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Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

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भरत तिवारी पर सबसे पहले गोली चलाने वाला STF जवान अरेस्ट, 24 जुलाई को ही CM सम्राट से मिला था परिवार

Bharat Tiwari Encounter: भोजपुर के बिलौटी गांव में भरत तिवारी का एनकाउंटर किया गया था. लगातार हो रही जांच के बीच गुरुवार देर रात फिर कार्रवाई हुई. भरत तिवारी को सबसे पहले गोली मारने वाले एसटीएफ के जवान को गिरफ्तार कर लिया गया है. बताया जा रहा है कि जांच के दौरान जो सबूत मिले हैं, उसी के आधार पर एसटीएफ जवान अक्षय कुमार को गिरफ्तार किया गया है. भरत के सरेंडर बाद मारी थी गोली जानकारी के मुताबिक, जिस जवान को अरेस्ट किया गया है, उस पर भरत तिवारी की मां आशा देवी ने भी हत्या का आरोप लगाया था. भरत तिवारी ने जब सरेंडर कर दिया था, उसके बाद एसटीएफ के जवान अक्षय कुमार ने ही सबसे पहले गोली चलाई थी. ऐसे में अब एसटीएफ जवान की गिरफ्तारी के बाद आगे की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है. पुलिस कई दिनों से कर रही थी छापेमारी गिरफ्तारी के बाद जवान को न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए प्रस्तुत किया जाएगा. बताया जाता है कि भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में दर्ज प्राथमिकी के बाद से अक्षय कुमार फरार था. पुलिस और जांच एजेंसियां उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही थी. जांच के दौरान उसके खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलने के बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई. परिजनों को सीएम सम्राट ने दिया था आश्वासन 24 जुलाई को भरत तिवारी के परिजनों ने सीएम सम्राट चौधरी से मुलाकात की थी. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने परिवार से मुलाकात कर उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया था. सीएम ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी थी. उन्होंने कहा था कि स्वर्गीय भरत तिवारी जी के परिवार को न्याय मिलेगा. उन्होंने परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर उनकी बात सुनी और हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया था. मामले में जांच जारी भरत तिवारी की कथित एनकाउंटर में मौत के बाद यह मामला काफी चर्चा में रहा. घटना को लेकर परिजनों और विभिन्न संगठनों ने न्यायिक जांच की मांग करते हुए आंदोलन भी किया था. मामले की जांच अभी जारी है और अन्य आरोपितों की भूमिका की भी जांच की जा रही है. Also Read: बिहार में 6000 करोड़ की लागत से लगेगा स्टील प्लांट, रोजगार और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट को बढ़ावा The post भरत तिवारी पर सबसे पहले गोली चलाने वाला STF जवान अरेस्ट, 24 जुलाई को ही CM सम्राट से मिला था परिवार appeared first on Naya Vichar.

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भिवंडी में चार मंजिला इमारत गिरी: 6 की मौत; कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका

Bhiwandi Building Collapse : महाराष्ट्र के भिवंडी में गुरुवार रात करीब 11:30 बजे बड़ा हादसा हो गया, जब एक चार मंजिला रिहायशी इमारत का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया. इस इमारत में कुल 48 कमरे थे, जिनमें हर मंजिल पर 12 कमरे बने हुए थे. हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि छह लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. एक घायल शिशु को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अधिकारियों के मुताबिक अभी भी 7 से 8 लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है. पहले आई थीं दरारें, लोगों को बाहर निकाला गया स्थानीय लोगों के मुताबिक रात करीब 9 बजे इमारत से तेज आवाजें आने लगी थीं और दीवारों में दरारें दिखने लगी थीं. इसके बाद लोगों ने तुरंत नगर निगम और प्रशासन को सूचना दी. मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने कई परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था, लेकिन इसी दौरान इमारत की बी विंग अचानक ढह गई. बताया जा रहा है कि कुछ लोग बाहर निकल रहे थे, जबकि मरम्मत का काम कर रहे मजदूर अंदर ही रह गए. मरम्मत के दौरान हुआ हादसा भिवंडी-निजामपुर नगर निगम के सहायक आयुक्त अरविंद घोगरे ने बताया कि नगर निगम ने इस इमारत को पहले ही खतरनाक घोषित कर दिया था. इसके बावजूद यहां मरम्मत का काम चल रहा था. शुरुआती जानकारी के मुताबिक यह मरम्मत बिना जरूरी अनुमति के कराई जा रही थी. अधिकारियों का कहना है कि अधिकतर मृतकों के मरम्मत कार्य में लगे मजदूर होने की आशंका है. हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है. NDRF और फायर ब्रिगेड का रेस्क्यू जारी हादसे के बाद मौके पर एनडीआरएफ, ठाणे डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (TDRF), फायर ब्रिगेड, पुलिस और नगर निगम की टीमें पहुंच गईं. रेस्क्यू ऑपरेशन में डॉग स्क्वॉड, चार फायर इंजन, दो एम्बुलेंस और भारी मशीनों की मदद ली जा रही है. प्रशासन का कहना है कि मलबे में फंसे सभी लोगों को निकालने तक बचाव अभियान लगातार जारी रहेगा. ये भी पढ़ें : अभिजीत भट्टाचार्य का इंस्टा पोस्ट: 1947-1977 के शिक्षा मंत्रियों की सूची शेयर कर लिखा- ‘1947 से शुरू हुआ जिहाद’ The post भिवंडी में चार मंजिला इमारत गिरी: 6 की मौत; कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका appeared first on Naya Vichar.

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‘रावण तीनों लोकों का स्वामी है, तीनों लोकों के सामने उसका वध करूंगा’… रणबीर कपूर के इस डायलॉग पर क्यों मचा विवाद?

नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण’ का ट्रेलर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर छा गया. फिल्म के शानदार विजुअल्स और स्टारकास्ट की खूब तारीफ हुई, लेकिन भगवान श्रीराम बने रणबीर कपूर का एक डायलॉग विवाद का कारण बन गया. ट्रेलर में श्रीराम कहते हैं, “रावण तीनों लोकों का स्वामी है, तीनों लोकों के सामने उसका वध करूंगा.” इस डायलॉग के सामने आते ही सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई. कुछ लोगों का कहना है कि भगवान श्रीराम के संवाद इस तरह की आधुनिक भाषा में नहीं होने चाहिए. वहीं कई लोग इसे फिल्म की प्रस्तुति का हिस्सा मान रहे हैं. Ramayan Dialogue Controversy: आखिर रामायण के डायलॉग का विरोध क्यों हो रहा है? विरोध करने वालों का कहना है कि भगवान श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्तम हैं. इसलिए उनके संवाद गंभीर और पारंपरिक भाषा में होने चाहिए. उनका मानना है कि आधुनिक शब्दों का इस्तेमाल पौराणिक किरदारों की छवि और उनकी गरिमा पर असर डाल सकता है. Ramayan Dialogue Criticism: सोशल मीडिया यूजर ने क्या कहा? इस विवाद के बीच ध्रुवनियम (Dhruvnium) नाम के एक सोशल मीडिया यूजर की पोस्ट भी वायरल हो रही है. यूजर का कहना है कि फिल्म में डायलॉग का मतलब नहीं बदला गया है, बल्कि उसे आज के दर्शकों के लिए आसान भाषा में लिखा गया है. उनके मुताबिक, भगवान श्रीराम के मूल संवाद संस्कृत के श्लोकों में हैं, जिन्हें हर कोई आसानी से नहीं समझ सकता. इसलिए उन्हीं श्लोकों के भाव और अर्थ को सरल हिंदी के डायलॉग में बदला गया है. यानी शब्द बदले हैं, लेकिन उनका मतलब और भावना वही रखी गई है. हालांकि, यह सोशल मीडिया यूजर की व्यक्तिगत राय है. फिल्म के मेकर्स ने इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है. View on Instagram Ramayan Dialogue Criticism: वाल्मीकि रामायण में क्या लिखा है? वाल्मीकि रामायण में भगवान श्रीराम के कई संवाद संस्कृत के श्लोकों में लिखे गए हैं. आज के समय में हर दर्शक संस्कृत नहीं समझता. इसलिए फिल्मों में अक्सर उन्हीं श्लोकों के भाव और अर्थ को आसान हिंदी में बताया जाता है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग उसे समझ सकें. कोशिश यही रहती है कि भाषा आसान हो, लेकिन मूल संदेश और भावना में कोई बदलाव न आए. Ramayan Dialogue Explained: फिल्मों में भाषा को आसान क्यों रखा जाता है? जब किसी धार्मिक ग्रंथ या महाकाव्य पर फिल्म बनाई जाती है, तो उसकी भाषा को आज के दर्शकों के हिसाब से आसान बनाया जाता है. इसका मकसद कहानी को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना होता है. इसलिए कठिन संस्कृत श्लोकों की जगह आसान डायलॉग लिखे जाते हैं, लेकिन उनकी मूल भावना को बरकरार रखने की कोशिश की जाती है. Ramayan: आखिर पूरा मामला क्या है? ‘रामायण’ के इस डायलॉग को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग राय देखने को मिल रही है. कुछ लोग इसे भगवान श्रीराम के किरदार के खिलाफ मान रहे हैं, जबकि कई लोगों का कहना है कि यह सिर्फ संस्कृत श्लोकों के भाव को आसान भाषा में पेश करने की कोशिश है. फिलहाल यह विवाद चर्चा का विषय बना हुआ है. अब फिल्म रिलीज होने के बाद दर्शक इन संवादों को किस तरह स्वीकार करते हैं, इस पर सभी की नजर रहेगी. ये भी पढ़ें: मॉडर्न साड़ी, सैलून स्टाइल बाल…. रामायण में लारा दत्ता का कैकेयी लुक देख भड़के नेटिजन्स The post ‘रावण तीनों लोकों का स्वामी है, तीनों लोकों के सामने उसका वध करूंगा’… रणबीर कपूर के इस डायलॉग पर क्यों मचा विवाद? appeared first on Naya Vichar.

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Bankipur Bypoll: बांकीपुर में पिछले 4 चुनावों में इस बार सबसे कम हुई वोटिंग, क्या हो सकती है वजह?

Bankipur Bypoll: पटना की बांकीपुर सीट पर 30 जुलाई को महज 34.31 प्रतिशत वोटिंग हुई. यह पिछले नवंबर में हुए चुनाव (41.35 प्रतिशत) से करीब सात प्रतिशत कम है. इतना ही नहीं, आंकड़ों पर नजर डालें तो, इस बार पिछले चार चुनावों में सबसे कम वोटिंग हुई है. 2020 जो कि कोरोना महामारी का समय था, उस वक्त भी इस बार से ज्यादा प्रतिशत वोटिंग हुई थी. किस साल कितने प्रतिशत हुई वोटिंग? आंकड़ों की बात करें तो, 2010 में 36.96%, 2015 में 40.24%, 2020 में 35.91% और 2025 में 41.35% प्रतिशत वोटिंग हुई थी. जबकि इस बार वोटिंग प्रतिशत सिर्फ 34.31 में ही सिमटकर रह गई. इन आंकड़ों को देखते हुए अब यह चर्चा शुरू हो गई है कि आखिर इसकी वजह क्या रही और इस तरह के वोटिंग प्रतिशत से किसी पार्टी को फायदा हुआ या नहीं. कम वोटिंग प्रतिशत की क्या हो सकती है वजह? वोटिंग प्रतिशत कम होने को लेकर कई तरह की वजहें सामने आईं. मतदान वाले दिन कई वोटर्स के ओपिनियन सामने आए. उनमें से कुछ का यह कहना था कि बांकीपुर विधानसभा में रहने वाले कई लोग जिले से बाहर रहते हैं. चाहे वे रोजगार के मकसद से रह रहे हो या फिर पढ़ाई के. ऐसी स्थिति दोनों ही चीजें जरूरी होने की वजह से कई लोग वोट डालने के लिए घर लौटे ही नहीं. इतना ही नहीं, कई वोटर्स ने रूचि ही नहीं दिखाई. वोटिंग के लिए बने कई बूथों पर सुबह-सुबह मात्र एक-दो लोग ही मतदान के लिए पहुंचे थे. दोपहर के वक्त लोग थोड़ी ज्यादा संख्या में घर से निकले और मतदान किए लेकिन अचानक जब बारिश हुई तो फिर वोटिंग स्लो हो गई. इस तरह से कई वजहें कम वोटिंग प्रतिशत की मानी जा रही है. कितने बजे तक कितनी हुई वोटिंग? 30 जुलाई को शाम 6 बजे तक हुई वोटिंग के बाद 25 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में बंद हो गई. टोटल 422 बूथों पर वोटिंग हुई. सुबह 9:00 बजे तक वोटिंग प्रतिशत 4.61 रहा. इसके बाद 11:00 बजे तक 11.50%, दोपहर 1:00 बजे तक 20.01%, 3:00 बजे तक 27.90%, शाम 5:00 बजे तक 33.57% और 6:00 बजे तक 34.31% वोटिंग हुई. 3 अगस्त को होगी वोटिंग गुरुवार की देर शाम सभी 422 मतदान केंद्रों से ईवीएम एएन कॉलेज के स्ट्रॉन्ग रूम में कड़ी सुरक्षा के बीच पहुंचाई गई. अब तीन अगस्त को मतों की गिनती होगी. सूत्रों के अनुसार, दोपहर 12 बजे तक रिजल्ट घोषित कर दिए जायेंगे. मतगणना के लिए 14 टेबल की व्यवस्था की गई है. कुल 30 राउंड में वोटों की गिनती पूरी होगी. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे के कारण सीट खाली होने से यह उपचुनाव हुआ है. Also Read: Bihar Rain Alert: बिहार के इन 25 जिलों में आंधी-तूफान के साथ बारिश की चेतावनी, बिजली गिरने की भी संभावना The post Bankipur Bypoll: बांकीपुर में पिछले 4 चुनावों में इस बार सबसे कम हुई वोटिंग, क्या हो सकती है वजह? appeared first on Naya Vichar.

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पीएम मोदी के AI-जनरेटेड वीडियो मामले में Meta पर शिकंजा, India Head के खिलाफ FIR

हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के AI से बनाए गए फर्जी वीडियो मामले में FIR दर्ज की है. इस मामले में Meta India के प्रमुख अरुण श्रीनिवास और कई सोशल मीडिया यूजर्स को आरोपी बनाया गया है. पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए इन मॉर्फ्ड वीडियो की जांच की जा रही है. यह किसी बड़ी टेक कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ दर्ज प्रमुख मामलों में से एक है. पुलिस सूत्रों के हवाले से इंडिया टुडे ने यह समाचार प्रकाशित की है. समाचार के मुताबिक, यह मामला Facebook और Instagram जैसे Meta के प्लेटफॉर्म पर फैले फर्जी और बदले हुए वीडियो (मॉर्फ्ड वीडियो) से जुड़ा है. जांच में पता लगाया जा रहा है कि इन वीडियो के जरिए लोगों को गुमराह तो नहीं किया गया. पुलिस हिंदुस्तानीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी कानून (IT Act) के तहत संभावित उल्लंघनों की जांच कर रही है. हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने Meta के रिप्रेजेंटेटिव को कुछ दिन पहले तलब किया था. पुलिस ने कंपनी से पूछा था कि AI से बने फर्जी वीडियो, स्कैम और फेक विज्ञापनों को पहचानने और हटाने के लिए उसके पास क्या इंतजाम हैं. इसके बाद अब इस मामले में FIR दर्ज की गई है. ये भी पढ़ें: पी एम मोदी के नये वीडियो पर CJP का तंज: बोले दीपके- देश का भविष्य नहीं, स्किन दिख रही ज्यादा ब्राइट किस चीज की जांच कर रही है साइबर क्राइम पुलिस साइबर क्राइम पुलिस अब इन AI से बनाए गए वीडियो की जांच कर रही है. पुलिस पता लगा रही है कि ये वीडियो कहां से बनाए गए और सोशल मीडिया पर कैसे तेजी से वायरल हुए. जांच में यह भी देखा जा रहा है कि Meta के सिक्योरिटी अरेंजमेंट इन्हें रोकने में कितने कारगर थे. पुलिस वीडियो बनाने, अपलोड करने और शेयर करने वालों की भूमिका की भी जांच कर रही है. The post पीएम मोदी के AI-जनरेटेड वीडियो मामले में Meta पर शिकंजा, India Head के खिलाफ FIR appeared first on Naya Vichar.

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CWG 2026: डिस्कस थ्रो के मैदान से शुरू हुई प्रेम कहानी, पति की कोचिंग से सीमा कालीरमन ने जीता कॉमनवेल्थ मेडल

Seema Kaliramna: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आठवां दिन हिंदुस्तान के लिए शानदार उपलब्धि लेकर आया. पूरे दिन पदक का इंतजार करने के बाद देर रात हिंदुस्तानीय दल को दो बड़ी खुशियां मिलीं. वेटलिफ्टिंग में लवप्रीत सिंह के सिल्वर मेडल जीतने के बाद स्त्री डिस्कस थ्रो में सीमा कालीरमन ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम कर हिंदुस्तान का गौरव बढ़ाया. इस जीत के साथ ही कॉमनवेल्थ गेम्स में हिंदुस्तान के कुल पदकों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है. वहीं एथलेटिक्स में यह हिंदुस्तान का आठवां पदक रहा. डेब्यू कॉमनवेल्थ गेम्स में सीमा ने जीता पदक हरियाणा की रहने वाली सीमा कालीरमन ने अपने पहले ही कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतकर खास उपलब्धि हासिल की. ग्लासगो में स्पोर्ट्से गए स्त्री डिस्कस थ्रो फाइनल में सीमा ने 58.65 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करते हुए तीसरा स्थान हासिल किया. इस स्पर्धा में हिंदुस्तान की एक और खिलाड़ी निधि रानी भी शामिल थीं. निधि ने 57.10 मीटर की दूरी तय की और चौथे स्थान पर रहीं. हालांकि वह मामूली अंतर से पदक से चूक गईं. चार प्रयास हुए फाउल सीमा के लिए फाइनल मुकाबला आसान नहीं रहा. कुल छह प्रयासों में उनके चार थ्रो फाउल रहे. शुरुआती दबाव के बावजूद उन्होंने अपने दूसरे प्रयास में 57.32 मीटर की दूरी तय कर तीसरे स्थान पर जगह बनाई. इसके बाद तीसरे प्रयास में सीमा ने अपना प्रदर्शन और बेहतर किया और 58.65 मीटर का थ्रो किया. इसके बाद वह अपने प्रदर्शन में सुधार नहीं कर सकीं, लेकिन कोई अन्य खिलाड़ी भी उनके इस स्कोर को पार नहीं कर पाया. इसी के साथ सीमा ने ब्रॉन्ज मेडल पक्का कर लिया. पति रविंदर बने ताकत सीमा कालीरमन की इस सफलता के पीछे उनकी मेहनत और प्रतिभा के साथ-साथ उनके पति रविंदर का भी अहम योगदान है. रविंदर सिर्फ जीवनसाथी ही नहीं बल्कि सीमा के कोच की भूमिका भी निभा रहे हैं. हरियाणा के भिवानी से आने वाली सीमा और रविंदर की मुलाकात डिस्कस थ्रो के मैदान पर ही हुई थी. रविंदर खुद इस स्पोर्ट्स में सक्रिय रहे थे और जूनियर व सब-जूनियर स्तर पर नेशनल चैंपियन भी रह चुके थे. हालांकि चोट के कारण उनका खुद का स्पोर्ट्स करियर आगे नहीं बढ़ सका. इसके बाद जब सीमा की मुलाकात रविंदर से हुई तो स्पोर्ट्स को लेकर दोनों की सोच एक जैसी थी. सीमा के पिता ने भी बेटी के करियर को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से दोनों के विवाह का प्रस्ताव रखा. शादी के बाद रविंदर ने सीमा की ट्रेनिंग, तकनीक और फिटनेस पर लगातार काम किया. कोरोना काल में शुरू की स्पोर्ट्स में पीएचडी सीमा की कहानी सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं है. रविंदर की सलाह पर ही उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान स्पोर्ट्स में पीएचडी की शुरुआत की. स्पोर्ट्स और पढ़ाई दोनों को साथ लेकर चलना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था, लेकिन उन्होंने इसे पूरी मेहनत के साथ पूरा किया. एक समय चोट के कारण सीमा को स्पोर्ट्स से दूर रहना पड़ा. इसी दौरान उन्होंने बेटे को जन्म दिया. लेकिन मां बनने के सिर्फ 11 महीने बाद ही उन्होंने दोबारा ट्रेनिंग शुरू कर दी. परिवार के समर्थन और अपनी मेहनत के दम पर सीमा ने वापसी की और लगातार अपने प्रदर्शन को बेहतर करती गईं. हिंदुस्तान के लिए यादगार रहा आठवां दिन कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के आठवें दिन हिंदुस्तान को लंबे इंतजार के बाद दो पदक मिले. लवप्रीत सिंह के सिल्वर और सीमा कालीरमन के ब्रॉन्ज मेडल ने हिंदुस्तानीय दल का उत्साह बढ़ा दिया. खासतौर पर सीमा की उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने अपने पहले ही कॉमनवेल्थ गेम्स में पोडियम पर जगह बनाई है. इसे भी पढ़े- श्रीनगर में 2 ब्रॉन्ज मेडल जीत चमके प्रशांत वर्मा, अब जापान में करेंगे हिंदुस्तान का प्रतिनिधित्व The post CWG 2026: डिस्कस थ्रो के मैदान से शुरू हुई प्रेम कहानी, पति की कोचिंग से सीमा कालीरमन ने जीता कॉमनवेल्थ मेडल appeared first on Naya Vichar.

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शिबू सोरेन की पुण्यतिथि 4 अगस्त को, नेमरा समेत 24 जिलों में होगी श्रद्धांजलि सभा

Shibu Soren First Death Anniversary : दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि चार अगस्त को है. इसे लेकर झामुमो तैयारी में जुटा हुआ है. राज्य के सभी 24 जिलों में श्रद्धांजलि सभा होगी. नेमरा में भी विशेष श्रद्धांजलि सभा होगी. नेमरा के लुकड्यांटांड़ में मुख्यमंत्री त्री हेमंत सोरेन शामिल होंगे. यहां शिबू सोरेन की आदमकद प्रतिमा भी स्थापित की जायेगी. जिसका अनावरण मुख्यमंत्री करेंगे. साथ ही विभिन्न योजनाओं का ऑनलाइन उदघाटन व शिलान्यास भी सीएम द्वारा किया जायेगा. आम लोग भी अर्पित कर सकेंगे श्रद्धा सुमन पार्टी के महासचिव विनोद पांडेय ने बताया कि सभी जिलों के प्रमुख चौक-चौराहों और पाकों में श्रद्धांजलि सभा होगी. जहां आम लोग भी आसानी से आकर श्रद्धांजलि दे सकेंगे. जिला स्तर की कमेटी अपने – अपने स्तर से आदमकद प्रतिमा प्रमुख स्थानों पर लगा रही है. रांची जिला समिति झामुमो द्वारा रांची में भी कई कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा. इसमें एक आदमकद प्रतिमा स्थापित की जायेगी. इसके लिए स्थल का चयन किया जा रहा है. वहीं जरूरतमंदों के बीच वस्त्र, फल, दवा आदि का वितरण किया जायेगा. एक रक्तदान शिविर भी लगेगा. जिला समिति द्वारा इसकी तैयारी की जा रही है. अलबर्ट एक्का चौक पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित करने की योजना है. इसे भी पढ़ें: JPSC-JSSC अभ्यर्थियों ने प्रशासन के सामने रखीं 10 प्रमुख मांगें, पूरी नहीं हुई तो सीएम हेमंत को देना होगा इस्तीफा इसे भी पढ़ें: JPSC-JSSC परीक्षाओं में गड़बड़ी पर कांग्रेस से हस्तक्षेप की मांग, बंधु तिर्की ने सौंपे पांच अहम सुझाव The post शिबू सोरेन की पुण्यतिथि 4 अगस्त को, नेमरा समेत 24 जिलों में होगी श्रद्धांजलि सभा appeared first on Naya Vichar.

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जल्द खत्म हो सकता है गाजा युद्ध: ट्रंप का दावा- हमास हथियार छोड़ेगा, धीरे-धीरे हटेगी इजरायली सेना

Israel Hamas War : इजरायल और हमास के बीच लंबे समय से चला आ रहा संघर्ष जल्द ही समाप्त हो सकता है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि हमास के साथ हथियार छोड़ने को लेकर सहमति बन गई है. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल में पोस्ट कर लिखा कि यह समझौता बोर्ड ऑफ पीस की अगुआई में कराया गया है. उनके मुताबिक इस समझौते से लंबे समय से चल रही हिंसा खत्म करने की दिशा में रास्ता खुलेगा. हथियार छोड़ने के साथ पीछे हटेगी इजरायली सेना ट्रंप ने कहा कि इस समझौते को कई चरणों में लागू किया जाएगा. जैसे-जैसे हमास हथियार छोड़ेगा, वैसे-वैसे इजरायली सेना गाजा से हटती जाएगी. इसके बाद एक अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल और नई फिलिस्तीनी पुलिस मिलकर गाजा की सुरक्षा संभालेंगे. ट्रंप का कहना है कि इससे इजरायल की सुरक्षा भी बनी रहेगी और गाजा का इस्तेमाल आगे किसी हमले के लिए नहीं हो सकेगा. नई फिलिस्तीनी प्रशासन बनाने की तैयारी ट्रंप के मुताबिक, आगे चलकर गाजा में नई फिलिस्तीनी प्रशासन बनाई जाएगी, जो बोर्ड ऑफ पीस के साथ मिलकर काम करेगी. उन्होंने कहा कि यह उनकी 20-पॉइंट योजना का अहम हिस्सा है, जिसका मकसद गाजा में युद्ध खत्म करना और इलाके में स्थिरता लाना है. ट्रंप ने इस समझौते में भूमिका निभाने के लिए मिस्र, कतर और तुर्किये का भी धन्यवाद किया. हमास ने नहीं दी कोई प्रतिक्रिया ट्रंप के इस दावे पर अभी तक हमास की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. इस बीच गाजा में हिंसा जारी है. फिलिस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, गुरुवार को इजरायली हमलों में दो बच्चों समेत कम से कम छह लोगों की मौत हुई. ऐसे में अब सभी की नजर इस बात पर है कि ट्रंप के दावे के बाद जमीन पर हालात में कोई बदलाव आता है या नहीं. ये भी पढ़ें : 31 जुलाई की टॉप 20 समाचारें: वंदे मातरम बिल संसद से पास, नेपाल बॉर्डर पर बवाल, EVM में कैद बांकीपुर का फैसला The post जल्द खत्म हो सकता है गाजा युद्ध: ट्रंप का दावा- हमास हथियार छोड़ेगा, धीरे-धीरे हटेगी इजरायली सेना appeared first on Naya Vichar.

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ईरानी मीडिया के 3 दावे, अमेरिकी सेना ने कर दिया फैक्ट चेक

ईरान के प्रशासनी मीडिया ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की ओर से कई दावे किये गये. अमेरिका ने इनमें से तीन प्रमुख दावों को पूरी तरह गलत बताया है. U.S. Central Command @CENTCOM ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दावे पर रिएक्शन दिया. अमेरिकी पक्ष का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट, अमेरिकी लड़ाकू विमानों और तेल टैंकर से जुड़े दावों में कोई सच्चाई नहीं है. इसके साथ ही अमेरिका ने इन सभी दावों का फैक्ट चेक जारी कर अपना पक्ष भी सामने रखा है. दावा 1: ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का कहना है कि होर्मुज से गुजरने वाले कारोबारी जहाजों के लिए रास्ता अब सुरक्षित नहीं है. फैक्ट चेक: अमेरिका का कहना है कि जहाजों के लिए सबसे बड़ा खतरा IRGC की धमकियां और उसके हमले की कोशिशें हैं. समुद्री मार्ग को लेकर ईरान का दावा सही नहीं है. दावा 2: IRGC ने दावा किया कि हालिया हमले में अमेरिका के तीन F-35 स्टेल्थ फाइटर जेट और तीन अन्य विमान तबाह हो गए. फैक्ट चेक: अमेरिका के मुताबिक यह दावा गलत है. किसी भी अमेरिकी विमान को नुकसान नहीं पहुंचा. ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलें और ड्रोन या तो बीच में ही रोक दिए गए या अपने लक्ष्य तक पहुंच ही नहीं सके. ये भी पढ़ें: अमेरिका-ईरान में फिर भड़की जंग, मिसाइल हमलों से दहला मिडिल ईस्ट दावा 3: ईरानी प्रशासनी मीडिया का दावा है कि तेल टैंकर M/T Nora अमेरिकी नाकेबंदी तोड़कर निकल गया. फैक्ट चेक: अमेरिका ने इस दावे को भी गलत बताया है. उसके अनुसार M/T Nora नाकेबंदी नहीं तोड़ पाया. अमेरिका का कहना है कि 20 से ज्यादा युद्धपोत, सैकड़ों विमान और हजारों सैनिक अब भी इलाके में तैनात हैं और नाकेबंदी पूरी तरह लागू है. अमेरिका-ईरान के बीच मिसाइल हमले तेज अमेरिका और ईरान के बीच गुरुवार (30 जुलाई) को फिर मिसाइल हमले शुरू हो गए. इससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है और फिलहाल हालात सामान्य होने की उम्मीद कम नजर आ रही है. अब इस संघर्ष के दूसरे देशों तक फैलने का भी खतरा बढ़ गया है. जॉर्डन ने कहा कि उसने लगातार दूसरे दिन ईरान की मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया, जबकि कुवैत में एक हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई. The post ईरानी मीडिया के 3 दावे, अमेरिकी सेना ने कर दिया फैक्ट चेक appeared first on Naya Vichar.

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8th Pay Commission: दिल्ली और चंडीगढ़ वालों के लिए आया अपडेट, 8वें वेतन आयोग ने जारी किया मीटिंग शेड्यूल

आयोग ने दिल्ली और चंडीगढ़ में कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और पेंशनर्स के साथ बैठक की तारीखों का ऐलान कर दिया है. इन बैठकों में वेतन, पेंशन और अन्य मुद्दों पर हितधारकों (Stakeholders) की राय ली जाएगी, जिसके आधार पर आयोग अपनी सिफारिशें तैयार करेगा. दिल्ली में बैठक 7 अगस्त और 10 अगस्त 2026 को होंगी, जबकि चंडीगढ़ में 16 से 18 सितंबर 2026 के बीच बातचीत का दौर चलेगा. आयोग देशभर में अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी इसी तरह की बैठक करेगा. दिल्ली की बैठक में कौन शामिल हो सकता है? नई दिल्ली में होने वाली बैठक में केवल वही एसोसिएशन, फेडरेशन और यूनियन आवेदन कर सकती हैं— जिन्होंने अपना मेमोरेंडम पहले ही जमा कर दिया है. जिनकी आयोग से अब तक दिल्ली या किसी अन्य राज्य/केंद्र शासित प्रदेश में बातचीत नहीं हुई है. दिल्ली बैठक के लिए आवेदन भेजने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 है. आवेदन के साथ यूनिक मेमो आईडी (Unique Memo ID) देना जरूरी होगा. बैठक का समय और स्थान बाद में बताया जाएगा. यहां देखें इस समाचार से जुड़ी 8th पे कमीशन की ऑफिशियल एक्स पोस्ट: चंडीगढ़ में किसे मिलेगा मौका? 16 से 18 सितंबर के बीच चंडीगढ़ में होने वाली बैठक के लिए ये लोग आवेदन कर सकते हैं— केंद्र प्रशासन और केंद्र शासित प्रदेश (UT) के संगठन कर्मचारी संगठन और यूनियन पेंशनर्स और उनके संगठन पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ के इच्छुक हितधारक इसके लिए भी मेमोरेंडम जमा करने के बाद मिला यूनिक मेमो आईडी देना जरूरी होगा. चंडीगढ़ बैठक से जुड़ी जरूरी जानकारी बैठक की तारीख: 16 से 18 सितंबर 2026 स्थान: चंडीगढ़ आवेदन की आखिरी तारीख: 25 अगस्त 2026 कौन आवेदन कर सकता है: पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ के केंद्र प्रशासन/UT के संगठन, कर्मचारी यूनियन, एसोसिएशन और पेंशनर्स जरूरी दस्तावेज: मेमोरेंडम जमा करने के बाद मिला Unique Memo ID बैठक का स्थान और समय: आयोग बाद में अलग से जानकारी देगा. क्या आगे और राज्यों में भी होंगी बैठक? हां, आयोग ने साफ किया है कि आने वाले महीनों में दिल्ली के अलावा दूसरे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी हितधारकों के साथ बैठक होंगी. दिल्ली-एनसीआर से बाहर के इच्छुक संगठन अपने राज्य, केंद्र शासित प्रदेश या नजदीकी स्थान पर आयोग से बातचीत के लिए अपॉइंटमेंट मांग सकते हैं. आगे की तारीखें आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएंगी. इसके अलावा, आयोग ने मंत्रालयों, विभागों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए अपने ऑनलाइन डेटा कलेक्शन पोर्टल पर कर्मचारी डेटा अपलोड करने की समय सीमा बढ़ाकर 31 जुलाई 2026 कर दी है. यह फैसला कई प्रशासनी विभागों की ओर से अतिरिक्त समय मांगे जाने के बाद लिया गया. ये भी पढ़ें: 8th Pay Commission: 7 और 10 अगस्त को कर्मचारी संगठनों से होगी अहम बैठक, जानिए किन्हें मिलेगा हिस्सा लेने का मौका The post 8th Pay Commission: दिल्ली और चंडीगढ़ वालों के लिए आया अपडेट, 8वें वेतन आयोग ने जारी किया मीटिंग शेड्यूल appeared first on Naya Vichar.

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