Hot News

1992 में बने ‘इस हिन्दू मंदिर वाले इस्लामिक देश’ को केवल तुर्की-पाकिस्तान का सहयोगी मानना भारत की रणनीतिक गलती क्यों है?

विदेश मंत्री एस. जयशंकर की बाकू यात्रा ने हिंदुस्तान-अजरबैजान संबंधों को फिर सुर्खियों में ला दिया है. यह यात्रा केवल व्यापार, ऊर्जा और कनेक्टिविटी की बातचीत नहीं है, यह उस रणनीतिक पुनर्मूल्यांकन का संकेत भी है जो ऑपरेशन सिंदूर के बाद अनिवार्य हो गया था. हिंदुस्तान के लिए अजरबैजान को केवल ‘तुर्की का सहयोगी‘ या ‘पाकिस्तान-समर्थक देश‘ मानकर देखना एक अधूरी और अंततः हानिकारक दृष्टि है.

बाकू की अपनी भौगोलिक जरूरतें, ऊर्जा-रक्षा हित, इजराइल से गहरे संबंध और आर्मेनिया के साथ लंबा विवाद हैं, जिन्हें समझे बिना हिंदुस्तान न तो बाकू को प्रभावित कर सकता है और न ही उससे व्यावहारिक लाभ उठा सकता है.

Read more:

  • तीसरी गलती यह रही कि हिंदुस्तान ने आर्मेनिया-अजरबैजान विवाद को केवल नैतिक या कानूनी मुद्दे के रूप में देखा, जबकि बाकू के लिए यह अस्तित्व और सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है. हिंदुस्तान का आर्मेनिया के प्रति समर्थन नैतिक रूप से समझ में आता है, पर उसके रक्षा निर्यात का राजनयिक प्रभाव बाकू की आँखों में अलग है. इस अंतर को समझे बिना हिंदुस्तान अजरबैजान की चिंताओं को प्रबंधित नहीं कर सकता.

हिंदुस्तान-अजरबैजान और कॉकस जियोपॉलिटिक्स को और समझने के लिए यहां क्लिक करें

अजरबैजान हिंदुस्तान के लिए क्यों मायने रखता है?

अजरबैजान हिंदुस्तान के लिए केवल एक छोटा दक्षिण काकेशसी देश नहीं है. वह कैस्पियन ऊर्जा क्षेत्र का हिस्सा है, जहां ONGC विदेश का लगभग 1.2 अरब डॉलर का निवेश है. वह अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे (INSTC) का महत्वपूर्ण कड़ी है, जो हिंदुस्तान को ईरान, रूस, मध्य एशिया और यूरोप से जोड़ सकता है.

लाल रेखा में INSTC मानचित्र (Credit: Google)

अजरबैजान हिंदुस्तान के लिए एक ऐसा देश भी है जो इजराइल, तुर्की, रूस और ईरान, चारों के साथ जटिल संबंध रखता है. ऐसे देश से संवाद बनाना हिंदुस्तान के लिए केवल व्यापारिक नहीं, बल्कि भू-नेतृत्वक रूप से उपयोगी है. यदि हिंदुस्तान बाकू को केवल दंड या बहिष्कार की नीति से संभालेगा, तो वह उसे तुर्की-पाकिस्तान की ओर और धकेलेगा.

इसके विपरीत, संतुलित जुड़ाव बाकू को यह विकल्प दे सकता है कि वह अपने हितों में हिंदुस्तान को अधिक गंभीरता से ले.

आगे की राह: संवाद, संतुलन और स्वार्थ

हिंदुस्तान को अजरबैजान के प्रति दो चरम से बचना चाहिए- न तो भावुक बहिष्कार, न ही बिना शर्त निकटता.

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बाकू के रुख को हिंदुस्तान को स्पष्ट रूप से दर्ज करना चाहिए, पर उसे स्थायी शत्रुता का आधार नहीं बनाना चाहिए. जयशंकर की बाकू यात्रा इसी संतुलन का प्रयास है, जिसमें व्यापार, निवेश, ऊर्जा, पर्यटन और कनेक्टिविटी को आगे बढ़ाने पर बात हुई.

हिंदुस्तान को चाहिए कि वह अजरबैजान से तीन स्तरों पर बात करे:

  • पहला: ऊर्जा और निवेश.
  • दूसरा: INSTC और डिजिटल ट्रांजिट.
  • तीसरा: आर्मेनिया-अजरबैजान शांति प्रक्रिया में व्यावहारिक संवाद.

साथ ही हिंदुस्तान को यह भी स्पष्ट रखना होगा कि आतंकवाद, कश्मीर और हिंदुस्तान की संप्रभुता पर समझौता संभव नहीं है.

अजरबैजान को केवल तुर्की या पाकिस्तान के प्रतिबिंब के रूप में देखना हिंदुस्तान की रणनीतिक अपरिपक्वता है. बाकू एक स्वतंत्र, ऊर्जा-समृद्ध, रक्षा-आधुनिकीकरण करने वाला और बहुध्रुवीय विदेश नीति चलाने वाला राज्य है. हिंदुस्तान को उसे उसी रूप में देखना होगा- एक कठिन, पर उपयोगी और संभावित रूप से महत्वपूर्ण यूरेशियाई साझेदार. जो देश अपने पड़ोस और वैश्विक शक्तियों को केवल अपने द्विपक्षीय शत्रुताओं के चश्मे से देखता है, वह अक्सर उन अवसरों को खो देता है जो दूसरे देश बड़ी रणनीतिक दूरदृष्टि से हासिल कर लेते हैं.

Read more: मिसाइल रोकना इतना मुश्किल क्यों? करोड़ों के ‘मिसाइल डिफेंस’ पर कितना करें भरोसा? Star-Wars क्या है?

The post 1992 में बने ‘इस हिन्दू मंदिर वाले इस्लामिक देश’ को केवल तुर्की-पाकिस्तान का सहयोगी मानना हिंदुस्तान की रणनीतिक गलती क्यों है? appeared first on Naya Vichar.

Spread the love

विनोद झा
संपादक नया विचार

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top