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September 28, 2026

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जानिए किन शहरों में सस्ता हुआ पेट्रोल-डीजल, यहां चेक करें ताजा लिस्ट

Petrol-Diesel Price Today: 28 सितंबर को देश के बड़े शहरों में पेट्रोल-डीजल के ताजा भाव जारी हो गए हैं. मुंबई में आज पेट्रोल ₹111.21 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर बिक रहा है. ज्यादातर शहरों में कल के मुकाबले दाम नहीं बदले, लेकिन बेगूसराय, भागलपुर और भोपाल में दोनों फ्यूल सस्ते हुए हैं.  आज पेट्रोल का भाव क्या है? बड़े शहरों में पेट्रोल सबसे महंगा कोलकाता में है, जहां भाव ₹113.51 प्रति लीटर है. बेंगलुरु में यह ₹111.68, चेन्नई में ₹107.76 और नई दिल्ली में ₹102.12 है. गुरुग्राम में पेट्रोल ₹102.97 पर मिल रहा है.  पेट्रोल के दाम: शहर आज का रेट (₹/लीटर) कल का रेट (₹/लीटर) बदलाव (₹) पटना 113.37 113.37 0.00 बेगूसराय 113.80 113.94 -0.14 भागलपुर 113.61 114.37 -0.76 दरभंगा 114.16 114.16 0.00 गया 114.31 114.31 0.00 मुजफ्फरपुर 114.10 114.10 0.00 देवघर 104.99 104.99 0.00 धनबाद 105.66 105.66 0.00 जमशेदपुर  105.28 105.28 0.00 रांची 106.19 106.19 0.00 लखनऊ 101.86 101.86 0.00 नोएडा 101.96 101.96 0.00 नई दिल्ली 102.12 102.12 0.00 कोलकाता 113.51 113.51 0.00 मुंबई 111.21 111.21 0.00 चेन्नई 107.76 107.76 0.00 गुरुग्राम 102.97 102.97 0.00 बेंगलुरु 111.68 111.68 0.00 भोपाल 114.45 114.54 -0.09 डीजल के दाम में क्या खास है? डीजल सबसे सस्ता नई दिल्ली में है, जहां एक लीटर ₹95.20 का मिल रहा है. कोलकाता में यह ₹99.82, चेन्नई में ₹99.55 और बेंगलुरु में ₹99.56 है. वहीं मुंबई में ये ₹97.83 में बिक रहा है.  डीजल के दाम: शहर आज का रेट (₹/लीटर) कल का रेट (₹/लीटर) बदलाव (₹) पटना 99.36 99.36 0.00 बेगूसराय 99.77 99.90 -0.13 भागलपुर 99.59 100.30 -0.71 दरभंगा 100.10 100.10 0.00 गया 100.26 100.26 0.00 मुजफ्फरपुर 100.05 100.05 0.00 देवघर 100.21 100.21 0.00 धनबाद 100.86 100.86 0.00 जमशेदपुर  100.48 100.48 0.00 रांची 101.31 101.31 0.00 लखनऊ 95.36 95.36 0.00 नोएडा 95.44 95.44 0.00 नई दिल्ली 95.20 95.20 0.00 कोलकाता 99.82 99.82 0.00 मुंबई 97.83 97.83 0.00 चेन्नई 99.55 99.55 0.00 गुरुग्राम 95.64 95.64 0.00 बेंगलुरु 99.56 99.56 0.00 भोपाल 99.55 99.64 -0.09 ये भी पढ़ें: Starbucks करेगा 250 स्टोर्स बंद, जानिए आखिर कंपनी को क्यों लेना पड़ा ये फैसला The post जानिए किन शहरों में सस्ता हुआ पेट्रोल-डीजल, यहां चेक करें ताजा लिस्ट appeared first on Naya Vichar.

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पंजाब: दुष्कर्म के दावे पर LPU में बवाल, FIR दर्ज; SIT करेगी पूरे मामले की जांच

LPU Students Protest: पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में एक छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म के दावे को लेकर रविवार को जमकर हंगामा हुआ. छात्रों ने परिसर में तोड़फोड़ करने के साथ दिल्ली-अमृतसर राष्ट्रीय राजमार्ग-44 को भी जाम कर दिया. शाम को प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए और पुलिस के कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए. पुलिस के मुताबिक, छात्रों की शिकायत के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दुष्कर्म की प्राथमिकी दर्ज की गई है. मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया है. पुलिस ने कहा है कि जांच में फोरेंसिक नमूने, CCTV फुटेज और कॉल रिकॉर्ड समेत अन्य साक्ष्यों की जांच की जाएगी. दुष्कर्म के दावे को लेकर शुरू हुआ प्रदर्शन प्रदर्शन रविवार तड़के करीब एक बजे गर्ल्स हॉस्टल के पास शुरू हुआ. कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि हॉस्टल में रहने वाली एक छात्रा के साथ तीन दिन पहले एक प्लंबर ने दुष्कर्म किया. छात्रों का यह भी आरोप था कि हॉस्टल वार्डन को इसकी जानकारी दी गई थी, लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं हुई. हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन आरोपों को खारिज किया है. LPU के रजिस्ट्रार मोनिका गुलाटी ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व छात्रों के बीच “झूठे, निराधार और मनगढ़ंत” आरोप फैलाकर भ्रम पैदा कर रहे हैं. विश्वविद्यालय ने हॉस्टल की कुछ छात्राओं के वीडियो बयान भी जारी किए, जिसमें उन्होंने ऐसी किसी घटना की जानकारी होने से इनकार किया. NH-44 पर लगाया जाम, पुलिस से झड़प दोपहर तक बड़ी संख्या में छात्र NH-44 पर पहुंच गए और सड़क को जाम कर दिया. इससे हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. यातायात को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया गया. शाम करीब 7.30 बजे पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को सड़क खाली करने के लिए समझाने की कोशिश की. अधिकारियों के अनुसार, इसी दौरान कुछ छात्रों ने पुलिसकर्मियों पर पानी की बोतलें फेंकीं. इसके बाद पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया. स्थिति बिगड़ने पर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया. अधिकारियों के मुताबिक, पुलिस के चार से पांच वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं. दो वाहनों में आग लगाए जाने की भी जानकारी सामने आई है. हालात को काबू में करने के लिए कपूरथला, जालंधर ग्रामीण और होशियारपुर से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया. पुलिस ने कहा- जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई जालंधर रेंज के डीआईजी नवीन सिंगला ने बताया कि छात्रों के बयान के आधार पर FIR दर्ज की गई है और SIT का गठन किया गया है. उन्होंने कहा कि जांच में छात्रों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा. पुलिस अधिकारी ने कहा कि किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले फोरेंसिक सैंपल, CCTV फुटेज, कॉल रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का विश्लेषण किया जाएगा. छात्रों की ओर से हॉस्टल में केवल स्त्री स्टाफ की तैनाती समेत कुछ अन्य मांगें भी रखी गई हैं. LPU ने 10 दिन के लिए कक्षाएं स्थगित कीं हंगामे को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने सोमवार से 10 दिनों के लिए कक्षाएं निलंबित कर दी हैं. मध्यावधि परीक्षाएं भी अगले आदेश तक स्थगित कर दी गई हैं. दिनभर परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही. सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो में छात्रों को परिसर की संपत्ति में तोड़फोड़ करते और कुछ जगह आग लगाते हुए देखा गया. हालांकि, इन वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है. प्रदर्शन के दौरान एक छात्र को परिसर में रखे सेवा से हटाए गए MiG-23UM विमान पर चढ़ते देखा गया, जबकि कुछ अन्य छात्र सेना के एक टैंक पर भी चढ़ गए. छात्रों की कई मांगें प्रदर्शनकारी छात्र LPU के संस्थापक-कुलाधिपति और भाजपा के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के मौके पर पहुंचने की मांग कर रहे थे. छात्रों ने यह भी मांग की कि यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट सिस्टम तक उनकी पहुंच बंद न की जाए और प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ कार्रवाई या प्रताड़ना न हो. कुलपति जसपाल सिंह संधू ने छात्रों को आश्वासन दिया कि उनकी वास्तविक शिकायतों पर ध्यान दिया जाएगा और जांच में विश्वविद्यालय सहयोग करेगा. कांग्रेस ने प्रशासन पर साधा निशाना घटना को लेकर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने आम आदमी पार्टी प्रशासन पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि छात्रों की शिकायतों का पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से जवाब मिलना चाहिए. उन्होंने NH-44 जाम रहने का हवाला देते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए. फिलहाल पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है और मामले की जांच SIT को सौंप दी गई है. दुष्कर्म के आरोपों की वास्तविकता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी. The post पंजाब: दुष्कर्म के दावे पर LPU में बवाल, FIR दर्ज; SIT करेगी पूरे मामले की जांच appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड में बारिश से मिलेगी राहत, अगले चार दिनों में 4-5 डिग्री बढ़ेगा तापमान

Jharkhand Weather Update : मौसम विभाग के रांची केंद्र के अनुसार 28 सितंबर से राज्य के लोगों को लगातार बारिश से राहत मिलेगी. झारखंड के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर कम हो गया है. आज से तीन अक्तूबर तक मौसम को लेकर कोई चेतावनी नहीं है. इस दौरान राज्य में अगले चार दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में चार से पांच डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है. 28 सितंबर से दो अक्तूबर के बीच राज्य में कहीं-कहीं हल्केसे मध्यम दर्जे की बारिश या मेघ गर्जन की संभावना बनी रहेगी. राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में तीन अक्तूबर को आंशिक बादल छाये रहेंगे और मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा. 29 सितंबर से बढ़ेगा तापमान मौसम केंद्र ने पूर्वानुमान किया है कि तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है. इस दौरान आकाश में बादल छाये रहेंगे और कहीं-कहीं बारिश हो सकती है. 29 सितंबर से एक अक्तूबर तक अधिकतम तापमान बढ़कर 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 से 22 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है. तीन अक्तूबर को रांची में आंशिक बादल रहेंगे और मौसम शुष्क होने की संभावना जतायी गयी है. ये भी पढ़ें: मरीन ड्राइव हादसे के बाद भी नहीं चेते, शहर की मुख्य सड़कों पर बेखौफ खड़े हैं ब्रेकडाउन वाहन..देखें तस्वीरें पिछल 24 घंटे में सबसे अधिक बारिश पुटकी में मौसम विभाग के अनुसार बिहार से मध्य-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक फैली ट्रफ लाइन और उत्तर प्रदेश के उत्तर-मध्य भागों में बने वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया के प्रभाव से राज्य में नमी आ रहीहै. पिछले 24 घंटों के दौरान पुटकी, धनबाद में सबसे अधिक 45.0 मिमी के आसपास बारिश हुई. करमाटांड़ में 44.6 मिमी, जामताड़ा में 42.6 मिमी, नारायणपुर में 41.6 मिमी, बरकीसुरिया में 40.4 मिमी और मैथन में 38.0 मिमी बारिश हुई. राजधानी में 33.0 मिमी बारिश दर्ज की गयी. ये भी पढ़ें: Jharkhand Weather: बारिश के बीच आज शाम का मौसम डराएगा! गरज-चमक के साथ वज्रपात का अलर्ट The post झारखंड में बारिश से मिलेगी राहत, अगले चार दिनों में 4-5 डिग्री बढ़ेगा तापमान appeared first on Naya Vichar.

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बारिश ने बिगाड़ा भारत-अफगानिस्तान का खेल तो किसे मिलेगा सेमीफाइनल का टिकट? जानें पूरा नियम

IND vs AFG Asian Games 2026: एशियन गेम्स 2026 में हिंदुस्तानीय क्रिकेट टीम आज अपने अभियान की शुरुआत करने जा रही है. श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टीम इंडिया क्वार्टर फाइनल में अफगानिस्तान से भिड़ेगी. हिंदुस्तान की नजरें जीत के साथ सेमीफाइनल में जगह बनाने पर होंगी, लेकिन मुकाबले से पहले मौसम ने टेंशन बढ़ा दी है. अगर बारिश के कारण हिंदुस्तान और अफगानिस्तान का क्वार्टर फाइनल मैच नहीं हो पाया तो सेमीफाइनल का टिकट किसे मिलेगा? बारिश ने बढ़ाई हिंदुस्तान-अफगानिस्तान मैच की चिंता हिंदुस्तान और अफगानिस्तान के बीच एशियन गेम्स का क्वार्टर फाइनल मुकाबला जापान के नागोया में स्पोर्ट्सा जाना है. नागोया में पिछले कुछ दिनों से बारिश का दौर जारी है और मुकाबले के दिन भी मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई है. मैच के आयोजन स्थल कोरोबोशी स्पोर्ट्स पार्क में फ्लडलाइट्स की सुविधा भी नहीं है. ऐसे में बारिश के कारण मैदान गीला होने के अलावा खराब रोशनी भी मुकाबले में परेशानी पैदा कर सकती है. हिंदुस्तान के लिए यह मुकाबला इसलिए भी अहम है क्योंकि टीम पिछली बार एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीत चुकी है. अब टीम उस खिताब को लगातार दूसरी बार अपने नाम करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी. ये भी पढ़ें: IND vs AFG: वैभव सूर्यवंशी IN, संजू सैमसन OUT? एशियन गेम्स क्वार्टर फाइनल में ऐसी होगी टीम इंडिया की Playing XI बारिश से मैच रद्द हुआ तो किसे मिलेगा सेमीफाइनल का टिकट? क्रिकेट में बारिश आने पर सबसे पहले कोशिश होती है कि किसी तरह मुकाबला पूरा कराया जाए. इसके लिए मैच के ओवर कम किए जा सकते हैं और जरूरत पड़ने पर डकवर्थ-लुईस-स्टर्न (DLS) नियम की मदद से लक्ष्य तय किया जाता है. लेकिन अगर मौसम इतना खराब रहा कि मैच शुरू ही नहीं हो सका या मुकाबला पूरा कराने की कोई संभावना नहीं बची, तब क्वार्टर फाइनल का फैसला अलग तरीके से होगा. अगर हिंदुस्तान और अफगानिस्तान के बीच क्वार्टर फाइनल मुकाबला बारिश के कारण रद्द हो जाता है तो हिंदुस्तान अपनी बेहतर रैंकिंग के आधार पर सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करेगा. अगर बारिश के कारण मैच नहीं हो पाया तो हिंदुस्तान को सीधे तौर पर फायदा होगा और टीम बिना स्पोर्ट्से ही एशियन गेम्स के सेमीफाइनल में पहुंच जाएगी. टी20 रैंकिंग में हिंदुस्तान शीर्ष पर इसका कारण दोनों टीमों की मौजूदा टी20 रैंकिंग है. हिंदुस्तान टी20 क्रिकेट में शीर्ष रैंकिंग वाली टीम है, जबकि अफगानिस्तान उससे काफी नीचे है. अफगानिस्तान टी20 रैंकिंग में 10वें स्थान पर हैं. ऐसे में क्वार्टर फाइनल के रद्द होने की स्थिति में बेहतर रैंक वाली टीम को फायदा मिलेगा और टीम सीधे सेमीफाइनल में पहुंच जाएगी. ये भी पढ़ें: Asian Games 2026 Day 9 LIVE: क्रिकेट से लेकर शूटिंग और एथलेटिक्स तक, 9वें दिन इन स्पोर्ट्सों में मिल सकता है मेडल The post बारिश ने बिगाड़ा हिंदुस्तान-अफगानिस्तान का स्पोर्ट्स तो किसे मिलेगा सेमीफाइनल का टिकट? जानें पूरा नियम appeared first on Naya Vichar.

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बैंक हड़ताल स्थगित, आज खुले रहेंगे बैंक या रहेगा अवकाश? जानें पूरा अपडेट

Bank Strike: यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने सोमवार से तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया था. यूनियनों की प्रमुख मांगों में पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू करना भी शामिल था. यह हड़ताल बैंकिंग क्षेत्र की छमाही लेखाबंदी के समय प्रस्तावित थी. आज बैंक खुलेंगे हड़ताल स्थगित होने के बाद सोमवार को बैंक शाखाओं में सामान्य कामकाज होगा. यानी प्रस्तावित तीन दिवसीय हड़ताल के कारण आज बैंकों के बंद रहने की स्थिति नहीं है. हालांकि, किसी अन्य स्थानीय या नियमित बैंक अवकाश की स्थिति अलग हो सकती है. शनिवार के अवकाश पर बनेगी उच्चस्तरीय समिति UFBU के अनुसार, हर शनिवार को अवकाश घोषित करने के मुद्दे पर बातचीत के लिए IBA और UFBU की एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी. समिति सभी संभावित विकल्पों पर विचार करेगी और संबंधित पक्षों से चर्चा के बाद ऐसा समाधान निकालने की कोशिश करेगी, जो खासकर बैंक ग्राहकों के लिए भी स्वीकार्य हो. PLI योजना पर भी होगी बातचीत स्केल-4 और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए प्रदर्शन से जुड़ी प्रोत्साहन (PLI) योजना को लेकर भी IBA के साथ बातचीत शुरू होगी. यूनियनों और अधिकारियों के संगठनों की आपत्तियों को दूर करने के लिए योजना में बदलाव का प्रस्ताव प्रशासन के सामने रखने की बात कही गई है. IBA की ओर से मिले इन आश्वासनों के बाद UFBU ने प्रस्तावित आंदोलन और तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल को स्थगित करने का फैसला किया. ये भी पढ़ें: 28 से 30 सितंबर की बैंक हड़ताल स्थगित, IBA और UFBU की बैठक में बनी सहमति The post बैंक हड़ताल स्थगित, आज खुले रहेंगे बैंक या रहेगा अवकाश? जानें पूरा अपडेट appeared first on Naya Vichar.

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अमेरिका में ट्रंप के सरकारी विज्ञापन पर बवाल, विपक्ष बोला- टैक्स के पैसे से चल रहा है प्रचार

अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के प्रशासनी टीवी विज्ञापनों को लेकर विवाद गहरा गया है. विपक्षी सांसदों ने सवाल उठाया है कि क्या आम अमेरिकी नागरिकों से जुटाए गए टैक्स के पैसे का इस्तेमाल ट्रंप और उनकी नीतियों को बढ़ावा देने वाले विज्ञापनों के लिए किया जा सकता है. इंडिया टुडे के मुताबित, व्हाइट हाउस इन विज्ञापनों को नेतृत्वक प्रचार नहीं, बल्कि ‘पब्लिक सर्विस अनाउंसमेंट’ बता रहा है. विवाद का केंद्र 30 सेकंड का एक ब्लैक एंड व्हाइट वीडियो है. यह विज्ञापन 2024 में ट्रंप के राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान दिखाए गए एक विज्ञापन से काफी मिलता-जुलता है. वीडियो में ट्रंप एक गलियारे में चलते दिखाई देते हैं और उनकी आवाज में ‘ग्लोबलिस्ट’, ‘वारमॉन्गर्स’ और कथित ‘डीप स्टेट’ के खिलाफ कार्रवाई की बात कही जाती है. विज्ञापन के अंत में स्क्रीन पर लिखा है, “Paid for by the U.S. Government”, यानी इसका भुगतान अमेरिकी प्रशासन ने किया है. विज्ञापन पर खर्च हुए करीब 3.19 लाख डॉलर मीडिया खर्च पर नजर रखने वाली कंपनी AdImpact के मुताबिक, इस नए विज्ञापन पर अब तक करीब 3.19 लाख डॉलर खर्च किए जा चुके हैं. यह विज्ञापन टीवी कार्यक्रमों और स्पोर्ट्स प्रसारण के दौरान भी दिखाया गया है. इससे पहले ट्रंप प्रशासन की ओर से ऐसे अन्य विज्ञापन भी प्रसारित किए गए थे, जिनमें ट्रंप की नीतियों और उनके एजेंडे को प्रमुखता से दिखाया गया था. विपक्ष ने प्रशासनी धन के इस्तेमाल पर जताई आपत्ति डेमोक्रेट सांसदों का कहना है कि प्रशासनी संसाधनों का इस्तेमाल किसी नेतृत्वक नेता या पार्टी के प्रचार के लिए नहीं किया जाना चाहिए. उनका तर्क है कि विज्ञापनों की भाषा और प्रस्तुति प्रशासनी जनसेवा संदेश की तुलना में नेतृत्वक प्रचार जैसी दिखाई देती है. कुछ रिपब्लिकन सांसदों ने भी टैक्सपेयर्स के पैसे से ऐसे विज्ञापन चलाने पर सवाल उठाए हैं. प्रशासनी प्रचार पर अमेरिकी कानून क्या कहता है? अमेरिका में संघीय कानून प्रशासनी एजेंसियों को बिना अधिकृत मंजूरी के टैक्सपेयर्स के पैसे से ‘publicity or propaganda’ करने से रोकता है. Government Accountability Office की व्याख्या के अनुसार, यह रोक ऐसे संचार तक पहुंच सकती है जो पूरी तरह नेतृत्वक या पक्षपातपूर्ण हों. हालांकि, प्रशासन अपनी नीतियों की जानकारी देने और उनका बचाव करने के लिए सार्वजनिक धन का इस्तेमाल कर सकती है. इसी सीमा को लेकर मौजूदा विज्ञापनों पर सवाल उठ रहे हैं. व्हाइट हाउस ने आरोपों को किया खारिज व्हाइट हाउस का कहना है कि ये विज्ञापन चुनावी कैंपेन का हिस्सा नहीं हैं. प्रशासन का तर्क है कि इनमें लोगों से किसी उम्मीदवार को वोट देने या चुनाव में समर्थन करने की अपील नहीं की गई है, इसलिए इन्हें ‘पब्लिक सर्विस अनाउंसमेंट’ माना जाना चाहिए. व्हाइट हाउस ने यह भी कहा है कि पहले की प्रशासनें भी नीतियों और देशभक्ति से जुड़े संदेशों के लिए प्रशासनी फंड से विज्ञापन चलाती रही हैं. चुनाव से पहले बढ़ा विवाद यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका में नवंबर के मिडटर्म चुनाव नजदीक हैं. इसी वजह से प्रशासनी विज्ञापनों में ट्रंप की मौजूदगी, उनके पुराने चुनावी संदेशों के इस्तेमाल और प्रशासनी धन से उनके प्रसारण को लेकर नेतृत्वक बहस तेज हो गई है. फिलहाल मुख्य सवाल यही है कि ये विज्ञापन प्रशासनी नीति की जानकारी देने की सीमा में आते हैं या नेतृत्वक प्रचार की श्रेणी में. ये भी पढ़ें: अस्पताल के मलबे से निकाले गए ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई! ट्रंप बोले- वह मरे नहीं; US-इजराइल हमले में तबाह हुए थे 3 अस्पताल The post अमेरिका में ट्रंप के प्रशासनी विज्ञापन पर बवाल, विपक्ष बोला- टैक्स के पैसे से चल रहा है प्रचार appeared first on Naya Vichar.

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Asian Games 2026 Day 9 LIVE: क्रिकेट से लेकर शूटिंग और एथलेटिक्स तक, 9वें दिन इन खेलों में मिल सकता है मेडल

एशियन गेम्स 2026 के 9वें दिन हिंदुस्तान मेडल जीतने की दौड़ में है. जानें आज के मुख्य इवेंट्स और हिंदुस्तानीय एथलीटों की उम्मीदें. The post Asian Games 2026 Day 9 LIVE: क्रिकेट से लेकर शूटिंग और एथलेटिक्स तक, 9वें दिन इन स्पोर्ट्सों में मिल सकता है मेडल appeared first on Naya Vichar.

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कपूर खानदान में जन्मे, फिर भी आसान नहीं था सफर, ‘Saawariya’ की नाकामी से ‘Animal’ की दहाड़ तक ऐसे बदली पूरी कहानी

Ranbir Kapoor Birthday Special: कपूर खानदान का वो वारिस, जिसने हीरो बनकर एंट्री तो मारी… लेकिन जब लगातार फिल्में फ्लॉप हुईं, तो सबने मान लिया कि उसका करियर खत्म हो चुका है. पर किसे पता था कि फ्लॉप फिल्मों की मार झेलने वाला वही लड़का आगे चलकर ऐसा खौफनाक ‘एनिमल’ बनेगा कि पूरे बॉक्स ऑफिस को हिलाकर रख देगा? ‘सांवरिया’ के चॉकलेटी बॉय से लेकर पर्दे पर ‘भगवान राम’ बनने तक आखिर कैसे हर बार गिरकर और बड़े धमाके के साथ उठे रणबीर कपूर? 28 सितंबर को उनके 44वें जन्मदिन पर खोलते हैं उनकी जिंदगी का वो सबसे बड़ा सच, जिसने उन्हें बॉलीवुड का असली ‘रॉकस्टार’ बना दिया. जिस फिल्म से डेब्यू किया, वही नहीं चली कैमरे के सामने आने से पहले संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘ब्लैक’ के सेट पर बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर दिन-रात पसीना बहाना रणबीर कपूर का पहला मास्टरस्ट्रोक था, जिसने उन्हें पर्दे की बारीकियां सिखाईं. फिर आया साल 2007, जब भंसाली ने ही उन्हें ‘सांवरिया’ से बतौर हीरो लॉन्च किया. रणबीर कपूर नीले उजाले में नहाया सेट, चॉकलेटी लुक और आइकॉनिक टॉवल डांस से तहलका तो मच गया और लगा कि कपूर खानदान का वारिस आते ही छा जाएगा… लेकिन किस्मत ने पहला ही दांव उल्टा चल दिया और भारी उम्मीदों वाली ‘सांवरिया’ बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह धड़ाम हो गई! यानी जिस शुरुआत को उनके करियर का सबसे बड़ा धमाका होना था, वही उनके लिए पहला सबसे बड़ा सबक बन गई. फिर आया ‘वेक अप सिड’, ‘अजब प्रेम की गजब कहानी’ और असली रणबीर ‘सांवरिया’ के फ्लॉप होने के बाद रणबीर ने हिम्मत नहीं हारी और खुद को किसी एक इमेज में बांधने के बजाय पूरी बाजी ही पलट दी. ‘बचना ऐ हसीनों’, ‘वेक अप सिड’ और ‘अजब प्रेम की गजब कहानी’ जैसी फिल्मों से उनके नए-नए रंग सामने आने लगे. ‘वेक अप सिड’ का वो बेफिक्र लड़का जो धीरे-धीरे जिम्मेदार बनता है, या ‘अजब प्रेम की गजब कहानी’ का वो सीधा-साधा प्रेमी… रणबीर ने साबित कर दिया कि वे किसी किरदार को अपनी स्टारडम की छवि में नहीं ढालते, बल्कि खुद उस किरदार में पूरी तरह घुल-मिल जाते हैं! यहीं से बॉलीवुड को वो असली रणबीर कपूर मिलना शुरू हुआ, जिसकी काबिलियत के आगे बॉक्स ऑफिस भी झुकने लगा. View on Instagram ‘रॉकस्टार’ आया और रणबीर कपूर की पूरी तस्वीर बदल गई फिर आई इम्तियाज अली की ‘रॉकस्टार’, और इस एक फिल्म ने रणबीर कपूर की पूरी दुनिया ही बदलकर रख दी! जनार्दन से ‘जॉर्डन’ बनने की उस खौफनाक यात्रा में गुस्सा, प्यार, जुनून और बगावत का ऐसा तूफान उठा कि उन्हें ‘चॉकलेटी बॉय’ कहने वालों की बोलती हमेशा के लिए बंद हो गई. अभी लोग इस नए अवतार से उबर भी नहीं पाए थे कि उन्होंने ‘बर्फी!’ से एक और जोरदार झटका दिया. बिना एक शब्द बोले, सिर्फ अपनी आंखों और मासूमियत से उन्होंने पूरी दुनिया को रुला दिया! बस फिर क्या था… यहीं से पूरी इंडस्ट्री को समझ आ गया कि ये लड़का सिर्फ कपूर खानदान का नाम भुनाने नहीं आया है, बल्कि अपनी खामोशी से भी तहलका मचाने का दम रखता है. View on Instagram लेकिन फिर करियर की गाड़ी पटरी से उतरी लेकिन हर बड़े स्टार की तरह रणबीर की जिंदगी का ग्राफ भी हमेशा ऊपर ही नहीं रहा… एक वक्त ऐसा भी आया जब उनके करियर पर ग्रहण लगता दिखने लगा. ‘बेशर्म’, ‘रॉय’ और ‘बॉम्बे वेलवेट’ जैसी बैक-टू-बैक महा-फ्लॉप फिल्मों ने उन्हें ऐसा करारा झटका दिया कि पूरी इंडस्ट्री में फुसफुसाहट शुरू हो गई- “क्या रणबीर कपूर का दौर खत्म हो गया?” चारों तरफ नाकामियों का शोर था और उम्मीदों का भारी बोझ. लेकिन जब सब उन्हें ‘आउट’ मानकर खारिज कर रहे थे, तब भी रणबीर ने आसान रास्ता नहीं चुना. उन्होंने ‘तमाशा’ के वेद और ‘ऐ दिल है मुश्किल’ के अयान बनकर पर्दे पर टूटते दिल और बिखरी जिंदगी का ऐसा दर्द उतारा कि हर किसी की आंखें नम हो गईं. हालांकि असली धमाका होना तो अभी बाकी था. साल 2018 में उनकी जिंदगी में एक ऐसा मौका आया, जिसने उनके अभिनय की सबसे खौफनाक परीक्षा ली… और जब वो परीक्षा का नतीजा सामने आया, तो पूरा बॉलीवुड दंग रह गया. View on Instagram असली संजय दत्त को पर्दे पर उतारना था सबसे बड़ी परीक्षा राजकुमार हिरानी की ‘संजू’ में रणबीर कपूर को संजय दत्त का किरदार निभाना था. सिर्फ चेहरा मिलाना या हेयरस्टाइल बदलना काफी नहीं था. उन्हें संजय दत्त के जीवन के अलग-अलग दौर और उनके व्यवहार को पर्दे पर उतारना था. फिल्म रिलीज हुई और रणबीर के अभिनय की खूब चर्चा हुई. उनके करियर में यह एक ऐसा किरदार बन गया, जिसने फिर से साबित किया कि वह सिर्फ रोमांटिक फिल्मों के अभिनेता नहीं हैं. फिर ‘एनिमल’ में रणबीर ने अपनी ही छवि को तोड़ दिया अगर ‘रॉकस्टार’ ने रणबीर के अभिनेता को सामने रखा था, तो ‘एनिमल’ ने उनकी स्क्रीन छवि को पूरी तरह बदल दिया. संदीप रेड्डी वांगा की इस फिल्म में रणबीर ने रणविजय सिंह का किरदार निभाया. यह किरदार बेहद हिंसक, जटिल और भावनात्मक रूप से उथल-पुथल से भरा हुआ था. फिल्म को लेकर खूब बहस हुई, लेकिन एक बात पर सबकी नजर जरूर गई रणबीर ने खुद को एक बार फिर एक बिल्कुल अलग अवतार में पेश किया. View on Instagram अब सामने है राम का किरदार 44वें जन्मदिन पर रणबीर के करियर का अगला बड़ा अध्याय ‘रामायण’ है. नितेश तिवारी की इस फिल्म में वह भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं. साई पल्लवी सीता और यश रावण की भूमिका में नजर आएंगे. यह भूमिका इसलिए भी खास है क्योंकि रणबीर ने इससे पहले कई इंटेंस और आधुनिक किरदार निभाए हैं, लेकिन भगवान राम जैसे सांस्कृतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण किरदार को पर्दे पर निभाना उनके करियर की बिल्कुल अलग चुनौती है. View on Instagram जिस भंसाली ने लॉन्च किया, उन्हीं के साथ फिर लौटेंगे रणबीर की कहानी का एक दिलचस्प संयोग यह भी है कि जिस संजय लीला भंसाली ने उन्हें ‘सांवरिया’ से लॉन्च किया था, उन्हीं के साथ वह अब ‘लव एंड वॉर’ में फिर नजर आएंगे. फिल्म में रणबीर के साथ आलिया भट्ट और विक्की कौशल हैं. यानी करियर की शुरुआत करने वाले निर्देशक के

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कंपनी बताती है 200Km, लेकिन मिलती है कम, एक्सपर्ट ने समझाया इलेक्ट्रिक स्कूटर की रियल रेंज का गणित

इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदते समय सबसे ज्यादा ध्यान रेंज, बैटरी क्षमता और चार्जिंग टाइम पर दिया जाता है. कंपनियां अपनी गाड़ियों की एक क्लेम्ड रेंज बताती हैं, लेकिन वास्तविक इस्तेमाल में मिलने वाली रेंज इससे अलग हो सकती है. एक्सपर्ट के मुताबिक इलेक्ट्रिक स्कूटर की रेंज कई चीजों पर निर्भर करती है, जिसमें स्पीड, रोड कंडीशन, राइडर का वजन, टायर प्रेशर और राइडिंग पैटर्न शामिल हैं. इन्हीं बातों को लेकर नया विचार ने ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट सुवासित श्रीवास्तव से बातचीत की और जाना कि आखिर इसकी सच्चाई क्या है? क्लेम्ड रेंज और रियल वर्ल्ड रेंज में क्यों होता है अंतर? कंपनियों की ओर से बताई जाने वाली इलेक्ट्रिक स्कूटर की रेंज स्टैंडर्डाइज्ड टेस्ट कंडीशन में तय की जाती है. इन परिस्थितियों में कई चीजों को नियंत्रित रखा जाता है. वहीं रियल वर्ल्ड में स्कूटर अलग-अलग तरह की सड़कों, ट्रैफिक, स्पीड और मौसम की परिस्थितियों में चलता है. एक्सपर्ट सुवासित श्रीवास्तव के मुताबिक, स्कूटर की रेंज पर राइडिंग स्पीड का काफी असर पड़ता है. इसके अलावा राइडर का वजन, टायर प्रेशर और सड़क की स्थिति भी महत्वपूर्ण होती है. पहाड़ी रास्तों, चढ़ाई या अलग-अलग रोड कंडीशन में रेंज बदल सकती है. इसलिए कंपनी की क्लेम्ड-रेंज को वास्तविक परिस्थितियों में मिलने वाली रेंज के बराबर मानना सही नहीं है. ज्यादा kWh वाली बैटरी का मतलब हमेशा ज्यादा रेंज नहीं इलेक्ट्रिक स्कूटर में बैटरी की क्षमता को kWh में बताया जाता है. ज्यादा kWh का मतलब बैटरी में ज्यादा एनर्जी स्टोर करने की क्षमता है, लेकिन इससे अकेले यह तय नहीं होता कि स्कूटर की रेंज भी ज्यादा होगी. रेंज पर बैटरी के साथ मोटर और पूरे पावरट्रेन की एफिशिएंसी का भी असर पड़ता है. उदाहरण के लिए ज्यादा क्षमता वाली बैटरी किसी ज्यादा पावरफुल मोटर के साथ इस्तेमाल हो सकती है, जिससे उसका एनर्जी कंजम्पशन भी ज्यादा हो सकता है. दूसरी ओर कम क्षमता वाली बैटरी और ज्यादा एफिशिएंट पावरट्रेन वाला स्कूटर बेहतर रेंज दे सकता है. इसलिए सिर्फ बैटरी की kWh क्षमता देखकर इलेक्ट्रिक स्कूटर की रेंज का अंदाजा नहीं लगाना चाहिए. इलेक्ट्रिक स्कूटर की बैटरी कितने साल चलती है? सुवासित के मुताबिक, इलेक्ट्रिक स्कूटर की बैटरी की लाइफ के लिए कोई एक तय चार्जिंग साइकिल या निश्चित अवधि बताना सही नहीं है. बैटरी की लाइफ उसकी केमिस्ट्री, चार्जिंग पैटर्न और वाहन के इस्तेमाल पर निर्भर करती है. बैटरी में इस्तेमाल होने वाली केमिस्ट्री जैसे NMC या LFP भी महत्वपूर्ण होती है. इसके अलावा फास्ट चार्जिंग कितनी बार की जाती है, बैटरी को कितनी बार डीप डिस्चार्ज किया जाता है और वाहन का इस्तेमाल किस तरह किया जाता है, इन सभी चीजों का बैटरी की लाइफ पर असर पड़ता है. हालांकि, आधुनिक इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरियां कई सालों तक इस्तेमाल के लिए डिजाइन की जाती हैं और कंपनियां अपने मॉडल के हिसाब से बैटरी पर कई वर्षों की वारंटी भी देती हैं. क्या हर बार बैटरी को 100% चार्ज करना चाहिए? डेली इस्तेमाल के लिए बैटरी को 20 से 80% के बीच चार्ज रखना एक सामान्य जेंटल चार्जिंग रेंज माना जाता है. इससे बैटरी को बहुत ज्यादा ओवरचार्ज या डीप डिस्चार्ज की स्थिति में रखने से बचा जा सकता है. अगर स्कूटर का इस्तेमाल रोजाना शहर में करना है और अगले दिन लंबी दूरी तय नहीं करनी है, तो हर बार 100% चार्ज करने की जरूरत नहीं है. वहीं लंबी यात्रा पर जाने से पहले 100% चार्ज करना उपयोगी हो सकता है, ताकि रास्ते में बार-बार चार्जिंग की जरूरत कम हो. एक्सपर्ट के मुताबिक रोजाना के इस्तेमाल में 20 से 80% के बीच चार्जिंग रखना बेहतर तरीका है. रातभर चार्जिंग पर लगाकर छोड़ना कितना सही? अगर स्कूटर को लंबे समय तक चार्जिंग पर लगाकर रखा जाता है, तो इससे बचना चाहिए. खासकर अगर रोजाना जरूरत से ज्यादा चार्ज करके वाहन को लंबे समय तक पार्क करके रखा जा रहा है. डेली यूज में जरूरत के मुताबिक बैटरी चार्ज करना बेहतर है. वहीं, लंबी यात्रा के लिए जरूरत पड़ने पर 100% चार्ज किया जा सकता है. बैटरी को डीप डिस्चार्ज करने से बचें बैटरी को बार-बार बहुत कम स्तर तक ले जाना भी सही नहीं माना जाता. अगर स्कूटर लो बैटरी वार्निंग दे रहा है और बैटरी लगातार कम हो रही है, तो उसे बहुत लंबे समय तक उसी स्थिति में चलाने या चार्जिंग टालने से बचना चाहिए. एक्सपर्ट ने सलाह दी कि वाहन निर्माता की ओर से दिए गए चार्जिंग और स्टोरेज प्रोटोकॉल को जरूर फॉलो करना चाहिए. हर कंपनी अपने वाहन की बैटरी और सिस्टम के हिसाब से जरूरी निर्देश देती है. ये भी पढ़ें: 308 पहियों वाला ‘महाबली ट्रक’: 200 टन की मशीन लेकर ओडिशा से यूपी का सफर, जानिए कैसे काम करता है यह चलता-फिरता इंजीनियरिंग का अजूबा बैटरी खराब होने से पहले कौन-से संकेत मिलते हैं? बैटरी की क्षमता कम होने पर सबसे पहले रेंज में बदलाव दिखाई दे सकता है. उदाहरण के लिए अगर समान राइडिंग पैटर्न और परिस्थितियों में स्कूटर पहले 100 किलोमीटर चलता था और अब करीब 80 किलोमीटर ही चल रहा है, तो बैटरी की क्षमता में कमी का संकेत हो सकता है. इसके अलावा कुछ अन्य संकेत भी नजर आ सकते हैं. बैटरी प्रतिशत पहले की तुलना में तेजी से कम होना. फुल चार्ज के बाद पहले जैसी रेंज नहीं मिलना. रेंज एस्टीमेटर में लगातार गिरावट दिखाई देना. बार-बार लो बैटरी वार्निंग आना. चार्जिंग में पहले की तुलना में ज्यादा समय लगना. हालांकि, इन संकेतों के आधार पर सीधे बैटरी बदलने का फैसला नहीं करना चाहिए. ऐसी स्थिति में कंपनी के सर्विस सेंटर पर बैटरी और इलेक्ट्रिकल सिस्टम की जांच कराना जरूरी है. ये भी पढ़ें: EV में आग क्यों लगती है, क्या पेट्रोल कारों से ज्यादा है खतरा? ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट ने बताया पूरा स्पोर्ट्स क्या फास्ट चार्जिंग से बैटरी की लाइफ कम होती है? फास्ट चार्जिंग में ज्यादा करंट फ्लो होता है, जिससे बैटरी में ज्यादा हीट पैदा हो सकती है. लगातार और अनावश्यक रूप से फास्ट चार्जिंग का इस्तेमाल बैटरी के लॉन्ग टर्म डिग्रेडेशन को प्रभावित कर सकता है. इसलिए रोजाना घर से ऑफिस और ऑफिस से घर के इस्तेमाल के लिए सामान्य होम चार्जिंग का इस्तेमाल करना बेहतर है. फास्ट चार्जिंग को जरूरत के समय इस्तेमाल किया जा सकता है.

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28 सितंबर की टॉप 20 खबरें: बैंक यूनियनों ने टाली हड़ताल, विराट-गिल के तूफान में उड़ा वेस्टइंडीज, थप्पड़ विवाद पर प्रवेश वर्मा की सफाई

1. 28 से 30 सितंबर की बैंक हड़ताल स्थगित, IBA और UFBU की बैठक में बनी सहमति Bank Strike Postponed: बैंक ग्राहकों के लिए राहत की समाचार है. 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित तीन दिवसीय बैंक हड़ताल स्थगित कर दी गई है. रविवार रात IBA और UFBU के बीच हुई बैठक में विभिन्न मुद्दों पर सहमति बनी. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 2. IND vs WI: विराट कोहली और शुभमन गिल के तूफान में उड़ा वेस्टइंडीज, हिंदुस्तान ने 50 गेंद रहते जीता मैच विराट कोहली और शुभमन गिल के शतकों की मदद से हिंदुस्तान ने वेस्टइंडीज को पहले वनडे में 8 विकेट से करारी शिकस्त दी. जानिए मैच की पूरी हाइलाइट्स और रिकॉर्ड्स. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 3. IND vs WI 1st ODI: विराट कोहली ने सिक्स मारकर पूरा किया 55वां शतक, 15 हजार रन पूरे करने वाले दुनिया के दूसरे बल्लेबाज भी बने विराट कोहली ने वनडे क्रिकेट में 15,000 रन का आंकड़ा पार कर लिया है. सचिन तेंदुलकर के बाद यह खास उपलब्धि हासिल करने वाले वह दुनिया के दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 4. Watch Video : थप्पड़ विवाद पर प्रवेश वर्मा बोले- कमीशन नहीं मिला तो रात में बनी सड़क उखाड़ देते थे Watch Video : दिल्ली में सड़क की हालत को लेकर निरीक्षण के दौरान विवाद का मामला सामने आया है. पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा पर एक युवक को थप्पड़ मारने का आरोप लगा है. घटना के बाद युवक ने अपनी बात रखी. उसका कहना है कि वह सड़क की खराब हालत दिखा रहा था, लेकिन मंत्री उसकी बात से नाराज हो गए और उस पर हाथ उठा दिया. मामले पर प्रवेश वर्मा का रिएक्शन सामने आया है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 5. मुस्लिमों पर बयान से चुनाव में पैसे बांटने के आरोप तक, कब-कब विवादों में रहे प्रवेश वर्मा एक युवक को थप्पड़ मारने के आरोप के बाद दिल्ली के लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री प्रवेश वर्मा एक बार फिर विवादों में हैं. पीड़ित युवक ने दावा किया है कि मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई है. यह पहला मौका नहीं है जब प्रवेश वर्मा का नाम विवादों में आया है. वे पहले भी अपने विवादित बयानों को लेकर चर्चा में रहे हैं. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 6. LPU में छात्रों का हिंसक प्रदर्शन, पुलिस से झड़प के बाद वाहनों में लगाई आग LPU Protest: पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हो गई. प्रदर्शन के दौरान कुछ वाहनों में आग लगाए जाने की घटना हुई है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 7. जंतर मंतर प्रोटेस्ट: कौन हैं अभिजीत दीपके के मेंटर? वीडियो कॉल में खुला राज, सामने आया CJP आंदोलन का सच! Jantar Mantar Protest: CJP के बड़े आंदोलनों और संगठन की रणनीति के पीछे कौन सा चेहरा काम करता है? इसका जवाब अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और आजिंक्य शिंदे की वीडियो कॉल से सामने आया है. बातचीत में दीपके ने जंतर-मंतर आंदोलन की सफलता में शिंदे की भूमिका का जिक्र करते हुए उन्हें इसका बड़ा श्रेय दिया है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 8. शुभेंदु अधिकारी पर हुमायूं कबीर की आपत्तिजनक टिप्पणी से भड़की भाजपा, किया पलटवार पश्चिम बंगाल में नेतृत्वक विवाद गहराया. आम जनता उन्नयन पार्टी के हुमायूं कबीर ने मुख्यमंत्री पर आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिस पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. जानें पूरा मामला. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 9. कुणाल घोष पर फिर हुआ हमला, TMC नेता बोले- बंगाल में ‘जंगलराज’, कोलकाता में मेरी हत्या करना चाहते थे हमलावर पश्चिम बंगाल में TMC विधायक कुणाल घोष पर लगातार दूसरे दिन हमला हुआ. उन्होंने रविवार को कोलकाता में उनकी हत्या की कोशिश का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि बंगाल में ‘जंगलराज’ चल रहा है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 10. बिहार में बेटियों की सुरक्षा पर प्रशासन घिरी, चिराग के बाद अपनों ने ही उठाए कानून-व्यवस्था पर सवाल बिहार में बेटियों की सुरक्षा को लेकर चिराग पासवान के बयान के बाद प्रशासन विपक्ष से ज्यादा अब अपनों के निशाने पर है. जमुई, समस्तीपुर और बांका से लड़कियों के साथ अभद्रता के वीडियो वायरल होने के बाद एनडीए के नेता भी विपक्ष के साथ प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 11. बच्चों को देते हैं डकैती की ट्रेनिंग, जानिए कितना खतरनाक है बिहार का कोढ़ा गिरोह, अब STF की खास टीम रखेगी नजर Kodha Gang: बिहार के चर्चित कोढ़ा गिरोह पर अब STF ने खास नजर रखनी शुरू कर दी है. कैश लूट, बैंक डकैती और बड़ी ज्वेलरी दुकानों में चोरी से जुड़े इस गिरोह का जाल कई राज्यों तक फैला है. STF ने सदस्यों की फोटो, नाम और पते की जानकारी जुटाकर खास टीम बनाई है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 12. ‘नौकरी मत करो, ई-रिक्शा ले लो… खूब पैसा कमाओ’ ब्रजेश पाठक के बयान से मचा हड़कंप, युवाओं के बीच छिड़ी नई बहस यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के ई-रिक्शा चलाने के बयान पर विवाद. नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के बीच स्वरोजगार पर छिड़ी नई बहस. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 13. जमशेदपुर हादसे के बाद एक्शन में मंत्री दीपक बिरुआ: गलत पार्किंग पर होगी सख्त कार्रवाई, लोगों से की ये अपील जमशेदपुर सड़क हादसे के बाद मंत्री दीपक बिरुआ ने सड़क सुरक्षा नियमों को सख्त करने का ऐलान किया है. गलत पार्किंग की फोटो भेजें, मंत्री खुद करेंगे कार्रवाई. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 14. UAPA में गिरफ्तारी से बेल तक…कौन है मैथ्यू? जिसके अमेरिका लौटने पर घिरी मोदी प्रशासन UAPA के तहत गिरफ्तार अमेरिकी नागरिक Matthew VanDyke और छह यूक्रेनी नागरिकों को डिफॉल्ट बेल मिलने के बाद रिहा कर दिया गया. जिसे लेकर विपक्षी कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने प्रशासन और बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 15. LPU में BTech करने की कितनी है फीस? CSE की पढ़ाई में 4 साल में कितना खर्च, जानें पूरी डिटेल LPU BTech Fees 2026: LPU इन दिनों चर्चा में है. ऐसे में अगर आप यहां से BTech करने का प्लान बना रहे हैं, तो सबसे बड़ा सवाल फीस को लेकर है. LPU में BTech CSE की फीस 1,60,000 प्रति सेमेस्टर है.

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