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August 13, 2026

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कोलकाता नगर निगम के नये परिसीमन से नौ लाख करदाता होंगे प्रभावित, बदल जायेगा Assessee Numbers

कोलकाता से शिव कुमार राउत की रिपोर्ट कोलकाता नगर निगम क्षेत्र के करीब 9 लाख संपत्ति करदाताओं के असेसी नंबर जल्द बदलने वाले हैं. हालांकि, यह बदलाव अचानक नहीं होगा. निगम के 144 वार्डों को बढ़ाकर 209 किये जाने के कारण संपत्ति करदाताओं के कर पहचान नंबर में भी बदलाव किया जायेगा. नये वित्तीय वर्ष से संपत्ति कर के बिल नये असेसी नंबर के आधार पर जारी किये जाने की योजना है. दिसंबर तक हो सकते हैं चुनाव प्रशासनिक सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोलकाता नगर निगम के चुनाव इसी वर्ष नवंबर दिसंबर में कराये जा सकते हैं. उससे पहले वार्डों परिसीमन की प्रक्रिया पूरी की जा रही है. इस संबंध में तैयार मसौदा आम लोगों के लिए जारी कर दिया गया है, जिस पर नागरिक अपनी आपत्ति और सुझाव दे सकते हैं. कोलकाता और हावड़ा के वार्ड पुनर्विन्यास से संबंधित विधेयक बुधवार को विधानसभा में पास किया गया है. बनाये जा रहे कुल 65 नये वार्ड वार्डों की संख्या बढ़ने से बड़ी संख्या में नागरिकों के वार्ड बदल जायेंगे. कुल 65 नये वार्ड बनाये जा रहे हैं. ऐसे में संपत्ति करदाताओं की पहचान से जुड़े असेसी नंबर में भी बदलाव जरूरी होगा. निगम के संपत्ति कर मूल्यांकन विभाग की ओर से चुनाव के बाद इस काम को शुरू करने की तैयारी है. नये वित्तीय वर्ष की शुरुआत से पहले नयी नंबर व्यवस्था तैयार कर ली जायेगी, ताकि उसी के आधार पर संपत्ति कर के बिल जारी किये जा सकें. अधिसूचना जारी होने पर शुरू होगी प्रक्रिया निगम के एक अधिकारी ने बताया कि वार्ड परिसीमन विधेयक के विधानसभा से पारित होने और नगर एवं शहरी विकास विभाग की ओर से अधिसूचना जारी होने के बाद ही असेसी नंबर बदलने की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो सकेगी. फिलहाल चालू वित्तीय वर्ष के लिए बिल पहले ही तैयार किये जा चुके हैं, इसलिए तत्काल नंबर बदलना संभव नहीं है. आम करदाताओं पर असर नहीं निगम के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, आम करदाताओं को इस बदलाव से विशेष परेशानी होने की संभावना नहीं है. हालांकि, जिन संपत्ति मालिकों ने कर संबंधी मामलों में ट्रिब्यूनल में मुकदमा दायर किया है या निर्धारित कर मूल्यांकन के खिलाफ आपत्ति दर्ज करायी है और मामला अभी विचाराधीन है, उन्हें पुराने और नये असेसी नंबर के बीच तालमेल बैठाने में कुछ दिक्कतें हो सकती हैं. सिर्फ असेसी नंबर ही नहीं बदलेगा, बल्कि कोलकाता के 65 नये वार्डों में 65 नये कर्मचारी भी तैनात किये जायेंगे. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें तेज होगी टैक्स संग्रह की प्रक्रिया नये इलाकों में तैनात हुए कर्मचारी नये वार्डों के संपत्ति करदाताओं के साथ समन्वय कर टैक्स संग्रह की प्रक्रिया को आगे बढ़ायेंगे. नगर निगम का संपत्ति कर विभाग पिछले कुछ समय से विभिन्न प्रशासनी अभियानों, जनगणना और वार्ड परिसीमन के अलावा आयुष्मान हिंदुस्तान और अन्नपूर्णा योजना से जुड़े कार्यों में भी व्यस्त है. इसके चलते इस वर्ष संपत्ति कर संग्रह पर भी असर पड़ा है. अब चुनाव खत्म होने के बाद विभाग पूरी ताकत के साथ कर संग्रह और नयी असेसी नंबर व्यवस्था लागू करने की तैयारी में जुटेगा. Also Read: कोलकाता-हावड़ा नगर निगम में बढ़ गये वार्ड, बंगाल विधानसभा में ध्वनि मत से बिल पास The post कोलकाता नगर निगम के नये परिसीमन से नौ लाख करदाता होंगे प्रभावित, बदल जायेगा Assessee Numbers appeared first on Naya Vichar.

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बांकीपुर जीतने के बाद अब वादों को पूरा करने में जुटे प्रशांत किशोर, ताबड़तोड़ किए 4 ऐलान और लक्ष्य भी बताया

Prashant Kishor Annoncement: प्रशांत किशोर बांकीपुर सीट जीतने के बाद अब जनता से किए गए वादों को पूरा करने में जुट गए हैं. पिछले कुछ दिनों से वह अपने विधानसभा क्षेत्र में काफी एक्टिव दिख रहे हैं. इस दौरान उन्होंने लोगों से मुलाकात करने के साथ-साथ मीडिया से बातचीत की. इस दौरान उन्होंने 4 ऐलान करने के अलावा मौजूदा प्रशासन पर तंज भी कसा. प्रशांत किशोर ने किए ये 4 ऐलान 10 हजार युवाओं को प्राइवेट नौकरी दिलाने की कोशिश प्रशांत किशोर ने 10 हजार युवाओं को प्राइवेट नौकरी दिलाने की बात कही है. उन्होंने युवाओं से कहा है कि वे अपना अपडेटेड सीवी और बायोडेटा उनके ऑफिस में जमा कर दें. पीके ने कहा कि उनका लक्ष्य अगले एक से दो सालों में कम से कम 10 हजार बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिलाने का है. उन्होंने कहा था कि देशभर में अपने संपर्कों के जरिये युवाओं को बड़ी कंपनियों से जोड़ने की कोशिश की जाएगी. लेकिन इसके लिए युवाओं को शुरुआत में बिहार से बाहर भी जाना पड़ सकता है. बच्चों को प्राइवेट स्कूल में पढ़ाने की करेंगे व्यवस्था प्रशांत किशोर ने कहा, बिहार में शिक्षा व्यवस्था सुधारे बिना बच्चों का भविष्य नहीं बदलेगा. बांकीपुर में करीब 70 प्रतिशत परिवार अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाते हैं. ऐसे में सवाल सिर्फ फीस का नहीं, हजारों परिवारों की आर्थिक चिंता का है. बढ़ती फीस की वजह से हर माता-पिता अपने शिशु को अच्छे स्कूल में नहीं पढ़ा पाते हैं. पीके ने कहा, मार्च 2027 तक प्राइवेट स्कूल संचालकों से बातचीत कर ऐसी व्यवस्था बनाने की कोशिश होगी, जिससे फीस कम हो सके. बिहार की अन्य ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें राशन कार्ड की व्यवस्था 3 महीने में सुधारने की कोशिश प्रशांत किशोर ने राशन कार्ड और लोगों को मिलने वाले अनाज को लेकर भी दावा किया है. प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर उन्हें तीन महीने का समय दिया गया तो कोई राशन कार्ड बनवाने के नाम पर रिश्वत नहीं ले सकेगा. उन्होंने यह भी कहा था, मुफ्त अनाज वितरण में करीब 30 प्रतिशत की चोरी हो रही है और इसका हिस्सा विधायक, सांसद और अधिकारियों तक पहुंचता है. पीके के मुताबिक, प्रशासन 5 किलो मुफ्त अनाज देने का दावा करती है, लेकिन गरीबों के हाथ में सिर्फ 4 किलो ही पहुंच रहा है. उन्होंने कहा कि अगले 3 महीने में व्यवस्था बदलने की कोशिश होगी और गरीबों को उनके हिस्से का पूरा 5 किलो अनाज हर हाल में मिलेगा. 60 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों को 1100 रुपये पेंशन दिलायेंगे बुजुर्गों को लेकर भी प्रशांत किशोर ने दावा किया. उन्होंने कहा जिन भी बुजुर्गों को 1100 रुपये की पेंशन नहीं मिल रही है, वे उनके ऑफिस में जाकर आवेदन कर सकते हैं. इसके बाद वह उन्हें 1100 रुपये पेंशन दिलाने की व्यवस्था करेंगे. बीजेपी की तरफ से घिरे पीके इस तरह से प्रशांत किशोर के 4 ऐलान को लेकर बिहार की सियासत में भी चर्चा तेज हो गई है. खासकर युवाओं को नौकरी देने को लेकर बीजेपी उन्हें घेर रही है. बीजेपी का कहना है कि बिहार से पलायन रोकने की बात करने वाले पीके खुद ही बच्चों को बाहर भेज रहे हैं. लेकिन इसे लेकर प्रशांत किशोर की तरफ से भी पलटवार किया गया है. साथ ही उन्होंने छात्र आंदोलनों को लेकर भी तंज कसा. Also Read: आज आधे बिहार में बिगड़ा रहेगा मौसम, इन 14 जिलों में ज्यादा रहेगा प्रभाव, बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट The post बांकीपुर जीतने के बाद अब वादों को पूरा करने में जुटे प्रशांत किशोर, ताबड़तोड़ किए 4 ऐलान और लक्ष्य भी बताया appeared first on Naya Vichar.

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बेटे या बेटी का नाम रखना है कुछ हटकर? मां-पापा के नाम से तैयार करें ये प्यारा कॉम्बिनेशन

Unique Baby Names: आजकल पेरेंट्स ऐसे नाम पसंद कर रहे हैं, जो यूनिक होने के साथ उनकी अपनी कहानी से भी जुड़े हों. ऐसे में मां और पापा के नाम के अक्षरों को मिलाकर शिशु का नाम रखना एक अच्छा आइडिया है. आप शुरुआत के अक्षर, बीच के अक्षर या दोनों नामों के छोटे हिस्से को जोड़कर कई खूबसूरत नाम बना सकते हैं. बस नाम सुनने में अच्छा हो और उसका अर्थ भी प्यारा हो, तो यह शिशु के लिए हमेशा खास रहेगा. बेटे के लिए ये नाम कर सकते हैं शॉर्टलिस्ट बेटी के लिए यूनिक नाम, Pc – AI अन्वी मां के नाम से अन और पापा के नाम से वी अक्षर लेकर अन्वी नाम बनाया जा सकता है. यह बच्ची के लिए छोटा और प्यारा नाम है. आन्या आ + न्या जैसे अक्षरों को मिलाकर आन्या नाम बनाया जा सकता है. यह नाम सुनने में काफी खूबसूरत लगता है. रिया मां-पापा के नाम से रि + या जैसे अक्षर लेकर रिया नाम बनाया जा सकता है. छोटा नाम पसंद करने वालों के लिए यह अच्छा विकल्प है. आर्या आर + या अक्षरों को जोड़कर आर्या नाम बनाया जा सकता है. यह नाम सुनने में सुंदर और बोलने में आसान है. अनाया मां और पापा के नाम के छोटे हिस्सों को मिलाकर अनाया नाम बनाया जा सकता है. बच्ची के लिए यह एक मॉडर्न नाम हो सकता है. अविका अवि + का जैसे अक्षरों को जोड़कर अविका नाम बनाया जा सकता है. यह नाम थोड़ा अलग और प्यारा लगता है. अनिका मां-पापा के नाम से अनि + का जैसे हिस्से लेकर अनिका नाम बनाया जा सकता है. यह छोटा और खूबसूरत नाम है. वान्या वा + न्या अक्षरों को मिलाकर वान्या नाम बनाया जा सकता है. बच्ची के लिए यह नाम काफी प्यारा लगेगा. आरिका आ + रिका जैसे अक्षरों से आरिका नाम बनाया जा सकता है. यूनिक नाम पसंद करने वाले पेरेंट्स इसे देख सकते हैं. नव्या मां और पापा के नाम से नव + या जैसे अक्षर लेकर नव्या नाम बनाया जा सकता है. यह छोटा और मॉडर्न नाम है. नाम के साथ अर्थ पर भी दें ध्यान मां-पापा के नाम से शिशु का नाम बनाते समय सिर्फ अक्षरों का मेल देखना जरूरी नहीं है. नाम का अर्थ, उच्चारण और स्पेलिंग भी जरूर देखें. कोशिश करें कि नाम बोलने और लिखने में आसान हो. ऐसा नाम चुनें जो शिशु के लिए आज भी प्यारा लगे और बड़े होने पर भी उसे पसंद आए. यह भी पढ़ें: नन्हे मेहमान के लिए ढूंढ रहे हैं परफेक्ट नाम? यहां देखें लेटेस्ट बेबी नेम्स The post बेटे या बेटी का नाम रखना है कुछ हटकर? मां-पापा के नाम से तैयार करें ये प्यारा कॉम्बिनेशन appeared first on Naya Vichar.

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ऑल-ब्लैक लुक में और भी स्टाइलिश हुई Hyundai Exter, ₹8.13 लाख में लॉन्च हुआ नया Knight Edition

साउथ कोरियाई कार कंपनी Hyundai ने अपनी एंट्री-लेवल SUV Exter का नया Knight Edition लॉन्च कर दिया है. पूरी तरह ब्लैक लुक वाली इस स्पेशल एडिशन की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 8.13 लाख रुपये रखी गई है. खास बात यह है कि Exter Knight की एंट्री ऐसे समय हुई है, जब कंपनी की Knight रेंज ने 2022 में शुरुआत के बाद से अब तक 1 लाख यूनिट की बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया है. Hyundai Exter Knight: वेरिएंट और कलर ऑप्शन Hyundai Exter के नए स्पेशल एडिशन को चार वेरिएंट में पेश किया गया है. इसमें पेट्रोल मैनुअल, पेट्रोल AMT और Hy-CNG Duo जैसे ऑप्शन मिलते हैं. कलर की बात करें तो आप इसे Titanium Black, Atlas White, Starry Night, Titan Grey और Golden Bronze जैसे पांच रंगों में खरीद सकते हैं. हालांकि, इस स्पेशल एडिशन में सिर्फ लुक और डिजाइन से जुड़े बदलाव किए गए हैं. इंजन और बाकी मैकेनिकल हिस्सों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. ये भी पढ़ें: Mahindra BE6 Sporteq का टीजर जारी, ट्रिपल-स्क्रीन के साथ आएगी नई इलेक्ट्रिक SUV, 15 अगस्त को होगी लॉन्च Hyundai Exter Knight: एक्सटीरियर Hyundai Exter Knight को नॉर्मल Exter से अलग दिखाने के लिए कंपनी ने इसके लुक में कई बदलाव किए हैं. पूरी SUV को ब्लैक थीम दी गई है. हालांकि, इसका वही बॉक्सी डिजाइन और मजबूत लुक बरकरार रखा गया है. आगे की तरफ ब्लैक कलर की ग्रिल, बंपर और Hyundai के लोगो मिलते हैं. नीचे दिया गया सिल्वर हिस्सा भी अब ब्लैक फिनिश में है. साइड से देखें तो इसमें 15-इंच के ब्लैक अलॉय व्हील दिए गए हैं. इनके पीछे रेड ब्रेक कैलिपर्स नजर आते हैं. साथ ही, ब्लैक रूफ रेल्स भी मिलती हैं. पीछे की तरफ भी ब्लैक थीम को जारी रखा गया है. यहां बंपर इंसर्ट, स्किड प्लेट और Hyundai लोगो को ब्लैक फिनिश दी गई है. वहीं, टेलगेट पर ‘Knight’ बैज इसे नॉर्मल Exter से अलग लुक देता है. Hyundai Exter Knight: इंटीरियर अंदर बैठते ही इसका स्पोर्टी लुक देखने को मिलता है. स्टैंडर्ड कार में जहां नेवी ब्लू और व्हाइट का डुअल-टोन इंटीरियर मिलता है, वहीं इस मॉडल में पूरा केबिन ब्लैक रखा गया है.  AC वेंट, सेंटर कंसोल और सीटों की सिलाई में ब्रास कलर के टच दिए गए हैं. रात के समय एम्बर कलर की फुटवेल लाइटिंग केबिन के माहौल को और खास बनाती है. Hyundai Exter Knight: कीमत, इंजन और गियरबॉक्स Hyundai Exter Knight को कंपनी ने HX 6 और HX 10 जैसे दो ट्रिम में उतारा है. इसकी कीमत की बात करें तो टॉप मॉडल AMT की कीमत ₹9.60 लाख तक जाती है. वहीं, अगर आप CNG का ऑप्शन लेना चाहते हैं, तो Hy-CNG Duo की कीमत इन दोनों पेट्रोल मॉडल के बीच रखी गई है. वेरिएंट इंजन ट्रांसमिशन कीमत (एक्स-शोरूम) HX 6 Knight 1.2L Kappa पेट्रोल MT ₹8,13,500 HX 6 Knight 1.2L Kappa पेट्रोल AMT ₹8,73,500 HX 6 Knight 1.2L Bi-fuel Kappa पेट्रोल + CNG MT ₹9,09,500 HX 10 Knight 1.2L Kappa पेट्रोल AMT ₹9,60,500 मैकेनिकल तौर पर Hyundai Exter Knight में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है. इसमें पहले की तरह 1.2-लीटर Kappa पेट्रोल इंजन मिलता है, जिसे 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स या Smart Auto AMT के साथ जोड़ा गया है. इसके अलावा, कंपनी इसका CNG वर्जन भी देती है, जिसमें पेट्रोल के साथ CNG का यूज होता है और 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स मिलता है. ये भी पढ़ें: Mahindra ने टीज किया नया पिकअप, Scorpio N से मिलती है डिजाइन, 14 अगस्त को होगा डेब्यू The post ऑल-ब्लैक लुक में और भी स्टाइलिश हुई Hyundai Exter, ₹8.13 लाख में लॉन्च हुआ नया Knight Edition appeared first on Naya Vichar.

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JPSC गड़बड़ी मामला: बिंसिस के निदेशक अरुण ने करोड़ों की संपत्ति अर्जित की, फिल्म भी बनायी; नाम रखा सेटर्स

JPSC Exam Scam: जेपीएससी की विभिन्न परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी मामले में शामिल कंपनी बिंसिस के निदेशक अरुण शर्मा है जिन्हें एक दिन पहले ही रांची पुलिस ने मुंबई से गिरफ्तार किया है. वहीं गड़बड़ी में शामिल पाई गई एक और नई कंपनी आईसीएन इंडिया के निदेशक मिथिलेश सिंह उर्फ आरके सिंह हैं. इन दोनों आरोपियों से अरुण कुमार और आरके सिंह ने करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति अर्जित की. इनमें बिहार में शिक्षण संस्थान, पुणे में होटल और दिल्ली-गुरुग्राम में जमीन-मकान शामिल हैं. अरुण कुमार ने मुंबई स्थित अपने फिल्म निर्माण संस्थान के जरिए फिल्म निर्माण में पैसा लगाने और नोएडा में शूटिंग के नाम पर उत्तर प्रदेश प्रशासन से सब्सिडी भी ली. इन लोगों ने 2019 में सेटर्स नामक फिल्म भी बनाई. उनके भाई श्रीकांत उर्फ लल्लू को वर्ष 2011 के अखिल हिंदुस्तानीय आयुर्विज्ञान संस्थान की स्नातकोत्तर प्रवेश परीक्षा लीक मामले में सीबीआई ने आरोपी बनाया था. अरुण ने रक्षा अनुसंधान संगठन की परीक्षाओं में भी किया घपला सीआईडी को बताया गया है कि अरुण कुमार ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन की परीक्षाओं में अधिकारी महेंद्र कपूर के साथ मिलकर अभ्यर्थियों को गलत तरीके से पास कराया. सैन्य अभियंता सेवा, पुणे की वर्ष 2021-22 की परीक्षा में करीब 300 अभ्यर्थियों के उत्तर पत्रकों में छेड़छाड़ की, जबकि दिल्ली में जेएनयू के समीप आयोजित राष्ट्रीय प्रतिरक्षा अनुसंधान संस्थान की वर्ष 2020 की परीक्षा में करीब 20 अभ्यर्थियों को इसी तरह नौकरी दिलाई गई. झारखंड में तीन जुलाई 2022 को आयोजित जेएसएससी कनीय अभियंता परीक्षा का प्रश्न पत्र तीन दिन पहले ही लीक कर बिहार-झारखंड के करीब 700 अभ्यर्थियों तक पहुंचाया गया, जिसके बाद परीक्षा रद्द करनी पड़ी. इस मामले में अरुण कुमार के सहयोगी अभिषेक कुमार की गिरफ्तारी हुई थी जबकि अरुण कुमार भाग गया था. इसी तरह 28 जनवरी 2024 की स्नातक स्तरीय परीक्षा में भी अरुण कुमार और आरके सिंह ने राजस्थान के परीक्षा माफिया गिरोह के साथ मिलकर बिहार के गया- औरंगाबाद में प्रश्न पत्र रटवाये, जिसके बाद यह परीक्षा भी रद्द हुई. वर्ष 2017 में बिहार के नवीनगर स्थित रेल भर्ती परीक्षा और वर्ष 2019 में बिहार सिपाही भर्ती से जुड़े 14 करोड़ रुपए के कथित गबन मामले में भी अरुण कुमार का नाम सामने आया, जिसमें शास्त्रीनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज होने की बात कही गई है. परीक्षा उपनियंत्रक श्वेता गुप्ता को थी गड़बड़ियों की जानकारीः रणवीर सिंह टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह ने बताया कि जितनी तरह की गड़बड़ियां होती थीं, उनकी जानकारी परीक्षा उपनियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता को थी. वह जानती थी कि सभी काम उसके लालपुर स्थित आवासीय कार्यालय में होता था. श्वेता गुप्ता को एसीएफ, एफआरओ के इंटरव्यू और 14वीं जेपीएससी परीक्षा के संचालन और निगरानी का काम तत्कालीन अध्यक्ष ने सौंपा था. श्वेता गुप्ता ने ही 14वीं सिविल सेवा परीक्षा की आंसर सीट व्हाट्सएप पर उसके कर्मी उस्मान और पीके सिंह को भेजी थी, ताकि ओएमआर सीट में गड़बड़ी की जा सके. चयनित अभ्यर्थी की ओएमआर शीट स्ट्रांग रूम से निकाल कर वह लोगों को देता था, जिसके बाद खाली छोड़े गए गोलों को भर कर उसके अंक बढ़ा दिए जाते थे. अभय तिवारी के उम्मीदवार हजारीबाग के अजीत यादव, रांची की नीतू कुमारी, दीपशिखा कुमारी, पलामू के संतोष राम, चतरा के संजीत यादव समेत हजारीबाग के वीरेन्द्र कुमार यादव और शशि कुमार समेत कुछ अन्य लोगों के अंक उसने बढ़वाए. अभय तिवारी और धर्मेन्द्र ने कहा था एफआरओ के एक अभ्यर्थी से आठ से दस लाख रुपए मिलेंगे. रामवीर सिंह ने बताया कि उसे एफआरओ पीटी परीक्षा के तुरंत बाद अभय तिवारी, धर्मेन्द्र और आनंद और रवि ने 15 नाम दिए थे. उन्हें सफल कराना था. उसने मुख्य परीक्षा की कॉपी आयोग से निकाल उन लोगों को दिए, जिसके जवाब उन लोगों ने रांची और हजारीबाग के अलग-अलग स्थानों पर लिखवाए. ये भी पढ़ें- JPSC नियुक्ति घोटाला: जिस सिंडिकेट से जुड़ा है अभय, उसका नेटवर्क पूरे देश में, दर्जनों परीक्षाओं में की है गड़बड़ी डॉ जमाल से टीडीपीएल कनेक्शन पर सवाल, बोले- आरोप तथ्य से परे जेपीएससी की विभिन्न परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही सीआईडी के बुलावे पर बुधवार को जेपीएससी के पूर्व सदस्य डॉ जमाल अहमद सीआईडी कार्यालय पहुंचे. सीआईडी ने उनका बयान दर्ज किया. डॉ जमाल अहमद ने किसी भी गड़बड़ी में अपनी भूमिका से इनकार किया. उन्होंने कहा कि जिस मुद्दे पर उन्हें असहमति होती थी, आयोग की बैठकों में वह अपनी बात मजबूती से रखते थे. टीडीपीएल कंपनी के चयन में किसी तरह की गड़बड़ी या उसके माध्यम से छात्रों की गलत तरीके से नियुक्ति की उन्हें कोई जानकारी नहीं है. उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को तथ्यों से परे बताया. उल्लेखनीय है कि टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी ने डॉ जमाल अहमद समेत आयोग के अन्य सदस्यों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने आरोप लगाया था कि सभी मिलकर गलत तरीके से भर्तियां कराते थे. इंटरव्यू में अध्यक्ष के आदेश पर अभ्यर्थियों को गलत तरीके से अंक दिए जाते थे. हजारीबाग के एक एजेंट के माध्यम से पूरा स्पोर्ट्स संचालित होने का भी आरोप लगाया गया था. इस मामले में सीआईडी इससे पहले जेपीएससी की पूर्व सदस्य डॉ अजीता भट्टाचार्य से पूछताछ कर चुकी है. अब आयोग की एक अन्य पूर्व सदस्य डॉ अनिमा हांसदा से भी पूछताछ की जाएगी. मुख्य सचिव कार्यालय के कर्मी धर्मेंद्र से भी पूछताछ सीआईडी ने मुख्य सचिव कार्यालय के कर्मी धर्मेंद्र पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. रिमांड की अवधि बढ़ाए जाने के बाद उससे दोबारा पूछताछ की जा रही है. बुधवार को सीआईडी ने अन्य आरोपियों के बयानों के आधार पर धर्मेंद्र से कई सवाल पूछे. उससे पूछा गया कि पूर्व मुख्य सचिव एल खियांग्ते से उसके कैसे संबंध थे. टीडीपीएल और बिसिस कंपनी के संपर्क में वह कैसे आया और दोनों से पैसों का लेन-देन कब और किस माध्यम से हुआ. पूछताछ में धर्मेंद्र ने कहा कि एल खियांग्ते मुख्य सचिव थे, तभी से वह उनके संपर्क में था. पांच दिनों की रिमांड पर लिए गए बिंसिस के निदेशक जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के आरोप में मुंबई से गिरफ्तार बिंसिस कंपनी के निदेशक अरुण कुमार को सीआईडी ने बुधवार को पांच दिनों की

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होर्मुज पर ट्रंप की ‘स्टील की दीवार’ वाले दावे को ईरान ने नकारा, कहा- शर्तें माने अमेरिका तभी खुलेगा रास्ता

Strait Of Hormuz: ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के होर्मुज स्ट्रेट पर पूर्ण नियंत्रण वाले दावे को खारिज कर दिया है. ईरान का कहना है कि यह अहम समुद्री मार्ग अभी भी अवरुद्ध है और तेहरान की शर्तें स्वीकार किए जाने तक इसे दोबारा पूरी तरह नहीं खोला जाएगा. फारस की खाड़ी स्ट्रेट प्राधिकरण (PGSA) ने एक पोस्ट में कहा कि अमेरिकी अधिकारियों के बार-बार यह कहने से कि होर्मुज स्ट्रेट अब अवरुद्ध नहीं है, जमीनी स्थिति नहीं बदलती. अमेरिकी अधिकारियों के दावे और बार-बार दिए गए बयान कि होर्मुज स्ट्रेट अब अवरुद्ध नहीं है, वास्तविकता को नहीं बदलते हैं. होर्मुज स्ट्रेट अभी भी अवरुद्ध है और ईरान की शर्तें स्वीकार किए जाने तक इसे दोबारा नहीं खोला जाएगा- फारस की खाड़ी स्ट्रेट प्राधिकरण ट्रंप ने किया था पूर्ण नियंत्रण का दावा ईरान की यह प्रतिक्रिया ट्रंप के उस बयान के कुछ घंटों बाद आई, जिसमें उन्होंने ट्रुथ सोशल पर दावा किया था कि अमेरिका का होर्मुज स्ट्रेट पर पूर्ण नियंत्रण है और वह इसे बरकरार रखेगा. ट्रंप ने क्षेत्र में अमेरिकी नौसैनिक तैनाती को स्टील की दीवार बताया था. अमेरिका का होर्मुज स्ट्रेट पर पूर्ण नियंत्रण है. मुझे लगता है कि हम इसे बरकरार रखेंगे. हमारी नौसैनिक नाकाबंदी को हर कोई स्टील की दीवार कह रहा है और ईरान इसके बारे में कुछ नहीं कर सकता- डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति ईरान ने रखीं होर्मुज स्ट्रेट खोलने की शर्तें ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के नव नियुक्त प्रमुख मोहसेन रेजाई ने भी साफ किया है कि तेहरान होर्मुज स्ट्रेट को तब तक पूरी तरह नहीं खोलेगा, जब तक अमेरिका उसकी सभी शर्तों को पूरा नहीं करता. रेजाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा अमेरिका को युद्ध और नाकाबंदी खत्म करनी होगी ईरान की जब्त संपत्तियों को जारी करना होगा लेबनान और गाजा समेत पूरे क्षेत्र में युद्धविराम पर सहमत होना होगा. कई हफ्तों से बना हुआ है तनाव इस क्षेत्र में ईरानी, इजरायली और अमेरिकी सेनाओं के बीच कई हफ्तों से सैन्य तनाव बना हुआ है. इससे बड़े क्षेत्रीय संघर्ष की आशंका भी बढ़ रही है. तेहरान पहले भी चेतावनी दे चुका है कि यदि ईरान पर बाहरी दबाव बढ़ता है तो समुद्री यातायात को प्रतिबंधित या बाधित किया जा सकता है. दूसरी ओर, अमेरिका ने खाड़ी क्षेत्र में अपनी नौसैनिक मौजूदगी बढ़ा दी है और नौवहन की स्वतंत्रता को अपनी प्राथमिक सुरक्षा चिंताओं में रखा है. पर्दे के पीछे बातचीत भी जारी ट्रंप और ईरान की ओर से कड़े बयान ऐसे समय आ रहे हैं, जब दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच अप्रत्यक्ष राजनयिक बातचीत भी चल रही है. इन चर्चाओं का मकसद होर्मुज संकट को कम करना और नियमित समुद्री यातायात बहाल करने की शर्तों पर सहमति बनाना है. क्यों इतना अहम है होर्मुज स्ट्रेट? होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है. इस रास्ते से वैश्विक पेट्रोलियम व्यापार का करीब 20 प्रतिशत गुजरता है. ऐसे में इस क्षेत्र में तनाव बढ़ने का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और समुद्री व्यापार पर पड़ सकता है. Also Read: डोनाल्ड ट्रंप का दावा, होर्मुज में अमेरिकी नौसेना ने खड़ी की स्टील की दीवार; कहा- तेहरान कुछ नहीं कर सकता The post होर्मुज पर ट्रंप की ‘स्टील की दीवार’ वाले दावे को ईरान ने नकारा, कहा- शर्तें माने अमेरिका तभी खुलेगा रास्ता appeared first on Naya Vichar.

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रक्षाबंधन पर चंद्र ग्रहण का साया? जानें भारत में सूतक काल मान्य होगा या नहीं!

Chandra Grahan 2026: बीती रात यानी 12 अगस्त 2026 को साल का अंतिम सूर्य ग्रहण लगा. अब कुछ ही दिनों बाद साल का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है. खास बात यह है कि यह चंद्र ग्रहण रक्षाबंधन के दिन पड़ेगा. ऐसे में भाई-बहन के इस खास त्योहार पर ग्रहण का प्रभाव और हिंदुस्तान में इसके सूतक काल की स्थिति जानना जरूरी है. ज्योतिषीय दृष्टि से भी इस ग्रहण को महत्वपूर्ण माना जा रहा है. कब लगेगा चंद्र ग्रहण 2026? 28 अगस्त को साल का आखिरी चंद्र ग्रहण लगेगा. ग्रहण की शुरुआत सुबह 6 बजकर 55 मिनट पर उपच्छाया के स्पर्श से होगी. इसके बाद सुबह 8 बजकर 4 मिनट पर चंद्रमा प्रच्छाया में प्रवेश करेगा. वहीं, परमग्रास का समय सुबह 9 बजकर 43 मिनट रहेगा. यह आंशिक चंद्र ग्रहण होगा. खास बात यह है कि इस दिन रक्षाबंधन का पर्व भी मनाया जाएगा, ऐसे में चंद्र ग्रहण को लेकर लोगों की खास दिलचस्पी बनी हुई है. ज्योतिषाचार्य डॉ एन के बेरा ने बताया कि पंचांग के अनुसार, ग्रहण श्रावण शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर लगेगा, जिस दिन रक्षाबंधन का पर्व भी मनाया जाएगा. यह खंडग्रास यानी आंशिक चंद्र ग्रहण होगा. क्या हिंदुस्तान में मान्य होगा सूतक काल? यह चंद्र ग्रहण हिंदुस्तान में दिखाई नहीं देगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जिस स्थान पर ग्रहण दिखाई नहीं देता, वहां सामान्य तौर पर ग्रहण का सूतक काल मान्य नहीं माना जाता. इसलिए हिंदुस्तान में इस चंद्र ग्रहण का सूतक काल मान्य नहीं होगा और रक्षाबंधन से जुड़े पूजा-पाठ सहित सामान्य धार्मिक कार्य किए जा सकेंगे. यदि चंद्र ग्रहण हिंदुस्तान में दिखाई देता, तो मान्यता के अनुसार ग्रहण शुरू होने से करीब 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता. इस दौरान पूजा-पाठ, भोजन और शुभ कार्यों को लेकर कई धार्मिक नियम माने जाते हैं. कहां दिखाई देगा चंद्र ग्रहण? 28 अगस्त का यह आंशिक चंद्र ग्रहण हिंदुस्तान में दिखाई नहीं देगा. हालांकि, यूरोप, अफ्रीका, पश्चिमी एशिया और उत्तर एवं दक्षिण अमेरिका के कई हिस्सों में इसे देखा जा सकेगा. दृश्यता स्थान के अनुसार अलग-अलग हो सकती है. ग्रहण के दौरान क्या करें? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण का समय मंत्र जाप और आध्यात्मिक साधना के लिए विशेष माना जाता है. इस दौरान भगवान का स्मरण करते हुए चंद्र मंत्र, नवग्रह मंत्र, गायत्री मंत्र या महामृत्युंजय मंत्र का जाप किया जा सकता है. ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान और जरूरतमंदों को दान करने की परंपरा भी बताई गई है. ये भी पढ़ें: अगस्त 2026 में दिखेगा ‘ब्लड मून’, आसमान में नजर आएगा अद्भुत चंद्र ग्रहण रक्षाबंधन पर ग्रहण का क्या असर? चूंकि यह ग्रहण हिंदुस्तान में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां रक्षाबंधन की पूजा और राखी बांधने की परंपराओं पर ग्रहण संबंधी रोक लागू नहीं होगी. भाई-बहन सामान्य तरीके से त्योहार मना सकते हैं. हालांकि, ग्रहण को लेकर ज्योतिषीय मान्यताओं में राशि और नक्षत्र के आधार पर इसके प्रभाव की अलग-अलग व्याख्या की जाती है. The post रक्षाबंधन पर चंद्र ग्रहण का साया? जानें हिंदुस्तान में सूतक काल मान्य होगा या नहीं! appeared first on Naya Vichar.

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लोन लेने वालों के लिए RBI का नया फरमान, ब्याज दर से लेकर EMI तक बदल सकता है पूरा हिसाब

लोन लेने वाले ग्राहकों के लिए Reserve Bank of India (RBI) ने ब्याज दरों को लेकर नया प्रस्ताव रखा है. केंद्रीय बैंक ने सभी रेगुलेटेड एंटिटीज (REs) के लिए लोन की ब्याज दरों पर एक समान और साफ नियम बनाने का ड्राफ्ट पेश किया है. इसका मकसद बैंकों और NBFCs में ब्याज दर तय करने की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना और ग्राहकों को ज्यादा साफ जानकारी देना है. प्रस्ताव में फिक्स्ड और फ्लोटिंग रेट दोनों तरह के लोन के लिए बेंचमार्क और स्प्रेड तय करने का तरीका स्पष्ट करने की बात कही गई है. यानी ग्राहक को यह समझने में आसानी होगी कि उसके लोन की ब्याज दर आखिर कैसे तय हुई. क्या है RBI का नया प्रस्ताव? नए फ्रेमवर्क के तहत सभी लोन को बेंचमार्क रेट और एक तय स्प्रेड से जोड़ा जाएगा. यह स्प्रेड किसी रेगुलेटेड एंटिटी की बोर्ड-अप्रूव्ड और पारदर्शी इंटरनल पॉलिसी के आधार पर तय होगा. प्रस्ताव के मुताबिक लोन की कीमत बेंचमार्क रेट से कम नहीं रखी जा सकेगी. जेफरीज के मुताबिक कई NBFCs फिलहाल PLR से कम दर पर लोन देते हैं. ऐसे मामलों में उन्हें अपना बेंचमार्क बदलकर नए फ्रेमवर्क के मुताबिक करना पड़ सकता है. फ्लोटिंग रेट लोन में क्या बदलेगा? RBI ने बैंकों के फ्लोटिंग रेट पर्सनल और MSME लोन के लिए एक्सटर्नल बेंचमार्क से लिंकिंग को बरकरार रखने का प्रस्ताव दिया है. वहीं MCLR की गणना को भी एक समान करने की बात कही गई है. इसके तहत MCLR की गणना नए डिपॉजिट और बॉरोइंग की मंथली मार्जिनल कॉस्ट के 3-मंथ मूविंग एवरेज के आधार पर करने का प्रस्ताव है. इसके अलावा फ्लोटिंग रेट लोन की इंटरेस्ट रेट रीसेट पीरियॉडिसिटी को अधिकतम 3 महीने तक रखने का प्रस्ताव है. ये भी पढ़ें: 10 और 20 रुपये के आएंगे प्लास्टिक नोट, प्रशासन ने 200 करोड़ नोटों के परीक्षण को दी मंजूरी ब्याज की गणना कैसे होगी? RBI ने इंटरेस्ट कैलकुलेशन को भी एक समान करने का प्रस्ताव रखा है. इसके तहत: ब्याज डेली रिड्यूसिंग बैलेंस के आधार पर निकाला जाएगा. एक्चुअल/एक्चुअल डे-काउंट कन्वेंशन लागू करने का प्रस्ताव है. ब्याज में मंथली रेस्ट का इस्तेमाल होगा. WCDL फैसिलिटीज में फिक्स्ड-टेन्योर ड्रॉडाउन को इंटरेस्ट रेट और स्प्रेड तय करने के लिए अलग लोन माना जा सकता है. जेफरीज का मानना है कि एक्चुअल/एक्चुअल डे-काउंट कन्वेंशन लागू करने में शुरुआत में कुछ ऑपरेशनल चुनौतियां आ सकती हैं. ग्राहकों और लेंडर्स पर क्या असर होगा? Citi के मुताबिक RBI का कंसोलिडेटेड इंटरेस्ट रेट्स डायरेक्शंस फ्रेमवर्क ट्रांसपेरेंसी, बॉरोअर प्रोटेक्शन और रेट गवर्नेंस को मजबूत करने की दिशा में है. प्रस्ताव के कुछ अहम बदलाव इस तरह हैं: प्रस्तावित बदलाव क्या मतलब है स्प्रेड रिविजन नॉन-CRP स्प्रेड कंपोनेंट्स 3 साल तक लॉक रहेंगे; CRP में बदलाव क्रेडिट प्रोफाइल बदलने पर ही होगा APR कैप ₹50,000 तक के माइक्रोफाइनेंस और स्मॉल-वैल्यू रिटेल लोन के लिए APR की अधिकतम सीमा तय होगी डे-काउंट एक्चुअल/एक्चुअल कन्वेंशन को स्टैंडर्ड किया जाएगा रीसेट पीरियड फ्लोटिंग रेट लोन में रीसेट पीरियड अधिकतम 3 महीने होगा MCLR 3 महीने के नए डिपॉजिट और बॉरोइंग की औसत मार्जिनल कॉस्ट के आधार पर गणना होगी APR कैप से हाई-यील्ड स्मॉल-टिकट लोन पर निर्भर लेंडर्स की कमाई पर दबाव पड़ सकता है. साथ ही शुरुआत में कंप्लायंस कॉस्ट और कामकाज की जटिलता बढ़ सकती है. हालांकि, प्रस्ताव में 29 अप्रैल की ट्रांजिशन डेडलाइन से लेंडर्स को तैयारी के लिए समय मिलने की बात कही गई है. ये भी पढ़ें: Delhi Lakshmi Yojana : कब आएगी लक्ष्मी योजना की पहली किस्त? यहां जानें अपडेट The post लोन लेने वालों के लिए RBI का नया फरमान, ब्याज दर से लेकर EMI तक बदल सकता है पूरा हिसाब appeared first on Naya Vichar.

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हाजीपुर में मॉर्निंग वॉक पर निकले ठेकेदार की पांच गोली मारकर हत्या, बिना पोस्टमार्टम कराए शव को घर लेकर लौटे परिजन

Hajipur Murder News : हाजीपुर जिला के सदर थाना क्षेत्र के दिग्घी नया टोला में गुरुवार की सुबह अपराधियों ने कंस्ट्रक्शन ठेकेदार राम नरेश राय की गोली मारकर हत्या कर दी. अपराधियों ने ठेकेदार को नजदीक से ताबड़तोड़ पांच गोलियां मारीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. रोज की तरह टहलने निकले थे ठेकेदार प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक राम नरेश राय कंस्ट्रक्शन का काम करते थे. वह हर दिन की तरह सुबह में टहलने के लिए निकलते थे आज भी सुबह में वह निकले थे लेकिन उनके साथ कोई भी उनके साथ ही नहीं था हर दिन उनके साथ लगभग 5 से 6 लोग सुबह में रहते थे. बिना पोस्टमार्टम कराए शव लेकर लौटे स्वजन घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई. परिजनों ने आनन-फानन में शव को सदर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन बाद में बिना पोस्टमार्टम कराए ही स्वजन शव को अपने घर वापस ले आए. हालांकि, घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना की पुलिस मौके पर पहुंच गई और पूरे मामले की बारीकी से छानबीन में जुट गई है. परिवार का विवरण मृतक राम नरेश राय अपने घर पर माता-पिता के साथ रहते थे. उनकी पत्नी पटना में रहकर उनके इकलौते बेटे की पढ़ाई-लिखाई संभाल रही हैं. वही परिवार में कोहराम मच गया है. पुलिस का कहना है कि अपराधियों की पहचान और हत्या के कारणों का पता लगाने के लिए हर बिंदु पर जांच की जा रही है. समाचार अपडेट हो रही है… Also Read : हाजीपुर में कर्नाटक पुलिस की छापेमारी, 98 लाख लूट और हत्या का आरोपी को किया गिरफ्तार The post हाजीपुर में मॉर्निंग वॉक पर निकले ठेकेदार की पांच गोली मारकर हत्या, बिना पोस्टमार्टम कराए शव को घर लेकर लौटे परिजन appeared first on Naya Vichar.

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JPSC नियुक्ति घोटाला: जिस सिंडिकेट से जुड़ा है अभय, उसका नेटवर्क पूरे देश में, दर्जनों परीक्षाओं में की है गड़बड़ी

JPSC Recruitment Scam: सीआईडी जेपीएससी की विभिन्न परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की जांच करने के क्रम में रोज नए खुलासे कर रही है. इस क्रम में जांच एजेंसी को भर्ती की दूसरी परीक्षाओं के बारे में भी रोज नई जानकारी मिल रही है. सार यह है कि टीडीपीएल, बिंसिस, आइसीएन जैसी कुछ कंपनियां झारखंड ही नहीं, देश के कई राज्यों में परीक्षाओं का संचालन करती रहती हैं. लेकिन इनके नाम नियुक्ति घोटाले में सामने आ रहे हैं. बिंसिस निदेशक गिरफ्तार, जांच के घेरे में ICN इंडिया के निदेशक बिंसिस और आईसीएन पर आरोप है कि दोनों के निदेशकों ने सीजीएल समेत अन्य परीक्षाओं में गड़बड़ी और फर्जीवाड़ा की. बताया जाता है कि इन कंपनियों का एक सिंडिकेट है, जिसमें पूरे देश के लोग जुड़े हैं. झारखंड से अभय तिवारी इसी सिंडिकेट का एक अहम हिस्सा था, जबकि मुख्य सचिव कार्यालय में कार्यरत धर्मेंद्र भी इस सिंडिकेट का एक अहम कड़ी बन चुका था. अब जांच के आगे बढ़ने के क्रम में नई कंपनी, नए निदेशक और सिंडिकेट के नए नामों का खुलासा हो रहा है. इसी कड़ी में अब नया नाम जेएसएससी में परीक्षा संचालन का काम कर चुकी कंपनी बिंसिस का सामने आया है. जिसके निदेशक अरुण शर्मा है और जिन्हें रांची पुलिस ने मंगलवार को मुंबई से गिरफ्तार किया. इसके अलावा एक नई कंपनी आईसीएन इंडिया का नाम सामने आया है, जिसके निदेशक मिथिलेश सिंह उर्फ आरके सिंह हैं. ब्लैकलिस्ट के बाद नाम बदलकर काम हासिल करने का आरोप दोनों आरोपियों के विरुद्ध शिकायत मिली है कि उन्होंने झारखंड में हुई स्नातक स्तरीय परीक्षा सीजीएल समेत अन्य परीक्षाओं में गड़बड़ी की. दोनों कंपनियों ने जेएसएससी में परीक्षा संचालन का काम किया था. बताया जा रहा है कि वर्ष 2023 में बिंसिस टेक्नोलॉजी को ब्लैकलिस्ट किया गया, जिसके बाद इन्हीं लोगों ने नाम बदलकर आईसीएन इंडिया के नाम पर आयोग से जुड़ी परीक्षाओं का काम हासिल कर लिया. जिसमें जेपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष के निजी सहायक ब्रज कुमार की मदद ली गई. इन लोगों ने गलत तरीके से टेंडर लिया और बाद में ब्लैकलिस्ट भी हुए. लेकिन जो भी कंपनी यहां काम लेती थी, उससे ये सांठगांठ कर लेते थे. सूत्रों के अनुसार मिथिलेश सिंह उर्फ आरके सिंह ने अपने पुत्र नवीन किशोर के नाम पर दिल्ली के द्वारका स्थित आईसीएन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड बनाई. वहीं अरुण कुमार पर आरोप है कि अपने ऊपर मुकदमा दर्ज होने के बाद वह अपने चालक भूषण पासवान और सहयोगी अजीत कुमार को बिंसिस टेक्नोलॉजी में निदेशक बनाकर स्वयं हिस्सेदार बने रहे. बहुत कम कर्मियों के बाद भी फर्जी कागजातों के आधार पर परीक्षा के काम का टेंडर हासिल किया गया. ये भी पढ़ें- रांची में स्त्री यात्रियों के लिए बढ़ेगी सुविधा, शहर में चलेंगी 10 नई पिंक सिटी बसें ’14वीं JPSC में 100 से अधिक, बैकलॉग में 100 अभ्यर्थी पास कराए’ टीडीपीएल कंपनी कर्मी उस्मान ने बताया कि उसने 2025 में टेक्निकल स्टाफ के रूप में टीडीपीएल में काम शुरू किया. वहीं प्रदीप कुमार सिंह इंजीनियर के रूप में कार्यरत थे. ओएमआर का काम प्रदीप कुमार और ओएमएस का काम हेमंत कुमार वर्मा करते थे. इन सबमें टेंपरिंग और मैनुपुलेशन का काम हेमंत कुमार वर्मा और संजय मिलकर करते थे. संजय, अभय तिवारी और श्वेता के संपर्क में रहता था. टेंपरिंग के लिए कंपनी के निदेशक रामवीर सिंह और सतपाल सिंह की टीम बाहर से आती थी. वह टीम की मॉनिटरिंग करता था. इस काम के लिए उसे बिल एमाउंट का 20% देने का वादा किया गया था. उसने बताया कि 14वीं जेपीएससी में 100 से अधिक, एसीएफ एफआरओ में सौ, जेपीएससी बैकलॉग में भी 100 अभ्यर्थी पैसे देकर पास हुए. रामवीर सिंह ने सबकुछ मैनेज किया, प्रदीप कुमार सिंह ने ओएमआर शीट में और संजय कुमार ने मेंस की आंसरसीट में गड़बड़ी की. इन परीक्षाओं में गड़बड़ी कराने का है आरोप रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन की परीक्षा, रेल भर्ती, बिहार सिपाही भर्ती, जेपीएससी परीक्षाओं, सैन्य अभियंता सेवा पुणे की वर्ष 2021-22 की परीक्षा, जेएसएससी जेई परीक्षा, स्नातक स्तरीय परीक्षा, राजस्थान पीसीएस, तेलंगाना मेडिकल परीक्षा, पंजाब राज्य की परीक्षाएं और एनटीपीसी की परीक्षाएं. परीक्षा में CDPO 10-10 लाख लेकर कराई थी नियुक्ति अभय तिवारी ने अपने बयान में एक आईएएस अधिकारी का नाम भी लिया है. उसने बताया है कि टीडीपीएल के रामवीर सिंह और सतपाल सिंह संबंधित आईएएस अधिकारी के यहां आते-जाते थे. अभय ने कहा कि उसने उन लोगों से सुना था कि उक्त अधिकारी के भी तीन लोगों का चयन जेपीएससी 14वीं परीक्षा में कराया गया है. इसके अलावा अभय तिवारी ने यह भी बताया कि सीडीपीओ की परीक्षा में भी टीडीपीएल ने 10-10 लाख रुपए लेकर जनरल सीट पर झारखंड के बाहर के अभ्यर्थियों को सफल कराया. तिवारी ने बताया कि हरिओम टावर में सानंद प्रकाश के नाम पर कमरा लिया गया था. इसके अलावा अन्य जगहों पर लखनऊ, पंजाब और हरियाणा से उसके एजेंट सतपाल एवं मिश्रा लोगों को बुलाते थे और उनसे उत्तर लिखवाते थे. अच्छा उत्तर लिखवाने के लिए प्रोफेसरों की भी मदद ली जाती थी. एसीएफ और एफआरओ की परीक्षा में पास कराने के लिए उसने 40 लाख रुपए दिए. ये भी पढ़ें- आंदोलनकारी छात्रों के बीच पहुंचे रघुवर दास, बोले- मांगें पूरी नहीं हुईं तो मैं भी अनशन पर बैठूंगा The post JPSC नियुक्ति घोटाला: जिस सिंडिकेट से जुड़ा है अभय, उसका नेटवर्क पूरे देश में, दर्जनों परीक्षाओं में की है गड़बड़ी appeared first on Naya Vichar.

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