर तक का माइलेज देती है. फीचर्स  इसमें 7-इंच का SmartPlay Studio टचस्क्रीन दिया गया है, जो Android Auto और Apple CarPlay को सपोर्ट करता है. इसके अलावा स्टीयरिंग-माउंटेड कंट्रोल्स, कीलेस एंट्री और फ्रंट पावर विंडोज जैसी फीचर्स भी मिलती हैं. ये फीचर्स भले ही बेसिक लगें, लेकिन रोजमर्रा की ड्राइविंग में काम के हैं. सेफ्टी  सेफ्टी के मामले में Alto K10 ने काफी लंबी छलांग लगाई है. खासकर VXi+ (O) वेरिएंट में आपको 6 एयरबैग्स स्टैंडर्ड मिलते हैं. इसके अलावा ABS with EBD, Electronic Stability Program (ESP) और रिवर्स पार्किंग सेंसर जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं. साइज और प्रैक्टिकैलिटी इसकी लंबाई सिर्फ 3.5 मीटर से थोड़ी ज्यादा है, इसलिए तंग गलियों में निकालना हो या भीड़भाड़ वाली सड़क पर ड्राइव करना, यह कार बेहद आसान महसूस होती है. सिर्फ कॉम्पैक्ट साइज ही नहीं, इसमें 214 लीटर का बूट स्पेस भी मिलता है, जो रोजमर्रा के सामान, ग्रॉसरी या छोटे ट्रिप के लिए काफी है. वहीं, कार का हल्का वजन इसे चलाने में और भी आसान बनाता है. इसका सीधा फायदा बेहतर माइलेज और स्मूद हैंडलिंग के रूप में मिलता है. डिजाइन और लुक   AltoK10 का डिजाइन भले ही बहुत ज्यादा फैंसी न हो, लेकिन इसकी सादगी ही इसकी सबसे बड़ी खासियत है. सामने की हनीकॉम्ब ग्रिल, कॉम्पैक्ट बॉडी और साफ-सुथरी लाइन्स इसे एक नीट और प्रैक्टिकल लुक देती हैं. 13-इंच के व्हील्स और बॉडी-कलर्ड एक्सटीरियर एलिमेंट्स इसकी फिनिश को और बेहतर बनाते हैं. यह भी पढ़ें: 30 लाख के अंदर मिलती हैं ये दमदार 4×4 SUVs, देखिए कौन-कौन सी हैं The post Maruti Alto K10 Top Model: ₹5.44 लाख की इस कार में आपको क्या-क्या मिलता है? appeared first on Naya Vichar.

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‘गिन्नी वेड्स सनी 2’ बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप, पहले हफ्ते में ही खत्म हुआ सफर

Ginny Weds Sunny 2 Collection: रोमांटिक कॉमेडी फिल्म ‘गिन्नी वेड्स सनी 2’ से मेकर्स और दर्शकों को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन रिलीज के साथ ही फिल्म ने निराश कर दिया. 24 अप्रैल को सिनेमाघरों में आई इस फिल्म को न तो दर्शकों का साथ मिला और न ही क्रिटिक्स का. कमजोर शुरुआत और खराब रिव्यू के चलते फिल्म बॉक्स ऑफिस पर टिक नहीं पाई. ओपनिंग से ही बिगड़ी बात फिल्म ने पहले दिन महज 25 लाख रुपये की कमाई की, जो किसी भी बड़ी रिलीज के लिए बेहद कम मानी जाती है. रिलीज से पहले फिल्म को लेकर कोई खास चर्चा नहीं थी, जिसका असर इसकी ओपनिंग पर साफ दिखाई दिया. दर्शकों की तरफ से भी इसे ठंडी प्रतिक्रिया मिली, जिससे फिल्म को आगे बढ़ने का मौका नहीं मिला. एक हफ्ते में ही खत्म हुआ सफर अविनाश तिवारी और मेधा शंकर की लीड जोड़ी भी फिल्म को बचा नहीं सकी. बॉक्स ऑफिस पर फिल्म का प्रदर्शन लगातार गिरता गया और महज एक हफ्ते में ही इसका थिएटर रन खत्म हो गया. कुल मिलाकर फिल्म ने सिर्फ 1.54 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया, जो बेहद निराशाजनक है. बजट के मुकाबले भारी नुकसान करीब 25 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने सिर्फ 6% लागत ही निकाल पाई. यानी मेकर्स को लगभग 23 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान झेलना पड़ा. यही वजह है कि फिल्म को साफ तौर पर बॉक्स ऑफिस फ्लॉप घोषित कर दिया गया. कमजोर कहानी और खराब प्रचार बना कारण फिल्म का निर्देशन प्रशांत झा ने किया था, जबकि इसमें लिलेट दुबे, सुधीर पांडे, गोविंद नामदेव और गोपी भल्ला नजर आए. इसके बावजूद कमजोर कहानी, साधारण स्क्रीनप्ले और सही तरीके से प्रमोशन न होने के कारण फिल्म दर्शकों को प्रभावित नहीं कर पाई. यह भी पढ़ें– ‘राजा शिवाजी’ ने दो दिनों में किया कितना बिजनेस? सामने आए आंकड़े The post ‘गिन्नी वेड्स सनी 2’ बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप, पहले हफ्ते में ही खत्म हुआ सफर appeared first on Naya Vichar.

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आधा भारत नहीं जानता ! नीले, हरे या नारंगी दूध के पैकेट के रंगों का क्या मतलब होता है

Milk Packet Color Codes : हिंदुस्तान में सुबह की शुरुआत अक्सर दूध के पैकेट की डिलीवरी से होती है. फ्रिज में रखे इन पैकेटों पर नीली, हरी या नारंगी धारियां महज सजावट के लिए नहीं होतीं. दरअसल, यह हिंदुस्तानीय डेयरी उद्योग की एक ‘सांकेतिक भाषा’ है, जो आपको बिना लेबल पढ़े यह बता देती है कि उस पैकेट के अंदर क्या है. आइए, दूध के इन रंगों की पहेली को सुलझाते हैं और जानते हैं कि आपकी रसोई के लिए कौन सा रंग सबसे सही है. रंगों का गणित: फैट का ‘विजुअल शॉर्टकट’ FSSAI लेबलिंग के कड़े नियम तय करता है, लेकिन पैकेट के रंगों का चुनाव डेयरी ब्रांड्स (जैसे अमूल, मदर डेयरी, सुधा) स्वयं करते हैं. इसका उद्देश्य तकनीकी जानकारी (फैट प्रतिशत) को एक आसान ‘शॉर्टकट’ में बदलना है. हिंदुस्तान में आमतौर पर इस्तेमाल होने वाला कलर कोड इस प्रकार है: नारंगी (Orange) – फुल क्रीम दूध: इसमें लगभग 6.0% फैट होता है. यह सबसे गाढ़ा और मलाईदार होता है. घी निकालने, गाढ़ा दही जमाने या बच्चों के पोषण के लिए यह सबसे बेहतर माना जाता है. हरा (Green) – स्टैंडर्ड दूध: इसमें करीब 4.5% फैट होता है. यह मलाई और स्वाद का एक बेहतरीन संतुलन है, जो चाय, कॉफी और रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए सबसे लोकप्रिय है. नीला (Blue) – टोन्ड दूध: इसमें 3.0% फैट होता है. यह उन लोगों के लिए है जो फिट रहना चाहते हैं लेकिन दूध का प्राकृतिक स्वाद भी चाहते हैं. मैजेंटा या गुलाबी (Magenta) – डबल टोन्ड: इसमें महज 1.5% फैट होता है. यह वजन घटाने वालों और बुजुर्गों के लिए सबसे हल्का और सुपाच्य विकल्प है. ‘ऑटोपायलट’ खरीदारी में मददगार हम अक्सर दूध जैसी रोजमर्रा की चीजें ‘ऑटोपायलट’ मोड में खरीदते हैं. सुबह की जल्दबाजी में किसी के पास इतना वक्त नहीं होता कि वह पैकेट को पलटकर उसके पीछे लिखे पोषक तत्वों को पढ़े. ऐसे में ये रंग ‘स्पीड डायल’ की तरह काम करते हैं. आप फ्रिज खोलते हैं और सेकंडों में अपनी पसंद का रंग उठाकर आगे बढ़ जाते हैं. रंग का मतलब ‘क्वालिटी’ नहीं एक बड़ी गलतफहमी यह है कि नारंगी पैकेट का दूध नीले पैकेट से “बेहतर” या “शुद्ध” है. हकीकत में, गुणवत्ता सबमें एक समान होती है, फर्क सिर्फ फैट की मात्रा का होता है. अगर आपको मलाई और स्वाद चाहिए, तो नारंगी पैकेट “बेस्ट” है. लेकिन अगर आप कैलोरी कम करना चाहते हैं, तो नीला या गुलाबी पैकेट आपके लिए “बेस्ट” है. घरेलू भाषा और याददाश्त हिंदुस्तान में दूध के ये पैकेट हमारी घरेलू बातचीत का हिस्सा बन चुके हैं. हम अक्सर घर के सदस्यों से कहते हैं, “आज नीला वाला पैकेट लाना” या “मिठाई बनानी है, तो नारंगी वाला ही लेना.” यह सिस्टम इतना सरल है कि इसे याद रखने के लिए किसी विशेष पढ़ाई की जरूरत नहीं होती. यह एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक आदतों के जरिए ट्रांसफर होता रहता है. पैकेट का रंग दूध का नाम फैट (Fat) % किसके लिए सबसे अच्छा? नारंगी (Orange) फुल क्रीम ~6.0% गाढ़ा दही, घी, मिठाई और बढ़ते बच्चों के लिए। हरा (Green) स्टैंडर्ड ~4.5% चाय-कॉफी और नियमित इस्तेमाल के लिए। नीला (Blue) टोन्ड ~3.0% फिटनेस के प्रति जागरूक लोगों और डेली पीने के लिए। गुलाबी (Magenta) डबल टोन्ड ~1.5% वजन घटाने और बुजुर्गों के लिए (सबसे हल्का दूध)। Also Read : शिक्षकों के लिए ₹1.34 लाख की शुरुआती सैलरी और 36% HRA? जानें क्या हैं प्रमुख मांगें The post आधा हिंदुस्तान नहीं जानता ! नीले, हरे या नारंगी दूध के पैकेट के रंगों का क्या मतलब होता है appeared first on Naya Vichar.

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पश्चिम बंगाल में मतगणना केंद्रों पर धारा 163 लागू, कोलकाता पुलिस छावनी में तब्दील

मुख्य बातें सुरक्षा को लेकर अभूतपूर्व व्यवस्था मतगणना केंद्र आसपास यातायात प्रतिबंधित आम लोगों की नो-एंट्री , चप्पे-चप्पे पर फोर्स इन 5 काउंटिंग सेंटसेंर्स पर भी कड़ा पहरा पूरे बंगाल में 700 कंपनी सेंट्रल फोर्स तैनात माइक के जरिए क्या बोला जा रहा है शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी Bengal Election Result: कोलकाता/पूर्वी मिदनापुर: पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों/मतगणना से पहले सुरक्षा के कड़े इंतजामों के चलते कोलकाता के कुछ इलाकों में लॉकडाउन जैसी पाबंदियां (धारा 163 के तहत) लगाई गई हैं. स्ट्रॉन्ग रूम के पास 200 मीटर के दायरे में CRPF की तैनाती, लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध और भारी सुरक्षा घेरा (थ्री लेयर) बनाया गया है. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मतगणना और परिणाम सोमवार को घोषित किए जाएंगे. सुरक्षा को लेकर अभूतपूर्व व्यवस्था चुनाव आयोग ने एक और बड़ा फैसला लिया है. पूरे पश्चिम बंगाल के सभी मतगणना केंद्रों के आसपास धारा 163 लागू कर दी गयी है. राजधानी कोलकाता को पुलिस छाबनी में तब्दील कर दिया गया है. मतगणनना केंद्रों के आसपास लॉकडाउन जैसे निर्देश लागू किये जा चुके हैं. पूर्वी मेदिनीपुर जिले के सभी चार मतगणना केंद्रों को नो-फ्राइंग ज़ोन घोषित कर दिया गया है. यानी, यहां पटाखे फोड़ना मना है, विजय जुलूस निकालना प्रतिबंधित है. पुलिस ने इस संबंध में पूरे जिले में माइकिंग शुरू कर दी है. मतगणना केंद्र आसपास यातायात प्रतिबंधित रविवार को पूर्वी मिदनापुर के जिला मजिस्ट्रेट और जिला पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी एक निर्देश प्रसारित किया गया है. निर्देश में कहा गया है कि जिले के चार उपमंडलों में स्थित मतगणना केंद्र ‘नो फ्राइंग ज़ोन’ घोषित किए गए हैं. तामलुक, हल्दिया, कांथी और एगरा में मतगणना के लिए धारा 163 लागू की गई है. मतगणना केंद्र के 200 मीटर के दायरे में यातायात प्रतिबंधित है. इसके अलावा, ड्रोन उड़ाना, विजय जुलूस निकालना और पटाखे फोड़ना भी प्रतिबंधित है. प्रशासन ने इन क्षेत्रों में अशांति न फैले, यह सुनिश्चित करने के लिए आयोग के कामकाज पर भी प्रतिबंध लगा दिया है. राजधानी कोलकाता में जगह-जगह केंद्रीय सुरक्षा बल के जवान तैनात किये जा चुके हैं. आम लोगों की नो-एंट्री , चप्पे-चप्पे पर फोर्स कोलकाता के पुलिस कमिश्नर अजय नंद ने हिंदुस्तानीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है. इसके तहत मतगणना केंद्र के आसपास पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने, जुलूस निकालने और प्रदर्शन करने पर पूरी तरह रोक है. ये पाबंदियां 4 मई को मतगणना खत्म होने तक लागू रहेंगी है. मतगणनना के आसपास की सभी सड़कों को सील कर दिया गया है और बैरिकेडिंग लगा दी गई है. केवल चुनाव आयोग द्वारा जारी क्यूआर-कोड वाले आईडी कार्ड धारकों को ही अंदर जाने की अनुमति है. लॉर्ड सिन्हा रोड को आम नागरिकों के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया गया है. इन 5 काउंटिंग सेंटसेंर्स पर भी कड़ा पहरा कोलकाता के पांच अन्य मतगणना केंद्रों के आसपास भी पाबंदियां लागू की गई हैं. इनमें शामिल हैं. हेस्टिंग्स हाउस कॉम्प्लेक्स एपीसी पॉलिटेक्निक कॉलेज सेंटसें थॉमस बॉयज हाई स्कूल बालीगंज गवर्नमेंटमें हाई स्कूल डेविड हेयर ट्रेनिंग कॉलेज पूरे बंगाल में 700 कंपनी सेंट्रल फोर्स तैनात चुनाव आयोग ने कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए एक बयान जारी किया है. आयोग ने कहा है कि शांति भंग करने के किसी भी प्रयास को बिना सजा के नहीं छोड़ा जाएगा. राज्य भर में किसी भी तरह की अशांति को रोकने के लिए केंद्रीय बलों की 700 कंपनियां तैनात की गई हैं. सभी मतगणना केंद्रों पर तीन स्तरीय (थ्री-लेयर) सुरक्षा व्यवस्था है. इसके अलावा संवेदनशील इलाकों मेंविशेष पेट्रोलिंग की जा रही है. मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज अग्रवाल ने कहा कि मतगणना के दिन के लिए तैयार किया गया सुरक्षा प्रोटोकॉल पूरी तरह से पर्याप्त है. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें माइक के जरिए क्या बोला जा रहा है जिले की 16 विधानसभा सीटों पर जनता के चहेते नेता का फैसला अगले चार दिनों में सुनाया जाएगा. ईवीएम में दर्ज नतीजे घोषित किए जाएंगे. एक दल जीतेगा और एक दल हारेगा, यही होता है, लेकिन पिछले चुनाव में मिली जीत और हार के बाद, अशांति और खून-खराबे को रोकने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है. चुनाव परिणाम सोमवार को प्रकाशित किए जाएंगे. पूर्वी मिदनापुर जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक के निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है. मतगणना केंद्रों के 200 मीटर के 163 खंड होंगे, कोई फ्राइंग जोन घोषित नहीं किया गया है. Also Read: सबसे पहले आयेंगे आसनसोल नॉर्थ के नतीजे, 13 राउंड में हो जायेगी गिनती शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी चुनाव आयोग ने किसी भी प्रकार की शिकायत दर्ज कराने के लिए एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर (18003450008) जारी किया है. आयोग ने शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखने का भीआश्वासन दिया है. इसके अलावा, लोग wbfreeandfairpolls@gmail.com पर ईमेल के जरिए भी अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं. The post पश्चिम बंगाल में मतगणना केंद्रों पर धारा 163 लागू, कोलकाता पुलिस छावनी में तब्दील appeared first on Naya Vichar.

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