खास बातें
West Bengal Smart Meters Rollout: पश्चिम बंगाल की हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रशासन ने राज्य की चरमरायी बिजली व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए कड़ा कदम उठाया है. राज्य के करीब 2 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं को बहुत जल्द अपने घरों के पुराने मीटर बदलने होंगे. केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की कोलकाता में हुई एक हाई-प्रोफाइल समीक्षा बैठक के बाद राज्य में स्मार्ट मीटरिंग प्रोग्राम को हरी झंडी दे दी गयी है.
बंगाल में बदल जायेगा इलेक्ट्रिक टैरिफ फ्रेमवर्क
जुलाई 2026 से इस महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत होने जा रही है. इस फैसले के बाद न केवल बिजली चोरी पर लगाम लगेगी, बल्कि सालों से बकाया बिलों की वसूली के साथ-साथ राज्य का पूरा बिजली टैरिफ ढांचा (Tariff Framework) भी पूरी तरह बदल जायेगा.
जुलाई से मिशन मोड में होगा काम
केंद्र और राज्य प्रशासन ने मिलकर इस योजना को चरणों में लागू करने की रणनीति बनायी है. राज्य ने कहा है कि जून 2026 तक सभी प्रशासनी दफ्तरों और परिसरों में शत-प्रतिशत स्मार्ट मीटर लगाने का काम पूरा हो जायेगा. प्रशासनी प्रतिष्ठानों में मीटर लगाने के बाद अगस्त 2026 तक उन्हें पूरी तरह से प्रीपेड मोड में कन्वर्ट कर दिया जायेगा, ताकि प्रशासनी विभागों का बकाया खत्म हो सके.
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प्रशासनी दफ्तरों के बाद घरेलू उपभोक्ताओं की बारी
प्रशासनी दफ्तरों के बाद इस योजना के दायरे में बड़े औद्योगिक उपभोक्ताओं को लाया जायेगा. उसके बाद क्रमिक रूप से 2 करोड़ आम घरेलू उपभोक्ताओं के घरों में इसे इंस्टॉल किया जायेगा.
उपभोक्ताओं को प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों विकल्प
आमतौर पर स्मार्ट मीटर को लेकर जनता में डर रहता है कि उन्हें जबरन प्रीपेड सिस्टम में धकेल दिया जायेगा, लेकिन बंगाल प्रशासन उपभोक्ताओं को छूट देगी कि वे अपनी सुविधा के अनुसार प्रीपेड या पोस्टपेड में से कोई भी एक विकल्प चुन सकते हैं. इस योजना के तहत केंद्र प्रशासन हर स्मार्ट मीटर पर 900 रुपए की सब्सिडी देगी. यूजर्स को मीटर लगाने के लिए जेब से एकमुश्त पैसे नहीं देने होंगे. उन्हें हर महीने के बिल में सिर्फ 100 रुपए का योगदान देना होगा.
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टैरिफ में बड़ा बदलाव, 15000 करोड़ के घाटे की होगी भरपाई
केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय की समीक्षा में पश्चिम बंगाल के बिजली क्षेत्र की जो कड़वी हकीकत सामने आयी है, उसने अधिकारियों के होश उड़ा दिये हैं. राज्य में वर्तमान में ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन (T&D) लॉस करीब 12 फीसदी है, जिसे स्मार्ट मीटर की मदद से सिंगल डिजिट में लाया जायेगा.
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West Bengal Smart Meters Rollout: 2 महीने में तैयार होगा सोर्स एलोकेशन प्लान
पिछले कई वर्षों में कुप्रबंधन के कारण बिजली विभाग का घाटा करीब 15,000 करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है. इसे सुधारने के लिए अगले दो महीनों के भीतर एक व्यापक ‘सोर्स एलोकेशन प्लान’ तैयार किया जायेगा. प्रशासनी विभागों और अन्य बड़े बकायेदारों से करीब 800 करोड़ रुपए के बकाया बिलों की वसूली के लिए सख्त तंत्र बनाया जा रहा है.
पीएम सूर्य घर और कुसुम योजना को मिलेगी रफ्तार
बैठक में सिर्फ मीटर बदलने पर ही नहीं, बल्कि वैकल्पिक ऊर्जा को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया. शुभेंदु अधिकारी प्रशासन ने केंद्र को भरोसा दिलाया है कि राज्य में ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ और पीएम-कुसुम (PM-KUSUM) योजना के क्रियान्वयन में तेजी लायी जायेगी, ताकि गरीब और किसानों को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा मिल सके.
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