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Author name: Vinod Jha

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कौन है NIA की गिरफ्त में आया अमेरिकी मैथ्यू वैनडाइक? लीबिया, सीरिया, यूक्रेन में लड़ा, अब भारत के लिए खतरा!

US Citizen Matthew VanDyke arrested by NIA: हिंदुस्तान की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जबरदस्त खुफिया ऑपरेशन करते हुए 13 मार्च को सात विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया. यह पूरी कार्रवाई एक बड़े आतंकवाद-रोधी अभियान के तहत की गई. सभी सात आरोपियों को पटियाला हाउस कोर्ट की विशेष NIA अदालत ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत 11 दिन की NIA हिरासत में भेजा गया है. इनमें छह यूक्रेन के नागरिक और एक चर्चित अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक शामिल है. ये गिरफ्तारियां तीन हवाई अड्डों से की गई. कोलकाता से वैनडाइक को पकड़ा गया. वहीं, लखनऊ और दिल्ली से तीन-तीन यूक्रेनी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया. सबसे ज्यादा चर्चा मैथ्यू आरोन वैनडाइक को लेकर है. खुद को डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकर, पूर्व पत्रकार और ‘फ्रीडम फाइटर बताने वाला 46 वर्षीय वैनडाइक आखिर है कौन? विषय की गंभीरता समझें- आखिर हुआ क्या है? NIA की FIR और शुरुआती जांच से साफ होता है कि यह मामला सीधे हिंदुस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमाई इलाकों से जुड़ा हुआ है. जांच में सामने आया है कि वैनडाइक और उसके यूक्रेनी सहयोगी टूरिस्ट वीजा पर हिंदुस्तान आए थे. यूक्रेनी नागरिकों की पहचान पेट्रो हुरबा, तारास स्लिवियाक, इवान सुकमानोव्स्की, मारियन स्टेफनकिव, मैक्सिम होंचारुक और विक्टर कामिंस्की के रूप में हुई है. हालांकि इन व्यक्तियों के बारे में ज्यादा जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई, लेकिन मैथ्यू वैनडाइक का नाम सामने आते ही हलचल मच गई, क्योंकि वह एक जाना-पहचाना चेहरा है और कई संघर्षों से जुड़ा रहा है. उसकी पहचान उसकी तस्वीरों के जरिए भी की गई. NIA सूत्रों के अनुसार, 14 यूक्रेनी नागरिक अलग-अलग तारीखों में टूरिस्ट वीजा पर हिंदुस्तान आए थे. वे गुवाहाटी पहुंचे और फिर जरूरी दस्तावेजों के बिना मिजोरम गए. यहां जाने के लिए ‘रिस्ट्रिक्टेड एरिया परमिट’ (RAP) और ‘इनर लाइन परमिट’ (ILP) लेना पड़ता है. ये न सिर्फ यहां बिना परमिशन गए, बल्कि आरोपों के अनुसार, उन्होंने म्यांमार में सक्रिय जातीय सशस्त्र संगठनों (EAGs) से संपर्क स्थापित किया. जांच एजेंसियों का कहना है कि इन संगठनों के संबंध हिंदुस्तान के पूर्वोत्तर में सक्रिय उग्रवादी गुटों से भी जुड़े हैं. उनका उद्देश्य म्यांमार में जातीय सशस्त्र समूहों (EAGs) को पहले से तय ड्रोन वॉरफेयर ट्रेनिंग देना था. हालांकी, NIA ने केवल 7 नागरिकों की ही गिरफ्तारी बताई है. इन सातों विदेशियों ने जातीय सशस्त्र समूहों (EAGs) से संपर्क किया और प्रशिक्षण गतिविधियों में शामिल हुए. FIR में कहा गया है कि ये EAGs पूर्वोत्तर के उग्रवादी संगठनों से जुड़े हुए हैं. जांच में यह भी सामने आया है कि यह नेटवर्क यूरोप से बड़ी मात्रा में ड्रोन हिंदुस्तान के रास्ते म्यांमार पहुंचा रहा था.  NIA ने आरोप लगाया है कि यह समूह हथियारों की आपूर्ति, उग्रवादियों को प्रशिक्षण देने और यूरोप से आयातित ड्रोन का उपयोग कर म्यांमार में ट्रेनिंग कैंप्स को समर्थन देने की योजना बना रहा था, जिसमें ड्रोन वॉरफेयर, ऑपरेशन, असेंबली और जैमिंग तकनीक पर फोकस था. वैनडाइक और उसके साथियों पर आरोप है कि वे म्यांमार के विद्रोही गुटों को हथियारों के इस्तेमाल और ड्रोन संचालन की ट्रेनिंग दे रहे थे. NIA के मुताबिक, म्यांमार में सक्रिय कई सशस्त्र समूहों के हिंदुस्तान में प्रतिबंधित संगठनों से पहले से संबंध हैं. इन समूहों पर हिंदुस्तानीय उग्रवादी संगठनों को हथियार, उपकरण और प्रशिक्षण देने का संदेह है, जो सीधे तौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला है. अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क के हिंदुस्तान के अंदर कोई स्थानीय कनेक्शन हैं या नहीं. ड्रोन को हिंदुस्तानीय क्षेत्र के जरिए कैसे भेजा गया. गिरफ्तारी के दौरान जब्त किए गए मोबाइल फोन की जांच की जा रही है और आगे की जांच के लिए आरोपियों को विभिन्न स्थानों पर ले जाया जाएगा. मार्च 2025 में मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने चेतावनी दी थी कि अमेरिका और ब्रिटेन के भाड़े के सैनिक और पूर्व विशेष बलों के सदस्य मिजोरम के रास्ते म्यांमार में प्रवेश कर रहे हैं, ताकि वहां की सैन्य प्रशासन के खिलाफ लड़ रहे स्थानीय समूहों को प्रशिक्षण दे सकें. वहीं, बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भी अपनी प्रशासन गिरने से पहले अमेरिका पर आरोप लगाया था कि वह हिंदुस्तान से सटे इलाकों में एक ईसाई राज्य बनाना चाहता है. ऐसे में हिंदुस्तान प्रशासन की जांच एजेंसियां इस घटना को हल्के में नहीं लेना चाहेंगी.  Delhi: NIA arrested seven foreign nationals, six Ukrainians and one American for allegedly providing terrorist training in Myanmar. They received 11-day custody for illegal entry, weapons and drone training, and importing drones from Europe pic.twitter.com/Sc8GGiSXvp — IANS (@ians_india) March 16, 2026 मैथ्यू वैनडाइक का विवादित अतीत मैथ्यू वैनडाइक खुद को क्या कहता है? डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकर, डिफेंस एक्सपर्ट, वॉर रिपोर्टर और ‘फ्रीडम फाइटर’, लेकिन कई अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ उसे एक भाड़े का सैनिक मानते हैं.  वैनडाइक का जन्म अमेरिका के बाल्टीमोर (मैरीलैंड) में हुआ. उसने जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी से सिक्योरिटी स्टडीज में मास्टर्स किया है. उसका अधिकांश जीवन दुनिया के अलग-अलग युद्ध क्षेत्रों में बीता है. उसके नाम से एक सोशल मीडिया अकाउंट भी चलता है, जिसमें उसके सारे कारनामों के बारे में बड़े विस्तार से बताया गया है.  लीबिया युद्ध से पहचान वह पहली बार 2011 में चर्चा में आया, जब उसने मुअम्मर गद्दाफी के खिलाफ लड़ रहे विद्रोहियों के साथ विदेशी लड़ाके के रूप में हिस्सा लिया. इस दौरान उसे पकड़ लिया गया और कुख्यात अबू सलीम जेल में पांच महीने से अधिक समय तक कैद रखा गया. बाद में विद्रोहियों के त्रिपोली पर कब्जे के दौरान वह जेल से भाग निकला. उसकी लड़ाई के दौरान और हिरासत में लिए जाने की फोटोज भी सोशल मीडिया पर उपलब्ध है.  सीरिया, इराक और SOLI की स्थापना यह माना जाता है कि वह लीबिया से भाग निकला था. इसके बाद, वैनडाइक ने मिडिल ईस्ट और नॉर्थ अफ्रीका में क्रांतियों का खुलकर समर्थन किया और सीरिया के गृह युद्ध के दौरान फिल्ममेकर के रूप में काम किया, साथ ही एक सशस्त्र लड़ाके के रूप में भी हिस्सा लिया. इसके बाद वह इराक में भी ISIS के खिलाफ लड़ा.  साल 2014 में उसने ‘संस ऑफ लिबर्टी इंटरनेशनल’ (SOLI) नाम का संगठन बनाया. इसका मकसद दुनिया भर में अधिनायकवादी प्रशासनों और आतंकवाद के खिलाफ लड़ने वाली ताकतों को सैन्य प्रशिक्षण, सलाह, रणनीतिक

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विदेशी शेयरों से कमाई छिपाना पड़ सकता है महंगा, ITR भरते समय रखें खास ध्यान

Income Tax: आज के समय में हिंदुस्तानीय निवेशक आसानी से Apple और Tesla जैसी विदेशी कंपनियों में पैसा लगा रहे हैं. इससे कमाई के नए रास्ते खुले हैं, लेकिन इसके साथ टैक्स से जुड़ी जिम्मेदारियां भी बढ़ गई हैं. छोटी सी लापरवाही भी आपको भारी जुर्माने में डाल सकती है. पूरी विदेशी कमाई दिखाना है जरूरी अगर आप हिंदुस्तान में रहते हैं, तो आपकी पूरी ग्लोबल इनकम टैक्स के दायरे में आती है. यानी चाहे कमाई हिंदुस्तान से हो या विदेश से, आपको ITR में उसकी जानकारी देना जरूरी है. कई बार विदेशी कंपनियां डिविडेंड देने से पहले ही टैक्स काट लेती हैं, जिससे लोगों को लगता है कि अब इसे हिंदुस्तान में दिखाने की जरूरत नहीं है. लेकिन ऐसा नहीं है. आपको पूरी कमाई ITR में बतानी होती है. हां, ‘फॉरेन टैक्स क्रेडिट’ लेकर आप डबल टैक्स से बच सकते हैं. शेड्यूल FA में सिर्फ जानकारी देना काफी नहीं ITR भरते समय लोग अक्सर एक बड़ी गलती कर देते हैं. वे ‘शेड्यूल FA’ में अपने विदेशी शेयरों की जानकारी तो ठीक से भर देते हैं, लेकिन उन शेयरों से हुई कमाई को दिखाना भूल जाते हैं. ध्यान रखें कि शेड्यूल FA सिर्फ आपकी विदेशी संपत्ति की जानकारी देने के लिए होता है, कमाई दिखाने के लिए नहीं. डिविडेंड (लाभांश) को हमेशा ‘अन्य स्रोत से आय’ में अलग से दिखाना जरूरी होता है. अगर आपने ऐसा नहीं किया, तो आपका ITR तकनीकी रूप से गलत माना जा सकता है और आगे परेशानी खड़ी हो सकती है. 200% तक लग सकता है जुर्माना अब आयकर विभाग पहले से कहीं ज्यादा एडवांस और सख्त हो चुका है. कई देशों के साथ डेटा शेयरिंग व्यवस्था होने के कारण आपकी विदेशी कमाई की जानकारी आसानी से विभाग तक पहुंच जाती है. ऐसे में अगर आपने अपनी कमाई छिपाई, तो इसे ‘अंडर-रिपोर्टिंग’ माना जाएगा. इस स्थिति में आप पर 50% से लेकर 200% तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है, जो आपकी कमाई से भी ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है. गलती सुधारने का मौका भी है अगर आपसे पहले ITR भरते समय कोई गलती हो गई है, तो घबराने की जरूरत नहीं है. प्रशासन आपको ‘Updated ITR’ के जरिए अपनी गलती सुधारने का मौका देती है. अगर आप 1 साल के अंदर सुधार करते हैं, तो आपको 25% अतिरिक्त टैक्स देना होगा, जबकि 1 से 2 साल के बीच सुधार करने पर यह बढ़कर 50% हो जाता है. Also Read : पॉलिसी लेने से पहले चेक करें लिस्ट, इन इंश्योरेंस कंपनियों पर सबसे ज्यादा शिकायतें The post विदेशी शेयरों से कमाई छिपाना पड़ सकता है महंगा, ITR भरते समय रखें खास ध्यान appeared first on Naya Vichar.

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बीरभूमि में विस्फोटक बरामद, चुनाव से पहले बंगाल को दहलाने की थी साजिश

मुख्य बातें सेंट्रल फोर्स ने बढ़ाई गश्त दहशत में सथानीय लोग Bengal Election: कोलकाता: बंगाल में विधानसभा चुनाव की तरीखों की घोषणा होने के महज तीन बाद बड़ी मात्रा में विस्फोटक बरामद हुआ है. यह बरामदगी बीरभूमि इलाके से हुई है. ग्रामीणों ने विस्फोटक से लदे एक ट्रैक्टर को तस्करी के दौरान जब्त कर पुलिस को सौंप दिया है. ग्रामीणों से सूचना मिलने पर पुलिस ने विस्फोटक से लदे ट्रैक्टर को जब्त कर लिया. यह घटना बीरभूमि के नलहाटी पुलिस स्टेशन के कदासिर गांव में हुई है. लोगों का कहना है कि पुलिस को यह पता लगाना चाहिए कि चुनाव से पहले विस्फोटक सामग्री कहां और क्यों ले जाई जा रही थी. सेंट्रल फोर्स ने बढ़ाई गश्त पुलिस ने बताया कि जब्त किए गए विस्फोटकों में 10,000 जिलेटिन स्टिक और 360 डेटोनेटर शामिल हैं. पुलिस का दावा है कि चुनाव से पहले बंगाल को दहलाने की साजिश नाकाम कर दी गयी है. हालांकि, पुलिस इस घटना में किसी को गिरफ्तार करने में असमर्थ रही. घटना के बाद केंद्रीय बलों ने बंगाल के कोने-कोने में गश्त तेज कर दी है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने स्पष्ट किया है कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें दहशत में सथानीय लोग स्थानीय लोगों ने बताया कि रात कदासिर गांव की सड़क से विस्फोटकों से लदा एक ट्रैक्टर गुजर रहा था. तभी लोगों ने ट्रैक्टर को रोका. ट्रैक्टर चालक ने इसे तेज रफ्तार समझकर भागने की कोशिश की. बाद में लोगों ने देखा कि ट्रैक्टर पर विस्फोटक लदा हुआ है. इसके बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई. लोगों ने पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलते ही नलहाटी पुलिस स्टेशन की पुलिस मौके पर पहुंची. उन्होंने विस्फोटक और ट्रैक्टर को जब्त कर लिया. विस्फोटक कौन, किस उद्देश्य से और कहां ले जा रहा था, इसकी जानकारी नहीं है. नलहाटी पुलिस स्टेशन मामले की जांच कर रही है. Also Read: बंगाल में पहचान की लड़ाई, भाजपा के ‘घुसपैठिये’ से ममता की ‘बंगाली अस्मिता’ का मुकाबला The post बीरभूमि में विस्फोटक बरामद, चुनाव से पहले बंगाल को दहलाने की थी साजिश appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड में डीजे बजेगा और हर हाल में बजेगा, विधानसभा में बोले इरफान अंसारी

रांची से राजकुमार लाल की रिपोर्ट Jharkhand DJ Ban Controversy: झारखंड के स्वास्थ्य एवं खाद्य आपूर्ति मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने बुधवार को विधानसभा के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि झारखंड में रामनवमी, सरहूल और ईद पर डीजे बजेगा और हर साल में बजेगा. उन्होंने कहा कि हमने कभी डीजे पर रोक लगाने की बात नहीं कही थी, बल्कि उसके दुष्परिणामों से लोगों को अवगत कराने की बात कही थी. लेकिन मेरी बातों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया. उन्होंने कहा कि हमने सूबे के सभी सिविल सर्जनों को आदेश दिया है कि वे जुलूस के दौरान जुलूस के साथ-साथ चलें, ताकि किसी भी तरह की परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जा सके. हम किसी श्रद्धालु को किसी अनहोनी की चपेट आने नहीं देंगे. प्रशासन को डीजे बजाने की देनी होगी अनुमति: निर्मल महतो विधायक निर्मल महतो उर्फ तिवारी महतो ने कहा कि महूदी में प्रशासन को हर हाल में जुलूस निकालने की अनुमति देनी होगी. यदि नहीं देती है, तो हमलोग वहां जुलूस निकालेंगे. उन्होंने कहा कि रामनवमी का जुलूस ऐतिहासिक रहेगा. प्रशासन रामनवमी के जुलूस फूल बरसाकर स्वागत करे. विधायक मनीष प्रसाद ने कहा कि डीजे पर रोक नहीं लगनी चाहिए. प्रशासन यदि इसको रोक पाने में असमर्थ है, तो हमलोगों को स्वयं जुलूस निकालने के लिए अनुमति दे. हमलोग आपसी सौहार्द के साथ सभी त्योहार मनाते आए हैं और मनाते रहेंगे. जुलूस पर रोक लगाना गलत: रौशन लाल चौधरी विधायक रौशन लाल चौधरी ने कहा कि प्रशासन महूदी के जुलूस पर जो रोक लगाई है, वह पूरी तरह से गलत है. प्रशासन अविलंब इस रोक को हटा ले. अल्पसंख्यक कल्याण मामलों के मंत्री हफिजुल हसन ने कहा कि प्रशासन ने कभी भी डीजे पर रोक लगाने की बात नहीं की है, बल्कि कोर्ट के आदेश का पालन करवा रही है. प्रशासन किसी भी धर्म विशेष के त्योहार के पीछे नहीं है, बल्कि उनकी देखभाल के लिए कृतसंकल्पित है. धार्मिक उन्माद फैलाना चाहती है भाजपा: दीपिका पांडेय मंत्री दीपिका सिंह पांडेय ने कहा कि भाजपा अफवाह और धार्मिक उन्माद फैलाकर नेतृत्व करना चाहती है. हमलोग ऐसा नहीं कर सकते हैं. कोर्ट का आदेश मानें या न मानें, यह उनकी मर्जी है. उन्हें लगता है कि यदि हमारे साथ गलत हो रहा है, तो गृह मंत्रालय से ही क्यों नहीं डीजे बजाने की इजाजत ले लेते? उन्होंने कहा कि त्योहारों के अलावा अन्य दिनों में भी सूबे में पेयजल की समस्या नहीं होने दी जाएगी. खराब पड़े चापाकलों को दुरुस्त करने को कहा गया है. इसके लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के चापाकलों दुरुस्त कराने के लिए फंड की कमी नहीं होने दी जाएगी. आम लोगों को परेशान कर रही प्रशासन: नीरा यादव विधायक नीरा यादव ने कहा कि हेमंत प्रशासन आम लोगों को परेशान करने के लिए जानबूझकर यह सब निर्णय लेती है. उन्होंने कहा कि हम सभी लोगों के साथ मिलकर त्योहार मनाएंगे और डीजे बजाएंगे. डॉ इरफान अंसारी क्या बोलते हैं और क्या नहीं बोलते, यह उन्हें खुद भी पता नहीं है. वे अखबार में नाम छपाने के लिए कुछ भी कर सकते हैं. धार्मिक उत्सव रोकना गलत: बाबूलाल मरांडी प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा कि किसी भी धार्मिक उत्सव को रोकना गलत है. चाहे रामनवमी का जुलूस हो या फिर मोहर्रम का. सड़क सार्वजनिक है और सार्वजनिक रास्ते पर कोई संप्रदाय विशेष के डर से रोक लगाना उचित नहीं है. इससे एक गलत परंपरा की शुरुआत होगी. भाजपा के पास कोई मुद्दा नहीं: सुदीव्य मंत्री सुदीव्य कुमार सोनू ने कहा कि भाजपा के पास कोई मुद्दा नहीं है, तो वह मुद्दाविहीन होकर कभी किसी बात को लेकर तो कभी किसी बात को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रही है, जो गलत है. जेटेट में लाठीचार्ज के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि छात्रों को अपना भविष्य देखना चाहिए, उन्हें नेतृत्व नहीं करनी चाहिए. कुछ लोग उन्हें उकसाकर अपनी नेतृत्व चमका रहे हैं. यदि वे इस तरह सड़क पर उतरेंगे, तो उन्हें हर हाल में रोका लगा जाएगा. छात्रों की परीक्षा नजदीक है और वे पढ़ने के बजाय सड़क पर उतरे हुए हैं. इसे भी पढ़ें: चतरा में मच्छरों को भगाने के लिए नहीं हो रही फॉगिंग, महीनों से धूल फांक रही 40 लाख की मशीन सबसे पहले विधानसभा पहुंचीं शिल्पी नेहा तिर्की आज सबसे पहले शिल्पी नेहा तिर्की सुबह 10.28 पर विधानसभा पहुंची. जब उनसे पूछा गया कि आज आप सबसे पहले पहुंची है, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि मेरा प्रश्नकाल है. इसलिए मैं पहले पहुंची हूं. दूसरे नंबर पर जरमुंडी विधायक देवेंद्र कुंअर विधानसभा पहुंचे. आज विधानसभा सत्र का आखिरी है. काफी संख्या में लोग विधानसभा की कार्यवाही देखने के लिए पहुंचे. इसके अलावा, स्कूल के विद्यार्थी भी आए थे. इसे भी पढ़ें: हजारीबाग में सज गया ईद बाजार, खरीदारों की उमड़ने लगी भीड़ The post झारखंड में डीजे बजेगा और हर हाल में बजेगा, विधानसभा में बोले इरफान अंसारी appeared first on Naya Vichar.

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अभीरा-अरमान की मुश्किलें बढ़ाएगी मायरा, पोद्दार परिवार में मचेगा तूफान

Yeh Rishta Kya Kehlata Hai: टीवी का पॉपुलर शो Yeh Rishta Kya Kehlata Hai अपने अपकमिंग एपिसोड में दर्शकों को हाई-वोल्टेज ड्रामा और इमोशनल ट्विस्ट देने वाला है. इस बार कहानी में आएंगे 7 बड़े धमाके, जिनमें मायरा का ट्रक ड्रामा, अभीरा और अरमान की कोशिशें, और आर्यन-दिशा की सगाई शामिल है. पोद्दार हाउस में रिश्तों की जटिलताएं, परिवार में उठे तनाव और नन्हीं मायरा की भावनाएं कहानी को और रोमांचक बना देंगी. दर्शक इस एपिसोड में रोमांच, ड्रामा और भावनाओं का पूरा तड़का देखने को मिलने वाला है. मायरा पोद्दार हाउस से गायब एपिसोड की शुरुआत में मायरा को अभीरा और उसके पिता के साथ देखकर जोरदार झटका लगता है. वह इस नजारे को बर्दाश्त नहीं कर पाती और घर से भाग जाती है. पूरे परिवार के लोग मायरा की अचानक गायब होने से हैरान रह जाते हैं. अरमान और अभीरा के पीछे भागेगी मायरा मायरा की फिक्र में अभीरा और अरमान उसे ढूंढने निकल पड़ते हैं. मायरा को अपनी मां के चले जाने का दर्द याद आता है और वह सड़क पर रोने लगती है. इस इमोशनल सीन में दर्शक मायरा की पीड़ा को महसूस करेंगे. दिशा की बुआ लेगी बड़ा फैसला आर्यन और दिशा की सगाई को लेकर परिवार में तनाव है. दिशा की बुआ साफ कर देती है कि अभीरा और अरमान अपनी बेटी के बिना सगाई नहीं होने देगी. इस निर्णय के बाद सगाई का महापर्व धीरे-धीरे तैयार होता है. मायरा चढ़ेगी ट्रक पर शो के अगले सीन में मायरा परेशान होकर सड़क पर बैठ जाती है. इसी दौरान एक ट्रक आता है और मायरा उसमें बैठ जाती है. अभीरा और अरमान तुरंत उसके पास पहुंचते हैं, लेकिन उसे रोकना आसान नहीं होता. अरमान को कोसेगी मायरा ट्रक रुकवाने के बाद अरमान मायरा से बात करता है। मायरा नाराज होकर उसे टोकती है और कहती है कि अगर उसे पहले पता होता कि अभिरा उसकी मां है, तो वह कभी नहीं आती. अरमान को कोसेगी मायरा ट्रक रुकवाने के बाद अरमान मायरा से बात करता है. मायरा नाराज होकर उसे टोकती है और कहती है कि अगर उसे पहले पता होता कि अभीरा उसकी मां है, तो वह कभी नहीं आती. अभीरा बढ़ाएगी मायरा की तरफ हाथ एपिसोड के अंत में अभीरा मायरा के पास जाकर उसे अकेला नहीं छोड़ने का संदेश देती है. इस सीन में दर्शक अभीरा और मायरा के रिश्ते की गर्मजोशी महसूस करेंगे. यह भी पढ़ें: अनुपमा की नई शुरुआत या नई मुसीबत? घर में बढ़ेगा हाई वोल्टेज ड्रामा The post अभीरा-अरमान की मुश्किलें बढ़ाएगी मायरा, पोद्दार परिवार में मचेगा तूफान appeared first on Naya Vichar.

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चैत्र नवरात्रि 2026 कथा: माता दुर्गा ने महिषासुर का कैसे किया संहार?

Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि का प्रारंभ 19 मार्च 2026 से हो रहा है. यह माता दुर्गा की उपासना का सबसे बड़ा त्योहार माना जाता है. नवरात्रि के नौ दिनों में माता दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूप, यानी नवदुर्गा, घरों और मंदिरों में विधिपूर्वक पूजे जाते हैं. मान्यता है कि जो भी भक्त इस व्रत को सच्चे मन से करता है, उसके जीवन में सुख-समृद्धि आती है और कष्ट-दुःख दूर होते हैं. नवरात्रि बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है. आइए जानते हैं माता दुर्गा और महिषासुर के युद्ध की वह कथा, जिसके कारण यह पर्व मनाया जाता है. महिषासुर का जन्म देवी भागवत पुराण, मार्कण्डेय पुराण और दुर्गा सप्तशती (चंडी पाठ) में वर्णित कथा के अनुसार, बहुत समय पहले रम्भ नामक एक शक्तिशाली असुर राजा था. उसने महिषी (भैंस स्वरूपी राक्षसी) से विवाह किया. इन दोनों के मिलन से उनका पुत्र जन्मा, जिसका नाम महिषासुर रखा गया. ‘महिष’ का अर्थ है भैंस, और ‘असुर’ का अर्थ है राक्षस. महिषासुर आधा इंसान और आधा भैंस था, और उसके पास अद्भुत शक्तियां थीं, जिससे वह कभी भी अपना रूप बदल सकता था. ब्रह्मा जी का वरदान महिषासुर अत्यंत महत्वाकांक्षी था. उसने भगवान ब्रह्मा की घोर तपस्या की. उसकी तपस्या से प्रसन्न होकर ब्रह्मा जी प्रकट हुए और वरदान मांगने को कहा. महिषासुर ने अमर होने का वरदान मांगा, लेकिन ब्रह्मा जी ने कहा कि जन्मे हुए प्राणी की मृत्यु निश्चित है. तब चतुर महिषासुर ने वरदान मांगा “मेरी मृत्यु न किसी देवता, न किसी असुर या मानव के हाथों होगी, केवल एक स्त्री ही मुझे मार सकती है.” ब्रह्मा जी ने ‘तथास्तु’ कह दिया. स्वर्ग पर अधिकार वरदान पाकर महिषासुर अहंकारी हो गया. उसने अपनी विशाल सेना के साथ स्वर्ग पर आक्रमण कर दिया. इंद्र देव और अन्य देवता उससे हार गए, और महिषासुर ने स्वर्ग के सिंहासन पर कब्जा कर लिया. माता दुर्गा का अवतरण दुखी देवता मदद के लिए भगवान विष्णु और भगवान शिव के पास पहुँचे. देवताओं की बात सुनकर विष्णु और शिव अत्यंत क्रोधित हो गए. उनके क्रोध से एक दिव्य तेज (प्रकाश) निकला. यह तेज़ सभी देवताओं की शक्तियों के साथ मिलकर एक महाशक्तिशाली देवी के रूप में प्रकट हुआ, जिन्हें माँ दुर्गा कहा गया. देवताओं ने माता को अपने अस्त्र-शस्त्र प्रदान किए: शिव जी ने त्रिशूल दिया. विष्णु जी ने चक्र दिया. इंद्र देव ने वज्र और वरुण देव ने शंख दिया. अन्य देवताओं ने भी अपने सबसे शक्तिशाली अस्त्र माता को सौंपे. भीषण युद्ध और महिषासुर का वध माँ दुर्गा सिंह पर सवार होकर महिषासुर की नगरी पहुँची और जोर से गर्जना की. महिषासुर ने पहले उसे कमतर समझा, लेकिन माँ ने अपनी शक्ति से उसकी सेना को पल भर में ध्वस्त कर दिया. फिर शुरू हुआ माँ दुर्गा और महिषासुर के बीच महायुद्ध, जो नौ दिनों तक चला. महिषासुर बार-बार अपना रूप बदलता रहा था. कभी हाथी, कभी शेर, तो कभी भैंस. अंत में, दसवें दिन जब वह फिर से भैंस का रूप धारण करके हमला करने लगा, मां दुर्गा ने अपने त्रिशूल से उसके सीने पर प्रहार किया और उसका वध कर दिया. यह भी पढ़ें: चैत्र नवरात्रि 2026: ग्रह, नक्षत्र और ऊर्जा जागरण का पावन पर्व The post चैत्र नवरात्रि 2026 कथा: माता दुर्गा ने महिषासुर का कैसे किया संहार? appeared first on Naya Vichar.

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LPG सिलेंडर में गैस खत्म होने से पहले अलर्ट देगा यह मीटर, जानें कैसे

हिंदुस्तान में LPG सिलेंडर हर घर की जरूरत है, लेकिन सबसे बड़ी समस्या यह रहती है कि सिलेंडर कब खत्म होने वाला है, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल होता है. अक्सर लोग अचानक गैस खत्म होने पर परेशानी में पड़ जाते हैं. अब इस समस्या का समाधान एक नया गैस मीटर डिवाइस से हो सकता है, जो सिलेंडर में बची गैस का स्तर दिखाता है और समय रहते अलर्ट भी देता है. सिलेंडर की गैस लेवल बताएगा मीटर यह डिवाइस सीधे उस जगह फिट होता है जहां रेगुलेटर लगाया जाता है. इसके अंदर एक इंडिकेटर सुई होती है जो सिलेंडर के प्रेशर के आधार पर गैस की मात्रा बताती है. खास बात यह है कि यह मीटर सिलेंडर खत्म होने से लगभग एक सप्ताह पहले ही संकेत दे देता है, जिससे उपभोक्ता समय रहते नया सिलेंडर बुक कर सकते हैं. कीमत और उपलब्धता गैस मीटर की शुरुआती कीमत लगभग 700 रुपये से शुरू होती है. इसे ऑनलाइन प्लैटफॉर्म जैसे Amazon, Flipkart और Meesho पर खरीदा जा सकता है. इसके अलावा, स्थानीय मार्केट में भी यह आसानी से उपलब्ध है. सुरक्षा पर ध्यान देना जरूरी गैस मीटर खरीदते समय सबसे अहम बात यह है कि उस पर ISI मार्क होना चाहिए. बिना ISI प्रमाणित मीटर इस्तेमाल करना खतरनाक साबित हो सकता है. सही प्रमाणित डिवाइस ही सिलेंडर की सुरक्षा और सही जानकारी सुनिश्चित करता है. LPG संकट और नियमों के बीच राहत खाड़ी देशों में तनाव और LPG की बढ़ती कीमतों और किल्लत की समाचारों के बीच यह डिवाइस उपभोक्ताओं के लिए राहत लेकर आया है. प्रशासन ने हाल ही में कई नये नियम लागू किये हैं, ऐसे में सिलेंडर की गैस लेवल जानना और पहले से तैयारी करना लोगों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा. यह भी पढ़ें: ब्रेकफास्ट से डिनर तक बिना गैस जलाये होगा तैयार, डिमांड में ये किचन अप्लायंसेज The post LPG सिलेंडर में गैस खत्म होने से पहले अलर्ट देगा यह मीटर, जानें कैसे appeared first on Naya Vichar.

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जमुई को सीएम नीतीश का मेगा गिफ्ट, 914 करोड़ की 370 योजनाओं की सौगात

Samriddhi Yatra: बिहार के विकास को नई ऊंचाई देने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुधवार को जमुई पहुंचे, जहां उन्होंने जिले के लिए खजाना खोल दिया. ‘समृद्धि यात्रा’ के तहत आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर एक साथ 914 करोड़ रुपये की 370 विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. इस मौके पर उनके साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा भी मौजूद रहे. जमुई के लिए यह दिन उत्सव जैसा था, क्योंकि मुख्यमंत्री ने न केवल करोड़ों की योजनाओं की सौगात दी, बल्कि जिले की दशकों पुरानी समस्याओं के समाधान का रास्ता भी साफ कर दिया. 914 करोड़ की योजनाओं से बदलेगी जमुई की तस्वीर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कुल 602 करोड़ रुपये की लागत वाली 181 योजनाओं का उद्घाटन किया, जो अब जनता की सेवा के लिए तैयार हैं. वहीं, भविष्य की जरूरतों को देखते हुए 312 करोड़ रुपये की 189 नई योजनाओं का शिलान्यास भी किया गया. इन योजनाओं में सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट शामिल हैं. मंच पर मौजूद दोनों उपमुख्यमंत्रियों ने भी जमुई के बदलते स्वरूप की सराहना की और इसे ‘विकसित बिहार’ की दिशा में एक बड़ा कदम बताया. कुंडघाट परियोजना-18 साल का इंतजार और नीतीश का वादा इस यात्रा की सबसे बड़ी उपलब्धि रही ‘कुंडघाट परियोजना’ का उद्घाटन. इस महत्वाकांक्षी सिंचाई परियोजना का शिलान्यास स्वयं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने साल 2008 में किया था. करीब 18 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद आज उन्हीं के हाथों इस प्रोजेक्ट का लोकार्पण हुआ. यह परियोजना जमुई के किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जिससे हजारों एकड़ भूमि की प्यास बुझेगी. विकास स्टॉल का निरीक्षण, योजनाओं की समीक्षा मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए विकासात्मक स्टॉल का निरीक्षण किया और योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली. इसके बाद उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक कर चल रही परियोजनाओं का जायजा लिया और कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आम लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए. इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रशासन का फोकस राज्य के हर जिले में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना और विकास योजनाओं को समय पर पूरा करना है. Also Read: नीतीश के राज्यसभा जाने से नाखुश आनंद मोहन, बोले- ‘निशांत की एंट्री से बदलेगी नेतृत्व की रफ्तार’ The post जमुई को सीएम नीतीश का मेगा गिफ्ट, 914 करोड़ की 370 योजनाओं की सौगात appeared first on Naya Vichar.

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फैटी लिवर से हैं परेशान? डॉ. शुभम के बताए ये 3 फूड कर सकते हैं कमाल

3 Best Foods For Fatty Liver: आजकल अधिकतर लोग फैटी लिवर की समस्या से जूझ रहे हैं. खराब लाइफस्टाइल, बाहर का जंक फूड, ज्यादा शुगर और फिजिकल एक्टिविटी की कमी इसकी सबसे बड़ी वजह बन रही है. ऐसे में अगर समय रहते खान-पान में सही बदलाव किए जाएं, तो फैटी लिवर को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है. सीनियर गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट और हेपेटोलॉजिस्ट डॉ. शुभम वत्स्य (Dr. Shubham Vatsya) के अनुसार, कुछ खास फूड्स को अपनी डाइट में शामिल करके आप अपने लिवर को ठीक कर सकते हैं. डॉ. शुभम ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट @dr.shubhamvatsya पर इसे शेयर किया है. ब्लैक कॉफी – बिना शुगर और बिना दूध के डॉ. शुभम के मुताबिक, रोजाना ब्लैक कॉफी पीने से लिवर एंजाइम को नॉर्मल करने में मदद मिलती है, साथ ही लिवर फाइब्रोसिस का खतरा भी कम होता है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स लिवर को प्रोटेक्ट करते हैं और फैट के जमा होने की प्रक्रिया को धीमा कर देते हैं.  हरी पत्तेदार सब्जियां हरे पत्तेदार सब्जियां स्टीम या हल्का पकाकर खाने से फैटी लिवर कम करने में फायदा मिलता है. डॉ, शुभम कहते हैं, पालक में नाइट्रेट्स और पॉलीफेनॉल्स होते हैं, जो सीधे लिवर में जमा फैट को कम करने में मदद करते हैं.  ब्रोकली ब्रोकली फैटी लिवर के लिए एक बहुत अच्छा ऑप्शन है. डॉ के अनुसार इसमें सल्फोराफेन होता है, जो लिवर को नेचुरली प्रोटेक्ट करता है और बॉडी के एंटीऑक्सिडेंट सिस्टम को एक्टिव करता है.  डॉ. शुभम के अनुसार कुछ बोनस टिप्स  सैल्मन या सार्डिन जैसी फैटी फिश में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड्स लिवर की सूजन और ट्राइग्लिसराइड्स को कम करने में मदद करते हैं.  साथ ही ध्यान रखें, शुगर से भरे ड्रिंक्स और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स से दूरी बनाना बहुत जरूरी है.  इन छोटे-छोटे बदलावों की शुरुआत करके आप फैटी लिवर को ठीक कर सकते हैं.  View this post on Instagram A post shared by Dr. Shubham Vatsya (@dr.shubhamvatsya) यह भी पढ़ें: वजन कम करना है तो ट्राई करें कॉफी और नींबू का यह ड्रिंक यह भी पढ़ें: Morning Habits for Weight Loss: दोपहर में आती है सुस्ती? दिनभर खुद को सुपर-एक्टिव रखने के लिए बदलें ये 5 आदतें The post फैटी लिवर से हैं परेशान? डॉ. शुभम के बताए ये 3 फूड कर सकते हैं कमाल appeared first on Naya Vichar.

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कौन हैं वो 4 शख्स जिन्होंने सूर्यकुमार यादव को बनाया कप्तान? खुद उठाया राज से पर्दा

Highlights रोहित शर्मा के बाद मिली थी कमान जय शाह ने किया था पहला फोन चार लोगों ने मिलकर बनाया था प्लान कप्तानी में जीत का शानदार रिकॉर्ड धोनी और रोहित के क्लब में शामिल Suryakumar Yadav on T20 Captain: हिंदुस्तान ने साल 2024 का टी20 वर्ल्ड कप जीता था. इसके बाद टीम ने 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी में भी जीत हासिल की. जीत का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका. हाल ही में साल 2026 का टी20 वर्ल्ड कप भी हिंदुस्तान ने जीत लिया है. यह नया वर्ल्ड कप सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में जीता गया है. अब सूर्यकुमार यादव ने एक बहुत अहम बात बताई है. उन्होंने बताया है कि हिंदुस्तान की टी20 टीम का कप्तान उन्हें किन लोगों ने मिलकर बनाया था. रोहित शर्मा के बाद मिली थी कमान साल 2024 में जब हिंदुस्तान ने टी20 वर्ल्ड कप जीता था, तब रोहित शर्मा टीम के कप्तान थे. इस जीत के तुरंत बाद रोहित शर्मा ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया. रोहित के जाने के बाद बीसीसीआई को एक नए कप्तान की तलाश थी. इसके बाद हिंदुस्तान की टी20 टीम का नया कप्तान सूर्यकुमार यादव को बनाया गया. कप्तान बनने के बाद सूर्या ने शानदार काम किया है. उन्होंने अपनी कप्तानी में टीम को कई अहम मुकाबले जिताए हैं और खुद को एक सफल कप्तान साबित किया है. जय शाह ने किया था पहला फोन सूर्या ने PTI के इंटरव्यू में बताया कि कप्तानी की समाचार उन्हें सबसे पहले कैसे मिली. उन्होंने बताया कि उस समय के बीसीसीआई सचिव जय शाह ने उन्हें फोन किया था. यह बात श्रीलंका सीरीज शुरू होने से तीन या चार दिन पहले की है. जय शाह ने फोन करके सूर्या को बताया कि आगे के लिए उन्हें ही टी20 टीम का कप्तान बनाया जा रहा है. सूर्या के लिए यह एक बहुत अहम पल था जब उन्हें सीधे सचिव का फोन आया था. चार लोगों ने मिलकर बनाया था प्लान सूर्यकुमार का कहना है कि यह फैसला अचानक नहीं लिया गया था. इसके पीछे चार अहम लोगों का दिमाग था. सूर्या ने बताया कि रोहित शर्मा और मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने मिलकर उनके नाम पर विचार किया. इसके बाद रोहित और अजीत अगरकर ने उस समय के कोच राहुल द्रविड से बात की. राहुल द्रविड की सहमति मिलने के बाद इन सभी ने जय शाह से चर्चा की. इन चार लोगों ने मिलकर ही यह तय किया कि सूर्या ही अगले कप्तान होंगे. कप्तानी में जीत का शानदार रिकॉर्ड बतौर कप्तान सूर्यकुमार यादव का रिकॉर्ड बहुत ही बेहतरीन रहा है. उनकी कप्तानी में हिंदुस्तानीय टीम ने अब तक कुल 52 टी20 मैच स्पोर्ट्से हैं. इनमें से 42 मैचों में हिंदुस्तान को जीत मिली है. उनकी कप्तानी में हिंदुस्तान कोई भी दो देशों के बीच होने वाली टी20 सीरीज नहीं हारा है. 35 साल के सूर्या अगर 8 मैच और जीत लेते हैं, तो वह सबसे ज्यादा टी20 मैच जीतने वाले हिंदुस्तानीय कप्तान बन जाएंगे. सूर्या ने हिंदुस्तान के लिए 113 टी20 मैच स्पोर्ट्से हैं और 3272 रन बनाए हैं. धोनी और रोहित के क्लब में शामिल साल 2026 का टी20 वर्ल्ड कप जीतकर सूर्यकुमार यादव ने एक खास जगह हासिल कर ली है. वह हिंदुस्तान को टी20 वर्ल्ड कप जिताने वाले तीसरे हिंदुस्तानीय कप्तान बन गए हैं. उनसे पहले यह काम सिर्फ महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा ने किया था. धोनी ने 2007 में और रोहित ने 2024 में यह खिताब जिताया था. अब सूर्या भी इन दोनों सफल कप्तानों की लिस्ट में आ गए हैं. ये भी पढ़ें- बांग्लादेश के सामने पाकिस्तान की शर्मनाक हार, कामरान अकमल ने नकवी को बताया ‘ट्रॉफी चोर’ अंपायर का फैसला सही या गलत, MCC ने सलमान आगा के रन आउट विवाद से उठाया पर्दा IPL 2026 से पहले खुलासा, कौन है वो खिलाड़ी जो धोनी को पिलाता है हुक्का? The post कौन हैं वो 4 शख्स जिन्होंने सूर्यकुमार यादव को बनाया कप्तान? खुद उठाया राज से पर्दा appeared first on Naya Vichar.

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