Jharkhand BJP Incharge: हिंदुस्तानीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने विभिन्न राज्यों के लिए प्रभारी और सह प्रभारी की नई सूची जारी की है. इस सूची में झारखंड की संगठनात्मक जिम्मेदारी मध्य प्रदेश के वरिष्ठ आदिवासी नेता और भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री गजेंद्र पटेल को सौंपी गई है. उनके साथ सौरभ सिंह और बिहार की निवेदिता सिंह को झारखंड का सह प्रभारी बनाया गया है. पार्टी ने दिल्ली, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, केरल, लद्दाख और लक्षद्वीप समेत कई राज्यों में भी नई जिम्मेदारियां तय की हैं. गजेंद्र पटेल की नियुक्ति को झारखंड में संगठन को मजबूत करने और आगामी नेतृत्वक रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
बड़वानी के रहने वाले हैं गजेंद्र पटेल
गजेंद्र सिंह पटेल का जन्म 16 फरवरी 1975 को मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में हुआ था. उनके पिता उमराव सिंह पटेल और माता सुशीला बाई पटेल हैं. उन्होंने बीए और एलएलबी की पढ़ाई की है. पेशे से कृषि से जुड़े गजेंद्र पटेल लंबे समय से सक्रिय नेतृत्व में हैं. उनकी पत्नी का नाम बसंती पटेल है और उनके दो पुत्र हैं.
संघ की शाखा से शुरू हुआ नेतृत्वक सफर
गजेंद्र पटेल का नेतृत्वक जीवन सीधे चुनावी नेतृत्व से शुरू नहीं हुआ. वे बचपन से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा से जुड़े रहे. 1990 में अखिल हिंदुस्तानीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के माध्यम से उन्होंने संगठनात्मक काम शुरू किया. इसके बाद युवा मोर्चा, वनवासी कल्याण परिषद और भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा में सक्रिय भूमिका निभाई. यही लंबा संगठनात्मक अनुभव उन्हें भाजपा के महत्वपूर्ण नेताओं में शामिल करता है.
संगठन में लगातार बढ़ती गई जिम्मेदारी
गजेंद्र पटेल ने भाजपा संगठन में कई अहम पद संभाले. 2017 में वे मध्य प्रदेश भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बने. इसके बाद प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी निभाई. वर्ष 2021-22 के दौरान वे भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय महामंत्री भी रहे और आदिवासी क्षेत्रों में संगठन विस्तार में सक्रिय भूमिका निभाई.
खरगोन से लगातार दूसरी बार सांसद
2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें मध्य प्रदेश की खरगोन (अनुसूचित जनजाति आरक्षित) सीट से उम्मीदवार बनाया और वे पहली बार सांसद चुने गए. 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने इसी सीट से लगातार दूसरी बार जीत दर्ज कर 18वीं लोकसभा में प्रवेश किया. इससे पहले वे भगवानपुरा विधानसभा क्षेत्र से विधायक भी रह चुके हैं.
संसद में 97% उपस्थिति
गजेंद्र पटेल संसद में सक्रिय सांसदों में गिने जाते हैं. उपलब्ध संसदीय रिकॉर्ड के अनुसार, 13 अगस्त 2026 तक उनकी उपस्थिति करीब 97% रही. उन्होंने खरगोन और बड़वानी क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी, खंडवा-अलीराजपुर-खरगोन रेल परियोजना, मोबाइल नेटवर्क, पीएम किसान योजना, आदिवासी क्षेत्रों में मेडिकल कॉलेज, सिकल सेल एनीमिया, टीबी नियंत्रण, जैविक खेती, शिक्षा और सड़क जैसी आधारभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दे संसद में उठाए. 2026 में उन्होंने बड़वानी में पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने की मांग भी रखी.
राष्ट्रीय महामंत्री बनने के बाद बढ़ी जिम्मेदारी
17 अगस्त 2026 को भाजपा ने अपनी नई राष्ट्रीय टीम की घोषणा की, जिसमें गजेंद्र सिंह पटेल को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया. यह भाजपा संगठन के सबसे महत्वपूर्ण पदों में से एक माना जाता है. मध्य प्रदेश के निमाड़ क्षेत्र से आने वाले आदिवासी नेता के रूप में उनकी पहचान अब केवल खरगोन के सांसद तक सीमित नहीं रही, बल्कि वे राष्ट्रीय स्तर पर संगठनात्मक फैसलों में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं.
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झारखंड में संगठन संभालेंगे गजेंद्र पटेल
भाजपा नेतृत्व ने अब उन्हें झारखंड का प्रभारी बनाकर संगठन को नई दिशा देने की जिम्मेदारी सौंपी है. उनके साथ संतोष सिंह और निवेदिता सिंह सह प्रभारी के रूप में काम करेंगे. माना जा रहा है कि लंबे संगठनात्मक अनुभव और आदिवासी क्षेत्रों में मजबूत पकड़ के कारण उन्हें झारखंड जैसी नेतृत्वक रूप से महत्वपूर्ण इकाई की जिम्मेदारी दी गई है, जहां पार्टी संगठन को और मजबूत करने की तैयारी में जुटी है.
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