Hot News

Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

सैमसन ने खोली 97 रन की पारी का राज, फोन और सोशल मीडिया से है कनेक्शन

Table of Contents दक्षिण अफ्रीका से हार के बाद संजू सैमसन को प्लेइंग इलेवन में किया गया शामिल सैमसन ने खोली 97 रन की पारी का राज नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से 196 रन का लक्ष्य चुनौतीपूर्ण हो गया : सैमसन खुशी है वेस्टइंडीज के खिलाफ मैंने अच्छा प्रदर्शन किया : सैमसन मैंने जो सपना देखा, वह सच हो गया : सैमसन Sanju Samson: स्टार ओपनर संजू सैमसन ने बताया, कैसे वो खराब फॉर्म से बाहर निकलने के लिए उपाय किया और फिर वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच जीताने वाली पारी स्पोर्ट्सी. उन्होंने बताया- अपने फोन और सोशल मीडिया अकाउंट बंद कर दिए ताकि खराब फॉर्म के दौर में भी उनका आत्मविश्वास न डगमगाए. सैमसन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ अकेले दम पर हिंदुस्तान को जीताया. उन्हें कप्तान सूर्यकुमार यादव (18) और तिलक वर्मा (27) का कुछ साथ मिला. दक्षिण अफ्रीका से हार के बाद संजू सैमसन को प्लेइंग इलेवन में किया गया शामिल सुपर आठ के पहले मैच में दक्षिण अफ्रीका से हिंदुस्तान की करारी हार के बाद सैमसन को सलामी बल्लेबाजी के रूप में अंतिम एकादश में शामिल किया गया था. सैमसन ने खोली 97 रन की पारी का राज सैमसन ने हिंदुस्तान की पांच विकेट से जीत के बाद स्टार स्पोर्ट्स से कहा, मैंने अपने शॉट चयन पर लगातार काम किया. मैं बहुत अधिक बदलाव नहीं करना चाहता था क्योंकि मुझे पता था कि मैंने उसी तरह से स्पोर्ट्सते हुए पहले अच्छा प्रदर्शन किया है. इसलिए मैंने खुद पर भरोसा बनाए रखा, अपना फोन बंद कर दिया, सोशल मीडिया से दूर रहा और अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनी. मुझे खुशी है कि मैंने एक ऐसे मैच में अच्छा प्रदर्शन किया जो बहुत खास था. नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से 196 रन का लक्ष्य चुनौतीपूर्ण हो गया : सैमसन सैमसन ने कहा, यह थोड़ा मुश्किल लक्ष्य था. हमारी बल्लेबाजी की मजबूती को देखते हुए मुझे लग रहा था कि ईडन गार्डन्स में ओस पड़ने पर 196 रन के लक्ष्य का पीछा करना थोड़ा आसान हो जाएगा. लेकिन नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से यह चुनौतीपूर्ण हो गया. यहीं पर मेरे अनुभव ने अहम भूमिका निभाई. मुझे अच्छी शुरुआत मिली, लेकिन जब विकेट गिरते रहे तो मुझे लगा कि मुझे मैच का सकारात्मक अंत करना होगा. खुशी है वेस्टइंडीज के खिलाफ मैंने अच्छा प्रदर्शन किया : सैमसन सैमसन ने कहा- आप हमेशा ऐसा प्रदर्शन करना चाहते हैं लेकिन हमेशा ऐसा नहीं होता है. इसलिए मुझे खुशी है कि इस मैच में मैंने अच्छा प्रदर्शन किया. जब आप दबाव वाली परिस्थितियों में लक्ष्य का पीछा कर रहे होते हैं तो आप अलग-अलग विकल्प अपनाते हैं. जोखिम भरे विकल्पों पर विचार करने के बजाय अधिक बाउंड्री लगाते हैं. मैंने जो सपना देखा, वह सच हो गया : सैमसन जब सैमसन से पूछा गया कि कोलकाता में स्पोर्ट्सी गई उनकी पारी उनके लिए क्या मायने रखती है, तो उन्होंने कहा कि वह खुद को भाग्यशाली मानते हैं. हिंदुस्तान में सौ से अधिक क्रिकेटर ऐसे दिन का सपना देखते हैं. मैंने सपना देखने की हिम्मत की. मैंने सपना देखने की हिम्मत की और यह सच हो गया. ये भी पढ़ें: Video : सौरव गांगुली ने कहा- कई लोग कहते थे संजू सैमसन को टीम में नहीं लेना चाहिए 2 साल बाद फिर सेमीफाइनल में हिंदुस्तान-इंग्लैंड, 5 मार्च को फाइनल के लिए जंग, देखें पूरा शेड्यूल The post सैमसन ने खोली 97 रन की पारी का राज, फोन और सोशल मीडिया से है कनेक्शन appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

अमेरिका-इजराइल ने ईरान के न्यूक्लियर साइट पर किया हमला

Israel US Attack Iran: संयुक्त राष्ट्र की परमाणु एजेंसी में ईरान के राजदूत रेजा नजफी ने आरोप लगाया कि अमेरिका-इजराइल के हवाई हमलों में ईरान के नतांज न्यूक्लियर साइट को निशाना बनाया गया है. इजराइल और अमेरिका ने उस स्थान पर हमलों की बात नहीं कबूली है, जिस पर जून में ईरान और इजराइल के बीच 12 दिन के संघर्ष में अमेरिका ने बमबारी की थी. आईएईए में ईरान के राजदूत ने हमले की निंदा की अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) में ईरान के राजदूत रेजा नजफी ने कहा कि उन्होंने ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल के गैर-कानूनी, आपराधिक और क्रूर हमलों की निंदा की. कल उन्होंने फिर से ईरान के परमाणु केंद्रों पर हमला किया. Iran’s Ambassador to IAEA (International Atomic Energy Agency): US, Israel attacked Iranian nuclear facilities yesterday, reports Reuters — ANI (@ANI) March 2, 2026 ईरान परमाणु हथियार बनाना चाहता है, बस एक कोरा झूठ है : नजफी नजफी ने कहा, उनका यह कहना कि ईरान परमाणु हथियार बनाना चाहता है, बस एक कोरा झूठ है. जब नफजी से पूछा गया कि वह किस स्थान की बात कर रहे थे, तो उन्होंने जवाब दिया, नतांज. ये भी पढ़ें: सऊदी की तेल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला, धू-धूकर जली दुनिया की सबसे बड़ी ऑयल एक्सपोर्ट फैसेलिटी US मिलिट्री पावर: ईरान में 1000 ठिकाने तबाह, इन हथियारों से बरसाए बम-बारूद; पूरी लिस्ट न न्यूक्लियर, न मिसाइल और न टेररिज्म, US-इजरायल क्यों ईरान पर हमला कर रहे? एक्सपर्ट ने बताई ये वजह The post अमेरिका-इजराइल ने ईरान के न्यूक्लियर साइट पर किया हमला appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

6 सालों की मेहनत के बाद सफलता, जानिए रैंक-3 लाने वाले Rishabh ने कैसे की तैयारी 

ICAI CA Topper Rishabh Jain: आईसीएआई सीए फाइनल 2026 परीक्षा में 23 वर्ष ते ऋषभ जैन ने ऑल इंडिया रैंक (AIR) 3 हासिल की है. रिजल्ट के बाद जब उन्हें बधाई और शुभकामनाएं देने के लिए कॉल आए तो उनकी और उनके परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. 6 सालों की मेहनत के बाद ऋषभ ( )को सफलता मिली है.  ऋषभ ने साल 2020 में CA की तैयारी शुरू की थी. छह साल की मेहनत के बाद उन्होंने 451 अंक (75.17 प्रतिशत) हासिल किए. खास बात यह है कि परिवार में कोई भी CA नहीं था. उन्होंने पारंपरिक सोच के चलते कॉमर्स चुना और बाद में इस फील्ड के सबसे कठिन परीक्षा में शामिल हुए.  क्या रही स्ट्रैटजी?  ऋषभ ने बताया कि उन्होंने समय पर पूरा  सिलेबस खत्म कर लिया था, ताकि छुट्टियों का समय केवल रिवीजन के लिए मिल सके. छह महीने की स्टडी लीव में उन्होंने पूरे सिलेबस को तीन बार रिवाइज किया.  सबसे कठिन विषय कौन सा था? ऋषभ को इंटरमीडिएट और फाइनल दोनों में ऑडिट विषय सबसे कठिन लगा. उनका कहना है कि अच्छे अंक पाने के लिए स्टडी मटेरियल की भाषा को ठीक उसी तरह याद करना जरूरी है. वे रोजाना 2 से 3 घंटे सिर्फ ऑडिट को देते थे. CA फाइनल की तैयारी के दौरान वे प्रतिदिन कम से कम 14 घंटे पढ़ाई करते थे. थ्योरी विषयों के लिए उन्होंने इंस्टीट्यूट के नोट्स पढ़े, जबकि प्रैक्टिकल विषयों के लिए कोचिंग के नोट्स का सहारा लिया. उनका कहना है कि कॉन्सेप्ट नोट्स ने परीक्षा से पहले महत्वपूर्ण टॉपिक्स दोहराने में काफी मदद की. सीए परीक्षा के लिए टाइम मैनेजमेंट है बहुत जरूरी  सीए की परीक्षा लंबी होती है. ऐसे में टाइम मैनेजमेंट बहुत जरूरी है. टॉपर ऋषभ की मानें तो समय पर पेपर खत्म करने के लिए मॉक टेस्ट देना बहुत जरूरी है. इससे उन्हें समझ आया कि हर सवाल को कितना समय देना चाहिए. यह भी पढ़ें- 10 घंटे की पढ़ाई में 100% दिया! कौन हैं दीक्षा गोयल? AIR 1 लाकर रचा इतिहास The post 6 सालों की मेहनत के बाद सफलता, जानिए रैंक-3 लाने वाले Rishabh ने कैसे की तैयारी  appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बंद हो गया है PF अकाउंट? जानिए पैसे निकालने और अनब्लॉक करने का तरीका

EPFO Inactive Accounts: अगर आपका ईपीएफओ (EPFO) में कोई पुराना खाता है जिसमें 1,000 रुपये से कम रकम पड़ी है, तो यह समाचार आपके लिए राहत भरी है. श्रम मंत्रालय ने ऐसे करीब 7.11 लाख इनॉपरेटिव खातों को सेटल करने का फैसला किया है. इन खातों में जमा पैसा सीधे आपके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया जाएगा, बशर्ते आपका खाता आधार से लिंक हो. अगर खाताधारक अब इस दुनिया में नहीं हैं, तो यह रकम उनके नॉमिनी या कानूनी वारिस को मिलेगी. क्या 1,000 रुपये से ज्यादा रकम वाले खातों का क्या होगा? जिन लोगों के इनॉपरेटिव खातों में 1,000 रुपये से ज्यादा की रकम है, उन्हें यह पैसा सीधे नहीं मिलेगा. EPFO के नियमों के मुताबिक, अगर खाते में 36 महीने (3 साल) तक कोई लेनदेन नहीं होता, तो उसे इनऑपरेटिव यानी निष्क्रिय मान लिया जाता है. सुरक्षा के लिहाज से ऐसे खातों को ब्लॉक कर दिया जाता है. खाता इनॉपरेटिव कब माना जाता है? EPF खाता तब इनॉपरेटिव होता है जब व्यक्ति 55 वर्ष की उम्र के बाद रिटायर हो जाए और उसके 36 महीने बाद तक कोई योगदान न मिले. इसके अलावा, विदेश में बस जाने या खाताधारक की मृत्यु की स्थिति में भी खाता इनॉपरेटिव हो जाता है. ध्यान रखें, इनॉपरेटिव होने के बाद खाते पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है. ज्यादा रकम निकालने के लिए क्या करें? 1,000 रुपये से ज्यादा की रकम निकालने के लिए आपको EPFO पोर्टल पर जाकर अनब्लॉक करने का अनुरोध करना होगा. सबसे पहले अपने UAN और KYC (आधार, पैन, बैंक डिटेल्स) को अपडेट करें. EPFO पोर्टल पर जाकर इनऑपरेटिव अकाउंट असिस्टेंट के जरिए अनब्लॉक रिक्वेस्ट डालें. नियोक्ता (employer) और EPFO अधिकारियों द्वारा वेरीफाई होने के बाद खाता अनब्लॉक हो जाएगा. इसके बाद आप फॉर्म-19 भरकर पूरी रकम निकाल सकते हैं. सलाह क्या है? बेहतर यही है कि नौकरी बदलने पर अपने EPF खाते को पुरानी कंपनी से नई कंपनी में ट्रांसफर करा लें. अगर आप काम नहीं कर रहे हैं, तो पैसे निकालकर खाते को बंद कर दें, ताकि ब्याज का नुकसान न हो. ये भी पढ़ें: होली से पहले PM-Kisan 22वीं किस्त! बिहार किसानों को मिल सकता है एक्स्ट्रा बोनस The post बंद हो गया है PF अकाउंट? जानिए पैसे निकालने और अनब्लॉक करने का तरीका appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

झारखंड का एक गांव, जिसने 40 साल के संघर्ष के बाद हटाया बेचिरागी का ठप्पा

कुचाई से लौटकर मनोज सिंह की रिपोर्ट Success Story: झारखंड के सरायकेला-खरसांवा जिले का कुचाई प्रखंड का रायसिंहदिरी गांव आज बदलाव की एक नई इबारत लिख रहा है. जो गांव कभी प्रशासनी दस्तावेजों में ‘बेचिरागी’ (बिना आबादी वाला) था और जहां के निवासियों को वन विभाग ‘अतिक्रमणकारी’ मानकर मुकदमे दर्ज करता था, आज वह गांव बिजली, पानी, सड़क और चार पहिया वाहनों से लैस है. यह बदलाव रातों-रात नहीं आया, बल्कि इसके पीछे ग्रामीणों का 40 वर्षों का लंबा और कड़ा संघर्ष है. बेचिरागी गांव में विकास का चिराग बेचिरागी गांव रायसिंहदिरी अब पूरी तरह चिरागवान है. रोशन है. बिजली है. पानी है. खेती हो रही है. लोगों की कमाई भी हो रही है. गांव के शिशु स्कूल भी जाते हैं. गांव में एक ग्रामीण पोस्ट ऑफिस भी है. पूरा गांव खुशहाल है. घर में चार चक्का और दो चक्का की गाड़ी भी है. लोगों के पास रोजगार भी है. उनके तैयार उत्पाद आज देश के कोने-कोने में जा रहे हैं. रायसिंहदिरी ऐसे ही नहीं बदल रहा है. इसके पीछे यहां रहने वाले लोगों का संघर्ष है. इनके वर्षों के संघर्ष के कारण ही गांव को 3406.45 एकड़ पर सामुदायिक वन पट्टा (सीएफआर) मिला. निजी वन पट्टा (आइएफआर) मिला. सामुदायिक और निजी वन पट्टा ने गांव की साक्षा संपत्ति (कॉमंस) पर अधिकार दिलाया. अधिकार पाने के लिए यहां के ग्रामीणों का सीधा संघर्ष 40 साल से अधिक पुराना है. गांव वालों को अतिक्रमणकारी मानता था वन विभाग इस गांव में रहने वाले इलाके पर वन विभाग का अधिकार था. वन विभाग इनको अतिक्रमणकारी मानते थे. उनको गांव में रहने नहीं देते थे. कई बार गांव के लोगों को अतिक्रमणकारी बताकर मुकदमे फंसाया गया. 1964-65 में जमीन की सर्वे में यहां जंगल और पहाड़ को वन विभाग के खाते में डाल दिया गया. ग्रामीण इसको मानने के लिए तैयार नहीं थे. 1995 तक ग्रामीणों पर पांच बार केस किया. गांव के लोगों का नाम मतदाता सूची में नहीं जोड़ा जाता था. इसको राजस्व ग्राम का दर्जा भी नहीं था. इस कारण यहां प्रशासनी योजना का कोई लाभ नहीं था. सड़क, बिजली, पानी, राशन की व्यवस्था भी नहीं थी. जंगल बचाओ आंदोलन के साथियों ने ग्रामीणों को दी ताकत वर्ष 2000 के आसपास स्थानीय निवासी सोहनलाल वहां पहुंचे. उनके अभियान का साथी बने. झारखंड जंगल बचाओ आंदोलन के पूर्व सांसद डॉ रामदयाल मुंडा (अब स्व), एलेस्टर बोदरा, क्लेमेंट मुंडूु, संजय बसु मल्लिक ने सोहनलाल के अभियान को ताकत दी. ग्रामीणों की लड़ाई को आगे बढ़ाया. शुरू में ग्रामीणों ने इनको वहां से भगा दिया था. गांव वालों का कहना था कि यह प्रशासनी आदमी है. बाद में ग्रामीणों को समझ में आया कि वह सहयोग कर सकते हैं. उनको बताया कि वन विभाग से जमीन वापस लिया जा सकता है. बाद में तैयार होने पर ग्रामीण इनके साथ हो गये. 2005 में आये ने एफआरए ने जगायी उम्मीद 2005 में हिंदुस्तान प्रशासन वन अधिकार कानून (एफआरए) लेकर आयी. इसने राय सिंहदिरी के ग्रामीणों को उम्मीद जगा दिया. इसमें 13 दिसंबर से पहले से गांव में रहने वाले लोगों को जंगल और जमीन पर अधिकार देने का प्रावधान था. ग्रामसभा को जंगल के संरक्षण और संवर्द्धन का भी अधिकार था. 2011 में पहला वन पट्टा मिला. करीब छह साल की लड़ाई के बाद यहां रहने वाले 145 परिवार को एक-एक कर व्यक्तिगत वन पट्टा (आइएफआर) दिया गया. इसके बाद ग्रामीणों ने पहाड़ की जमीन को समतल करना शुरू किया. खेती शुरू किया. आज यही खेत गांव के लोगों की आजीविका का सबसे बड़ा साधन है. गांव में अब तालाब भी खुद गया है. मछली भी पाला जा रहा है. सिंचाई की सुविधा भी है. 2020 में मिला पहला सीएफआर आइएफआर मिलने के बाद ग्रामीणों ने आसपास के जंगल को बचाने के लिए 2012 में सीएफआर और सीएफआर (आर) का दावा किया. इसके लिए कई बार ग्रामीणों ने प्रशासन से आग्रह किया. कई बार सुनवाई के बाद 2020 में रायसिंहदिरी को सामुदायिक वन पट्टा मिला. इसके बाद ग्रामीणों ने वहां के साझा संसाधन को बचाना शुरू किया. गांव आज जंगलों से भर गया है. कई नये जंगल बन गये हैं. गांव के प्रधान गोपाल सिंह मुंडा बताते हैं कि सामुदायिक वन पट्टा मिलने के बाद स्थिति काफी बदल गयी है. हम लोगों ने सामूहिक रूप से चिरौंजी इकट्ठा किया था. इसको लाखों रुपये में बेचा. हर्रा भी जमा किया है. वन संसाधन विकसित हो रहा है. 6.5 फीसदी करक्यूमिन है हल्दी में हल्दी में पाया जाने वाला मुख्य जैवसक्रिय यौगिक करक्यूमिन है. जो इसके सूजनरोधी, एंटीऑक्सीडेंट और उपचार गुणों के लिए जिम्मेदार है. हल्दी में आमतौर पर केवल दो से पांच फीसदी तक करक्यूमिन होता है, इसलिए अधिक चिकित्सीय लाभ के लिए पूरक आहार की आवश्यकता हो सकती है. कुचाई से रायसिंहदिरी गांव के लोग वर्षों से हल्दी की खेती करते आये हैं. संजय बसु मल्लिक बताते हैं कि यहां की हल्दी में 6.5 फीसदी करक्यूमिन मिला है. यह हम लोगों ने वैज्ञानिक पद्धति से जांच करायी है. अब तो इसकी मार्केटिंग भी होने लगी है. प्रोसेस हल्दी 200 रुपये किलो है. अब तो गांव वालों ने प्रोसेसिंग के लिए मशीन भी लगा लिया है. गांव का इतिहास भी है रोचक कुचाई ब्लॉक के छोटा सेवाई पंचायत का यह गांव (रायसिंहदिरी) चारों ओर पहाड़ सेे घिरा है. जमीन से करीब छह से सात किलोमीटर ऊंची पहाड़ी पर स्थित है. आज इस गांव तक जाने के लिए पीसीसी रास्ता है. चार चक्के का बड़ा वाहन ही गांव तक जाता है. दो चक्के के वाहन को जाने के लिए भी परेशानी होती है. गांव से जाने वाला रास्ता कहीं-कहीं 60 से 70 डिग्री में बना हुआ है. गांव का इतिहास भी रोचक है. 1400 ईस्वी के आसपास यह गांव बेचिरागी (बिना आबादी वाला) हो गया था. हाथी के प्रकोप और महामारी के कारण सभी लोग पहाड़ और जंगल छोड़ नीचे आ गये थे. प्रशासन ने 1965-66 में सर्वे करना शुरू किया था, तो ग्रामीणों को पता चला कि जहां, रहते थे, उसे वन विभाग अपना बता रहे हैं. इसका ग्रामीणों ने आपत्ति करना शुरू किया. 1980 तक यहां 700 आदमी आ गये थे. पहाड़ पर ही रहकर अपने अधिकार की लड़ाई शुरु की. क्या-क्या अधिकार

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

धमाके के बीच होटल में सिमटी मां-बेटे की दुनिया, दुबई में बेटे संग फंसी शुभाश्री गांगुली

बांग्ला फिल्मों की लोकप्रिय अभिनेत्री शुभाश्री गांगुली इन दिनों कैमरे की चकाचौंध से दूर एक अलग ही वास्तविकता का सामना कर रही हैं. ईरान के हमलों के बाद दुबई में बढ़े तनाव के बीच वह अपने बेटे युवान के साथ वहीं फंस गयीं हैं. उनके पति और तृणमूल कांग्रेस के नेता राज चक्रवर्ती ने यह जानकारी दी है. छुट्टियां मनाने दुबई गयीं थीं शुभाश्री गांगुली शुभाश्री शनिवार को छुट्टियां मनाने दुबई पहुंचीं थीं. इसी दौरान हालात अचानक बदल गये. उनके पति, फिल्म निर्देशक-निर्माता और तृणमूल कांग्रेस विधायक राज चक्रवर्ती ने बताया कि अभिनेत्री और उनका बेटा फिलहाल पाम जुमेराह के एक होटल में हैं. होटल के पास ही विस्फोट हुआ, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन ने उन्हें अपने कमरे में ही रहने की सलाह दी है. शुभाश्री के पति बोले- चिंतित हैं, घबराये हुए नहीं राज चक्रवर्ती ने कहा कि चूंकि उनका बेटा युवान अपनी मां शुभाश्री के उनके साथ है, इसलिए चिंता और बढ़ गयी है. उनके होटल के पास एक धमाका हुआ है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि दुबई में मौजूद उनके दोस्त और रिश्तेदार लगातार संपर्क में हैं. हरसंभव मदद कर रहे हैं. हम चिंतित हैं, लेकिन घबराये हुए नहीं हैं. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें बेटी यालिनी के साथ कोलकाता में हैं राज चक्रवर्ती राज चक्रवर्ती इस समय कोलकाता में अपनी बेटी यालिनी के साथ हैं. अभी उनका परिवार 2 हिस्सों में बंट गया है. एक हिस्सा दुबई के होटल के कमरे में हालात सामान्य होने का इंतजार कर रहा है, तो दूसरा कोलकाता में उनकी सुरक्षित वापसी की प्रार्थना कर रहा है. वे शनिवार को छुट्टियां मनाने के लिए वहां पहुंचे थे. तब से स्थिति जटिल हो गयी है. चूंकि युवान उनके साथ है, इसलिए चिंता और बढ़ गयी है. वे पाम जुमेराह होटल में ठहरे हैं. उनके होटल के पास एक विस्फोट हुआ. अधिकारियों ने लोगों को अपने कमरे से बाहर नहीं निकलने के निर्देश दिये हैं. राज चक्रवर्ती, शुभाश्री गांगुली के पति और तृणमूल कांग्रेस विधायक अभिनेत्री के पति ने प्रशासन से नहीं मांगी है मदद शुभाश्री के पति से जब पूछा गया कि क्या उन्होंने हिंदुस्तान प्रशासन से सहायता मांगी है, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी तक ऐसी कोई मांग नहीं की गयी है. उन्हें उम्मीद है कि वे सुरक्षित घर लौट आयेंगे. फिल्म जगत की हस्तियों के साथ-साथ स्पोर्ट्स स्टार भी फंसे सिर्फ टॉलीवुड की एक्ट्रेस शुभाश्री गांगुली ही नहीं, बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनल चौहान, इंटरनेशनल बैडमिंटन प्लेयर पीवी सिंधु और हिंदुस्तानीय बास्केटबॉल टीम के सदस्य भी प्रभावित क्षेत्र में फंसे हैं. इसे भी पढ़ें बंगाल : कैफे साइकिल से जाना अभिनेत्री को पड़ा भारी, लगाया मानसिक प्रताड़ना का आरोप ‘टेक केयर भालोबासा’ से बड़े पर्दे पर डेब्यू करेंगे सुशोभन सोनू रॉय West Bengal News: बंगाली अभिनेता बोनी सेनगुप्ता ने छोड़ी भाजपा, कहा- वादे निभाने में नाकाम रही पार्टी बांग्‍ला फिल्‍म ”जातिश्‍वर” ऑस्‍कर के लिए नामांकित The post धमाके के बीच होटल में सिमटी मां-बेटे की दुनिया, दुबई में बेटे संग फंसी शुभाश्री गांगुली appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

मनीष रंजन को नहीं मिली जमानत, पटना NEET छात्रा केस में CBI बोली- जांच में हमें हॉस्टल ऑनर की जरूरत नहीं

Patna NEET Student Death Case: पटना NEET छात्रा मौत मामले में शंभू गर्ल्स हॉस्टल की बिल्डिंग के मालिक मनीष रंजन को राहत नहीं मिली है. सोमवार को उनकी जमानत याचिका पर करीब पौने दो घंटे तक सुनवाई चली. लेकिन कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखते हुए अगली तारीख दे दी. अब इस मामले में 11 मार्च को CBI के मजिस्ट्रेट कोर्ट में सुनवाई होगी. जमानत पर बहस के दौरान तीखी नोकझोंक सुनवाई के दौरान पीड़ित परिवार के वकील और CBI के वकील के बीच तीखी बहस हुई. परिवार के वकील ने जांच में लापरवाही का आरोप दोहराया. उन्होंने कहा कि शुरुआत से ही जांच ठीक से नहीं की गई. इस पर CBI के वकील ने आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि यह जमानत की सुनवाई है, एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने का मंच नहीं. सबसे अहम बात यह रही कि CBI ने कोर्ट में लिखित तौर पर कहा कि फिलहाल उन्हें जांच में मनीष रंजन की जरूरत नहीं है. कोर्ट के सीधे सवाल 28 फरवरी को कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कई सख्त सवाल किए. पूछा गया कि मनीष रंजन पर आखिर ठोस आरोप क्या हैं? उनके खिलाफ सबूत क्या हैं? क्या एजेंसी को अब भी उनकी जरूरत है? कोर्ट ने यह भी पूछा कि केस में पॉक्सो एक्ट क्यों नहीं लगाया गया? CBI ने 12 फरवरी को 307 (अटेंप्ट टू मर्डर) की धारा में केस दर्ज किया है. कोर्ट ने साफ कहा कि जब आपके पास अटेंप्ट टू मर्डर का केस है, तो यह स्पष्ट करें कि आरोपी की हिरासत क्यों जरूरी है. SIT और CBI का अलग रुख इस केस की शुरुआत चित्रगुप्त नगर थाने से हुई थी. 17 जनवरी तक तत्कालीन थानेदार रौशनी कुमारी जांच कर रही थीं. इसके बाद SIT को जांच सौंपी गई. सुनवाई के दौरान SIT ने कहा कि मनीष रंजन एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं. इसी आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया गया था. हालांकि अब जांच CBI कर रही है, इसलिए SIT को उनकी जरूरत नहीं है. CBI को जांच संभाले 15 दिन से ज्यादा हो चुके हैं. कोर्ट ने पूछा कि इस दौरान मनीष रंजन को लेकर क्या ठोस प्रगति हुई? जब्त सबूतों पर उठे सवाल कोर्ट ने तत्कालीन IO रौशनी कुमारी से पूछा कि छात्रा का मोबाइल और हॉस्टल का DVR जब्त करने के बाद FSL जांच क्यों नहीं कराई गई? सबूत 24 घंटे में कोर्ट में क्यों पेश नहीं किए गए? रौशनी ने कहा कि उन्होंने 17 जनवरी को सभी सामान SIT को सौंप दिए थे. लेकिन SIT ने कहा कि उन्हें यह सामग्री 24 जनवरी को मिली. दोनों के बयानों में अंतर दिखा. इस पर पीड़ित परिवार ने सबूतों से छेड़छाड़ का आरोप लगाया. SDPO से भी पूछताछ SIT को लीड कर रहीं सचिवालय SDPO-1 डॉ. अन्नू कुमारी से भी कोर्ट ने सवाल किए. पूछा गया कि मनीष रंजन कब बिहार से बाहर गए? कब पकड़े गए? उनका बयान क्या था? डॉ. अन्नू ने कोर्ट को बताया कि CDR खंगाला गया है और लोकेशन मिलान किया गया है. 11 मार्च को अगली सुनवाई करीब दो घंटे चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने अगली तारीख 11 मार्च तय की. फिलहाल मनीष रंजन को जमानत नहीं मिली है. Also Read: अमित शाह के सीमांचल दौरे के बाद एक्शन प्लान तैयार, संदिग्ध आधार केंद्रों पर जल्द होगी छापेमारी The post मनीष रंजन को नहीं मिली जमानत, पटना NEET छात्रा केस में CBI बोली- जांच में हमें हॉस्टल ऑनर की जरूरत नहीं appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

MWC 2026 में Honor ने पेश किया अपना पहला ह्यूमनॉइड रोबोट, देखें वीडियो

इस साल बार्सिलोना में हुए मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस में Honor ने अपना पहला ह्यूमनॉइड रोबोट पेश कर दिया है. रोबोट जब स्टेज पर आया और लाइव डांस करने लगा, तो वहां मौजूद लोग हैरान रह गए. देखते ही देखते यह डेमो पूरे इवेंट की सबसे बड़ी हाइलाइट बन गया. शो के दौरान एक रोबोट को स्टेज की ओर चलते हुए देखा गया, जो बाद में इंसानों के साथ ताल से ताल मिलाकर डांस करने लगा. म्यूजिक की बीट पर उसकी मूवमेंट काफी स्मूद थी और परफॉर्मेंस में अच्छी-खासी कोऑर्डिनेशन भी नजर आई. खास बात यह रही कि पूरे एक्ट में कोई साफ गलती दिखाई नहीं दी. MWC में दिखा Honor का ह्यूमनॉइड रोबोट यह पूरा प्रदर्शन मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस में दिखाया गया, जहां Honor ने अपने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स पर किए जा रहे काम की झलक पेश की. हालांकि कंपनी ने यह साफ नहीं किया कि रोबोट पूरी तरह ऑटोनॉमस मोड में था या उसे रिमोट से कंट्रोल किया जा रहा था. इवेंट के दौरान रोबोट के हार्डवेयर और स्पेसिफिकेशंस से जुड़ी कोई जानकारी भी साझा नहीं की गई. Get ready to believe! HONOR Robot and Robot Phone are showing off the incredible power of advanced intelligence, dancing straight into the future. We’re not just building tech, we believe in the future of AI. See it to believe it! 🤖 pic.twitter.com/0SoP6VjXDy — HONOR (@Honorglobal) March 1, 2026 रोबोटिक्स की कारोबार में आगे बढ़ रहा Honor Honor अब अपने कारोबार को रोबोटिक्स की दिशा में भी तेजी से बढ़ा रहा है. कंपनी का कहना है कि ह्यूमनॉइड रोबोट उसकी बड़ी AI रणनीति का हिस्सा है. Honor के मुताबिक, इस रोबोट को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि यह शॉपिंग में मददगार पार्टनर, वर्कप्लेस पर निगरानी रखने वाला सहायक और एक स्मार्ट साथी की भूमिका निभा सके. हालांकि, फिलहाल कंपनी ने इसके कमर्शियल लॉन्च को लेकर कोई टाइमलाइन तय नहीं की है. MWC 2026 में Honor ने पेश किए कई डिवाइस सिर्फ रोबोट ही नहीं, Honor ने इस इवेंट में कई नए हार्डवेयर प्रोडक्ट भी पेश किए. इनमें Honor Magic V6 खास आकर्षण रहा. कंपनी के मुताबिक, फोल्ड होने पर इसकी मोटाई सिर्फ 8.75mm है, जो इसे अपने पिछले मॉडल से थोड़ा और पतला बनाती है. इसके साथ कंपनी ने अपना Robot Phone पेश कर दिया है. इस फोन की सबसे खास बात इसका यूनिक कैमरा मैकेनिज्म है. एक कमांड मिलते ही कैमरा बॉडी से बाहर निकल आता है, जो इसे बाकी स्मार्टफोन्स से बिल्कुल अलग बनाता है. यह भी पढ़ें: क्या है Starshield, जिसे एलन मस्क ने LUCAS कामिकेज ड्रोन पर लगा हुआ बताया? जानें इसका काम The post MWC 2026 में Honor ने पेश किया अपना पहला ह्यूमनॉइड रोबोट, देखें वीडियो appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

गर्मी के मौसम में बनाएं टेस्टी ड्रिंक्स, ट्राई करें ये आइडियाज 

गर्मियों के मौसम में ठंडी ड्रिंक पीने का अपना अलग ही मजा होता है और घर पर बने ड्रिंक की बात ही कुछ और होती है. अगर आप भी घर पर ड्रिंक तैयार करने का सोच रहे हैं तो इस आर्टिकल में आप कुछ ड्रिंक्स आइडियाज के बारे में जान सकते हैं. इन ड्रिंक्स को आप अपने घरवालों और दोस्तों को बनाकर सर्व करें.  आम पन्ना को करें ट्राई  गर्मियों के मौसम में आम आसानी से मिल जाते हैं और इनका इस्तेमाल करके कई तरह की डिश भी बनाई जाती है. आप कच्चे आम से आम पन्ना बना सकते हैं. इसे बनाने के लिए कच्चे आम को धोकर उबाल लें. ठंडा होने पर छिलका हटाकर गूदा निकाल लें. आम के गूदे में चीनी, काला नमक, भुना जीरा डालकर ब्लेंड कर लें. तैयार पेस्ट में ठंडा पानी मिलाकर अच्छे से घोल लें और सर्व करें.  लेमन आइस टी आप गर्मी के दिनों में लेमन आइस टी को ट्राई कर सकते हैं. इसे बनाने के लिए आप पानी को गर्म करें. इसमें आप चीनी और चाय पत्ती डालकर थोड़ी देर तक पका लें. नींबू का रस डाल दें. चाय को छान लें. ठंडा होने दें. इसके बाद आप गिलास में बर्फ डालें और फिर चाय डालकर सर्व करें.  सत्तू ड्रिंक गर्मियों में आप आसानी से सत्तू ड्रिंक बना सकते हैं. सत्तू में पानी डालकर अच्छे से मिक्स कर लें. इसमें आप नमक को मिला दें. ऊपर से भुना जीरा पाउडर और नींबू का रस मिला दें.  पुदीना नींबू शरबत  पुदीना नींबू शरबत बनाने के लिए आप पुदीना और चीनी को मिक्सर जार में डालकर पीस लें. इसमें आप नींबू का रस मिला दें. पानी में आप इस मिश्रण को मिला दें. इसे छानकर गिलास में सर्व करें. यह भी पढ़ें: How To Make Momos Without Momo Steamer: घर पर नहीं है स्टीमर तो न लें टेंशन, इन तरीकों से आसानी से तैयार करें टेस्टी मोमोज यह भी पढ़ें- How to Make Idli Without Stand: इडली मेकर की जरूरत नहीं! आसानी से तैयार करें स्वादिष्ट इडली The post गर्मी के मौसम में बनाएं टेस्टी ड्रिंक्स, ट्राई करें ये आइडियाज  appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

सऊदी की तेल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला, धू-धूकर जली दुनिया की सबसे बड़ी ऑयल एक्सपोर्ट फैसेलिटी

Saudi Arabia Oil facility Ras Tanura Attacked: अमेरिका-इजरायल और ईरानी के बीच संघर्ष सोमवार को और तेज हो गया. सोमवार को ईरान ने इजरायल और अन्य खाड़ी देशों पर नई मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू किए. सोमवार को सऊदी अरामको की रास तनुरा रिफाइनरी पर ड्रोन हमला हुआ, जिसके बाद रिफाइनरी के एक सीमित हिस्से में आग लग गई. हालांकि यह हमला किसने किया, इसके बारे में अभी पुष्टि नहीं हो पाई है. सऊदी अरामको की रास तनुरा रिफाइनरी दुनिया की सबसे बड़ी तेल निर्यात सुविधाओं में से एक है और वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति के लिए बेहद अहम मानी जाती है. रास तनुरा रिफाइनरी में लगी आग जल्दी काबू में आ गई और अब तक किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है.  वहीं हमले के बाद एहतियातन संचालन को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आग छोटे क्षेत्र तक ही सीमित रही और जान-माल का नुकसान नगण्य बताया जा रहा है. इस हमले के पीछे कथित तौर पर ईरान का हाथ बताया जा रहा है, लेकिन सऊदी अरब ने फिलहाल कोई जवाबी कार्रवाई नहीं की है. Iran has started attacking Saudi Arabia’s oil infrastructure, targeting the ARAMCO refinery at Ras Tannoura pic.twitter.com/6khNNyeyRl — Navroop Singh (@TheNavroopSingh) March 2, 2026 रास तनुरा रिफाइनरी की प्रोसेसिंग क्षमता करीब 5.5 लाख बैरल प्रतिदिन है. अगर यह लंबे समय तक बंद रहती है, तो पेट्रोल, डीजल और जेट फ्यूल जैसे उत्पादों की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिससे तेल की कीमतों में तेजी आने की आशंका है. फिलहाल सऊदी अरब की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकन दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातकों में शामिल सऊदी अरब के लिए यह स्थिति रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील मानी जा रही है. Ras Tanura oil refining facility of Saudi Aramco hit. All operations have ceased after initially describing it as “small and contained” https://t.co/s9ngcnF4gT pic.twitter.com/oIQrTAwZX8 — Abhijit Iyer-Mitra (@Iyervval) March 2, 2026 वैश्विक तेल बाजार में खड़ी होगी समस्या इन हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों में चिंता बढ़ गई है. मिडिल ईस्ट पहले से ही अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव की चपेट में है, और होर्मुज जलडमरूमध्य पर भी सबकी नजरें टिकी हैं, जहां से दुनिया के करीब 20% तेल की आवाजाही होती है. यदि आने वाले दिनों में रिफाइनरियों या तेल टर्मिनलों पर ऐसे हमले बढ़ते हैं, तो वैश्विक स्तर पर तेल संकट गहरा सकता है. वहीं एक अन्य हमले में ईरान की प्रेस टीवी ने बहरीन के सलमान पोर्ट पर ईरानी मिसाइल हमले की भी रिपोर्ट दी. ईरानी मीडिया का दावा है कि इस बंदरगाह का इस्तेमाल अमेरिका के लॉजिस्टिक उपकरणों को ले जाने के लिए किया जा रहा था, जिन्हें ईरान पर हमले में उपयोग किया जाना था. ऑपरेशन एपिक फ्यूरी/रोरिंग लायन’ नाम के साझा अभियान में अमेरिकी और इजरायली बलों ने 28 फरवरी को ईरान भर में बड़े पैमाने पर हवाई और मिसाइल हमले किए. इनमें प्रमुख सैन्य ठिकानों, परमाणु-संबंधी बुनियादी ढांचे, मिसाइल बैटरियों और शीर्ष नेतृत्व के ठिकानों को निशाना बनाया गया. जिसके जवाब में ईरान ने ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 शुरू किया  है. इसके तहत मिडिल ईस्ट में अमेरिकी बेसेज और और अन्य देशों को निशाना बनाया जा रहा है. सऊदी अरब पर हमले से पहले यूएई के प्रमुख शहर जैसे- दुबई और अबूधाबी निशाना बने थे.  ये भी पढ़ें:- राहत: ईरान में फंसे स्टूडेंट्स को बॉर्डर से जाने की मिली इजाजत; एग्जाम बाद में होंगे IRGC ने और हमलों की दी चेतावनी अपने बयान में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने उस अभियान पर बयान देते हुए कहा, ‘दसवीं लहर में खैबर मिसाइलों की रणनीतिक तैनाती के साथ कब्जे वाले इलाकों पर भीषण आग के दरवाजे खोल दिए गए.’ ईरानी प्रशासनी मीडिया ने टेलीग्राम पर कथित तौर पर उस अमेरिकी एफ-15 फाइटर जेट के पायलट की तस्वीर भी जारी की, जिसका विमान सोमवार सुबह कुवैत में मार गिराया गया था. इसके साथ ही ईरान के विशाल ड्रोन बेड़े और क्षेत्र में अमेरिकी-इज़रायली ठिकानों पर ईरानी हमलों के दृश्य भी साझा किए गए. टेलीग्राम पर प्रेस टीवी ने लिखा, ‘कुवैत में फाइटर जेट क्रैश होने के बाद अमेरिकी पायलट.’ ये भी पढ़ें:- न न्यूक्लियर, न मिसाइल और न टेररिज्म, US-इजरायल क्यों ईरान पर हमला कर रहे? एक्सपर्ट ने बताई ये वजह ईरान के हमलों से दहशत में खाड़ी के देश इस बीच, इजरायल के i24 न्यूज के राजनयिक संवाददाता अमिचाई स्टीन ने बताया कि खाड़ी देशों के अधिकारी ईरान की जवाबी कार्रवाई की तीव्रता से हैरान हैं. एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, ‘खाड़ी देशों के वरिष्ठ अधिकारियों से हुई मेरी तमाम बातचीत में वे ईरानी हमलों की तीव्रता से पूरी तरह स्तब्ध थे. उनमें से एक ने मुझसे कहा, ‘हमें पूरा भरोसा था कि खामेनेई की हत्या के बाद वे जवाब देंगे, लेकिन अभी वे आबादी वाले इलाकों को निशाना बना रहे हैं, सिर्फ सैन्य ठिकानों को नहीं; यह पूरी तरह पागलपन है और ऐसा आचरण है जिसका कोई तुक नहीं बनता.’ एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘यह हमारी कल्पना से कहीं ज्यादा है.’’ ये भी पढ़ें:- US मिलिट्री पावर: ईरान में 1000 ठिकाने तबाह, इन हथियारों से बरसाए बम-बारूद; पूरी लिस्ट दुनिया भर के नेता और अंतरराष्ट्रीय संगठन तनाव कम करने की अपील कर रहे हैं, क्योंकि व्यापक क्षेत्रीय युद्ध का खतरा बढ़ता जा रहा है. हालांकि, लड़ाई जारी है और इसके अंत का फिलहाल कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिख रहा है. The post सऊदी की तेल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला, धू-धूकर जली दुनिया की सबसे बड़ी ऑयल एक्सपोर्ट फैसेलिटी appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

Recent news

No Posts Found!

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top