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May 5, 2026

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गढ़वा में बिना डॉक्टर हो रहे थे ऑपरेशन, पैसों के लालच में मरीजों की जान से खिलवाड़ 

गढ़वा से अविनाश की रिपोर्ट  Garhwa News: झारखंड के गढ़वा जिले के चिनिया रोड स्थित आशा किरण अस्पताल में जो चल रहा था, वह इलाज नहीं बल्कि मरीजों की जिंदगी के साथ सरेआम खिलवाड़ है. सदर एसडीएम संजय कुमार की छापेमारी में एक ऐसी डरावनी हकीकत सामने आई, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बार फिर से सवालिया निशान लगा दिया हैं. अस्पताल में ऑपरेशन थियेटर चालू था, मरीज भर्ती थे, लेकिन उन्हें भगवान भरोसे छोड़कर पूरा डॉक्टर स्टाफ मौजूद नहीं थे.  एसडीएम की जांच में हुआ खुलासा  एसडीएम की जांच में खुलासा हुआ कि अस्पताल केवल कागजों पर चल रहा है. जिस डॉक्टर के नाम पर अस्पताल का रजिस्ट्रेशन है, वे श्री वंशीधर नगर उंटारी ट्रॉमा सेंटर में प्रशासनी सेवा दे रहे हैं. हैरानी की बात यह है कि बिना किसी विशेषज्ञ चिकित्सक के ही अस्पताल में सर्जरी की जा रही थी. कुछ रुपए  के लालच में मरीजों को ऐसी स्थिति में रखा गया था जहां उनकी जान को खतरा हो सकता था. अस्पताल में भारी अनियमितताएं एसडीएम को जांच के दौरान अस्पताल में भारी अनियमितताएं मिलीं, जो इस प्रकार हैं लेटर पैड पर ‘बी. कुमार’ और ‘एम. सिंह’ जैसे संदिग्ध नाम लिखे थे, जिनकी डिग्रियों का कोई अता-पता नहीं है. फरवरी के बाद से अस्पताल ने कोई रिकॉर्ड ही नहीं रखा कि कितने मरीज आए और उनका क्या हुआ. अस्पताल के भीतर चल रही दवा दुकान के पास भी कोई वैध लाइसेंस नहीं था. बिना डॉक्टर सर्जरी, अस्पताल में भारी लापरवाही, कार्रवाई के निर्देश  अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर पूरी तरह अव्यवस्थित था और वहां कोई जिम्मेदार व्यक्ति मौजूद नहीं था. सर्जरी करा चुके मरीज वहां भर्ती थे, लेकिन उनकी देखभाल के लिए कोई योग्य चिकित्सक मौजूद नहीं था. एसडीएम ने कहा कि यह सिर्फ नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि आपराधिक लापरवाही है. मरीजों की सुरक्षा के साथ ऐसा खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट के तहत इस अस्पताल पर कठोरतम कार्रवाई के लिए सिविल सर्जन को निर्देशित किया गया है. एसडीएम की इस कार्रवाई के बाद गढ़वा के उन निजी अस्पतालों में खलबली मच गई है जो नियमों को तोड़कर क्लिनिक चला रहे हैं. प्रशासन के इस खुलासे के बाद अब शहर के लोग भी निजी अस्पतालों की कार्यशैली को लेकर आक्रोशित हैं. यह भी पढ़ें: चतरा में दर्दनाक हादसा: नवादा गांव में कुएं में गिरने से स्त्री की मौत, पटवन के दौरान फिसला था पैर यह भी पढ़ें: जमशेदपुर में गैंगवार की आहट: धातकीडीह के गामा होटल पर ताबड़तोड़ फायरिंग, भाग रहे दो हमलावर गिरफ्तार The post गढ़वा में बिना डॉक्टर हो रहे थे ऑपरेशन, पैसों के लालच में मरीजों की जान से खिलवाड़  appeared first on Naya Vichar.

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केरल में यूडीएफ ने लेफ्ट के गढ़ों में सेंध लगाकर जीत हासिल की

केरल विधानसभा चुनाव के नतीजे आ गए हैं. कांग्रेस 63 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी है. यूडीएफ गठबंधन को भी साफ बहुमत मिल गया है, जिससे प्रशासन बनाने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है. यूडीएफ की जीत पर पढ़ें वरिष्ठ पत्रकार प्रथापन केंद्रथिल का लेख. विधानसभा चुनाव के परिणाम केरल की नेतृत्व में एक निर्णायक मोड़ साबित हुए हैं. माकपा के नेतृत्व वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) के दस वर्षों के शासन के बाद कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने भारी बहुमत के साथ जीत दर्ज की है. भाजपा ने भी राज्य में वापसी दर्ज की, और नेमम, चथन्नूर और कझाकूट्टम जैसे तीन निर्वाचन क्षेत्रों में जीत हासिल की. यूडीएफ ने सभी क्षेत्रों में बढ़त बनाई, पारंपरिक एलडीएफ के गढ़ों में सेंध लगायी और मध्य व उत्तरी केरल में अपने वोट आधार को मजबूत किया. इस चुनाव का एक प्रमुख निष्कर्ष मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की ‘कैप्टन’ वाली छवि का टूटना है. एलडीएफ के अधिकांश मंत्रियों को हार का सामना करना पड़ा. पिनराई विजयन का मजबूत गढ़ धर्मदम भी डगमगाता दिखा. कन्नूर जैसे माकपा के पारंपरिक गढ़ में भी दरार दिखाई पड़ी, जो पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच असंतोष को दर्शाती हैं. यूडीएफ की जीत का सबसे महत्वपूर्ण कारण उसके पारंपरिक आधार-ईसाई और मुस्लिम समुदाय-की वापसी करना रहा. वर्ष 2026 से पहले एलडीएफ ने इन समुदायों को आकर्षित करने के लिए काफी प्रयास किये, पर यह रणनीति उलटी पड़ गयी. खासकर ईसाई समुदाय, जो पहले एलडीएफ के साथ था, बड़ी संख्या में यूडीएफ की ओर लौट आया. मध्य केरल में यूडीएफ ने ईसाई वोटों का बड़ा हिस्सा वापस हासिल किया. सबरीमाला मंदिर से जुड़े कथित सोना चोरी/प्लेटिंग विवाद ने भी खासकर हिंदू मतदाताओं को प्रभावित किया. स्वास्थ्य क्षेत्र में गिरावट, मानव-वन्यजीव संघर्ष और महंगाई जैसे मुद्दों ने भी एलडीएफ की लोकप्रियता घटाई. भाजपा ने तीन सीटें जीतकर वोट काटने वाली पार्टी की छवि से आगे बढ़कर नयी पहचान बनायी. एलडीएफ की सबसे बड़ी ताकत उसकी मजबूत कल्याणकारी योजनाएं रही हैं. यूडीएफ ने इन्हें और बेहतर बनाने का वादा किया. यूडीएफ के सामने कई चुनौतियां हैं. सबसे पहले, विभिन्न गुटों के बीच सहमति से नया मुख्यमंत्री चुनना होगा. फिर खाली खजाने के बीच अपने वादे पूरा करना बड़ी परीक्षा होगा. (ये लेखक के निजी विचार हैं.) The post केरल में यूडीएफ ने लेफ्ट के गढ़ों में सेंध लगाकर जीत हासिल की appeared first on Naya Vichar.

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धरती के नक्शे से उसका नामोनिशान मिटा देंगे, अगर… अब ट्रंप ने ईरान को क्यों धमकाया?

Iran obliterated trump: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कड़ा बयान दिया. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे जहाजों की सुरक्षा कर रहे अमेरिकी जहाजों पर हमला करता है, तो ‘धरती के नक्शे से उसका नामोनिशान मिटा दिया जाएगा.’ एक इंटरव्यू में ट्रंप का यह बयान  ऐसे समय आया है जब ईरान पर आरोप है कि उसने कुछ जहाजों को निशाना बनाया, जिन्हें अमेरिकी केंद्रीय कमान द्वारा ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ के तहत सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजारा जा रहा था. राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर दावा किया कि इन हमलों में एक दक्षिण कोरियाई मालवाहक जहाज भी शामिल था. उन्होंने कहा कि ईरान ने ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ के तहत जहाजों की आवाजाही से जुड़े अन्य देशों को भी निशाना बनाया है. अमेरिकी सेना ने भी कार्रवाई करते हुए सात छोटी नौकाओं को निशाना बनाने की बात कही है. ट्रंप ने दक्षिण कोरिया से इस मिशन में शामिल होने का आह्वान करते हुए कहा कि अब उसके लिए सक्रिय भूमिका निभाने का समय है. “Iran has taken some shots at unrelated Nations with respect to the Ship Movement, PROJECT FREEDOM, including a South Korean Cargo Ship… We’ve shot down seven small Boats or, as they like to call them, “fast” Boats. It’s all they have left.” – President Donald J. Trump 🇺🇸 pic.twitter.com/dRpde52oWB — The White House (@WhiteHouse) May 4, 2026 ट्रंप ने यूएस की सैन्य ताकत का किया जिक्र ट्रंप ने दोहराया कि अमेरिका के पास अत्याधुनिक हथियार और पर्याप्त सैन्य संसाधन मौजूद हैं. उन्होंने कहा, ‘हमारे पास पहले से कहीं अधिक उन्नत हथियार और गोला-बारूद हैं. हमारे सैन्य अड्डे पूरी दुनिया में फैले हुए हैं और वे सभी जरूरी साजो-सामान से लैस हैं. जरूरत पड़ने पर हम इनका इस्तेमाल करने से पीछे नहीं हटेंगे.’ होर्मुज बंद होने से दुनिया में बढ़ा संकट होर्मुज स्ट्रेट  28 फरवरी को ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से प्रभावी रूप से बंद है. यहां से दुनिया के तेल और गैस के साथ साथ कई अहम कमोडिटीज का आवागमन होता था. इस स्थान से पूरे विश्व के लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस का यातायात होता था. इसकी वजह से हिंदुस्तान समेत पूरी दुनिया में तेल और गैस का संकट पैदा हो गया है. तेल की कमी हुई और कीमतें भी बढ़ीं. 28 फरवरी से पहले जो क्रूड ऑयल 73 डॉलर प्रति बैरल के आसपास था, वह युद्ध शुरू होने के बाद 100 डॉलर के पार बना हुआ है.  ये भी पढ़ें:- रूस और यूक्रेन सीजफायर पर तैयार, विक्ट्री डे सेलीब्रेशन पर नहीं होगा कोई हमला ये भी पढ़ें:- ईरान तनाव के बीच इजराइल ने बढ़ाई अपनी ताकत, F-35 और F-15IA विमानों की खरीद पर मुहर ट्रंप ने शिपिंग कंपनियों को भी दी है चेतावनी ईरान और अमेरिका- दोनों ने 8 अप्रैल से इस युद्ध को सीमित करते हुए सीजफायर जरूर कर लिया है, लेकिन इस होर्मुज के इस संकरे समुद्री रास्ते पर नाकेबंदी बरकरार रखी है. इसकी वजह से अब भी दुनिया में तेल और गैस संकट जारी है. ईरान होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूलना चाहता है, यह अमेरिका को स्वीकार नहीं है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने शिपिंग कंपनियों को भी चेतावनी दी है कि अगर जहाजों ने स्ट्रेट से गुजरने के लिए ईरान को किसी भी तरह का भुगतान किया, तो उन्हें प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा. The post धरती के नक्शे से उसका नामोनिशान मिटा देंगे, अगर… अब ट्रंप ने ईरान को क्यों धमकाया? appeared first on Naya Vichar.

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सम्राट कैबिनेट का विस्तार 7 मई को, शामिल हो सकते हैं पीएम मोदी और अमित शाह

Bihar Cabinet Expansion: बिहार में नई प्रशासन बनने के बाद अब कैबिनेट का विस्तार होना है. सीएम सम्राट चौधरी सोमवार को दिल्ली से लौटे, जिसके बाद से चर्चा तेज है. इस बीच अब सम्राट कैबिनेट का पहला विस्तार 7 मई को होने वाला है. ऐतिहासिक गांधी मैदान में कैबिनेट विस्तार का आयोजन होगा. पीएम मोदी और अमित शाह के आने की चर्चा कैबिनेट विस्तार के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भी आने की संभावना है. इसको लेकर पटना जिला प्रशासन की ओर से गांधी मैदान में जोर-शोर से तैयारी की जा रही है. पीएम के आगमन को देखते हुए गांधी मैदान में हेलीपैड भी बनाए जा रहे हैं. सम्राट चौधरी के शपथ ग्रहण के दौरान भी थी चर्चा 15 अप्रैल को सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. उनके साथ दो उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी और विजेंद्र यादव ने भी शपथ लिया था. शपथ ग्रहण से पहले संभावना जताई जा रही थी कि पीएम मोदी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे. लेकिन किसी कारणवश पीएम मोदी शपथ ग्रहण में शामिल नहीं हुए थे. ऐसे में अब कैबिनेट विस्तार को लेकर भी चर्चा है कि समारोह में पीएम मोदी आ सकते हैं. उनके साथ गृह मंत्री अमित शाह भी आ सकते हैं. सम्राट चौधरी ने दिल्ली दौरे के दौरान दोनों से मुलाकात की थी. किस पार्टी से कितने बन सकते हैं मंत्री? सूत्रों के मुताबिक, कैबिनेट के विस्तार में भाजपा के 15 मंत्रियों को जगह मिलेगी. जबकि जदयू के 14 और मंत्री बनाए जायेंगे. जदयू के दो उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव प्रशासन में मौजूद हैं. उनको शामिल कर प्रशासन में जदयू के मंत्रियों की संख्या 16 हो जायेगी. सहयोगी दलों के लिए पहले का फॉर्मूला प्रभावी होगा. इसमें चिराग पासवान की पार्टी लोजपा आर से दो, जीतन राम मांझी की पार्टी हम और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी से एक-एक मंत्री बनाए जायेंगे. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने दो दिवसीय दिल्ली प्रवास के दौरान गृह मंत्री अमित शाह के अलावा पार्टी के कई शीर्ष नेताओं से मुलाकात की. सूत्रों के मुताबिक, गृह मंत्री अमित शाह ने कैबिनेट विस्तार को हरी झंडी प्रदान कर दी है. पुराने चेहरे को मिलेगी जगह कैबिनेट विस्तार में जदयू और भाजपा के पुराने चेहरे को जगह मिलने की चर्चा है. जदयू से डॉ. अशोक चौधरी, श्रवण कुमार, लेशी सिंह, मदन सहनी, मो जमां खान आदि के नाम मंत्री पद के लिए तय माने जा रहे हैं. जबकि भाजपा में मंगल पांडेय, डॉ. दिलीप जायसवाल, नीतीश मिश्रा, प्रमोद कुमार आदि के नाम प्रमुखता लिस्ट में शामिल है. मंत्रिमंडल विस्तार में कुछ नये मंत्रियों को भी शामिल किया जा सकता है. आज मुंगेर में सीएम सम्राट का कार्यक्रम जानकारी के मुताबिक, सीएम सम्राट चौधरी आज मुंगेर और खगड़िया जाने वाले हैं. इस दौरान वे धार्मिक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे और इसके साथ ही विकास परियोजनाओं का निरीक्षण भी करेंगे. बताया जा रहा है कि 5 मई की शाम में पोलो मैदान में भव्य लेजर लाइट और ड्रोन शो भी आयोजित किया गया है. लेकिन इसमें सीएम सम्राट शामिल नहीं हो पायेंगे. Also Read: बिहार के 18 जिलों में आज गरज-चमक के साथ तेज बारिश का अलर्ट, IMD ने जारी की एडवाइजरी The post सम्राट कैबिनेट का विस्तार 7 मई को, शामिल हो सकते हैं पीएम मोदी और अमित शाह appeared first on Naya Vichar.

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रिजल्ट के बाद बंगाल कई जिलों में उपद्रव, भाजपा ने अरूप बिश्वास के पार्टी कार्यालय पर किया कब्जा

मुख्य बातें टॉलीगंज में तृणमूल कार्यालय पर भाजपा का कब्जा भवानीपुर में तृणमूल पार्षद पर हमला West Bengal Election Result: कोलकाता: आखिरकार, भाजपा ने बंगाल में जीत हासिल कर ली है. तृणमूल का लगभग सफाया हो गया है. उत्तर से दक्षिण तक हर जगह यही हाल है. भाजपा ने 206 सीटें जीती हैं और तृणमूल के पास सिर्फ 81 सीटें बची हैं. पिछले विधानसभा चुनावों में तृणमूल ने 215 सीटें जीती थीं और भाजपा को 77 सीटों से ही संतोष करना पड़ा था. इस बार स्थिति बिल्कुल उलट है. नतीजे आते ही जिलों में अशांति की समाचारें फैल गईं. प्रधानमंत्री ने बार-बार कहा है कि बदला नहीं लिया जाएगा, बदलाव चाहिए. चुनाव आयोग ने भी कहा कि ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है. टॉलीगंज में तृणमूल कार्यालय पर भाजपा का कब्जा ताजा मामला टॉलीगंज का है. यहां से तृणमूल उम्मीदवार अरूप बिश्वास चुनाव हार गए हैं. आरोप है कि उनकी हार के बाद भाजपा ने उनके पार्टी कार्यालय पर कब्जा कर लिया. पार्टी कार्यालय के सामने भगवा झंडे फहराए गए। तृणमूल का झंडा हटाकर भाजपा का झंडा लगा दिया गया. दूसरी ओर, डबग्राम-फुलबारी में भी ऐसी ही स्थिति देखने को मिली है. भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस के कार्यालय में आग लगा दी. भाजपा पर इस तरह के आरोप लगे हैं. बहरामपुर में भी चुनाव के बाद हिंसा भड़की. तृणमूल पंचायत के उप प्रमुख के घर में तोड़फोड़ के आरोप लगे हैं. बहरामपुर में तृणमूल के कई कार्यालयों में भी तोड़फोड़ की समाचारें आई हैं. ये आरोप भाजपा समर्थित उपद्रवियों के हैं. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें भवानीपुर में तृणमूल पार्षद पर हमला चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद भाजपा समर्थित उपद्रवियों ने रात के अंधेरे में जमकर उत्पात मचाया. भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में भी तनाव फैल गया है. विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 70 के नॉर्दर्न पार्क में तृणमूल पार्षद के कार्यालय पर हमले की समाचारें आईं. आरोप है कि हाल ही में कुछ युवकों ने वार्ड नंबर 70 के तृणमूल पार्षद असीम कुमार बोस के कार्यालय पर हमला किया, जो पूर्व मुख्यमंत्री के करीबी हैं. बताया जाता है कि उन्होंने ताला तोड़कर कार्यालय में प्रवेश किया और तोड़फोड़ की. यहां तक ​​कि कार्यालय में रखी वस्तुओं को सड़क पर निकालकर आग लगाने की भी समाचारें आईं. बाद में पुलिस ने आकर स्थिति को नियंत्रण में किया. Also Read: टारगेट अचीवर बने शुभेंदु अधिकारी, बंगाल जीतने के बाद आयी पहली प्रतिक्रिया The post रिजल्ट के बाद बंगाल कई जिलों में उपद्रव, भाजपा ने अरूप बिश्वास के पार्टी कार्यालय पर किया कब्जा appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल में पहली बार हिंदू वोटों का ध्रुवीकरण काफी प्रभावी साबित हुआ

मुझे वह दिन आज भी याद है. मैं अटल बिहारी वाजपेयी के साथ कोलकाता जा रहा था, जहां भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक थी. हम कालका मेल में थे. वाजपेयी के साथ पत्रकारों का एक समूह यात्रा कर रहा था. उस यात्रा के दौरान वाजपेयी ने मुझसे एक बात कही, जो आज तक मेरे मन में बसी हुई है. उन्होंने कहा कि वह श्यामा प्रसाद मुखर्जी के निजी सचिव नहीं रहे, पर उन्हें इसका गहरा अफसोस रहा कि भाजपा लंबे समय तक केवल हिंदी पट्टी तक सीमित रही. उनका मानना था कि जब पार्टी खासकर पश्चिम बंगाल जैसे राज्य में एक शक्ति बन जायेगी, तभी वह अफसोस दूर होगा. वर्षों बाद वह क्षण आ चुका है. भाजपा ने बंगाल में जीत हासिल की है. यह एक ऐतिहासिक बदलाव है. कोलकाता में भाजपा की शुरुआती सफलताएं प्रतीकात्मक थीं, पर महत्वपूर्ण भी. जब पार्टी ने कोलकाता नगर निगम चुनाव में केवल दो वार्ड जीते थे, तब ज्योति बसु मुख्यमंत्री थे. लालकृष्ण आडवाणी ने तब दिल्ली से कहा था, ‘कोलकाता में भाजपा का खाता खुल गया है’. वह एक छोटा कदम था, पर दृढ़ इरादे का संकेत था. आज नरेंद्र मोदी और अमित शाह के नेतृत्व में भाजपा ने वह कर दिखाया है, जो कभी असंभव लगता था. यह परिवर्तन रातोंरात नहीं हुआ. इसके पीछे निरंतर प्रयास, एकाग्रता और सावधानीपूर्वक बनी रणनीति थी. मोदी-शाह की जोड़ी ने बंगाल को महत्वपूर्ण परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों की तरह देखा-अनुशासन, सही समय और तीक्ष्ण रणनीति के साथ. वर्ष 2021 में भी भाजपा ने बड़ा उछाल दिखाया था, जब केवल तीन विधायकों से बढ़कर 77 तक पहुंची थी. वह एक बड़ी सफलता थी. पर 2021 से मिले सबक अहम थे. भाजपा ने अपनी रणनीति में महत्वपूर्ण बदलाव किये. पार्टी ने अपनी मूल विचारधारा नहीं छोड़ी-‘जय श्री राम’ और हिंदुत्व जैसे मुद्दे पृष्ठभूमि में बने रहे. पर उसने समझ लिया था कि केवल इनके सहारे चुनावी सफलता संभव नहीं है. इस चुनाव में भाजपा ने अपना केंद्रीय संदेश ‘परिवर्तन’ पर केंद्रित किया. यह बदलाव जमीनी हकीकत की समझ पर आधारित था. ममता के 15 वर्षों के शासन के बाद भाजपा ने मजबूत एंटी-इनकंबेंसी महसूस की. शिक्षा व्यवस्था में गिरावट, भ्रष्टाचार के आरोप, जिलों में हिंसा, सिंडिकेट संस्कृति और उगाही ने व्यापक असंतोष पैदा किया था. एक ऐतिहासिक निरंतरता भी दिखाई दी. जिस तरह वाम शासन में असामाजिक तत्वों की घुसपैठ हुई थी, वही तत्व तृणमूल व्यवस्था में भी जगह बना चुके थे. औद्योगिक ठहराव और छूटे हुए अवसरों ने जनता की निराशा और बढ़ाई. भाजपा ने इसका लाभ उठाया. उसने अपने अभियान को नेतृत्व परिवर्तन तक सीमित नहीं रखा, बल्कि बंगाल के व्यापक रूपांतरण के रूप में पेश किया-यह वादा करते हुए, कि राज्य की खोई हुई बौद्धिक और सांस्कृतिक पहचान वापस दिलायी जायेगी. एक रैली में अमित शाह ने इसे स्पष्ट किया- लक्ष्य केवल मुख्यमंत्री बदलना नहीं, बल्कि पूरे बंगाल को बदलना है, और यह बदलाव जनता ही लायेगी. दूसरी ओर, ममता बनर्जी ने इस एंटी-इनकंबेंसी की गहराई को कम आंका. नेतृत्वक इतिहास में इसका एक उदाहरण भी है. नंदीग्राम गोलीकांड के बाद जब तत्कालीन मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य को संभावित परिणामों को लेकर आगाह किया गया, तब उन्होंने हार की आशंका को नकार दिया था. कुछ ऐसा ही आत्मविश्वास तृणमूल नेतृत्व के कुछ हिस्सों में भी दिखाई दिया. आंतरिक मतभेद, टिकट वितरण के दौरान विवाद और सीबीआइ व प्रवर्तन निदेशालय की जांच ने असहज माहौल बनाया. मध्यवर्गीय बंगालियों में इससे निराशा की भावना बढ़ी. फिर भी, ममता बनर्जी को हराना आसान नहीं था. एक महत्वपूर्ण कारक मुस्लिम वोट था, जो करीब 30 फीसदी है. भाजपा ने समझ लिया था कि जब तक यह वोट विभाजित नहीं होगा, तृणमूल की बढ़त को पार करना मुश्किल है. भाजपा का दावा है कि मतदाता सूची में सुधार जैसे कदमों से, खासकर सीमावर्ती जिलों में, अनियमितताओं में कमी आयी. चुनाव आयोग ने भी संकेत दिया कि एसआइआर प्रक्रिया के जरिये अवैध घुसपैठियों और फर्जी मतदाताओं को हटाया जायेगा, जिससे भाजपा को लाभ मिला. स्त्री मतदाता भी एक महत्वपूर्ण वर्ग थीं. पारंपरिक रूप से ममता का मजबूत आधार रही इस श्रेणी में कुछ बदलाव देखने को मिले. भाजपा ने स्त्री सुरक्षा का मुद्दा उठाकर और मोदी की छवि के जरिये इसमें सेंध लगाने की कोशिश की. इसके साथ ही हिंदू वोटों का ध्रुवीकरण हुआ, जिसमें शुभेंदु अधिकारी की भूमिका अहम रही. पहले भी भाजपा को हिंदू वोट मिले थे, पर वे सीटों में परिवर्तित नहीं हो पाये थे. इस बार यह अधिक प्रभावी साबित हुआ. भाजपा ने बंगाली भद्रलोक के बीच अपनी छवि नरम करने की भी कोशिश की. शमीक भट्टाचार्य जैसों ने सांस्कृतिक रूप से जुड़ी बहुलतावादी बंगाली पहचान पेश की, जिससे यह धारणा कमजोर हुई कि भाजपा बंगाल की संस्कृति से अलग है. कल्याणकारी नेतृत्व में भी बड़ा बदलाव देखा गया. पहले भाजपा तृणमूल की योजनाओं की आलोचना करती थी, पर 2026 में उसने न केवल बराबरी की, बल्कि कई मामलों में उससे आगे बढ़कर वादे किये. मसलन, जहां राज्य प्रशासन स्त्रीओं को 1,500 रुपये दे रही थी, वहीं भाजपा ने 3,000 रुपये देने का वादा किया. बंगाली अस्मिता की नेतृत्व में भी बदलाव आया. ममता बनर्जी लंबे समय से ‘भीतरी बनाम बाहरी’ की नेतृत्व करती रही थीं. इस बार भाजपा ने इसका प्रभावी जवाब दिया. मोदी और शाह ने बांग्ला भाषा, संस्कृति और भावनाओं से जुड़ने के लिए विशेष प्रयास किये. वर्ष 1977 के बाद पहली बार किसी अखिल हिंदुस्तानीय पार्टी ने बंगाल की क्षेत्रीय पहचान के साथ सार्थक संवाद स्थापित किया. इससे पहले कम्युनिस्ट और तृणमूल, दोनों मूलतः क्षेत्रीय दल थे. यह भी याद रखने योग्य है कि ममता बनर्जी स्वयं कभी सिंगूर और नंदीग्राम आंदोलनों के दौरान असंतोष की नेतृत्व की प्रतीक थीं. पर 15 वर्षों के शासन के बाद वही असंतोष उनकी प्रशासन के खिलाफ हो गया. अंततः, यह परिणाम कई कारकों का सम्मिलित प्रभाव है-एंटी-इनकंबेंसी, भाजपा के रणनीतिक बदलाव, संगठनात्मक मजबूती और बूथ स्तर तक प्रभावी प्रबंधन. भाजपा के भीतर के मतभेदों को भी सावधानीपूर्वक संभाला गया. अमित शाह ने व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर नेताओं के बीच तालमेल सुनिश्चित किया और अभियान को एकजुट रखा. भाजपा ने बंगाल में वह हासिल कर लिया है, जो कभी दूर की बात लगता था. और

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Assam Election Results : कांग्रेस को बड़ा झटका, तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों के बेटे चुनाव हारे

Assam Election Results : असम विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा, क्योंकि तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों के बेटे हार गए. इनमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद गौरव गोगोई भी शामिल हैं. उनके पिता तरुण गोगोई 15 साल तक मुख्यमंत्री रहे थे. गौरव जोरहाट सीट से भाजपा के हितेंद्र नाथ गोस्वामी से 23,182 वोटों से हार गए. वे तीन बार के सांसद हैं और लोकसभा में जोरहाट का प्रतिनिधित्व करते हैं. इसके अलावा विपक्ष के नेता देबब्रत सैकिया भी चुनाव हार गए, जिससे कांग्रेस की स्थिति और कमजोर नजर आई. दो बार मुख्यमंत्री रहे दिवंगत हितेश्वर सैकिया के पुत्र देबब्रत सैकिया नाजिरा के पारिवारिक गढ़ को बरकरार रखने में असफल रहे. पहले उनके पिता और बाद में उनकी मां हेमप्रभा सैकिया द्वारा प्रतिनिधित्व किए जाने वाली नाजिरा सीट पर देबब्रत 2011 से लगातार निर्वाचित होते रहे थे और 2016 से विपक्ष के नेता थे. हालांकि, इस बार देबब्रत भाजपा के मयूर बोरगोहेन से 46,000 से अधिक मतों के अंतर से हार गए. भाजपा के नारायण डेका ने दिगंता बर्मन को हराया हार का सामना करने वाले एक और पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र दिगंता बर्मन हैं, जिनके पिता दिवंगत भूमिधर बर्मन ने हितेश्वर सैकिया के निधन के बाद कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला था. बर्मन बरखेत्री निर्वाचन क्षेत्र पर अपना कब्जा बरकरार रखने में असफल रहे और भाजपा के नारायण डेका से 84,000 से अधिक मतों के अंतर से हार गए. यह भी पढ़ें : जोरहाट विधानसभा क्षेत्र से चुनाव हारे गौरव गोगोई बीजेपी ने पहली बार अपने दम पर बहुमत हासिल किया असम में सत्तारूढ़ एनडीए ने बड़ी जीत हासिल करते हुए लगातार तीसरी बार प्रशासन बनाने का रास्ता साफ कर लिया है. 126 सीटों वाली विधानसभा में गठबंधन ने 102 सीटें जीत ली हैं, जो दो-तिहाई बहुमत है. बीजेपी ने अकेले 82 सीटें जीतकर पहली बार अपने दम पर बहुमत हासिल किया. वहीं उसके सहयोगी बीपीएफ और एजीपी को 10-10 सीटें मिली हैं. इससे पहले 2016 और 2021 में बीजेपी को 60-60 सीटें मिली थीं, लेकिन इस बार पार्टी ने अपना प्रदर्शन काफी बेहतर किया है. The post Assam Election Results : कांग्रेस को बड़ा झटका, तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों के बेटे चुनाव हारे appeared first on Naya Vichar.

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Video : सयानी घोष का गाना बना TMC की हार का कारण? उमा भारती का तंज

Video : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी की जीत से पार्टी का हर नेता और कार्यकर्ता खुश है. इसका असर मध्य प्रदेश में भी नजर आया, जहां बीजेपी कार्यकर्ता जश्न मनाते नजर आए. पूर्व सीएम उमा हिंदुस्तानी ने पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह को बधाई दी. साथ ही उन्होंने टीएमसी सांसद सयानी घोष पर तंज कसते हुए उनके एक गाने को हार की बड़ी वजह बता दिया. आप भी देखें वो गाना. 1. बंगाल की जीत के लिए मोदी जी, अमित शाह जी, नितिन नवीन जी और बंगाल के असंख्य कार्यकर्ताओं को बधाई एवं अभिनंदन।2. अबकी बार जीत तो हमारी होनी ही थी लेकिन ममता बनर्जी की ही पार्टी की एक सांसद का यह गाना ममता जी को ले डूबा। @BJP4India @BJP4Bengal @PMOIndia @narendramodi @AmitShah… pic.twitter.com/NhjfJmg9Eb — Uma Bharti (@umasribharti) May 4, 2026 उमा हिंदुस्तानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि बंगाल की जीत के लिए मोदी, अमित शाह, नितिन नवीन और कार्यकर्ताओं को बधाई. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जीत तो तय थी, लेकिन ममता बनर्जी की पार्टी की एक सांसद का गाना ही उनकी हार की वजह बन गया. टीएमसी सांसद हैं सयानी घोष 33 साल की टीएमसी सांसद सयानी घोष बंगाल चुनाव के दौरान खूब चर्चा में रहीं. उन्होंने बीजेपी और केंद्र प्रशासन पर जमकर हमला बोला. अपने आक्रामक भाषणों के साथ-साथ मंच से गाना गाकर भी उन्होंने लोगों का ध्यान खींचा और लगातार सुर्खियों में बनी रहीं. यह भी पढ़ें : ममता बनर्जी 15105 वोट से हारीं, शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम के बाद भवानीपुर में भी दीदी को चटा दी धूल सयानी घोष चुनावी रैलियों में गाना गाकर लोगों को अपनी ओर खींचने की कोशिश कर रही थीं और केंद्र प्रशासन पर भी जमकर हमला बोला. अब उनके इसी गाने को लेकर उमा हिंदुस्तानी ने तंज कसा है और ममता बनर्जी की हार का कारण भी उन्हें ही बता दिया. I humbly accept the mandate of the people of Bengal in favour of the Bharatiya Janata Party. I thank the Maa Maati Manush of Bengal who stood beside us through thick and thin. While being committed to serving the people of Jadavpur Lok Sabha as an elected representative, with a… pic.twitter.com/OwU48bs5LS — Saayoni Ghosh (@sayani06) May 4, 2026 हार के बाद क्या बोलीं सयानी घोष सयानी घोष ने टीएमसी की हार के बाद एक्स पर लिखा कि मैं विनम्रता के साथ बंगाल की जनता के जनादेश को स्वीकार करता/करती हूं, जिसने हिंदुस्तानीय जनता पार्टी के पक्ष में फैसला दिया है. बंगाल की ‘मां, माटी, मानुष’ का धन्यवाद, जिन्होंने हर हाल में हमारा साथ दिया. जादवपुर लोकसभा के प्रतिनिधि के रूप में जनता की सेवा के लिए प्रतिबद्ध हूं. मैं बिना डर के और सिर ऊंचा रखकर अपने नेता ममता बनर्जी के साथ खड़ा/खड़ी हूं और लोकतंत्र व देश की एकता की रक्षा के लिए उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करती रहूंगी. The post Video : सयानी घोष का गाना बना TMC की हार का कारण? उमा हिंदुस्तानी का तंज appeared first on Naya Vichar.

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मौसम : दिल्ली और यूपी के अलावा इन राज्यों में होगी बारिश, आ गया IMD का अलर्ट

Weather Forecast : मौसम विभाग ने प्रेस रिलीज जारी करके बताया कि 6 मई तक हिमाचल प्रदेश में जबकि 5 से 8 मई के बीच उत्तराखंड में मौसम सक्रिय रहने की संभावना है. इस दौरान कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. तेज हवाएं 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं. कुछ इलाकों में हल्की बर्फबारी भी देखने को मिल सकती है, जिससे मौसम ठंडा बना रहेगा. 5 और 6 मई को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में मौसम थोड़ा बिगड़ा रह सकता है. इन दिनों गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है और हवाएं 30-50 किमी/घंटा की रफ्तार से चल सकती हैं. वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 5 और 6 मई को जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 और 7 मई को बारिश के आसार हैं. बंगाल में हल्की से मध्यम बारिश के आसार 5 से 8 मई के बीच उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल (दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, जलपाईगुड़ी वाला इलाका) और सिक्किम में मौसम बदला-बदला रहेगा. गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है और हवाएं 30-50 किमी/घंटा तक चल सकती हैं. वहीं, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल (कोलकाता, हावड़ा, हुगली वाला इलाका) में 6 से 8 मई के दौरान ऐसा ही मौसम देखने को मिलेगा. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ का कैसा रहेगा मौसम 6 से 8 मई के बीच मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मौसम बदला-बदला रहेगा. वहीं, विदर्भ में 5 से 7 मई तक ऐसा ही हाल रहेगा. इस दौरान गरज-चमक, बिजली कड़कने और 40-50 किमी/घंटा की तेज हवाओं के साथ कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. केरल के अलावा यहां होगी बारिश केरल और माहे में 5 से 8 मई तक, वहीं तटीय आंध्र प्रदेश में 6 से 8 मई के बीच बारिश के आसार हैं. तेलंगाना और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी 5 से 6 मई तक कहीं-कहीं गरज-चमक, बिजली गिरने और 30-50 किमी/घंटा की तेज हवाएं चल सकती हैं. pic.twitter.com/ibtUgllczG — मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर (@IMDJaipur) May 4, 2026 राजस्थान का मौसम कैसा रहेगा? राजस्थान की बात करें तो पश्चिमी हिस्सों में 5 से 7 मई और पूर्वी राजस्थान में 5 से 8 मई के बीच कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं. 5 से 8 मई के बीच राजस्थान का मौसम बदला-बदला रहने वाला है. इस दौरान अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास रहेगा, जिससे भीषण गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी. कई इलाकों में 30-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. खासकर दोपहर बाद कहीं-कहीं आंधी, मेघगर्जन और हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है, साथ ही कुछ जगहों पर ओले गिरने की भी संभावना है. पूर्वी राजस्थान के जयपुर, भरतपुर, अजमेर और कोटा में बारिश के आसार हैं, जबकि पश्चिमी हिस्सों जैसे बीकानेर में हल्की बारिश हो सकती है. 05/05/2026: 03:30 IST; Very Light rainfall/drizzle is very likely to occur at NCR ( Dadri, Greater Noida, Faridabad, Ballabhgarh). Light rainfall (30-40 Km/h gusty winds) is very likely to occur at Gulaoti, Siyana, Sikandrabad, Bulandshahar, Jahangirabad, Anupshahar, — RWFC New Delhi (@RWFC_ND) May 4, 2026 दिल्ली ऑरेंज अलर्ट जारी दिल्ली में सोमवार (4 मई) देर रात गरज के साथ बारिश हुई. मौसम विभाग ने ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है. दिल्ली में ओलावृष्टि, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का अनुमान है. एनसीआर के दादरी, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद और बल्लभगढ़ में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है. वहीं गुलावटी, स्याना, सिकंदराबाद, बुलंदशहर, जहांगीराबाद और अनूपशहर में हल्की बारिश के साथ 30-40 किमी/घंटा की तेज हवाएं चलने की संभावना है. पूरा प्रेस रिलीज पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें The post मौसम : दिल्ली और यूपी के अलावा इन राज्यों में होगी बारिश, आ गया IMD का अलर्ट appeared first on Naya Vichar.

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5 मई की टॉप 20 खबरें: ममता युग का अंत, बंगाल-असम में बीजेपी की प्रचंड जीत, वाम दल का सफाया

1. बंगाल में भगवा लहर, 15 साल बाद ममता युग का अंत, दो तिहाई बहुमत से बनेगी बीजेपी की प्रशासन बंगाल चुनाव 2026 के नतीजों में भाजपा ने बहुमत हासिल कर लिया है. 156 सीटों पर जीत के साथ भाजपा पहली बार पश्चिम बंगाल में प्रशासन बनाने जा रही है. टीएमसी की सत्ता से विदाई. पढ़ें विस्तृत रिपोर्ट. 2. ममता बनर्जी 15105 वोट से हारीं, शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम के बाद भवानीपुर में भी दीदी को चटा दी धूल बंगाल चुनाव 2026 में शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को भवानीपुर सीट पर 15,105 वोटों से हरा दिया है. नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों जगह से जीते शुभेंदु. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 3. बंगाल में डबल सेंचुरी, असम में बहुमत: पीएम मोदी बोले- आज से बंगाल भय मुक्त, नये सूरज का हुआ उदय पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी 200 से अधिक सीटों पर जीत दर्ज करती नजर आ रही है, जबकि असम में बहुमत के आंकड़े को पार कर चुकी है. दोनों राज्यों में धमाकेदार जीत के बाद दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में जीत का जश्न मनाया जा रहा है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 4. तमिलनाडु में विजय की टीवीके बनी सबसे बड़ी पार्टी, बधाई देने पहुंचे ज्योतिष राधन पंडित, चुनाव से पहले दी थी सलाह तमिलनाडु चुनाव के परिणाम सामने आने के बाद एक्टर से पाॅलिटिशियन बने विजय के घर बधाई देने वालों की लाइन लगी हुई है. उन्हें बधाई देने वालों में कुछ लोग बहुत खास हैं, ऐसे ही लोगों में से एक है ज्योतिष राधन पंडित. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 5. बंगाल में हारीं ममता बनर्जी, 7 फीसदी वोट कम होते ही हाथ से निकलीं 133 सीटें, बीजेपी के 45 प्रतिशत वोट ने उखाड़ फेंका टीएमसी का साम्राज्य बंगाल चुनाव 2026 के आंकड़े आ गये हैं. भाजपा 45.43 प्रतिशत वोट पाकर सत्ता पर काबिज हो गयी है, तो टीएमसी का वोट शेयर 7.16 गिर गया. जानें कितनी छोटी पार्टियों से ज्यादा लोगों ने दबाया नोटा (NOTA) का बटन. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 6. बंगाल और असम में बीजेपी की प्रचंड जीत, तमिलनाडु में TVK की विजय, देखें केरल और पुडुचेरी का हाल पश्चिम बंगाल और असम में बीजेपी ने धमाकेदार जीत दर्ज की. जबकि पुडुचेरी में बीजेपी गठबंधन को शानदार जीत मिली. तमिलनाडु में टीवीके ने धमाकेदार जीत दर्ज की. जबकि केरल में कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) को जीत मिली. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 7. Assam Election 2026 Results: असम में बीजेपी की आंधी, NDA की 101 सीट पर जीत, 19 पर सिमटी कांग्रेस असम में एनडीए को दो-तिहाई बहुमत मिला है. 126 सदस्यीय विधानसभा में उसे 101 सीट पर जीत हासिल हुई है. वहीं कांग्रेस 19 सीट पर सिमट गई है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 8. करूर भगदड़ में 41 लोगों की मौत, तृषा कृष्णन से अफेयर; चुनाव तक विवादों में रहे विजय थलापति अब बनेंगे सीएम तमिलनाडु की जनता ने एक्टर विजय को बहुत प्यार दिया है. उनके फिल्मों के तो वे दीवाने थे ही, अब उनकी नेतृत्व के भी दीवाने हो गए हैं. ऐसा प्रतीत होता है कि विजय के जीवन से जुड़े विवादों के लिए जनता ने उन्हें माफ कर दिया है. ऐसे विवादों में करूर भगदड़ और उससे हुई 41 लोगों की मौत भी शामिल है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 9. उपचुनाव रिजल्ट: सुनेत्रा पवार की रिकॉर्ड जीत, बीजेपी को 4 सीटों पर मिली जीत, कांग्रेस को दो से करना पड़ा संतोष बंगाल और पश्चिम बंगाल में धमाकेदार जीत के साथ-साथ विधानसभा उपचुनाव में भी बीजेपी ने परचम लहराया है. सात सीटों पर हुए उपचुनाव में बीजेपी को 4, एनसीपी को एक और कांग्रेस को दो सीट पर जीत मिली. महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री और अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को बारामती विधानसभा सीट से रिकॉर्ड जीत मिली है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 10. Kerala Elections Result: एलडीएफ की करारी हार, पिनरायी विजयन ने मुख्यमंत्री पद से दिया इस्तीफा केरल विधानसभा चुनाव में इस बार कांग्रेस के नेतृत्व वाला संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) जीत की राह पर है. रुझानों में यूडीएफ ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. यहां पढ़ें मतगणना का हर अपडेट. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 11. असम में हिमंता की आंधी में भी चला हेमंत का ‘तीर’, कांग्रेस के वोट बैंक में की सेंधमारी असम चुनाव 2026 में भाजपा ने 82 सीटों के साथ सत्ता की ‘हैट्रिक’ लगाकर इतिहास रच दिया है. लेकिन इस चुनावी शोर के बीच हेमंत सोरेन की पार्टी JMM ने सबको चौंका दिया है. पहली बार चुनाव लड़कर झामुमो ने मजबात और भेरगांव जैसी सीटों पर कांग्रेस को पीछे छोड़ दिया. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 12. केरल से ही वामपंथी सत्ता का हुआ था सूर्योदय, वहीं से हुआ सूर्यास्त केरल में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) की हार से वामपंथी प्रशासन की विदाई हो गयी. यही नहीं पांच दशक बाद पहली बार ऐसी स्थिति बनी जब देश के किसी राज्य में वाम दलों की प्रशासन नहीं है. वर्तमान लोकसभा में CPI(M) के पांच जबकि CPI (ML) लिबरेशन के दो सांसद हैं. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 13. बंगाल में कौन बनेगा मुख्यमंत्री? शुभेंदु अधिकारी का पलड़ा क्यों है सबसे भारी? पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के नतीजों के बीच चर्चा तेज है कि बंगाल का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? शुभेंदु अधिकारी का नाम सबसे आगे क्यों है और अमित शाह के संकेतों के क्या हैं मायने, पढ़ें पूरी रिपोर्ट. 14. जोरहाट विधानसभा क्षेत्र से चुनाव हारे गौरव गोगोई पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे कांग्रेस नेता गौरव गोगोई चुनाव हार गए हैं. वे जोरहाट विधानसभा क्षेत्र से चुनावी मैदान में थे. उनके पिता तरुण गोगोई सबसे लंबे समय तक असम के मुख्यमंत्री रहे थे. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 15. 8 ग्राम सोना…स्त्रीओं को 2500 रुपये, TVK की जीत के बाद विजय के वादे पर लोगों की नजर तमिलनाडु चुनाव में TVK ने धमाकेदार जीत दर्ज की और सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी. अभिनेता से नेतृत्व में उतरे विजय का मुख्यमंत्री बनना लगभग तय हो गया है. टीवीके की जीत के साथ अब विजय के चुनावी वादों पर लोगों की नजर होगी. जिसमें स्त्रीओं को 8 ग्राम सोना देने का वादा शामिल है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 16. पटना में गरज-चमक के साथ तेज

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