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Author name: Vinod Jha

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CWG 2026: शर्मिला के गोल्ड से चमका भारत, पांचवें दिन जीते कुल 6 मेडल

Common Wealth Games 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हिंदुस्तान का पांचवां दिन शानदार रहा. हिंदुस्तानीय खिलाड़ियों ने सोमवार को कुल छह पदक जीतकर देश की पदक संख्या 10 तक पहुंचा दी. दिन की सबसे बड़ी उपलब्धि पैरा एथलेटिक्स में शर्मिला धनखड़ का हिंदुस्तान के गोल्ड मेडल जीतना रहा. वहीं वेटलिफ्टिंग और एथलेटिक्स में भी हिंदुस्तानीय खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन करते हुए चार रजत और दो कांस्य पदक अपने नाम किए. पैरा एथलेटिक्स में पहला गोल्ड स्त्रीओं की पैरा शॉट पुट F57 स्पर्धा में शर्मिला धनखड़ ने 9.81 मीटर के सीजन के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ हिंदुस्तान के लिए गोल्ड मेडल जीता. वह कॉमनवेल्थ गेम्स में पैरा एथलेटिक्स में हिंदुस्तान को गोल्ड दिलाने वाली पहली हिंदुस्तानीय एथलीट बन गईं. उनके इस स्वर्ण के साथ हिंदुस्तान का इस स्पोर्ट्स में 20 साल का पदक इंतजार भी खत्म हो गया. इसी स्पर्धा में हिंदुस्तान की शिल्पा शायला ने 7.26 मीटर के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ कांस्य पदक जीता. वेटलिफ्टिंग में हिंदुस्तान का दबदबा कायम वेटलिफ्टिंग में हिंदुस्तानीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी रहा. 53 किग्रा वर्ग में ज्ञानेश्वरी यादव ने 111 किग्रा कुल वजन उठाकर रजत पदक जीता. इस पर पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर उन्हें बधाई दी. वहीं 58 किग्रा वर्ग में बिंदियारानी देवी ने कांस्य पदक अपने नाम किया. पुरुषों के 79 किग्रा वर्ग में वल्लूरी अजय बाबू ने 330 किग्रा कुल वजन उठाकर रजत पदक हासिल किया. इसके साथ ही हिंदुस्तान ने वेटलिफ्टिंग के पहले छह मुकाबलों में छह पदक जीतने का शानदार रिकॉर्ड कायम रखा. सर्वेश ने हाई जंप में जीता सिल्वर पुरुषों की हाई जंप स्पर्धा में सर्वेश अनिल कुशारे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया. वह 2.28 मीटर की ऊंचाई पार नहीं कर सके, लेकिन अपने बेहतरीन प्रयास के दम पर दूसरे स्थान पर रहे और हिंदुस्तान के खाते में एक और पदक जोड़ दिया. शिल्पा शायला के खाते में भी आया ब्रॉन्ज स्त्री शॉट पुट F57 स्पर्धा में हिंदुस्तान की शिल्पा के. शायला ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया. शुरुआती नतीजों में वह चौथे स्थान पर थीं, लेकिन बाद में नाइजीरिया की यूकारिया इयियाजी के पहले प्रयास को अमान्य घोषित कर दिया गया. इसके बाद उनके खाते में कोई भी वैध थ्रो नहीं बचा, जिससे शिल्पा तीसरे स्थान पर पहुंच गईं. इस तरह हिंदुस्तान ने इस स्पर्धा में एक स्वर्ण और एक कांस्य पदक जीतकर शानदार डबल पोडियम फिनिश दर्ज की. आर्यन नेहरा पदक से चूके पुरुषों की 800 मीटर फ्रीस्टाइल तैराकी स्पर्धा के फाइनल में हिंदुस्तान के आर्यन नेहरा पदक जीतने से चूक गए. उन्होंने 8:07.26 मिनट का समय निकालते हुए सातवां स्थान हासिल किया. इस स्पर्धा का स्वर्ण ऑस्ट्रेलिया के सैम शॉर्ट ने जीता. क्रमांक खिलाड़ी का नाम स्पर्धा स्पोर्ट्स पदक 1 झांडू कुमार पुरुष हेवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग कांस्य 2 ऋषिकांत सिंह पुरुष 60 किग्रा वेटलिफ्टिंग रजत 3 मीराबाई चानू स्त्री 48 किग्रा वेटलिफ्टिंग स्वर्ण 4 मुथुपांडी राजा पुरुष 65 किग्रा वेटलिफ्टिंग रजत 5 ज्ञानेश्वरी यादव स्त्री 53 किग्रा वेटलिफ्टिंग रजत 6 बिंदियारानी देवी स्त्री 58 किग्रा वेटलिफ्टिंग कांस्य 7 शर्मिला धनखड़ स्त्री शॉट पुट F57 पैरा एथलेटिक्स स्वर्ण 8 सर्वेश कुशारे पुरुष हाई जंप एथलेटिक्स रजत 9 शिल्पा के शायला स्त्री शॉट पुट F57 पैरा एथलेटिक्स कांस्य 10 वल्लूरी अजय बाबू पुरुष 79 किग्रा वेटलिफ्टिंग रजत हिंदुस्तान के शानदार प्रदर्शन के बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की पदक तालिका में उसकी कुल पदक संख्या अब 10 हो गई है. हिंदुस्तानीय खिलाड़ी आने वाले दिनों में भी कई स्पर्धाओं में पदक जीतने के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं. Also Read: सब्जी बेची, रिक्शा चलाया…अब CWG 2026 में जीता मेडल, मां ने प्रशासन से की नौकरी की मांग The post CWG 2026: शर्मिला के गोल्ड से चमका हिंदुस्तान, पांचवें दिन जीते कुल 6 मेडल appeared first on Naya Vichar.

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Video : दीपके नहीं, CJP आंदोलन की असली खोज हैं मोहम्मद इरफान

Video : महज 35 साल के मोहम्मद इरफान ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं हैं. फिर भी वह Google के वॉइस सर्च का इस्तेमाल करके संविधान, लोकतंत्र और मजदूरों के अधिकारों के बारे में जानकारी हासिल करते हैं. दिल्ली की एक झुग्गी में रहने वाले इरफान की सोच और समझ ने लोगों का ध्यान खींचा है और अब उनकी चर्चा हर तरफ हो रही है. खुद कांग्रेस नेता राहुल गांधी उनसे मिलने पहुंचे. कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुलाकात का वीडियो शेयर किया. वीडियो शेयर करते हुए कांग्रेस ने लिखा- मोहम्मद इरफान जैसे लाखों युवा ही देश की असली उम्मीद हैं- जिज्ञासु, संवेदनशील और अपने अधिकारों व कर्तव्यों के प्रति सजग. वीडियो में राहुल गांधी इरफान से बात करते नजर आ रहे हैं. इरफान के  आसपास रहने वाले सैकड़ों  लोगों ने राहुल के पहुंचने के बाद इलाके में उनका स्वागत किया. एक अन्य पोस्ट में कांग्रेस ने एक्स पर लिखा- नेता विपक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली के रहने वाले मोहम्मद इरफान से मुलाकात की. बड़ी ही साफगोई और ईमानदारी से युवाओं का दर्द और उम्मीदें सामने रखने वाले इरफ़ान में आपको हर वो नौजवान दिखेगा, जो इस प्रशासन से नाउम्मीद हो चुका है. हमारा इरफान जैसे हर एक युवा से वादा है- हम साथ मिलकर ऐसा हिंदुस्तान बनाएंगे, जहां मोहब्बत, भाईचारा, सम्मान, समानता और अवसर की कोई कमी नहीं होगी. ये भी पढ़ें: CJP मार्च विवाद : राहुल गांधी का अमित शाह से सवाल- छात्रों को मारने का आदेश किसने दिया? इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, सबसे हैरानी की बात यह थी कि 35 वर्षीय मोहम्मद इरफान कभी स्कूल नहीं गए. दिल्ली की एक झुग्गी में रहने वाले इरफान फेरी लगाकर अपना गुजारा करते हैं. उन्होंने संविधान, लोकतंत्र और मजदूरों के अधिकारों की जानकारी Google के वॉइस सर्च के जरिए हासिल की. इतना ही नहीं, बातचीत के दौरान उन्होंने शहीद भगत सिंह की कविताओं की पंक्तियां भी सुनाईं, जिसे सुनकर लोग उनकी समझ और जानकारी के कायल हो गए. दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP (Cockroach Janta Party) का धरना हुआ था. यह आंदोलन अभिजीत दिपके के नेतृत्व में शुरू हुआ. इसी में मोहम्मद इरफान पहुंचा और एक इंटरव्यू के बाद वायरल हो गया. The post Video : दीपके नहीं, CJP आंदोलन की असली खोज हैं मोहम्मद इरफान appeared first on Naya Vichar.

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28 जुलाई की टॉप 20 खबरें: CJP ने फिर दी आंदोलन की चेतावनी, बिहार सरकार वापस लेगी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ केस

1. NEET प्रदर्शनकारियों पर बड़ा फैसला, बिहार प्रशासन वापस लेगी दर्ज FIR, जल्द होंगे रिहा NEET/UG परीक्षा को लेकर हुए छात्र आंदोलन पर बिहार प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है. गृह विभाग ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR, शिकायत और नोटिस वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है. साथ ही गिरफ्तार लोगों को रिहा करने और भविष्य में कोई नई कार्रवाई नहीं करने का भी फैसला लिया गया है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 2. CJP ने प्रशासन को फिर दी चेतावनी: FIR वापस लो, नहीं तो फिर जंतर-मंतर पर होगा आंदोलन NEET UG पेपर लीक आंदोलन खत्म होने के बाद CJP ने केंद्र प्रशासन को फिर चेतावनी दी. सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR तुरंत वापस लिया जाए और हिरासत में लिए गए छात्रों को फौरन रिहा करने की मांग की गई है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 3. CJP के बाद अब E20 जनता पार्टी का हल्ला बोल: 4 अगस्त को संसद मार्च का ऐलान, नितिन गडकरी के इस्तीफे की मांग कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन की सफलता के बाद एक और आंदोलन की सुगबुगाहट तेज हो गई है. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब नितिन गडकरी के इस्तीफे की मांग उठने लगी है. E20 जनता पार्टी ने एथनॉल मिले पेट्रोल के खिलाफ 4 अगस्त को संसद मार्च का ऐलान कर दिया है. E20 जनता पार्टी ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर इसकी जानकारी साझा की है.पूरी समाचार यहां पढ़ें. 4. जंतर मंतर… एक प्रदर्शन, कई मायने! जंतर-मंतर का प्रदर्शन खत्म हो गया, लेकिन उसकी नेतृत्वक गूंज अभी बाकी है. इस आंदोलन ने एक नए संगठन को चर्चा में ला दिया, राहुल गांधी की विपक्षी नेतृत्व को नई धार दी और बीजेपी के सामने नई पीढ़ी की नेतृत्व को लेकर कई सवाल छोड़ दिए. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 5. दिल्ली पुलिस का खुलासा, छात्र प्रदर्शन के दौरान मौजूद थे 2873 संगीन अपराधी; जांच तेज छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर और नई दिल्ली के आसपास हुई हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस की जांच तेज हो गई है. न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार पुलिस सूत्रों ने दावा किया है कि 20 से 25 जुलाई के दौरान विरोध प्रदर्शन वाली जगह पर संगीन अपराधों (जैसे हत्या, यौन शोषण और नाबालिगों से जुड़े POCSO मामले) के 2,873 आरोपी और अपराधी मौजूद थे. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 6. CJP ने ‘प्लेबुक’ का किया जिक्र, प्रदर्शनकारियों के लिए लीगल फंड का ऐलान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने आंदोलन खत्म होने के बाद केंद्र प्रशासन द्वारा प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाए जाने की आशंका जताई है. इस खतरे से निपटने के लिए CJP ने एक ऑनलाइन वेबसाइट और लीगल एड फंड की शुरुआत की है. कपिल सिब्बल ने भी इस पहल का समर्थन करते हुए 1 करोड़ रुपये देने की घोषणा की है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 7. संसद में प्रशासन और विपक्ष के बीच बनी सहमति, एंटी पेपर लीक बिल पर आज होगी चर्चा लोकसभा और राज्यसभा में लगातार हंगामे के बीच एंटी पेपर लीक बिल पर प्रशासन और विपक्ष के बीच सहमति बन गई है. अब बिल पर कल 28 जुलाई को चर्चा होगी. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 8. ओडिशा में अगले 24 घंटों के दौरान भारी बारिश की चेतावनी, स्कूल बंद; हाई अलर्ट पर प्रशासन आईएमडी ने ओडिशा के सुंदरगढ़, क्योंझर और मयूरभंज जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जहां भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है. इस बीच, जगतसिंहपुर, सोनपुर, मयूरभंज और केंद्रपाड़ा जिलों में एहतियात के तौर पर स्कूल बंद कर दिए गए हैं. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 9. कोलकाता हिंसा मामले में 2 और गिरफ्तार, आरोपियों को घटनास्थल तक नंगे पैर ले गयी पुलिस NEET 2026 प्रश्नपत्र लीक के विरोध में और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर कोलकाता निकले मार्च के दौरान हिंसा मामले में कोलकाता पुलिस ने 2 और लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों को अपराध के घटनाक्रम को दोहराने के लिए नंगे पैर घटनास्थल पर ले जाया गया. हमले के विरोध में पत्रकारों ने कोलकाता में विरोध मार्च निकाला. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 10. करूर भगदड़ मामला: मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु प्रशासन का फैसला बदला, पीड़ितों को नौकरी देने का आदेश रद्द मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै पीठ ने करूर भगदड़ पीड़ितों के परिजनों को प्रशासनी नौकरी देने के आदेश को रद्द कर दिया है. तमिलनाडु की विजय प्रशासन ने पीड़ितों को प्रशासनी नौकरी देने की घोषणा की थी. कोर्ट ने इस फैसले को संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन बताया. कहा, अनुकंपा के आधार पर इस तरह नौकरियां देने से गलत नजीर बनेगी. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 11. पटना पहुंची नेहा बोरा ने प्रशासन को दिया अल्टीमेटम, बोलीं- 29 जुलाई तक रिहा करो नहीं तो 30 को होगा आंदोलन, देखिए VIDEO आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा ने छात्र आंदोलन के दौरान गिरफ्तार छात्रों और जनप्रतिनिधियों से बेऊर केंद्रीय कारा में मुलाकात की. उन्होंने जेल में बंद नेताओं का हालचाल जाना और 29 जुलाई तक रिहाई की मांग की. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 12. राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त, SIT में फॉरेंसिक ऑडिटर शामिल करने का आदेश, मांगी स्टेटस रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या राम मंदिर दान चोरी मामले की जांच में अहम निर्देश दिए हैं. विशेष जांच दल (SIT) में अब एक फॉरेंसिक ऑडिटर को शामिल किया जाएगा. कोर्ट ने SIT से अब तक की जांच पर स्टेटस रिपोर्ट भी तलब की है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 13. साइकिल रिपेयरिंग करने वाला मानव तस्कर! एनआईए ने दुर्गापुर से गुलाम जमां को किया गिरफ्तार एनआईए ने दुर्गापुर से गुलाम जमां को गिरफ्तार किया है. उस पर मानव तस्करी करने का आरोप है. आरोप है कि वह फर्जी पासपोर्ट के जरिये लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर पश्चिम एशियाई देशों में भेजा करता था. जांच एजेंसी को संदेह है कि वह संगठित गिरोह का सदस्य है.पूरी समाचार यहां पढ़ें. 14. जांच में जुटी सीआइडी, किसकी सह पर काम कर रहे थे परीक्षा उप नियंत्रक और अभय जेपीएससी परीक्षा की जांच में सीआइडी को रोज नये तथ्य मिल रहे हैं. एसआइटी परीक्षा उप नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता और मास्टरमाइंड अभय तिवारी से रिमांड

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1977 की इंदिरा गांधी की तरह वापसी कर सकती हैं 2026 की ममता बनर्जी? पढ़ें पूरा विश्लेषण

कोलकाता के हेस्टिंग्स थाने में 21 जुलाई को तृणमूल कांग्रेस की ‘शहीद दिवस’ रैली को लेकर प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गयी. आरोप है कि कलकत्ता हाईकोर्ट के उस निर्देश का उल्लंघन किया गया, जिसमें रैली में शामिल होने वाले लोगों की संख्या 2,500 तक सीमित रखने के लिए कहा गया था. रीतब्रत बनर्जी गुट की रैली की तुलना में ममता के कार्यक्रम में कई गुणा अधिक लोग पहुंचे. मंच से ममता बनर्जी का संदेश साफ था- स्पोर्ट्सा होबे! यानी हम स्पोर्ट्सेंगे. अब थोड़ी प्रैक्टिस कर लो, जल्द ही बैट और बॉल का स्पोर्ट्स शुरू होगा. लंबे समय तक कांग्रेस की सिपाही रही ममता बनर्जी के बारे में नेतृत्वक गलियारों में चर्चा है कि क्या 1977 की इंदिरा गांधी की तरह 2026 की ममता बनर्जी भी वापसी करेंगी? इंदिरा गांधी के 1977 वाले ‘प्लेबुक’ से प्रेरणा? सत्ता गंवाने के महज 3 महीने बाद ही ममता बनर्जी 1977 की इंदिरा गांधी के नेतृत्वक ‘प्लेबुक’ को अपनाती दिख रही हैं, जहां वे अपनी छवि और पार्टी को फिर से खड़ा करने के लिए सीधे टकराव की नीति पर चल रही हैं. अंग्रेजी वेबसाइट द टेलीग्राफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 1977 की इंदिरा गांधी और 2026 की ममता बनर्जी के बीच कई समानताएं हैं. रोना-धोना बंद करो, पन्ना पलटो और आगे बढ़ो : इंदिरा दोनों के साथ काम कर चुके पूर्व नौकरशाह और राज्यसभा सांसद जवाहर कहते हैं कि ममता में इंदिरा की तरह लड़ने की पूरी क्षमता है. जब 1977 में कांग्रेस पस्त थी, तब 3 महीने बाद ही राज्य के चुनावों की घोषणा हुई और इंदिरा खुद चुनाव प्रचार में कूद पड़ीं. नीरजा चौधरी की किताब ‘हाउ प्राइम मिनिस्टर्स डिसाइड’ का जिक्र करते हुए वे बताते हैं कि इंदिरा ने तब युवा अंबिका सोनी से कहा था- यह रोना-धोना बंद करो, हमेशा बत्तीसी दिखाते हुए खुद को खुश दिखाओ. मुस्कुराओ. चमड़ी मोटी करो, पन्ना पलटो और आगे बढ़ो. ममता का भी रुख ऐसा ही दिख रहा है. भाजपा का ‘पासबालिश’ (तकिया) बनना बंद करो. जो चोर थे, वे भाजपा में जा चुके हैं. मैं उन्हें कभी वापस नहीं लूंगी. यदि और लोग भी जाना चाहें, तो चले जायें. मुझे खुशी होगी. मेरे युवा, छात्र और पुराने-नये कार्यकर्ता हर खाली जगह को भरने के लिए तैयार हैं. -ममता बनर्जी, 21 जुलाई 2026 को तारामंडल के पास ये भी पढ़ें: हार मानने को तैयार नहीं ममता बनर्जी, चुनाव परिणाम 2026 को कलकत्ता हाईकोर्ट में दी चुनौती ममता और इंदिरा की समानताएं 1977 में इंदिरा गांधी को लगता था कि मोरारजी देसाई ने उनके घर में जासूसी उपकरण (बग्स) लगा रखे हैं. इसलिए वह मेहमानों से बगीचे में मिलती थीं. बारुईपुर में 11 साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के बाद वहां जाने से रोका गया, तो ममता ने आरोप लगाया कि उनके कालीघाट स्थित घर के बाहर भारी पुलिस व अर्धसैनिक बल तैनात कर उन्हें ‘हाउस अरेस्ट’ कर लिया गया है. हार के बाद इंदिरा गांधी ने हरिद्वार में आनंदमयी मां की शरण ली थी. ममता बनर्जी भी चुनाव हारने के कुछ ही दिनों भीतर काली मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुंचीं थीं. संकट के दौर में इंदिरा गांधी ने अपने धुर विरोधी राज नारायण और जयप्रकाश नारायण से मुलाकात की थी. ममता बनर्जी ने भी हार के बाद सोनिया गांधी और राहुल गांधी से मुलाकात की, जिनको वह 2024 के लोकसभा चुनाव में महत्व देने के लिए तैयार नहीं थीं. इंदिरा के लिए उनके बेटे संजय गांधी नेतृत्वक चुनौती बन गये थे. ठीक वैसी ही परिस्थितियां ममता के सामने उनके भतीजे और उत्तराधिकारी अभिषेक बनर्जी को लेकर हैं. अभिषेक के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं. पुराने वफादार भी उनके खिलाफ बोल रहे हैं. हालांकि, इंदिरा को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था (जो उनके लिए टर्निंग प्वाइंट बना), लेकिन ममता के खिलाफ अब तक ऐसा कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है. ये भी पढ़ें: बंगाल की नेतृत्व का ऐतिहासिक री-सेट, जानें कैसे भाजपा ने भेद डाला पूर्वी हिंदुस्तान का सबसे बड़ा किला शुभेंदु अधिकारी प्रशासन का ‘यूपी मॉडल’ और ममता का मौका जनता पार्टी की वर्ष 1977 की प्रशासन और बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की वर्तमान प्रशासन के बीच तुलना करते हुए जवाहर प्रशासन कहते हैं कि शुभेंदु अधिकारी खुद ममता को मौका दे रहे हैं. हॉकरों को हटाना, रेड रोड से धार्मिक जुलूसों को हटाना, चुनिंदा जगहों पर बुलडोजर चलाना. शुभेंदु उत्तर प्रदेश के ‘योगी मॉडल’ पर तेजी से काम कर रहे हैं. उनकी यह आक्रामक शैली ममता को सड़क पर उतरने का मौका दे रही है. जवाहर प्रशासन कहते हैं कि स्ट्रीट-फाइटर ममता ने भी इस मौके को लपकते हुए कहा है कि वे अब जिलों का दौरा करेंगी. वह कहती हैं कि पुलिस उन्हें कहीं कार्यक्रम करने की अनुमति नहीं दे रही है. लेकिन वह हार नहीं मानेंगी. अनुमति नहीं मिली, तो वह पैदल ही सड़कों पर चलेंगी. उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर दिल्ली की केंद्र प्रशासन हिलती है, तो कोलकाता की प्रशासन भी डगमगायेगी. ये भी पढ़ें: बंगाल में भगवा लहर, 15 साल बाद ममता युग का अंत, दो तिहाई बहुमत से बनेगी बीजेपी की प्रशासन कमजोर हुई है नरेंद्र मोदी प्रशासन : जवाहर प्रशासन जवाहर प्रशासन के अनुसार, केंद्र में नरेंद्र मोदी की प्रशासन भी कमजोर हुई है. राम मंदिर में दान चोरी का मामला और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन ने केंद्र की नींव हिला दी है. सीजेपी के आंदोलन की वजह से धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा. क्या वाकई आसान है ममता की राह? टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS), मुंबई के कुलपति और ‘रिपब्लिक ऑफ हिंदुत्व’ के लेखक प्रोफेसर बद्री नारायण का मानना है कि ममता के लिए यह राह बेहद कठिन है. बद्री नारायण के अनुसार, इंदिरा के समय विपक्ष बिखरा हुआ था. लेकिन आज की भाजपा बेहद संगठित है. आप एक विशाल और मजबूत तंत्र से लड़ रहे हैं. मुझे ममता का उभार इंदिरा की तरह होता नहीं दिखता. सड़क की नेतृत्व बनाम सामाजिक नेतृत्व प्रो बद्री नारायण का मानना है कि सड़क की नेतृत्व अब भाजपा की ‘सामाजिक नेतृत्व’ का मुकाबला नहीं कर सकती. भाजपा सत्ता में आने के बाद सामाजिक ताने-बाने पर काम करती है और एंटी-इनकम्बेंसी (सत्ता विरोधी लहर)

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सब्जी बेची, रिक्शा चलाया…अब CWG 2026 में जीता मेडल, मां ने सरकार से की नौकरी की मांग

ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुषों की हेवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले झंडू कुमार की सफलता के पीछे वर्षों का संघर्ष छिपा है. बिहार के नालंदा जिले के रहने वाले झंडू ने 190 किलोग्राम का सर्वश्रेष्ठ वजन उठाकर हिंदुस्तान को ब्रॉन्ज मेडल दिलाया. यह कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पैरा पावरलिफ्टिंग में हिंदुस्तान का पहला पदक भी रहा. अब हिंदुस्तान के खाते में कुल 6 मेडल आ गए हैं. पोलियो के बाद भी नहीं मानी हार झंडू के पिता रमानंद पासवान ने बताया कि उनके बेटे को 1990 में पोलियो हो गया था. इलाज के लिए उन्हें लखनऊ और कोलकाता तक ले जाया गया, लेकिन कोई खास फायदा नहीं हुआ. उन्होंने बताया कि परिवार आज भी किराए के मकान में रहता है और आर्थिक तंगी के बीच झंडू ने कभी हिम्मत नहीं हारी. उसने रिक्शा चलाया, बिस्कुट बेचे और मेहनत-मजदूरी करके परिवार का सहारा बना. आज उसकी जीत से बहुत खुशी हो रही है. झंडू कुमार के माता-पिता (फोटो- एक्स/ सोशल मीडिया) मां बोलीं- अब बेटे को अच्छी नौकरी मिले झंडू की मां कमला देवी ने कहा कि इस मुकाम तक पहुंचने के लिए पूरे परिवार ने कई मुश्किलें झेली हैं. उन्होंने बताया कि झंडू ई-रिक्शा चलाता था और परिवार की मदद के लिए छोटे-मोटे काम भी करता था. लोगों के ताने सुनने के बावजूद उसने हार नहीं मानी. लोग उसका मजाक उड़ाते थे, लेकिन वह हमेशा कहता था कि एक दिन खुद को साबित करके दिखाऊंगा. आज उसने वह कर दिखाया है. अब मेरी बस यही इच्छा है कि प्रशासन उसे एक अच्छी नौकरी दे. रिकॉर्ड तोड़ने से चूके 28 वर्षीय झंडू कुमार ने पहले प्रयास में 181 किलोग्राम और दूसरे प्रयास में 190 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाया. तीसरे प्रयास में उन्होंने 196 किलोग्राम उठाने की कोशिश की, जो सफल होती तो कॉमनवेल्थ गेम्स का नया रिकॉर्ड बन जाता. हालांकि वह इसमें सफल नहीं हो सके, लेकिन 190 किलोग्राम के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के दम पर ब्रॉन्ज मेडल जीतने में सफल रहे. उनकी इस उपलब्धि ने न सिर्फ हिंदुस्तान को पदक दिलाया, बल्कि संघर्ष और मेहनत की एक प्रेरणादायक कहानी भी दुनिया के सामने रख दी. ये भी पढ़ें: CWG 2026: झंडू कुमार को कांस्य जीतने का मिला इनाम, स्पोर्ट्स मंत्री ने दिए 10 लाख रुपये The post सब्जी बेची, रिक्शा चलाया…अब CWG 2026 में जीता मेडल, मां ने प्रशासन से की नौकरी की मांग appeared first on Naya Vichar.

बिहार, समस्तीपुर

श्रावणी मेला के अवसर पर स्पेशल ट्रेनों का परिचालन

नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर: श्रावणी मेला के अवसर पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे द्वारा श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जायेगा जिनका विवरण निम्नानुसार है:- 1. गाड़ी सं. 05597/ 05598 जयनगर- आसनसोल-जयनगर श्रावणी मेला स्पेशल (मधुबनी-दरभंगा- समस्तीपुर- बरौनी- किउल- झाझा-जसीडीह के रास्ते ) (सप्ताह में तीन दिन) :- गाड़ी सं. 05597 जयनगर- आसनसोल श्रावणी मेला स्पेशल 31.07.2026 से 30.08.2026 तक सप्ताह में तीन दिन – मंगलवार, शुक्रवार एवं रविवार को जयनगर से 21.00 बजे खुलकर अगले दिन 07.42 बजे जसीडीह सहित अन्य स्टेशनों पर रूकते हुए 11.30 बजे आसनसोल पहुंचेगी । वापसी में, गाड़ी सं. 05598 आसनसोल-जयनगर श्रावणी मेला स्पेशल 01.08.2026 से 31.08.2026 तक सप्ताह में तीन दिन – बुधवार, शनिवार एवं सोमवार को आसनसोल से 13.00 बजे खुलकर 14.30 बजे जसीडीह सहित अन्य स्टेशनों पर रूकते हुए अगले दिन 06.00 बजे जयनगर पहुंचेगी । 2. गाड़ी सं. 05545/05546 रक्सौल-देवघर-रक्सौल श्रावणी मेला स्पेशल (सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर- समस्तीपुर-बरौनी- किउल- जमालपुर- भागलपुर के रास्ते ) (सप्ताह में तीन दिन) :- गाड़ी सं. 05545 रक्सौल-देवघर श्रावणी मेला स्पेशल 31.07.2026 से 30.08.2026 तक सप्ताह में तीन दिन – रविवार, मंगलवार एवं शुक्रवार को रक्सौल से 00.30 बजे खुलकर विभिन्न स्टेशनों पर रूकते हुए उसी दिन 17.05 बजे देवघर पहुंचेगी । वापसी में, गाड़ी सं. 05546 देवघर-रक्सौल श्रावणी मेला स्पेशल 31.07.2026 से 30.08.2026 तक सप्ताह में तीन दिन – रविवार, मंगलवार एवं शुक्रवार को देवघर से 18.05 बजे खुलकर विभिन्न स्टेशनों पर रूकते हुए अगले दिन 11.40 बजे रक्सौल पहुंचेगी । 3. गाड़ी सं. 05573/05574 राघोपुर- देवघर-राघोपुर श्रावणी मेला स्पेशल (सुपौल-सहरसा-मानसी- खगड़िया- मुंगेर-सुलतानगंज- भागलपुर के रास्ते ) (प्रतिदिन) – गाड़ी सं. 05573 राघोपुर-देवघर स्पेशल 28.07.2026 से 31.08.2026 तक प्रतिदिन राघोपुर से 02.50 बजे खुलकर 03.03 बजे सरायगढ़, 03.38 बजे सुपौल, 04.30 बजे सहरसा, 05.00 बजे सिमरी बख्तियारपुर, 05.50 बजे मानसी, 06.00 बजे खगड़िया, 06.18 बजे सबदलपुर, 06.40 बजे मुंगेर, 07.48 बजे सुलतानगंज, 08.30 बजे भागलपुर रूकते हुए 11.20 बजे देवघर पहुंचेगी । वापसी में गाड़ी सं. 05574 देवघर-राघोपुर स्पेशल 28.07.2026 से 31.08.2026 तक प्रतिदिन देवघर से 11.35 बजे खुलकर 14.20 बजे भागलपुर, 14.55 बजे सुलतानगंज, 16.25 बजे मुंगेर, 17.25 बजे सबदलपुर, 17.50 बजे खगड़िया, 18.16 बजे मानसी, 18.53 बजे सिमरी बख्तियारपुर, 20.40 बजे सहरसा, 21.26 बजे सुपौल, 22.15 बजे सरायगढ़ रूकते हुए 22.50 बजे राघोपुर पहुंचेगी ।

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CWG 2026: बिंदियारानी देवी ने भारत को दिलाया ब्रॉन्ज, वेटलिफ्टिंग में फिर चमका तिरंगा

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हिंदुस्तान की स्टार वेटलिफ्टर बिंदियारानी देवी ने स्त्रीओं के 58 किलोग्राम भार वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर देश का मान बढ़ाया. 27 वर्षीय बिंदियारानी ने कुल 199 किलोग्राम (87 किग्रा स्नैच + 112 किग्रा क्लीन एंड जर्क) वजन उठाकर पोडियम पर जगह बनाई. इसके साथ ही कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हिंदुस्तान के खाते में छठा मेडल जुड़ गया. आखिरी प्रयास में नहीं उठा सकीं 116 किलोग्राम बिंदियारानी ने स्नैच राउंड में 87 किलोग्राम का सर्वश्रेष्ठ प्रयास सफलतापूर्वक पूरा किया. इसके बाद क्लीन एंड जर्क में उन्होंने 112 किलोग्राम वजन उठाया. हालांकि, अपने अंतिम प्रयास में 116 किलोग्राम वजन उठाने में वह सफल नहीं हो सकीं. अगर वह यह प्रयास पूरा कर लेतीं तो उनकी कुल लिफ्ट और बेहतर हो सकती थी, लेकिन 199 किलोग्राम का कुल स्कोर भी उन्हें ब्रॉन्ज मेडल दिलाने के लिए काफी रहा. हिंदुस्तान की अनुभवी वेटलिफ्टर हैं बिंदियारानी मणिपुर के इम्फाल की रहने वाली बिंदियारानी देवी हिंदुस्तान की अनुभवी वेटलिफ्टरों में शामिल हैं. उन्होंने 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीता था. बिंदियारानी लंबे समय तक 55 किलोग्राम भार वर्ग में स्पोर्ट्सती रहीं और 2025 राष्ट्रीय चैंपियनशिप में 88 किलोग्राम स्नैच के साथ राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बनाया था. हाल के वर्षों में उन्होंने 58 किलोग्राम वर्ग में भी लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है. इस कॉमनवेल्थ गेम्स में बिंदियारानी को ब्रॉन्ज से संतोष करना पड़ा. हिंदुस्तान के खाते में अब छह पदक बिंदियारानी देवी के कांस्य पदक के साथ ही हिंदुस्तान के खाते में अब छह पदक हो गए हैं और खास बात यह है कि सभी छह पदक वेटलिफ्टिंग से आए हैं. हिंदुस्तान के लिए मीराबाई चानू ने स्वर्ण पदक जीता है, जबकि ज्ञानेश्वरी यादव, ऋषिकांत सिंह और राजा मुथुपांडी ने रजत पदक अपने नाम किए. झंडू कुमार और अब बिंदियारानी देवी ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर हिंदुस्तान की पदक संख्या छह तक पहुंचा दी. हिंदुस्तानीय वेटलिफ्टरों का शानदार प्रदर्शन कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार जारी है. ये भी पढ़ें: CWG 2026: ज्ञानेश्वरी यादव ने 199 किग्रा वजन उठाकर जीता सिल्वर, हिंदुस्तान के खाते में आया पांचवां मेडल The post CWG 2026: बिंदियारानी देवी ने हिंदुस्तान को दिलाया ब्रॉन्ज, वेटलिफ्टिंग में फिर चमका तिरंगा appeared first on Naya Vichar.

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NEET प्रदर्शनकारियों पर बड़ा फैसला, बिहार सरकार वापस लेगी दर्ज FIR, जल्द होंगे रिहा

Bihar Government Withdraws FIR: बिहार प्रशासन के गृह विभाग ने प्रेस रिलीज जारी कर NEET/UG परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर हुए छात्र आंदोलन पर बड़ा फैसला लिया है. प्रशासन ने कहा है कि छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कई कानूनी कार्रवाइयों को वापस लिया जाएगा. प्रशासन ने साफ किया है कि 26 जुलाई 2026 की शाम 6 बजे तक बिहार में हुए इस आंदोलन में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कोई नई दंडात्मक, प्रतिशोधात्मक या दूसरी कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी. दर्ज FIR और नोटिस वापस लेने की होगी प्रक्रिया गृह विभाग ने कहा है कि 26 जुलाई 2026 की शाम 6 बजे से पहले प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ दर्ज सभी FIR, शिकायत और कारण बताओ नोटिस को वापस लेने की कानूनी प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाएगी. प्रशासन ने यह भी घोषणा की है कि 26 जुलाई 2026 की शाम 6 बजे से पहले दर्ज मामलों में गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए सभी लोगों को जल्द रिहा किया जाएगा. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें भविष्य में भी नहीं होगी कार्रवाई प्रेस रिलीज में कहा गया है कि 26 जुलाई 2026 की शाम 6 बजे से पहले दर्ज इन मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ भविष्य में भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी. प्रशासन ने कहा है कि यह फैसला NEET/UG परीक्षा में कथित गड़बड़ी, परीक्षा व्यवस्था में सुधार और उच्च शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर हुए आंदोलन के संदर्भ में लिया गया है. इसके लिए गृह विभाग ने आधिकारिक आदेश जारी कर संबंधित प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है. बिहार में नीट प्रदर्शन के मामले में 355 लोग जेल भेजे गए हैं. पुलिस मुख्यालय की ओर से ही यह आंकड़ा जारी किया गया था. 694 लोग हिरासत में लिए गए थे. इसी प्रदर्शन में जनशक्ति जनता दल के प्रमुख और लालू के बेटे तेज प्रताप यादव भी जेल में हैं. इसे भी पढ़ें: क्या पुलिस प्रदर्शनकारियों पर चला सकती है AK-47? समझिए पूरी कानूनी प्रक्रिया The post NEET प्रदर्शनकारियों पर बड़ा फैसला, बिहार प्रशासन वापस लेगी दर्ज FIR, जल्द होंगे रिहा appeared first on Naya Vichar.

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CJP ने ‘प्लेबुक’ का किया जिक्र, प्रदर्शनकारियों के लिए लीगल फंड का ऐलान

Cockroach Janata Party : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दावा किया है कि आंदोलन खत्म होने के बाद केंद्र प्रशासन प्रदर्शनकारियों को निशाना बना सकती है. इसी आशंका को देखते हुए पार्टी ने देशभर के प्रदर्शनकारियों की कानूनी मदद के लिए एक ऑनलाइन वेबसाइट और लीगल एड फंड शुरू करने का ऐलान किया है. एएनआई न्यूजेंसी के मुताबिक, CJP का कहना है कि इस फंड से कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे छात्रों और प्रदर्शनकारियों को सहायता मिलेगी. कपिल सिब्बल का साथ, 1 करोड़ देने की घोषणा दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल भी मौजूद रहे. उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतंत्र का हिस्सा है और किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होनी चाहिए. सिब्बल ने कानूनी सहायता के लिए 1 करोड़ रुपये देने की घोषणा की और देशभर के वकीलों से भी इस अभियान से जुड़ने की अपील की. CJP ने प्रदर्शनकारियों की कानूनी मदद के लिए ऑनलाइन लीगल एड फंड शुरू करने की घोषणा की. वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने 1 करोड़ रुपये की सहायता देने का ऐलान किया. पार्टी ने आरोप लगाया कि केंद्र प्रशासन समझौते के बावजूद प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई कर रही है. CJP ने FIR वापस लेने, छात्रों की रिहाई और लिखित समझौता सार्वजनिक करने की मांग की. ‘पुराना प्लेबुक दोहराया जा रहा है’ : CJP CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने आरोप लगाया कि पहले भी कई बड़े आंदोलनों में प्रदर्शनकारियों को बाद में झूठे मामलों में फंसाया गया था और अब वही “प्लेबुक” दोहराई जा रही है. उन्होंने कहा कि आंदोलन के पहले दिन से ही छात्रों को कानूनी और चिकित्सीय सहायता दी जा रही है, जिसे अब और मजबूत किया जाएगा. बिहार में कार्रवाई पर गंभीर आरोप CJP नेता रत्ना सिंह ने दावा किया कि बिहार में प्रदर्शनकारियों पर सबसे ज्यादा सख्ती हुई है. उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगह पुलिस ने अत्यधिक बल प्रयोग किया और सीवान, पटना तथा छपरा जैसे इलाकों से कार्रवाई की शिकायतें मिली हैं. पार्टी ने कहा कि स्थानीय वकीलों के साथ मिलकर प्रभावित लोगों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. प्रशासन को अल्टीमेटम, फिर आंदोलन की चेतावनी CJP ने केंद्र प्रशासन पर समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए मांग की है कि सभी FIR वापस ली जाएं, हिरासत में लिए गए छात्रों को रिहा किया जाए और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ भविष्य में कोई नया मामला दर्ज न हो. सीजेपी ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन लिखित समझौता साझा नहीं करती और कार्रवाई नहीं रोकती, तो देशभर में फिर से आंदोलन शुरू किया जाएगा. यह भी पढ़ें- CJP ने प्रशासन को फिर दी चेतावनी: FIR वापस लो, नहीं तो फिर जंतर-मंतर पर होगा आंदोलन! The post CJP ने ‘प्लेबुक’ का किया जिक्र, प्रदर्शनकारियों के लिए लीगल फंड का ऐलान appeared first on Naya Vichar.

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बांग्ला श्रावणी की दूसरी सोमवारी पर लगी बेलपत्र प्रदर्शनी, बाबा मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब

संजीव मिश्रा देवघर : बांग्ला श्रावणी की दूसरी सोमवारी पर सोमवार शाम बाबा बैद्यनाथ मंदिर परिसर में पारंपरिक एवं आकर्षक बेलपत्र प्रदर्शनी का आयोजन किया गया. शाम सात बजे विभिन्न बेलपत्र दलों ने विधि-विधान से बाबा भोलेनाथ का पूजन कर बेलपत्र अर्पित किया. इसके बाद मंदिर परिसर में सजी अनोखी पहाड़ी बेलपत्र प्रदर्शनी को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. मसानी समाज दल 1 की प्रदर्शनी चांदी की थाल में सजे पहाड़ी बेलपत्र बने आकर्षण का केंद्र शाम करीब पांच बजे विभिन्न समाजों के सदस्य चांदी की थाल में आकर्षक ढंग से सजे पहाड़ी बेलपत्र लेकर ढोल-नगाड़ों के साथ मंदिर परिसर पहुंचे. निर्धारित स्थानों पर चांदी, तांबा और स्टील के पात्रों में त्रिनेत्र के आकार की मनमोहक बेलपत्र सजावट की गई, जिसने श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया. जरनैल समाज की प्रदर्शनी प्रदर्शनी के दौरान सभी दलों ने क्रमवार बाबा बैद्यनाथ का बेलपत्र पूजन किया. परंपरा के अनुसार बांग्ला श्रावण माह की प्रत्येक सोमवारी को बाबा मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और बेलपत्र प्रदर्शनी का आयोजन किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं. ये भी पढ़ें… एक साल से अनुपस्थित कर्मी पर कार्रवाई का निर्देश, डीसी ने किया मयूरहंड ब्लॉक कार्यालय का निरीक्षण सिमरिया में चोरों ने बनाया मुर्गी फार्म को निशाना, ताला तोड़कर 30 हजार रुपये का सामान ले उड़े The post बांग्ला श्रावणी की दूसरी सोमवारी पर लगी बेलपत्र प्रदर्शनी, बाबा मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब appeared first on Naya Vichar.

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