Hot News

August 2, 2026

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

असम बाढ़ के असली हीरो: 6 नावों के सहारे 1000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला

Assam Floods : असम के शिवसागर जिले में 19 जुलाई को आई भीषण बाढ़ ने कुछ ही घंटों में कई गांवों को पानी में डुबो दिया. घर, दुकानें और सड़कें जलमग्न हो गईं, जबकि सैकड़ों लोग अपने घरों की छतों, मचान और पेड़ों पर फंस गए. ऐसे मुश्किल समय में गांव के कुछ लोगों ने प्रशासनी मदद का इंतजार नहीं किया. उन्होंने अपनी छह देसी नावों के सहारे पांच गांवों के 1,000 से ज्यादा लोगों की जान बचाई और उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया. कुछ ही घंटों में बदल गए हालात रेस्क्यू अभियान में शामिल चौहान चौधरी ने बताया कि पानी इतनी तेजी से बढ़ा कि लोगों को संभलने का मौका ही नहीं मिला. उन्होंने कहा, “हमने ऐसा मंजर पहले कभी नहीं देखा. हमारे पास सिर्फ छह नावें थीं. जिनके घर टूट गए थे या जो पानी में फंस गए थे, उन्हें नावों से निकालकर सुरक्षित जगह पहुंचाया. पांच गांवों से 1,000 से ज्यादा लोगों को बचाया गया.” पहले परिवार को बचाया, फिर लौटकर दूसरों की मदद की रेस्क्यू टीम के सदस्य कनहैया चौधरी ने बताया कि पहले उन्होंने अपने परिवार को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया. इसके बाद जब घर का सामान निकालने लौटे तो लगातार फोन आने लगे कि कई लोग अभी भी फंसे हुए हैं. उन्होंने कहा, “फिर हमने सामान की नहीं, लोगों की जान बचाने की सोची और लगातार नाव लेकर निकल पड़े.” राजकुमार राजबीर ने बताया कि उनकी टीम रात एक बजे तक बिना खाना और पानी के लोगों को बचाने में जुटी रही. उन्होंने कहा कि रास्ते में किसी ने पानी पिला दिया, फिर अगली सुबह दोबारा रेस्क्यू शुरू कर दिया. ‘अपनी जान चली जाती तो भी मंजूर था’ रेस्क्यू में शामिल मोहन चौधरी ने कहा, “हमें लगा कि हमारी जान भी जा सकती है, लेकिन उस समय लोगों को बचाना ज्यादा जरूरी था.” वहीं मिथु चौधरी ने बताया कि 19 जुलाई की सुबह चार बजे से पानी बढ़ना शुरू हुआ और दोपहर तक उनके घर में घुस गया. उन्होंने पहले अपने परिवार को सुरक्षित निकाला और फिर दूसरे गांवों से मदद की कॉल आने पर लगातार लोगों को बचाने में जुट गए. 82 लोगों की जा चुकी है जान असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, राज्य में बाढ़ से अब तक 82 लोगों की मौत हो चुकी है. 31 जुलाई तक की रिपोर्ट के मुताबिक पांच जिलों के 1.92 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी है. Also read : NEET PG 2026: हर सवाल का जवाब देने के लिए ज्यादा समय, घर के करीब मिलेगा एग्जाम सेंटर इस बीच कई संस्थाएं भी बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आई हैं. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राहत कार्यों में सहयोग के लिए रिलायंस फाउंडेशन की सराहना की है. फाउंडेशन ने मुख्यमंत्री राहत कोष में 21 करोड़ रुपये का योगदान दिया है. The post असम बाढ़ के असली हीरो: 6 नावों के सहारे 1000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

इंस्टाग्राम पर इश्क और हनीट्रैप का जाल, हमीम की गर्लफ्रेंड अर्पिता सरकार पर जांच एजेंसियों का खुलासा

बर्धमान/पानागढ़ से मुकेश तिवारी की रिपोर्ट बर्धमान शहर से गिरफ्तार जैश-ए-मोहम्मद के संदिग्ध आतंकवादी हामिद मंडल उर्फ हमीम से पूछताछ में कई नये तथ्य एसआईटी के हाथ लगे हैं. इसी दौरान सोशल मीडिया, प्रेम संबंध और हनीट्रैप का गठजोड़ सामने आया है. पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने बताया है कि अर्पिता प्रशासन का पैतृक घर झारखंड में है. उसके परिवार का मुर्शिदाबाद के फरक्का क्षेत्र से भी संबंध है. मॉडलिंग और रील बनाने की शौकीन है अर्पिता अर्पिता ने पूछताछ में एसटीएफ को बताया है कि शुरुआती शिक्षा के बाद उसने झारखंड के साहिबगंज जिले में स्नातक तक की पढ़ाई पूरी की. कॉलेज के दिनों से ही अर्पिता को मॉडलिंग, फोटोग्राफी और सोशल मीडिया पर रील बनाने का शौक था. वह अक्सर बाइक से आसपास के इलाकों में घूमती और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा करती थी. ये भी पढ़ें: शुभेंदु अधिकारी की सुरक्षा बढ़ायी जाये, बुलेटप्रूफ कार और जैमर का हो इंतजाम : अर्जुन सिंह सोशल मीडिया पर हमीम से हुआ संपर्क लोकल लेवल पर उसकी पहचान एक आधुनिक और सोशल मीडिया पर सक्रिय युवती के रूप में थी. जांच एजेंसी का दावा है कि सोशल मीडिया पर बढ़ती सक्रियता के दौरान ही उसकी पहचान हमीम मंडल से हुई. इसके बाद दोनों में कथित तौर पर प्रेम हो गया. इसके बाद वह हमीम की गतिविधियों में मदद करने लगी. पुलिस इसकी जांच में जुट गयी है. 4 साल पहले इंस्टाग्राम पर शुरू हुई दोस्ती एसटीएफ के अनुसार, करीब 4 वर्ष पहले इंस्टाग्राम पर हमीम मंडल और अर्पिता प्रशासन की पहचान हुई. हमीम ने खुद को व्यवसायी बताया. बातचीत बढ़ी. व्हाट्सऐप पर संपर्क हुआ. दोनों के बीच कथित प्रेम संबंध बन गये. जांच एजेंसियों का कहना है कि इसी रिश्ते का इस्तेमाल उसने नेटवर्क तैयार करने में किया. ये भी पढ़ें: जैश के निशाने पर थे शुभेंदु अधिकारी और जंतर-मंतर प्रदर्शन स्थल, एसटीएफ का खुलासा मंत्री के बेटे को निशाना बनाने का दावा जांच एजेंसियों का दावा है कि अर्पिता एक मंत्री के बेटे से कई महीने तक सोशल मीडिया पर संपर्क में रही. अर्पिता ने कथित तौर पर मंत्री के बेटे को प्रेमजाल में फंसाया और ब्लैकमेल करने के बाद मोटी रकम वसूली. बाद में उसके अपहरण की योजना बनायी गयी. हालांकि, इन आरोपों की अदालत में पुष्टि होना बाकी है. जांच जारी है. ये भी पढ़ें: बंगाल में ISI और जैश-ए-मोहम्मद के राज खोलेगी अर्पिता प्रशासन! हमीम ने सौंपा था हनीट्रैप का जिम्मा सिर्फ पैसों का स्पोर्ट्स या बड़ा नेटवर्क? एसटीएफ को आशंका है कि यह मामला केवल वसूली तक सीमित नहीं था. जांच इस पहलू पर भी केंद्रित है कि क्या कथित नेटवर्क का इस्तेमाल प्रभावशाली लोगों की पहचान, उनकी गतिविधियों पर नजर रखने और संगठित आपराधिक या आतंकी गतिविधियों के लिए किया जा रहा था. जांच एजेंसियां अब अर्पिता के डिजिटल कॉन्टैक्ट्स और चैट की भी जांच कर रही है. ये भी पढ़ें: टूलू मंडल के दिहाड़ी मजदूर से पत्थर कारोबार का बेताज बादशाह बनने की पूरी कहानी सीमा पार कनेक्शन की भी पड़ताल एसटीएफ की टीम हमीम के कथित विदेशी संपर्कों और सीमा पार बैठे हैंडलरों से जुड़े संभावित लिंक की भी जांच कर रही है. एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इस कथित नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल थे. क्या अलग-अलग राज्यों में इसके नेटवर्क हैं. The post इंस्टाग्राम पर इश्क और हनीट्रैप का जाल, हमीम की गर्लफ्रेंड अर्पिता प्रशासन पर जांच एजेंसियों का खुलासा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

‘Delulu’ से ‘Sigma’ तक, जंतर-मंतर से Instagram तक क्यों छाए हैं ये Gen Z Slangs? जानें इनका मतलब

Gen Z Slangs: आजकल सोशल मीडिया पर स्क्रॉल करते हुए अगर आपको “Aura”, “Delulu”, “Cooked”, “Crashout”, “Pookie” या “Bruh” जैसे शब्द बार-बार सुनाई दे रहे हैं, तो समझ जाइए कि आप Gen Z की दुनिया में एंट्री कर चुके हैं. ये सिर्फ मजाक या इंटरनेट ट्रेंड नहीं, बल्कि नई पीढ़ी की अपनी अलग भाषा बन चुके हैं. हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर में हुए छात्र आंदोलन के दौरान भी पोस्टर्स, मीम्स और नारों में Gen Z स्लैंग्स की भरमार देखने को मिली. गंभीर मुद्दों पर अपनी बात रखने के लिए भी युवाओं ने हास्य, मीम कल्चर और वायरल स्लैंग्स का इस्तेमाल किया, जिससे ये शब्द पहले से कहीं ज्यादा चर्चा में आ गए. ऐसे में आइए जानते हैं उन Gen Z स्लैंग्स का मतलब, जिन्हें आज की युवा पीढ़ी सबसे ज्यादा इस्तेमाल कर रही है. क्या हैं Gen Z Slangs? Gen Z Slangs ऐसे नए शब्द या एक्सप्रेशन हैं, जिन्हें मुख्य रूप से 1997 से 2012 के बीच जन्मी पीढ़ी यानी Gen Z सोशल मीडिया, मीम्स और इंटरनेट कल्चर के जरिए इस्तेमाल करती है. इन शब्दों के जरिए युवा कम शब्दों में अपनी भावनाएं, मजाक, तारीफ या नाराजगी जाहिर करते हैं. कुछ Gen X Slang और उनके मतलब Gen Z Slang मतलब (Meaning) Delulu हकीकत से दूर किसी कल्पना या उम्मीद में रहना Aura किसी व्यक्ति का कॉन्फिडेंस, पर्सनैलिटी या प्रभावशाली मौजूदगी Crash Out गुस्से, तनाव या निराशा में अपना आपा खो देना Brainrot किसी मीम, गाने, ट्रेंड या कंटेंट का दिमाग पर हावी हो जाना Sigma ऐसा व्यक्ति जो अपने नियमों पर चलता है और दूसरों की परवाह नहीं करता Cooked बुरी तरह मुश्किल में फंस जाना या स्थिति का बिगड़ जाना NPC ऐसा व्यक्ति जो बिना सोचे-समझे एक जैसी बातें या हरकतें करता रहे Rizz अपनी बातों या पर्सनैलिटी से किसी को इंप्रेस करने की कला Mid कोई चीज जो बस औसत हो, न बहुत अच्छी न बहुत खराब Ate / Ate That किसी ने बहुत शानदार काम किया या बेहतरीन प्रदर्शन किया No Cap सच कह रहा हूं, इसमें कोई झूठ नहीं है Cap झूठ बोलना या बढ़ा-चढ़ाकर बात करना Slay किसी काम को बेहद शानदार तरीके से करना GOAT अपने क्षेत्र का सबसे बेहतरीन व्यक्ति (Greatest Of All Time) Sus संदिग्ध या शक पैदा करने वाला Lowkey चुपचाप या हल्के तरीके से, बिना ज्यादा दिखावा किए Highkey खुलकर या पूरी तरह से Flex अपनी उपलब्धि, पैसा या किसी चीज का दिखावा करना Bet ठीक है, पक्का या डील Ghosting बिना बताए अचानक किसी से बात करना बंद कर देना Touch Grass इंटरनेट से बाहर निकलकर असली जिंदगी पर ध्यान देने की सलाह देना POV किसी खास नजरिए या स्थिति को दिखाना (Point of View) It’s Giving… किसी चीज से खास तरह का एहसास या वाइब आना Main Character Energy खुद को कहानी के मुख्य किरदार जैसा महसूस करना या वैसा आत्मविश्वास दिखाना Lore किसी व्यक्ति या घटना से जुड़ी पुरानी या दिलचस्प बैकस्टोरी Core किसी खास एस्थेटिक या स्टाइल को दिखाने के लिए इस्तेमाल होने वाला शब्द (जैसे Cottagecore, Clean Girl Core) IYKYK अगर आप जानते हैं, तो जानते हैं (If You Know, You Know) Delusional Confidence बिना वजह भी खुद पर पूरा भरोसा रखना, अक्सर मजाकिया अंदाज में Ratioed सोशल मीडिया पर किसी पोस्ट या कमेंट को उससे ज्यादा विरोध या आलोचना मिलना Cook किसी काम को शानदार तरीके से करना (“Let him cook” = उसे अपना काम करने दो) Locked In किसी काम पर पूरी तरह फोकस होना यह भी पढ़ें: PM मोदी के वायरल कैमरा एंगल जैसी गलती न दोहराएं, मम्मी-पापा को ऐसे दें परफेक्ट फोटो लेने की ट्रेनिंग The post ‘Delulu’ से ‘Sigma’ तक, जंतर-मंतर से Instagram तक क्यों छाए हैं ये Gen Z Slangs? जानें इनका मतलब appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

राहुल गांधी का Gen-Z अंदाज: कोरियन फिंगर हार्ट से विश किया फ्रेंडशिप डे, शहजाद पूनावाला ने यूं कसा तंज

पहले जानते हैं राहुल गांधी ने फ्रेंडशिप डे पर इंस्टाग्राम पर क्या पोस्ट किया है. उसके बाद पूनावाला के रिएक्शन को भी जानेंगे. इंस्टाग्राम पर कोरियन फिंगर हार्ट इमोजी के साथ अपनी तस्वीर शेयर करते हुए राहुल गांधी ने युवाओं को फ्रेंडशिप डे की शुभकामनाएं दीं और लिखा, “अभी भी एक स्टूडेंट हूं, हर दिन कुछ नया सीख रहा हूं. आज का सबक: आज फ्रेंडशिप डे है और यह (फिंगर हार्ट इमोजी) एक दिल है. सभी को हैप्पी फ्रेंडशिप डे. ढेर सारा प्यार!” View on Instagram राहुल गांधी पर पूनावाला का तंज राहुल गांधी के फिंगर हार्ट इमोजी पर तंज कसते हुए शहजाद पूनावाला ने इंस्टाग्राम पर अपना एक वीडियो शेयर किया. जिसमें कहा, “ना, ना, ना, इसको फ्रेंड्सशिप डे का कोरियन हार्ट जेस्चर मत समझना.” “‘स्टिल अ स्टूडेंट, स्टिल लर्निंग समथिंग न्यू एवरीडे’ तो राहुल गांधी जी ने जरूर कहा होगा, परंतु यह कोई नया जेस्चर नहीं है राहुल गांधी के लिए. यह बहुत ही पुराना जेस्चर है और यह कोरियन हार्ट नहीं है. यह है…(पैसे दिखाते हुए)…काउंटिंग फिंगर्स. तो काउंटिंग करप्शन एवरीडे, स्टिल टेकिंग करप्शन एंड ब्राइब एवरीडे. और यह नया कुछ नहीं है, यह बहुत पुराना चलता आ रहा है. गांधी फैमिली की तो इसमें स्टूडेंटशिप या अप्रेंटिसशिप नहीं, पीएचडी है. स्टिल काउंटिंग करप्शन एंड ब्राइब एवरीडे, कर्नाटका की प्रशासन से पूछिए… काउंटिंग फिंगर्स. हैप्पी फ्रेंड्सशिप डे.” View on Instagram ये भी पढ़ें: नशे के खिलाफ अभियान: बोले पीएम मोदी- सौ रविवार-100 मजबूत कदम, Gen-Z से किया सीधा संवाद ये भी पढ़ें: PM मोदी को आपत्तिजनक शब्द कहने वाली छात्रा की मां बोलीं- हम शर्मिदा हैं, माफी से बेटी को नई जिंदगी मिल गई The post राहुल गांधी का Gen-Z अंदाज: कोरियन फिंगर हार्ट से विश किया फ्रेंडशिप डे, शहजाद पूनावाला ने यूं कसा तंज appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

NEET PG 2026: अब हर सवाल का जवाब देने के लिए ज्यादा समय, घर के करीब मिलेगा एग्जाम सेंटर

NEET PG 2026 : नीट पीजी 2026 की तैयारी कर रहे मेडिकल छात्रों के लिए राहत की समाचार है. इस बार परीक्षा को पहले से ज्यादा सुविधाजनक और सुरक्षित बनाने के लिए कई बड़े बदलाव किए गए हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने रविवार को परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा की. इस दौरान बताया गया कि अभ्यर्थियों को अब हर सवाल के लिए ज्यादा समय मिलेगा, एग्जाम सेंटर घर के करीब देने की कोशिश होगी. साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को भी पहले से और अधिक मजबूत किया जा रहा है. इस साल 2,73,183 उम्मीदवारों ने परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया है, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 12.5 फीसदी अधिक है. परीक्षा 30 अगस्त को देश के लगभग 340 शहरों में 1,300 से ज्यादा परीक्षा केंद्रों पर एक ही शिफ्ट में आयोजित होगी. परीक्षा केंद्रों से जुड़ी समस्या नहीं होगी ! इस बार उम्मीदवारों को आवेदन के दौरान तीन राज्यों का विकल्प देना होगा. पहला विकल्प उसी राज्य का रखना अनिवार्य होगा, जहां उनका स्थायी या पत्राचार का पता है. इससे कोशिश की जाएगी कि अधिकतर उम्मीदवारों को उनके घर के नजदीक परीक्षा केंद्र मिले. इसके अलावा परीक्षा शहर (Test City) की जानकारी भी करीब तीन सप्ताह पहले जारी कर दी जाएगी, ताकि अभ्यर्थियों को यात्रा और ठहरने की योजना बनाने के लिए पर्याप्त समय मिल सके. हर सवाल के लिए मिलेगा ज्यादा समय परीक्षा पैटर्न में भी बदलाव किया गया है. अब परीक्षा में 200 के बजाय 180 प्रश्न होंगे, जिन्हें हल करने के लिए 210 मिनट का समय मिलेगा. यानी पहले की तुलना में हर प्रश्न के लिए अधिक समय मिलेगा, जिससे उम्मीदवार बिना जल्दबाजी के प्रश्न हल कर सकेंगे. Also read : वंदे हिंदुस्तान एक्सप्रेस बनी जीवनरक्षक: ग्रीन कॉरिडोर के जरिए अंकलेश्वर से अहमदाबाद पहुंचा डोनर हार्ट सुरक्षा व्यवस्था होगी पहले से ज्यादा सख्त परीक्षा में गड़बड़ी रोकने के लिए आधार आधारित सत्यापन अनिवार्य किया गया है. यदि किसी उम्मीदवार का फिंगरप्रिंट सत्यापन नहीं हो पाता है, तो उसकी पहचान आइरिस (Iris) स्कैन के जरिए की जाएगी. इसके अलावा परीक्षा केंद्रों पर CCTV निगरानी, बायोमेट्रिक जांच, फ्रिस्किंग, सिग्नल जैमर, कंप्यूटर का डायनामिक अलॉटमेंट, केंद्रीय और क्षेत्रीय कमांड सेंटर से लाइव मॉनिटरिंग व स्वतंत्र पर्यवेक्षकों की निगरानी जैसी व्यवस्थाएं की गई हैं. परीक्षा के सफल संचालन के लिए 60 हजार से अधिक कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी. पेपर लीक की अफवाहों से रहें सावधान जेपी नड्डा ने अभ्यर्थियों से अपील की कि वे पेपर लीक या प्रश्नपत्र पहले से उपलब्ध कराने जैसे किसी भी झूठे दावे पर भरोसा न करें. उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र बेहद सुरक्षित और एन्क्रिप्टेड प्रक्रिया के तहत परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले तैयार किया जाता है. ऐसे में किसी के पास पहले से प्रश्नपत्र होने का दावा पूरी तरह गलत और भ्रामक है. स्वास्थ्य मंत्रालय और नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज ने उम्मीदवारों से केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत शिकायत करने की अपील की है. इसके लिए NBEMS ने फर्जीवाड़ा और अन्य गड़बड़ियां की शिकायत दर्ज कराने के लिए एक विशेष ईमेल आईडी भी शुरू की है. Also read : व्हीलचेर भी नहीं रोक सकी हौसलों की उड़ान! DU की टीचर, इंस्टग्राम पर हैं 90 हजार+ फॉलोअर्स The post NEET PG 2026: अब हर सवाल का जवाब देने के लिए ज्यादा समय, घर के करीब मिलेगा एग्जाम सेंटर appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

3 दिन बाद मिला निर्मल पुर्जा का शव, ट्रैकिंग के सभी 10 साथियों की मौत

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के गिलगित-बाल्टिस्तान स्थित ब्रॉड पीक पर आए भीषण हिमस्खलन के तीन दिन बाद रविवार को प्रसिद्ध नेपाली-ब्रिटिश पर्वतारोही निर्मल ‘निम्स’ पुर्जा का शव बरामद कर लिया गया. 43 वर्षीय पुर्जा उस 10 सदस्यीय पर्वतारोहण दल का नेतृत्व कर रहे थे, जो गुरुवार को हिमस्खलन की चपेट में आ गया था. अल्पाइन क्लब ऑफ पाकिस्तान (ACP) के अनुसार, पुर्जा का शव करीब 5,700 मीटर की ऊंचाई पर मिला. बचाव दल को इसी स्थान पर तीन अन्य शव भी मिले हैं. अब तक कुल पांच शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि बाकी पर्वतारोहियों की तलाश जारी है. बचाव अभियान में मौसम बना सबसे बड़ी चुनौती एसीपी ने बताया कि शवों को जापानी कैंप तक लाने का प्रयास किया जा रहा है. हालांकि, खराब मौसम, लगातार हिमस्खलन का खतरा और खड़ी ढलानों के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद मुश्किल हो गया है. मौसम खराब होने की वजह से हेलीकॉप्टर की मदद भी नहीं ली जा सकी. 10 सदस्यीय दल में कई देशों के पर्वतारोही थे शामिल निर्मल पुर्जा के नेतृत्व वाले अभियान में कुल 10 पर्वतारोही शामिल थे, जिनमें नेपाल के पांच, पाकिस्तान का एक, ओमान का एक, अमेरिका का एक और चीन का एक पर्वतारोही शामिल था. शनिवार को पुर्जा की कंपनी एलीट एक्सपेड ने पुष्टि की थी कि अभियान में शामिल सभी 10 पर्वतारोहियों की मौत हो गई है. View on Instagram चार शव पहले ही बरामद किए जा चुके थे शुक्रवार को बचाव दल ने चार शव बरामद किए थे. इनमें ओमान की नाधिरा अहमद अब्दुल्ला अल-हार्थी, नेपाल के पुर बहादुर गुरुंग और अमेरिका की मैलोरी गीस की पहचान हो चुकी है. इन शवों को स्कार्दू पहुंचाया गया था. कौन थे निर्मल पुर्जा? निर्मल पुर्जा दुनिया के सबसे चर्चित पर्वतारोहियों में गिने जाते थे. उन्होंने 2019 में महज 6 महीने और 6 दिन में दुनिया की 8,000 मीटर से ऊंची सभी 14 चोटियों पर चढ़ाई कर विश्व रिकॉर्ड बनाया था. ब्रॉड पीक अभियान पूरा करने के बाद वह 8,000 मीटर से ऊंची सभी 14 चोटियों पर दूसरी बार सफलतापूर्वक चढ़ाई करने का अपना मिशन पूरा करने वाले थे. ये भी पढ़ें: पाकिस्तान में पर्वतारोही निर्मल पुर्जा की मौत, 14 सबसे ऊंची चोटियां फतह कर बने थे दुनिया में मशहूर The post 3 दिन बाद मिला निर्मल पुर्जा का शव, ट्रैकिंग के सभी 10 साथियों की मौत appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

श्रीलंका दौरे पर बुमराह की जगह इस खिलाड़ी को मिल सकता है मौका, रणजी ट्रॉफी में टीम को बनाया था विजेता

Jasprit Bumrah Injury: श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज से पहले हिंदुस्तानीय टीम की मुश्किलें बढ़ गई है. दुनिया के नंबर-1 टेस्ट गेंदबाज जसप्रीत बुमराह बाएं घुटने में लगातार परेशानी के कारण 15 अगस्त से गॉल में शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज से बाहर हो सकते हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, बीसीसीआई बुमराह की वापसी में कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहता और उन्हें पूरी तरह फिट होने की सलाह दी गई है. आकिब नबी दार बन सकते हैं बुमराह के रिप्लेसमेंट टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, 29 वर्षीय तेज गेंदबाज आकिब नबी दार बुमराह की जगह हिंदुस्तानीय टेस्ट टीम में शामिल किए जाने के प्रमुख दावेदार में शामिल है. जम्मू-कश्मीर के इस तेज गेंदबाज ने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है और अब उन्हें पहली बार टीम इंडिया से बुलावा मिल सकता है. रणजी ट्रॉफी में किया था कमाल आकिब नबी ने 2025-26 रणजी ट्रॉफी सीजन में सबसे ज्यादा विकेट लेकर सभी का ध्यान खींचा था. उन्होंने जम्मू-कश्मीर को पहली बार रणजी ट्रॉफी चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई. 43 प्रथम श्रेणी मैचों में उनके नाम 162 विकेट दर्ज हैं. आकिब नबी के आंकड़े (फोटो- सोशल मीडिया) श्रीलंका ए दौरे पर भी किया प्रभावित आकिब पिछले महीने हिंदुस्तान-ए टीम के साथ श्रीलंका दौरे पर गए थे. गॉल में श्रीलंका ए के खिलाफ दो अनौपचारिक टेस्ट मैचों की चार पारियों में उन्होंने छह विकेट लिए. पहले मैच की पहली पारी में उन्होंने 4/58 का बेहतरीन प्रदर्शन किया था, जिसके बाद चयनकर्ताओं का ध्यान एक बार फिर उनकी ओर गया. पहले भी मिल सकता था मौका आकिब नबी जून 2026 में अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट के लिए भी मजबूत दावेदार माने जा रहे थे, लेकिन चयनकर्ताओं ने उन्हें मौका नहीं दिया था. उस फैसले की काफी आलोचना हुई थी क्योंकि उन्होंने लगातार दो रणजी सीजन में 50 से अधिक विकेट हासिल किए थे. अब बुमराह की गैरमौजूदगी में उनके टेस्ट डेब्यू की संभावना काफी मजबूत मानी जा रही है. ये भी पढ़ें: अभिषेक शर्मा का तूफान, 91 गेंदों में ठोके 233 रन; 25 छक्कों और 15 चौकों से मचाई तबाही The post श्रीलंका दौरे पर बुमराह की जगह इस खिलाड़ी को मिल सकता है मौका, रणजी ट्रॉफी में टीम को बनाया था विजेता appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

डेहरी EO मर्डर केस में एक्शन मोड में सरकार, बिहार के मंत्री बोले- सम्राट चौधरी के राज में दोषी नहीं बचेंगे

Dehri Nagar Parishad EO Murder:  प्रशासन का कहना है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. वहीं, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी घटना को दुखद बताते हुए कहा कि पुलिस कार्रवाई कर रही है और साजिशकर्ताओं तक भी पहुंचा जाएगा. ‘दोषी बचेंगे नहीं, निर्दोष फंसेंगे नहीं’ बिहार प्रशासन में मंत्री केदार गुप्ता ने कहा कि EO हत्याकांड की गंभीरता से जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि जो भी दोषी होगा, उस पर कार्रवाई होगी. सम्राट चौधरी के राज में कोई दोषी बचने वाला नहीं है. दोषी बचेंगे नहीं और निर्दोष फंसेंगे नहीं. मंत्री ने साफ कहा कि प्रशासन निष्पक्ष जांच चाहती है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. संजय सरावगी बोले- अपराधियों को किसी कीमत पर नहीं छोड़ेंगे बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है. प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रही है. कई अपराधियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. जो भी साजिशकर्ता या अपराधी होंगे, उन्हें किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा. कुछ संदिग्धों की पहचान भी कर ली गई है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले का खुलासा जल्द होगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. जांच में जुटी पुलिस, ड्राइवर गिरफ्तार मामले की जांच तेज कर दी गई है. रविवार को मगध रेंज के आईजी विकास वैभव और औरंगाबाद एसपी उपेंद्र नाथ वर्मा ने घटनास्थल का निरीक्षण किया. पुलिस ने EO के वाहन चालक मिथिलेश कुमार को गिरफ्तार किया है. पूछताछ में उसके बयान बार-बार बदलने की बात सामने आई है. इसी वजह से पुलिस उससे लगातार पूछताछ कर रही है. पत्नी ने लगाए गंभीर आरोप इस बीच दानापुर स्थित आवास पर जब विमल कुमार का शव पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया. मृतक की पत्नी बबीता विमल ने मीडिया के सामने गंभीर आरोप लगाए. उनका दावा है कि डेहरी के विधायक राजीव रंजन सिंह उर्फ सोनू सिंह उनके पति पर 50 लाख रुपये देने का दबाव बना रहे थे. उन्होंने आरोप लगाया कि पैसे नहीं देने पर उनके पति की हत्या कराई गई. हालांकि, पुलिस अभी सभी पहलुओं की जांच कर रही है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें नगर निकाय अधिकारियों में आक्रोश विमल कुमार की हत्या के बाद बिहार सर्विस अर्बन एसोसिएशन में भारी नाराजगी है. अधिकारियों ने सुरक्षा की मांग करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है. एसोसिएशन ने प्रशासन से मृतक के परिवार को 5 करोड़ रुपये मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को प्रशासनी नौकरी और दोनों बच्चों की पढ़ाई की पूरी जिम्मेदारी लेने की मांग की है. Also Read: ड्राइवर ही निकला डेहरी EO का कातिल, हत्या के बाद रॉड छिपाई फिर पुलिस को सुनाई झूठी कहानी, IG ने क्या-क्या बताया The post डेहरी EO मर्डर केस में एक्शन मोड में प्रशासन, बिहार के मंत्री बोले- सम्राट चौधरी के राज में दोषी नहीं बचेंगे appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

राज ठाकरे का मोदी सरकार पर वार: बोले- NEET सिर्फ बहाना, युवाओं के गुस्से की असली वजह बेरोजगारी

राज ठाकरे ने कहा कि NEET पेपर लीक पर प्रशासन बयानबाजी और बहाना कर रही है. ठाकरे ने कहा कि प्रशासन युवाओं के गुस्से और बेरोजगारी को नजरअंदाज कर रही है. इस दौरान उन्होंने मुंबई में नीट पेपर लीक के मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस वैन को रोकने वाली रिया अहीर को सम्मानित किया गया. NEET विवाद के बाद छात्रों का पहला बड़ा जमावड़ा राज ठाकरे ने कहा कि NEET परीक्षा में हुई गड़बड़ियों के बाद देशभर में छात्रों का गुस्सा सामने आया और यह रैली उसी माहौल में हो रही है. उन्होंने कहा कि आज के युवाओं की चुनौतियां पहले से पूरी तरह अलग हैं. सोशल मीडिया के दौर में छात्रों की सोच और अपेक्षाएं तेजी से बदली हैं, इसलिए नेतृत्व को भी बदलते समय के अनुसार खुद को ढालना होगा. राज ठाकरे ने कहा कि मेरा नेतृत्वक सफर विद्यार्थी सेना से शुरू हुआ था. उन्होंने कहा कि संगठन ने उन्हें नेतृत्व की सीख दी और अब नई पीढ़ी के कार्यकर्ताओं को भी समाज के मुद्दों पर काम करना होगा. सिर्फ शहर नहीं, गांव के युवाओं को भी समझना होगा मनसे प्रमुख राज ठाकरेने कहा कि आज ‘Gen Z’ की चर्चा होती है, लेकिन इसका मतलब केवल शहरी युवा नहीं है. ग्रामीण महाराष्ट्र के छात्र भी बेरोजगारी, शिक्षा और खेती से जुड़े संकटों से जूझ रहे हैं. उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे गांव-गांव जाकर युवाओं की वास्तविक समस्याओं को समझें. शिक्षा मंत्री पर तंज, प्रशासन पर निशाना राज ठाकरे ने महाराष्ट्र के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि प्रशासन में बैठे लोग बुनियादी बातों का फर्क तक नहीं जानते. उन्होंने कहा कि ऐसे बयान युवाओं के गुस्से को और बढ़ाते हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की भाषा पर की गई टिप्पणी से सहमति जताई, लेकिन साथ ही बीजेपी की ‘ट्रोल संस्कृति’ पर सवाल उठाते हुए कहा कि दूसरों के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने वालों को भी जवाबदेह बनाया जाना चाहिए. युवाओं के गुस्से की असली वजह गिनाईं राज ठाकरे ने कहा कि छात्रों का विरोध सिर्फ NEET तक सीमित नहीं है. खराब सड़कें, जल निकासी की समस्या, रोजगार का संकट, निजीकरण, महंगी शिक्षा और नेतृत्वक खरीद-फरोख्त जैसी बातें युवाओं में निराशा पैदा कर रही हैं. उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में किसान आत्महत्याएं और शहरों की बदहाल व्यवस्था भी युवाओं को भविष्य के प्रति असुरक्षित बना रही है. शिक्षा, मंदिर और युवाओं का भरोसा राज ठाकरे ने कहा कि देश में शिक्षा पर खर्च घट रहा है, लाखों शिक्षकों के पद खाली हैं और हजारों स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है. उन्होंने मंदिरों में कथित वित्तीय अनियमितताओं का भी जिक्र करते हुए कहा कि जब आस्था के केंद्रों पर भी सवाल उठते हैं तो युवाओं का भरोसा कमजोर होता है. उन्होंने युवाओं से धार्मिक कट्टरता से दूर रहकर शिक्षा और विकास को प्राथमिकता देने की अपील की. ये भी पढ़ें: शहर में बढ़ता चेन स्नैचिंग का डर, दो महीने में हुईं कई घटनाएं The post राज ठाकरे का मोदी प्रशासन पर वार: बोले- NEET सिर्फ बहाना, युवाओं के गुस्से की असली वजह बेरोजगारी appeared first on Naya Vichar.

समस्तीपुर

भोजपुरी को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग तेज, करोड़ों लोगों की भाषा को मिले संवैधानिक पहचान : अख्तरुल इस्लाम शाहीन

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन | पटना से लौटने के क्रम में बिहार विधानसभा के पूर्व मुख्य सचेतक एवं राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता अख्तरुल इस्लाम शाहीन रविवार को सरायरंजन प्रखंड के उदापट्टी गांव स्थित युवा राजद प्रखंड अध्यक्ष मो. राजा के आवास पर कुछ देर के लिए रुके। उनके आगमन पर राजद कार्यकर्ताओं ने पाग, चादर एवं फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल रहा। स्वागत समारोह के बाद कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अख्तरुल इस्लाम शाहीन ने भोजपुरी भाषा को हिंदुस्तानीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किए जाने की पुरजोर वकालत की। उन्होंने कहा कि भोजपुरी को संवैधानिक मान्यता दिलाने की मांग लंबे समय से उठती रही है और अब समय आ गया है कि केंद्र प्रशासन इस दिशा में ठोस पहल करे। उन्होंने कहा कि भोजपुरी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की सांस्कृतिक पहचान और समृद्ध विरासत का प्रतीक है। बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड सहित देश के कई हिस्सों में बड़ी संख्या में लोग भोजपुरी बोलते और समझते हैं। इसके अलावा मॉरीशस, नेपाल, सूरीनाम, फिजी तथा अन्य देशों में बसे हिंदुस्तानीय मूल के लोग भी भोजपुरी भाषा और संस्कृति से जुड़े हुए हैं। इसकी समृद्ध साहित्यिक परंपरा, लोकगीत, लोकनाट्य और सांस्कृतिक विरासत इसे विशेष पहचान प्रदान करते हैं। पूर्व मुख्य सचेतक ने कहा कि यदि भोजपुरी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया जाता है तो इसके संरक्षण, संवर्धन और विकास को नई गति मिलेगी। इससे भाषा के अध्ययन एवं शोध को बढ़ावा मिलेगा, शैक्षणिक संस्थानों में इसके उपयोग का दायरा बढ़ेगा तथा प्रशासनी स्तर पर भी इसे आवश्यक संरक्षण और प्रोत्साहन प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि भाषा और संस्कृति किसी भी समाज की पहचान होती है, इसलिए भोजपुरी जैसी समृद्ध भाषा को उसका उचित सम्मान मिलना चाहिए। इस अवसर पर मौजूद राजद कार्यकर्ताओं ने भी भोजपुरी भाषा को संवैधानिक दर्जा दिलाने की मांग का समर्थन किया और इसे क्षेत्र की सांस्कृतिक अस्मिता से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया। कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने संगठन की मजबूती और जनहित के मुद्दों पर भी चर्चा की। इस मौके पर युवा राजद प्रखंड अध्यक्ष मो. राजा सहित बड़ी संख्या में राजद कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top