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June 8, 2026

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धनबाद में रिटायर्ड बीसीसीएल कर्मचारी के पीएफ से 35.5 लाख की ठगी, अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठा परिवार

धनबाद से प्रतीक पोपट की रिपोर्ट PF Fraud: धनबाद में बीसीसीएल से सेवानिवृत्त कर्मी की जीवनभर की जमा-पूंजी ठगी का शिकार हो गई. लोयाबाद थाना क्षेत्र के रहने वाले रिटायर बीसीसीएल कर्मी वासदेव ठाकुर ने आरोप लगाया है कि उनके पीएफ खाते से फर्जी हस्ताक्षर और चेक के जरिए 35 लाख 50 हजार रुपये की अवैध निकासी कर ली गई है. मामले में बैंक कर्मचारियों और दलालों की मिलीभगत का आरोप लगाते हुए पीड़ित परिवार सोमवार से रणधीर वर्मा चौक पर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठ गया है. परिवार की मांग है कि ठगी गई पूरी राशि वापस दिलाई जाए और मामले में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए. फर्जी चेक और जाली हस्ताक्षर से निकासी भुक्तभोगी वासदेव ठाकुर के अनुसार, अक्टूबर 2025 में बीसीसीएल से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्हें पीएफ मद में 35.5 लाख रुपये प्राप्त हुए थे. आरोप है कि कुछ लोगों ने फर्जी चेक और जाली हस्ताक्षर के माध्यम से उनके खाते से पूरी रकम निकाल ली. मामले की जानकारी मिलने के बाद बैंक मोड़ थाना में शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके बाद जांच शुरू हुई. जांच के दौरान 3.5 लाख की रिकवरी जांच के दौरान पुलिस ने करीब 3.5 लाख रुपये की राशि रिकवर करने में सफलता हासिल की. हालांकि, पीड़ित परिवार का कहना है कि शेष लगभग 32 लाख रुपये अब तक बरामद नहीं हो सके हैं. आरोप है कि ठगी की रकम का बड़ा हिस्सा मणिपुर और तेलंगाना के विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया है. परिवार का कहना है कि कई महीने बीत जाने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिला, जिसके कारण उन्हें अनिश्चितकालीन अनशन का रास्ता अपनाना पड़ा. इसे भी पढ़ें: हजारीबाग के 500 आउटसोर्सिंग कर्मियों को तीन महीने से वेतन नहीं, परेशानी बढ़ी पीड़ित परिवार ने की निष्पक्ष जांच की मांग अनशन पर बैठे परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि मामले में शामिल दलालों, बैंक कर्मियों और अन्य आरोपियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर उन्हें सख्त सजा दिलाई जाए. साथ ही, ठगी गई पूरी राशि वापस कराने के लिए ठोस कार्रवाई की जाए. परिवार का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा. अब देखना यह होगा कि पीड़ित परिवार के आंदोलन के बाद प्रशासन और जांच एजेंसियां इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करती हैं और सेवानिवृत्त कर्मी की मेहनत की कमाई वापस दिलाने में कितनी सफल होती हैं. इसे भी पढ़ें: Rajya Sabha Election: परिमल नाथवानी, बैद्यनाथ राम और प्रणव झा ने नामांकन किया दाखिल, जीत के किए दावे The post धनबाद में रिटायर्ड बीसीसीएल कर्मचारी के पीएफ से 35.5 लाख की ठगी, अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठा परिवार appeared first on Naya Vichar.

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भारत ने दर्ज की अपने टेस्ट इतिहास की सबसे बड़ी जीत, अफगानिस्तान को पारी और 300 रन से रौंदा

IND vs AFG : अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मुकाबले में हिंदुस्तान ने अपनी सबसे बड़ी जीत हासिल कर ली है. हिंदुस्तान ने अफगानिस्तान को पारी और 300 रनों से करारी शिकस्त दी है. इस जीत के साथ हिंदुस्तान ने अपने टेस्ट इतिहास की सबसे बड़ी जीत हासिल कर ली है. मुल्लांपुर में स्पोर्ट्से गए मुकाबले में हिंदुस्तानीय टीम ने पहली पारी 8 विकेट पर 564 रन बनाकर घोषित की. कप्तान शुभमन गिल ने 126 रन बनाए, जबकि केएल राहुल ने 10O रन की पारी स्पोर्ट्सी. साई सुदर्शन ने 81, ऋषभ पंत ने 81 और वॉशिंगटन सुंदर ने नाबाद 52 रन का योगदान दिया. अफगानिस्तान की ओर से मोहम्मद सलीम सफी सबसे सफल गेंदबाज रहे और उन्होंने 6 विकेट लिए. पहली पारी में सुथार ने तोड़ी अफगानिस्तान की कमर जवाब में अफगानिस्तान की पहली पारी 152 रन पर सिमट गई. हिंदुस्तानीय गेंदबाजों ने शुरुआत से दबाव बनाए रखा. टेस्ट डेब्यू कर रहे बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार ने 33 रन देकर 6 विकेट झटकते हुए अफगान बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी. रहमत शाह टीम के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे, लेकिन बड़ी साझेदारी नहीं बन सकी. फॉलोऑन के बाद भी नहीं बच सकी हार 412 रन से पिछड़ने के बाद अफगानिस्तान को फॉलोऑन स्पोर्ट्सना पड़ा. दूसरी पारी में भी टीम संघर्ष करती नजर आई और 112 रन पर ऑलआउट हो गई. रहमत शाह ने 60 रन बनाए और मैच में अफगानिस्तान के सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे. हिंदुस्तान की ओर से वांशिंगटन सुंदर ने 4 विकेट झटके, जबकि अन्य गेंदबाजों ने भी अहम योगदान दिया. हिंदुस्तान की सबसे बड़ी टेस्ट जीत अफगानिस्तान की दूसरी पारी समाप्त होते ही हिंदुस्तान ने पारी और 300 रन से मुकाबला जीत लिया. यह टेस्ट क्रिकेट में हिंदुस्तान की सबसे बड़ी जीत है. डेब्यू मैच में 6 विकेट लेने वाले मानव सुथार टीम इंडिया की जीत के सबसे बड़े नायक रहे. हिंदुस्तान की पारी और रनों के अंतर से सबसे बड़ी जीत पारी और 300 रन बनाम अफ़गानिस्तान, मुलानपुर, 2026* पारी और 272 रन बनाम वेस्टइंडीज़, राजकोट, 2018 पारी और 262 रन बनाम अफ़गानिस्तान, बेंगलुरु, 2018 पारी और 239 रन बनाम बांग्लादेश, मीरपुर, 2007 पारी और 239 रन बनाम श्रीलंका, नागपुर, 2017 यह भी पढ़ें: चेयरमैन जय शाह ने पाक खिलाड़ी से मिलाया हाथ, तस्वीर हुई वायरल The post हिंदुस्तान ने दर्ज की अपने टेस्ट इतिहास की सबसे बड़ी जीत, अफगानिस्तान को पारी और 300 रन से रौंदा appeared first on Naya Vichar.

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Ramgarh: दीपिका दास राय ने बढ़ाया जिले का मान, नेशनल मास्टर्स एथलेटिक्स में जीता सिल्वर मेडल

रामगढ़ से भागीरथ महतो की रिपोर्टRamgarh: रामगढ़ के शास्त्री नगर निवासी दीपिका दास राय ने नेशनल विमेंस मास्टर्स एथलेटिक्स प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए जिले का मान बढ़ाया है. गोवा में आयोजित नेशनल विमेंस मास्टर्स एथलेटिक्स प्रतियोगिता में दीपिका दास राय ने हैमर थ्रो इवेंट में दूसरा स्थान हासिल कर सिल्वर मेडल अपने नाम किया. पहले भी कर चुकी हैं शानदार प्रदर्शन इससे पहले नवंबर 2025 में जमशेदपुर में आयोजित प्रदेश स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में दीपिका दास राय दो गोल्ड, एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी हैं. सिल्वर जीतने पर खुशी की लहर नेशनल स्तर पर सिल्वर मेडल जीतने के बाद उनके समर्थकों और क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल है. रामगढ़ में उनका स्वागत भी किया गया. आगे एशियन स्तर पर स्पोर्ट्सने का लक्ष्य दीपिका दास राय ने कहा कि वह आगे भी अपना स्पोर्ट्स जारी रखेंगी और एशियन स्तर पर स्पोर्ट्सकर गोल्ड मेडल जीतना उनका लक्ष्य है. जिले में सुविधाओं की कमी, ग्राउंड की मांग उन्होंने बताया कि रामगढ़ जिले में थ्रो इवेंट के लिए समुचित ग्राउंड नहीं है, जिसके कारण उन्हें वेस्ट बोकारो घाटो और कभी-कभी जमशेदपुर जाकर अभ्यास करना पड़ता है. उन्होंने जिला प्रशासन से खिलाड़ियों के लिए थ्रो ग्राउंड उपलब्ध कराने की मांग की है. ये भी पढ़ें… Ramgarh: काफिला रोक मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने दिखाई मानवता, घायल मां-बेटे की बचाई जान Ramgarh: वज्रपात और तेज आंधी-बारिश का कहर, युवक की मौत, कई जगह गिरे पेड़ The post Ramgarh: दीपिका दास राय ने बढ़ाया जिले का मान, नेशनल मास्टर्स एथलेटिक्स में जीता सिल्वर मेडल appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में अब एक और परीक्षा रद्द करने की मांग तेज, गांधी मैदान में अभ्यर्थियों का प्रदर्शन

Patna News: (अंबर की रिपोर्ट) बिहार में पेपर लीक का जिन्न एक बार फिर बाहर आ गया है. बिहार पुलिस अवर निरीक्षक (दरोगा) मुख्य परीक्षा 2026 में पेपर लीक के आरोपों को लेकर प्रभावित अभ्यर्थियों का गुस्सा सातवें आसमान पर है. इस मामले को लेकर सोमवार को सैकड़ों की संख्या में अभ्यर्थियों ने राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में एकत्रित होकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. हाथों में तख्तियां लिए छात्रों ने बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शनकारी छात्रों ने प्रशासन से इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) गठित करने और मुख्य परीक्षा को अविलंब रद्द कर नए सिरे से परीक्षा आयोजित करने की पुरजोर मांग की है. प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का सीधा आरोप है कि आयोग ने बीते 3 जून 2026 को जो आधिकारिक नोटिस जारी किया था, उसमें पूर्णिया और गया जिले में सामने आए संदिग्ध मामलों को पूरी तरह से दबा दिया गया. छात्रों का कहना है कि बिना किसी उच्चस्तरीय फॉरेंसिक जांच के इतनी बड़ी गड़बड़ी के मामले को आनन-फानन में रफा-दफा करने का प्रयास किया जा रहा है, जो राज्य के लाखों ईमानदार और मेहनती छात्रों के भविष्य के साथ सरासर खिलवाड़ है. पूर्णिया में वीक्षक ने खींची थी प्रश्न-पत्र की फोटो आक्रोशित अभ्यर्थियों ने पूर्णिया जिले के एक परीक्षा केंद्र का हवाला देते हुए प्रशासनिक चूक और मिलीभगत की पोल खोली. छात्रों ने बताया कि पूर्णिया के राजकीय कन्या उच्च विद्यालय केंद्र पर तैनात एक वीक्षक मृत्युंजय कुमार ने परीक्षा की अवधि के दौरान ही अपने मोबाइल से प्रश्न-पत्र की फोटो खींची थी. इसके बाद उसने उस फोटो को पटना में बैठे अपने एक रिश्तेदार को व्हाट्सएप के जरिए भेज दिया था. छात्रों ने सवाल उठाया कि जब यह मामला पूरी तरह ऑन-रिकॉर्ड है, तो बीपीएसएससी ने अपने हालिया नोटिस में पूर्णिया की इस गंभीर घटना का जिक्र तक क्यों नहीं किया? आयोग ने बिना किसी गहन तफ्तीश के इस परीक्षा को पूरी तरह ‘अप्रभावित’ घोषित कर दिया, जिससे आयोग की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में आ गई है. गया में सॉल्वर गैंग पर हुई थी कार्रवाई, प्रेस विज्ञप्ति में छुपाया गया सच पूर्णिया के अलावा गया जिले में भी परीक्षा के दौरान बड़ी गड़बड़ी की बात सामने आई है. प्रदर्शनकारियों के अनुसार, गया में स्थानीय जिला पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए परीक्षा को प्रभावित करने वाले एक हाईटेक सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़ किया था और कुछ लोगों पर दंडात्मक कार्रवाई भी की थी. लेकिन हैरानी की बात यह है कि बीपीएसएससी द्वारा जारी की गई आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में गया की इस पुलिसिया कार्रवाई का दूर-दूर तक कोई उल्लेख नहीं किया गया है. अभ्यर्थियों ने संयुक्त रूप से कहा कि पूर्णिया और गया दोनों ही जिलों के मामलों में आयोग का यह उदासीन और छुपाने वाला रवैया बेहद संदेहास्पद है. छात्रों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया और पारदर्शी तरीके से फॉरेंसिक जांच नहीं कराई, तो यह छात्र आंदोलन पटना से निकलकर पूरे बिहार के जिला मुख्यालयों तक फैलेगा. Also Read: ‘एक हिंदुस्तान श्रेष्ठ हिंदुस्तान युवा संगम’ के लिए बिहार के 50 युवा पंजाब रवाना, IIT पटना से मंत्री संजय कुमार ने दिखाई हरी झंडी The post बिहार में अब एक और परीक्षा रद्द करने की मांग तेज, गांधी मैदान में अभ्यर्थियों का प्रदर्शन appeared first on Naya Vichar.

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बिहार MLC चुनाव: दीपक प्रकाश ने नहीं किया नामांकन, मंत्री पद जाना तय! जानें 10 उम्मीदवारों के नाम

Bihar MLC Chunav: बिहार विधान परिषद की दस सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए नामांकन के आखिरी दिन सोमवार को दस दलीय उम्मीदवारों ने अपने नामांकन के परचे दाखिल किये. राजद ने अंतिम दिन पार्टी नेता सुनील कुमार सिंह को उम्मीदवार बनाया. सिंह के नामांकन के साथ ही सभी दस सीटों के लिए दस नामांकन हुए. दोपहर तीन बजे नामांकन का समय खत्म हो गया. खास बात यह कि पंचायती राज मंत्री और एनडीए के घटक राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश ने नामांकन नहीं किया. दीपक के नामांकन नहीं होने की स्थिति में 11 जून को नाम वापसी के निर्धारित समय खत्म हो जाने के बाद सभी उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा कर दी जायेगी. इसके पहले मंगलवार को नामांकन पत्रों की जांच होगी. मंत्री पद बच पाना मुश्किल पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश के नामांकन नहीं होने के कारण अब उनका लंबे समय तक मंत्री पद पर बने रहना मुश्किल होगा. नियमों के अनुसार किसी भी मंत्री को छह महीने के भीतर राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों में से किसी एक सदन का सदस्य बनना अनिवार्य होता है. दीपक प्रकाश दूसरी बार बिना किसी सदन के सदस्य बने सात मई को मंत्री पद की शपथ ली थी. मंत्री पद बचाये रखने के लिए अगले चार महीने में दीपक प्रकाश को किसी एक सदन का सदस्य हर हाल में बनना होगा. अगले छह महीने में विधान परिषद की कोई भी सीट खाली होती नहीं दिख रही है. ऐसी स्थिति में सबकी नजर उपेंद्र कुशवाहा के अगले कदम पर टिकी है. नामांकन करने वाले नेताओं के नाम दस सीटों के लिए भाजपा के संजय मयूख, पवन सिंह, अनिल कुमार ठाकुर और शीला पंडित ने सोमवार को नामांकन का पर्चा दाखिल किया. जदयू से पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की खाली सीट के लिए ललन प्रसाद ने नामांकन किया. जबकि तीन अन्य सीट के लिए स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, हिंदुस्तानी मेहता एवं शिवरानी देवी ने नामांकन दाखिल किया है. एनडीए की तीसरी घटक केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (आर) से अशरफ अंसारी एवं मुख्य विपक्षी दल राजद की ओर से सुनील कुमार सिंह ने अपना पर्चा दाखिल किया है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें दस उम्मीदवारों में आठ नये चेहरे, संजय मयूख और सुनील सिंह को मिला फिर से मौका विधान परिषद की दस सीटों के लिए जिन दस उम्मीदवारों ने अपना पर्चा दाखिल किया, उनमें आठ नये चहरे हैं. भाजपा के संजय मयूख को तीसरी बार और राजद के सुनील कुमार सिंह को दूसरी बार उच्च सदन जाने का मौका मिला है. इसे भी पढ़ें:  अनंत सिंह और गुंजन सिंह को राहत, कोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक बढ़ाई, अगली सुनवाई कब? The post बिहार MLC चुनाव: दीपक प्रकाश ने नहीं किया नामांकन, मंत्री पद जाना तय! जानें 10 उम्मीदवारों के नाम appeared first on Naya Vichar.

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RJD से सुनील सिंह की उम्मीदवारी पर रोहिणी भड़कीं, बोलीं- मक्कारी जिसकी फितरत उसे उम्मीदवार कैसे बनाया

Bihar MLC Election 2026: बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर नामांकन के आखिरी दिन आज सभी उम्मीदवार नॉमिनेशन के लिए पहुंच रहे हैं. महागठबंधन की ओर से राजद नेता सुनील कुमार सिंह ने नामांकन किया. इस पर अब लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य भड़कीं. उन्होंने एक्स के जरिए पोस्ट शेयर कर सवाल उठाया. जानिए रोहिणी ने अपने पोस्ट में क्या-क्या लिखा? रोहिणी ने अपने पोस्ट में लिखा, ‘गुटबाजी, भीतरघात, विश्वासघात, मक्कारी जिसकी फितरत, विरोधियों से जिसकी मिलीभगत, नजदीकियों की बात बता कर उगाही, वसूली करना जिसका धंधा, जो अपनी झूठी धौंस जताने के लिए पार्टी कार्यालय में पार्टी के कार्यकर्ताओं-पदाधिकारियों को सामने बिठा कर बहन – बेटियों के बारे में ओछी – अमर्यादित बातें है करता, उसको कैसे “उसके” ही द्वारा उम्मीदवार बना दिया गया’. आगे उन्होंने यह भी लिखा, ‘जिसे सामाजिक न्याय की लड़ाई को आगे ले जाने, पार्टी की बेहतरी की जिम्मेदारी लालू जी ने सौंपी ? समर्पित, निष्ठावान कार्यकर्ताओं नेताओं का टोंटा पड़ गया क्या ? ऐसे ही लोगों की वजह से वर्षों से मजबूती के साथ खड़े कार्यकर्ताओं-समर्थकों में विक्षोभ-असंतोष भी है और ऐसे ही लोगों की वजह से हुआ नुकसान भी दिख ही चुका है, बीते वर्ष के नवंबर के महीने में’. रोहिणी आचार्य इतने पर ही नहीं रुकीं. आगे उन्होंने यह भी लिखा, ‘पार्टी की स्थापना के समय से लेकर आज तक पार्टी के साथ मजबूती से खड़े एक नहीं अनेकों समर्पित, सम्मानित, जमीन से जुड़े कट्टर लालूवादी अल्पसंख्यक चेहरे हैं. यादव , दलित , पिछड़े व वंचित समाज से आने वाले वरिष्ठ व युवा लोग हैं, ऐसे लोगों की अनदेखी गंभीर चिंता का विषय है और पार्टी हित में तो कतई नहीं है’. गुटबाजी – भीतरघात – विश्वासघात , मक्कारी जिसकी फितरत , विरोधियों से जिसकी मिलीभगत , नजदीकियों की बात बता कर उगाही – वसूली करना जिसका धंधा, जो अपनी झूठी धौंस जताने के लिए पार्टी कार्यालय में पार्टी के कार्यकर्ताओं – पदाधिकारियों को सामने बिठा कर बहन – बेटियों के बारे में ओछी -… — Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) June 8, 2026 पहले भी नाराजगी जाहिर कर चुकीं हैं रोहिणी इस तरह से रोहिणी आचार्य ने तंज भरे लहजे में निशाना साधा. लेकिन यह पहली बार नहीं है जब रोहिणी आचार्य ने पार्टी के फैसले पर सवाल उठाया है. इससे पहले भी रोहिणी आचार्य की नाराजगी सामने आई है. रोहिणी आचार्य के इस पोस्ट के बाद आरजेडी के अंदर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. नामांकन के बाद क्या बोले सुनील सिंह? नामांकन दाखिल करने के बाद सुनील कुमार सिंह ने लालू प्रसाद को धन्यवाद कहा. साथ ही उन्होंने यह भी कहा, चाहे इस सदन में हमारी संख्या जितनी भी हो, आरजेडी का झंडा झुकने नहीं देंगे. मेरे नेता ने जो विश्वास जताया है, हम वादा करते हैं कि उस पर शत प्रतिशत खरा उतरेंगे. Also Read: बिहार MLC चुनाव: चमचमाती लैंड क्रूजर से नामांकन करने पहुंचे पवन सिंह, निशांत कुमार समेत इन नेताओं ने भी किया नॉमिनेशन The post RJD से सुनील सिंह की उम्मीदवारी पर रोहिणी भड़कीं, बोलीं- मक्कारी जिसकी फितरत उसे उम्मीदवार कैसे बनाया appeared first on Naya Vichar.

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ईरान न जाएं, जो वहां हैं तुरंत निकलें…  भारतीय दूतावास ने जारी की एडवाइजरी, फिर छिड़ी लड़ाई; तेजी से बिगड़ रहे हालात

India Advisory Iran Travel: पश्चिम एशिया में लगातार बिगड़ते सुरक्षा हालात के बीच हिंदुस्तान ने अपने नागरिकों के लिए अहम चेतावनी जारी की है. तेहरान स्थित हिंदुस्तानीय दूतावास ने सोमवार को एक नई और उच्च प्राथमिकता वाली एडवाइजरी जारी करते हुए हिंदुस्तानीय नागरिकों से ईरान की यात्रा पूरी तरह टालने की अपील की है. साथ ही जो हिंदुस्तानीय फिलहाल ईरान में मौजूद हैं, उन्हें उपलब्ध साधनों से जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह दी गई है. दूतावास की यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब पिछले 24 घंटों के दौरान पश्चिम एशिया में सैन्य गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं. क्षेत्र के कई शहरों में हमले, जवाबी हमले, हवाई कार्रवाई और मिसाइल हमलों की घटनाएं सामने आई हैं. हिंदुस्तानीय दूतावास ने अपने बयान में कहा, ‘क्षेत्र में हाल के घटनाक्रमों को देखते हुए दूतावास अपनी पहले जारी सलाह को दोहराता है कि सभी हिंदुस्तानीय नागरिक ईरान की यात्रा से बचें. जो हिंदुस्तानीय वर्तमान में ईरान में हैं, वे उपलब्ध परिवहन साधनों का उपयोग कर जल्द से जल्द देश से बाहर निकल जाएं.’ pic.twitter.com/jWFDrdsAlz — India in Iran (@India_in_Iran) June 8, 2026 24 घंटे में तेजी से बदले हालात सोमवार को इजरायल और ईरान के बीच एक बार फिर सीधा सैन्य टकराव देखने को मिला. दोनों देशों ने एक-दूसरे पर हमले किए, जिससे पहले से लागू युद्धविराम पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है. यह संघर्ष ऐसे समय भड़का है जब दोनों देशों के बीच जारी तनाव के 100 दिन पूरे हुए हैं. बेरूत पर हमले के बाद बढ़ा तनाव मौजूदा संकट की शुरुआत रविवार को हुई, जब इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में हवाई हमले किए. इसके बाद ईरान ने इजरायल पर मिसाइल हमला कर जवाब दिया. स्थिति तब और गंभीर हो गई जब सोमवार को दोनों देशों के बीच फिर से हमले और जवाबी हमले शुरू हो गए. रिपोर्टों के मुताबिक, इजरायल ने एक ईरानी पेट्रोकेमिकल परिसर को निशाना बनाया, जबकि ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया कि उसने इजरायल के दो सैन्य ठिकानों पर हमला किया है. लाल सागर में भी बढ़ा खतरा क्षेत्रीय तनाव सिर्फ जमीनी और हवाई मोर्चों तक सीमित नहीं रहा. ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में इजरायली जहाजों के प्रवेश पर रोक लगाने की घोषणा कर दी है. ‘द जेरूसलम पोस्ट’ की रिपोर्ट के अनुसार यह कदम दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक पर सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ा सकता है. इसका असर वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ सकता है. ट्रंप की शांति कोशिशों को झटका बढ़ते संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार दोनों पक्षों को संयम बरतने की सलाह दे रहे हैं. ट्रंप की कोशिश है कि ईरान के साथ एक व्यापक परमाणु समझौते के जरिए क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित की जा सके. हालांकि, हालिया हमलों ने उनकी कूटनीतिक कोशिशों को बड़ा झटका दिया है. ट्रंप ने पहले दावा किया था कि क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर अंतिम फैसला वही लेते हैं. उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था, ‘फैसले मैं करता हूं. अंतिम निर्णय मेरा होता है.’ ये भी पढ़ें:- ‘अब बहुत हो गया…’ इंटरव्यू के बीच पत्रकार पर भड़के डोनाल्ड ट्रंप ने छोड़ा कार्यक्रम, कहा- तुम या भ्रष्ट हो या स्टुपिड ये भी पढ़ें:- कौन हैं क्रिस्टेन वेल्कर? जिनके सवालों से तिलमिलाए ट्रंप; कहा- तुम भ्रष्ट हो या बेवकूफ, इंटरव्यू छोड़कर भागे नेतन्याहू से फोन पर की बातचीत रिपोर्टों के मुताबिक, ईरानी मिसाइल हमलों के बाद ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से तुरंत फोन पर बातचीत की. अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट एक्सियोस ने एक अधिकारी के हवाले से बताया कि ट्रंप ने नेतन्याहू से आगे सैन्य कार्रवाई से बचने को कहा. बताया गया कि ट्रंप का मानना था कि दोनों पक्ष समझौते के बेहद करीब हैं और इस समय कोई भी बड़ा हमला शांति प्रक्रिया को नुकसान पहुंचा सकता है. ‘अब काफी हो गया, बातचीत की मेज पर लौटिए’ फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने हमलों के समय को लेकर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा, ‘हम समझौते के बहुत करीब थे. मेरा मानना है कि सोमवार, मंगलवार या बुधवार तक समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते थे, लेकिन तभी यह सब हो गया.’ ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व से सीधे अपील करते हुए कहा, ‘आपने अपनी मिसाइलें दाग दीं, अब इतना काफी है. बातचीत की मेज पर लौटिए और समझौता कीजिए.’ ANI के इनुपुट के साथ. The post ईरान न जाएं, जो वहां हैं तुरंत निकलें…  हिंदुस्तानीय दूतावास ने जारी की एडवाइजरी, फिर छिड़ी लड़ाई; तेजी से बिगड़ रहे हालात appeared first on Naya Vichar.

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Rajya Sabha Election: परिमल नाथवानी, बैद्यनाथ राम और प्रणव झा ने नामांकन किया दाखिल, जीत के किए दावे

रांची से सतीश कुमार की रिपोर्ट Rajya Sabha Election: झारखंड में राज्यसभा की रिक्त सीटों के लिए चल रही चुनावी सरगर्मी के बीच सोमवार को नामांकन का दौर जारी रहा. परिमल नाथवानी ने निर्दलीय, बैद्यनाथ राम ने झामुमो और प्रणव झा ने कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. तीनों प्रत्याशियों ने दो-दो सेटों में अपना नामांकन पत्र सौंपा. मैं बाहरी नहीं, झारखंड का काम बोलता है: परिमल नाथवानी निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल करने के बाद परिमल नाथवानी ने अपनी जीत के प्रति पूर्ण विश्वास जताया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ उनकी लगातार बातचीत होती रही है अपने ऊपर लगने वाले ‘बाहरी’ होने के आरोपों का खंडन करते हुए नाथवानी ने कहा, “मैं बाहरी नहीं हूं. मैंने पिछले 12 वर्षों तक राज्यसभा सांसद के रूप में झारखंड के लिए काम किया है. यहां के लोग मेरी कार्यशैली और कार्यों से भली-भांति परिचित हैं.” उल्लेखनीय है कि एनडीए के 20 विधायकों ने उनके प्रस्तावक के रूप में हस्ताक्षर किए हैं. इसे भी पढ़ेंं: टीचर की नौकरी छोड़ नेतृत्व में आए बैद्यनाथ राम, अब राज्यसभा लहराएंगे पचरम झामुमो और कांग्रेस की सक्रियता बढ़ी नामांकन प्रक्रिया में सत्ताधारी गठबंधन के घटक दल भी पूरी तरह सक्रिय दिखे. झामुमो प्रत्याशी बैद्यनाथ राम ने नामांकन के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि उनकी प्राथमिकता झारखंड के हितों की रक्षा करना और राज्य के विकास के लिए काम करना होगा. वहीं, कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा के नामांकन में राजद की महत्वपूर्ण भूमिका दिखी. राजद के तीन विधायकों ने प्रणव झा के प्रस्तावक के रूप में हस्ताक्षर किए, जो महागठबंधन की एकजुटता को दर्शाता है. इस नामांकन के बाद राज्य में नेतृत्वक समीकरणों पर अब सबकी निगाहें टिकी हैं. चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ ही अब जोड़-तोड़ और समर्थन जुटाने की कवायद और तेज होने की संभावना है. इसे भी पढ़ें: झामुमो ने बैद्यनाथ राम को बनाया राज्यसभा उम्मीदवार, दूसरे प्रत्याशी की घोषणा बाकी The post Rajya Sabha Election: परिमल नाथवानी, बैद्यनाथ राम और प्रणव झा ने नामांकन किया दाखिल, जीत के किए दावे appeared first on Naya Vichar.

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धूप में बैठने का समय नहीं मिलता? डाइट में शामिल करें ये 5 चीजें, शरीर में नहीं होगी विटामिन-D की कमी

Vitamin D Rich Foods: हमारे शरीर को अंदर से स्ट्रॉन्ग और हेल्दी रखने में विटामिन्स की भूमिका काफी अहम होती है. जब बात सबसे जरूरी विटामिन की होती है तो उसमें विटामिन-D का नाम जरूर आता है. अक्सर हम इसे सनशाइन विटामिन भी कहते हैं, क्योंकि यह हमें सूर्य की किरणों से फ्री में ही मिल जाता है. आज की इस बड़ी लाइफस्टाइल में, जहां हम अपना ज्यादातर समय ऑफिस के बंद कमरों में बिताने लग गए हैं, धूप का मिलना काफी ज्यादा कठिन हो गया है. नतीजा यह हो रहा है कि देखते ही देखते शरीर में इसकी कमी होने लग जा रही है. अगर शरीर में विटामिन-D की कमी हो जाए, तो इसकी वजह से हर वक्त बदन दर्द, कमजोरी और थकान की समस्या होने लग जाती है. अगर आप भी किसी कारण से धूप नहीं ले पा रहे हैं, तो आपको टेंशन लेने की जरूरत बिलकुल भी नहीं है. आज हम आपको कुछ ऐसी सिंपल चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें आप अपनी डाइट में शामिल करके विटामिन-D के लेवल को शरीर में काफी आसानी से और बिना किसी सप्लीमेंट के बढ़ा सकेंगे. तो चलिए इन ,फूड आइटम्स के बारे में विस्तार से जानते हैं. हर दिन पीएं गाय का दूध आपको शायद यह जानकर हैरानी हो लेकिन गाय का दूध कैल्शियम के साथ-साथ विटामिन-D का एक बेहद आसान और नेचुरल सोर्स है. हिंदुस्तान के लगभग हर किचन में दूध का इस्तेमाल रोजाना होता है. अगर आप सुबह के नाश्ते में या रात को सोने से पहले एक ग्लास हल्का गर्म गाय का दूध पीने की आदत डालते हैं, तो इससे हड्डियों को मजबूती मिलती है और दांतों की सेहत भी बेहतर होती है. वेजिटेरियन लोगों के लिए यह शरीर की न्यूट्रिशनल जरूरतों को पूरा करने का सबसे आसान तरीका है. अंडे का पीला हिस्सा भी है फायदेमंद संडे हो या मंडे रोज खाओ अंडेजो, यह कहना कहीं से भी गलत नहीं है क्यंकि जो लोग अंडा खाना पसंद करते हैं, उनके लिए विटामिन-D की कमी को दूर करना और भी आसान हो जाता है. अक्सर लोग फिटनेस या वजन घटाने के चक्कर में सिर्फ एग व्हाइट खाते हैं और पीले हिस्से को डस्टबिन में डाल देते हैं. लेकिन सच यह है कि अंडे के पीले वाले हिस्से में ही सबसे ज्यादा विटामिन-D और गुड फैट्स मौजूद होते हैं. अपनी डाइट में रोजाना एक पूरा उबला हुआ अंडा शामिल करने से शरीर की इम्युनिटी भी स्ट्रॉन्ग होती है. वेजिटेरियन लोग डाइट में शामिल करें मशरूम अगर आप पूरी तरह से वेजिटेरियन हैं और अंडे-मछली खाने से बचते हैं, तो मशरूम आपकी डाइट के लिए एक शानदार ऑप्शन है. मशरूम पौधों की केटेगरी में इकलौती ऐसी चीज है, जिसमें नैचुरली विटामिन-D पाया जाता है. दरअसल, मशरूम भी इंसानों की तरह धूप के कॉन्टैक्ट में आने पर विटामिन-D का प्रोडक्शन करते हैं. आप अगर चाहें तो हफ्ते में दो से तीन बार मशरूम की सब्जी, सूप या इसे सलाद के रूप में अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं. डाइट में जरूर शामिल करें फैटी फिश जिन लोगों को नॉन-वेज खाना अच्छा लगता है उन लोगों के लिए सी-फूड विटामिन-D का एक पावरहाउस है. साल्मन, टूना और मैकेरल जैसी फैटी मछलियों में विटामिन-D भरपूर मात्रा में पाया जाता है. इसके अलावा, इनमें ओमेगा-3 फैटी एसिड भी भरपूर मात्रा में होता है, जो हमारे दिल और दिमाग को दुरुस्त रखने में मददगार है. अगर इसका सेवन हफ्ते में एक या दो बार ही किया जाए तो शरीर में विटामिंस का बैलेंस सही बना रहता है. फोर्टिफाइड फूड आइटम्स अगर आपको नेचुरल सोर्स से विटामिन-D सही मात्रा नहीं मिल रहा है, तो ऐसे में बाजार में मिलने वाले फोर्टिफाइड फूड्स एक बेहतरीन ऑप्शन हैं. आजकल कई कंपनियों के ग्रेन्स जैसे कि ओट्स या कॉर्नफ्लेक्स, सोया मिल्क, और संतरे के जूस में ऊपर से अलग से विटामिन-D मिक्स किया जाता है. सुबह के नाश्ते के लिए ये चीजें बेहद ही फायदेमंद मानी जाती हैं. बस खरीदते समय पैकेट पर लिखे न्यूट्रिशनल फैक्ट्स यानी कि लेबल्स को एक बार जरूर देख लें. ये भी पढ़ें: डायबिटीज के मरीजों के लिए कितना फायदेमंद है जामुन? यहां जानिए आसान भाषा में The post धूप में बैठने का समय नहीं मिलता? डाइट में शामिल करें ये 5 चीजें, शरीर में नहीं होगी विटामिन-D की कमी appeared first on Naya Vichar.

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बिहार MLC चुनाव: चमचमाती लैंड क्रूजर से नामांकन करने पहुंचे पवन सिंह, निशांत कुमार समेत इन नेताओं ने भी किया नॉमिनेशन

Bihar MLC Election 2026: बिहार में विधान परिषद चुनाव होने वाला है. इसे लेकर आज नामांकन के आखिरी दिन कई उम्मीदवारों ने नॉमिनेशन किया. एनडीए की बात करें तो, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार विधानसभा संजय झा के साथ पहुंचे. विधानसभा में उन्होंने चुनाव के लिए नामांकन किया. साथ ही उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, विधान परिषद सदस्य के रूप में नामांकन दाखिल करने आया हूं. पार्टी ने जो मुझ पर विश्वास जताया है, उसके लिए धन्यवाद. पिताजी ने जो विकसित बिहार का सपना देखा है, उसे पूरा करूंगा. विधानसभा में पवन सिंह ने किया नामांकन इसके साथ ही बीजेपी नेता और पावर स्टार पवन सिंह ने भी आज नामांकन किया. पवन सिंह अपनी लगभग 2.5 करोड़ रुपये की लग्जरीयस लैंड क्रूजर गाड़ी से विधानसभा पहुंचे थे. इस वजह से कई लोगों का ध्यान उन्होंने अपनी ओर आकर्षित किया. साथ ही इस दौरान उनके समर्थकों और अन्य नेताओं की भी भारी भीड़ दिखी. पवन सिंह के साथ उनके बड़े भाई गुड्डू सिंह भी पहुंचे थे. इस दौरान पवन सिंह के नामांकन पर उन्होंने कहा कि बहुत अच्छा लग रहा है. साथ ही उन्होंने बीजेपी को धन्यवाद भी कहा. लेकिन मीडिया से पवन सिंह ने कोई बातचीत नहीं की. इसके अलावा एनडीए के कई उम्मीदवारों ने नामांकन किया. विधानसभा में कई बड़े नेताओं की रही मौजूदगी एनडीए के सभी उम्मीदवार आज नामांकन करेंगे. कुछ उम्मीदवारों ने नामांकन कर दिया है जबकि कुछ उम्मीदवार थोड़ी देर में करेंगे. ऐसे में सीएम सम्राट चौधरी, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और चिराग पासवान समेत बिहार प्रशासन के अन्य मंत्री मौजूद रहे. जबकि महागठबंधन की ओर से किसी भी बड़े नेता की मौजूदगी नहीं दिखी. महागठबंधन की ओर से आज सुबह सुनील कुमार सिंह अकेले नामांकन करने पहुंचे थे. दीपक प्रकाश को लेकर क्या बोले मंत्री? आज MLC चुनाव को लेकर सभी उम्मीदवार अपना नामांकन कर रहें हैं, जिसमें NDA के 9 उम्मीदवार हैं और राजद के एक उम्मीदवार हैं. लेकिन मंत्री दीपक प्रकाश का नाम नहीं होने पर जेडीयू से बिहार प्रशासन के मंत्री श्रवण कुमार ने गेंद बीजेपी के पाले में फेंक दिया. मंत्री श्रवण कुमार ने दीपक प्रकाश के नाम को लेकर कहा कि यह फैसला बीजेपी को करना था लेकिन बीजेपी ने उनका नाम एनडीए उम्मीदवार की लिस्ट में नहीं दिया है. Also Read: सीएम सम्राट ने आज बुलाई कैबिनेट की बैठक, इन प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर The post बिहार MLC चुनाव: चमचमाती लैंड क्रूजर से नामांकन करने पहुंचे पवन सिंह, निशांत कुमार समेत इन नेताओं ने भी किया नॉमिनेशन appeared first on Naya Vichar.

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