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May 18, 2026

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नार्वे पहुंचे पीएम मोदी, जोरदार स्वागत, तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में लेंगे हिस्सा

PM Modi Norway Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूरोप के चार देशों के दौरे पर हैं. सोमवार (18 मई) को स्वीडन से नॉर्वे पहुंचे. ओस्लो हवाई अड्डे पर नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर ने उनका स्वागत किया. प्रधानमंत्री मोदी का यह पहला नॉर्वे दौरा है. साथ ही, यह 43 साल में किसी हिंदुस्तानीय प्रधानमंत्री का नॉर्वे का पहला दौरा भी है. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा- मुझे विश्वास है कि यह यात्रा हिंदुस्तान-नॉर्वे की मित्रता में नया जोश भरेगी. #WATCH | Prime Minister Narendra Modi holds a bilateral meeting with Norway PM Jonas Gahr Store in Oslo, Norway. PM Modi will attend the third India-Nordic Summit in Oslo on May 19. (Source: ANI/DD News) pic.twitter.com/WKm2iOib3t — ANI (@ANI) May 18, 2026 हिंदुस्तानीय समुदाय ने किया भव्य स्वागत ओस्लो में जिस होटल में प्रधानमंत्री मोदी ठहरे हैं, वहां हिंदुस्तानीय समुदाय के लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. इस दौरान हिंदुस्तानीय मूल के लोगों ने संगीत और सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत कर हिंदुस्तानीय परंपरा की झलक दिखाई. प्रधानमंत्री ने भी वहां मौजूद लोगों का अभिवादन स्वीकार किया और उनसे मुलाकात की. #WATCH | Prime Minister Narendra Modi greets the members of the Indian diaspora and people gathered to welcome him at the hotel he is staying at in Oslo, Norway (Source: ANI/DD) pic.twitter.com/PxoIpfV2rO — ANI (@ANI) May 18, 2026 सम्राट हेराल्ड पंचम और साम्राज्ञी सोनजा से करेंगे मुलाकात अपनी दो दिवसीय नॉर्वे यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी नॉर्वे के सम्राट हेराल्ड पंचम और साम्राज्ञी सोनजा से मुलाकात करेंगे. इसके अलावा वह प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे. दोनों नेता व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे. विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों के बीच संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की जाएगी और आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने के उपायों पर भी बातचीत होगी. तीसरे हिंदुस्तान-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में लेंगे हिस्सा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार (19 मई) को ओस्लो में आयोजित तीसरे हिंदुस्तान-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. उन्होंने कहा कि यह नॉर्डिक देशों के नेताओं से मुलाकात का एक महत्वपूर्ण अवसर होगा. इस सम्मेलन में नॉर्वे, डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन के प्रधानमंत्री भी शामिल होंगे. विदेश मंत्रालय ने बताया कि यह सम्मेलन अप्रैल 2018 में स्टॉकहोम और मई 2022 में कोपेनहेगन में आयोजित पिछले सम्मेलनों की कड़ी को आगे बढ़ाएगा और हिंदुस्तान-नॉर्डिक संबंधों को नई रणनीतिक दिशा देगा. व्यापार और निवेश बढ़ाने पर होगा फोकस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नॉर्वे के प्रधानमंत्री के साथ हिंदुस्तान-नॉर्वे व्यापार और अनुसंधान सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, यह यात्रा दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को नई गति देने का मौका देगा. साल 2024 में हिंदुस्तान और नॉर्वे के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 2.73 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है. Also Read:वीडी सतीशन बने केरलम के नए मुख्यमंत्री, राहुल गांधी ने लगाया गले, 10 साल बाद सत्ता में लौटा कांग्रेस गठबंधन The post नार्वे पहुंचे पीएम मोदी, जोरदार स्वागत, तीसरे हिंदुस्तान-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में लेंगे हिस्सा appeared first on Naya Vichar.

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लखीमपुर खीरी में वैन और ट्रक के बीच भीषण टक्कर, 10 की मौत, पीएम और सीएम योगी ने मुआवजे की घोषणा की

Lakhimpur Kheri Accident: धौरहरा के पुलिस क्षेत्राधिकारी शमशेर बहादुर सिंह ने बताया- हादसा सिसैया-लखीमपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-730 पर उंचगांव और भरेहता गांव के बीच हुआ. लखीमपुर से बहराइच जा रही वैन की एक ट्रक से आमने-सामने की टक्कर हो गई. उन्होंने बताया- वैन अपनी लेन से दूसरी लेन में चली गई और सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई. पीएम मोदी ने मुआवजे की घोषणा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताया और मुआवजे की घोषणा की. पीएमओ ने एक्स पर लिखा- PMNRF से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी. घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे. Uttar Pradesh CMO- “The CM has directed that an ex-gratia assistance of Rs 2 lakh each be provided to the kin of the deceased. The CM has instructed officials to maintain contact with the bereaved families and ensure that every possible assistance is made available to them.” — ANI (@ANI) May 18, 2026 सीएम योगी ने भी मुआवजे की घोषणा की उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे शोक संतप्त परिवारों के संपर्क में रहें और यह सुनिश्चित करें कि उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए. मृतकों की हुई पहचान पुलिस के अनुसार मृतकों में से नौ की पहचान कर ली गई है जिनमें जयदीप सिंह (25), अदनान खान (15), पवन राजभर (23), सोहन राजभर (21), रामगोपाल (42), सहज राम (35), पप्पू गौतम (18), गायत्री वैश्य (44) और जुलेखा (55) शामिल हैं. एक अन्य मृतक की पहचान करने के प्रयास जारी हैं. सीएम योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर जताया दुख हादसे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा शोक व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, जनपद लखीमपुर खीरी में हुई सड़क दुर्घटना में जनहानि अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है. मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं. उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन को पीड़ितों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं. The post लखीमपुर खीरी में वैन और ट्रक के बीच भीषण टक्कर, 10 की मौत, पीएम और सीएम योगी ने मुआवजे की घोषणा की appeared first on Naya Vichar.

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क्या 2026 में दुनिया पर मंडरा रहा है आर्थिक मंदी और वैश्विक संकट का बड़ा खतरा? पढ़ें ज्योतिषीय भविष्यवाणी

Astrology Prediction: साल 2026 का मध्यकाल केवल आर्थिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि ज्योतिषीय संकेतों के अनुसार भी बेहद अशांत और भयावह माना जा रहा है. दुनिया भर में बढ़ते कर्ज, युद्ध जैसे हालात, तेल संकट, व्यापारिक टकराव और आर्थिक अस्थिरता के बीच अब ग्रहों की खतरनाक चाल चिंता और बढ़ा रही है. इस दौरान देवगुरु बृहस्पति का अस्त होना, मंगल और सूर्य की उग्र स्थिति तथा राहु-केतु के प्रभाव के बीच सूर्य ग्रहण वैश्विक स्तर पर बड़े आर्थिक भूचाल, नेतृत्वक उथल-पुथल और अचानक संकटों के संकेत दे रहा है. आइए जानते है काशी के ज्योतिषाचार्य पं. प्रशांत पाण्डेय से कि ग्रहों की यह स्थिति देश दुनिया के लिए कितना भयावह साबित हो सकता है. आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में वित्तीय संकट की चेतावनी हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री Sri Narendra Modi तथा हिंदुस्तान प्रशासन की आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट से लेकर अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं तक ने संभावित वैश्विक मंदी और बड़े वित्तीय संकट की चेतावनी दी है. ऐसे समय में जब आम लोगों की बचत, रोजगार और बाजार व्यवस्था पहले से दबाव में हैं, तब आकाश में बनने वाले दुर्लभ ग्रह योग चिंता को और बढ़ा रहे हैं. 2 जून 2026 को देवगुरु बृहस्पति कर्क राशि में उच्च अवस्था में प्रवेश करेंगे, लेकिन इसके तुरंत बाद 14 जुलाई से 13 अगस्त तक गुरु अस्त हो जाएंगे. गुरु का अस्त होना ज्ञान, वित्तीय स्थिति, बैंकिंग व्यवस्था और वैश्विक स्थिरता पर नकारात्मक प्रभाव डालने वाला माना जाता है. ज्योतिषीय गणनाएं बता रही हैं कि यह समय दुनिया के लिए बेहद निर्णायक और भयावह साबित हो सकता है. अस्त देव गुरु बृहस्पति का प्रभाव होगा कम 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक गुरु अस्त रहेंगे. ज्योतिष में यह वह अवस्था मानी जाती है, जब गुरु ग्रह सूर्य के अत्यधिक निकट होते है. यह अवधि मुख्यतः पुष्य नक्षत्र में घटित होगी. पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इस समय विवाह, बड़े निवेश, नए कार्यों की शुरुआत तथा दीर्घकालिक आर्थिक निर्णयों से बचने की सलाह दी जाती है. इसके बाद इसी कर्क राशि में, आश्लेषा नक्षत्र के अंतर्गत, पूर्ण सूर्य ग्रहण की स्थिति बनेगी. कूर्म चक्र (Koorma Chakra) ज्योतिष के अनुसार इस ग्रहण का प्रभाव विशेष रूप से पश्चिमी यूरोप, नॉर्डिक देशों तथा अटलांटिक क्षेत्र से जुड़े राष्ट्रों पर अधिक माना जा रहा है, जबकि हिंदुस्तान में यह सूर्य ग्रहण दृश्य नहीं होगा. आर्थिक अस्थिरता और वैश्विक तनाव के संकेत ज्योतिषीय विश्लेषण के अनुसार, जब-जब पाप ग्रहों के प्रभाव के बीच ग्रह अस्त एवं सूर्य ग्रहण जैसी घटनाएं बनी हैं, तब-तब विश्व स्तर पर अस्थिरता और बड़े संकट देखने को मिले हैं. कुछ ज्योतिषीय गणनाएं कोरोना महामारी, ईरान–अमेरिका/इजराइल तनाव तथा पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्षों को भी इसी प्रकार के ग्रह योगों से जोड़कर देखते हैं. वर्तमान गोचर में कर्क राशि, जहां सूर्य ग्रहण एवं गुरु अस्त जैसी महत्वपूर्ण स्थितियां बनने जा रही हैं, उसके अष्टम भाव के समीप शनि एवं राहु का प्रभाव दिखाई देता है. वैदिक ज्योतिष में यह योग अचानक उथल-पुथल, अप्रत्याशित घटनाओं, आर्थिक अस्थिरता तथा वैश्विक तनाव का संकेत माना जाता है. इसके अतिरिक्त, कुछ महीनों बाद गुरु पर शनि एवं राहु-केतु अक्ष का षष्ठ एवं अष्टम भाव से प्रभाव और अधिक प्रबल होगा. यह स्थिति एक विशेष प्रकार के पापकर्तरी योग जैसी परिस्थिति निर्मित कर सकती है, जिसके कारण कर्क राशि में बनने वाले सूर्य ग्रहण एवं गुरु अस्त के बाद वैश्विक परिस्थितियां और अधिक गंभीर रूप ले सकती हैं. 1970 के दशक जैसा बन रहा है खतरनाक ग्रह संयोग यदि हाल के इतिहास को हिंदुस्तान के दृष्टिकोण से देखा जाए, तो कर्क–मकर अक्ष पर पाप ग्रहों के प्रभाव के दौरान हिंदुस्तान–चीन संबंधों में तनाव अथवा संघर्षपूर्ण परिस्थितियां कई बार देखने को मिली हैं. यद्यपि मंगल इस अक्ष में प्रत्यक्ष रूप से स्थित नहीं होगा, फिर भी उसका पाप वेध प्रभाव तनाव, सामरिक विवाद और अप्रत्याशित परिस्थितियों को बढ़ाने वाला माना जा सकता है. इन आगामी कठिन ग्रह गोचरों का प्रभाव जुलाई 2026 के मध्य से वैश्विक स्तर पर दिखाई देना प्रारंभ हो सकता है. ज्योतिषीय दृष्टि से यह समय विश्व को अगले 1–2 वर्षों तक आर्थिक, नेतृत्वक और सामरिक संघर्षों की ओर ले जा सकता है. कुछ संकेत 1970 के दशक जैसी वैश्विक आर्थिक मंदी की परिस्थितियों की ओर भी इशारा करते हैं. उथल-पुथल के बीच शुक्र बनेंगे सुख और धन के रक्षक हालांकि राहत का पक्ष यह है कि शुक्र ग्रह अपेक्षाकृत मजबूत स्थिति में रहेगा. यद्यपि उस पर पाप ग्रहों का प्रभाव अवश्य रहेगा, फिर भी बड़े स्तर पर वैश्विक वित्तीय संस्थानों के पूर्ण ध्वस्त होने जैसी संभावना अपेक्षाकृत कम दिखाई देती है. एक अत्यंत महत्वपूर्ण बात, जो हमारा ध्यान आकर्षित करती है, वह यह है कि वैदिक ज्योतिष में ग्रह अस्त एवं ग्रहण जैसी घटनाओं का कोई पूर्ण निवारण वर्णित नहीं है. शास्त्रों में जप, दान, तप, पूजा एवं साधना जैसे उपायों को मानसिक स्थिरता, आध्यात्मिक बल तथा सकारात्मक संकल्प को सुदृढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण माना गया है. Also Read: पीली सरसों से पांच दिनों तक करें ये उपाय, दूर होगी नकारात्मक ऊर्जा और घर में आएगी सुख-शांति The post क्या 2026 में दुनिया पर मंडरा रहा है आर्थिक मंदी और वैश्विक संकट का बड़ा खतरा? पढ़ें ज्योतिषीय भविष्यवाणी appeared first on Naya Vichar.

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अर्धशतक के बाद वेंकटेश अय्यर का अनोखा जश्न, थालापती विजय को समर्पित की अपनी पारी

Venkatesh Iyer: धर्मशाला में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और पंजाब किंग्स के बीच स्पोर्ट्से गए मैच में वेंकटेश अय्यर ने पंजाब के खिलाफ एक शानदार अर्धशतक लगाया. वह अपनी इस फिफ्टी को पूरा करने के बाद मैदान पर खास अंदाज में जश्न मनाते दिखे, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है.  अपनी पारी को किसे किया डेडिकेट वेंकटेश अय्यर ने अपने इस सेलिब्रेशन को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय थालापति को समर्पित (डेडिकेट) किया. अब सोशल मीडिया पर उनके इस अनोखे जश्न का वीडियो जमकर वायरल हो रहा है और फैंस इसे काफी पसंद कर रहे हैं. इस मैच में अय्यर ने 40 गेंदों में 73 रनों की नाबाद पारी स्पोर्ट्सी. इस दौरान उन्होंने 8 चौके और 4 छक्के लगाए. पंजाब को दिया 223 रनों का विशाल लक्ष्य मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने शानदार प्रदर्शन किया और पंजाब किंग्स के सामने 222 रनों का बड़ा स्कोर खड़ा किया. बेंगलुरु की ओर से विराट कोहली ने 58 रन बनाए. उनके अलावा देवदत्त पडिक्कल ने 45 रनों की तेज पारी स्पोर्ट्सी. जबकि टिम डेविड ने आखिरी ओवरों में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए महज 12 गेंदों में 28 रन (2 चौके, 2 छक्के) कूट दिए. पंजाब किंग्स की खराब शुरुआत  223 रनों के मुश्किल लक्ष्य का पीछा करने उतरी पंजाब किंग्स की शुरुआत बेहद खराब रही. टीम ने पहले ही ओवर में प्रियांश आर्या (0) का विकेट गंवा दिया. इसके बाद दूसरे ओवर में प्रभसिमरन सिंह भी सिर्फ 2 रन बनाकर पवेलियन लौट गए. बेंगलुरु के गेंदबाजों ने पंजाब पर दबाव बनाए रखा और तीसरे ओवर में कप्तान श्रेयस अय्यर भी सस्ते में निपट गए. शशांक-स्टोइनिस की साझेदारी शुरुआती झटके लगने के बाद कूपर कॉलोनी और सूर्यांश शेडगे ने पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन वे बड़ी पारी नहीं स्पोर्ट्स पाए. इसके बाद मध्यक्रम में शशांक सिंह और मार्कस स्टोइनिस ने मिलकर पंजाब की पारी को आगे बढ़ाया. स्टोइनिस ने 25 गेंदों में 37 रन बनाए,लेकिन वह 16वें ओवर में आउट हो गए. वहीं, शशांक सिंह ने 27 गेंदों में 56 रनों की शानदार अर्धशतकीय पारी स्पोर्ट्सी, लेकिन वह भी 19वें ओवर में चलते बने. पंजाब की लगातार छठी हार रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की ओर से तेज गेंदबाज रसिख सलाम ने सर्वाधिक 3 विकेट लिए. बेंगलुरु ने इस मुकाबले को 23 रनों से अपने नाम कर लिया. इस हार के साथ ही पंजाब किंग्स को आईपीएल इतिहास में लगातार छठी हार का सामना करना पड़ा है, जिससे उनके लिए प्लेऑफ की राह अब बेहद मुश्किल हो गई है. The post अर्धशतक के बाद वेंकटेश अय्यर का अनोखा जश्न, थालापती विजय को समर्पित की अपनी पारी appeared first on Naya Vichar.

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पश्चिम बंगाल में सातवें वेतन आयोग का गठन, सरकारी कर्मचारियों के लिए शुभेंदु अधिकारी की बड़ी घोषणा

मुख्य बातें लंबे समय से था इंतजार भाजपा ने किया था वादा Suvendu Adhikari: कोलकाता. बंगाल के सभी प्रशासनी कर्मचारियों, जिनमें शिक्षक भी शामिल हैं, के लिए खुशसमाचारी है. आखिरकार, पश्विम बंगाल में सातवां वेतन आयोग (7th Pay Commission) का गठन किया जा रहा है. भाजपा के प्रस्ताव में इस वादे का जिक्र किया गया था. अब इसे राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी मिल गई है. सोमवार को, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में नबन्ना में मंत्रिमंडल की बैठक हुई. बैठक में पांच सदस्य उपस्थित थे. सातवें वेतन आयोग का गठन राज्य प्रशासन के कर्मचारियों, बोर्डों, निगमों, स्थानीय निकायों और शैक्षणिक संस्थानों के वेतन ढांचे में संशोधन करने के लिए किया गया था. लंबे समय से था इंतजार पश्चिम बंगाल के प्रशासनी कर्मचारियों को सातवां वेतन आयोग का लंबे समय से इंतजार था. वेतन आयोग के लागू होते ही सभी कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि होगी. नियमों के अनुसार, सभी प्रशासनी कर्मचारियों के वेतन ढांचे में 10 साल बाद बदलाव होना चाहिए. हालांकि स्वतंत्रता के बाद से वेतन आयोग लागू किया गया है, लेकिन निर्धारित 10 साल की अवधि कई बार बीत चुकी है. यदि इस बार वेतन आयोग लागू होता है, तो राज्य कर्मचारियों के वेतन में भारी वृद्धि होगी. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें भाजपा ने किया था वादा भाजपा ने चुनाव से पहले किये वादों में से एक और वादा पूरा किया है. सातवां वेतन आयोग लागू करने का वादा भाजपा के घोषणापत्र में था. भाजपा ने चुनाव प्रचार के दौरान इस वेतन आयोग के गठन की बात बार-बार की थी. नेतृत्व परिवर्तन के बाद कार्यकर्ता इस फैसले की उम्मीद लगाए बैठे थे. इस बार मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण के डेढ़ सप्ताह के भीतर ही इस वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी गई. Also Read: बंगाल में औद्योगिकीकरण के लिए तैयार हो रहा ब्लूप्रिंट, अशोक लाहिड़ी ने शुरू किया काम यह समाचार अभी-अभी आई है. विस्तृत जानकारी जल्द ही उपलब्ध होगी. हमारा प्रयास है कि आपको जल्द से जल्द समाचार मिले. इसलिए नवीनतम समाचारों के लिए इस पेज को रिफ्रेश करते रहें. The post पश्चिम बंगाल में सातवें वेतन आयोग का गठन, प्रशासनी कर्मचारियों के लिए शुभेंदु अधिकारी की बड़ी घोषणा appeared first on Naya Vichar.

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जमानत नियम-जेल अपवाद… उमर खालिद को UAPA में बेल न मिलने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, अपने ही फैसले पर की टिप्पणी

Supreme Court Umar Khalid UAPA: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पूर्व जेएनयू छात्र नेता उमर खालिद को जमानत देने से जुड़े पुराने फैसले पर गंभीर सवाल उठाए. अदालत ने कहा कि पहले दिए गए फैसले में उस सिद्धांत का सही तरीके से पालन नहीं किया गया, जिसमें लंबे समय तक जेल में रहने और ट्रायल में देरी को जमानत का आधार माना गया था. अदालत ने कहा कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता संविधान का अहम हिस्सा है और UAPA मामलों में भी ‘जमानत नियम है, जेल अपवाद’ का सिद्धांत लागू होता है. छह साल से जेल में बंद आरोपी को मिली राहत जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की पीठ एक अलग UAPA मामले में सुनवाई कर रही थी. यह मामला सैयद इफ्तिखार अंद्राबी से जुड़ा था, जो कथित आतंकी फंडिंग मामले में छह साल से ज्यादा समय से जेल में बंद हैं. सुनवाई के दौरान अदालत ने उन्हें जमानत दे दी और इसी दौरान उमर खालिद मामले पर भी टिप्पणी की. कोर्ट ने पुराने फैसले पर जताई असहमति पीठ ने जनवरी 2026 में आए उस फैसले का जिक्र किया, जिसमें उमर खालिद और शर्जील इमाम को जमानत देने से इनकार कर दिया गया था. कोर्ट ने कहा कि वह उस फैसले में अपनाए गए दृष्टिकोण से सहमत नहीं है. जस्टिस उज्जल भुइयां ने अपने फैसले में कहा कि छोटी पीठ को बड़ी पीठ के फैसले का पालन करना जरूरी होता है. यदि किसी फैसले पर संदेह हो तो मामले को बड़ी पीठ के पास भेजा जाना चाहिए. 2021 के केए नजीब फैसले का दिया हवाला सुप्रीम कोर्ट ने अपने 2021 के चर्चित केए नजीब जजमेंट फैसले का हवाला दिया. उस निर्णय में कहा गया था कि यदि किसी आरोपी का ट्रायल लंबे समय तक शुरू नहीं होता और वह लंबे समय से जेल में है, तो उसे जमानत दी जा सकती है, भले ही मामला UAPA के तहत ही क्यों न हो. कोर्ट ने कहा कि नजीब मामले के निर्णय से पता चलता है कि समय बीतने के बाद आरोपी अपने आप रिहाई का हकदार होता है.   #BreakingNewsSupreme Court doubts its own judgment in Umar Khalid case; says bail is rule jail is exception even in UAPA cases Read here: https://t.co/gNlLqmejj4 pic.twitter.com/Rkah0Obsai — Bar and Bench (@barandbench) May 18, 2026 कोर्ट ने ‘टू-प्रॉन्ग टेस्ट’ पर भी उठाए सवाल सुनवाई के दौरान अदालत ने एक अन्य मामले में अपनाए गए ‘टू-प्रॉन्ग टेस्ट’ पर भी आपत्ति जताई. इस टेस्ट के तहत आरोपी को जमानत पाने के लिए यह साबित करना पड़ता था कि पहली नजर में उसके खिलाफ मामला मजबूत नहीं है. कोर्ट ने कहा कि ऐसा दृष्टिकोण ट्रायल से पहले की हिरासत को सजा में बदल सकता है. लेकिन अगर केवल शुरुआती आरोपों के आधार पर किसी को सालों तक जेल में रखा जाए, तो यह न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ होगा. ये भी पढ़ें:- वीडी सतीशन बने केरलम के नए मुख्यमंत्री, राहुल गांधी ने लगाया गले, 10 साल बाद सत्ता में लौटा कांग्रेस गठबंधन ये भी पढ़ें:- AAP नेता के दिल्ली-गोवा समेत कई ठिकानों पर ED की रेड, ₹100 करोड़ के फ्रॉड से जुड़ा है मामला उमर खालिद पर क्या हैं आरोप? उमर खालिद को सितंबर 2020 में दिल्ली दंगों की कथित बड़ी साजिश मामले में गिरफ्तार किया गया था. दिल्ली पुलिस का आरोप है कि उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) विरोधी प्रदर्शनों के दौरान भड़काऊ भाषण दिए थे और वे दंगों की कथित साजिश का हिस्सा थे. उन पर UAPA समेत कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था. तब से वह इसी मामले में जेल में हैं. सुप्रीम कोर्ट ने इसी साल 5 जनवरी को उनके मामले की सुनवाई करते हुए उन्हें एक साल तक जमानत मांगने से रोक दिया गया था. The post जमानत नियम-जेल अपवाद… उमर खालिद को UAPA में बेल न मिलने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, अपने ही फैसले पर की टिप्पणी appeared first on Naya Vichar.

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‘पुलिस को हमने पूरी छूट दे रखी है’, सीएम सम्राट ने कहा- अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी

Samrat Chaudhary: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इन दिनों एक्शन मोड में हैं. इसके साथ ही राज्य के अफसरों को पूरी तरह से टाइट कर रहे हैं. सोमवार को उन्होंने हाईटेक 80 फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को हरी झंडी दिखाने के बाद भाषण दिया. इस दौरान उन्होंने मंच से स्पष्ट कहा कि पुलिस को हमने पूरी छूट दे रखी है. अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी. सीवान से पटना तक एनकाउंटर बिहार में अपराधियों के खिलाफ एक्शन को लेकर इससे पहले भी सीएम सम्राट चौधरी बयान दे चुके हैं. ऐसे में राज्य में ताबड़तोड़ कुख्यात अपराधियों का एनकाउंटर भी किया जा रहा है. रविवार की देर रात सीवान में अंकित कुमार सिंह को गोली मारी गई. जबकि सोमवार की सुबह पटना में मुठभेड़ हुई. इसमें शिक्षक पर गोली चलाने वाले अपराधी संदीप उर्फ बादल को गोली मारी गई. इस तरह से एक के बाद एक कार्रवाई जारी है. सीएम बोले- कोई व्यक्ति कानून हाथ में नहीं ले सकता सीएम सम्राट चौधरी ने अपने भाषण में यह भी कहा कि बिहार में सुशासन का राज्य है, इसलिए पुलिस के हाथ मैंने खोल दिए हैं. कोई भी व्यक्ति कानून को अपने हाथ में नहीं ले सकता है और पुलिस अपना काम आगे भी करती ही रहेगी. साथ ही मुख्यमंत्री राज्य के अधिकारियों को भी टाइट कर रहे हैं. अधिकारियों को भेजा जाएगा नोटिस सीएम ने कहा, अधिकारियों को पहला नोटिस 10 दिन बाद जाएगा. दूसरा नोटिस 20 दिन बाद और तीसरा नोटिस 25 दिन बाद जाएगा. इसके बाद भी अगर काम नहीं हुआ तो मुख्यमंत्री कार्यालय से उन्हें निलंबित कर दिया जाएगा. पहली बार सम्राट चौधरी ने यह बयान नहीं दिया है. इससे पहले भी उन्होंने कहा था, सहयोग पोर्टल पर दर्ज हर शिकायत का निपटारा 30 दिनों के भीतर करना होगा. अगर तय समय में शिकायत का समाधान नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन ने साफ किया है कि लापरवाही मिलने पर पहले निलंबन और जरूरत पड़ने पर सेवा समाप्ति तक की कार्रवाई हो सकती है. इस पूरी व्यवस्था की निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) करेगा. Also Read: बिहार में 21 मई से जमीन रजिस्ट्री का नया रूल होगा लागू, फर्जीवाड़े पर ब्रेक लगाने की तैयारी The post ‘पुलिस को हमने पूरी छूट दे रखी है’, सीएम सम्राट ने कहा- अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी appeared first on Naya Vichar.

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7 मिनट में लंग कैंसर का इलाज, एक शॉट पड़ेगा ₹3.7 लाख का

Lung Cancer Treatment: हिंदुस्तान में कैंसर इलाज के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाया गया है. Roche Pharma India ने फेफड़ों के कैंसर मरीजों के लिए एक नई 7 मिनट की इंजेक्शन थेरेपी लॉन्च की है. इस दवा का नाम Tecentriq है. खास बात ये है कि जहां पहले इसी इलाज के लिए मरीजों को अस्पताल में घंटों बैठकर IV ड्रिप लेनी पड़ती थी, अब वही दवा सिर्फ 7 मिनट में इंजेक्शन के जरिए दी जा सकेगी. इससे मरीजों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है. क्या है ये नया इलाज? ये इंजेक्शन खासतौर पर Non-small cell lung cancer यानी NSCLC मरीजों के लिए लाया गया है. यह हिंदुस्तान में फेफड़ों के कैंसर का सबसे आम प्रकार माना जाता है. पहले इस इलाज के लिए मरीजों को नसों के जरिए दवा चढ़ाई जाती थी, जिसमें कई घंटे लगते थे. लेकिन अब यही दवा इंजेक्शन के रूप में दी जाएगी और पूरा प्रोसेस करीब 7 मिनट में पूरा हो जाएगा.  कैसे करता है काम? इस इंजेक्शन में atezolizumab नाम की दवा इस्तेमाल की गई है. यह शरीर में मौजूद PD-L1 नाम के एक प्रोटीन को ब्लॉक करती है. असल में कैंसर कोशिकाएं इसी प्रोटीन का इस्तेमाल करके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता से छिप जाती हैं. जब यह प्रोटीन ब्लॉक होता है तो शरीर की इम्यून सिस्टम कैंसर सेल्स को पहचानकर उन पर हमला कर पाती है. डॉक्टरों का कहना है कि जिन मरीजों के ट्यूमर में PD-L1 का स्तर ज्यादा होता है, उन्हें इस इलाज से बेहतर फायदा मिल सकता है. किन मरीजों को मिलेगा फायदा? यह इलाज हर मरीज के लिए नहीं है. डॉक्टर पहले जांच करेंगे कि मरीज के कैंसर सेल्स में PD-L1 प्रोटीन कितना है. माना जा रहा है कि NSCLC के करीब आधे मरीज इस इलाज के लिए योग्य हो सकते हैं. डॉक्टर मरीज की हालत देखकर इसे अलग से भी दे सकते हैं और जरूरत पड़ने पर दूसरी थेरेपी के साथ भी इस्तेमाल किया जा सकता है. कीमत क्यों बनी चिंता? जहां यह इलाज राहत लेकर आया है, वहीं इसकी कीमत ने चिंता बढ़ा दी है. एक डोज की कीमत करीब 3.7 लाख रुपये है और कई मरीजों को लगभग 6 डोज की जरूरत पड़ सकती है. यानी कुल खर्च कई लाख रुपये तक पहुंच सकता है, जो आम परिवारों के लिए काफी भारी है. कंपनी ने मरीजों की मदद के लिए “Blue Tree” नाम का सहायता कार्यक्रम शुरू किया है. इसके अलावा इसे Central Government Health Scheme (CGHS) में भी शामिल किया गया है, जिससे कुछ मरीजों को राहत मिल सकती है.  ये भी पढ़ें: फूड सेक्टर में वंतारा की एंट्री! लॉन्च किया प्रीमियम आइसक्रीम ब्रांड ‘Vantara Creamery’ जानें कीमत और फ्लेवर The post 7 मिनट में लंग कैंसर का इलाज, एक शॉट पड़ेगा ₹3.7 लाख का appeared first on Naya Vichar.

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आईपीएल को आज अलविदा कहेंगे माही? संन्यास पर वायरल हुआ पुराना वीडियो 

MS Dhoni: आईपीएल 2026 का 63वां मैच चेन्नई सुपर किंग्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में स्पोर्ट्सा जाएगा. चेन्नई की टीम के लिए यह मुकाबला बहुत भावुक और महत्वपूर्ण होने वाला है. प्लेऑफ की रेस में बने रहने के लिए चेन्नई सुपर किंग्स को यह मैच हर हाल में जीतना होगा. माना जा रहा है कि महान कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का यह आखिरी आईपीएल मैच हो सकता है. धोनी ने पहले ही कहा था कि वह अपना आखिरी मैच चेन्नई के घरेलू मैदान (चेपॉक) पर ही स्पोर्ट्सेंगे. चेन्नई में जिस तरह की हलचल है, उसे देखकर लग रहा है कि धोनी आज अपने फैंस के सामने क्रिकेट को अलविदा कह सकते हैं. The last match at Chepauk, Chennai.Might be @msdhoni last game ever 😞 pic.twitter.com/zURWBfYm2m — Daniel. (@DanielManthri) May 17, 2026 2021 का पुराना बयान वायरल हैदराबाद के होने वाले मुकाबले से पहले महेंद्र सिंह धोनी का 2021 में दिया गया एक पुराना बयान फैंस के बीच चर्चा में है. बयान में धोनी ने कहा था कि “मैंने हमेशा अपने क्रिकेट की प्लानिंग की है. मेरा आखिरी टी20 मैच चेन्नई में ही होगा. अब चाहे वह अगले साल हो या पांच साल बाद, मुझे नहीं पता.” संयोग से अब ठीक पांच साल बाद (2026 में) प्रशंसकों को लग रहा है कि वह पल आ गया है और ‘थाला’ अपने उसी वादे के मुताबिक चेन्नई के मैदान पर अपना आखिरी मैच स्पोर्ट्स सकते हैं. क्यों लग रहा है यह धोनी का आखिरी मैच दरअसल, धोनी इस पूरे सीजन में चोट की वजह से एक भी मैच नहीं स्पोर्ट्स पाए हैं. इसके अलावा, आने वाली 7 जुलाई को वह 45 साल के हो जाएंगे. इस उम्र और फिटनेस को देखते हुए अगले सीजन में उनका स्पोर्ट्सना नामुमकिन लग रहा है. इस सीजन में चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में 18 मई,2026 के बाद आईपीएल का कोई और मैच नहीं होना है. धोनी ने साल 2021 में चेन्नई के मैदान पर ही विदा लेने की बात कही थी. चेन्नई में कैसा है माहौल रविवार (17 मई) की शाम ठीक 6:30 बजे, धोनी पैड पहनकर एमए चिदंबरम स्टेडियम के ड्रेसिंग रूम से बाहर आए. इसके बाद सबसे पहले उन्होंने बिना किसी ट्रेनर के इंडोर एरिना में वार्म-अप और कुछ स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज की. फिर वे अपनी बल्लेबाजी की बारी के लिए करीब 15 मिनट तक रुके रहे. उसके बाद उन्होंने प्रशांत वीर के साथ नेट पर पूरे 30 मिनट तक बल्लेबाजी का अभ्यास किया. इस दौरान उन्होंने थ्रोडाउन स्पेशलिस्ट और स्पिनर गेंदबाजों की गेंदों का सामना किया. अभ्यास खत्म करने के बाद, रात को ठीक 7:30 बजे वे वापस ड्रेसिंग रूम में लौट गए. The post आईपीएल को आज अलविदा कहेंगे माही? संन्यास पर वायरल हुआ पुराना वीडियो  appeared first on Naya Vichar.

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210 मिनट में 250 सवाल, देखें बिहार में सिविल जज का एग्जाम पैटर्न

BPSC 33rd Civil Judge Pre Exam: बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन यानी BPSC ने 33वीं सिविल जज भर्ती परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी है. बिहार में सिविल जज भर्ती परीक्षा के माध्यम से कुल 173 खाली पदों पर भर्तियां होने वाली हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि सिविल जज भर्ती परीक्षा (BPSC 33rd Civil Judge Pre Exam) किस पैटर्न पर होगी और इसमें कितने सवाल पूछे जाएंगे. BPSC 33rd Civil Judge Pre Exam: देखें एग्जाम पैटर्न BPSC Civil Judge Preliminary Exam में उम्मीदवारों को कुल 250 सवाल हल करने होंगे. परीक्षा दो पेपर में आयोजित होगी. पहला पेपर General Studies यानी सामान्य अध्ययन का होगा. इसमें 100 सवाल पूछे जाएंगे और इसके लिए उम्मीदवारों को 1 घंटा 30 मिनट यानी 90 मिनट का समय मिलेगा. दूसरा पेपर Law यानी विधि विषय का होगा. इसमें कुल 150 सवाल होंगे और परीक्षा की अवधि 2 घंटे यानी 120 मिनट रहेगी. अगर दोनों पेपर का समय जोड़ें तो उम्मीदवारों को कुल 210 मिनट में 250 सवाल हल करने होंगे. यही वजह है कि इस परीक्षा में स्पीड और एक्यूरेसी दोनों बेहद जरूरी मानी जाती हैं. सब्जेक्ट वाइज MCQs सवाल प्रारंभिक परीक्षा पूरी तरह Objective Type यानी बहुविकल्पीय सवालों (MCQs) पर आधारित होगी. हर सवाल के चार विकल्प दिए जाएंगे, जिनमें से एक सही उत्तर चुनना होगा. इस परीक्षा के जरिए सिर्फ स्क्रीनिंग की जाएगी. प्रीलिम्स में सफल उम्मीदवार ही आगे मुख्य परीक्षा के लिए बुलाए जाएंगे. क्रम संख्या विषय का नाम 1 साक्ष्य एवं प्रक्रिया विधि 2 हिंदुस्तान की संवैधानिक एवं प्रशासनिक विधि 3 हिंदू विधि एवं मुस्लिम विधि 4 संपत्ति अंतरण विधि 5 समता के सिद्धांत एवं न्याय विधि 6 अनुबंध एवं अपकृत्य विधि 7 वाणिज्यिक विधि BPSC के अनुसार अनारक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को प्रारंभिक परीक्षा में कम से कम 45 प्रतिशत अंक लाने होंगे. वहीं आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक तय किए गए हैं. यह भी पढ़ें: CA की पढ़ाई में AI की एंट्री, बैलेंस शीट के साथ सीखना होगा टेक्नोलॉजी का स्पोर्ट्स The post 210 मिनट में 250 सवाल, देखें बिहार में सिविल जज का एग्जाम पैटर्न appeared first on Naya Vichar.

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