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August 4, 2026

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प्रशांत किशोर की जीत के पीछे 3 रणनीतिकार कौन? जिनकी मदद से नितिन नवीन के किले को ढहाया

Prashant Kishor Won Bankipur Seat: सोमवार को बिहार की नेतृत्व में उलटफेर देखने के लिए मिला. जन सुराज के प्रशांत किशोर ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के किले को ढहा दिया और जीत दर्ज की. बीजेपी को उसके गढ़ में शिकस्त देकर प्रशांत किशोर ने ना सिर्फ एक चुनाव जीता, बल्कि बिहार की सियासत में एक नया संदेश लिख दिया है. क्यों खास रहा बांकीपुर का नतीजा? नेतृत्वक जानकारों का मानना है कि बांकीपुर के मतदाताओं ने सिर्फ उम्मीदवार को वोट नहीं दिया, बल्कि उस बेबाक अंदाज, आक्रामक तेवर और खुलकर बोलने वाली छवि को भी समर्थन दिया है, जिसके साथ प्रशांत किशोर बिहार की नेतृत्व में अपनी नई जमीन तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं. बांकीपुर का ये नतीजा इसलिए भी खास है, क्योंकि यहां से अब सिर्फ एक विधायक नहीं निकला है बल्कि बिहार की सियासत में एक नई नेतृत्वक चुनौती ने दस्तक दे दी है. किसी भी चुनाव में जीत हार वोटर तय करते हैं. मुद्दों का गणित समीकरण को बनाता और बिगाड़ता है. लेकिन कामयाबी की हर कहानी लिखने के पीछे रणनीतिकारों की एक टीम जरूर होती है. प्रशांत की इस जीत में वैसे तो पूरी टीम की मेहनत लगी है, लेकिन तीन चेहरों के नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं. ये हैं तीन प्रमुख चेहरे जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज हिंदुस्तानी- कहा जाता है कि मनोज हिंदुस्तानी ने प्रशांत किशोर को चुनाव लड़ने के लिए तैयार किया. साथ ही प्रचार को लेकर रणनीति भी बनाई. मनोज हिंदुस्तानी चुनाव के शुरुआत से आखिर तक एक्टिव रहे. उन्होंने जीत की रणनीति बनाई उसे एग्जीक्यूट भी किया. जन सुराज की जीत पर उन्होंने पूरा फोकस किया. पूर्व विधायक किशोर कुमार मुन्ना- किशोर कुमार मुन्ना के बारे में बताया जाता है कि वे एक वक्त पटना के चर्चित छात्र नेता हुआ करते थे. ऐसे में उन्हें शहर की बारीकियों का बखूबी अंदाजा था. हर बूथ के लिए अलग-अलग रणनीति मुन्ना ने ही तैयार की थी. किस इलाके के वोटर और किस तरह से सोचते हैं, इसके बारे में उन्हें अच्छे से जानकारी है. अनूप मैथिल- जनसुराज संघर्ष वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष हैं अनूप मैथिल. जमीन पर इन्होंने ही एजेंडा सेट किया. उन्होंने बांकीपुर से जुड़े छोटे से छोटे मुद्दे को उठाया और उसे मीडिया तक पहुंचाया. इस तरह से जमीनी स्तर से जुड़े मुद्दों को उछाला गया. इसका नतीजा यह देखने के लिए मिला कि जन सुराज ने बांकीपुर में बीजेपी को बैकफुट पर धकेल दिया. आने वाले दिनों में बदल सकती है चुनाव की तस्वीर नेतृत्वक विश्लेषकों का मानना है कि इस जीत के बाद भाजपा, जदयू, राजद और कांग्रेस सभी अपनी चुनावी रणनीति की समीक्षा करेंगे. यदि जन सुराज आने वाले समय में अन्य इलाकों में भी इसी तरह का प्रदर्शन करती है तो आगामी विधानसभा चुनाव में मुकाबला पहले की तुलना में अधिक त्रिकोणीय हो सकता है. Also Read: 3675 करोड़ की लागत से पटना में यहां बनेगा 12 किमी लंबा एलिवेटेड-एटग्रेड रोड, बिहार प्रशासन ने केंद्र से मांगी मदद The post प्रशांत किशोर की जीत के पीछे 3 रणनीतिकार कौन? जिनकी मदद से नितिन नवीन के किले को ढहाया appeared first on Naya Vichar.

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Arvind Kejriwal March Live : E20 विरोध मार्च से पहले सुरक्षा सख्त, केजरीवाल के मार्च को नहीं मिली अनुमति

Arvind Kejriwal March Live : E20 पेट्रोल के विरोध में अरविंद केजरीवाल प्रधानमंत्री आवास तक मार्च करेंगे. आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक 100 स्वयंसेवकों के साथ पीएम आवास पहुंचकर ऑनलाइन अभियान के जरिए जुटाए गए दो लाख हस्ताक्षरों वाला ज्ञापन सौंपने की कोशिश करेंगे. हर अपडेट के लिए बने रहें हमारे साथ. The post Arvind Kejriwal March Live : E20 विरोध मार्च से पहले सुरक्षा सख्त, केजरीवाल के मार्च को नहीं मिली अनुमति appeared first on Naya Vichar.

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सुजीत सिन्हा एनकाउंटर: शरीर से मिलीं 2 गोलियां, परिजनों ने उठाए सवाल, कहा- ‘पहले से था जान का खतरा’

जामताड़ा : गैंगस्टर सुजीत सिन्हा के पुलिस एनकाउंटर में मारे जाने पर परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की न्यायिक या किसी स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. दूसरी ओर, मजिस्ट्रेट के रूप में सीओ अविश्वर मुर्मू की मौजूदगी में तीन चिकित्सकों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया. पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करायी गयी. पैनल में डॉ दुर्गेश झा, डॉ मिकी माझी और डॉ विशाल शामिल थे. पोस्टमार्टम के दौरान शरीर से दो गोलियां बरामद हुई. चिकित्सकों ने बताया कि शरीर पर गोली लगने के निशान भी मिले हैं. विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट वरीय अधिकारियों को सौंपी जायेगी. पोस्टमार्टम के दौरान सुजीत सिन्हा के परिजन भी मौजूद रहे. पुलिस ने परिजनों से की पूछताछ पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत परिजनों से पूछताछ भी की. उल्लेखनीय है कि रविवार रात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा को राजमहल एसडीपीओ विमलेश त्रिपाठी व बरहरवा एसडीपीओ नितिन खंडेलवाल के संरक्षण में साहिबगंज जेल से धनबाद जेल शिफ्ट करने के लिए लाया जा रहा था. इसी दौरान जामताड़ा थाना क्षेत्र के सुपायडीह के पास कैदी वैन के दुर्घटनाग्रस्त होने पर सुजीत सिन्हा ने पुलिस जवान की राइफल छीनकर फायरिंग कर दी थी. इसके बाद पुलिस की जवाबी फायरिंग में उसकी मौत हो गयी थी. सोमवार तड़के फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की तीन सदस्यीय टीम रांची से सुपायडीह पहुंची और घटनास्थल से गोलियों के खोखे, रक्त के नमूने, क्राइम सीन मैपिंग सहित अन्य तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्य एकत्र किये. ये भी पढ़ें: दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पुण्यतिथि आज, नेमरा बनेगा श्रद्धा और विकास का केंद्र, जुटेंगे राज्यभर के लोग सास बोलीं- सुजीत को पहले से ही जान का खतरा था मृतक की सास उषा देवी ने एनकाउंटर को सुनियोजित साजिश बताते हुए कई सवाल उठाये. उनका कहना था कि जो व्यक्ति जेल से बाहर निकलना ही नहीं चाहता था, वह पुलिस हिरासत भागने या जवानों पर गोली चलाने की कोशिश कर करेगा? उन्होंने दावा किया कि सुजीत को पहले से जान का खतरा था और इस संबंध में उसने झारखंड हाइकोर्ट में रिट याचिका भी दायर की थी. उन्होंने पुलिस की ओर से जारी घटनास्थल की तस्वीरों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पहले शव सड़क पर दिखा, जबकि बाद की तस्वीरों में जंगल के भीतर दिखाई दिया और मौत के बाद भी उनके हाथों में हथकड़ी लगी दिखी. उषा देवी ने धमकी दी है कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला, तो उनकी बेटी और नाती आत्मदाह करेंगे. ये भी पढ़ें: BARC, नेवी और दरोगा समेत 12 प्रतियोगी परीक्षाएं पास कर चुका है अभय तिवारी, CID ने एजेंसियों से मांगे सारे रिकॉर्ड The post सुजीत सिन्हा एनकाउंटर: शरीर से मिलीं 2 गोलियां, परिजनों ने उठाए सवाल, कहा- ‘पहले से था जान का खतरा’ appeared first on Naya Vichar.

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कैकेयी के लुक पर हो रही आलोचना पर मेकर्स ने तोड़ी चुप्पी, कहा- उनके कॉस्ट्यूम का हर रंग सोच-समझकर चुना गया है

Ramayana Lara Dutta Kaikeyi: ‘रामायण’ का ट्रेलर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर इसकी भव्यता, शानदार वीएफएक्स और स्टारकास्ट की जमकर तारीफ हुई. हालांकि इसी के साथ फिल्म के कुछ कॉस्ट्यूम्स को लेकर विवाद भी शुरू हो गया. खासकर लारा दत्ता की कैकेयी की ड्रेसिंग पर कई सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल उठाए. एक सीन में लारा दत्ता को मैरून साड़ी, ग्रीन ब्लाउज और खुले बालों में दिखाए जाने पर कई यूजर्स ने इसे बहुत मॉडर्न लुक बताया. अब इस पूरे विवाद पर फिल्म के कॉस्ट्यूम डिजाइनर रिंपल नरूला और हरप्रीत नरूला ने अपनी चुप्पी तोड़ी है. ‘मैंने अपनी सीता को वैसा बनाया जैसा बचपन से अपने मन में देखा’ द टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में रिंपल नरूला ने कहा कि उन्हें पहले से पता था कि ‘रामायण’ जैसी कहानी पर अलग-अलग राय आएंगी. उन्होंने कहा, रामायण ऐसी कहानी है जो पीढ़ियों से लोगों के दिल और दिमाग में बसी हुई है. इसलिए कास्टिंग, कॉस्ट्यूम, VFX या किसी भी चीज पर लोगों की अलग-अलग राय आना बिल्कुल स्वाभाविक है. हमें इसका अंदाजा था. लेकिन हमें भरोसा है कि हमने अपना काम पूरी ईमानदारी से किया है. साई पल्लवी के सीता वाले लुक पर उन्होंने कहा, जब मैं आंखें बंद करके मां सीता की कल्पना करती हूं तो मेरा ध्यान इस बात पर नहीं जाता कि इतिहास में उनका रूप बिल्कुल कैसा रहा होगा. मेरे मन में वही रूप आता है जिसे मैं बचपन से मंदिरों और अपनी आस्था में देखती आई हूं. इसलिए मैंने अपनी सीता को उसी एहसास के साथ डिजाइन किया. यह फैसला हमने सोच-समझकर लिया था. कैकेयी के हर रंग के पीछे छिपा है खास मतलब कॉस्ट्यूम डिजाइनर हरप्रीत नरूला ने लारा दत्ता के कैकेयी वाले लुक पर हो रही आलोचना का भी जवाब दिया. उन्होंने कहा, कैकेयी के कॉस्ट्यूम का हर रंग सोच-समझकर चुना गया है. ग्रीन रंग मां होने का प्रतीक है, जबकि गहरा मैरून उस भावनात्मक संघर्ष और कठिन फैसले को दिखाता है जिससे कैकेयी गुजरती हैं. उन्हें अपने बेटे और राम के बीच फैसला लेना पड़ता है. इसलिए हर रंग की अपनी कहानी है. कई बार लोग पूरी सोच समझे बिना तुरंत प्रतिक्रिया दे देते हैं. हमने कोशिश की है कि हजारों साल पुरानी इस कहानी को नई पीढ़ी के सामने एक नए विजुअल अंदाज में पेश करें. पहले फिल्म देखिए, महसूस कीजिए और उसके बाद अपनी राय बनाइए. ‘यह हमारी अपनी व्याख्या है, हूबहू इतिहास नहीं’ रिंपल नरूला ने यह भी साफ किया कि रामायण के समय के असली कपड़े आज मौजूद नहीं हैं, इसलिए उन्हें पूरी तरह कॉपी करना संभव नहीं है. उन्होंने कहा, उस दौर के ऐसे कपड़े मौजूद नहीं हैं जिन्हें हम बिल्कुल वैसे ही दोबारा बना सकें. हम सभी बचपन से कैलेंडर आर्ट, मंदिरों की मूर्तियां, मिनिएचर पेंटिंग्स और राजा रवि वर्मा की बनाई गई छवियां देखते आए हैं. अलग-अलग देशों और संस्कृतियों में भी रामायण की अपनी-अपनी व्याख्या रही है. हमारी फिल्म भी उसी तरह की एक नई व्याख्या है. रामायण ट्रेलर में क्या दिखाया गया है? फिल्म के ट्रेलर की शुरुआत यश के रावण से होती है, जो खुद को तीनों लोकों का स्वामी बताता है. इसके बाद धरती पर बढ़ते अत्याचार और विनाश को दिखाया जाता है. फिर भगवान विष्णु राम के रूप में अवतार लेकर संतुलन और धर्म की रक्षा के लिए आते हैं. इसके बाद ट्रेलर में रणबीर कपूर के राम की एंट्री होती है. वह राक्षसों से युद्ध करते हुए अपने लोगों की रक्षा करते नजर आते हैं. आगे चलकर उनकी सीता यानी साई पल्लवी से शादी भी दिखाई जाती है. ये भी पढ़ें: ‘यश से बेहतर रावण कोई नहीं बन सकता’, ‘रामायण’ ट्रेलर पर फिदा हुए ऋषभ शेट्टी, कहा- रणबीर ने महसूस कराई राम की दिव्यता The post कैकेयी के लुक पर हो रही आलोचना पर मेकर्स ने तोड़ी चुप्पी, कहा- उनके कॉस्ट्यूम का हर रंग सोच-समझकर चुना गया है appeared first on Naya Vichar.

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Parliament Live : संसद में NDA संसदीय दल की बैठक ‘मंगल मिलन’ शुरू, पीएम मोदी भी मौजूद

Parliament Live Updates: संसद का मानसून सत्र मंगलवार (4 अगस्त) को भी हंगामेदार रह सकता है. विपक्ष राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले और NEET आंदोलन के दौरान छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर प्रशासन को घेरने की तैयारी में है. संसद के हर अपडेट के लिए बने रहें हमारे साथ. The post Parliament Live : संसद में NDA संसदीय दल की बैठक ‘मंगल मिलन’ शुरू, पीएम मोदी भी मौजूद appeared first on Naya Vichar.

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सावन में हुआ है बच्चे का जन्म, तो भोलेनाथ से जुड़े ये नाम देखें

Sawan Baby Names: सावन का महीना आते ही चारों तरफ हरियाली, बारिश और भक्ति का माहौल देखने को मिलता है. यह महीना भगवान शिव को समर्पित माना जाता है. ऐसे में अगर आपके घर भी सावन के महीने में नन्हा मेहमान आया है, तो शिशु का नाम भी इस खास महीने से जुड़ा रखना एक अच्छा आइडिया हो सकता है. अगर आप अपने शिशु के लिए ऐसा नाम ढूंढ रहे हैं, जो सुनने में प्यारा होने के साथ-साथ खास अर्थ भी रखता हो, तो यहां दिए नामों पर नजर डाल सकते हैं.  Sawan Baby Names: बेटे के लिए भगवान शिव से जुड़े नाम शिवांश – भगवान शिव का अंश शिवाय – भगवान शिव का एक नाम शिवेंद्र – शिव से जुड़ा हुआ और शुभ रुद्र – भगवान शिव का एक प्रसिद्ध नाम रुद्रांश – रुद्र का अंश शंकर – कल्याण करने वाले भगवान शिव शंभव – भगवान शिव से जुड़ा नाम महेश – महादेव का एक नाम नीलकंठ – भगवान शिव का नाम सोमेश – चंद्रमा के स्वामी, शिव का एक नाम त्र्यंबक – तीन नेत्रों वाले भगवान शिव अभय – निडर और निर्भय ओंकार – पवित्र ‘ॐ’ से जुड़ा ना कैलाश – भगवान शिव के निवास स्थान से जुड़ा नाम PC: Freepik नाम चुनते समय इन बातों का रखें ध्यान शिशु का नाम छोटा, बोलने में आसान और अर्थपूर्ण हो तो ज्यादा अच्छा रहता है. नाम रखने से पहले उसका सही अर्थ और उच्चारण भी जरूर देख लें. सावन में जन्मे शिशु के लिए रखा गया नाम अगर इस पावन महीने, भगवान शिव या प्रकृति से जुड़ा हो, तो वह शिशु की पहचान को और भी खास बनाता है. यह भी पढ़ें: बेटे के लिए ढूंढ रहे हैं मॉडर्न और क्यूट नाम? इन 30 नामों को सुनते ही हर कोई करेगा तारीफ The post सावन में हुआ है शिशु का जन्म, तो भोलेनाथ से जुड़े ये नाम देखें appeared first on Naya Vichar.

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Prashant Kishor Won Bankipur Seat: क्या प्रशांत किशोर की जीत ने जातिवाद मॉडल का किया सफाया? PK की स्ट्रैटेजी की चर्चा तेज

Prashant Kishor Won Bankipur Seat: सोमवार को बांकीपुर उपचुनाव का रिजल्ट आया और प्रशांत किशोर ने इस सीट पर जीत हासिल की. बीजेपी के प्रत्याशी नीरज सिन्हा को पीके ने 19 हजार 324 वोटों से हराया. जबकि आरजेडी की प्रत्याशी रेखा गुप्ता की तो जमानत जब्त हो गई. लगातार जन सुराज में जश्न का माहौल है. प्रशांत किशोर की इस जीत के बाद उनकी स्ट्रैटेजी की तो चर्चा हो ही रही साथ ही यह सवाल है कि क्या अब बिहार से जातिवाद मॉडल का सफाया हो रहा. क्या कहना है नेतृत्वक जानकारों का? नेतृत्वक जानकारों का मानना है कि बिहार की नेतृत्व लंबे समय से जातीय समीकरणों के इर्द-गिर्द घूमती रही है. चुनाव आते ही यादव, कुर्मी, राजपूत, भूमिहार, मुस्लिम, अति पिछड़ा और दलित वोट बैंक की चर्चा तेज हो जाती है. लेकिन प्रशांत किशोर लंबे समय से दावा करते रहे हैं कि बिहार को जाति नहीं, बल्कि बेहतर शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेह प्रशासन की नेतृत्व की जरूरत है. साथ ही बांकीपुर जैसी शहरी सीट पर मिली उनकी जीत को कई लोग इस संदेश के रूप में देख रहे हैं कि मतदाताओं का एक वर्ग अब उम्मीदवार की छवि, उसके काम और मुद्दों को भी पहले से अधिक महत्व दे रहा है. लेकिन इस एक चुनावी नतीजे के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि बिहार में जाति आधारित नेतृत्व खत्म हो गई है. लेकिन इतना जरूर है कि इस जीत ने एक नई बहस को जन्म दिया है कि क्या बिहार की नेतृत्व अब धीरे-धीरे विकास और सुशासन की ओर बढ़ रही है? इस नतीजे के बाद नेतृत्वक दलों पर भी दबाव बढ़ सकता है. केवल जातीय गणित के भरोसे चुनाव लड़ने के बजाय उन्हें अपने काम, वादों और शासन के रिकॉर्ड को भी प्रमुखता से सामने रखना पड़ सकता है. कैसी रही प्रशांत किशोर की स्ट्रैटजी बांकीपुर उपचुनाव के लिए प्रशांत किशोर की स्ट्रैटजी को लेकर नेतृत्वक विशेषज्ञों का मानना है कि उन्होंने जमीनी स्तर पर काम किया. वे खुद ही लोगों के घर-घर तक पहुंचे, ज्यादा से ज्यादा वोट की अपील की, पदयात्रा, चर्चा और कई सभाएं कीं. वे हर बार अपने भाषण में लोगों से वोट करने और प्रशासन को बदलने की अपील करते थे. इतना ही नहीं उन्होंने बीजेपी पर ज्यादा फोकस और टारगेट किया. वे कई बार बिहार के विकास की बात करते दिखे. उन्होंने अपने भाषण में इंफ्रास्ट्रक्चर, पलायन, उच्च शिक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन समेत कई आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर बात की. इस तरह से हर बार उन्होंने व्यवस्था में बदलाव की बात की. Also Read: आज पूरे बिहार में गरज-चमक के साथ होगी बारिश, इन 10 जिलों में ज्यादा रहेगा प्रभाव, IMD की एडवाइजरी जारी The post Prashant Kishor Won Bankipur Seat: क्या प्रशांत किशोर की जीत ने जातिवाद मॉडल का किया सफाया? PK की स्ट्रैटेजी की चर्चा तेज appeared first on Naya Vichar.

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VIDEO : प्रशांत किशोर की जीत के 5 कारण, BJP के गढ़ में कैसे दर्ज की बड़ी जीत? सुनिए

Prashant Kishor : प्रशांत किशोर की जीत ने बिहार की नेतृत्व में नई बहस छेड़ दी है. आखिर जनता ने उन पर भरोसा क्यों जताया और कौन से 5 बड़े कारण उनकी जीत की सबसे बड़ी ताकत बने? इस वीडियो में जानिए चुनावी रणनीति, जन सुराज की पकड़, जनता के मुद्दे और उन फैसलों की पूरी कहानी, जिन्होंने प्रशांत किशोर को जीत तक पहुंचाया. पीके ने ध्वस्त किया बीजेपी का किला बता दें कि, पटना के बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में जनसुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की है. बांकीपुर उपचुनाव में पीके को 64,151 वोट मिले. बीजेपी के नीरज को 44,827 वोट मिले तो वहीं राजद की रेखा कुमारी को केवल 14,273 वोट मिले. प्रशांत किशोर से ये सीट 19324 मतों से जीती है. इसे बीजेपी का मज़बूत गढ़ माना जाता है. जिसके राजा अब प्रशांत किशोर हैं. The post VIDEO : प्रशांत किशोर की जीत के 5 कारण, BJP के गढ़ में कैसे दर्ज की बड़ी जीत? सुनिए appeared first on Naya Vichar.

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FSSAI का एक्शन : ‘100% शुद्ध’ दावे वाले डाबर के शहद और घी की बिक्री पर रोक

हिंदुस्तानीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने डाबर इंडिया को ‘100% शुद्ध’ या ‘100%’ जैसे दावे वाले कुछ खाद्य उत्पाद बेचने से रोक दिया है. FSSAI का कहना है कि ऐसे दावों की पूरी तरह पुष्टि नहीं की जा सकती और इससे ग्राहक गुमराह हो सकते हैं. FSSAI ने सोमवार (3 अगस्त) को कहा कि उसने डाबर इंडिया के खिलाफ आदेश जारी किया है. यह कार्रवाई शहद, एप्पल साइडर विनेगर, वर्जिन नारियल तेल, तिल का तेल, गाय का घी, नारियल पानी और नारियल दूध जैसे उत्पादों पर ‘100%’ या ‘100% शुद्ध’ जैसे भ्रामक दावे करने के कारण की गई है. FSSAI के अनुसार, डाबर की वेबसाइट पर कई उत्पादों के साथ ‘100% Natural’, ‘100% Pure’, ‘100% Purity Guaranteed’, ‘100% Organic’ और ‘100% Tender Coconut Water’ जैसे दावे किए गए थे. नियामक का कहना है कि ऐसे दावों की पूरी तरह पुष्टि करना संभव नहीं है. इससे ग्राहकों के गुमराह होने की आशंका रहती है. FSSAI का कहना है कि इस तरह के दावे फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (एडवरटाइजिंग एंड क्लेम्स) रेगुलेशंस, 2018 का उल्लंघन करते हैं. नियामक के मुताबिक, कंपनियां ऐसे दावे नहीं कर सकतीं जो ग्राहकों को गुमराह करें या जिनकी पूरी तरह पुष्टि न की जा सके. FSSAI ने क्या कहा आपत्ति को लेकर FSSAI ने कहा कि डाबर के हिमालयन ऑर्गेनिक एप्पल साइडर विनेगर और डाबर ऑर्गेनिक हनी पर वैध FSSAI ऑर्गेनिक मंजूरी के बिना ‘जैविक हिंदुस्तान’ लोगो का इस्तेमाल किया जा रहा था. इसके अलावा, डाबर के Homemade Coconut Milk पर किए गए ‘100% शुद्धता’ के दावे पर भी नियामक ने आपत्ति जताई है. FSSAI के मुताबिक, 2018 के विज्ञापन और दावों से जुड़े नियमों के तहत इस तरह का दावा मिश्रित खाद्य पदार्थों (Compound Foods) के लिए मान्य नहीं है. नियामक का कहना है कि ऐसे उत्पादों को लेकर ‘100% शुद्ध’ जैसे दावे नहीं किए जा सकते. डाबर को नोटिस पहले किया गया था जारी FSSAI ने कहा कि उसने इससे पहले भी डाबर को नोटिस जारी कर ऐसे भ्रामक ‘100%’ दावों को बंद करने का निर्देश दिया था. लेकिन नियामक के अनुसार, कंपनी की ओर से इस मामले में कोई संतोषजनक सुधारात्मक कदम नहीं उठाया गया. इसके बाद FSSAI ने डाबर के खिलाफ कार्रवाई की. The post FSSAI का एक्शन : ‘100% शुद्ध’ दावे वाले डाबर के शहद और घी की बिक्री पर रोक appeared first on Naya Vichar.

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JPSC Scam: रांची के इस कोचिंग सेंटर में तैयार होता था आंसर, CID रेड में एडमिट कार्ड-मार्कशीट जब्त

रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं में कथित अनियमितता की जांच कर रही सीआईडी ने सोमवार को रांची, पलामू, हजारीबाग, बोकारो और धनबाद जिलों के 18 ठिकानों पर छापेमारी की. इनमें सनत प्रकाश का बोकारो स्थित आवास भी शामिल है. इन ठिकानों के तार किसी न किसी तरह से जेपीएससी मुख्यालय, टीडीपीएल कंपनी और कंपनी के मार्केटिंग मैनेजर रहे अभय तिवारी से जुड़े हैं. सीआईडी की टीम ने रांची के लालपुर स्थित कोचिंग संस्थान पतंजलि एकेडमी के परिसर व इसके संचालक संजीत ऊर्फ गोल्डेन के यहां भी दबिश दी है. आरोप है कि अभय तिवारी की टीम सबसे पहले ओएमआर शीट इसी कोचिंग संस्थान में लाती थी. यहीं, सवालों के सही जवाब तैयार किये जाते थे. बाद में वहीं तैयार शीट के अनुसार सभी ओएमआर शीट भरे जाते थे. सुबह 2 बजे से 6 बजे तक चली छापेमारी छापेमारी सोमवार तड़के सुबह 2:00 बजे से सुबह 6:00 बजे तक चली. छापेमारी के दौरान सीआईडी ने अलग अलग ठिकानों से लैपटॉप, मोबाइल, विभिन्न बैंकों की पासबुक-चेकबुक, अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी, एडमिट कार्ड और मार्कशीट सहित कई अहम दस्तावेज बरामद किये हैं. सीआईडी की टीम ने अभय तिवारी के देवघर स्थित आवास को भी खंगाला. वहीं, उसके साले सौरव की भी तलाश की जा रही थी, लेकिन वह नहीं मिला. छापेमारी के संबंध में सीआईडी ने अब तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है. ये भी पढ़ें: दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पुण्यतिथि आज, नेमरा बनेगा श्रद्धा और विकास का केंद्र, जुटेंगे राज्यभर के लोग कहां कहां पड़ी रेड रांची लालपुर में पतंजलि कोचिंग सेंटर धुर्वा सेक्टर-2 साइड-5 स्थित कोचिंग संचालक रवि कुमार और नामकुम में आदित्य पांडेय का घर पर छापा पड़ा. बोकारो सेक्टर-3सी, क्वार्टर नंबर-315 सनत प्रकाश का परिसर पर भी मारी गई रेड पलामू डालटनगंज पांकी रोड स्थित कोचिंग संचालक रविशंकर का परिसर, डालटनगंज के बीएन कॉलेज परिसर स्थित शिक्षक संतोष कुमार सिंह का परिसर, नौडीहा बाजार स्थित उसके पैतृक आवास व एक अन्य ठिकाना. धनबाद जीतेंद्र की तलाश में सरायढेला थाना क्षेत्र के वीटी इंफ्रा अपार्टमेंट, सरायढेला का एक कोचिंग सेंटर, धनबाद थाना क्षेत्र के हाउसिंग कॉलोनी और दो अन्य ठिकाने. हजारीबाग लालो यादव की तलाश में पौता और जेपीएससी में गलत तरीके से पास करने के आरोप में गिरफ्तार सुमन सौरभ के गंगादोहर स्थित आवास. ये भी पढ़ें: पांच अगस्त से कॉलेजों में चलेगा स्पेशल वोटर रजिस्ट्रेशन कैंपेन, मतदाता सूची में जुटेगा 18+ छात्रों का नाम The post JPSC Scam: रांची के इस कोचिंग सेंटर में तैयार होता था आंसर, CID रेड में एडमिट कार्ड-मार्कशीट जब्त appeared first on Naya Vichar.

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