रसलपुर स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम, जलस्रोतों के पास सावधानी बरतने की दी सलाह
नया विचार न्यूज़ सरायरंजन |मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के तहत सितंबर माह के चौथे शनिवार को उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय रसलपुर में सुरक्षित शनिवार कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नाव दुर्घटना एवं पानी में डूबने से बचाव के उपायों की जानकारी देकर जागरूक किया गया।
मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम की फोकल शिक्षिका गुड़िया कुमारी एवं संगीत शिक्षक प्रियरंजन झा के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बारिश के मौसम में नदियों, तालाबों और अन्य जलस्रोतों में बढ़ते जलस्तर तथा तेज बहाव से होने वाले खतरे के बारे में बताया गया। बच्चों को खतरनाक घाटों से दूर रहने, उफनती नदी या तेज बहाव वाले पानी में स्नान नहीं करने तथा पुल-पुलिया या ऊंचे स्थान से पानी में छलांग नहीं लगाने की सलाह दी गई।
विद्यार्थियों को बताया गया कि किसी व्यक्ति के डूबने की स्थिति में बिना तैरना जाने स्वयं पानी में उतरकर उसे बचाने का प्रयास नहीं करना चाहिए। सुरक्षित दूरी से रस्सी, बांस, कपड़े या उपलब्ध अन्य साधनों की मदद ली जा सकती है। साथ ही तत्काल आसपास के लोगों और आपात सेवा को सूचना देने की सलाह दी गई।
डूबे व्यक्ति को पानी से बाहर निकालने के बाद तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेने पर भी जोर दिया गया। प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा आवश्यक प्राथमिक उपचार और सीपीआर दिए जाने के महत्व की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को डूबे व्यक्ति के पेट को दबाकर या उल्टा लटकाकर पानी निकालने जैसे असुरक्षित तरीकों से बचने की सलाह दी गई।
नाव दुर्घटना से बचाव को लेकर बच्चों को बताया गया कि क्षमता से अधिक यात्रियों वाली नाव पर सवार नहीं होना चाहिए। खराब मौसम और तेज बारिश के दौरान नाव से यात्रा करने से बचना चाहिए। जर्जर या क्षतिग्रस्त नाव पर यात्रा नहीं करने तथा छोटे बच्चों को अकेले नाव से यात्रा नहीं करने देने की बात कही गई। नाविक के सुरक्षा निर्देशों और उपलब्ध सुरक्षा उपकरणों का पालन करने पर भी जोर दिया गया।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक मनीष चन्द्र प्रसाद ने कहा कि जागरूकता और सावधानी से जल दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से विद्यालय में मिली सुरक्षा संबंधी जानकारी अपने परिवार और आसपास के लोगों तक पहुंचाने की अपील की।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने जलस्रोतों के पास सावधानी बरतने और जोखिमपूर्ण गतिविधियों से दूर रहने का संकल्प लिया।