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Author name: Vinod Jha

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जश्न के बाद झटका, ड्राइवर की बेटी नहीं, IAS की पत्नि को UPSC AIR 79

UPSC AIR 79 Priyanka Choudhary: UPSC की सिविल सर्विस परीक्षा का फाइनल रिजल्ट आते ही कई जगह खुशी और हैरानी दोनों देखने को मिली. इसी बीच एक ऐसा मामला सामने आया जिसने लोगों को कुछ देर के लिए उलझन में डाल दिया. रिजल्ट लिस्ट में AIR 79 पर प्रियंका चौधरी का नाम था. नाम सामने आते ही उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में रहने वाली एक प्रियंका चौधरी के परिवार में जश्न शुरू हो गया. लोगों ने मान लिया कि ड्राइवर की बेटी ने UPSC जैसी कठिन परीक्षा में बड़ी सफलता हासिल कर ली है. सच सामने आते ही परिवार को जश्न के बाद झटका लगा. दरअसल, इस रैंक पर गाजीपुर की प्रियंका को नहीं बल्कि चंबा में पोस्टेड DC मुकेश रेप्सवाल की पत्नि प्रियंका चौधरी का नाम है. आइए जानते हैं दोनों प्रियंका कौन हैं. गाजीपुर की प्रियंका चौधरी गाजीपुर के गौरा खास गांव की रहने वाली प्रियंका चौधरी के पिता नीराराम प्रशासनी दफ्तर में ड्राइवर के तौर पर काम करते हैं. जब रिजल्ट में प्रियंका चौधरी नाम दिखा तो परिवार और गांव के लोग खुशी से झूम उठे. नीराराम ने भावुक होकर कहा कि अगर बेटी सच में IAS बन गई है तो वह गर्व से उसकी गाड़ी भी चलाएंगे. गांव में मिठाई बांटी जाने लगी और लोगों ने बधाइयां देना शुरू कर दिया. प्रियंका पहले से ही पढ़ाई में अच्छी थीं और पढ़ाई के बाद GST ऑफिसर के तौर पर नौकरी भी कर रही हैं. ऐसे में नाम के कंफ्यूजन के चलते लगा कि उनके गांव की बेटी ही IAS बनी है. UPSC CSE 2026 Final Result Check Here UPSC AIR 79 Priyanka Choudhary: असली प्रियंका चौधरी कौन? दरअसल AIR 79 हासिल करने वाली प्रियंका चौधरी मूलरूप से राजस्थान के बीकानेर की रहने वाली हैं. उन्होंने Indian Institute of Technology Roorkee यानी IIT रुड़की से पढ़ाई की है और जियोफिजिकल टेक्नोलॉजी में मास्टर्स किया है. रियल प्रियंका चौधरी की डिटेल्स बताया जा रहा है कि यह उनका चौथा प्रयास था और आखिरकार उन्हें सफलता मिल गई. प्रियंका चौधरी के पति IAS अधिकारी हैं और हिमाचल प्रदेश के चंबा में डिप्टी कमिश्नर के पद पर तैनात हैं. सोशल मीडिया पर रियल प्रियंका चौधरी की डिटेल्स शेयर की गई है. यह भी पढ़ें: मिठाई बांटी, फूल बरसे, IAS बनने की खुशी पल में गायब, UPSC लिस्ट में निकली दूसरी शिखा The post जश्न के बाद झटका, ड्राइवर की बेटी नहीं, IAS की पत्नि को UPSC AIR 79 appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड में पोटका के दो दोस्तों ने कर दिया जादू, 10 बीघे में कर दी तरबूज की खेती

जादूगोड़ा से रंजन कुमार गुप्ता की रिपोर्ट Success Story: जहां आज के समय में बेहतर रोजगार की तलाश में अधिकांश युवा गांव छोड़कर शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं. वहीं, झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड के आसनबनी और कुलडीहा गांव के दो दोस्तों ने तरबूज की खेती को ही अपना भविष्य बनाकर एक नई मिसाल पेश की है. बचपन के दोस्त शशिकांत बिशायी और मलय गिरी ने मिलकर 10 बीघा जमीन पर आधुनिक तरीके से तरबूज की खेती शुरू की है. उनकी मेहनत और सोच आज क्षेत्र के किसानों और युवाओं के लिए प्रेरणा बनती जा रही है. बचपन की दोस्ती से शुरू हुआ खेती का सपना शशिकांत बिशायी और मलय गिरी बचपन से ही एक-दूसरे के अच्छे दोस्त रहे हैं. दोनों ने गांव में ही पले-बढ़े और हमेशा कुछ नया करने की सोच रखते थे. जब आसपास के कई युवा रोजगार की तलाश में शहरों की ओर जाने लगे, तब इन दोनों दोस्तों ने अलग रास्ता चुनने का निर्णय लिया. दोनों ने सोचा कि अगर खेती को आधुनिक तरीके से किया जाए और सही योजना के साथ मेहनत की जाए तो यह भी एक सफल व्यवसाय बन सकता है. इसी सोच के साथ उन्होंने खेती में नई शुरुआत करने का फैसला किया. 10 बीघा जमीन पर शुरू की तरबूज की खेती इस वर्ष दोनों दोस्तों ने मिलकर लगभग 10 बीघा जमीन पर तरबूज की खेती शुरू की है. खेती शुरू करने से पहले उन्होंने खेत की मिट्टी को तैयार किया और वैज्ञानिक तरीके से जमीन को उपजाऊ बनाने का प्रयास किया. उच्च गुणवत्ता वाले बीजों का चयन किया गया, ताकि फसल अच्छी और अधिक उत्पादन देने वाली हो. इसके साथ ही खेत में आधुनिक कृषि तकनीकों का भी उपयोग किया जा रहा है. खेत में दिनभर मेहनत करते नजर आते हैं दोनों किसान यदि कोई व्यक्ति इनके खेत पर पहुंचता है तो उसे दोनों दोस्त खेत में ही काम करते हुए दिखाई देते हैं. कभी सिंचाई करते हुए, कभी पौधों की देखभाल करते हुए और कभी खेत की निगरानी करते हुए वे दिनभर मेहनत में जुटे रहते हैं. खेती में नियमित मेहनत और देखभाल बेहद जरूरी होती है. इसलिए दोनों किसान सुबह से लेकर शाम तक खेत में काम करते हैं, ताकि फसल को किसी भी प्रकार का नुकसान न हो और उत्पादन बेहतर हो सके. गर्मियों में लाभदायक है तरबूज की खेती तरबूज की खेती गर्मी के मौसम में किसानों के लिए काफी लाभदायक मानी जाती है. यह फसल लगभग 70 से 90 दिनों के भीतर तैयार हो जाती है. गर्मियों के मौसम में बाजार में तरबूज की मांग काफी अधिक रहती है. इसी कारण किसानों को इस फसल से अच्छी आय प्राप्त हो सकती है. कृषि विशेषज्ञों और स्थानीय किसानों के अनुसार एक बीघा जमीन में तरबूज की खेती करने में लगभग 20 से 30 हजार रुपये तक का खर्च आता है. वहीं अगर फसल अच्छी होती है तो एक बीघा जमीन से 60 से 80 हजार रुपये तक की आमदनी भी संभव है. मौसम और कीटों से रहता है नुकसान का खतरा हालांकि खेती में लाभ के साथ जोखिम भी जुड़ा रहता है. मौसम में अचानक बदलाव, अधिक बारिश, कीट या बीमारियों के कारण फसल को नुकसान पहुंच सकता है. इसी कारण शशिकांत और मलय अपनी फसल की नियमित निगरानी कर रहे हैं. समय-समय पर सिंचाई, उर्वरक और आवश्यक दवाइयों का उपयोग किया जा रहा है, ताकि पौधों का विकास बेहतर तरीके से हो सके. किसानों और युवाओं को दे रहे नई दिशा नया विचार से बातचीत के दौरान शशिकांत बिशायी और मलय गिरी ने बताया कि अगर किसान नई तकनीकों और आधुनिक खेती पद्धतियों को अपनाएं तो खेती से अच्छी आमदनी हासिल की जा सकती है. उन्होंने कहा कि हमारे क्षेत्र के किसान भाई भी पारंपरिक खेती के साथ-साथ नई फसलों की खेती शुरू करें, जिससे उनकी आय बढ़ सके. दोनों युवकों ने यह भी कहा कि जो किसान या युवा तरबूज की खेती के बारे में सीखना चाहते हैं, वे उनके खेत पर आकर खेती को देख सकते हैं और जरूरी जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं. मेहनत रंग ला रही, खेत तक पहुंच रहे व्यापारी दोनों दोस्तों की मेहनत का असर अब उनके खेतों में दिखाई देने लगा है. तरबूज की फसल धीरे-धीरे तैयार हो रही है और खेत में हरियाली के बीच बड़े-बड़े तरबूज उगने लगे हैं. सबसे खास बात यह है कि अब व्यापारी भी उनकी फसल खरीदने के लिए सीधे खेत तक पहुंचने लगे हैं. इससे उन्हें बाजार की बेहतर कीमत मिलने की उम्मीद है. इसे भी पढ़ें: रांची में इंडेन गैस की मैनुअल बुकिंग शुरू, इन मोबाइल नंबरों पर फोन कर सकते हैं ग्राहक युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही सफलता की कहानी शशिकांत बिशायी और मलय गिरी की यह पहल यह साबित करती है कि यदि युवा खेती की ओर लौटें और आधुनिक तकनीकों का उपयोग करें तो खेती भी रोजगार और सम्मान का मजबूत माध्यम बन सकती है. आज जब अधिकांश युवा शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं, ऐसे समय में इन दोनों दोस्तों की कहानी ग्रामीण युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही है. उनकी मेहनत, लगन और सकारात्मक सोच यह संदेश देती है कि सही दिशा और कड़ी मेहनत से गांव में रहकर भी सफलता हासिल की जा सकती है. इसे भी पढ़ें: पैसों की कमी से बॉक्सिंग छोड़ने को मजबूर जमशेदपुर के दो सगे भाई, झारखंड को दिला चुके हैं चार राष्ट्रीय पदक The post झारखंड में पोटका के दो दोस्तों ने कर दिया जादू, 10 बीघे में कर दी तरबूज की खेती appeared first on Naya Vichar.

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कौन हैं मोहम्मद अली जाफरी? जिनकी स्ट्रेटजी से तन कर खड़ा है ईरान; हरा नहीं पा रहे US-इजरायल

Iran Mohammad Ali Jafari: 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’ शुरू किया. इस अभियान में फाइटर प्लेन, ड्रोन और मिसाइलों के जरिए ईरान के शीर्ष सैन्य और नेतृत्वक नेताओं को निशाना बनाया गया. इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई, आईआरजीसी प्रमुख मोहम्मद पाकपोर, रक्षा मंत्री अजीज नसीरजादेह और सशस्त्र बलों के प्रमुख सैयद अब्दोलरहीम मौसवी सहित कई बड़े अधिकारी मारे गए. अमेरिका को लगा कि ईरान की कमांड और कंट्रोल प्रणाली टूट चुकी है और कुछ ही दिनों में ईरानी व्यवस्था ढह जाएगी. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. ईरान अब भी मुकाबले में मजबूती से खड़ा है. इसके पीछे जिस व्यक्ति की सबसे बड़ी भूमिका मानी जाती है, वह हैं इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के पूर्व प्रमुख मोहम्मद अली जाफरी और उनकी ‘मोजैक डिफेंस’ रणनीति. ईरान की रणनीति क्या है? ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा था कि ईरान ने पिछले दो दशकों में अमेरिकी सैन्य अभियानों का अध्ययन किया है और उनसे कई सबक लिए हैं. उनके मुताबिक राजधानी पर बमबारी होने से भी ईरान की युद्ध क्षमता खत्म नहीं होगी, क्योंकि सेना अलग-अलग इकाइयों में बंटी हुई है और हर इकाई स्वतंत्र रूप से काम कर सकती है. ईरान युद्ध के 14वें दिन तक भी लगातार अमेरिका और इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहा है. उसने मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिका के लगभग सभी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है.  ईरान के हमले इतने सटीक हैं कि अमेरिका अपने एयरक्राफ्ट कैरियर को ईरानी मिसाइलों की जद से दूर रखे हुए है. लगभग दो हफ्ते बाद भी पूरे मध्य पूर्व में तनाव बना हुआ है. ‘मोजैक डिफेंस’ ने ईरान को मजबूत बनाया ईरान की नेतृत्व व्यवस्था को खत्म करने के लिए कोई ‘किल स्विच’ नहीं है. जब केंद्रीय नेतृत्व ही नहीं है, तो अमेरिका किसे निशाना बनाए? मोहम्मद अली जाफरी ने ‘डिसेंट्रलाइज्ड मोजैक डिफेंस’ रणनीति बनाई. इस रणनीति का मूल विचार यह है कि अगर युद्ध में देश का शीर्ष नेतृत्व खत्म भी हो जाए, तब भी सेना लड़ाई जारी रख सके. इसलिए सैन्य शक्ति को एक जगह केंद्रित रखने के बजाय कई हिस्सों में बांट दिया गया है. मोजैक डिफेंस कैसे काम करता है? इस सिद्धांत के तहत ईरान ने अपनी सैन्य संरचना को 31 प्रांतीय कमांडों में विभाजित कर दिया. हर कमांड के पास होता है: अपना मुख्यालय, मिसाइल और ड्रोन भंडार, खुफिया संसाधन, बासिज मिलिशिया की इकाइयाँ, नौसैनिक हमलावर दल और पहले से तय युद्ध योजनाएँ. इससे इन 31 स्थानीय कमांडरों को स्वतंत्र निर्णय लेने की शक्ति मिलती है, भले ही केंद्रीय नेतृत्व से संपर्क टूट जाए. इन इकाइयों ने अमेरिका और इजरायल के सैन्य ठिकानों के साथ-साथ खाड़ी देशों में हवाई अड्डों, तेल रिफाइनरियों, टर्मिनलों और अन्य बुनियादी ढांचे पर हमले किए.  हर प्रांत एक ‘मोजैक’ की तरह है, जहां कमांडरों को स्वतंत्र निर्णय लेने की शक्ति है. इस वजह से यदि तेहरान से संपर्क टूट भी जाए, तब भी सेना एक संगठित ताकत के रूप में लड़ सकती है.  तेहरान से कोई निर्देश न मिलने पर भी ये पहले बनी योजनाओं के आधार पर काम कर रहे हैं. ईरान लगभग हिंदुस्तान के आधे क्षेत्रफल वाला देश है, जहां पहाड़, रेगिस्तान और मैदानी इलाका है.  इतने बड़े देश में सेना उतरना भी अमेरिका के लिए आसान नहीं है. अगर अमेरिकी सेना उतरी तो भी उसे हर जगह आईआरजीसी और बासिज फोर्स के लड़ाकों से भिड़ना होगा. यह सबकुछ विकेंद्रीकृत व्यवस्था की वजह से ही हो पा हा है.  मोजैक सिद्धांत किन अनुभवों से बना? यूएस इंस्टीट्यूट ऑफ पीस की 2010 की रिपोर्ट के अनुसार यह सिद्धांत दो प्रमुख अनुभवों पर आधारित है: 2003 में अमेरिका का इराक पर हमला: ईरान-इराक युद्ध लंबा और थकाऊ युद्ध था, जिसमें इराक ने ईरान पर जमीनी हमला किया और रासायनिक हथियारों तथा मिसाइलों का इस्तेमाल किया. इसके जवाब में ईरान ने बसीज मिलिशिया जैसी वैचारिक रूप से प्रतिबद्ध बड़ी संख्या वाली सेनाओं के जरिए मानव लहर हमलों का सहारा लिया. इससे ईरान ने अधिक शक्तिशाली इराकी सेना को लंबे संघर्ष में उलझाकर बराबरी पर ला दिया. 2003 के इराक युद्ध से मिला सबक: 2003 में अमेरिकी नेतृत्व वाले गठबंधन ने 2003 invasion of Iraq के दौरान इराक की सेना को बहुत जल्दी हरा दिया. उस समय इराक की सेना पूरी तरह सद्दाम हुसैन के केंद्रीकृत नियंत्रण में थी. निचले स्तर के कमांडरों को बिना उनकी अनुमति के कोई बड़ा फैसला लेने की छूट नहीं थी. इस वजह से इराकी सेना अमेरिकी हमले का प्रभावी जवाब नहीं दे पाई और बगदाद तक का रास्ता जल्दी साफ हो गया. अमेरिका को शायद लगा था कि वह 2026 में ईरान में वही कर सकता है जो उसने 2003 में इराक में किया था. 2003 में जब अमेरिका ने इराक पर हमला किया था, तो Saddam Hussein की सेना को ध्वस्त करने में सिर्फ 26 दिन लगे थे. लेकिन ईरान में किसी ने 2003 के इराक युद्ध का गहराई से अध्ययन किया था और तय किया था कि ईरानी शासन का वही हश्र नहीं होने दिया जाएगा जो सद्दाम हुसैन के शासन का हुआ था. वह व्यक्ति था मोहम्मद अली जाफरी.  उन्हीं ने यह सबक लिया कि सेना को पूरी तरह केंद्रीकृत नियंत्रण में रखना खतरनाक है. ईरान युद्ध के 14वें दिन 13 मार्च को भी ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमले जारी हैं और अमेरिका-इजरायल का सपना- ईरान की हार अब भी बहुत दूर है. ये भी पढ़ें:- US सैनिकों का शिकार होगा… अगर ट्रंप ने की ऐसी गलती, ईरान के ‘धुरंधरों’ ने चेताया जाफरी की रणनीति: जीत नहीं, हार को असंभव बनाना विशेषज्ञों के अनुसार यह रणनीति ईरान को जरूरी नहीं कि युद्ध जिताए, लेकिन उसकी हार लगभग असंभव बना देती है. श्रीलंकाई मूल के ऑस्ट्रेलिया के लेखक एक्सपर्ट शनाका एंस्लेम परेरा ने लिखा, ‘ईरान आत्मघाती मिशन पर नहीं है, बल्कि ऑटोपायलट पर चल रहा है. मोजैक सिद्धांत जीतने के लिए नहीं, बल्कि हार को असंभव बनाने के लिए बनाया गया था.’ ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता, आईआरजीसी की वैचारिक प्रतिबद्धता और जाफरी की रणनीति ने मिलकर उसे ऐसी स्थिति में पहुंचा दिया है कि उसके विरोधियों को तेज जीत के बजाय लंबे और महंगे युद्ध

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सहरसा को सीएम नीतीश ने दी करोड़ों की सौगात, सम्राट चौधरी बोले- एक महीने में जारी होगा एयरपोर्ट का टेंडर

CM Nitish Yatra: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समृद्धि यात्रा को लेकर सहरसा जिले में पहुंचे. जिले को सीएम नीतीश ने 500 करोड़ की योजनाओं का गिफ्ट दिया. इसके बाद मंच से लोगों को संबोधित भी किया. मंच से मुख्यमंत्री ने कहा, 2005 में हमारी प्रशासन बनी. इससे पहले की क्या स्थिति थी, याद है ना. लोग शाम होने के बाद घर से बाहर नहीं निकलते थे. हिंदू-मुस्लिम में लड़ाई होते थे. प्रशासन बनते ही कब्रिस्तानों की घेराबंदी की गई, जिसके बाद झगड़े कम हुए. सीएम ने विकास कार्यों को गिनाया सीएम नीतीश ने यह भी कहा, हम लोग की प्रशासन आने के बाद शुरु से ही विकास का काम हो रहा है. अब किसी भी प्रकार के डर और भय का वातावरण नहीं है. सीएम ने बिहार प्रशासन की तरफ से किए गए सभी विकास कार्यों को गिनाया. साथ ही राज्य में बिजली आपूर्ति को लेकर कहा, हमारी प्रशासन ने 2018 में ही हर घर बिजली पहुंचाई और वो भी सस्ती दर पर. अब तो 125 यूनिट फ्री बिजली दी जा रही है. सम्राट चौधरी ने एयरपोर्ट को लेकर किया ऐलान सीएम नीतीश के साथ उनकी समृद्धि यात्रा में डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, मंत्री विजय चौधरी समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे. इस दौरान डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने ऐलान किया कि अगले एक महीने के अंदर सहरसा एयरपोर्ट का टेंडर जारी होगा. साथ ही उन्होंने बिहार में सड़कों का जाल बिछाने और सहरसा में रोड कनेक्टिविटी को मजबूत किए जाने का जिक्र किया. सीएम नीतीश के कार्यकाल की जमकर की तारीफ सम्राट चौधरी ने कहा, सीएम नीतीश कुमार ने ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया कि आज सहरसा से लोग पटना सिर्फ 3 से 4 घंटे में ही पहुंच रहे हैं. खगड़िया से एक विशेष सड़क बनाने का काम भी चल रहा है. मानसी से सीधा सहरसा को जोड़ा जाएगा. सिमरी-बख्तियारपुर ये सब टापू का इलाका है. यहां सिर्फ पुल ही पुल बनाए जा रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि सीएम नीतीश ने धीरे-धीरे विकास के सपनों को आगे लाया और आज हम कह सकते हैं कि जिस बिहार में 6 हजार किलोमीटर लंबी सड़क हुआ करती थी, आज नीतीश कुमार जी के नेतृत्व में एक लाख 40 हजार किलोमीटर लंबी सड़क बनी है. बिहार को आर्थिक रूप से खड़ा किया है. Also Read: कल्याण बिगहा में निशांत कुमार को मिला गुलाब का फूल, बोलीं स्त्रीएं- परिवार बढ़ाइए The post सहरसा को सीएम नीतीश ने दी करोड़ों की सौगात, सम्राट चौधरी बोले- एक महीने में जारी होगा एयरपोर्ट का टेंडर appeared first on Naya Vichar.

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जल्द जमा करें डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट, वरना रुकेगी पेंशन

Digital Life Certificate: रिटायरमेंट के बाद पेंशन का समय पर मिलना हर बुजुर्ग के लिए सुकून की बात होती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी एक छोटी सी लापरवाही पेंशन रोक सकती है? केंद्र प्रशासन ने हाल ही में राज्यसभा में साफ किया है कि अब डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) जमा करने की प्रक्रिया पर पैनी नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी बुजुर्ग की पेंशन न रुके. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि सभी बैंकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे उन पेंशनर्स की लिस्ट बनाएं जिन्होंने अपना सर्टिफिकेट जमा नहीं किया है और उनकी मदद करें. क्या है डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC)? साधारण शब्दों में कहें तो यह एक प्रमाण है कि पेंशनभोगी जीवित है. पहले इसके लिए बुजुर्गों को लंबी लाइनों में लगकर बैंक या प्रशासनी दफ्तर जाना पड़ता था. लेकिन अब ‘जीवन प्रमाण’ पोर्टल के जरिए यह काम ऑनलाइन हो जाता है. इसके बिना आपकी पेंशन रोकी जा सकती है, इसलिए इसे समय पर जमा करना अनिवार्य है. स्मार्टफोन से चेहरा दिखाकर कैसे होगा काम? अब आपको अंगूठे के निशान (Biometric) या किसी मशीन की जरूरत नहीं है. प्रशासन ने ‘फेस ऑथेंटिकेशन’ (Face Authentication) तकनीक शुरू की है. आप अपने स्मार्टफोन के कैमरे से अपना चेहरा स्कैन करके घर बैठे अपना लाइफ सर्टिफिकेट जेनरेट कर सकते हैं. यह तकनीक उन बुजुर्गों के लिए वरदान है जो चलने-फिरने में असमर्थ हैं. 80 साल से अधिक उम्र वालों को क्या छूट है? 80 साल से ऊपर के बुजुर्गों के लिए प्रशासन ने खास इंतजाम किए हैं: वे अपना सर्टिफिकेट अक्टूबर के महीने में ही जमा कर सकते हैं. इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक और ग्रामीण डाक सेवक घर आकर सहायता प्रदान करते हैं. बीमार या दूर-दराज के इलाकों में रहने वालों के लिए डोरस्टेप बैंकिंग की सुविधा भी उपलब्ध है. शिकायतों के लिए क्या है इंतजाम? प्रशासन केवल सर्टिफिकेट ही नहीं मांग रही, बल्कि समस्याओं का समाधान भी कर रही है. 6 मार्च 2026 तक देश भर में 15 ‘पेंशन अदालतें’ लगाई जा चुकी हैं. इनमें लगभग 27,812 पुरानी शिकायतों को सुना गया और करीब 20,000 मामलों का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया. ये भी पढ़ें: दूध बेचने वालों को लेना होगा लाइसेंस, नहीं तो बंद करना होगा कारोबार The post जल्द जमा करें डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट, वरना रुकेगी पेंशन appeared first on Naya Vichar.

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Nothing Phone 4a Series की सेल शुरू, जानिए डिस्काउंट और ऑफर डिटेल्स

Nothing Phone 4a Series की सेल आज से शुरू हो गई है. इस सीरीज में Nothing Phone 4a और Nothing Phone 4a Pro दो मॉडल्स शामिल हैं. इच्छुक ग्राहक इस सीरीज को देशभर में Flipkart, Reliance Digital, Vijay Sales, Croma और अन्य रिटेल स्टोर्स से खरीद सकते हैं. पहली सेल पर कंपनी अपने दोनों मॉडल्स पर लॉन्च ऑफर भी दे रही है, जिससे आप लॉन्च प्राइस से कम में मॉडल्स को खरीद सकते हैं. Nothing Phone 4a Series की कीमत कंपनी ने Nothing Phone (4a) की कीमत इसके पिछले मॉडल से थोड़ी ज्यादा रखी है. ऐसे में- स्टैंडर्ड मॉडल Nothing Phone 4a की कीमत 8GB RAM + 128GB स्टोरेज – ₹31,999 8GB RAM + 256GB स्टोरेज – ₹34,999 12GB RAM + 256GB स्टोरेज – ₹37,999 यह स्मार्टफोन Black, White, Pink और Blue कलर ऑप्शन में अवेलेबल है. Nothing Phone 4a Pro की कीमत 8GB RAM + 128GB स्टोरेज – ₹39,999 8GB RAM + 256GB स्टोरेज – ₹42,999 12GB RAM + 256GB स्टोरेज – ₹45,999 यह मॉडल Black, White और Pink कलर्स में अवेलेबल है. Nothing Phone 4a Series पर मिल रहा लॉन्च ऑफर्स लॉन्च ऑफर के तहत कंपनी दोनों मॉडल्स पर कुछ बैंक डिस्काउंट भी दे रही है. Phone 4a पर 3,000 रुपये तक और Phone 4a Pro पर 4,000 रुपये तक का बैंक डिस्काउंट मिल रहा है. इसके अलावा, एक्सचेंज बोनस और नो-कॉस्ट EMI का ऑप्शन भी दिया गया है. Nothing Phone 4a की खासियत डिजाइन: Nothing Phone (4a) अपने यूनिक डिजाइन के कारण अलग नजर आता है. इसमें कंपनी ने नया Glyph Bar दिया गया है, जिसमें सात LED बॉक्स होते हैं. इनमें से छह सफेद और एक लाल LED है, जो नोटिफिकेशन, कॉल और कैमरा रिकॉर्डिंग के दौरान जलती हैं. यह फीचर फोन को एक अलग पहचान देता है. डिस्प्ले: फोन में 6.78 इंच का AMOLED डिस्प्ले मिलेगा, जो 120Hz रिफ्रेश रेट और 4500 निट्स पीक ब्राइटनेस को सपोर्ट करता है. इसके साथ स्टीरियो स्पीकर्स भी दिए गए हैं. कैमरा फीचर्स: Nothing Phone (4a) में ट्रिपल कैमरा सेटअप दिया गया है, जिसमें 50MP प्राइमरी कैमरा, 8MP अल्ट्रा-वाइड कैमरा और 50MP टेलीफोटो कैमरा शामिल है. फ्रंट में वीडियो कॉल और सेल्फी के लिए 32MP का कैमरा दिया गया है. प्रोसेसर और सॉफ्टवेयर: इसमें Snapdragon 7s Gen 4 प्रोसेसर दिया गया है, जो रोजमर्रा के काम जैसे सोशल मीडिया, वीडियो स्ट्रीमिंग और मल्टीटास्किंग के लिए अच्छा है. हालांकि लंबे समय तक भारी गेम स्पोर्ट्सने पर फोन थोड़ा गर्म हो सकता है. यह स्मार्टफोन Nothing OS 4.1 पर काम करता है, जो काफी क्लीन और स्मूद एक्सपीरियंस देता है. कंपनी इसमें 3 साल तक का Android अपडेट और 6 साल तक का सिक्योरिटी अपडेट देने का वादा कर रही है. बैटरी: फोन में 5,400mAh बैटरी दी गई है, जो 50W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट करती है. नॉर्मल इस्तेमाल में यह फोन एक दिन आराम से चल सकता है, लेकिन ज्यादा इस्तेमाल करने पर बीच में चार्ज करना पड़ सकता है. Nothing Phone 4a Pro में क्या है खास? डिजाइन: Nothing Phone (4a) Pro का डिजाइन थोड़ा अलग है. इसमें एल्यूमिनियम यूनिबॉडी डिजाइन दिया गया है और पीछे बड़ा कैमरा मॉड्यूल है, जिसमें Glyph Matrix डिस्प्ले मिलता है. डिस्प्ले: फोन में 6.83 इंच का 1.5K AMOLED डिस्प्ले दिया गया है, जो 144Hz रिफ्रेश रेट और 5000 निट्स ब्राइटनेस सपोर्ट करता है. कैमरा: इस मॉडल में भी ट्रिपल कैमरा सेटअप दिया गया है, जिसमें 50MP प्राइमरी कैमरा, 8MP अल्ट्रा-वाइड और 50MP टेलीफोटो कैमरा शामिल है. यह फोन 140x ज़ूम तक सपोर्ट करता है, जबकि स्टैंडर्ड मॉडल में 70x ज़ूम मिलता है. प्रोसेसर और सॉफ्टवेयर: इसमें Snapdragon 7 Gen 4 प्रोसेसर दिया गया है, जो स्टैंडर्ड मॉडल से थोड़ा ज्यादा पावरफुल है. बाकी सॉफ्टवेयर और बैटरी लगभग एक जैसे हैं. यह भी पढ़ें: Nothing Phone 4a Review: यूनिक डिजाइन, क्लीन सॉफ्टवेयर, जानें खूबियां और कमियां The post Nothing Phone 4a Series की सेल शुरू, जानिए डिस्काउंट और ऑफर डिटेल्स appeared first on Naya Vichar.

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रिलीज से पहले रिकॉर्ड तोड़ने को तैयार धुरंधर 2, धुआंधार हो रही एडवांस बुकिंग

Dhurandhar 2 Advance Booking: बॉलीवुड में इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा जिस फिल्म की हो रही है, वह है धुरंधर: द रिवेंज यानी धुरंधर पार्ट 2 की. आदित्य धर के डायरेक्शन में बनी यह फिल्म 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है. रणवीर सिंह, संजय दत्त, अर्जुन रामपाल और सारा अर्जुन स्टारर इस फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच जबरदस्त एक्साइटमेंट देखने को मिल रहा है. फिल्म की रिलीज से एक दिन पहले यानी 18 मार्च को इसके पेड प्रीव्यू शो रखे गए हैं और अभी से इसकी एडवांस बुकिंग धुआंधार तरीके से चल रही है. आइए जानते हैं अब तक कितने टिकट बिक चुके हैं और फिल्म ने रिलीज से पहले कितने की कमाई कर ली है. रिलीज से पहले ही तगड़ा कलेक्शन ट्रेड वेबसाइट सैकनिल्क की रिपोर्ट का स्क्रीनशॉट दिलचस्प बात यह है कि फिल्म के पेड प्रीव्यू शो के लिए टिकटों की बिक्री इतनी तेज हो रही है कि ट्रेड एक्सपर्ट्स पहले ही इसे बड़ी ओपनिंग वाली फिल्म बता रहे हैं. ट्रेड वेबसाइट सैकनिल्क की रिपोर्ट के अनुसार, आज यानी 13 मार्च सुबह 10 बजे तक पूरे देश में फिल्म के लगभग 8371 शो के लिए 3 लाख 56 हजार 817 टिकट बिक चुके हैं. एडवांस बुकिंग के जरिए फिल्म ने बिना ब्लॉक सीटों के करीब 19.01 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर लिया है. वहीं अगर ब्लॉक सीटों को भी जोड़ दिया जाए तो यह आंकड़ा लगभग 24.2 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है. ऐसे में फिल्म की रिकॉर्ड ओपनिंग की उम्मीद की जा रही है. इन राज्यों में सबसे ज्यादा क्रेज एडवांस बुकिंग के मामले में सबसे ज्यादा टिकट महाराष्ट्र में बिके हैं. इसके बाद दिल्ली का नंबर आता है, जहां दर्शक बड़ी संख्या में प्रीमियर शो के टिकट खरीद रहे हैं. अन्य राज्यों में अब तक का कलेक्शन कुछ इस तरह है: महाराष्ट्र – 6.45 करोड़ दिल्ली – 4.75 करोड़ कर्नाटक – 4.17 करोड़ गुजरात – 1.38 करोड़ तेलंगाना – 1.34 करोड़ टूट सकता है बड़ा रिकॉर्ड टिकटों की बिक्री की मौजूदा रफ्तार को देखते हुए ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह फिल्म हिंदुस्तान में प्रीमियर से 30 करोड़ रुपये कमाने वाली पहली हिंदुस्तानीय फिल्म बन सकती है. फिलहाल यह रिकॉर्ड पवन कल्याण की फिल्म OG के नाम है, जिसने अपने प्रीमियर से करीब 25 करोड़ रुपये की कमाई की थी. यह भी पढे़ं: धुरंधर के एक सीन में मेकर्स से हुई है गलती, क्या आपने नोटिस किया? धुरंधर 2 का ट्रेलर The post रिलीज से पहले रिकॉर्ड तोड़ने को तैयार धुरंधर 2, धुआंधार हो रही एडवांस बुकिंग appeared first on Naya Vichar.

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कल्याण बिगहा में निशांत कुमार को मिला गुलाब का फूल, बोलीं महिलाएं- परिवार बढ़ाइए

Nishant Kumar: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे और जेडीयू नेता निशांत कुमार पार्टी ज्वाइन करने के बाद लोगों से मुलाकात करते हुए दिख रहे हैं. इसी क्रम में वह गुरुवार को ही अपने पैतृक गांव कल्याण बिगहा पहुंचे. यहां उन्होंने अपने दाद-दादी की प्रतिमा पर फूल अर्पित किया. इसके साथ ही इंडोर शूटिंग रेंज में निशानेबाजी का अभ्यास करते हुए भी दिखे. स्त्रीओं ने निशांत से की ये गुजारिश इसके अलावा एक और तस्वीर आई, जो चर्चा में छा गई है. दरअसल, कल्याण बिगहा जाने पर कुछ स्त्रीओं ने निशांत कुमार को घेर लिया. इस दौरान जेडीयू के अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे. स्त्रीओं ने निशांत कुमार का स्वागत गुलाब का फूल देकर और आरती उतारकर किया. इतना ही नहीं, स्त्रीओं ने निशांत से परिवार बढ़ाने की गुजारिश भी की. स्त्रीओं ने कहा, परिवार बढ़ाइए… परिवार बढ़ाइए. हमलोगों को जरूरत है. अब शादी कीजिए भइया. हालांकि, इस पर निशांत कुमार ने कुछ भी नहीं कहा. इस दौरान बाकी के कार्यकर्ताओं ने सीएम नीतीश कुमार और निशांत कुमार के जिंदाबाद के जमकर नारे लगाए. निशांत कुमार ने क्या कहा? कल्याण बिगहा जाने पर निशांत कुमार ने कहा था, वे अपने पापा के विकास के काम को आगे बढ़ायेंगे. इंडोर शूटिंग रेंज जाने के बाद कहा था, नवोदित निशानेबाजों से मिलना एक अद्भुत अनुभव रहा है. यहां की मिलने वाली सुविधाएं किसी वरदान से कम नहीं हैं. मुख्यमंत्री जी ने राज्य में स्पोर्ट्स के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए ऐतिहासिक कार्य किए हैं. जेडीयू ज्वाइन करने के बाद से एक्टिव जेडीयू ज्वाइन करने के बाद से निशांत कुमार पार्टी से जुड़ी गतिविधियों को लेकर एक्शन मोड में आ गए हैं. 11 मार्च को वे जेडीयू ऑफिस पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने पार्टी के विधायकों, विधान परिषद सदस्यों और मंत्रियों से मुलाकात की थी. निशांत कुमार ने एक्स पर पोस्ट शेयर कर लिखा था, ‘जेडीयू कार्यकर्ताओं और पार्टी पदाधिकारियों का उत्साह देखकर मुझे विश्वास है कि हम सब मिलकर संगठन और प्रदेश को नई ऊंचाई पर ले जायेंगे. मैं आप सभी को भरोसा दिलाता हूं कि पार्टी के कार्यकर्ता के रूप में अपना सर्वोत्तम देने की कोशिश करूंगा और मिलकर हमलोग नीतीश जी के कामों को आगे बढ़ाएंगे.’ Also Read: पटना में निजी भवनों पर होर्डिंग्स लगाना नहीं होगा आसान, देनी पड़ेगी ये जानकारियां The post कल्याण बिगहा में निशांत कुमार को मिला गुलाब का फूल, बोलीं स्त्रीएं- परिवार बढ़ाइए appeared first on Naya Vichar.

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अब होगा कमबैक! अभिषेक-गिल के तरह युवराज की शरण में पहुंचे ऋषभ, ट्रेनिंग शुरू

Highlights युवराज सिंह की देखरेख में नेट प्रैक्टिस  आईपीएल 2025 में खामोश रहा था बल्ला  कई खिलाडियों के गुरु रह चुके हैं युवी  28 मार्च से होगा नए सीजन का आगाज  Rishabh Pant Training: आईपीएल 2026 शुरू होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं. 28 मार्च से इस बड़े टूर्नामेंट का आगाज हो रहा है. इससे पहले लखनऊ सुपर जायंट्स के कप्तान ऋषभ पंत अपनी पुरानी लय वापस पाने के लिए जमकर पसीना बहा रहे हैं. खराब फॉर्म से जूझ रहे पंत ने अब टीम इंडिया के दिग्गज खिलाड़ी और सिक्सर किंग युवराज सिंह को अपना मेंटोर बनाया है. सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है, जिसमे वह मुंबई के क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया में युवराज की निगरानी में बल्लेबाजी का अभ्यास करते दिख रहे हैं. युवराज सिंह की देखरेख में नेट प्रैक्टिस  इस वायरल वीडियो में युवी अंपायर की जगह पर खड़े हैं और पंत की बैटिंग को बहुत ध्यान से देख रहे हैं. मिली जानकारी के मुताबिक, युवराज उन्हें तकनीक और मानसिक मजबूती को लेकर सलाह दे रहे हैं. प्रैक्टिस के दौरान बाएं हाथ के गेंदबाजों को स्पोर्ट्सने के लिए यह विकेटकीपर बल्लेबाज थोड़ा ओपन स्टांस ले रहा है. ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि वह ऑफ साइड में आसानी से शॉट लगा सके और बड़े एंगल्स का पूरा फायदा उठा सके. Yuvraj Singh Guiding Rishabh Pant Batting Ahead Of IPL 2026 ❤️🙌 pic.twitter.com/l5A2vDjeia — Harsh 17  (@harsh03443) March 10, 2026 Day 3: Rishabh Pant working hard on his batting with his mentor Yuvraj Singh https://t.co/z3JprQza8c pic.twitter.com/PA2DGcscEX — Harshit  (@I_am_Harshit_17) March 9, 2026 आईपीएल 2025 में खामोश रहा था बल्ला  पंत के लिए आने वाला सीजन बहुत अहम है. पिछले साल यानी आईपीएल 2025 में लखनऊ की टीम ने उन्हें 27 करोड़ रुपये की बड़ी रकम देकर रिटेन किया था. लेकिन वह अपनी कीमत के अनुसार स्पोर्ट्स नहीं दिखा पाए थे. उन्होंने पिछले सीजन के 14 मैचों में महज 269 रन बनाए थे. इस खराब प्रदर्शन का नुकसान उन्हें उठाना पड़ा और वह हिंदुस्तानीय टीम की वनडे और टी20 टीम से बाहर हो गए. अब वह इस ट्रेनिंग से अपने व्हाइट-बॉल करियर को दोबारा सही रास्ते पर लाना चाहते हैं. कई खिलाडियों के गुरु रह चुके हैं युवी  एक मेंटोर के तौर पर युवराज सिंह का ट्रैक रिकॉर्ड बहुत शानदार रहा है. पंत से पहले वह शुभमन गिल, अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन जैसे स्टार क्रिकेटरों को भी ट्रेनिंग दे चुके हैं. इन सभी खिलाड़ियों ने युवराज से टिप्स लेने के बाद अपनी बैटिंग में गजब का सुधार किया है. अब पंत को भी यही उम्मीद है कि युवी के साथ काम करके वह अपने पुराने आक्रामक अंदाज में वापसी करेंगे, जिसके लिए पूरी दुनिया में उनकी पहचान है. 28 मार्च से होगा नए सीजन का आगाज  28 मार्च से शुरू होने वाले आईपीएल के इस सीजन के लिए सभी खिलाड़ी अपनी तैयारियां पक्की कर रहे हैं. लखनऊ की कप्तानी संभाल रहे ऋषभ पंत भी इस बार कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते. उनका पूरा फोकस इस वक्त अपनी बैटिंग तकनीक को सुधारने और मानसिक रूप से मजबूत होने पर है. फैंस को भी उम्मीद है कि वह दिग्गज की सीख के बाद मैदान पर फिर से लंबे चौके और छक्के लगाते हुए दिखाई देंगे. ये भी पढ़ें- मैं नहीं करूंगा… मैदान पर धोनी के साथ दीपक चाहर की मस्ती का किस्सा Video: विराट कोहली के नाम को पुश करने में सुरेश रैना का हाथ, यकीन नहीं तो देखें ये वीडियो The post अब होगा कमबैक! अभिषेक-गिल के तरह युवराज की शरण में पहुंचे ऋषभ, ट्रेनिंग शुरू appeared first on Naya Vichar.

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लॉन्ग हाईवे राइड के लिए परफेक्ट क्यों हैं क्रूजर बाइक्स? जानें इसके 5 खास फीचर्स

क्रूजर बाइक्स अपनी कंफर्टेबल राइडिंग स्टाइल और डिजाइन के लिए जानी जाती हैं. जहां स्पोर्ट बाइक की राइडिंग ज्यादा फास्ट और एग्रेसिव होती है, वहीं क्रूजर बाइक स्टेबिलिटी, आराम और लंबी दूरी तय करने में आसानी पर ज्यादा ध्यान देती हैं. इनका डिजाइन ऐसा होता है कि घंटों तक चलाने के बाद भी थकान कम महसूस होती है. यही वजह है कि क्रूजर बाइक्स हाईवे राइडिंग के लिए परफेक्ट मानी जाती हैं. आइए जानते हैं वो कौन से 5 ऐसे फीचर्स हैं जो क्रूजर बाइक्स को हटके बनाते हैं. रिलैक्स्ड राइडिंग पोजिशन क्रूजर बाइक की सबसे बड़ी खासियत है उसका रिलैक्स्ड राइडिंग पोजिशन. इसमें फुटपैग्स आगे की तरफ और हैंडलबार्स चौड़े होते हैं. इससे राइडर को अपनी टांगें आराम से फैलाने की पूरी आजादी मिलती है. साथ ही, इन बाइक्स की सीट भी काफी नीची होती है, जिससे बैठने की पोजिशन बिलकुल नेचुरल और कंफर्टेबल लगती है. लो सीट हाइट क्रूजर बाइक की खासियत होती है कि इसकी सीट हाइट लो होती है. इसका मतलब ये है कि आप आराम से बैठ सकते हैं और बाइक को कंट्रोल करना भी आसान हो जाता है. साथ ही, ये कम ऊंचाई हाईवे पर भी बाइक को स्टेबल बनाती है और लंबे समय तक बैठकर राइड करने पर भी कम थकावट होती है. चौड़ी सीट  क्रूजर बाइक की एक बड़ी खासियत हैं इसके कंफर्टेबल और चौड़े सीट्स. ये सीट्स इस तरह डिजाइन की जाती हैं कि लंबी ड्राइव के दौरान राइडर और पैसेंजर दोनों को आराम मिले. इसका सबसे बड़ा फायदा ये है कि ये कूल्हों और पीठ पर दबाव कम करती हैं, जिससे हाईवे पर लंबे समय तक ड्राइव करने के बावजूद थकान कम महसूस होती है. स्टेबल व्हीलबेस और सस्पेंशन क्रूजर बाइक का व्हीलबेस बाकी बाइक के कंपैरिजन में बड़ा होता है. इसका मतलब है कि ये बाइक हाई स्पीड पर भी काफी स्टेबल रहती हैं. साथ ही, इनका सस्पेंशन सिस्टम ऐसे बम्प्स और झटकों को आसानी से संभाल लेता है. यही वजह है कि क्रूजर बाइक पर राइड करना हमेशा स्मूथ और कंफर्टेबल महसूस होता है. हाईवे पर स्मूथ राइडिंग के लिए मजबूत टॉर्क क्रूजर बाइक में ऐसे पावरफुल इंजन होते हैं जो कम RPM (Revolutions Per Minute) पर भी ज्यादा टॉर्क जनरेट करते हैं. इसका मतलब है कि आपको बार-बार गियर बदलने की झंझट नहीं रहती. आप आसानी से अपनी स्पीड में स्टेबल रह सकते हैं. साथ ही, जब हाईवे पर किसी गाड़ी को ओवरटेक करना हो, तो यही पावरफुल टॉर्क काम आता है. यह भी पढ़ें: Hero Splendor Plus के सभी वेरिएंट्स की कीमत में कितना फर्क? खरीदने से पहले जरूर जानें The post लॉन्ग हाईवे राइड के लिए परफेक्ट क्यों हैं क्रूजर बाइक्स? जानें इसके 5 खास फीचर्स appeared first on Naya Vichar.

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