Delhi Protest: दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (IFSO) इकाई ने कथित तौर पर गलत जानकारी फैलाने और लोगों के बीच अशांति पैदा करने की कोशिश करने वाले सोशल मीडिया हैंडल के खिलाफ ये मामले दर्ज किए हैं.
पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल भी पुलिस के रडार पर
सूत्रों के मुताबिक, कुछ पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल की भी पहचान की गई है, जिन पर हिंदुस्तान विरोधी भावनाएं भड़काने और भ्रामक सूचनाएं फैलाने का आरोप है. आरोप है कि 10 अक्टूबर को कुछ हैंडल से प्रदर्शन के दौरान लोगों की मौत होने की झूठी समाचारें प्रसारित की गईं.
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान से संचालित कुछ यूजर हिंदुस्तानीय बनकर फर्जी वीडियो और भ्रामक समाचारें साझा कर रहे हैं. हालांकि, इन आरोपों के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है.
विपक्ष के मार्च को लेकर भी कई FIR
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब सोमवार को विपक्षी दलों के प्रदर्शन और सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च को लेकर भी दिल्ली पुलिस ने कई मामले दर्ज किए हैं.
पुलिस के मुताबिक, निषेधाज्ञा के कथित उल्लंघन को लेकर कनॉट प्लेस, तिलक मार्ग, बाराखंभा और मंदिर मार्ग थानों में FIR दर्ज की गई हैं. ये मामले हिंदुस्तानीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के कथित उल्लंघन से जुड़े हैं.
सोमवार को राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA ब्लॉक के नेताओं और समर्थकों ने बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च किया था. इसके बाद विपक्ष के 11 नेताओं ने निर्वाचन आयोग के मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े फैसलों को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की.
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राहुल गांधी समेत 11 नेताओं की याचिका में 14 आपत्तियां
इस बीच, सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और INDIA ब्लॉक के नौ अन्य नेताओं की याचिका में 14 खामियां बताई हैं. यह याचिका निर्वाचन आयोग के SIR अभियान के कुछ पहलुओं को चुनौती देने के लिए दाखिल की गई है.
याचिका दाखिल करने वालों में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के अलावा तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव, शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत, माकपा सांसद एमए बेबी, भाकपा नेता डी राजा, झारखंड मुक्ति मोर्चा की सांसद महुआ माजी, एनसीपी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के सांसद ईटी मोहम्मद बशीर शामिल हैं.
CEC ज्ञानेश कुमार और दो चुनाव आयुक्तों को पक्षकार बनाने पर सवाल
सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने याचिकाकर्ताओं से यह स्पष्टीकरण भी मांगा है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्तों एसएस संधू तथा विवेक जोशी को निजी पक्षकार के रूप में याचिका में क्यों शामिल किया गया है.
यह आपत्ति संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दाखिल याचिका के संदर्भ में उठाई गई है. याचिकाकर्ताओं ने निर्वाचन आयोग के अधिकारों के इस्तेमाल के दौरान कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया है. उन्होंने SIR से संबंधित फैसलों को लेने और लागू करने के तरीके की जांच सहित कई राहतों की मांग की है.
रजिस्ट्री की ओर से बताई गई खामियों और मांगे गए स्पष्टीकरण के बाद याचिका पर आगे की प्रक्रिया संबंधित औपचारिकताओं को पूरा करने पर निर्भर करेगी.
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