Hot News

September 3, 2026

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Birthright Citizenship: ट्रंप के नए आदेश पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, बर्थ टूरिज्म पर कार्रवाई की थी तैयारी

Birthright Citizenship: मैरीलैंड की अमेरिकी जिला न्यायाधीश डेबोरा एल. बोर्डमैन ने बुधवार को आदेश जारी करते हुए कहा कि यह निषेधाज्ञा तब तक प्रभावी रहेगी, जब तक प्रवासी परिवारों और उनके समर्थन में काम करने वाले संगठनों की ओर से दायर सामूहिक मुकदमे का निपटारा नहीं हो जाता. ‘जन्मजात नागरिकता’ पर कोर्ट की अहम टिप्पणी न्यायाधीश बोर्डमैन ने अपने आदेश में कहा कि उच्चतम न्यायालय पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि प्रमाणित वर्ग में शामिल शिशु जन्म से ही अमेरिकी नागरिक हैं. अमेरिका के मौजूदा कानून के तहत, कुछ अपवादों को छोड़कर, अमेरिकी धरती पर जन्म लेने वाले व्यक्ति को जन्म से ही अमेरिकी नागरिकता मिलती है. ट्रंप लंबे समय से इस व्यवस्था को बदलने की मांग करते रहे हैं. ट्रंप पहले भी जारी कर चुके हैं कार्यकारी आदेश राष्ट्रपति ट्रंप ने इससे पहले भी एक कार्यकारी आदेश जारी किया था, जिसमें अमेरिका में अवैध रूप से या अस्थायी तौर पर रह रहे लोगों के यहां जन्म लेने वाले बच्चों को अमेरिकी नागरिकता देने से इनकार करने की बात कही गई थी. हालांकि, जून में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रयास को झटका दिया था. इसके बाद ट्रंप ने अगस्त में एक बार फिर जन्मजात नागरिकता को सीमित करने की कोशिश की. इस बार जारी कार्यकारी आदेश का दायरा पहले के मुकाबले सीमित रखा गया और इसमें मुख्य रूप से ‘बर्थ टूरिज्म’ को निशाना बनाया गया. क्या है ‘बर्थ टूरिज्म’? ट्रंप प्रशासन के अनुसार, ‘बर्थ टूरिज्म’ उस स्थिति को कहा जाता है, जब कोई विदेशी नागरिक अमेरिकी धरती पर शिशु को जन्म देने के उद्देश्य से गैर-आप्रवासी वीजा पर अमेरिका आता है. इसका मकसद शिशु को जन्म के आधार पर अमेरिकी नागरिकता दिलाना होता है. अमेरिकी प्रशासन के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति खास तौर पर अपने शिशु को अमेरिकी नागरिकता दिलाने के उद्देश्य से अमेरिका जाने के लिए वीजा मांगता है, तो इसे पहले से ही धोखाधड़ी की श्रेणी में माना जा सकता है. ऐसी स्थिति में वीजा देने से इनकार किया जा सकता है या वीजा पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है. प्रशासन की दलील को कोर्ट ने किया खारिज ट्रंप प्रशासन के वकीलों ने अदालत में दलील दी कि नए आदेश पर रोक लगाने की मांग अभी समय से पहले की गई है. उनका कहना था कि संघीय एजेंसियां आदेश को लागू करने के लिए उचित उपाय अपनाएंगी और इसके लिए ऐसे आधिकारिक दिशा-निर्देशों का इस्तेमाल किया जाएगा, जिन्हें अभी जारी किया जाना बाकी है. हालांकि, न्यायाधीश बोर्डमैन ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया. उन्होंने कहा कि दिशा-निर्देशों में चाहे जो भी प्रावधान किए जाएं, 2026 का कार्यकारी आदेश संघीय एजेंसियों को बच्चों की कई व्यापक श्रेणियों को नागरिकता से जुड़े दस्तावेज जारी करने से रोकने का निर्देश देता है. ये भी पढ़ें: Explained : हिंदुस्तान के लिए खतरे की घंटी है अमेरिका की बॉन्ड यील्ड? आसान भाषा में समझिए IMF की चेतावनी का मतलब The post Birthright Citizenship: ट्रंप के नए आदेश पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, बर्थ टूरिज्म पर कार्रवाई की थी तैयारी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

अभिषेक बनर्जी के कार्यालय पर हमला, हथियारबंद लोगों ने कर्मचारियों को पीटा

कोलकाता: कैमक स्ट्रीट स्थित अभिषेक बनर्जी के कार्यालय पर ‘हमला’ हुआ. अभिषेक ने हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया. आरोपों, तोड़फोड़ और हिंसा के बाद कार्यालय कर्मचारियों के फोन छीन लिए गए. अभिषेक ने भाजपा पर आरोप लगाए हैं. उन्होंने पुलिस पर निष्क्रियता का भी आरोप लगाया है. अभिषेक ने सीसीटीवी कैमरे में कैद फुटेज की क्लिप सुबह करीब 4:30 बजे सोशल मीडिया पर साझा की. पुलिस पर लगाया गंभीर आरोप अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया- भाजपा के हथियारबंद गुंडे जबरन पार्टी कार्यालय में घुस गए और हमला किया. कार्यकर्ताओं के मोबाइल फोन छीनकर कार्यालय में तोड़फोड़ की गई और फर्नीचर को भी नुकसान पहुंचाया गया. अभिषेक बनर्जी ने X हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट करके शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार फोन और ईमेल करने के बावजूद करीब दो घंटे तक पुलिस की ओर से कोई जवाब नहीं मिला. हथियारबंद लोगों ने की कर्मचारियों की पिटाई अभिषेक बनर्जी का दावा है कि हमला बुधवार रात को हुआ. उनका कहना है कि यह घटना पुलिस की मौजूदगी में घटी. उस समय अभिषेक बनर्जी के कर्मचारी दफ्तर की सुरक्षा कर रहे थे. आरोप है कि हथियारबंद कर्मचारी दफ्तर में घुस आए, पहले कर्मचारियों की पिटाई की और उनके फोन छीन लिए. फिर वे ऊपरी मंजिल पर गए और दफ्तर में तोड़फोड़ की. पूरे कार्यालय को पुलिस ने घेर लिया था समाचार मिलते ही तृणमूल आईटी सेल की अध्यक्ष उपासना चौधरी सुबह वहां पहुंचीं. उन्होंने कहा-जो कुछ हो रहा है, वह सब गुंडागर्दी है. जहां से भी विपक्ष की आवाज उठ रही है, हर जगह को निशाना बनाया जा रहा है. एक गंदी साजिश चल रही है. उपासना और अन्य तृणमूल कार्यकर्ता कार्यालय के नीचे खड़े थे. सुबह कैमक स्ट्रीट स्थित पूरे कार्यालय को पुलिस ने घेर लिया था. अंदर प्रवेश वर्जित था. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें अब प्रशासन सक्रिय है भाजपा के मुख्य प्रवक्ता देबजीत प्रशासन ने कहा-तृणमूल प्रशासन के शासनकाल में विभिन्न जिलों में भाजपा कार्यालयों और कार्यकर्ताओं के घरों में तोड़फोड़ और आगजनी जैसी घटनाएं हुईं. इस घटना के बाद आज छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन उनकी प्रशासन के दौरान प्रशासन सक्रिय नहीं था, अब प्रशासन सक्रिय है. अगर ऐसी घटनाएं हुई हैं, तो अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा. Also Read: बंगाल में होगी जाति प्रमाणपत्रों की जांच, अब तक 45,000 लोग संदिग्ध सूची में The post अभिषेक बनर्जी के कार्यालय पर हमला, हथियारबंद लोगों ने कर्मचारियों को पीटा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

झारखंड में 5 से 9 साल से टूटे पड़े हैं 20 से ज्यादा पुल, 300 गांवों का मुख्य सड़क से संपर्क टूटा

Jharkhand Bridge Crisis: ये तस्वीरें झारखंड के उन दूर-दराज के गांवों की हैं, जहां नदी-नालों पर बने पुल-पुलिया ग्रामीणों की जिंदगी की डोर हैं. गांवों की स्कूली शिक्षा, खेती-बाड़ी, छोटे-मोटे व्यापार और बीमारों का इलाज इन्हीं पुलों पर टिके हैं. राज्य के ग्रामीण इलाकों में 20 से ज्यादा पुल-पुलिया और डायवर्सन या तो ढह गए हैं या क्षतिग्रस्त हो चुके हैं. कई पुल-पुलिया तो पांच से नौ साल से क्षतिग्रस्त पड़े हैं, लेकिन अब तक न तो उनकी मरम्मत हुई है और न ही नए पुल बनाए गए हैं. इन पुल-पुलियों का निर्माण ‘मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना’ के तहत ग्रामीण कार्य विभाग ने कराया था, लेकिन मरम्मत या नये पुलों के निर्माण की समयसीमा को लेकर विभाग के अधिकारियों के पास स्पष्ट जवाब नहीं है. ये भी पढ़ें- Ranchi में अब हटेगा अतिक्रमण, हर वार्ड में बनेगा वेंडर मार्केट, CM हेमंत सोरेन ने दिए निर्देश बारिश के इस मौसम में रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, हजारीबाग, पलामू और जामताड़ा के सुदूर इलाकों में पुल-पुलियों के क्षतिग्रस्त होने से 300 से अधिक गांवों का बाहरी दुनिया से संपर्क बाधित हो गया है. ग्रामीणों को 10 से 35 किलोमीटर तक अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है. कई शिशु स्कूल नहीं जा पा रहे हैं, जबकि कई ने स्कूल बदल लिया है. किसान खेत-खलिहान और मंडी तक नहीं पहुंच पा रहे हैं. व्यापारियों को गांव से बाजार पहुंचने में दिक्कत हो रही है, वहीं मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है. ऐसे में कई परिवार पलायन कर दूसरी जगहों पर बस गये हैं. जो लोग अब भी गांवों में रह रहे हैं, वे जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं. प्रमंडलों के इंजीनियरों का कहना है कि अधिकतर पुल 10 से 20 साल पुराने हैं. बजट और स्वीकृति के अभाव में पुलों का निर्माण कार्य रुका हुआ है. प्राथमिकता के आधार पर नए पुल बनाए जाने और क्षतिग्रस्त पुलों के जीर्णोद्धार का प्रस्ताव विभाग को भेजा गया है. ज्यादातर क्षतिग्रस्त पुलों का निर्माण ग्रामीण कार्य विभाग ने कराया नदी-नालों पर पुल-पुलियों का निर्माण कर दूरस्थ गांवों को हर मौसम में मुख्य सड़कों, बाजार, स्कूल, अस्पतालों और अन्य जरूरी सेवाओं से जोड़ना ‘मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना’ का मुख्य उद्देश्य है. इस योजना के तहत स्थानीय विधायक अपने विधानसभा क्षेत्र की जरूरत के अनुसार पुल निर्माण की अनुशंसा कर सकते हैं. जो पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनमें से ज्यादातर का निर्माण इसी योजना के तहत ग्रामीण कार्य विभाग ने कराया था. जबकि खूंटी के पेलौल पुल का निर्माण पथ निर्माण विभाग ने और लोहरदगा के पोगड़ो बांध से नागड़ा टोली मार्ग तक के पुल का निर्माण लघु सिंचाई विभाग ने कराया था. ये भी पढ़ें- बिजली गई तो अब देना होगा हिसाब, 11 और 33 केवी फीडरों की रोज होगी मॉनिटरिंग मुख्य अभियंता को भेजा गया प्रस्ताव, लेकिन कहते हैं- मुझे जानकारी नहीं रांची के सोनाहातू में बामलाडीह और हराडीह-बूढ़ाडीह पुल के जीर्णोद्धार का प्रस्ताव दो-तीन साल पहले ही इंजीनियरों ने बनाया था. इसे स्वीकृति के लिए मुख्य अभियंता के पास भेजा गया था. उसके बाद से ही यह अधर में लटका हुआ है. इसी तरह राज्य के अन्य क्षतिग्रस्त पुलों की मरम्मत का भी प्रस्ताव मुख्य अभियंता को भेजा गया है, लेकिन आज तक न तो जीर्णोद्धार का काम शुरू हुआ और न ही नयी योजनाओं को स्वीकृति मिली. इधर, विशेष प्रमंडल के मुख्य अभियंता अवधेश कुमार कहते हैं कि उन्हें क्षतिग्रस्त पुलों के बारे में कोई जानकारी नहीं है. ये पुल कब तक बनेंगे, यह भी उन्हें पता नहीं है. 7 सालों से टूटा पड़ा है सिमडेगा का गिरमा नदी ये भी पढ़ें- Petrol-Diesel Price Hike: रांची में आज से महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल, जानें कितने बढ़े दाम केस स्टडी रामरेखा धाम पहुंचने के लिए 10 किमी अतिरिक्त दूरी सिमडेगा के सदर प्रखंड के बीरू-तामड़ा मार्ग पर गिरमा नदी के ऊपर करीब 3.50 करोड़ रुपए की लागत से पुल का निर्माण कराया गया था. 18 अगस्त 2019 को भारी बारिश में पुल गिर गया था. इससे इलाके के 20 से ज्यादा गांव प्रभावित हैं, लेकिन, सात साल बाद भी पुल के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है. रामरेखा धाम कॉरिडोर को ध्यान में रखते हुए यह पुल बनवाया गया था. इसके टूटने से रामरेखा धाम आने-जाने वाले रांची और गुमला के श्रद्धालुओं को लंबा रास्ता अपनाना पड़ रहा है. रामरेखा, सिकरियाटांड़ और तामड़ा सहित अन्य गांवों के लोगों को रांची और गुमला जाने के लिए अतिरिक्त 10 किलोमीटर दूरी तय करनी पड़ रही है. इस पुल के गिरने से इलाके के 20 से अधिक गांवों का आवागमन प्रभावित हो गया है. The post झारखंड में 5 से 9 साल से टूटे पड़े हैं 20 से ज्यादा पुल, 300 गांवों का मुख्य सड़क से संपर्क टूटा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बिहार में 8 नदियां खतरे के निशान से ऊपर, 13 जिलों में बाढ़ का संकट गहराया, जानें नुकसान पर कितना मिलेगा मुआवजा

Bihar Flood: बिहार में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है. राज्य की 8 प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. गंगा, सोन, पुनपुन, कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती और घघरा नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है. बाढ़ का असर राज्य के 13 जिलों में दिख रहा है. कई इलाकों में पानी फैलने से जनजीवन प्रभावित है. पटना में भी प्रशासन हाई अलर्ट पर है. यहां गंगा, सोन और पुनपुन नदी खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं. पटना में गंगा, सोन और पुनपुन ने बढ़ाई चिंता पटना में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर हो रही है. गांधी घाट पर गंगा खतरे के निशान से 127 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है. दीघा घाट पर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 61 सेंटीमीटर ऊपर है. वहीं, श्रीपालपुर में पुनपुन नदी खतरे के निशान से 2.01 मीटर ऊपर बह रही है. नदी का पानी आसपास के घरों में भी पहुंच गया है. इंद्रपुरी बराज से सोन नदी में 5.54 लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया है. इसके बाद मनेर, दानापुर, बख्तियारपुर और मोकामा के दियारा इलाकों में पानी तेजी से फैल रहा है. फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए 12 प्रशासनी नावें तैनात की गई हैं. समस्तीपुर में खतरे के निशान से 1.50 मीटर ऊपर गंगा समस्तीपुर के मोहिउद्दीननगर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 1.50 मीटर ऊपर पहुंच गया है. भागलपुर में भी गंगा के कटाव ने चिंता बढ़ा दी है. राघोपुर-काजीकोरैया तटबंध पर तेज कटाव हो रहा है. इससे रेलवे के टैगिंग बांध को खतरा पैदा हो गया है. बांध को बचाने के लिए दिन-रात काम चल रहा है. करीब 200 ट्रैक्टर और 3 स्टीमर बालू की बोरियां गिराने में जुटे हैं. सोन के टीलों पर करीब 100 लोग फंसे रोहतास के नौहट्टा में सोन नदी का जलस्तर बढ़ गया है. नदी के टीलों पर खेती करने वाले करीब 100 लोग फंस गए हैं. जलस्तर बढ़ने के बाद इन लोगों को सुरक्षित निकालने की कोशिश की जा रही है. ये 13 जिले बाढ़ से प्रभावित राज्य के दरभंगा, मधुबनी, पश्चिम चंपारण, कटिहार, मधेपुरा, पूर्णिया, सहरसा, खगड़िया, वैशाली, बेगूसराय, भागलपुर, समस्तीपुर और मुंगेर बाढ़ से प्रभावित हैं. इन जिलों के निचले इलाकों में पानी फैलने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है. गंगा से लेकर पुनपुन तक, नदियों की स्थिति गंगा नदी दीघा, गांधी घाट, हाथीदह और कहलगांव में गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. मुंगेर में भी गंगा का जलस्तर चेतावनी स्तर को पार कर चुका है. सोन नदी इंद्रपुरी बराज से सोन नदी में करीब 5.54 लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया है. मनेर में सोन खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. पुनपुन नदी श्रीपालपुर में पुनपुन नदी खतरे के निशान से करीब 2 मीटर ऊपर है. नदी का पानी आसपास के घरों तक पहुंच गया है. बाढ़ में घर, फसल और पशुओं के नुकसान पर मिलेगी सहायता बाढ़ से प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत देने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है. आपदा प्रबंधन विभाग ने प्रभावित परिवारों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं. इसका मकसद फसल, पशु और मकान के नुकसान का आकलन कर जल्द राहत अनुदान उपलब्ध कराना है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें मकान टूटने पर कितना मिलेगा अनुदान? बाढ़ में घर को हुए नुकसान के आधार पर अलग-अलग राशि का प्रावधान है. पक्का घर पूरी तरह ध्वस्त: 1.20 लाख रुपये आंशिक रूप से पक्का घर क्षतिग्रस्त: 6,500 रुपये आंशिक रूप से कच्चा घर क्षतिग्रस्त: 4,000 रुपये झोपड़ी पूरी तरह नष्ट: 8,000 रुपये पशुओं का बाड़ा/शेड नष्ट: 3,000 रुपये फसल बर्बाद होने पर भी मिलेगी राहत सामान्य स्थिति में फसल नुकसान पर प्रति परिवार 7,000 रुपये राहत अनुदान का प्रावधान है. पानी कम होने के बाद कृषि विभाग फसल और पेड़-पौधों के नुकसान का अंतिम आकलन करेगा. इसके बाद अलग-अलग फसलों की निर्धारित दर के अनुसार भुगतान किया जाएगा. बाढ़ में मौत होने पर 4 लाख रुपये बाढ़ या आपदा में किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर उसके आश्रितों को 4 लाख रुपये की राहत राशि दी जाती है. वहीं, अस्पताल में भर्ती होने और अंग क्षति की स्थिति में भी अलग-अलग सहायता का प्रावधान है. एक सप्ताह या उससे ज्यादा अस्पताल में भर्ती: 16,000 रुपये एक सप्ताह से कम अस्पताल में भर्ती: 5,400 रुपये 40% अपंगता/अंग क्षति: 74,000 रुपये 60% अपंगता: 2.50 लाख रुपये घर बहने पर कपड़े और बर्तन के लिए भी सहायता बाढ़ में घर बहने या पूरी तरह प्रभावित होने पर जरूरी सामान के लिए भी सहायता दी जाती है. कपड़ों के लिए: 2,500 रुपये बर्तन के लिए: 2,500 रुपये अन्य जरूरी सामान के लिए: 2,000 रुपये बिहार में लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. प्रशासन प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य पर नजर बनाए हुए है. Also Read: “बऊआ कहीं ना मिलल…”, नेपाल बाढ़ त्रासदी में भाई को ढूंढ़ने गये वीरेंद्र खाली हाथ लौटे The post बिहार में 8 नदियां खतरे के निशान से ऊपर, 13 जिलों में बाढ़ का संकट गहराया, जानें नुकसान पर कितना मिलेगा मुआवजा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

राघव चड्ढा को पंजाब ड्राफ्ट SIR से हटाया गया, राज्यसभा सांसद ने AAP पर लगाया प्रतिशोध का आरोप

राघव चड्ढा ने एक्स पर एक लंबा पोस्ट डाला, जिसमें उन्होंने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, “पंजाब में AAP प्रशासन अब अपनी बदले की नेतृत्व को वोटर लिस्ट के ड्राफ्ट तक ले आई है.” वोटर लिस्ट के ड्राफ्ट में चड्ढा के नाम के आगे लिखा ‘शिफ्टेड’ चड्ढा ने आगे लिखा, “मैं पंजाब से राज्यसभा सांसद हूं और मेरा वोटर ID मोहाली, पंजाब में रजिस्टर्ड है. फिर भी, वोटर लिस्ट के ड्राफ्ट में मेरा नाम ‘शिफ्टेड’ (यानी दूसरी जगह चले गए व्यक्ति के तौर पर) दिखाया गया है. अच्छी बात यह है कि ये सिर्फ वोटर लिस्ट के ड्राफ्ट हैं, फाइनल वोटर लिस्ट नहीं. ‘दावे और आपत्तियों’ (Claims and Objections) की प्रक्रिया के दौरान नामों में सुधार किया जाता है और यह प्रक्रिया अभी चल रही है. फाइनल वोटर लिस्ट अक्टूबर 2026 में पब्लिश होगी. मैं पहले ही SIR गाइडलाइंस के तहत दिए गए उपायों का इस्तेमाल करने की प्रक्रिया में हूं. यह कोई मामूली क्लर्क की गलती नहीं लगती. यह साफ तौर पर नेतृत्वक बदले की भावना का मामला है.” राघव चड्ढा ने पंजाब की AAP प्रशासन से पूछे सवाल राघव चड्ढा ने पंजाब की भगवंत मान प्रशासन से एक के बाद एक कई सवाल पूछे. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा: {“type”:”faq”,”question”:”मुझे ‘शिफ्टेड’ किसने मार्क किया?”,”answer”:”AAP की पंजाब प्रशासन के एक अधिकारी ने.”}{“type”:”faq”,”question”:”उस क्लासिफिकेशन को किसने वेरिफाई किया?”,”answer”:”फिर से, AAP की पंजाब प्रशासन के ही एक अधिकारी ने.”}{“type”:”faq”,”question”:”इसे ऊंचे लेवल पर किसने प्रोसेस किया?”,”answer”:”एक बार फिर, AAP की पंजाब प्रशासन के उसी अधिकारी ने.”} अधिकारियों के जरिए नेतृत्वक दबाव बना रही AAP प्रशासन : चड्ढा राघव चड्ढा ने लिखा कि ग्राउंड लेवल पर BLO से लेकर पंजाब के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर तक, इस पूरी प्रक्रिया के हर लेवल पर पंजाब प्रशासन के अधिकारी ही काम करते हैं. BLO आम तौर पर पंजाब प्रशासन का एक जूनियर कर्मचारी होता है. बीच में आने वाले AERO, ERO और DEO भी पंजाब प्रशासन के अधिकारी होते हैं. सबसे ऊपर पंजाब-कैडर का IAS अधिकारी होता है, जो पंजाब के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर के तौर पर काम करता है. उन्होंने आरोप लगाया कि इन अधिकारियों को पता होता है कि चुनावी ड्यूटी खत्म होने के बाद उनके ट्रांसफर, पोस्टिंग और करियर पर AAP प्रशासन का कंट्रोल होता है. उन्हें पता होता है कि कौन उनका ट्रांसफर कर सकता है और कौन उनकी जिंदगी मुश्किल बना सकता है. इसी तरह AAP प्रशासन नेतृत्वक बदला लेने के लिए राज्य के अधिकारियों के जरिए नेतृत्वक दबाव बनाती है. आम आदमी पार्टी की लीडरशिप गुस्से से भरी हुई है : चड्ढा राघव चड्ढा ने अपने पोस्ट में आगे लिखा, “जब से मैंने भ्रष्ट आम आदमी पार्टी छोड़ी है, तब से उसकी लीडरशिप गुस्से से भरी हुई है. उसने हममें से उन लोगों के खिलाफ पंजाब पुलिस और पंजाब प्रशासन की एडमिनिस्ट्रेटिव मशीनरी लगा दी है, जिन्होंने चुप रहने से इनकार कर दिया था. जिन दूसरे सांसदों ने AAP छोड़कर BJP जॉइन की, उन्हें भी पंजाब प्रशासन ने निशाना बनाया है. यह गलत क्लासिफिकेशन उसी नेतृत्वक बदले की भावना का ताजा कदम है.” उन्होंने आगे लिखा, “इससे भी जरूरी बात यह है कि ECI की SIR के लिए डिटेल्ड गाइडलाइंस का पैराग्राफ 4(d) उन जन-प्रतिनिधियों के लिए एक ‘प्रोटेक्टेड लिस्ट’ बनाता है, जिनकी पहचान की गई है. इसमें जज, सांसद और विधायक शामिल हैं. इसमें कहा गया है: ‘न्यायपालिका के सदस्यों, जन-प्रतिनिधियों, घोषित पदों पर आसीन लोगों और कला, संस्कृति, पत्रकारिता, स्पोर्ट्स और जन-सेवा जैसे क्षेत्रों की जानी-मानी हस्तियों के नाम – जिन्हें पहले चुनावी डेटाबेस में चिह्नित किया गया था – उन्हें ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल किया जाना चाहिए, ताकि ‘दावे और आपत्तियां’ (Claims and Objections) दर्ज करने की अवधि के दौरान जरूरी दस्तावेज भी जमा किए जा सकें.’” पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट AAP प्रशासन की निजी संपत्ति नहीं राज्यसभा सांसद ने अपने पोस्ट में आगे लिखा, “मैं पंजाब से मौजूदा सांसद हूं. अगर मेरा नाम चिह्नित किया गया था, तो पैराग्राफ 4(d) के तहत मुझे ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल किया जाना जरूरी था. इस निर्देश को नजरअंदाज नहीं किया गया था, बल्कि मेरे मामले में जान-बूझकर इसका उल्लंघन किया गया. हो सकता है कि पंजाब में AAP की प्रशासन हो, लेकिन पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट उसकी निजी संपत्ति नहीं है.” ये भी पढ़ें: राम मंदिर ट्रस्ट CEO की नियुक्ति पर बोले भूपेश बघेल, पीएम मोदी को अब BJP और RSS कार्यकर्ताओं पर भरोसा नहीं रहा The post राघव चड्ढा को पंजाब ड्राफ्ट SIR से हटाया गया, राज्यसभा सांसद ने AAP पर लगाया प्रतिशोध का आरोप appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Viral Video: “जगत में सबसे सुंदर कौन?”— कृष्ण-अर्जुन का यह मजेदार डायलॉग जन्माष्टमी पर हुआ वायरल, आप भी लगा सकते हैं यह स्टेटस

Viral Video: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार 4 सितंबर 2026 को मनाया जाएगा. इस मौके पर श्रीकृष्ण और अर्जुन के बीच की दोस्ती की भी चर्चा होती है. श्रीकृष्ण और अर्जुन का रिश्ता सिर्फ भगवान और भक्त का नहीं, बल्कि दो ऐसे सखाओं का था, जिनके बीच गहरा प्रेम, विश्वास और आत्मीयता दिखाई देती है. महाहिंदुस्तान की कथा में अर्जुन को श्रीकृष्ण का प्रिय सखा माना गया है. दोनों के बीच का यह सखा भाव आज भी लोगों को खूब आकर्षित करता है. महाहिंदुस्तान का ये डायलॉग हुआ वायरल इसी रिश्ते की खूबसूरत झलक टीवी शो महाहिंदुस्तान के एक मजेदार संवाद में देखने को मिलती है. संवाद है— “जगत में सबसे सुंदर, कौन पार्थ?” और इसके जवाब में आता है— “मैं माधव!” यह छोटा-सा संवाद श्रीकृष्ण और अर्जुन के बीच के हल्के-फुल्के मजाक और अपनापन को बेहद दिलचस्प अंदाज में पेश करता है. ये भी पढ़ें: जन्माष्टमी की रात ऐसे करें लड्डू गोपाल की पूजा, बरसेगी कान्हा की कृपा कृष्ण-अर्जुन की दोस्ती को दर्शकों के बीच खास पहचान इस दृश्य में अर्जुन (पार्थ) का किरदार साहीर राज शेख और श्रीकृष्ण (माधव) का किरदार सौरभ राज जैन ने निभाया था. दोनों कलाकारों की शानदार केमिस्ट्री ने कृष्ण-अर्जुन की दोस्ती को दर्शकों के बीच खास पहचान दिलाई. जेंटैंगल आर्ट नाम के इंस्टाग्राम पेज का ये वायरल वीडियो लोगों को काफी पसंद आ रहा है. इसे अब तक 206K लाइक्स मिले हैं, और लोग इसपर मजेदार कमेंट कर रहे हैं. कई यूजर जय श्रीकृष्ण का कमेंट कर रहे हैं. साथ ही वीडियो के बैकग्राउंड में किसना फिल्म का गाना बज रहा है. जन्माष्टमी पर शेयर करें मजेदार स्टेट्स जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का पर्व है. इस खास मौके पर पूजा, भजन और शुभकामनाओं के साथ अगर आप सोशल मीडिया पर कुछ अलग और मनोरंजक पोस्ट करना चाहते हैं, तो कृष्ण-अर्जुन की दोस्ती वाला यह वीडियो स्टेट्स अच्छा विकल्प हो सकता है. The post Viral Video: “जगत में सबसे सुंदर कौन?”— कृष्ण-अर्जुन का यह मजेदार डायलॉग जन्माष्टमी पर हुआ वायरल, आप भी लगा सकते हैं यह स्टेटस appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Nepal Flood: नेपाल में बाढ़ से 1,243 लोगों की मौत और 4,875 लापता; PM बालेंद्र शाह ने मांगी अंतरराष्ट्रीय मदद

नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है. आपदा के एक सप्ताह बाद बुधवार को प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह संसद पहुंचे और स्थिति की जानकारी दी.द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, उन्होंने कहा कि इस भयावह त्रासदी से उबरने के लिए नेपाल को अंतरराष्ट्रीय समुदाय की मदद के साथ न्याय की भी जरूरत है. इस बीच बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,243 हो गई है, जबकि करीब 4,875 लोग अब भी लापता हैं. काठमांडू से सटे कम से कम तीन जिलों में राहत और बचाव अभियान जारी है. लगातार बारिश, मलबे और मुश्किल हालात के बीच बचाव दल लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं. प्रधानमंत्री शाह ने कहा कि देश के पुनर्वास और पुनर्निर्माण के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बेहद जरूरी है. प्रधानमंत्री ने कहा: अप्रत्याशित आपदा, तीव्र प्रशासनी कार्रवाई प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने संसद में कहा कि 26 अगस्त को आई फ्लैश फ्लड ऐसी घटना थी, जिसकी पहले से कल्पना करना बेहद मुश्किल था. उन्होंने कहा कि प्रशासन ने बिना समय गंवाए तेजी से कार्रवाई की. सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका की तारीफ करते हुए शाह ने बताया कि सेना, पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल ने तत्काल खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया और 13 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित बचाया. PM ने ग्लोबल वार्मिंग को ठहराया आपदा का जिम्मेदार पीएम बालेंद्र शाह ने कहा कि नेपाल ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन का शिकार है. उन्होंने औद्योगिक देशों से होने वाले कार्बन उत्सर्जन को भी इसके लिए जिम्मेदार बताया. उन्होंने कहा कि नेपाल जैसे पहाड़ी और बर्फ से ढके पर्वतों वाले देश जलवायु परिवर्तन के बढ़ते खतरे का सामना कर रहे हैं. ‘जलवायु परिवर्तन के पीछे वैश्विक योगदान’ संसद में प्रधानमंत्री ने कहा कि यह घटना दिखाती है कि जलवायु परिवर्तन के कारण पर्वतीय इलाकों के लोगों का जोखिम लगातार बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के पीछे वैश्विक योगदान है और इसके प्रभावों को कम करने तथा उन्हें नियंत्रित करने की जिम्मेदारी भी वैश्विक समुदाय की है. टनल में घुसा मलबा और पानी, बचाव अभियान हुआ मुश्किल शाह ने कहा कि सुरंग में मिट्टी के साथ जिस तरह बाढ़ का पानी तेजी से घुसा, वह सामान्य स्थिति नहीं थी. ऐसी परिस्थितियों में बचाव अभियान बेहद मुश्किल हो जाता है. उन्होंने कहा कि इस तरह की स्थिति से निपटने के लिए उपलब्ध तकनीक भी पर्याप्त नहीं है. प्रधानमंत्री ने नेपाली सेना, पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल के राहत एवं बचाव प्रयासों की सराहना की. UN महासभा में नेपाल की आवाज उठाने की तैयारी प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में नेपाली प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने की संभावना पर स्पष्ट पुष्टि नहीं की. हालांकि उन्होंने कहा कि नेपाल को जलवायु परिवर्तन के कारण हुए नुकसान और क्षति के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत तरीके से अपना पक्ष रखना होगा. उन्होंने कहा कि नेपाल को न्याय और पुनर्निर्माण के लिए वैश्विक समुदाय से सहयोग की जरूरत है. अंतरराष्ट्रीय मदद लेने से इनकार का सवाल ही नहीं अंतरराष्ट्रीय सहायता को लेकर शाह ने कहा कि इतनी बड़ी आपदा के समय विदेशी मदद स्वीकार नहीं करने का कोई सवाल ही नहीं है. उन्होंने कहा कि संकट की शुरुआत से ही नेपाल प्रशासन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ समन्वय किया है और राहत एवं सहायता हासिल करने की प्रक्रिया जारी है. अज्ञात शवों का DNA लिया गया, बाद में परिजनों को सौंपे जाएंगे प्रधानमंत्री ने बताया कि प्रशासन ने अज्ञात मृतकों के DNA सैंपल लिए हैं, जिन्हें वैज्ञानिक तरीके से जांचा जा रहा है. इसके बाद फिलहाल शवों को दफना दिया गया है. शाह ने कहा कि भविष्य में यदि किसी मृतक के परिजन उसकी पहचान के साथ सामने आते हैं, तो DNA मिलान के आधार पर शव को कब्र से निकालकर उन्हें सौंपा जा सकेगा. ये भी पढ़ें: होर्मुज में अमेरिका की नाकेबंदी, यमन में हूतियों का मिसाइल अटैक; 86 जहाजों का बदला रास्ता, 10 बैलिस्टिक मिसाइलों से बढ़ी टेंशन The post Nepal Flood: नेपाल में बाढ़ से 1,243 लोगों की मौत और 4,875 लापता; PM बालेंद्र शाह ने मांगी अंतरराष्ट्रीय मदद appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

3 सितंबर की टॉप-20 खबरें : जितेंद्र मिश्रा बने राम मंदिर ट्रस्ट के CEO, अमेरिका को मुंहतोड़ जवाब देने की तैयारी में ईरान, नेपाल में 1204 की मौत

1. ऑपरेशन सिंदूर में वेस्टर्न एयर कमांड की कमान संभालने वाले जीतेंद्र मिश्रा अब राम मंदिर ट्रस्ट के CEO, जानिए क्या होगी भूमिका हिंदुस्तानीय वायुसेना के रिटायर्ड एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को अयोध्या के राम मंदिर ट्रस्ट का पहला CEO नियुक्त किया गया है. वे ऑपरेशन सिंदूर में अपनी भूमिका के लिए जाने जाते हैं. अब वे ट्रस्ट के प्रशासनिक कार्यों को संभालेंगे. यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी समाचार 2. Nepal Flood: मौत का आंकड़ा 1204 पहुंचा, 3900 लोग लापता, 34 देशों के 590 विदेशियों का भी सुराग नहीं नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है. आधिकारिक अपडेट के मुताबिक मौत का आंकड़ा 1,204 पहुंच गया है, जबकि करीब 3,900 लोग अब भी लापता हैं. सबसे बड़ी चिंता 34 देशों के 590 विदेशी नागरिकों को लेकर है, जिनका सुराग नहीं मिला है. यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी समाचार 3. US-Iran War : अमेरिकी हमले के बाद खाड़ी देशों पर अटैक से लेकर होर्मुज बंद करने तक, जानिए ईरान के पास कितने विकल्प ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष तेज हो गया है. ईरान ने जॉर्डन, बहरीन, कुवैत और इराक में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है. अब सवाल है कि ईरान की जवाबी कार्रवाई कितनी आगे जा सकती है. यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी समाचार 4. अभिषेक बनर्जी के सेवाश्रय पर चलेगा बुलडोजर, हाई कोर्ट ने प्रशासन से कहा- अस्थायी निर्माणों को हटाइए कलकत्ता हाई कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी के सेवाश्रय शिविर को ध्वस्त करने का आदेश दिया है. स्पोर्ट्स के मैदान पर अतिक्रमण कर अवैध निर्माण का आरोप है. जानिए मामले की पूरी जानकारी. यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी समाचार 5. 3 दिन से मूसलाधार बारिश, दुर्गापुर बराज का बढ़ा जलस्तर, 111400 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, निचले इलाके जलमग्न दुर्गापुर और आसपास के इलाकों में लगातार 3 दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. निचले इलाके जलमग्न हो गये हैं और सड़कों पर पानी भर जाने से यातायात प्रभावित है. दुर्गापुर बराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने से स्थिति बिगड़ने की आशंका है. यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी समाचार 6. Bihar Cabinet: स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड 5 साल बढ़ा, बेगूसराय में इंडस्ट्रियल एरिया और सीतामढ़ी में ROB मंजूर, बिहार कैबिनेट बैठक में 27 एजेंडों पर मुहर बिहार कैबिनेट की बैठक में 27 अहम प्रस्तावों को मंजूरी मिली है. बेगूसराय में 700 एकड़ में औद्योगिक क्षेत्र बनेगा, सीतामढ़ी में 110 करोड़ से ज्यादा की लागत से ROB बनेगा. अरवल में मेडिकल कॉलेज-अस्पताल के लिए जमीन मिलेगी. स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना अगले पांच साल जारी रहेगी और 4 लाख तक शिक्षा लोन मिलेगा. यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी समाचार 7. JSSC CGL: नौकरी बहाल होने के बाद अब वेतन पर आफत, 1932 कर्मियों को विभागीय आदेश का इंतजार JSSC CGL के 1932 चयनित कर्मियों की नौकरी बहाल, पर वेतन भुगतान पर नया पेंच. विभाग के आदेश का इंतजार. जानें पूरी कहानी. यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी समाचार 8. SSC JE की 1748 पदों पर निकली वैकेंसी, जानें कहां और कैसे करें अप्लाई इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके युवाओं के लिए प्रशासनी नौकरी पाने का शानदार मौका है. कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने जूनियर इंजीनियर (JE) भर्ती 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. इस भर्ती के जरिए कुल 1748 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी. योग्य और इच्छुक उम्मीदवार SSC की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी समाचार 9. 8th Pay Commission Fitment Factor 4.0: अगर फिटमेंट फैक्टर 4.0 लागू हुआ तो 18000 वाली बेसिक सैलरी हो जाएगी 72000, इतनी बढ़ेगी सैलरी हिंदुस्तानीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (BPMS) 8वें वेतन आयोग में 4.0 फिटमेंट फैक्टर और ₹72,000 न्यूनतम वेतन की मांग कर रहा है. जानिए इस मांग के पीछे महंगाई, प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि और परिवार के आकार जैसे कौन से तर्क दिए गए हैं. यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी समाचार 10. Nepal Flood : अलर्ट आया, लेकिन तबाही पहले पहुंच गई; 38 मिनट में खुल गई वार्निंग सिस्टम की पोल नेपाल में 26 अगस्त की विनाशकारी बाढ़ ने हिमालयी आपदा चेतावनी प्रणालियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. ग्लेशियर टूटने के 38 मिनट बाद मोबाइल पर अलर्ट मिला, लेकिन तब तक बाढ़ कई इलाकों में तबाही मचा चुकी थी. जानें इस चूक के पीछे के कारण. यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी समाचार 11. गंभीर-अगरकर से BCCI मांगेगा जवाब? गिल-अय्यर के सामने टीम इंडिया के प्रदर्शन पर होगा मंथन बीसीसीआई आज मुंबई में टीम इंडिया के प्रदर्शन और भविष्य की रणनीति पर चर्चा के लिए एक अहम बैठक करेगा. इस बैठक में मुख्य कोच, चयनकर्ता और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे. खिलाड़ियों की फिटनेस और आगामी सीरीज की तैयारियों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा. यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी समाचार 12. हिंदुस्तान में होगी पहली स्त्री चैंपियंस ट्रॉफी, 14 से 28 फरवरी 2027 तक स्पोर्ट्सा जाएगा टूर्नामेंट ICC ने पहली बार स्त्री चैंपियंस ट्रॉफी 2027 की मेजबानी हिंदुस्तान को सौंपी है. यह टूर्नामेंट 14 से 28 फरवरी 2027 तक मुंबई और वडोदरा में स्पोर्ट्सा जाएगा. छह टीमें खिताब के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगी. यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी समाचार 13. Vivo T5 5G हुआ लॉन्च, 7050mAh बैटरी और 2,000 निट्स ब्राइटनेस से है लैस, कीमत ₹34,999 से शुरू Vivo ने हिंदुस्तान में Vivo T5 5G लॉन्च कर दिया है, जिसकी कीमत ₹34,999 से शुरू होती है. फोन में 7,050mAh बैटरी, 44W फास्ट चार्जिंग और 2,000 निट्स ब्राइटनेस मिलती है. इसमें MediaTek Dimensity 7500 Turbo चिपसेट और 50MP कैमरा भी दी गई है. यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी समाचार 14. 10 साल का इंतजार, फिर IVF से मिली जुड़वा बेटियां और हत्या का आरोप, क्या पोस्टपार्टम डिप्रेशन एक मां को इतना तोड़ सकता है? बेंगलुरु में मां पर जुड़वा बच्चियों की हत्या का आरोप. क्या यह पोस्टपार्टम डिप्रेशन का गंभीर रूप है? यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी समाचार 15. Petrol vs Electric: हीरो स्पलेंडर या ओला इलेक्ट्रिक, डेली यूज में कौन करवाएगा हजारों रुपये की बचत? रोजाना आने-जाने के लिए पेट्रोल पर चलने वाली हीरो स्पलेंडर प्लस या ओला इलेक्ट्रिक स्कूटर में से कौन बेहतर है? जानें कीमत, माइलेज, रनिंग कॉस्ट और मेंटेनेंस के आधार पर कौन आपके लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

VIDEO: पटना में पुनपुन नदी का रौद्र रूप, डेंजर लेवल पार करते ही धंसने लगी सड़क, घरों पर मंडराया खतरा

बिहार में गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच अब पुनपुन नदी भी खतरे का संकेत देने लगी है. पुनपुन नदी का जलस्तर डेंजर लेवल से ऊपर पहुंचने के बाद नदी किनारे बसे गांवों में दहशत का माहौल है. पटना से सटे बरैयाको पंचायत में नदी के किनारे बनी कनेक्टिविटी सड़क कई जगहों पर धंसने लगी है. सड़क के ठीक किनारे मकान होने के कारण ग्रामीणों को आशंका है कि जलस्तर और बढ़ा तो सड़क के साथ उनके घर भी नदी की चपेट में आ सकते हैं. डेंजर लेवल पार करते ही धंसने लगी सड़क पटना जिला प्रशासन के आंकड़े के अनुसार पुनपुन नदी का जलस्तर करीब 52 सेंटीमीटर तक पहुंच गया है, जबकि डेंजर लेवल करीब 50 सेंटीमीटर बताया जा रहा है. पानी का दबाव बढ़ने के साथ नदी किनारे की सड़क धीरे-धीरे कटने और धंसने लगी है. कई जगह सड़क के किनारे की मिट्टी खिसक रही है. 70-75 मकानों पर मंडरा रहा खतरा ग्रामीणों के अनुसार जिस सड़क पर कटाव शुरू हुआ है, उसके आसपास करीब 70-75 मकान हैं और गांव की आबादी लगभग 250 है. सड़क के ठीक किनारे बने मकानों को सबसे ज्यादा खतरा है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि सड़क का बड़ा हिस्सा धंस गया तो घरों के भी प्रभावित होने की आशंका है. रातभर जागकर नदी और सड़क की निगरानी ग्रामीण विनीत कुमार ने बताया कि 2019 के बाद पहली बार पुनपुन नदी में इस तरह का जलस्तर देखने को मिल रहा है. उन्होंने कहा कि सड़क लगातार धंस रही है और घर नदी के बिल्कुल किनारे हैं. ग्रामीण रातभर जागकर सड़क और नदी के जलस्तर पर नजर रख रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि बारिश और जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो गांव से बाहर निकलने का रास्ता भी बंद हो सकता है. इससे बच्चों, बुजुर्गों और मवेशियों को लेकर चिंता और बढ़ गयी है. एसडीएम-एसडीपीओ ने लिया जायजा स्थिति की जानकारी मिलने के बाद एसडीएम और एसडीपीओ समेत अधिकारियों ने प्रभावित इलाके का निरीक्षण किया. अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त हिस्से को बचाने के लिए बोरा और बांस लगाने का आश्वासन दिया है. ग्रामीण अब इंतजार कर रहे हैं कि सुरक्षा इंतजाम कब शुरू होते हैं. मवेशियों को लेकर भी बढ़ी चिंता बाढ़ के पानी के सड़क तक पहुंचने के बाद ग्रामीणों को मवेशियों की भी चिंता सताने लगी है. एक ग्रामीण ने बताया कि गाय को घर में बांधकर रखा गया है और ऐसे हालात में उसे बाहर निकालना भी जोखिम भरा है. पानी बढ़ने पर चारा और पशुओं को सुरक्षित रखने की समस्या भी गंभीर हो सकती है. ग्रामीण बोले- नेपाल जैसी त्रासदी का डर ग्रामीणों ने कहा कि लगातार बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण उन्हें रात में सोने में भी डर लग रहा है. उनका कहना है कि यदि रात में अचानक सड़क और नदी का किनारा टूट गया तो घरों को संभलने का मौका नहीं मिलेगा. इसी आशंका के कारण कई लोग रातभर जागकर स्थिति पर नजर रख रहे हैं. गंगा के बाद पुनपुन ने बढ़ायी चिंता एक तरफ गंगा के बढ़ते जलस्तर से पटना समेत नदी किनारे के इलाकों में चिंता बढ़ी हुई है, वहीं पुनपुन नदी के उफान ने दूसरी तरफ खतरा बढ़ा दिया है. नदी किनारे सड़क के धंसने से ग्रामीणों की चिंता अब सिर्फ जलस्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि संपर्क मार्ग और घरों की सुरक्षा को लेकर भी है. ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सड़क को सुरक्षित करने, कटाव रोकने और रात में निगरानी बढ़ाने की मांग की है. Also Read : आरक्षण पर विवाद नहीं संवाद हो, सवर्ण समाज की चिंताओं पर भी हो बात; उपेंद्र कुशवाहा बोले- चिराग पासवान को समझने की जरूरत The post VIDEO: पटना में पुनपुन नदी का रौद्र रूप, डेंजर लेवल पार करते ही धंसने लगी सड़क, घरों पर मंडराया खतरा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Janmashtami Vrat 2026: कब खोलें जन्माष्टमी व्रत? जानें पारण का समय और सावधानियां

Janmashtami Vrat Parana Time: जन्माष्टमी व्रत के बाद पारण का विधान शास्त्रों में बताया गया है. धर्मशास्त्र के अनुसार, जिस प्रकार पूजा में मुहूर्त का खास ख्याल रखा जाता है, उसी तरह पारण का समय और नियम का विशेष ध्यान रखना जरूरी है. इस साल जन्माष्टमी व्रत का पारण कब किया जाएगा, सही समय क्या है और इसके लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, आइए जानते हैं. जन्माष्टमी व्रत का पारण कब करें? मिथिला और ठाकुर प्रसाद पंचांग के अनुसार, शनिवार 5 सितंबर को किया जाएगा. पारण के लिए शुभ समय सुबह 6 बजकर 01 मिनट है. कई जगहों पर निशिता काल की पूजा के बाद व्रत का पारण करने की परंपरा है. मध्यरात्रि के बाद पारण 12 बजकर 43 मिनट के बाद किया जा सकता है. ये भी पढ़ें: आधी रात में ही क्यों हुआ था श्रीकृष्ण का जन्म? चंद्रमा और रोहिणी नक्षत्र से जुड़ा है रहस्य जन्माष्टमी व्रत-पारण के नियम शास्त्रों में जन्माष्टमी व्रत पारण को लेकर खास नियम बताए गए हैं. समाज में प्रचलित परंपरा के अनुसार, व्रत के अगले दिन सूर्योदय बाद पारण करना चाहिए. धर्मशास्त्र के जानकार मणिभूषण झा ने बताया कि जन्माष्टी का पारण सूर्योदय के बाद अष्टमी तिथि रोहिणी नक्षत्र समाप्त होने के बाद करना उचित है. किन चीजों को खाकर करना चाहिए पारण? जन्माष्टमी व्रत का पारण चरणामृत और तुलसी का सेवन करके करना चाहिए. इसके बाद श्रीकृष्ण को चढ़ाए गए प्रसाद का सेवन करना चाहिए. भगवान को अर्पित किए गए माखन-मिश्री, फल और धनिया पंजीरी का सेवन करके करना चाहिए. फल का प्रसाद सबसे पहले ग्रहण करना अच्छा माना गया है. पारण के तुरंत बाद क्या न करें जन्माष्टमी व्रत पारण के बाद तामसिक चीजें जैसे- लहसुन-प्याज, मांस और शराब का सेवन नहीं करना चाहिए. इसके अलावा इस दिन अत्यधिक तले-भुने खाद्य पदार्थों का सेवन भी नहीं करना चाहिए. मान्यता है कि पारण के तुरंत बाद इन चीजों का सेवन करने से व्रत का शुभ फल प्राप्त नहीं होता. ये भी पढ़ें: कृष्ण जन्माष्टमी पर घर में लड्डू गोपाल की स्थापना कैसे करें? जानें पूजा विधि पारण के बाद तुरंत सोने से बचना चाहिए. कुछ देर तक भगवान का स्मरण, भजन या नाम जाप करना चाहिए. ऐसा करने से व्रत का शुभ फल प्राप्त होता है. पारण के दिन व्रती को गुस्सा नहीं करना चाहिए. इस दिन भी वाणी पर संयम रखना चाहिए. किसी के लिए अपशब्दों प्रयोग नहीं करना चाहिए. मान्यतानुसार, ऐसा करने से व्रत निष्फल हो सकता है. The post Janmashtami Vrat 2026: कब खोलें जन्माष्टमी व्रत? जानें पारण का समय और सावधानियां appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top