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Author name: Vinod Jha

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CWG 2026: बिंदियारानी देवी ने भारत को दिलाया ब्रॉन्ज, वेटलिफ्टिंग में फिर चमका तिरंगा

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हिंदुस्तान की स्टार वेटलिफ्टर बिंदियारानी देवी ने स्त्रीओं के 58 किलोग्राम भार वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर देश का मान बढ़ाया. 27 वर्षीय बिंदियारानी ने कुल 199 किलोग्राम (87 किग्रा स्नैच + 112 किग्रा क्लीन एंड जर्क) वजन उठाकर पोडियम पर जगह बनाई. इसके साथ ही कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हिंदुस्तान के खाते में छठा मेडल जुड़ गया. आखिरी प्रयास में नहीं उठा सकीं 116 किलोग्राम बिंदियारानी ने स्नैच राउंड में 87 किलोग्राम का सर्वश्रेष्ठ प्रयास सफलतापूर्वक पूरा किया. इसके बाद क्लीन एंड जर्क में उन्होंने 112 किलोग्राम वजन उठाया. हालांकि, अपने अंतिम प्रयास में 116 किलोग्राम वजन उठाने में वह सफल नहीं हो सकीं. अगर वह यह प्रयास पूरा कर लेतीं तो उनकी कुल लिफ्ट और बेहतर हो सकती थी, लेकिन 199 किलोग्राम का कुल स्कोर भी उन्हें ब्रॉन्ज मेडल दिलाने के लिए काफी रहा. हिंदुस्तान की अनुभवी वेटलिफ्टर हैं बिंदियारानी मणिपुर के इम्फाल की रहने वाली बिंदियारानी देवी हिंदुस्तान की अनुभवी वेटलिफ्टरों में शामिल हैं. उन्होंने 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीता था. बिंदियारानी लंबे समय तक 55 किलोग्राम भार वर्ग में स्पोर्ट्सती रहीं और 2025 राष्ट्रीय चैंपियनशिप में 88 किलोग्राम स्नैच के साथ राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बनाया था. हाल के वर्षों में उन्होंने 58 किलोग्राम वर्ग में भी लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है. इस कॉमनवेल्थ गेम्स में बिंदियारानी को ब्रॉन्ज से संतोष करना पड़ा. हिंदुस्तान के खाते में अब छह पदक बिंदियारानी देवी के कांस्य पदक के साथ ही हिंदुस्तान के खाते में अब छह पदक हो गए हैं और खास बात यह है कि सभी छह पदक वेटलिफ्टिंग से आए हैं. हिंदुस्तान के लिए मीराबाई चानू ने स्वर्ण पदक जीता है, जबकि ज्ञानेश्वरी यादव, ऋषिकांत सिंह और राजा मुथुपांडी ने रजत पदक अपने नाम किए. झंडू कुमार और अब बिंदियारानी देवी ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर हिंदुस्तान की पदक संख्या छह तक पहुंचा दी. हिंदुस्तानीय वेटलिफ्टरों का शानदार प्रदर्शन कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार जारी है. ये भी पढ़ें: CWG 2026: ज्ञानेश्वरी यादव ने 199 किग्रा वजन उठाकर जीता सिल्वर, हिंदुस्तान के खाते में आया पांचवां मेडल The post CWG 2026: बिंदियारानी देवी ने हिंदुस्तान को दिलाया ब्रॉन्ज, वेटलिफ्टिंग में फिर चमका तिरंगा appeared first on Naya Vichar.

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NEET प्रदर्शनकारियों पर बड़ा फैसला, बिहार सरकार वापस लेगी दर्ज FIR, जल्द होंगे रिहा

Bihar Government Withdraws FIR: बिहार प्रशासन के गृह विभाग ने प्रेस रिलीज जारी कर NEET/UG परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर हुए छात्र आंदोलन पर बड़ा फैसला लिया है. प्रशासन ने कहा है कि छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कई कानूनी कार्रवाइयों को वापस लिया जाएगा. प्रशासन ने साफ किया है कि 26 जुलाई 2026 की शाम 6 बजे तक बिहार में हुए इस आंदोलन में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कोई नई दंडात्मक, प्रतिशोधात्मक या दूसरी कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी. दर्ज FIR और नोटिस वापस लेने की होगी प्रक्रिया गृह विभाग ने कहा है कि 26 जुलाई 2026 की शाम 6 बजे से पहले प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ दर्ज सभी FIR, शिकायत और कारण बताओ नोटिस को वापस लेने की कानूनी प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाएगी. प्रशासन ने यह भी घोषणा की है कि 26 जुलाई 2026 की शाम 6 बजे से पहले दर्ज मामलों में गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए सभी लोगों को जल्द रिहा किया जाएगा. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें भविष्य में भी नहीं होगी कार्रवाई प्रेस रिलीज में कहा गया है कि 26 जुलाई 2026 की शाम 6 बजे से पहले दर्ज इन मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ भविष्य में भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी. प्रशासन ने कहा है कि यह फैसला NEET/UG परीक्षा में कथित गड़बड़ी, परीक्षा व्यवस्था में सुधार और उच्च शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर हुए आंदोलन के संदर्भ में लिया गया है. इसके लिए गृह विभाग ने आधिकारिक आदेश जारी कर संबंधित प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है. बिहार में नीट प्रदर्शन के मामले में 355 लोग जेल भेजे गए हैं. पुलिस मुख्यालय की ओर से ही यह आंकड़ा जारी किया गया था. 694 लोग हिरासत में लिए गए थे. इसी प्रदर्शन में जनशक्ति जनता दल के प्रमुख और लालू के बेटे तेज प्रताप यादव भी जेल में हैं. इसे भी पढ़ें: क्या पुलिस प्रदर्शनकारियों पर चला सकती है AK-47? समझिए पूरी कानूनी प्रक्रिया The post NEET प्रदर्शनकारियों पर बड़ा फैसला, बिहार प्रशासन वापस लेगी दर्ज FIR, जल्द होंगे रिहा appeared first on Naya Vichar.

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CJP ने ‘प्लेबुक’ का किया जिक्र, प्रदर्शनकारियों के लिए लीगल फंड का ऐलान

Cockroach Janata Party : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दावा किया है कि आंदोलन खत्म होने के बाद केंद्र प्रशासन प्रदर्शनकारियों को निशाना बना सकती है. इसी आशंका को देखते हुए पार्टी ने देशभर के प्रदर्शनकारियों की कानूनी मदद के लिए एक ऑनलाइन वेबसाइट और लीगल एड फंड शुरू करने का ऐलान किया है. एएनआई न्यूजेंसी के मुताबिक, CJP का कहना है कि इस फंड से कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे छात्रों और प्रदर्शनकारियों को सहायता मिलेगी. कपिल सिब्बल का साथ, 1 करोड़ देने की घोषणा दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल भी मौजूद रहे. उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतंत्र का हिस्सा है और किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होनी चाहिए. सिब्बल ने कानूनी सहायता के लिए 1 करोड़ रुपये देने की घोषणा की और देशभर के वकीलों से भी इस अभियान से जुड़ने की अपील की. CJP ने प्रदर्शनकारियों की कानूनी मदद के लिए ऑनलाइन लीगल एड फंड शुरू करने की घोषणा की. वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने 1 करोड़ रुपये की सहायता देने का ऐलान किया. पार्टी ने आरोप लगाया कि केंद्र प्रशासन समझौते के बावजूद प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई कर रही है. CJP ने FIR वापस लेने, छात्रों की रिहाई और लिखित समझौता सार्वजनिक करने की मांग की. ‘पुराना प्लेबुक दोहराया जा रहा है’ : CJP CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने आरोप लगाया कि पहले भी कई बड़े आंदोलनों में प्रदर्शनकारियों को बाद में झूठे मामलों में फंसाया गया था और अब वही “प्लेबुक” दोहराई जा रही है. उन्होंने कहा कि आंदोलन के पहले दिन से ही छात्रों को कानूनी और चिकित्सीय सहायता दी जा रही है, जिसे अब और मजबूत किया जाएगा. बिहार में कार्रवाई पर गंभीर आरोप CJP नेता रत्ना सिंह ने दावा किया कि बिहार में प्रदर्शनकारियों पर सबसे ज्यादा सख्ती हुई है. उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगह पुलिस ने अत्यधिक बल प्रयोग किया और सीवान, पटना तथा छपरा जैसे इलाकों से कार्रवाई की शिकायतें मिली हैं. पार्टी ने कहा कि स्थानीय वकीलों के साथ मिलकर प्रभावित लोगों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. प्रशासन को अल्टीमेटम, फिर आंदोलन की चेतावनी CJP ने केंद्र प्रशासन पर समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए मांग की है कि सभी FIR वापस ली जाएं, हिरासत में लिए गए छात्रों को रिहा किया जाए और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ भविष्य में कोई नया मामला दर्ज न हो. सीजेपी ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन लिखित समझौता साझा नहीं करती और कार्रवाई नहीं रोकती, तो देशभर में फिर से आंदोलन शुरू किया जाएगा. यह भी पढ़ें- CJP ने प्रशासन को फिर दी चेतावनी: FIR वापस लो, नहीं तो फिर जंतर-मंतर पर होगा आंदोलन! The post CJP ने ‘प्लेबुक’ का किया जिक्र, प्रदर्शनकारियों के लिए लीगल फंड का ऐलान appeared first on Naya Vichar.

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बांग्ला श्रावणी की दूसरी सोमवारी पर लगी बेलपत्र प्रदर्शनी, बाबा मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब

संजीव मिश्रा देवघर : बांग्ला श्रावणी की दूसरी सोमवारी पर सोमवार शाम बाबा बैद्यनाथ मंदिर परिसर में पारंपरिक एवं आकर्षक बेलपत्र प्रदर्शनी का आयोजन किया गया. शाम सात बजे विभिन्न बेलपत्र दलों ने विधि-विधान से बाबा भोलेनाथ का पूजन कर बेलपत्र अर्पित किया. इसके बाद मंदिर परिसर में सजी अनोखी पहाड़ी बेलपत्र प्रदर्शनी को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. मसानी समाज दल 1 की प्रदर्शनी चांदी की थाल में सजे पहाड़ी बेलपत्र बने आकर्षण का केंद्र शाम करीब पांच बजे विभिन्न समाजों के सदस्य चांदी की थाल में आकर्षक ढंग से सजे पहाड़ी बेलपत्र लेकर ढोल-नगाड़ों के साथ मंदिर परिसर पहुंचे. निर्धारित स्थानों पर चांदी, तांबा और स्टील के पात्रों में त्रिनेत्र के आकार की मनमोहक बेलपत्र सजावट की गई, जिसने श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया. जरनैल समाज की प्रदर्शनी प्रदर्शनी के दौरान सभी दलों ने क्रमवार बाबा बैद्यनाथ का बेलपत्र पूजन किया. परंपरा के अनुसार बांग्ला श्रावण माह की प्रत्येक सोमवारी को बाबा मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और बेलपत्र प्रदर्शनी का आयोजन किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं. ये भी पढ़ें… एक साल से अनुपस्थित कर्मी पर कार्रवाई का निर्देश, डीसी ने किया मयूरहंड ब्लॉक कार्यालय का निरीक्षण सिमरिया में चोरों ने बनाया मुर्गी फार्म को निशाना, ताला तोड़कर 30 हजार रुपये का सामान ले उड़े The post बांग्ला श्रावणी की दूसरी सोमवारी पर लगी बेलपत्र प्रदर्शनी, बाबा मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब appeared first on Naya Vichar.

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दिल्ली पुलिस का खुलासा, छात्र प्रदर्शन के दौरान मौजूद थे 2873 संगीन अपराधी; जांच तेज

दिल्ली पुलिस, तकनीकी साधनों और फेशियल रिकग्निशन सिस्टम के जरिए अपराधियों की पहचान कर रही है. इनमें से कई शातिर अपराधी बार-बार प्रदर्शन स्थल पर आ रहे थे, जिसकी वजह से पुलिस अब हिंसा में उनकी सीधी संलिप्तता की आशंका के तहत जांच कर रही है. सीजेपी ने फिर दी आंदोलन की चेतावनी, प्रशासन से मांगा लिखित आश्वासन जंतर-मंतर पर 36 दिनों से जारी प्रदर्शन के स्थगित होने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और प्रशासन के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। सोमवार को CJP ने प्रशासन पर लिखित समझौते से पीछे हटने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि मांगे पूरी नहीं हुईं तो वे दोबारा सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे. पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने राजधानी में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जंतर-मंतर पर आंदोलन समाप्त कराने के लिए प्रशासन के साथ तीन दौर की वार्ता हुई थी. तीसरे दौर की वार्ता में प्रशासन ने साफ तौर पर आश्वासन दिया था कि आंदोलनकारियों और आयोजकों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएंगे. सीजेपी को फिर से विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा रांका ने कहा कि अगर मंगलवार तक लिखित समझौता नहीं मिला तथा आंदोलन के सिलसिले में गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों और आयोजकों को रिहा नहीं किया गया, तो सीजेपी को फिर से विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा. ये भी पढ़ें: CJP ने प्रशासन को फिर दी चेतावनी: FIR वापस लो, नहीं तो फिर जंतर-मंतर पर होगा आंदोलन! The post दिल्ली पुलिस का खुलासा, छात्र प्रदर्शन के दौरान मौजूद थे 2873 संगीन अपराधी; जांच तेज appeared first on Naya Vichar.

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CWG 2026: ज्ञानेश्वरी यादव ने 199 किग्रा वजन उठाकर जीता सिल्वर, भारत के खाते में आया पांचवां मेडल

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हिंदुस्तानीय वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्त्रीओं के 53 किग्रा भार वर्ग में रजत पदक अपने नाम किया. उन्होंने अपने आखिरी क्लीन एंड जर्क प्रयास में 111 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाकर सिल्वर मेडल पक्का किया. ज्ञानेश्वरी का यह प्रदर्शन हिंदुस्तान के लिए बेहद अहम रहा, क्योंकि उनके पदक के साथ ही देश के खाते में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का पांचवां पदक जुड़ गया. 199 किलोग्राम का कुल वजन उठाकर जीता रजत ज्ञानेश्वरी ने प्रतियोगिता के स्नैच राउंड में 88 किलोग्राम वजन उठाया था. इसके बाद क्लीन एंड जर्क में उन्होंने पहले दो प्रयासों के बाद आखिरी कोशिश में 111 किलोग्राम वजन उठाकर अपना कुल स्कोर 199 किलोग्राम (88+111) पहुंचा दिया. इसी प्रदर्शन की बदौलत उन्होंने रजत पदक पर कब्जा जमाया और हिंदुस्तान के पदकों की संख्या में इजाफा किया. नाइजीरिया की ओनोमे डिडीह ने बनाया रिकॉर्ड इस प्रतियोगिता का स्वर्ण पदक नाइजीरिया की ओनोमे डिडीह ने अपने नाम किया. डिडीह ने कुल 206 किलोग्राम (93 किग्रा स्नैच + 113 किग्रा क्लीन एंड जर्क) वजन उठाकर नया कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड बनाया. उनके दमदार प्रदर्शन के सामने बाकी सभी खिलाड़ी पीछे रह गए और उन्होंने गोल्ड मेडल अपने नाम किया. हिंदुस्तान के खाते में पांच पदक ज्ञानेश्वरी यादव के रजत पदक के साथ ही कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हिंदुस्तान के खाते में अब पांच पदक हो गए हैं. खास बात यह है कि हिंदुस्तान को अब तक मिले सभी पांचों पदक वेटलिफ्टिंग से आए हैं. इनमें मीराबाई चानू ने स्वर्ण पदक जीता है, जबकि ज्ञानेश्वरी यादव, ऋषिकांत सिंह और राजा मुथुपांडी ने रजत पदक अपने नाम किए हैं. वहीं झंडू कुमार ने कांस्य पदक जीता. हिंदुस्तानीय वेटलिफ्टरों ने शुरुआती दिनों में शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक तालिका में हिंदुस्तान की मजबूत शुरुआत कराई है. आने वाले दिनों में अन्य स्पोर्ट्सों में भी हिंदुस्तानीय खिलाड़ियों से पदकों की उम्मीद रहेगी. ये भी पढ़ें: CWG 2026: झंडू कुमार को कांस्य जीतने का मिला इनाम, स्पोर्ट्स मंत्री ने दिए 10 लाख रुपये The post CWG 2026: ज्ञानेश्वरी यादव ने 199 किग्रा वजन उठाकर जीता सिल्वर, हिंदुस्तान के खाते में आया पांचवां मेडल appeared first on Naya Vichar.

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करूर भगदड़ मामला: मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार का फैसला बदला, पीड़ितों को नौकरी देने का आदेश रद्द

पीठ ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी करते हुए कहा, इस तरह भगदड़ पीड़ितों के परिजनों को प्रशासनी नौकरी देने से इसी आधार पर नौकरियों की मांग करने वालों की बाढ़ आ जाएगी. गौरतलब है कि मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने 10 जुलाई 2026 को इस घटना में जान गंवाने वाले 31 लोगों के परिजनों को नियुक्ति पत्र सौंपे थे. सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का दिया हवाला याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने कोर्ट में दलील दी कि यह फैसला पूरी तरह से गैर-कानूनी और नेतृत्वक कदम था. वकील मोहम्मद रशीद के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट द्वारा मानवीय आधार पर नौकरी देने के लिए तय की गई चार प्रमुख गाइडलाइंस के तहत करूर भगदड़ के पीड़ित इस श्रेणी में पात्र नहीं आते हैं. प्रशासन का तर्क था कि यह नौकरियां एक नीतिगत फैसले के तहत दी गई थीं, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया. हाई कोर्ट का फैसला युवाओं के लिए एक बड़ी जीत : याचिकाकर्ता के वकील याचिकाकर्ता के वकील क्लीटस ने इस फैसले को राज्य के युवाओं के लिए एक बड़ी जीत बताया. उन्होंने कहा, “यह पूरे हिंदुस्तान के लिए एक अहम फैसला है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट पहले ही मुआवजे के आदेशों का पालन करने के तरीके पर निर्देश और गाइडलाइंस दे चुका है. तमिलनाडु में मुआवजे के आदेशों के लिए पहले से ही एक प्रशासनी आदेश (GO) मौजूद है. उसी के आधार पर हमने अपनी दलीलें पेश कीं. इसके बाद, कोर्ट ने उस प्रशासनी आदेश को रद्द कर दिया जिसके तहत करूर घटना में मारे गए लोगों के परिवारों को नौकरी दी जा रही थी. प्रशासन ने अपने पक्ष में चार घटनाओं का जिक्र किया था.” The post करूर भगदड़ मामला: मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु प्रशासन का फैसला बदला, पीड़ितों को नौकरी देने का आदेश रद्द appeared first on Naya Vichar.

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Exclusive: ‘.. तो उस वक्त एंटी नेशनल कहलाता’, अनुपमा चोपड़ा के ट्विटर विवाद को लेकर क्रिटिक सुभाष के झा का बड़ा बयान! पढ़ें पूरी खबर…

Subhash K Jha on Anupama Chopra Controversy: हाल ही में फिल्म क्रिटिक अनुपमा चोपड़ा ने खुलासा किया था कि रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ का निगेटिव रिव्यू करने के बाद उन्हें जान से मारने की धमकियां मिली थीं. अब इस मामले में फिल्म क्रिटिक सुभाष के. झा उनके समर्थन में उतर आए हैं. उनका कहना है कि उस वक्त ‘धुरंधर’ को लेकर ऐसा माहौल बन गया था कि जो भी फिल्म की आलोचना करता या अनुपमा का साथ देता, उसे ‘एंटी-नेशनल’ यानी देशद्रोही कह दिया जाता. Subhash K Jha Statement: ‘अनुपमा के साथ जो हुआ, वह बिल्कुल गलत था’ सुभाष के. झा ने नया विचार को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कहा कि किसी भी प्रोफेशन में अगर किसी एक व्यक्ति पर हमला होता है, तो बाकी लोग उसके समर्थन में खड़े हो जाते हैं. लेकिन अनुपमा चोपड़ा के मामले में ऐसा नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि जब अनुपमा को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जा रहा था और उन्हें धमकियां मिल रही थीं, तब इंडस्ट्री के ज्यादातर लोग चुप रहे. उन्होंने कहा, “हम सब उस वक्त ‘धुरंधर’ के जादू में इतने खो गए थे कि हमें कुछ और दिखाई ही नहीं दे रहा था. हर तरफ सिर्फ फिल्म की तारीफ हो रही थी. ऐसे में किसी ने यह नहीं कहा कि एक फिल्म क्रिटिक को अपनी राय रखने का पूरा हक है.” Dhurandhar Review Controversy: ‘अगर सपोर्ट करते तो एंटी-नेशनल कहे जाते’ सुभाष के. झा ने आगे कहा, “उस वक्त एक भी क्रिटिक उनके साथ नहीं आया. क्योंकि माहौल ऐसा था कि अगर आप ‘धुरंधर’ को पसंद नहीं करते, तो आपको एंटी-नेशनल, हिंदुस्तान विरोधी या पाकिस्तान समर्थक बता दिया जाता. फिल्म की असली वैल्यू और उस पर चर्चा कहीं पीछे छूट गई थी.” ‘फिल्म पसंद करना या न करना हर किसी का हक है’ सुभाष के. झा ने कहा कि किसी फिल्म को पसंद करना या नापसंद करना पूरी तरह एक व्यक्तिगत राय होती है. अगर किसी क्रिटिक को कोई फिल्म अच्छी नहीं लगती, तो उसे अपनी बात कहने का पूरा अधिकार है. उन्होंने कहा कि किसी की राय से असहमत होना अलग बात है, लेकिन उसके लिए ट्रोल करना या जान से मारने की धमकियां देना बिल्कुल गलत है. उनके मुताबिक, उस समय इंडस्ट्री को एकजुट होकर अनुपमा चोपड़ा का समर्थन करना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. यही वजह है कि आज भी वह मानते हैं कि अनुपमा के साथ गलत हुआ. Anupama Chopra Death Threats: क्या कहा था अनुपमा ने? अनुपमा चोपड़ा ने अपने X (पहले ट्विटर) पोस्ट में लिखा था कि “छह महीने पहले मुझे सिर्फ इसलिए जान से मारने की धमकियां मिलीं, क्योंकि मुझे एक फिल्म पसंद नहीं आई. उस वक्त लोगों की नफरत और गुस्से ने मुझे डरा दिया था.” हालांकि उन्होंने अपने पोस्ट में किसी फिल्म का नाम नहीं लिया था, लेकिन माना जा रहा है कि उनका इशारा रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ की ओर था. फिल्म के रिलीज के समय उनके निगेटिव रिव्यू के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें काफी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था. Report By: Neha Verma The post Exclusive: ‘.. तो उस वक्त एंटी नेशनल कहलाता’, अनुपमा चोपड़ा के ट्विटर विवाद को लेकर क्रिटिक सुभाष के झा का बड़ा बयान! पढ़ें पूरी समाचार… appeared first on Naya Vichar.

समस्तीपुर

29 जुलाई की अधिनायक अनुदेशक परीक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट, डीएम-एसपी ने तैयारियों की समीक्षा की

नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर। बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग द्वारा 29 जुलाई 2026 को आयोजित होने वाली अधिनायक अनुदेशक प्रारंभिक लिखित प्रतियोगिता परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और कदाचारमुक्त संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। सोमवार को समाहरणालय सभागार में जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा एवं पुलिस अधीक्षक अरविंद प्रताप सिंह ने संयुक्त रूप से समीक्षा बैठक कर सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में जिलाधिकारी ने केंद्राधीक्षकों, दंडाधिकारियों एवं अन्य अधिकारियों को आयोग के दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी परीक्षा केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं, पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था तथा पारदर्शी परीक्षा संचालन सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस अधीक्षक अरविंद प्रताप सिंह ने परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, असामाजिक तत्वों एवं कदाचार फैलाने वालों पर कड़ी निगरानी रखने तथा परीक्षा अवधि के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने का निर्देश दिया। उन्होंने अभ्यर्थियों के सुरक्षित एवं सुगम प्रवेश-निकास की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। जिले में आयोजित होने वाली इस परीक्षा में कुल 6,576 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा के सफल संचालन के लिए 3 उड़न दस्ता दल, 8 जोनल दंडाधिकारी तथा 14 स्टैटिक मजिस्ट्रेट की प्रतिनियुक्ति की गई है। उड़न दस्ता दलों में नगर आयुक्त ज्ञान प्रकाश, बंदोबस्त पदाधिकारी विजय कुमार तथा जिला पंचायत राज पदाधिकारी विष्णु देव मंडल को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन्हें परीक्षा अवधि के दौरान सभी परीक्षा केंद्रों का नियमित निरीक्षण कर आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुपालन की निगरानी करने का दायित्व दिया गया है। बैठक में उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) राजेश सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी समस्तीपुर, जिला स्तरीय पदाधिकारी तथा सभी परीक्षा केंद्रों के केंद्राधीक्षक उपस्थित थे। अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के निर्देश दिए गए।

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संसद में सरकार और विपक्ष के बीच बनी सहमति, एंटी पेपर लीक बिल पर कल होगी चर्चा

NEET पेपर लीक के विरोध में हो रहे छात्र प्रदर्शनों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद के दोनों सदनों, लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष का भारी हंगामा जारी है. लगातार बढ़ते हंगामे के कारण सोमवार को राज्यसभा की कार्यवाही चार बार स्थगित करनी पड़ी और आखिरकार शाम 5:15 बजे इसे मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया. वहीं, लोकसभा में भी विपक्ष के विरोध के चलते कार्यवाही को मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर लगाया सदन न चलने देने का आरोप ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पर बोलते हुए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “सभी सदस्य तैयारी के साथ आए हैं और विपक्ष के कई सदस्यों ने भी संशोधन पेश किए हैं; वे भी पूरी तरह तैयार हैं. यह एक महत्वपूर्ण विधेयक है, जो बच्चों, युवाओं और छात्रों के जीवन के लिए बहुत जरूरी है. फिर भी, कांग्रेस पार्टी और उसके कुछ सहयोगी दल जानबूझकर इतने महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा में बाधा डाल रहे हैं. शुरू में वे इस बात पर जोर दे रहे थे कि चर्चा होनी चाहिए, क्योंकि यह मामला परीक्षाओं और बच्चों के कल्याण से जुड़ा है. अब जब चर्चा के लिए इतना महत्वपूर्ण विधेयक लाया गया है और इसके लिए समय भी तय किया गया है, तब भी वे ऐसा ही व्यवहार कर रहे हैं. मैं कांग्रेस पार्टी के अपने सहयोगियों से आग्रह करता हूं: कृपया ऐसा न करें. आपकी छवि पहले ही काफी खराब हो चुकी है; ऐसे काम न करें जिनसे आपकी पार्टी की और बदनामी हो. पूरी पार्टी को एकजुट होकर इस महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा में भाग लेना चाहिए, जिसका उद्देश्य हमारे युवाओं और छात्रों के जीवन को बेहतर बनाना है.” The post संसद में प्रशासन और विपक्ष के बीच बनी सहमति, एंटी पेपर लीक बिल पर कल होगी चर्चा appeared first on Naya Vichar.

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