Hot News

केरल से ही वामपंथी सत्ता का हुआ था सूर्योदय, वहीं से हुआ सूर्यास्त

Kerala Election Result: जिस केरल से वाम दलों ने पहली बार 1957 में सत्ता का सूर्योदय देखा था, आज वहीं से उनका सूर्यास्त हो गया. 1957 में देश में गैर-कांग्रेसवाद को उस वक्त हवा मिली जब ईएमएस नंबूदिरीपाद की अगुवाई में पहली बार केरल में वामपंथी प्रशासन बनी. इसके बाद कम्युनिस्ट पार्टियों ने धीरे-धीरे देश के अलग-अलग हिस्सों में अपने पैर पसारे और पश्चिम बंगाल में तो 1977 से लगातार 34 साल तक मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी सत्ता में रही, जहां आज वह एक विधानसभा सीट जीतने के लिए संघर्ष कर रही है.

1977 के बाद पहली बार देश के किसी राज्य में वाम दल की प्रशासन नहीं

1977 के बाद पहली बार ऐसा होगा कि जब देश के किसी राज्य में वाम दलों की प्रशासन नहीं है. 2016 से एलडीएफ द्वारा शासित केरल, आखिरी राज्य था जहां वाम दलों की सत्ता थी. इससे पहले पश्चिम बंगाल में 2011 और त्रिपुरा में 2018 में सत्ता से उसकी विदाई हुई.

स्वतंत्रता के बाद CPI संसद में सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी थी

स्वतंत्रता के बाद के हिंदुस्तानीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) संसद में सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के रूप में उभरी. 1990 और 2000 के दशक के दौरान, वामपंथी दल लोकसभा में एक महत्वपूर्ण समूह बने रहे, जो अक्सर गठबंधन नेतृत्व में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे. वामपंथी दलों की 1990 के दशक में लोकसभा में संयुक्त ताकत आम तौर पर 40 से 50 सदस्यों के बीच थी.

वाम दलों का प्रभाव 2004 में चरम पर था

वाम दलों का प्रभाव 2004 में चरम पर था, जब उन्होंने 61 सीटें जीती थीं और कांग्रेस के नेतृत्व वाली संप्रग प्रशासन को बाहर से समर्थन दिया. 1996 में संयुक्त मोर्चा प्रशासन बनने पर CPI(M) से प्रधानमंत्री बनने की स्थिति पैदा हुई थी. पश्चिम बंगाल के तत्कालीन मुख्यमंत्री ज्योति बसु को प्रधानमंत्री पद की पेशकश की गई थी, तो CPI(M) के केरल के धड़े ने इसके खिलाफ रुख अपनाया और बसु ने इस पद को अस्वीकार कर दिया था.

The post केरल से ही वामपंथी सत्ता का हुआ था सूर्योदय, वहीं से हुआ सूर्यास्त appeared first on Naya Vichar.

Spread the love

विनोद झा
संपादक नया विचार

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top