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Author name: Vinod Jha

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अभिषेक-कल्याण पर हमले और ‘बुलडोजर राज’ के खिलाफ 2 जून को कोलकाता की सड़कों पर ममता बनर्जी

खास बातें रानी रासमणि रोड पर ममता बनर्जी का महा-धरना सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता, वार्ड और ब्लॉकों में रैलियां सिर्फ सांसदों पर हमला नहीं, बुलडोजर अभियान भी बना मुद्दा हॉकर्स के आंसू बनेंगे हथियार वोट बैंक बचाने की कवायद 60 विधायकों की गुमशुदगी और गिरफ्तारियों के बीच अटेंडेंस टेस्ट अंदरूनी ताकत का आकलन यह जनता का स्वतःस्फूर्त गुस्सा : भाजपा TMC Statewide Agitation West Bengal: पश्चिम बंगाल की नेतृत्व में जारी भीषण उठापटक के बीच अब तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने रक्षात्मक रवैया छोड़कर सीधे सड़क पर उतरने का मन बना लिया है. शनिवार को सोनारपुर में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी और हुगली में सांसद कल्याण बनर्जी पर हुए कथित हमलों के विरोध में टीएमसी ने पूरे राज्य में चौतरफा आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है. रानी रासमणि रोड पर ममता बनर्जी का महा-धरना इस सियासी संग्राम को धार देने के लिए खुद पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी मंगलवार यानी 2 जून को कोलकाता के एस्प्लेनेड स्थित रानी रासमणि रोड पर एक दिवसीय महा-धरने (Sit-in Protest) पर बैठेंगी. सत्ता परिवर्तन के बाद इसे ममता बनर्जी का पहला सबसे बड़ा जमीनी शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है. सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता, वार्ड और ब्लॉकों में रैलियां पार्टी के शीर्ष सांसदों पर हुए हमले के बाद तृणमूल कांग्रेस का कैडर पूरी तरह आक्रोशित है. इसके लिए बाकायदा एक विस्तृत विरोध खाका तैयार किया गया है. सोमवार सुबह से राज्य के सभी नगर पालिका वार्डों और ग्रामीण ब्लॉकों में टीएमसी कार्यकर्ताओं ने काले झंडे लेकर विरोध मार्च निकाला. रैलियों में नयी भाजपा प्रशासन और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई. टीएमसी का आरोप है कि राज्य में विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए राज्य प्रायोजित आतंक फैलाया जा रहा है. इसे भी पढ़ें : शुभेंदु अधिकारी के खुलासे से मची खलबली, ममता बनर्जी ने 2 TMC विधायक को पार्टी से निकाला सिर्फ सांसदों पर हमला नहीं, बुलडोजर अभियान भी बना मुद्दा आमतौर पर माना जा रहा था कि टीएमसी का यह गुस्सा केवल अभिषेक बनर्जी पर हुए पथराव को लेकर है, लेकिन अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, ममता बनर्जी ने इस धरने के जरिये जनता से जुड़े एक और संवेदनशील मुद्दे को शामिल कर मास्टरस्ट्रोक स्पोर्ट्सा है. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें हॉकर्स के आंसू बनेंगे हथियार हाल ही में दमदम स्टेशन और कोलकाता के अन्य हिस्सों में बिना किसी पुनर्वास के आधी रात को चलाये गये ‘बुलडोजर अभियान’ को टीएमसी ने बड़ा मुद्दा बनाया है. ममता बनर्जी इस धरना के जरिये नयी प्रशासन को ‘गरीब विरोधी’ और ‘बुलडोजर प्रेमी’ साबित करने की कोशिश करेंगी. टीएमसी का कहना है कि वे विकास के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन हजारों छोटे दुकानदारों की आजीविका को इस तरह बेरहमी से कुचलना पूरी तरह अमानवीय है. इसे भी पढ़ें : ममता बनर्जी ने बुलायी थी बैठक, 80 में सिर्फ 20 विधायक पहुंचे, कुणाल घोष ने दी सफाई TMC Statewide Agitation West Bengal: वोट बैंक बचाने की कवायद शहरी क्षेत्रों में हॉकर्स और फुटपाथ दुकानदार टीएमसी का बड़ा कोर वोट बैंक रहे हैं. इस मुद्दे को उठाकर ममता बनर्जी अपने बिखरते हुए वोट बैंक को दोबारा एकजुट करने की कोशिश में हैं. 60 विधायकों की गुमशुदगी और गिरफ्तारियों के बीच अटेंडेंस टेस्ट महा-धरना ऐसे समय पर हो रहा है, जब रविवार को कालीघाट में ममता की बैठक में 80 में से सिर्फ 20 विधायक ही पहुंचे थे. इसके साथ ही तपन चट्टोपाध्याय और खोकन दास जैसे पूर्व विधायकों और म्युनिसिपल चेयरमैनों की गिरफ्तारियों से पार्टी बैकफुट पर है. टीएमसी ने राज्य के सभी मौजूदा विधायकों, सांसदों और जिला अध्यक्षों को 2 जून को रानी रासमणि रोड पहुंचने का सख्त निर्देश दिया है. इसे भी पढ़ें : सोनारपुर हमला अभिषेक बनर्जी की अग्नि परीक्षा, जन-आक्रोश को ममता की तरह सहानुभूति में बदल पायेंगे ‘भाईपो’? अंदरूनी ताकत का आकलन नेतृत्वक विश्लेषकों का मानना है कि मंगलवार का यह धरना केवल भाजपा के खिलाफ नहीं, बल्कि टीएमसी के लिए एक अटेंडेंस टेस्ट भी है. इससे यह साफ हो जायेगा कि केंद्रीय एजेंसियों के खौफ और राज्यव्यापी धर-पकड़ के बीच कितने नेता अब भी मजबूती से ममता बनर्जी के पीछे खड़े हैं. यह जनता का स्वतःस्फूर्त गुस्सा : भाजपा हिंदुस्तानीय जनता पार्टी ने टीएमसी के इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. भाजपा का कहना है कि अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी पर कोई सुनियोजित हमला नहीं हुआ था, बल्कि यह स्थानीय जनता का स्वतःस्फूर्त गुस्सा था, जो टीएमसी के सालों के सिंडिकेट राज और भ्रष्टाचार से त्रस्त हो चुकी है. इसे भी पढ़ें कोलकाता से दमदम तक बुलडोजर एक्शन, आधी रात को उजड़े हॉकर्स के आशियाने, 3,000 अवैध इमारतों पर मंडराया खतरा नेतृत्वक आतंक का शिकार हुआ हूं, लेकिन झुकूंगा नहीं, अभिषेक बनर्जी ने राहुल गांधी को कहा धन्यवाद टीएमसी में बगावत, लेकिन ममता बनर्जी नो इंट्रोस्पेक्शन मोड में, आखिर क्यों आत्ममंथन के बजाय कड़े तेवर दिखा रहा नेतृत्व? टीएमसी की उल्टी गिनती शुरू! राज्यसभा सांसद ने अपनी ही पार्टी के टॉप लीडर्स को सुनायी खरी-खरी The post अभिषेक-कल्याण पर हमले और ‘बुलडोजर राज’ के खिलाफ 2 जून को कोलकाता की सड़कों पर ममता बनर्जी appeared first on Naya Vichar.

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कौन बनेगा बीजेपी का एमएलसी उम्मीदवार, अंतिम दौर में पहुंची चयन प्रक्रिया, रेस में ये नाम आगे

Bihar MLC Election: बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए बीजेपी के भीतर कई नेताओं के बीच एमएलसी बनने की होड़ थी, लेकिन अब तस्वीर धीरे-धीरे साफ होती नजर आ रही है. पार्टी नेतृत्व ने कई दावेदारों को प्रदेश संगठन में जिम्मेदारी देकर उम्मीदवारों की संख्या सीमित करने की कोशिश की है. बीजेपी इस बार सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए एक सवर्ण, एक पिछड़ा और एक अतिपिछड़ा वर्ग से उम्मीदवार उतारने की रणनीति पर काम कर रही है. प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी की नई टीम बनने के बाद कई दावेदारों की दावेदारी खुद कमजोर हो गई है. सवर्ण वर्ग में सबसे ज्यादा मुकाबला एमएलसी की दौड़ में सबसे ज्यादा प्रतिस्पर्धा सवर्ण नेताओं के बीच देखी जा रही है. खास तौर पर राजपूत, ब्राह्मण और कायस्थ समाज से जुड़े नेताओं के नाम चर्चा में हैं. राजपूत वर्ग से राजेंद्र सिंह और लाजवंती झा के नाम प्रमुखता से सामने आ रहे हैं. वहीं ब्रजेश रमन, अमृता भूषण और धीरेन्द्र सिंह भी अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटे हुए हैं. कायस्थ समाज से संजय मयूख का नाम सबसे आगे माना जा रहा है. हालांकि पार्टी के भीतर यह भी चर्चा है कि उन्हें भविष्य में बांकीपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ाया जा सकता है. ऐसे में एमएलसी की सूची से उनका नाम बाहर भी रह सकता है. राजेश वर्मा को संगठन में अहम जिम्मेदारी मिलने के बाद उनकी दावेदारी भी कमजोर मानी जा रही है. ब्राह्मण समाज से लाजवंती झा का नाम चर्चा में ब्राह्मण समाज से लाजवंती झा को मजबूत दावेदार माना जा रहा है. हालांकि पार्टी द्वारा संतोष पाठक और राजेश झा को प्रदेश महामंत्री तथा सीमा झा और प्रभाकर मिश्र को प्रदेश मंत्री बनाए जाने के बाद ब्राह्मण वर्ग की दावेदारी कुछ कमजोर होती दिखाई दे रही है. पिछड़ा वर्ग से पूर्व विधायक प्रेम रंजन पटेल का नाम तेजी से उभरकर सामने आया है. लंबे समय से संगठन में सक्रिय रहने और पार्टी के प्रति समर्पण के कारण उन्हें मजबूत दावेदार माना जा रहा है. सरोज रंजन पटेल को प्रदेश महासचिव बनाए जाने के बाद प्रेम रंजन पटेल की संभावनाएं और मजबूत हुई हैं. वहीं ललन मंडल को संगठन में जगह मिलने के बाद उनकी एमएलसी की दावेदारी लगभग खत्म मानी जा रही है. इसके अलावा बलराम मंडल और शीला कुशवाहा को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाए जाने के बाद उनके नाम भी एमएलसी की संभावित सूची से बाहर माने जा रहे हैं. यादव समाज से प्रवीण यादव को संगठन में जिम्मेदारी मिलने के बाद इस वर्ग की दावेदारी भी कमजोर पड़ गई है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें अतिपिछड़ा वर्ग से सकलदेव बिंद का नाम सबसे आगे अतिपिछड़ा वर्ग में सकलदेव बिंद का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है. पार्टी के भीतर उन्हें मजबूत दावेदार माना जा रहा है. सकलदेव बिंद वही नेता हैं जिन्होंने तारापुर विधानसभा चुनाव के दौरान अपना नामांकन वापस लेकर वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के लिए नेतृत्वक राह आसान की थी. पार्टी में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें एमएलसी उम्मीदवार बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है. अब सभी की नजर बीजेपी नेतृत्व के अंतिम फैसले पर टिकी हुई है. आने वाले दिनों में पार्टी अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर सकती है, जिसके बाद विधान परिषद चुनाव की तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी. इसे भी पढ़ें: बिहार विधान परिषद चुनाव में किसका पलड़ा भारी, जानिए सीटों का पूरा गणित 21 जून को पटना में जेडीयू की बड़ी बैठक, नीतीश के नेतृत्व पर लगेगी मुहर, देखिए पूरा शेड्यूल The post कौन बनेगा बीजेपी का एमएलसी उम्मीदवार, अंतिम दौर में पहुंची चयन प्रक्रिया, रेस में ये नाम आगे appeared first on Naya Vichar.

बिहार

दरभंगा-समस्तीपुर-बरौनी-झाझा-धनबाद-रांची-राउरकेला- रायपुर-सिकंदराबाद के रास्ते रक्सौल और तिरुपति के मध्य एक नई एक्सप्रेस ट्रेन का परिचालन प्रारंभ

नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर:  यात्रियों की सुविधा के मद्देनजर रक्सौल और तिरूपति के मध्य दिनांक 01.06.2026 से एक नई साप्ताहिक ट्रेन 17434/17433 रक्सौल-तिरुपति-रक्सौल एक्सप्रेस का परिचालन प्रारंभ किया जा रहा है । यह नई ट्रेन रक्सौल से प्रत्येक गुरूवार को तथा तिरूपति से प्रत्येक सोमवार को परिचालित की जाएगी । इस नई ट्रेन का परिचालन दरभंगा-समस्तीपुर-बरौनी- झाझा-धनबाद-रांची- राउरकेला-बिलासपुर-रायपुर- गोंदिया-सिकंदराबाद के रास्ते किया जाएगा । इस नई ट्रेन में द्वितीय वातानुकूलित श्रेणी के 03, तृतीय वातानुकूलित श्रेणी को 05, शयनयान श्रेणी के 10, सामान्य श्रेणी के 04 कोच एवं एसएलआरडी के 02 कोच सहित कुल 24 कोच होंगे । गाड़ी सं. 17433 तिरूपति- रक्सौल एक्सप्रेस दिनांक 01.06.2026 से प्रत्येक सोमवार को तिरूपति से 08.15 बजे खुलकर विभिन्न स्टेशनों पर रुकते हुए बुधवार को 03.45 बजे धनबाद, 08.00 बजे झाझा, 08.51 बजे किउल, 10.40 बजे बरौनी, 12.15 बजे समस्तीपुर, 13.28 बजे दरभंगा एवं 14.55 बजे सीतामढ़ी रुकते हुए 17.00 बजे रक्सौल पहुंचेगी । इसी तरह गाड़ी सं. 17434 रक्सौल-तिरूपति एक्सप्रेस दिनांक 04.06.2026 से प्रत्येक गुरूवार को रक्सौल से 03.15 बजे खुलकर 04.42 बजे सीतामढ़ी, 07.00 बजे दरभंगा, 08.13 बजे समस्तीपुर, 09.20 बजे बरौनी, 10.38 बजे किउल, 12.20 बजे झाझा एवं 16.15 बजे धनबाद सहित विभिन्न स्टेशनों पर रुकते हुए शनिवार को 09.30 बजे तिरूपति पहुंचेगी ।

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तमिलनाडु: क्या नई पार्टी बनाने जा रहे बीजेपी नेता अन्नामलाई? दो दिन बाद करेंगे बड़ा खुलासा

Tamil Nadu: अन्नामलाई ने दिल्ली रवाना होने से पहले चेन्नई हवाई अड्डे पर मीडिया से बातचीत में नयी नेतृत्वक पार्टी बनाने की अटकलों के बारे में कहा- वह दो दिनों में जवाब देंगे और अपना रुख स्पष्ट करेंगे. अन्नामलाई के जन्मदिन से पहले लगाए गए पोस्टर 4 जून को अन्नामलाई के जन्मदिन से पहले शहर की प्रमुख सड़कों और गलियों में हमारे नेता, आओ और हमारा नेतृत्व करो जैसे नारों वाले पोस्टर लगाए गए हैं. #WATCH | Tamil Nadu | BJP leader K. Annamalai leaves for Delhi from Chennai. When asked on speculations about him expected to launch a new party, he says, “Please wait. We will sit down and talk in two days” pic.twitter.com/5qOZfp7OHD — ANI (@ANI) June 1, 2026 मुझे नहीं लगता कि अन्नामलाई बीजेपी छोड़ेंगे : DMK नेता BJP नेता अन्नामलाई के बारे में DMK नेता TKS एलंगोवन ने कहा, यह एक मजेदार बात है कि वह एक नई पार्टी बनाने के लिए BJP से इजाजत मांग रहे हैं, जबकि वह पहले से ही BJP के कार्यकर्ता हैं. मैं कह सकता हूं कि BJP में कुछ भी हो सकता है. मुझे नहीं लगता कि अन्नामलाई पार्टी छोड़ेंगे, क्योंकि पार्टी चलाना आसान काम नहीं है. वह विजय की तरह कोई अभिनेता नहीं हैं. चलिए, इंतजार करते हैं और देखते हैं कि आगे क्या होता है. विधानसभा चुनाव के बाद तमिलनाडु की नेतृत्व में भूचाल तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में विजय की पार्टी टीवीके ने धमाकेदार जीत दर्ज और राज्य में नई प्रशासन बनाई. टीवीके ने अपने पहले ही चुनाव में 108 सीटें जीतकर डीएमके और एआईएडीएमके के दशकों पुराने वर्चस्व को समाप्त कर दिया. विधानसभा में विश्वास मत के दौरान विजय की पार्टी को दूसरी पार्टियों के विधायकों ने भी समर्थन दिया. जिसके बाद उनके पास 120 विधायकों को समर्थन हो गया. ये भी पढ़ें: शुभेंदु अधिकारी के खुलासे से मची खलबली, ममता बनर्जी ने 2 TMC विधायक को पार्टी से निकाला The post तमिलनाडु: क्या नई पार्टी बनाने जा रहे बीजेपी नेता अन्नामलाई? दो दिन बाद करेंगे बड़ा खुलासा appeared first on Naya Vichar.

समस्तीपुर

गाड़ी सं. 15507/15508 दरभंगा-पाटलिपुत्र-दरभंगा मेमू इंटरसिटी का बाजपट्टी एवं डुमरा स्टेशनों पर ठहराव

नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर:  यात्रियों की सुविधा के मद्देनजर समस्तीपुर मंडल के बाजपट्टी और डुमरा स्टेशनों पर गाड़ी सं. 15507/15508 दरभंगा- पाटलिपुत्र-दरभंगा मेमू इंटरसिटी का अस्थायी तौर पर 02 मिनट का ठहराव प्रदान करने का निर्णय लिया गया है । दिनांक 01.06.2026 से गाड़ी सं. 15508 पाटलिपुत्र-दरभंगा मेमू इंटरसिटी 22.43/22.45 बजे डुमरा तथा 23.34/ 23.36 बजे बाजपट्टी स्टेशनों पर रूकते हुए आगे के लिए प्रस्थान करेगी । इसी तरह दिनांक 02.06.2026 से गाड़ी सं. 15507 दरभंगा-पाटलिपुत्र मेमू इंटरसिटी 03.49/03.51 बजे बाजपट्टी तथा 04.25/04.27 बजे डुमरा स्टेशनों पर रूकते हुए आगे के लिए प्रस्थान करेगी ।  

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लोगों के बीच पहुंचे सीएम विजय, कहा- मैं राजनीति में लोगों को धोखा देने नहीं आया

Tamil Nadu के मुख्यमंत्री विजय ने कहा- मैं नेतृत्व में लोगों को गुमराह करने या झूठे वादों से धोखा देने के लिए नहीं आया हूं. मैं नेतृत्व में आपके साथ खड़े होने और आपके लिए काम करने आया हूं. इस बारे में कोई सवाल या अस्पष्टता नहीं है. तमिलनाडु में केवल दो पार्टियों DMK और TVK के बीच मुकाबला : विजय तमिलनाडु के CM विजय ने कहा, अभी भी, मैं यह बात नेतृत्वक तौर पर कह रहा हूं: मुकाबला केवल दो पार्टियों के बीच है, एक DMK और दूसरी TVK. इनके बीच किसी और के लिए कोई भूमिका या जगह नहीं है. Tiruchirappalli | Tamil Nadu CM Vijay says, “I did not come into politics to mislead or deceive the people with false promises. I came into politics to stand by your side and work for you. There is no question or ambiguity about that. The DMK and many others keep taking turns… pic.twitter.com/R2STLrIWwC — ANI (@ANI) June 1, 2026 विजय ने पूर्व सीएम स्टालिन पर बोला हमला DMK और कई अन्य लोग बारी-बारी से हमारी आलोचना करते रहते हैं, यह कहते हुए कि कानून-व्यवस्था ठीक नहीं है और यह या वह चीज ठीक से काम नहीं कर रही है. मैं बस एक बात पूछना चाहता हूं: आप इसे आदर्श प्रशासन कहते हैं, लेकिन असल में आप अपने पीछे क्या छोड़कर गए हैं? एक भी शहर या गली को छोड़े बिना, आपने हर जगह नशे के कल्चर को फैलने दिया. आज यह बेकाबू हो चुका है. आप इसे शुरुआती दौर में ही नियंत्रित कर सकते थे. अगर आपने ऐसा किया होता, तो क्या हम ऐसी स्थिति में पहुंचते जहां इतनी सारी लड़कियों और स्त्रीओं को कष्ट उठाना पड़ता या अपनी जान गंवानी पड़ती? यह सब करने के बाद, अब वे दोष मुझ पर मढ़ रहे हैं. स्टालिन जैसा कोई भी डगमगाहट वाला रवैया कभी नहीं होगा. राज्य के अधिकारों को कभी नहीं छोड़ेंगे : विजय सीएम विजय ने कहा- धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत पर कोई समझौता नहीं हो सकता. हम राज्य के अधिकारों को कभी नहीं छोड़ेंगे. हम नदी के पानी पर अपने अधिकारों को कभी नहीं सौंपेंगे. हम किसी भी परिस्थिति में सामाजिक न्याय, समान न्याय और समानता के साथ कोई समझौता नहीं करेंगे. तिरुचिरापल्ली के लोग मेरे दिल के बहुत करीब : विजय तमिलनाडु के CM विजय ने कहा, अब लोग मुझे पेरम्बूर निर्वाचन क्षेत्र का विधायक कहते हैं. यह केवल चुनाव आयोग के नियमों और विनियमों के अनुसार है. लेकिन जहां तक मेरी बात है, तिरुचिरापल्ली निर्वाचन क्षेत्र के लोग भी मेरे दिल के बहुत, बहुत करीब हैं. MGR को भी अपने पहले ही चुनाव में इतना वोट शेयर नहीं मिला : विजय तमिलनाडु के CM विजय ने कहा, आज मुझे पूरा विश्वास है कि भविष्य में होने वाले सभी चुनावों में मुझे आपका पूरा समर्थन मिलता रहेगा. विजय ने कहा, उन्होंने कहा था कि दिवंगत CM MGR को भी अपने पहले ही चुनाव में इतना वोट शेयर नहीं मिला था. फिर भी आज, आपने ‘तमिलगा वेट्री कझगम’ को इतना जबरदस्त समर्थन दिया है. मैं अपनी तुलना MGR से नहीं कर रहा हूं. MGR तो MGR ही हैं, लेकिन मैं आपका विजय हूं, जो MGR, अन्ना और पेरियार द्वारा दिखाए गए रास्ते पर काम करने आया है. The post लोगों के बीच पहुंचे सीएम विजय, कहा- मैं नेतृत्व में लोगों को धोखा देने नहीं आया appeared first on Naya Vichar.

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साइबर फ्रॉड: नकली CBI-ED अधिकारी बन 28 दिन डराया, फिर की 1.47 करोड़ रुपये की ठगी

Cyber Fraud: गुजरात से साइबर ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां 72 साल के एक बुजुर्ग व्यक्ति से साइबर अपराधियों ने 1.47 करोड़ रुपये की ठगी कर ली. ठगों ने खुद को पुलिस, सीबीआई और ईडी का अधिकारी बताकर पीड़ित को पहले झांसे में लिया और कई दिनों तक मानसिक दबाव बनाकर पैसे ट्रांसफर करवाए. गृह मंत्रालय के साइबर सुरक्षा विभाग ने इस मामले को डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest) से जुड़ा साइबर क्राइम करार दिया है. क्या है पूरा मामला? अधिकारियों के मुताबिक, ठगों ने वीडियो कॉल और फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर बुजुर्ग को यह विश्वास दिलाया कि उनका नाम किसी गंभीर आपराधिक मामले में जुड़ गया है. उन्हें बताया गया कि उनकी डिजिटल जानकारी लीक हो गई है और उसका इस्तेमाल गैरकानूनी गतिविधियों में किया गया है. इसके बाद ठगों ने उन्हें कथित डिजिटल निगरानी और डिजिटल गिरफ्तारी में होने का दावा किया और कहा कि जांच पूरी होने तक उन्हें किसी से संपर्क नहीं करना है. 28 दिनों तक बनाया मानसिक दबाव साइबर अधिकारियों के अनुसार, पीड़ित को लगभग 28 दिनों तक लगातार डर और दबाव में रखा गया. उसे परिवार के सदस्यों या किसी अन्य व्यक्ति को इस मामले की जानकारी देने से भी रोका गया. ठगों ने बार-बार यह दावा किया कि अगर उन्होंने किसी को जानकारी दी तो उनकी कानूनी परेशानी और बढ़ सकती है. इसी डर का फायदा उठाकर अपराधियों ने बुजुर्ग पर पूरा नियंत्रण बना लिया. ठगों ने अलग-अलग खातों में पैसे डालने को कहा- बुजुर्ग ने बताया जालसाजों ने बुजुर्ग से कहा कि उनके बैंक खातों और संपत्ति का सत्यापन करना जरूरी है. इसके लिए उन्हें अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहा गया. पीड़ित को विश्वास था कि वह प्रशासनी जांच में सहयोग कर रहे हैं और अपना नाम साफ करने की प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं. इसी दौरान उन्होंने कई लेन-देन में कुल 1.47 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए. बाद में उन्हें एहसास हुआ कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं. तेजी से बढ़ रहे हैं ‘डिजिटल अरेस्ट’ घोटाले गृह मंत्रालय के साइबर विभाग ने कहा है कि इस तरह के मामले हाल के दिनों में तेजी से बढ़ रहे हैं. साइबर अपराधी अब लोगों को डराने और उन पर दबाव बनाने के लिए नई-नई तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं. अधिकारियों ने साफ किया कि डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती. यह केवल लोगों को डराने और उनसे पैसे ठगने का एक तरीका है. असली एजेंसियां कभी फोन पर पैसों की मांग नहीं करती- साइब सुरक्षा विभाग साइबर सुरक्षा विभाग के इस मामले में कहा कि कोई भी प्रशासनी जांच एजेंसी फोन, वीडियो कॉल या मैसेज के जरिए गिरफ्तारी नहीं करती और न ही किसी जांच या सत्यापन के नाम पर पैसे ट्रांसफर करने को कहती है. यदि कोई व्यक्ति खुद को पुलिस, सीबीआई, ईडी या किसी अन्य एजेंसी का अधिकारी बताकर पैसे मांगता है, तो इसे तुरंत संदेह की नजर से देखना चाहिए. ऐसे साइबर ठगी से कैसे करें बचाव एक वरिष्ठ साइबर अपराध अधिकारी ने कहा- यह मामला जन जागरूकता के महत्व को बताता है. उन्होंने कहा- लोगों को यह समझना चाहिए कि वास्तविक एजेंसियां ​​कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करती हैं. कॉल या मैसेज के जरिए पैसों की मांग धोखाधड़ी का स्पष्ट संकेत है. नागरिकों से आग्रह किया जा रहा है कि वे ऐसी स्थितियों में सतर्क रहें और घबराहट से बचें. विशेषज्ञों का सुझाव है कि ऐसे कॉल तुरंत काट दें, आधिकारिक माध्यमों से दावों की पुष्टि करें और कोई भी कदम उठाने से पहले परिवार के विश्वसनीय सदस्यों या कानूनी सलाहकारों से संपर्क करें. किसी भी संदिग्ध कॉल या वीडियो कॉल पर भरोसा न करें. डर या घबराहट में कोई फैसला न लें. प्रशासनी अधिकारी बताने वाले व्यक्ति की पहचान आधिकारिक माध्यमों से सत्यापित करें. परिवार या विश्वसनीय लोगों से तुरंत सलाह लें. किसी भी हालत में अनजान खातों में पैसे ट्रांसफर न करें. साइबर अपराध की शिकायत कहां करें? प्रशासन ने साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराने के लिए कई सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं. यदि कोई व्यक्ति ऐसी ठगी का शिकार होता है या किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलती है, तो वह राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर कॉल कर सकता है. इसके अलावा, शिकायत दर्ज कराने के लिए आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in का भी उपयोग किया जा सकता है. Also Read: ट्विशा शर्मा की मौत की गुत्थी सुलझाने में जुटी सीबीआई, डमी शव से किया क्राइम सीन रीक्रिएट The post साइबर फ्रॉड: नकली CBI-ED अधिकारी बन 28 दिन डराया, फिर की 1.47 करोड़ रुपये की ठगी appeared first on Naya Vichar.

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देवघर के श्रावणी मेला VIP-VVIP दर्शन पर पूरी तरह रहेगी रोक, मंत्री सुदीव्य कुमार सोनू ने की समीक्षा

देवघर से संजीत मंडल की रिपोर्ट Deoghar News: आगामी राजकीय श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों को लेकर सोमवार को देवघर परिसदन सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता नगर विकास एवं आवास, पर्यटन, कला-संस्कृति, स्पोर्ट्सकूद एवं युवा कार्य विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने की. बैठक में मेला क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं की विभागवार समीक्षा की गई. उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया और दुमका उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने मंत्री को मेला क्षेत्र में चल रहे कार्यों की अद्यतन स्थिति, श्रद्धालुओं की सुविधा तथा सुरक्षा के लिए किए जा रहे इंतजामों की विस्तृत जानकारी दी. 31 जुलाई से शुरू होगा राजकीय श्रावणी मेला बैठक के दौरान मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि 31 जुलाई से राजकीय श्रावणी मेला शुरू होने जा रहा है. ऐसे में सभी विभाग निर्धारित समयसीमा के भीतर अपनी तैयारियां पूरी कर लें. उन्होंने कहा कि श्रावणी मेला झारखंड की पहचान है और यह राज्य का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन माना जाता है. मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मेला में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं ताकि वे बाबा बैद्यनाथ की नगरी से सुखद अनुभव और अच्छी यादों के साथ वापस लौटें. VIP-VVIP आउट ऑफ टर्न दर्शन पर पूरी तरह रोक श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए मंत्री ने बड़ा फैसला लेते हुए कहा कि श्रावणी मेला अवधि में VIP और VVIP के आउट ऑफ टर्न दर्शन पर पूरी तरह रोक रहेगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी विशेष श्रेणी के व्यक्ति को सामान्य श्रद्धालुओं की कतार से अलग प्राथमिकता नहीं दी जाएगी. उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य आम श्रद्धालुओं को बिना किसी व्यवधान के सुगम और व्यवस्थित दर्शन उपलब्ध कराना है. प्रशासन को निर्देश दिया गया कि सभी श्रद्धालुओं के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित किया जाए. सुरक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता व्यवस्था होगी मजबूत मंत्री ने मेला क्षेत्र में सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर विशेष निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि विभिन्न स्थानों पर ओपी, ट्रैफिक ओपी, स्वास्थ्य केंद्र, सूचना एवं सहायता केंद्र, मातृत्व केंद्र, पर्यटन केंद्र और विद्युत केंद्रों की व्यवस्था पूरी तरह सुदृढ़ रहनी चाहिए. इसके अलावा टेंट सिटी, शौचालय, पेयजल, स्नानगृह, कूड़ेदान, सफाई और कचरा उठाव की व्यवस्था चौबीसों घंटे प्रभावी रखने का निर्देश दिया गया. उन्होंने कहा कि स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मेला की सफलता के लिए बेहद जरूरी है. फेस रिकग्निशन और एआई तकनीक का होगा उपयोग इस बार श्रावणी मेला में आधुनिक तकनीकों का व्यापक इस्तेमाल किया जाएगा. मंत्री ने फेस रिकग्निशन सिस्टम, एआई आधारित इंटीग्रेटेड मेला कंट्रोल रूम, एआई चैटबॉट आधारित सूचना एवं हेल्पलाइन सेवा तथा एआई आधारित ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. इसके अलावा आधार काउंटर, लोकेशन बेस्ड अटेंडेंस सिस्टम और डिजिटल पवेलियन भी स्थापित किए जाएंगे. श्रद्धालुओं से फीडबैक प्राप्त करने के लिए क्यूआर कोड आधारित प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा ताकि समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके. गर्मी से राहत के लिए बढ़ेगी विशेष व्यवस्था श्रद्धालुओं को गर्मी से राहत देने के लिए मंत्री ने मेला क्षेत्र में इंद्र वर्षा और मिस्ट कूलिंग सिस्टम की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया. साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने, आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं को सशक्त बनाने और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष तैयारी करने को कहा. उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें. डबल डेकर वाहनों के प्रवेश पर रहेगा प्रतिबंध मंत्री ने ट्रैक्टर-ट्रॉली पर डबल डेकर बनाकर श्रद्धालुओं को लाने की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि ऐसे वाहन दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बन सकते हैं. इसलिए श्रावणी मेला के दौरान देवघर जिला सीमा में डबल डेकर वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस संबंध में अभी से व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए. जिला सीमा और प्रमुख मार्गों पर विशेष पुलिस टीम तैनात कर ओवरलोडेड एवं अवैध रूप से संशोधित वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. फोरलेन परियोजना और ट्रैफिक व्यवस्था की समीक्षा बैठक में देवघर-बासुकीनाथ फोरलेन सड़क परियोजना की भी समीक्षा की गई. मंत्री ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि मेला शुरू होने से पहले सड़क परियोजना को पूरा करने के लिए समन्वित प्रयास किए जाएं. इसके साथ ही पार्किंग व्यवस्था, वाहन पड़ाव, रूट लाइन, अपराध नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने पर भी विस्तार से चर्चा की गई. अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर किया सम्मानित बैठक समाप्त होने के बाद उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, सारठ विधायक उदय शंकर सिंह, देवघर विधायक सुरेश पासवान, पर्यटन निदेशक नमन प्रियेश लकड़ा, जिला परिषद अध्यक्ष तथा डिप्टी मेयर को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया. बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक पदाधिकारी उपस्थित रहे. इसे भी पढ़ें: झारखंड के दो आईपीएस अफसरों को मिली बड़ी जिम्मेदारी, विजया लक्ष्मी CRPF और चंदन कुमार झा CISF के बने चीफ बैठक में ये रहे मौजूद बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष, डिप्टी मेयर, जेटीडीसी के एमडी, पुलिस अधीक्षक देवघर, पुलिस अधीक्षक दुमका, उप विकास आयुक्त, नगर आयुक्त, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी देवघर एवं दुमका, जिला नजारत उप समाहर्ता, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक (यातायात), जिला स्पोर्ट्स पदाधिकारी, एम्स के अधिकारी, कार्यपालक अभियंता विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, कार्यपालक अभियंता विद्युत प्रमंडल धनबाद, कार्यपालक अभियंता पथ प्रमंडल, कार्यपालक अभियंता भवन प्रमंडल, कार्यपालक अभियंता भवन निर्माण निगम, नेशनल हाईवे, विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं अभियंता उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें: मॉडल मार्केट बनेगा रामगढ़ के गोला का डेली मार्केट, विधायक के साथ बैठक में बनी आम सहमति The post देवघर के श्रावणी मेला VIP-VVIP दर्शन पर पूरी तरह रहेगी रोक, मंत्री सुदीव्य कुमार सोनू ने की समीक्षा appeared first on Naya Vichar.

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Tata Motors ने किया कमाल! मई में 42% बढ़ी बिक्री, EV सेल्स ने बनाया नया रिकॉर्ड

Tata Motors May 2026 Sales: मई महीने में Tata Motors ने शानदार परफॉर्म करते हुए कुल 59,790 पैसेंजर व्हीकल्स की बिक्री की. यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में 42% ज्यादा है. इस दमदार बिक्री के दम पर Tata Motors ने बाजार में अपनी दूसरी सबसे बड़ी कार कंपनी की स्थिति बरकरार रखी, जबकि पहले स्थान पर Maruti Suzuki बनी हुई है. खास बात यह है कि इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बढ़ती मांग का भी कंपनी को बड़ा फायदा मिला, जिससे Tata Motors की मौजूदगी पेट्रोल-डीजल और EV, दोनों सेगमेंट में और मजबूत हुई है. घरेलू और विदेशी दोनों बाजारों में Tata Motors का दमदार परफॉरमेंस कंपनी ने घरेलू बाजार में 59,090 पैसेंजर गाड़ियां बेचे, जो पिछले साल मई में बिके 41,557 गाड़ियों के मुकाबले बड़ी बढ़त को दिखाता है. सिर्फ हिंदुस्तान ही नहीं, विदेशी बाजारों में भी कंपनी का परफॉरमेंस बेहतर रहा. मई 2026 में Tata Motors ने 700 पैसेंजर गाड़ियों का एक्सपोर्ट किया, जबकि पिछले साल इसी महीने यह आंकड़ा 483 यूनिट का था. घरेलू बिक्री और एक्सपोर्ट को मिलाकर कंपनी की कुल पैसेंजर वाहन बिक्री 59,790 यूनिट तक पहुंच गई. एक साल में दोगुनी हुई Tata की EV बिक्री Tata Motors के लिए मई 2026 की सबसे बड़ी खुशसमाचारी उसकी इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) बिक्री रही. कंपनी ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों को मिलाकर कुल 10,517 इलेक्ट्रिक गाड़ियां बेचीं. दिलचस्प बात यह है कि मई 2025 में Tata Motors ने 5,685 EVs बेची थीं, जबकि इस साल यह आंकड़ा 85% की शानदार बढ़त के साथ 10 हजार के पार पहुंच गया. इस सफलता में Tata Nexon EV, Tata Punch EV, Tata Curvv EV और Tata Tiago EV जैसी पॉपुलर इलेक्ट्रिक कारों का बड़ा योगदान रहा है. यह भी पढ़ें: Thar Roxx, Scorpio-N और Bolero का जलवा बरकरार, मई में Mahindra ने बेचीं 58,000 से ज्यादा SUVs The post Tata Motors ने किया कमाल! मई में 42% बढ़ी बिक्री, EV सेल्स ने बनाया नया रिकॉर्ड appeared first on Naya Vichar.

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दूसरों के घरों में बर्तन धोने वाली कलिता माझी बनीं शुभेंदु कैबिनेट में मंत्री, ऐसा है झोपड़ी से लोक भवन तक का सफर

खास बातें 37 साल की कलिता ने 10 वर्ष तक किया संघर्ष प्लंबर की पत्नी चलायेंगी प्रशासन 2021 की हार से सीखा सबक, 2026 में रचा इतिहास नेताओं से ज्यादा मालकिनों का मिला साथ Kalita Majhi Minister West Bengal: प्रधानमंत्री मोदी को जीत का तोहफा केंद्रीय योजनाओं को जमीन पर उतारने का भी संकल्प 5 साल बाद भी मैं वही कलिता रहूंगी, जो आज हूं Kalita Majhi Minister West Bengal: पश्चिम बंगाल ने सोमवार को एक ऐसा इतिहास लिखा, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए लोकतंत्र की ताकत की सबसे बड़ी मिसाल बनेगा. कभी दूसरों के घरों में झाड़ू-पोछा और बर्तन मांजकर हर महीने महज 2,500 से 4,000 रुपए महीना कमाने वाली कलिता माझी ने कोलकाता के लोक भवन में सूबे के कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली. 37 साल की कलिता ने 10 वर्ष तक किया संघर्ष पूर्व बर्धमान जिले के आउसग्राम विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार को पटखनी देकर विधानसभा पहुंचने वाली 37 वर्षीय कलिता माझी का यह सफर किसी फिल्मी कहानी जैसा जरूर लगता है, लेकिन इसके पीछे उनकी एक दशक की जमीनी तपस्या और संघर्ष छिपा है. प्लंबर की पत्नी चलायेंगी प्रशासन कलिता माझी का परिवार बेहद साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आता है. कलिता पूर्व बर्धमान के गुसकरा नगरपालिका के वार्ड संख्या 3 के माझपुकुर पाड़ा इलाके में रहती हैं. उनके पति सुब्रत माझी प्लंबर हैं. उनका एक बेटा है, जिसने हाल ही में 12वीं की परीक्षा दी है. परिवार का पेट पालने के लिए कलिता खुद दूसरों के घरों में घरेलू सहायिका (हाउस हेल्प) के रूप में काम करती थीं. वह 10 वर्षों से अधिक समय से सक्रिय नेतृत्व में हैं और काम के साथ-साथ पार्टी के झंडे-बैनर उठाने में कभी पीछे नहीं रहीं. इसे भी पढ़ें : शुभेंदु कैबिनेट का विस्तार, 35 नये मंत्रियों को राज्यपाल ने दिलायी शपथ 2021 की हार से सीखा सबक, 2026 में रचा इतिहास भाजपा ने कलिता की ईमानदारी और जमीनी पकड़ को देखते हुए उन पर लगातार दूसरी बार दांव स्पोर्ट्सा था. पहली बार पार्टी ने कलिता को वर्ष 2021 के चुनाव में आउसग्राम सीट से मैदान में उतारा था. उस समय वे करीब 88,000 वोट पाकर दूसरे नंबर पर रही थीं. हार के बावजूद कलिता ने मैदान नहीं छोड़ा. भाजपा ने फिर उन पर भरोसा जताया. इस बार कलिता ने 1,07,692 वोट हासिल किये और टीएमसी के श्यामा प्रसन्न लोहार को 12,535 वोटों से हरा दिया. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें नेताओं से ज्यादा मालकिनों का मिला साथ कलिता माझी ने भावुक होते हुए बताया कि जब टिकट मिला, तो उन्होंने चुनाव प्रचार के लिए एक महीने की छुट्टी ली थी. जिन घरों में वे काम करती थीं, उन परिवारों ने न केवल उन्हें आर्थिक और मानसिक संबल दिया, बल्कि कलिता की जीत के लिए दुआएं भी मांगीं. Kalita Majhi Minister West Bengal: प्रधानमंत्री मोदी को जीत का तोहफा शपथ लेने के तुरंत बाद मीडिया से बातचीत में कलिता माझी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का आभार व्यक्त किया. उन्होंने अपनी प्राथमिकताएं भी बतायीं. कहा कि मंत्री बनने के बाद भी उनके पैर जमीन पर ही रहेंगे. उनकी पहली प्राथमिकता अपने गांव में सर्वसुविधायुक्त अस्पताल बनवाना है. वे अपने क्षेत्र में पीने का साफ पानी, पक्की सड़कें, युवाओं के लिए रोजगार और स्त्रीओं की सुरक्षा के लिए काम करेंगी. इसे भी पढ़ें : विधायक बनीं दूसरे के घर झाड़ू-पोछा-बर्तन करने वाली कलिता माझी, BJP ने बंगाल में किया गजब परिवर्तन    केंद्रीय योजनाओं को जमीन पर उतारने का भी संकल्प कलिता माझी ने संकल्प लिया कि वे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हर गरीब परिवार को पक्की छत और शौचालय दिलवाकर रहेंगी, जिसे पूर्ववर्ती प्रशासन ने रोक रखा था. 5 साल बाद भी मैं वही कलिता रहूंगी, जो आज हूं जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या लाल बत्ती की गाड़ी और मंत्री पद मिलने के बाद वे बदल जायेंगीं? कलिता ने बेहद सादगी से जवाब दिया- मैं नहीं बदलूंगी. मुझे पता है कि गरीबी क्या होती है और जिंदगी की मजबूरियां क्या होती हैं. मैं गरीबों की नब्ज पहचानती हूं, क्योंकि मैं खुद उन्हीं में से एक हूं. आखिरी सांस तक उन्हीं के बीच रहूंगी. अब मेरी जिम्मेदारी सिर्फ आउसग्राम नहीं, बल्कि पूरे पश्चिम बंगाल के प्रति है. इसे भी पढ़ें पूर्व बर्धमान की आउसग्राम, कालना और भाटार सीटों पर मुश्किल में बीजेपी उम्मीदवार, अपने ही कर रहे विरोध The post दूसरों के घरों में बर्तन धोने वाली कलिता माझी बनीं शुभेंदु कैबिनेट में मंत्री, ऐसा है झोपड़ी से लोक भवन तक का सफर appeared first on Naya Vichar.

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