मुख्य बातें
Bengal Budget: कोलकाता. विधानसभा चुनाव नजदीक हैं. उससे पहले, ममता बनर्जी की प्रशासन गुरुवार को राज्य विधानसभा में अंतरिम बजट (लेखा-आधारित बजट) पेश करेगी. चुनाव से पहले प्रशासन बजट में क्या ‘लोकप्रिय’ प्रस्ताव लाएगी. इसको लेकर उत्सुकता बनी हुई है. सबसे चर्चित परियोजना ‘लक्ष्मी भंडार’ परियोजना है. यह परियोजना 2021 के विधानसभा चुनावों से पहले किया गया एक वादा था. चुनाव जीतने के बाद ममता बनर्जी ने इसे बखूबी पूरा किया.
राशि में बढ़ोतरी की उम्मीद
बंगाल प्रशासन ने पिछले लोकसभा चुनावों से पहले इस योजना के लिए धनराशि बढ़ा दी थी, जो स्त्रीओं के बीच काफी लोकप्रिय रही है. अब सामान्य वर्ग की स्त्रीओं को इस योजना के तहत प्रति माह 1,000 रुपये मिलते हैं. अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की स्त्रीओं को प्रति माह 1,200 रुपये मिलते हैं. विधानसभा चुनाव से पहले लक्ष्मी भंडार में मिलने वाली राशि में वृद्धि की उम्मीद की जा रही है.
74,000 करोड़ रुपये खर्च
नेतृत्वक गलियारे के एक वर्ग के अनुसार, ममता बनर्जी स्त्रीओं के वोट को बरकरार रखने के लिए अंतरिम बजट में लक्ष्मी भंडार की राशि बढ़ा सकती हैं. हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि वह राशि कितनी हो सकती है. पिछले पांच वर्षों में, राज्य प्रशासन ने अकेले इस योजना के माध्यम से स्त्रीओं को 74,000 करोड़ रुपये नकद प्रदान किए हैं.
हर घर में लक्ष्मी का संदेश
इस योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2025-2026 के लिए 27,000 करोड़ टका आवंटित किए गए हैं. इस बात को लेकर उत्सुकता बनी हुई है कि इस बार यह राशि कितनी बढ़ेगी. जमीनी स्तर पर कई लोगों का मानना है कि धनराशि में वृद्धि होने की संभावना है. जानकारों का कहना है- दीदी गुरुवार को लक्ष्मीबार के दिन हर घर में लक्ष्मी का संदेश लेकर आएंगी. इस बात को लेकर भी उत्सुकता है कि क्या नागरिक स्वयंसेवकों के लिए कोई घोषणा की जाएगी, क्योंकि पुलिस का यह सहायक बल भी सत्तारूढ़ दल के लिए नेतृत्वक रूप से ‘महत्वपूर्ण’ है. पिछले विधानसभा चुनावों से पहले, ममता की प्रशासन ने 2,99,644 करोड़ रुपये का बजट पेश किया था.
महंगाई भत्ता बढ़ने की उम्मीद
ममता के इस बजट में दूसरा महत्वपूर्ण मुद्दा प्रशासनी कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (डीए) है. सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को राज्य प्रशासन के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते के मामले पर अपना फैसला सुनाएगा. हालांकि, नवन्ना के एक सूत्र ने बताया कि ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल की सामाजिक सुरक्षा परियोजनाओं को ध्यान में रखते हुए बंगाल की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के उद्देश्य से बजट तैयार किया है.
बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर
बंगाल के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए सड़क निर्माण और रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया गया है. प्रशासन सूत्रों के अनुसार, बंगाल के कुल बजट आवंटन में 7-8 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है. इसके अलावा, सूत्रों का दावा है कि राज्य सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने में शामिल अस्थायी श्रमिकों को कई लाभ प्रदान करने पर भी विचार कर रहा है. इसमें आशा कार्यकर्ताओं के वेतन में वृद्धि सहित विभिन्न मुद्दे शामिल हैं.
2021 में ममता ने खुद पेश किया था बजट
तीसरी बार प्रशासन बनने के बाद जुलाई में पेश किया गया अंतिम बजट 3 लाख 8 हजार 727 करोड़ टका था. 2021 में भी अंतरिम बजट 5 फरवरी को पेश किया गया था. संयोगवश, अंतरिम प्रशासन का बजट 5 फरवरी को पेश किया जा रहा है, जो 2026 के विधानसभा चुनावों से ठीक पहले का दिन है. 2021 में प्रशांत की सलाह पर, तत्कालीन वित्त मंत्री अमित मित्रा के बजाय मुख्यमंत्री ने स्वयं बजट पेश किया था. हालांकि, नबन्ना सूत्रों के अनुसार, इस बार ऐसी कोई संभावना नहीं है.
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