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May 3, 2026

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Alto से Brezza तक, हर सेगमेंट में Maruti का जलवा

हिंदुस्तान के ऑटो बाजार में अप्रैल 2026 ने नया इतिहास लिख दिया है. देश की सबसे बड़ी कार निर्माता Maruti Suzuki ने इस महीने रिकॉर्ड बिक्री दर्ज करते हुए 2.39 लाख से ज्यादा वाहनों की डिलीवरी की. यह आंकड़ा सिर्फ कंपनी के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा संकेत है कि एंट्री-लेवल से लेकर SUV तक हर सेगमेंट में मांग तेजी से बढ़ रही है. खास बात यह रही कि लंबे समय से कमजोर मानी जा रही छोटी कारों की कैटेगरी ने इस ग्रोथ को नई दिशा दी. घरेलू बाजार में ऐतिहासिक प्रदर्शन अप्रैल के दौरान कंपनी की घरेलू बिक्री 1.91 लाख यूनिट के पार पहुंच गई, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है. पिछले साल के मुकाबले इसमें बड़ा उछाल देखा गया. इस तेजी ने यह साफ कर दिया है कि हिंदुस्तानीय ग्राहक अब फिर से नए वाहन खरीदने के लिए आगे आ रहे हैं. खासकर शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों में डिमांड मजबूत बनी हुई है. छोटी कारों ने बदली तस्वीर इस बार ग्रोथ की सबसे बड़ी वजह कंपनी की एंट्री-लेवल और कॉम्पैक्ट कारें बनीं. Alto और S-Presso जैसे मॉडल्स की बिक्री में जबरदस्त उछाल दर्ज हुआ. वहीं Baleno, Swift, WagonR और Dzire जैसे लोकप्रिय मॉडल्स ने भी शानदार प्रदर्शन किया. इससे यह संकेत मिलता है कि बजट सेगमेंट की वापसी हो चुकी है, जिसे लेकर पिछले कुछ समय से सवाल उठ रहे थे. SUV सेगमेंट में भी दमदार पकड़ सिर्फ छोटी कारें ही नहीं, कंपनी का SUV पोर्टफोलियो भी तेजी से बढ़ा है. Brezza, Fronx, Grand Vitara और Jimny जैसे मॉडल्स की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है. यूटिलिटी व्हीकल सेगमेंट में दो अंकों की ग्रोथ ने कंपनी को संतुलित पोर्टफोलियो का फायदा दिया है. बाजार संकेत और संभावित चुनौतियां ऑटो एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यह तेजी फिलहाल कई पॉजिटिव फैक्टर्स का नतीजा है. आसान फाइनेंसिंग, टैक्स राहत और बेहतर इकोनॉमिक सेंटिमेंट ने ग्राहकों को खरीदारी के लिए प्रेरित किया है. हालांकि, आगे पेट्रोल की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी एक बड़ा जोखिम बन सकती है. अगर ईंधन महंगा होता है, तो एंट्री-लेवल सेगमेंट पर इसका असर पड़ सकता है. आगे कैसी रहेगी रफ्तार नए वित्त वर्ष की शुरुआत जिस तरह हुई है, उससे संकेत मिलते हैं कि आने वाले महीनों में भी मांग बनी रह सकती है. कंपनी के पास अभी बड़ी संख्या में बुकिंग पेंडिंग हैं, जिन्हें पूरा करने के लिए उत्पादन बढ़ाया जा रहा है. अगर मौजूदा ट्रेंड जारी रहता है, तो 2026 ऑटो सेक्टर के लिए रिकॉर्ड साल साबित हो सकता है. यह भी पढ़ें: Maruti Alto K10 Top Model: ₹5.44 लाख की इस कार में आपको क्या-क्या मिलता है? The post Alto से Brezza तक, हर सेगमेंट में Maruti का जलवा appeared first on Naya Vichar.

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Maruti Alto K10 Top Model: ₹5.44 लाख की इस कार में आपको क्या-क्या मिलता है?

Maruti Suzuki हमेशा से ऐसी कारें बनाने के लिए जानी जाती है, जो बजट में हों, चलाने में आसान हों और हर हिंदुस्तानीय परिवार की जरूरतों पर खरी उतरें. Alto K10 VXi+ (O) AGS इसी भरोसे को एक नए अंदाज में आगे बढ़ाती है. यह Alto K10 की टॉप मॉडल है. इसकी शुरुआती कीमत 5.44 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है, लेकिन फीचर्स और सेफ्टी के मामले में यह छोटी कार बड़े सरप्राइज देती है. आइए जानते हैं इस कार में आपको क्या खास मिलता है. इंजन और ड्राइविंग  इसमें आपको 1.0-लीटर का पेट्रोल इंजन (998cc) मिलता है. यह इंजन करीब 66 bhp की पावर और 89 Nm का टॉर्क जनरेट करता है. अब ये आंकड़े सुनने में भले ही छोटे लगें, लेकिन शहर की रोजमर्रा की ड्राइविंग के लिए ये बिल्कुल परफेक्ट हैं. कार हल्की है, इसलिए ट्रैफिक में आसानी से निकल जाती है और ड्राइव करते समय स्मूद फील देती है.  इस कार में दिया गया AGS (Auto Gear Shift) गियरबॉक्स आपको जरूर पसंद आएगा. इसमें न तो क्लच दबाने की झंझट है और न ही बार-बार गियर बदलने का सिरदर्द. खासकर नए ड्राइवर्स के लिए, यह फीचर काफी काम का है. ARAI के अनुसार, यह लगभग 24.9 किमी/लीटर तक का माइलेज देती है. फीचर्स  इसमें 7-इंच का SmartPlay Studio टचस्क्रीन दिया गया है, जो Android Auto और Apple CarPlay को सपोर्ट करता है. इसके अलावा स्टीयरिंग-माउंटेड कंट्रोल्स, कीलेस एंट्री और फ्रंट पावर विंडोज जैसी फीचर्स भी मिलती हैं. ये फीचर्स भले ही बेसिक लगें, लेकिन रोजमर्रा की ड्राइविंग में काम के हैं. सेफ्टी  सेफ्टी के मामले में Alto K10 ने काफी लंबी छलांग लगाई है. खासकर VXi+ (O) वेरिएंट में आपको 6 एयरबैग्स स्टैंडर्ड मिलते हैं. इसके अलावा ABS with EBD, Electronic Stability Program (ESP) और रिवर्स पार्किंग सेंसर जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं. साइज और प्रैक्टिकैलिटी इसकी लंबाई सिर्फ 3.5 मीटर से थोड़ी ज्यादा है, इसलिए तंग गलियों में निकालना हो या भीड़भाड़ वाली सड़क पर ड्राइव करना, यह कार बेहद आसान महसूस होती है. सिर्फ कॉम्पैक्ट साइज ही नहीं, इसमें 214 लीटर का बूट स्पेस भी मिलता है, जो रोजमर्रा के सामान, ग्रॉसरी या छोटे ट्रिप के लिए काफी है. वहीं, कार का हल्का वजन इसे चलाने में और भी आसान बनाता है. इसका सीधा फायदा बेहतर माइलेज और स्मूद हैंडलिंग के रूप में मिलता है. डिजाइन और लुक   AltoK10 का डिजाइन भले ही बहुत ज्यादा फैंसी न हो, लेकिन इसकी सादगी ही इसकी सबसे बड़ी खासियत है. सामने की हनीकॉम्ब ग्रिल, कॉम्पैक्ट बॉडी और साफ-सुथरी लाइन्स इसे एक नीट और प्रैक्टिकल लुक देती हैं. 13-इंच के व्हील्स और बॉडी-कलर्ड एक्सटीरियर एलिमेंट्स इसकी फिनिश को और बेहतर बनाते हैं. यह भी पढ़ें: 30 लाख के अंदर मिलती हैं ये दमदार 4×4 SUVs, देखिए कौन-कौन सी हैं The post Maruti Alto K10 Top Model: ₹5.44 लाख की इस कार में आपको क्या-क्या मिलता है? appeared first on Naya Vichar.

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‘गिन्नी वेड्स सनी 2’ बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप, पहले हफ्ते में ही खत्म हुआ सफर

Ginny Weds Sunny 2 Collection: रोमांटिक कॉमेडी फिल्म ‘गिन्नी वेड्स सनी 2’ से मेकर्स और दर्शकों को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन रिलीज के साथ ही फिल्म ने निराश कर दिया. 24 अप्रैल को सिनेमाघरों में आई इस फिल्म को न तो दर्शकों का साथ मिला और न ही क्रिटिक्स का. कमजोर शुरुआत और खराब रिव्यू के चलते फिल्म बॉक्स ऑफिस पर टिक नहीं पाई. ओपनिंग से ही बिगड़ी बात फिल्म ने पहले दिन महज 25 लाख रुपये की कमाई की, जो किसी भी बड़ी रिलीज के लिए बेहद कम मानी जाती है. रिलीज से पहले फिल्म को लेकर कोई खास चर्चा नहीं थी, जिसका असर इसकी ओपनिंग पर साफ दिखाई दिया. दर्शकों की तरफ से भी इसे ठंडी प्रतिक्रिया मिली, जिससे फिल्म को आगे बढ़ने का मौका नहीं मिला. एक हफ्ते में ही खत्म हुआ सफर अविनाश तिवारी और मेधा शंकर की लीड जोड़ी भी फिल्म को बचा नहीं सकी. बॉक्स ऑफिस पर फिल्म का प्रदर्शन लगातार गिरता गया और महज एक हफ्ते में ही इसका थिएटर रन खत्म हो गया. कुल मिलाकर फिल्म ने सिर्फ 1.54 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया, जो बेहद निराशाजनक है. बजट के मुकाबले भारी नुकसान करीब 25 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने सिर्फ 6% लागत ही निकाल पाई. यानी मेकर्स को लगभग 23 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान झेलना पड़ा. यही वजह है कि फिल्म को साफ तौर पर बॉक्स ऑफिस फ्लॉप घोषित कर दिया गया. कमजोर कहानी और खराब प्रचार बना कारण फिल्म का निर्देशन प्रशांत झा ने किया था, जबकि इसमें लिलेट दुबे, सुधीर पांडे, गोविंद नामदेव और गोपी भल्ला नजर आए. इसके बावजूद कमजोर कहानी, साधारण स्क्रीनप्ले और सही तरीके से प्रमोशन न होने के कारण फिल्म दर्शकों को प्रभावित नहीं कर पाई. यह भी पढ़ें– ‘राजा शिवाजी’ ने दो दिनों में किया कितना बिजनेस? सामने आए आंकड़े The post ‘गिन्नी वेड्स सनी 2’ बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप, पहले हफ्ते में ही खत्म हुआ सफर appeared first on Naya Vichar.

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आधा भारत नहीं जानता ! नीले, हरे या नारंगी दूध के पैकेट के रंगों का क्या मतलब होता है

Milk Packet Color Codes : हिंदुस्तान में सुबह की शुरुआत अक्सर दूध के पैकेट की डिलीवरी से होती है. फ्रिज में रखे इन पैकेटों पर नीली, हरी या नारंगी धारियां महज सजावट के लिए नहीं होतीं. दरअसल, यह हिंदुस्तानीय डेयरी उद्योग की एक ‘सांकेतिक भाषा’ है, जो आपको बिना लेबल पढ़े यह बता देती है कि उस पैकेट के अंदर क्या है. आइए, दूध के इन रंगों की पहेली को सुलझाते हैं और जानते हैं कि आपकी रसोई के लिए कौन सा रंग सबसे सही है. रंगों का गणित: फैट का ‘विजुअल शॉर्टकट’ FSSAI लेबलिंग के कड़े नियम तय करता है, लेकिन पैकेट के रंगों का चुनाव डेयरी ब्रांड्स (जैसे अमूल, मदर डेयरी, सुधा) स्वयं करते हैं. इसका उद्देश्य तकनीकी जानकारी (फैट प्रतिशत) को एक आसान ‘शॉर्टकट’ में बदलना है. हिंदुस्तान में आमतौर पर इस्तेमाल होने वाला कलर कोड इस प्रकार है: नारंगी (Orange) – फुल क्रीम दूध: इसमें लगभग 6.0% फैट होता है. यह सबसे गाढ़ा और मलाईदार होता है. घी निकालने, गाढ़ा दही जमाने या बच्चों के पोषण के लिए यह सबसे बेहतर माना जाता है. हरा (Green) – स्टैंडर्ड दूध: इसमें करीब 4.5% फैट होता है. यह मलाई और स्वाद का एक बेहतरीन संतुलन है, जो चाय, कॉफी और रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए सबसे लोकप्रिय है. नीला (Blue) – टोन्ड दूध: इसमें 3.0% फैट होता है. यह उन लोगों के लिए है जो फिट रहना चाहते हैं लेकिन दूध का प्राकृतिक स्वाद भी चाहते हैं. मैजेंटा या गुलाबी (Magenta) – डबल टोन्ड: इसमें महज 1.5% फैट होता है. यह वजन घटाने वालों और बुजुर्गों के लिए सबसे हल्का और सुपाच्य विकल्प है. ‘ऑटोपायलट’ खरीदारी में मददगार हम अक्सर दूध जैसी रोजमर्रा की चीजें ‘ऑटोपायलट’ मोड में खरीदते हैं. सुबह की जल्दबाजी में किसी के पास इतना वक्त नहीं होता कि वह पैकेट को पलटकर उसके पीछे लिखे पोषक तत्वों को पढ़े. ऐसे में ये रंग ‘स्पीड डायल’ की तरह काम करते हैं. आप फ्रिज खोलते हैं और सेकंडों में अपनी पसंद का रंग उठाकर आगे बढ़ जाते हैं. रंग का मतलब ‘क्वालिटी’ नहीं एक बड़ी गलतफहमी यह है कि नारंगी पैकेट का दूध नीले पैकेट से “बेहतर” या “शुद्ध” है. हकीकत में, गुणवत्ता सबमें एक समान होती है, फर्क सिर्फ फैट की मात्रा का होता है. अगर आपको मलाई और स्वाद चाहिए, तो नारंगी पैकेट “बेस्ट” है. लेकिन अगर आप कैलोरी कम करना चाहते हैं, तो नीला या गुलाबी पैकेट आपके लिए “बेस्ट” है. घरेलू भाषा और याददाश्त हिंदुस्तान में दूध के ये पैकेट हमारी घरेलू बातचीत का हिस्सा बन चुके हैं. हम अक्सर घर के सदस्यों से कहते हैं, “आज नीला वाला पैकेट लाना” या “मिठाई बनानी है, तो नारंगी वाला ही लेना.” यह सिस्टम इतना सरल है कि इसे याद रखने के लिए किसी विशेष पढ़ाई की जरूरत नहीं होती. यह एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक आदतों के जरिए ट्रांसफर होता रहता है. पैकेट का रंग दूध का नाम फैट (Fat) % किसके लिए सबसे अच्छा? नारंगी (Orange) फुल क्रीम ~6.0% गाढ़ा दही, घी, मिठाई और बढ़ते बच्चों के लिए। हरा (Green) स्टैंडर्ड ~4.5% चाय-कॉफी और नियमित इस्तेमाल के लिए। नीला (Blue) टोन्ड ~3.0% फिटनेस के प्रति जागरूक लोगों और डेली पीने के लिए। गुलाबी (Magenta) डबल टोन्ड ~1.5% वजन घटाने और बुजुर्गों के लिए (सबसे हल्का दूध)। Also Read : शिक्षकों के लिए ₹1.34 लाख की शुरुआती सैलरी और 36% HRA? जानें क्या हैं प्रमुख मांगें The post आधा हिंदुस्तान नहीं जानता ! नीले, हरे या नारंगी दूध के पैकेट के रंगों का क्या मतलब होता है appeared first on Naya Vichar.

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पश्चिम बंगाल में मतगणना केंद्रों पर धारा 163 लागू, कोलकाता पुलिस छावनी में तब्दील

मुख्य बातें सुरक्षा को लेकर अभूतपूर्व व्यवस्था मतगणना केंद्र आसपास यातायात प्रतिबंधित आम लोगों की नो-एंट्री , चप्पे-चप्पे पर फोर्स इन 5 काउंटिंग सेंटसेंर्स पर भी कड़ा पहरा पूरे बंगाल में 700 कंपनी सेंट्रल फोर्स तैनात माइक के जरिए क्या बोला जा रहा है शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी Bengal Election Result: कोलकाता/पूर्वी मिदनापुर: पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों/मतगणना से पहले सुरक्षा के कड़े इंतजामों के चलते कोलकाता के कुछ इलाकों में लॉकडाउन जैसी पाबंदियां (धारा 163 के तहत) लगाई गई हैं. स्ट्रॉन्ग रूम के पास 200 मीटर के दायरे में CRPF की तैनाती, लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध और भारी सुरक्षा घेरा (थ्री लेयर) बनाया गया है. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मतगणना और परिणाम सोमवार को घोषित किए जाएंगे. सुरक्षा को लेकर अभूतपूर्व व्यवस्था चुनाव आयोग ने एक और बड़ा फैसला लिया है. पूरे पश्चिम बंगाल के सभी मतगणना केंद्रों के आसपास धारा 163 लागू कर दी गयी है. राजधानी कोलकाता को पुलिस छाबनी में तब्दील कर दिया गया है. मतगणनना केंद्रों के आसपास लॉकडाउन जैसे निर्देश लागू किये जा चुके हैं. पूर्वी मेदिनीपुर जिले के सभी चार मतगणना केंद्रों को नो-फ्राइंग ज़ोन घोषित कर दिया गया है. यानी, यहां पटाखे फोड़ना मना है, विजय जुलूस निकालना प्रतिबंधित है. पुलिस ने इस संबंध में पूरे जिले में माइकिंग शुरू कर दी है. मतगणना केंद्र आसपास यातायात प्रतिबंधित रविवार को पूर्वी मिदनापुर के जिला मजिस्ट्रेट और जिला पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी एक निर्देश प्रसारित किया गया है. निर्देश में कहा गया है कि जिले के चार उपमंडलों में स्थित मतगणना केंद्र ‘नो फ्राइंग ज़ोन’ घोषित किए गए हैं. तामलुक, हल्दिया, कांथी और एगरा में मतगणना के लिए धारा 163 लागू की गई है. मतगणना केंद्र के 200 मीटर के दायरे में यातायात प्रतिबंधित है. इसके अलावा, ड्रोन उड़ाना, विजय जुलूस निकालना और पटाखे फोड़ना भी प्रतिबंधित है. प्रशासन ने इन क्षेत्रों में अशांति न फैले, यह सुनिश्चित करने के लिए आयोग के कामकाज पर भी प्रतिबंध लगा दिया है. राजधानी कोलकाता में जगह-जगह केंद्रीय सुरक्षा बल के जवान तैनात किये जा चुके हैं. आम लोगों की नो-एंट्री , चप्पे-चप्पे पर फोर्स कोलकाता के पुलिस कमिश्नर अजय नंद ने हिंदुस्तानीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है. इसके तहत मतगणना केंद्र के आसपास पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने, जुलूस निकालने और प्रदर्शन करने पर पूरी तरह रोक है. ये पाबंदियां 4 मई को मतगणना खत्म होने तक लागू रहेंगी है. मतगणनना के आसपास की सभी सड़कों को सील कर दिया गया है और बैरिकेडिंग लगा दी गई है. केवल चुनाव आयोग द्वारा जारी क्यूआर-कोड वाले आईडी कार्ड धारकों को ही अंदर जाने की अनुमति है. लॉर्ड सिन्हा रोड को आम नागरिकों के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया गया है. इन 5 काउंटिंग सेंटसेंर्स पर भी कड़ा पहरा कोलकाता के पांच अन्य मतगणना केंद्रों के आसपास भी पाबंदियां लागू की गई हैं. इनमें शामिल हैं. हेस्टिंग्स हाउस कॉम्प्लेक्स एपीसी पॉलिटेक्निक कॉलेज सेंटसें थॉमस बॉयज हाई स्कूल बालीगंज गवर्नमेंटमें हाई स्कूल डेविड हेयर ट्रेनिंग कॉलेज पूरे बंगाल में 700 कंपनी सेंट्रल फोर्स तैनात चुनाव आयोग ने कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए एक बयान जारी किया है. आयोग ने कहा है कि शांति भंग करने के किसी भी प्रयास को बिना सजा के नहीं छोड़ा जाएगा. राज्य भर में किसी भी तरह की अशांति को रोकने के लिए केंद्रीय बलों की 700 कंपनियां तैनात की गई हैं. सभी मतगणना केंद्रों पर तीन स्तरीय (थ्री-लेयर) सुरक्षा व्यवस्था है. इसके अलावा संवेदनशील इलाकों मेंविशेष पेट्रोलिंग की जा रही है. मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज अग्रवाल ने कहा कि मतगणना के दिन के लिए तैयार किया गया सुरक्षा प्रोटोकॉल पूरी तरह से पर्याप्त है. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें माइक के जरिए क्या बोला जा रहा है जिले की 16 विधानसभा सीटों पर जनता के चहेते नेता का फैसला अगले चार दिनों में सुनाया जाएगा. ईवीएम में दर्ज नतीजे घोषित किए जाएंगे. एक दल जीतेगा और एक दल हारेगा, यही होता है, लेकिन पिछले चुनाव में मिली जीत और हार के बाद, अशांति और खून-खराबे को रोकने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है. चुनाव परिणाम सोमवार को प्रकाशित किए जाएंगे. पूर्वी मिदनापुर जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक के निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है. मतगणना केंद्रों के 200 मीटर के 163 खंड होंगे, कोई फ्राइंग जोन घोषित नहीं किया गया है. Also Read: सबसे पहले आयेंगे आसनसोल नॉर्थ के नतीजे, 13 राउंड में हो जायेगी गिनती शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी चुनाव आयोग ने किसी भी प्रकार की शिकायत दर्ज कराने के लिए एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर (18003450008) जारी किया है. आयोग ने शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखने का भीआश्वासन दिया है. इसके अलावा, लोग wbfreeandfairpolls@gmail.com पर ईमेल के जरिए भी अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं. The post पश्चिम बंगाल में मतगणना केंद्रों पर धारा 163 लागू, कोलकाता पुलिस छावनी में तब्दील appeared first on Naya Vichar.

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Video : एसी से निकली चिंगारी, 9 की मौत, दरवाजे बंद होने के कारण लोग बाहर नहीं निकल पाए

Video : दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने विवेक विहार आग हादसे पर कहा कि अंदर के हालात बेहद दिल दहला देने वाले थे. इस हादसे में 9 लोगों की जान गई. शुरुआती वजह एसी में चिंगारी बताई जा रही है. दरवाजे बंद होने की वजह से लोग बाहर नहीं निकल पाए. हालांकि पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर करीब 20 लोगों की जान बचा ली. VIDEO | Delhi: On the fire tragedy in Vivek Vihar, Delhi BJP President Virendraa Sachdeva says, “The scenes inside are extremely heart wrenching. 9 people have died. The fire started because of sparks in the AC unit. The doors were bolted because of which they could not be… pic.twitter.com/p3Syom1f7t — Press Trust of India (@PTI_News) May 3, 2026 रविवार तड़के चार मंजिला रिहायशी इमारत में आग लगने की समाचार आई. इसका वीडियो न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किया है. वीडियो में नजर आ रहा है कि बिल्डिंग से आग की पलटें उठ रहीं हैं. राहत बचाव का काम जारी है. VIDEO | Delhi: A fire broke out at a four-storey residential building in east Delhi’s Vivek Vihar early Sunday. Several residents were rescued, while at least nine people lost their lives. (Full video available on PTI Videos- https://t.co/dv5TRAShcC)(Source: Third Party) pic.twitter.com/0WBUnn4iXh — Press Trust of India (@PTI_News) May 3, 2026 अधिकारियों के मुताबिक विवेक विहार में तड़के करीब 3:48 बजे चार मंजिला बिल्डिंग में आग लगने की सूचना मिली. इसके बाद पुलिस, दमकल और आपदा टीम मौके पर पहुंची. आग दूसरी, तीसरी और चौथी मंजिल तक फैल गई, जिसके बाद बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ. फिलहाल आग लगने की वजह साफ नहीं हो पाई है. यह भी पढ़ें : Delhi Fire : एसी में धमाके के बाद लगी आग, 9 लोगों की मौत आग पर काबू पाने में आई काफी दिक्कत पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आग बुझाने के दौरान बिल्डिंग से करीब 10 से 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. इनमें से दो लोग हल्के घायल हुए, जिन्हें इलाज के लिए गुरु तेग बहादुर अस्पताल भेजा गया. आग पर काबू पाने के लिए 12 दमकल गाड़ियां मौके पर लगाई गईं. इस दौरान दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए), ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय पुलिस की टीमों ने मिलकर रेस्क्यू और निकासी का काम किया. अधिकारियों के मुताबिक, कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया. The post Video : एसी से निकली चिंगारी, 9 की मौत, दरवाजे बंद होने के कारण लोग बाहर नहीं निकल पाए appeared first on Naya Vichar.

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चीन का खुला ऐलान: न मानेंगे और न लागू करेंगे अमेरिका के ये प्रतिबंध, ईरान के साथ हमारा ट्रेड लीगल

China Dismisses US Sanctions: ईरान और अमेरिका 28 फरवरी 2026 से युद्ध जैसे हालात में है. फिलहाल, 18 अप्रैल से दोनों पक्ष सीजफायर पर राजी हुए हैं. हालांकि, वाशिंगटन तेहरान को आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचाने में कोई मुरौव्वत नहीं बरत रहा है. होर्मुज की नाकेबंदी की वजह से ईरान के साथ-साथ वह अन्य देशों के जहाजों पर भी सैंक्शन लगा रहा है.  अमेरिका ने इसी के तहत, चीन की पांच कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिया, जिन पर ईरान से सस्ता तेल खरीदने का आरोप है.  वैश्विक ऊर्जा (तेल और गैस) संकट के बीच चीन ने भी पलटवार किया है. चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान जारी कर कहा कि ईरानी तेल खरीदने के आरोप में जिन पांच कंपनियों पर अमेरिका ने प्रतिबंध लगाए हैं, इन्हें न तो मान्यता दी जाएगी, न लागू किया जाएगा और न ही उनका पालन किया जाएगा. चीन ने अपनी कई कंपनियों को निशाना बनाकर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों को सख्ती से खारिज कर दिया है और साफ कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत मान्य नहीं हैं और चीनी संस्थाओं को इन्हें लागू नहीं करना चाहिए. चीन ने इन उपायों को गैर-कानूनी और वाशिंगटन के ‘लॉन्ग-आर्म ज्यूरिस्डिक्शन’ (अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर कार्रवाई करने) का एक उदाहरण बताया है. मंत्रालय का कहना है कि ये प्रतिबंध चीनी कंपनियों को अन्य देशों के साथ वैध व्यापार करने से गलत तरीके से रोकते हैं. यह अंतरराष्ट्रीय कानून और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के मूल सिद्धांतों का उल्लंघन करते हैं. मंत्रालय ने कहा कि चीनी प्रशासन ने हमेशा संयुक्त राष्ट्र की मंजूरी के बिना और अंतरराष्ट्रीय कानून के आधार के बिना लगाए गए एकतरफा प्रतिबंधों का विरोध किया है. किन कंपनियों पर लगा प्रितबंध अमेरिका ने चीन के जिन 5 कंपनियों पर प्रतिबंध लागू किए हैं, उनमें शानदोंग प्रांत की 3 कंपनी (शानदोंग जिनचेंग पेट्रोकेमिकल ग्रुप, शानदोंग शौगुआंग लुकिंग पेट्रोकेमिकल और शानदोंग शेंगशिंग केमिकल) और देश के अन्य हिस्सों में स्थित दो कंपनियां (हेंगली पेट्रोकेमिकल (दालियान) रिफाइनरी और हेबेई शिनहाई केमिकल ग्रुप) हैं. शुक्रवार को अमेरिका ने एक और चीनी कंपनी (किंगदाओ हाईये ऑयल टर्मिनल कंपनी लिमिटेड) पर भी प्रतिबंध लगा दिया. इस पर आरोप है कि उसने पिछले साल फरवरी से ईरान से करोड़ों बैरल कच्चा तेल आयात किया, जिससे ईरान को अरबों डॉलर की आय हुई.  चीन है ईरान का सबसे बड़ा तेल ग्राहक इन प्रतिबंधों से चीन भड़क उठा है. दरअसल, चीन वेनेजुएला और ईरानी तेल का एक प्रमुख खरीदार है. जनवरी में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सत्ता से बेदखल करने के बाद अमेरिका ने एक तरह से वेनेजुएला के तेल पर अपना नियंत्रण कर लिया. इसके बाद उसने ईरान को निशाना बनाया. चीन मुख्य रूप से छोटे स्वतंत्र रिफाइनरियों के जरिए खरीद करता है, जिन्हें आम तौर पर टीपॉट रिफाइनरी कहा जाता है. यह तेहरान से मिलने वाले रियायती तेल पर निर्भर रहते हैं. अमेरिका ने इसीलिए चीन की कंपनियों को निशाना बनाया है.  चीन ने ईरान के साथ ट्रेड को बताया लीगल अमेरिका ने ईरान की तेल आय को कम करने के प्रयास तेज कर दिए हैं और अपने प्रतिबंधों का दायरा बढ़ाते हुए चीन की इन रिफाइनरियों को भी शामिल कर लिया है. हालांकि, चीन ने इस कदम को हद से ज्यादा दखल बताते हुए खारिज कर दिया है. चीनी अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में वैध वाणिज्यिक सहयोग का नेतृत्वकरण नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने वाशिंगटन से आग्रह किया कि वह इन उपायों को वापस ले और उस चीज में दखल देना बंद करे. बीजिंग ने इसे संप्रभु राष्ट्रों के बीच एक लीगल ट्रेड गतिविधि बताया है. अमेरिका ने समय-समय पर लगाए हैं सैंक्शन यूएस ने तेहरान में अमेरिकी दूतावास बंधक संकट के बाद नवंबर 1979 में पहला प्रतिबंध लगाया था. इसके बाद से परमाणु कार्यक्रम और आतंकवाद के समर्थन के आरोपों में तीन बार (1995, 2011, 2018) अन्य सख्त आर्थिक और व्यापारिक प्रतिबंध लगाए. अमेरिका के इन सैंक्शन का सिलसिला अब भी जारी है. 2026 में अमेरिका ने एक बार फिर से ईरान के ऊपर प्रतिबंध का बोझ डाला है. हालांकि, इस बार दोनों देश सीधे युद्ध में है और अमेरिका ईरान को कोई रियायत नहीं देना चाह रहा है.  ऑयल ट्रेड को लेकर संघर्ष में चीन और अमेरिका 28 फरवरी से वाशिंगटन और तेहरान के बीच युद्ध चल रहा है. इसकी वजह से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक गतिरोध बना हुआ है. ये ताजा प्रतिबंध ऐसे समय आए हैं, जब इस टकराव का कोई स्थायी समाधान फिलहाल नजर नहीं आ रहा है. इसी के मद्देनजर, दुनिया की दो सबसे बड़ी वित्तीय स्थितिएं चीन और अमेरिका ऑयल सप्लाई को लेकर संघर्ष में हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस महीने के अंत में चीन की यात्रा पर जाने वाले हैं, जहां उनकी मुलाकात राष्ट्रपति शी जिनपिंग से होगी. विश्लेषक इस तनातनी को दोनों देशों के बीच अपनी ताकत दिखाने के उपाय के रूप में भी देख रहे हैं. ये भी पढ़ें:- होर्मुज से गुजरने के लिए ईरान को पैसे दिए तो लगेगा प्रतिबंध, अमेरिका ने शिपिंग कंपनियों को दी चेतावनी  ये भी पढ़ें:- हिंदुस्तान का LPG लेकर आ रहे जहाज ने पार किया होर्मुज, ईरान-अमेरिका की नाकेबंदी के बावजूद निकला ‘सर्व शक्ति’ फिलहाल, यह ताजा गतिरोध वैश्विक तेल बाजारों पर भी असर डाल सकता है, क्योंकि प्रतिबंधों से प्रभावित रिफाइनरियां अनिश्चितता के माहौल में अपनी आपूर्ति श्रृंखलाओं और भुगतान प्रणालियों में बदलाव कर सकती हैं.  इसकी वजह से अमेरिकी प्रतिबंधों को लागू करना मुश्किल हो सकता है.  The post चीन का खुला ऐलान: न मानेंगे और न लागू करेंगे अमेरिका के ये प्रतिबंध, ईरान के साथ हमारा ट्रेड लीगल appeared first on Naya Vichar.

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GSEB Board Result 2026: गुजरात बोर्ड रिजल्ट की आई डेट, जानिए कहां और कैसे चेक करें

GSEB Board Result 2026: गुजरात सेकेंडरी एंड हायर सेकेंडरी एजुकेशन बोर्ड (GSEB) के SSC (10वीं) और HSC (12वीं) रिजल्ट 2026 का इंतजार कर रहे छात्रों के लिए बड़ी समाचार है. राज्य के शिक्षा मंत्री ने ट्वीट कर रिजल्ट की तारीख की जानकारी दी है. इसके मुताबिक, बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम 4 मई 2026 को सुबह 10 बजे जारी किया जाएगा. इस साल लाखों छात्र-छात्राएं SSC और HSC परीक्षाओं में शामिल हुए थे और लंबे समय से अपने रिजल्ट का इंतजार कर रहे थे. अब रिजल्ट की डेट सामने आई है. ऐसे में रिजल्ट की डेट की अनाउंसमेंट के साथ जहां एक तरफ स्टूडेंट्स की चिंता कम हुई है, वहीं दूसरी ओर दिल की धड़कन तेज हो गई है. शिक्षा मंत्री ने किया ट्वीट गुजरात की शिक्षा मंत्री रिवाबा जडेजा (Rivaba Jadeja) ने अपने X अकाउंट पर ट्वीट करके रिजल्ट के संबंध में जानकारी दी है. उन्होंने कहा कि सिर्फ एक क्लिक में रिजल्ट देख सकेंगे. साथ ही सभी स्टूडेंट्स को फ्यूचर के लिए शुभकामनाएं दी. તમારા પરિશ્રમનું પરિણામ એક ક્લિકથી… વિદ્યાર્થી મિત્રો આવનાર સમયમાં જાહેર થનાર વિવિધ બોર્ડનાં પરિણામો તમે સરળતાથી પ્રાપ્ત કરી શકો તેના માટે નીચે પોસ્ટરમાં આપેલ સુવિધાઓ કરેલ છે. આપ સૌ ઉતીર્ણ થાઓ અને ઉજ્જવલ ભવિષ્ય મેળવો એવી અભ્યર્થના. pic.twitter.com/Y4vbTWM2MG — Rivaba Ravindrasinh Jadeja (@Rivaba4BJP) May 2, 2026 GSEB Board Result 2026: कहां चेक कर सकते हैं गुजरात बोर्ड रिजल्ट? gseb.org gsebeservice.com इसके लिए अलावा SMS और DigiLocker से भी रिजल्ट चेक कर सकते हैं कैसे चेक करें गुजरात बोर्ड रिजल्ट? छात्र अपना रिजल्ट बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट gseb.org पर जाकर चेक कर सकते हैं. सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट gseb.org पर जाएं संबंधित रिजल्ट लिंक (SSC/HSC Result 2026) पर क्लिक करें अपना सीट नंबर दर्ज करें सबमिट करते ही रिजल्ट स्क्रीन पर दिख जाएगा फ्यूचर के लिए डाउनलोड या प्रिंट निकाल लें SMS और WhatsApp से भी मिलेगा रिजल्ट गुजरात बोर्ड ने छात्रों की सुविधा के लिए SMS और WhatsApp के जरिए भी रिजल्ट देखने की सुविधा दी है. छात्र अपना सीट नंबर भेजकर आसानी से अपना रिजल्ट देख सकते हैं. SMS गुजरात बोर्ड रिजल्ट कैसे चेक करें? अपने मोबाइल के मैसेज बॉक्स में जाएं टाइप करें: GJ12S (12वीं साइंस के लिए) या संबंधित फॉर्मेट (SSC/HSC के अनुसार) इसे बोर्ड द्वारा बताए गए नंबर पर भेजें कुछ ही समय में आपका रिजल्ट SMS के जरिए मिल जाएगा WhatsApp से गुजरात बोर्ड रिजल्ट कैसे चेक करें? अपने मोबाइल में WhatsApp खोलें बोर्ड द्वारा जारी नंबर (जैसे: 6357300971) सेव करें उस नंबर पर अपना Seat Number भेजें कुछ ही समय में आपका रिजल्ट रिप्लाई में मिल जाएगा DigiLocker से गुजरात बोर्ड रिजल्ट कैसे चेक करें? DigiLocker ऐप डाउनलोड करें या digilocker.gov.in पर जाएं मोबाइल नंबर/आधार से लॉगिन करें होमपेज पर Education या Boards सेक्शन में जाएं Gujarat Board (GSEB) को चुनें SSC/HSC Marksheet 2026 लिंक पर क्लिक करें अपना Seat Number/रोल नंबर दर्ज करें सबमिट करते ही आपकी डिजिटल मार्कशीट स्क्रीन पर आ जाएगी इसे डाउनलोड या सेव कर लें रिजल्ट के साथ क्या-क्या जारी होगा? रिजल्ट के साथ ही पास प्रतिशत, टॉपर्स लिस्ट और अन्य अहम आंकड़े भी जारी किए जाएंगे. इसके बाद छात्र अपनी आगे की पढ़ाई और करियर से जुड़े फैसले ले सकेंगे. यह भी पढ़ें- सिर्फ टाइपिंग से पाएं ये 5 प्रशासनी नौकरी, शानदार सैलरी और करियर दोनों मिलेंगे The post GSEB Board Result 2026: गुजरात बोर्ड रिजल्ट की आई डेट, जानिए कहां और कैसे चेक करें appeared first on Naya Vichar.

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मई में कब रखें एकादशी व्रत? जानें अपरा और पद्मिनी का शुभ समय

Ekadashi May 2026: हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है. यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित होता है. हर माह दो एकादशी तिथियां आती हैं—एक शुक्ल पक्ष में और दूसरी कृष्ण पक्ष में. इस दिन श्रद्धालु व्रत रखकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करते हैं. मान्यता है कि एकादशी का व्रत रखने से जीवन में सुख, समृद्धि और मानसिक शांति प्राप्त होती है. मई 2026 में अपरा और पद्मिनी एकादशी का विशेष संयोग बन रहा है, जो धार्मिक दृष्टि से अत्यंत फलदायी माना जाता है. अपरा एकादशी 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त हिंदू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 12 मई 2026 को दोपहर 2:53 बजे से होगी. यह तिथि 13 मई को दोपहर 1:30 बजे समाप्त हो जाएगी. उदयकाल तिथि को ध्यान में रखते हुए अपरा एकादशी 13 मई 2026 को मनाई जाएगी. व्रत का पारण 14 मई को द्वादशी तिथि में किया जाएगा, क्योंकि एकादशी व्रत का समापन हमेशा द्वादशी को ही होता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, अपरा एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट होते हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है. इसे विशेष रूप से पुण्यदायी एकादशी माना गया है. पद्मिनी एकादशी 2026: तिथि और मुहूर्त पद्मिनी एकादशी अधिक मास (मलमास) के शुक्ल पक्ष में आती है, जिसका विशेष आध्यात्मिक महत्व होता है. वर्ष 2026 में यह एकादशी 27 मई को मनाई जाएगी. पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि 26 मई की सुबह 5:10 बजे शुरू होगी और 27 मई की सुबह 6:21 बजे समाप्त होगी. इसलिए उदयकाल के आधार पर 27 मई को ही पद्मिनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा. इस एकादशी को वामन और परिवर्तिनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है. मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजा करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है और व्यक्ति को जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति मिलती है. एकादशी व्रत का धार्मिक महत्व एकादशी का व्रत केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मिक शुद्धि और मानसिक संतुलन का मार्ग भी है. यह दिन व्यक्ति को संयम, त्याग और आत्म-नियंत्रण का अभ्यास कराता है. व्रत और पूजा के माध्यम से मनुष्य अपने मन को शुद्ध करता है और ईश्वर के प्रति भक्ति भाव को बढ़ाता है. आज के व्यस्त और तनावपूर्ण जीवन में एकादशी का व्रत व्यक्ति को आंतरिक शांति प्रदान करता है. यह हमें भौतिक सुखों से थोड़ी दूरी बनाकर आध्यात्मिक उन्नति की ओर प्रेरित करता है. इसलिए एकादशी को न केवल धार्मिक, बल्कि जीवन को संतुलित करने का भी महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है. The post मई में कब रखें एकादशी व्रत? जानें अपरा और पद्मिनी का शुभ समय appeared first on Naya Vichar.

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₹1.09 करोड़ में आयी BMW की नयी कन्वर्टिबल कार, 4.9 सेकंड में पकड़ेगी 100kmph की रफ्तार

BMW ने हिंदुस्तान में अपनी M Performance लाइनअप को और मजबूत करते हुए नई BMW M440i Convertible को लॉन्च कर दिया है. यह एक प्रीमियम ड्रॉप-टॉप (कन्वर्टिबल) कार है, जिसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 1.09 करोड़ रुपये रखी गई है. यह मॉडल लग्जरी और परफॉर्मेंस का शानदार कॉम्बिनेशन पेश करता है. डिजाइन और एक्सटीरियर BMW M440i Convertible 4 Series प्लेटफॉर्म पर बेस्ड है और इसमें फैब्रिक सॉफ्ट-टॉप रूफ दिया गया है, जिसे सिर्फ 18 सेकंड में खोला या बंद किया जा सकता है, वह भी 50 किमी/घंटा की स्पीड तक. डिजाइन की बात करें, तो इसमें स्लिम LED हेडलैंप्स, बड़ा किडनी ग्रिल और एग्रेसिव फ्रंट एयर इंटेक्स मिलते हैं. साइड प्रोफाइल में 19-इंच अलॉय व्हील्स, M बैजिंग और विंड डिफ्लेक्टर दिया गया है, जबकि पीछे की ओर LED टेललैंप्स, स्पोर्टी डिफ्यूजर और बूट-लिड स्पॉइलर मिलता है. यह कार कई अट्रैक्टिव कलर ऑप्शन्स जैसे Black Sapphire, Mineral White, Portimao Blue, Arctic Race Blue, Brooklyn Grey, Cape York Green और Fire Red में उपलब्ध है. इंटीरियर और फीचर्स कार के अंदर प्रीमियम और टेक्नोलॉजी से भरपूर केबिन मिलता है. इसमें 4-सीटर लेआउट दिया गया है, जिसमें 14.9-इंच का कर्व्ड टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम और फुली डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर शामिल है. इसके अलावा, हेड्स-अप डिस्प्ले, मेमोरी फंक्शन के साथ पावर्ड स्पोर्ट्स सीट्स, एंबिएंट लाइटिंग, वायरलेस चार्जिंग और 12-स्पीकर Harman Kardon साउंड सिस्टम जैसे फीचर्स भी मिलते हैं. साथ ही ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल जैसी सुविधाएं भी दी गई हैं. इंजन और परफॉर्मेंस BMW M440i Convertible में 3.0-लीटर इनलाइन 6-सिलेंडर टर्बो-पेट्रोल इंजन दिया गया है, जो 374hp और 500Nm का टॉर्क जेनरेट करता है. यह इंजन 8-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स और BMW के xDrive ऑल-व्हील ड्राइव सिस्टम के साथ आता है. परफॉर्मेंस की बात करें, तो यह कार सिर्फ 4.9 सेकंड में 0 से 100 किमी/घंटा की स्पीड पकड़ लेती है, जबकि इसकी टॉप स्पीड 250 किमी/घंटा (इलेक्ट्रॉनिकली लिमिटेड) है. यह भी पढ़ें: Auto Market में फिर चमकने की तैयारी में Nissan India The post ₹1.09 करोड़ में आयी BMW की नयी कन्वर्टिबल कार, 4.9 सेकंड में पकड़ेगी 100kmph की रफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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