जम्मू-कश्मीर में मानसून का कहर: भारी बारिश और भूस्खलन से 11 की मौत, कई लापता
Jammu Kashmir Heavy Rain: भारी बारिश की वजह से सबसे अधिक तबाही पुंछ जिले की सुरनकोट तहसील में हुई. लगातार बारिश और क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण राहत और बचाव कार्य प्रभावित हुआ है, हालांकि बचाव दल लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि जम्मू-कश्मीर में 23 जुलाई तक मध्यम से भारी बारिश के आसार हैं. भूस्खलन की चपेट आया घर, 8 लोग मलबे में दबे सुरनकोट के लोअर मुराह गांव में मूसलाधार बारिश के कारण रविवार को भूस्खलन की चपेट में एक मकान आ गया, जिससे उसमें रह रहे 8 लोग मलबे में दब गए. बचाव दल ने सोफियान यासिर (दो) समेत पांच लोगों के शव बरामद कर लिए हैं, जबकि शेष की तलाश जारी है. संगला गांव में अचानक आई बाढ़ में एक ही परिवार के 4 सदस्य बह गए. लापता लोगों में अब्दुल हमीद, उनकी पत्नी शरीफा बेगम, बेटी अरीबा और बहन मनीरा बेगम शामिल हैं. नूनाबंदी गांव में मकान ढहने से एक की मौत नूनाबंदी गांव में एक मकान ढहने से नाजिया कौसर (28) की मौत हो गई. उनके पति मोहम्मद हाफिज और दो से छह वर्ष की आयु के तीन बच्चों को मलबे से निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया. सुरनकोट के संगलानी क्षेत्र में मकान ढहने से शाहजैब अहमद (22) की मौत हो गई, जबकि मरहोट क्षेत्र में इरम नामक एक नाबालिग लड़की नाले में डूब गई. इसके अलावा, धुंधक लाथूंग पुल के निकट एक नाले से एक अज्ञात स्त्री का शव भी बरामद किया गया. पुंछ जिले की हवेली तहसील में लगभग छह मकान ढह जाने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया. जम्मू-कश्मीर के राजौरी में बारिश के कारण बाउंड्री वॉल गिरा, राहत-बचाव कार्य करते अधिकारी, फोटो एएनआई राजौरी में रातभर हुई बारिश, नदी में अचानक आई बाढ़ राजौरी में भी रातभर हुई मूसलाधार बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ के दौरान एक नदी से स्त्री का शव बरामद किया गया. निचले इलाकों में बाढ़ का पानी भर जाने के कारण सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा. नदियों और नालों के उफान पर आने तथा तटबंधों के टूटने से कई वाहन बह गए, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ. जम्मू और राजौरी में नदियों में फंसे 14 लोगों को सुरक्षित निकाला गया जम्मू और राजौरी के विभिन्न हिस्सों में उफान पर आई नदियों में फंसे कम से कम 14 लोगों को पुलिस, सेना और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के संयुक्त अभियान में रविवार को सुरक्षित निकाल लिया गया. पुलिस के एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि कई घंटे के अभियान में जम्मू में पीर खो मंदिर के निकट तवी नदी में फंसे तीन युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. अचानक जलस्तर बढ़ने के कारण तीनों नदी के बीच फंस गए थे. जम्मू शहर के रणदीप सिंह और मुनीश शर्मा तथा बिहार निवासी उनके मित्र विकास कुमार को सकुशल निकाल लिया गया. उफनाई धनगरी नदी में फंसे 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया एक अन्य बचाव अभियान में सेना के जवानों ने पुलिस और एसडीआरएफ के साथ मिलकर राजौरी जिले के धनगरी क्षेत्र में बाढ़ से उफनाई धनगरी नदी में फंसे दो लड़कों तथा थानामंडी क्षेत्र में फंसे नौ अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला. सीएम उमर अब्दुल्ला ने दिल्ली दौरा बीच में किया स्थगित दिल्ली गए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भारी बारिश की वजह से बिगड़ते हालात को देखते हुए अपना दौरा बीच में ही समाप्त कर दोपहर में जम्मू लौटने का निर्णय लिया. उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी बारिश और बाढ़ प्रभावित जिलों की स्थिति की समीक्षा की तथा अधिकारियों को प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. ये भी पढ़ें: Heavy Rain Warning: 19 से 24 जुलाई तक भारी बारिश, गरज-चमक के साथ बरसेंगे बादल, जानें अगले 5 दिनों का मौसम The post जम्मू-कश्मीर में मानसून का कहर: भारी बारिश और भूस्खलन से 11 की मौत, कई लापता appeared first on Naya Vichar.

