US Iran War: ईरानी प्रशासनी मीडिया ‘प्रेस टीवी’ की रिपोर्ट के अनुसार, तेहरान ने अमेरिकी बेस पर दागी गईं मिसाइलों और ड्रोन हमलों का वीडियो जारी किया है. इस वीडियो में मिसाइलों के गरजने और अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोनों के सटीक हमलों को साफ देखा जा सकता है.
‘ऑपरेशन नस्र 2’: तबाही का वीडियो आया सामने
ईरानी सेना और IRGC के अनुसार, इस जवाबी सैन्य कार्रवाई को ‘ऑपरेशन नस्र 2’ (Operation Nasr 2) नाम दिया गया है. प्रेस टीवी द्वारा जारी वीडियो में ईरान की सैन्य शक्ति को दिखाया गया है. ईरान का दावा है कि उसने इस हमले में अमेरिका के कई आधुनिक हथियारों और कमांड सेंटरों को मटियामेट कर दिया है.
इन अमेरिकी ठिकानों को बनाया गया निशाना
ईरानी बयानों और जारी किए गए वीडियो के आधार पर, खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सेना के इन ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा है.
कुवैत में तबाही: अमेरिकी सेना के अत्याधुनिक पैट्रियट एयर डिफेंस कॉम्प्लेक्स, सैटेलाइट संचार केंद्र और HIMARS रॉकेट लॉन्च प्लेटफॉर्म को निशाना बनाया गया. अली अल-सालेम एयरबेस पर अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन के प्लेटफॉर्म को तबाह किया गया. मीना अब्दुल्ला में अमेरिकी सेना के मुख्य रसद और सहायता केंद्र (KJL) को आग के हवाले कर दिया गया.
बहरीन में अमेरिकी 5वां बेड़ा ढेर: बहरीन में स्थित अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के NSA प्रबंधन केंद्र, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और ईंधन टैंकों को मटियामेट कर दिया गया. बहरीन के शेख ईसा बेस पर स्थित हथियारों और जहाजों के कलपुर्जों के गोदामों को नष्ट किया गया. जॉर्डन का अल-अजरक बेस: जॉर्डन के अल-अजरक एयरबेस पर अमेरिकी F-15, F-16 और F-35 लड़ाकू विमानों के हैंगर और रणनीतिक ड्रोनों को निशाना बनाया गया.
सेना का ‘सायका’ ऑपरेशन: दोबारा जॉर्डन पर हमला
IRGC के साथ-साथ ईरान की राष्ट्रीय सेना ने भी अमेरिकी सेना के खिलाफ अपने ‘सायका’ (Saegheh – Lightning) ऑपरेशन के आठवें चरण की शुरुआत की है. सेना ने दावा किया कि जॉर्डन के अल-अजरक बेस पर दोबारा घातक ड्रोनों से हमला कर अमेरिकी सेना के F-18 लड़ाकू विमानों और बड़े सैन्य गोदामों को निशाना बनाया गया है.
ईरान ने कुवैत-जॉर्डन के नागरिकों को क्यों दिया संदेश?
हमलों के बीच IRGC ने कुवैत और जॉर्डन की जनता के नाम भावुक और चेतावनी भरा संदेश जारी किया है. ईरान ने कुवैत के लोगों से कहा, “हमारा आपसे कोई बैर नहीं है, हम आपसे स्नेह करते हैं. लेकिन अपनी धरती से इन अमेरिकी कब्जाधारियों को बाहर निकालें.” ईरान ने कहा कि अमेरिका ने हाल ही में ईरान के खुजेस्तान में एक गेहूं भंडारण केंद्र और ईलाम प्रांत में एक पानी की फैक्ट्री पर बमबारी की थी, जिसका बदला लेना जरूरी था. जॉर्डन को “पैगंबरों की भूमि” बताते हुए ईरान ने वहां के लोगों से अपील की कि वे अपने देश में अमेरिकी सेना की मौजूदगी का विरोध करें.
हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की चेतावनी
मिसाइल हमलों के बाद ईरान ने होर्मुज को बंद करने की भी चेतावनी दी है. IRGC ने कहा है कि जब तक अमेरिका अपनी सैन्य ‘शरारतें’ बंद नहीं करता, तब तक इस समुद्री मार्ग से तेल और गैस का निर्यात पूरी तरह ठप रहेगा. IRGC ने कहा- “तेल और गैस का निर्यात या तो सबके लिए होगा या फिर किसी के लिए नहीं.”
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