MK Stalint: तमिलनाडु के सीएम एम के स्टालिन ने देश भर के लोगों को संबोधित करते हुए एक्स पर पोस्ट डाला और लिखा, “अन्य राज्यों के मेरे प्यारे बहनों और भाइयों, कभी सोचा है कि हिंदी ने कितनी हिंदुस्तानीय भाषाओं को निगल लिया है? भोजपुरी, मैथिली, अवधी, ब्रज, बुंदेली, गढ़वाली, कुमाऊंनी, मगही, मारवाड़ी, मालवी, छत्तीसगढ़ी, संथाली, अंगिका, हो, खरिया, खोरठा, कुरमाली, कुरुख, मुंडारी और कई अन्य अब अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहे हैं. एक अखंड हिंदी पहचान के लिए जोर देने से प्राचीन मातृभाषाएं खत्म हो रही हैं. यूपी और बिहार कभी भी सिर्फ ‘हिंदी के गढ़’ नहीं थे. उनकी असली भाषाएं अब अतीत की निशानियां बन गई हैं. तमिलनाडु इसका विरोध करता है क्योंकि हम जानते हैं कि इसका अंत कहां होगा.”
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एम के स्टालिन के पोस्ट पर अश्विनी वैष्णव ने किया पलटवार, राहुल से भी पूछा सवाल
एम के स्टालिन के पोस्ट पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पलटवार किया. उन्होंने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से सवाल पूछ डाला. अश्विनी वैष्णव ने एक्स पर लिखा, “समाज को बांटने के ऐसे थोथे प्रयासों से खराब शासन कभी नहीं छिप पाएगा. यह जानना दिलचस्प होगा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी इस विषय पर क्या कहते हैं. क्या हिंदी भाषी सीट के सांसद के तौर पर वे इस बात से सहमत हैं?”
Poor governance will never be hidden by such shallow attempts to divide society.
It will be interesting to know what the Leader of the Opposition, @RahulGandhi Ji, has to say on this subject. Does he, as MP of a Hindi-speaking seat, agree? https://t.co/Oj2tQseTno
— Ashwini Vaishnaw (@AshwiniVaishnaw) February 27, 2025
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