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Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

समस्तीपुर

प्रतियोगिता में सफल प्रतिभागियों को किया गया पुरस्कृत

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन: प्रखण्ड अंतर्गत उ.उ.मा.वि. नौआचक सह उ.म. वि. नौआचक के प्रांगण में शनिवार को कक्षा 6 से 12 छात्राओं के बीच निबंध-लेखन, पेंटिंग एवं स्पेलिंग प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में कुल 115 बच्चों ने भाग लिया, जिसमें तीनों विधाओं के प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय विजेताओं को ट्रॉफी, मेडल तथा सभी प्रतिभागियों के बीच पुरुस्कार वितरण किया गया। इसमें विद्यालय के प्रधानाध्यापक चंदन कुमार झा, शिक्षक शंभू कुमार,कुंदन कुमार झा, पुष्पेन्द्र कुमार, उज्जवल कुमार रौशन, श्याम कुमार, मनीष कुमार राम, आयुषी कुमारी, अंजली रानी, साहिल कुमार, शंभू राय आदि शिक्षक –शिक्षिकाओं ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन में अपना योगदान दिया।

समस्तीपुर

मेंटेनेंस कार्य को लेकर 5 घंटे बंद रहेगी बिजली आपूर्ति

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन। विद्युत शक्ति उपकेंद्र गंगापुर एवं 11 केवी लाइन में मेंटेनेंस कार्य को लेकर रविवार, 13 सितंबर को 33 केवी गंगापुर लाइन की बिजली आपूर्ति सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक बंद रहेगी। इस दौरान विद्युत शक्ति उपकेंद्र गंगापुर से जुड़े सभी फीडरों की बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। बिजली आपूर्ति बंद रहने से फतेहपुर वाला, गंगापुर, लाटबसेपुरा, जितवारपुर कुम्हीरा, नगर पंचायत मुसरीघरारी, रुपौली बुजुर्ग, बरबट्टा एवं नौवाचक पंचायत क्षेत्र के उपभोक्ताओं को पांच घंटे तक बिजली की समस्या का सामना करना पड़ेगा। विद्युत विभाग के अनुसार 33 केवी गंगापुर लाइन तथा 11 केवी लाइन में आवश्यक मेंटेनेंस कार्य किया जाना है। कार्य के दौरान विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बंद रखी जाएगी, ताकि कर्मी सुरक्षित तरीके से रखरखाव का कार्य पूरा कर सकें। विभाग ने संबंधित क्षेत्र के उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे निर्धारित अवधि को ध्यान में रखते हुए आवश्यक विद्युत कार्य पहले ही निपटा लें और बिजली से संबंधित जरूरी उपकरणों की वैकल्पिक व्यवस्था कर लें। इस संबंध में मुसरीघरारी के कनीय विद्युत अभियंता मोहम्मद रिजवान ने जानकारी देते हुए बताया कि मेंटेनेंस कार्य पूरा होने के बाद निर्धारित समय के अनुसार विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।

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Chaurchan 2026: बिहार-झारखंड में चौठचंद्र कब, किस समय होगी चंद्रमा की पूजा? मुहूर्त और महत्व जानिए

Chaurchan 2026: बिहार-झारखंड में चौठचंद्र पर्व का विशेष महत्व है. मान्यतानुसार, इस इस दिन भगवान गणेश की पूजा के साथ-साथ चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है. पौराणिक मान्यता है इस व्रत को रखने से परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है. साथ ही, संतान को दीर्घायु जीवन का आशीर्वाद प्राप्त होता है. इसके अलावा मान्यता यह भी है कि चौठचंद्र व्रत के प्रभाव से बुद्धि सही काम करती है, शिक्षा के क्षेत्र में उन्नति होती है और जीवन की बाधाओं का अंत होता है. आइए, अब जानते हैं कि बिहार और झारखंड में चौठचंद्र की पूजा का क्या शुभ मुहूर्त है, व्रत कब रखा जाएगा और इस दिन चंद्रमा के दर्शन से जुड़ी मान्यता और महत्व क्या है. चौठचंद्र 2026 शुभ मुहूर्त मिथिला पंचांग के अनुसार, भगवान गणेश की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 11:30 बजे से दोपहर 12:58 बजे तक रहेगा. ऐसा इसलिए क्योंकि शास्त्रों के अनुसार, भगवान गणेश का चतुर्थी तिथि पर मध्याह्न काल में हुआ था. चौठचंद्र पर चंद्रमा के दर्शन का महत्व चौठचंद्र शब्द का अर्थ- ‘चतुर्थी तिथि का चांद’ होता है. यानी भाद्रपद (भादो) शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को देखा जाने वाला चांद. आमतौर पर चतुर्थी के चांद को देखना अशुभ माना जाता है. लेकिन, मैथिल संप्रदाय की परंपरा के अनुसार इस दिन चंद्रमा का दर्शन करना शुभ और मंगलकारी होता है. चौठचंद्र पर चंद्र के दर्शन से कलंक (झूठा आरोप) नहीं लगता. ये भी पढ़ें: Hartalika Teej Niyam: क्या आप भी कर रही हैं हरतालिका तीज का व्रत? पारण और पूजा के ये 10 कड़े नियम जरूर जान लें चौठचंद्र का चांद देखने के दूर होता है कलंक पौराणिक मान्यता के अनुसार, चतुर्थी के चांद को देखने से आरोप लगता है. श्रीमद्भगवद महापुराण के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण पर स्यमन्तक मणि चुराने का आरोप लगा था. कहा जाता है कि द्वापर युग में भगवान श्री कृष्ण ने चतुर्थी तिथि का चांद देखा था. कहा जाता है कि नारद जी ने श्रीकृष्ण से कहा था कि भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी तिथि पर चंद्रमा के दर्शन से कलंक (झूठा आरोप) नहीं और अगर लगा हो, तो वह दूर हो जाता है. चौठचंद्र पूजा लिए पकवान और उसका महत्व चौठचंद्र पूजा के दिन मुख्य रूप से खीर (चावल और गुड़ का), पूड़ी (अगर संभव हो, तो गुड़ का), पिरुकिया (गुझिया), मीठी टिकरी (बिहार-झारखंड का पारंपरिक पकवान) इत्यादि पकवान बनाए जाते हैं और उन्हीं का भोग चंद्र देव को लगाया जाता है. इस दिन मुख्यतौर पर पारंपरिक पकवान ही बनाए जाते हैं. चौठचंद्र के दिन ये सभी सामग्रियां बांस के बने सूप में रखकर आंगन में पूजन के लिए रखी जाती हैं. चौठचंद्र पूजन सामग्री दूध दही खीर पकवान मौसमी फल सिंदूर तिल सुपारी चंदन शुद्ध जल शंख नया वस्त्र गौर चावल का आटा अष्टदल (अल्पना) दूर्वा दल बेलपत्र सफेद फूल-माला अक्षत केले का पत्ता आम का पत्ता कलश बांस का सूप दीप डाली चौठचंद्र पूजा सामग्री (Image AI) ये भी पढ़ें: Ganesh Chauth 2026: गणेश चौठ कब मनाई जाएगी, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि The post Chaurchan 2026: बिहार-झारखंड में चौठचंद्र कब, किस समय होगी चंद्रमा की पूजा? मुहूर्त और महत्व जानिए appeared first on Naya Vichar.

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BRICS Summit 2026 Live Updates in Hindi : पीएम मोदी से बोले जिनपिंग- भारत-चीन एक-दूसरे से सीखें, साझा विकास पर दिया जोर

BRICS Summit 2026 LIVE Updates in Hindi: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक व्यवस्था में बड़े बदलाव की जरूरत पर जोर दिया. उन्होंने 10-सूत्री मसौदा पेश करते हुए कहा कि ब्रिक्स टकराव नहीं, सहयोग का मंच है. साथ ही ग्लोबल साउथ की भागीदारी बढ़ाने, UNSC सुधार और सदस्य देशों के बीच सुरक्षा सहयोग मजबूत करने की बात कही. ब्रिक्स समिट की हर अपडेट के लिए आप जुड़े रहें नया विचार के साथ. The post BRICS Summit 2026 Live Updates in Hindi : पीएम मोदी से बोले जिनपिंग- हिंदुस्तान-चीन एक-दूसरे से सीखें, साझा विकास पर दिया जोर appeared first on Naya Vichar.

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चेहरे पर चाहिए ग्लो? रोज की चाय छोड़ ट्राई करें ये नीली चाय

Blue Tea Recipe: आजकल हेल्दी और नेचुरल ड्रिंक्स का चलन काफी बढ़ गया है. लोग अपनी रोज की चाय या कॉफी के अलावा ऐसे पेय भी ट्राई करना चाहते हैं, जो स्वाद के साथ शरीर के लिए भी फायदेमंद हों. ऐसी ही एक ड्रिंक है अपराजिता के फूलों से बनने वाली ब्लू टी. इसका नीला रंग इसे बाकी हर्बल टी से अलग बनाता है और इसे बनाना भी काफी आसान है. अपराजिता को Butterfly Pea Flower के नाम से भी जाना जाता है. इसके फूलों में प्राकृतिक पौधों के यौगिक पाए जाते हैं, जिनमें Anthocyanins भी शामिल हैं. यही यौगिक इसके गहरे नीले रंग के लिए जिम्मेदार होते हैं. इसे एक हेल्दी ड्रिंक (Blue Tea The post चेहरे पर चाहिए ग्लो? रोज की चाय छोड़ ट्राई करें ये नीली चाय appeared first on Naya Vichar.

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BRICS Summit: शी जिनपिंग बोले- ग्लोबल साउथ का एक प्रमुख समूह है ब्रिक्स, मध्य-पूर्व संकट में शांतिदूत की भूमिका निभाने की अपील

नई दिल्ली में BRICS Summit के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मध्य-पूर्व में जारी युद्ध को लेकर BRICS देशों से सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की है. उन्होंने कहा कि BRICS को संकट के बीच शांतिदूत की भूमिका निभानी चाहिए. BRICS को बताया ग्लोबल साउथ का एक प्रमुख समूह Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, शी जिनपिंग ने कहा कि चीन मध्य-पूर्व संकट के समाधान के लिए BRICS के दूसरे सदस्य देशों के साथ मिलकर काम करेगा. उन्होंने कहा कि युद्ध अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साझा हितों के अनुरूप नहीं है. शी ने BRICS को ग्लोबल साउथ का एक प्रमुख समूह बताते हुए कहा कि यह उभरते और विकासशील देशों के बीच आत्मनिर्भरता और नवाचार आधारित विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. BRICS में शामिल हैं 10 देश BRICS में ब्राजील, रूस, हिंदुस्तान, चीन और दक्षिण अफ्रीका के अलावा मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं. इन देशों की आबादी दुनिया की 40 फीसदी से अधिक है और वैश्विक वित्तीय स्थिति में इनकी हिस्सेदारी करीब एक-चौथाई है. Reuters के मुताबिक, शी जिनपिंग ने BRICS को उभरती और विकासशील वित्तीय स्थितिओं के बीच सहयोग का महत्वपूर्ण मंच बताया. उन्होंने नवाचार और विकास के साथ-साथ सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया. ये भी पढ़ें: BRICS Summit 2026: पावर पिरामिड से पार्टनरशिप के प्लेटफॉर्म तक, PM मोदी ने रखा 20 साल का रोडमैप अगले साल चीन करेगा BRICS की अध्यक्षता Reuters के अनुसार, चीन अगले साल BRICS की अध्यक्षता करेगा और 19वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा. ऐसे में मध्य-पूर्व संकट पर शी का यह बयान चीन की आगामी BRICS अध्यक्षता के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. The post BRICS Summit: शी जिनपिंग बोले- ग्लोबल साउथ का एक प्रमुख समूह है ब्रिक्स, मध्य-पूर्व संकट में शांतिदूत की भूमिका निभाने की अपील appeared first on Naya Vichar.

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आजमगढ़ में अलकायदा का नेटवर्क! ATS के हत्थे चढ़ा नबील, WhatsApp ग्रुप से युवाओं को कर रहा था ट्रेंड

UP Crime News: उत्तर प्रदेश एटीएस ने आजमगढ़ से प्रतिबंधित आतंकी संगठन अलकायदा इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से जुड़े मोहम्मद नबील को गिरफ्तार किया है. एटीएस के मुताबिक, नबील सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को आतंकी विचारधारा से जोड़ रहा था. वह उन्हें मुजाहिद बनने के लिए तैयार करने और आगे प्रशिक्षण दिलाने की योजना बना रहा था. जांच में उसके कई सोशल मीडिया ग्रुप और विदेशों में मौजूद लोगों से संपर्क की जानकारी सामने आई है. सोशल मीडिया पर बना रहा था नेटवर्क मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने बताया कि एटीएस को नबील के बारे में खुफिया जानकारी मिली थी. आरोप है कि वह AQIS की विचारधारा का प्रचार-प्रसार कर रहा था. इसके लिए वह सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म और एन्क्रिप्टेड ग्रुप का इस्तेमाल करता था. एटीएस ने नबील के खिलाफ अपने थाने में एफआईआर दर्ज की. इसके बाद उसे आजमगढ़ से गिरफ्तार किया गया. उसके मोबाइल फोन की जांच में AQIS से जुड़ी सामग्री और एक व्हाट्सएप ग्रुप की जानकारी मिलने की बात कही गई है. ग्रुप में सदस्यों को कहता था ‘मुजाहिद’ एटीएस के अनुसार, नबील ने ‘ला गालिब-इल्लल्लाह’ नाम से एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था. इसमें जुड़े सदस्यों को वह ‘मुजाहिद’ कहकर संबोधित करता था. ग्रुप में जिहाद और अन्य गतिविधियों के लिए अलग-अलग कोड शब्दों के इस्तेमाल का भी आरोप है. जांच एजेंसी का कहना है कि नबील ने आतंकी विचारधारा से जुड़ी किताबें भी ग्रुप में साझा की थीं. इनमें अलकायदा आतंकी अनवर उल अवलाकी की किताब और AQIS के पूर्व प्रमुख मौलाना आसिम उमर की किताब शामिल है. ग्रुप के सदस्यों से इन किताबों को पढ़ने की अपील भी की गई थी. बांग्लादेश, म्यांमार और सऊदी अरब के लोगों से संपर्क एटीएस के मुताबिक, नबील कई अन्य व्हाट्सएप ग्रुप से भी जुड़ा था. इनमें बांग्लादेश, म्यांमार और सऊदी अरब के लोग भी शामिल थे. एजेंसी का दावा है कि इन ग्रुप में अलकायदा की विचारधारा से जुड़ी सामग्री साझा की जाती थी. नबील पर पाकिस्तान, तुर्की और बांग्लादेश जाकर प्रशिक्षण लेने की तैयारी करने का भी आरोप है. एटीएस के मुताबिक, वह अपने साथियों के साथ हिंदुस्तान विरोधी गतिविधियों को लेकर भी योजना बना रहा था. उसके संपर्कों और गतिविधियों की जांच जारी है. रिमांड पर लेने की तैयारी में एटीएस एटीएस अब नबील से उसके नेटवर्क और संपर्कों के बारे में पूछताछ करेगी. एजेंसी उसे अदालत में पेश कर रिमांड की मांग करेगी. जांच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि उसके संपर्क में कितने लोग थे और सोशल मीडिया के जरिए किस तरह का नेटवर्क तैयार किया जा रहा था. Also Read: गोरखपुर में रजिस्ट्री कराने पहुंचे सैकड़ों लोग, अचानक क्यों लौटना पड़ा खाली हाथ? The post आजमगढ़ में अलकायदा का नेटवर्क! ATS के हत्थे चढ़ा नबील, WhatsApp ग्रुप से युवाओं को कर रहा था ट्रेंड appeared first on Naya Vichar.

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BRICS Delhi Declaration: UNSC में भारत की बड़ी भूमिका के पक्ष में चीन-रूस, फिर दोहराया समर्थन

BRICS Delhi Declaration: नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान अपनाए गए दिल्ली घोषणापत्र में संयुक्त राष्ट्र और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में बड़े सुधारों की जरूरत पर जोर दिया गया है. सबसे अहम बात यह रही कि चीन और रूस ने संयुक्त राष्ट्र और सुरक्षा परिषद में हिंदुस्तान और ब्राजील की बड़ी भूमिका की आकांक्षा का समर्थन दोहराया. घोषणापत्र में कहा गया कि वैश्विक संस्थाओं में विकासशील देशों की भागीदारी बढ़नी चाहिए और ग्लोबल साउथ की आवाज को ज्यादा मजबूत बनाया जाना चाहिए. UNSC में हिंदुस्तान की बड़ी भूमिका के समर्थन में चीन और रूस ब्रिक्स ने साफ किया कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार जरूरी है, ताकि यह ज्यादा लोकतांत्रिक, प्रतिनिधित्व वाला, प्रभावी और मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के मुताबिक बन सके. घोषणापत्र में ब्रिक्स देशों ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार से ग्लोबल साउथ की आवाज और मजबूत होगी. समूह ने विकासशील देशों को वैश्विक फैसलों में ज्यादा भागीदारी देने की मांग की. खास तौर पर अफ्रीका, एशिया, लैटिन अमेरिका और कैरेबियन के देशों को वैश्विक संस्थाओं में ज्यादा और सार्थक प्रतिनिधित्व देने की बात कही गई है. ब्रिक्स घोषणापत्र में एक ऐसी अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की वकालत की गई, जो ज्यादा न्यायपूर्ण, समान, प्रभावी, प्रतिनिधित्व वाली और जवाबदेह हो. ब्रिक्स ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों को बनाए रखने पर भी जोर दिया. हम एक अधिक न्यायपूर्ण, समान, चुस्त, प्रभावी, कुशल, उत्तरदायी, प्रतिनिधि, वैध, लोकतांत्रिक और जवाबदेह अंतरराष्ट्रीय और बहुपक्षीय प्रणाली को बढ़ावा देकर वैश्विक शासन में सुधार और उसे बेहतर बनाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं- ब्रिक्स घोषणापत्र वरिष्ठ पदों पर विकासशील देशों की भागीदारी बढ़े ब्रिक्स ने संयुक्त राष्ट्र सचिवालय और दूसरे अंतरराष्ट्रीय संगठनों में भी विकासशील देशों का प्रतिनिधित्व बढ़ाने की मांग की. घोषणापत्र के मुताबिक वरिष्ठ और फैसले लेने वाले पदों पर किसी एक देश या कुछ देशों के नागरिकों का दबदबा नहीं होना चाहिए. इन पदों पर चयन की प्रक्रिया पारदर्शी और सभी को साथ लेकर चलने वाली होनी चाहिए. स्त्रीओं की भागीदारी बढ़ाने की भी मांग घोषणापत्र में अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के नेतृत्व और बड़े पदों पर स्त्रीओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया. ब्रिक्स ने कहा कि अब तक संयुक्त राष्ट्र महासचिव के पद पर कोई स्त्री नहीं चुनी गई है. समूह ने खास तौर पर उभरती और विकासशील वित्तीय स्थितिओं से आने वाली स्त्रीओं को ज्यादा अवसर देने की बात कही. अफ्रीकी देशों की मांग को भी मिला समर्थन UNSC सुधारों के मुद्दे पर ब्रिक्स ने अफ्रीकी देशों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को भी स्वीकार किया. घोषणापत्र में एजुलविनी सहमति और सिरते घोषणापत्र में दर्ज अफ्रीकी देशों की आकांक्षाओं का जिक्र किया गया है. इसका मकसद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अफ्रीका समेत विकासशील क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व बढ़ाना है. IMF और वर्ल्ड बैंक में भी सुधार चाहता है ब्रिक्स दिल्ली घोषणापत्र में केवल संयुक्त राष्ट्र ही नहीं, बल्कि वैश्विक आर्थिक संस्थाओं में भी सुधार की मांग की गई. ब्रिक्स ने कहा कि IMF और World Bank जैसे ब्रेटन वुड्स संस्थानों की व्यवस्था में भी उभरती और विकासशील वित्तीय स्थितिओं की बढ़ती ताकत दिखाई देनी चाहिए. समूह ने इन संस्थानों के नेतृत्व में विकासशील देशों की ज्यादा भागीदारी और क्षेत्रीय विविधता बढ़ाने पर जोर दिया. WTO सुधार और विवाद निपटान व्यवस्था बहाल करने की मांग ब्रिक्स ने विश्व व्यापार संगठन (WTO) में भी सुधार का समर्थन किया. समूह ने ऐसी वैश्विक व्यापार व्यवस्था की मांग की जो खुली, निष्पक्ष, पारदर्शी और नियमों पर आधारित हो. घोषणापत्र में WTO की दो-स्तरीय विवाद निपटान व्यवस्था को जल्द पूरी तरह बहाल करने और नए अपीलीय निकाय सदस्यों की नियुक्ति की मांग की गई. एकतरफा टैरिफ और प्रतिबंधों पर जताई चिंता ब्रिक्स देशों ने ऐसे एकतरफा टैरिफ और गैर-टैरिफ कदमों पर चिंता जताई, जो व्यापार को प्रभावित करते हैं और WTO के नियमों के खिलाफ हैं. समूह ने अंतरराष्ट्रीय कानून के विपरीत लगाए जाने वाले प्रतिबंधों का भी विरोध किया. घोषणापत्र में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मंजूरी के बिना लगाए गए एकतरफा दंडात्मक उपायों को खत्म करने की मांग की गई. वैश्विक व्यवस्था में बड़ी भूमिका चाहता है ग्लोबल साउथ दिल्ली घोषणापत्र का मुख्य संदेश यह है कि बदलती दुनिया में विकासशील देशों को केवल वैश्विक फैसलों का पालन करने वाला नहीं, बल्कि उन्हें बनाने वाला भी होना चाहिए. ब्रिक्स ने कहा कि ग्लोबल साउथ की चिंताओं और प्राथमिकताओं को वैश्विक मंच पर मजबूत आवाज मिलनी चाहिए. इसके साथ ही अधिक न्यायपूर्ण, समावेशी और स्थिर अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था तैयार करने की जरूरत है. (एजेंसी इनपुट) Also Read: BRICS Summit 2026: पावर पिरामिड से पार्टनरशिप के प्लेटफॉर्म तक, PM मोदी ने रखा 20 साल का रोडमैप The post BRICS Delhi Declaration: UNSC में हिंदुस्तान की बड़ी भूमिका के पक्ष में चीन-रूस, फिर दोहराया समर्थन appeared first on Naya Vichar.

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Marital Rape : पति द्वारा की गई जबरदस्ती को क्यों नहीं कहा जाता रेप? जानिए, पति-पत्नी के संबंध पर क्या कहता है कानून

इसी क्रम में एक बड़ा मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है. यह मामला है मैरिटल रेप यानी वैवाहिक बलात्कार का. अगर मैरिटल रेप को अपराध की श्रेणी में लाया गया, तो यह हिंदुस्तानीय स्त्रीओं के अधिकारों में ऐतिहासिक वृद्धि होगी और बेशक इसका असर उनकी सामाजिक स्थिति पर भी पड़ेगा. लेकिन यह मसला इतना सरल नहीं है, यही वजह है अबतक यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है. केंद्र प्रशासन का भी इस मसले पर यह कहना है कि अगर मैरिटल रेप को अपराध की श्रेणी में लाया गया तो परिवार नामक संस्था पर संकट के बादल मंडरा सकते हैं, क्योंकि इस कानून का दुरुपयोग हो सकता है. आइए समझते क्या है पूरी बात. BNS की धारा 63 में रेप की परिभाषा हिंदुस्तानीय कानून के अनुसार किसी स्त्री की मर्जी के बिना उसके साथ शारीरिक संबंध बनाना, कानून के हिसाब से अपराध है. हिंदुस्तानीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 63 में रेप (बलात्कार) की परिभाषा और उसके बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है. कानून के बारे में विस्तार से बताते हुए झारखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ता अवनीश रंजन मिश्रा बताते हैं कि बीएनएस की धारा 63 में रेप की परिभाषा का वर्णन है. जिसके अनुसार किसी स्त्री की इच्छा के खिलाफ; उसकी सहमति के बिना; डरा-धमकाकर ली गई सहमति से, सहमति इसलिए कि स्त्री को ऐसा लगता है कि संबंधित व्यक्ति भविष्य में उसका पति बन सकता है, मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के दौरान दी गई सहमति, नशे की हालात में दी गई सहमति, स्त्री की उम्र 18 साल से कम हो तो ऐसे शारीरिक संबंध को रेप माना जाता है. बीएनएस की धारा 63 मैरिटल रेप जैसा शब्द कानून में वर्णित नहीं अधिवक्ता अवनीश रंजन मिश्रा बताते हैं कि बीएनएस में मैरिटल रेप जैसे शब्द का प्रयोग नहीं किया गया है. दो व्यक्ति वैवाहिक संबंध में हैं तो यह एक नैसर्गिक सत्य है कि उनके बीच शारीरिक संबंध बनते हैं. पति-पत्नी के बीच अगर शारीरिक संबंध बिना सहमति के बनाए जाते हैं, तो उसके लिए BNS की धारा 63 में Exception 2 है. इसमें कहा गया है कि-“A sexual act or sexual intercourse by a man with his own wife, the wife not being under eighteen years of age, is not rape. यहां गौर करने वाली बात यह है कि यहां sexual intercourse शब्द का प्रयोग हुआ है ना कि रेप का. पति-पत्नी के बीच बन रहे शारीरिक संबंध को कानून रेप नहीं मानता और उसके लिए sexual intercourse का प्रयोग किया गया है.अगर सुप्रीम कोर्ट इसे रेप के दायरे में लाता है, तो फिर इसके लिए प्रशासन को अध्यादेश लाना होगा, राष्ट्रपति की मंजूरी लगेगी और चूंकि बीएनएस 2024 से ही लागू हुआ है, इसलिए इतनी जल्दी इसमें बदलाव अलग संदेश भी दे सकता है. पति-पत्नी के संबंधों के लिए BNS की धारा 67 में भी कुछ प्रावधान है, संभवत: इस धारा के तहत सुप्रीम कोर्ट कुछ विचार कर सकता है. BNS की धारा 67 के अनुसार अगर पति-पत्नी अलग रह रहे हैं—चाहे अदालत के separation decree के तहत या किसी अन्य कारण से और पति, पत्नी की सहमति के बिना उसके साथ यौन संबंध बनाता है, तो यह अलग अपराध है. इसकी सजा कम से कम 2 साल और अधिकतम 7 साल की जेल तथा जुर्माना है. BNS की धारा 68 के तहत अधीनस्थ कर्मचारी के साथ संबंध को भी sexual intercourse की श्रेणी में रखा गया है और शादी का प्रलोभन देकर बनाया गया संबंध भी इसी श्रेणी में आता है. मैरिटल रेप को अपराध की श्रेणी में लाने की क्यों हो रही है मांग? मैरिटल रेप को अपराध की श्रेणी में लाने की मांग करने वालों का कहना है कि शादी को स्त्री की स्थायी यौन सहमति (permanent consent) नहीं माना जाना चाहिए. याचिकाकर्ताओं और स्त्री अधिकार कार्यकर्ताओं का तर्क है कि विवाह के बाद भी स्त्री के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए उसकी सहमति का होना बहुत जरूरी है. पक्ष मुख्य बिंदु (Key Points) मुख्य मांग विवाह को स्त्री की स्थायी यौन सहमति (Permanent Consent) न माना जाए. सहमति का अधिकार विवाह के बाद भी शारीरिक संबंध के लिए स्त्री की स्पष्ट सहमति आवश्यक है. शारीरिक स्वायत्तता स्त्री के शरीर पर उसका स्वयं का अधिकार है, जिसे विवाह समाप्त नहीं करता. मौलिक अधिकार यह मुद्दा स्त्री की गरिमा (Dignity), समानता (Equality) और व्यक्तिगत स्वतंत्रता (Personal Liberty) से जुड़ा है. दोहरा मापदंड वही कृत्य जो गैर-पति करे तो ‘रेप’ माना जाता है, पति होने पर कानूनी छूट क्यों मिले? एक स्त्री के शरीर पर उसका हक होता है और इस वजह से इस मसले को उसकी गरिमा,समानता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकारों से जोड़ा गया है. शादी हमेशा के लिए सेक्स का आधार नहीं हो सकता. यह भी तर्क दिया जाता है कि जिस कृत्य के लिए किसी व्यक्ति को रेप का दोषी माना जाता है उसी कृत्य के लिए उसके पति हो जाने पर उसे छूट क्यों दी जाती है. मैरिटल रेप को अपराध बनाने का क्यों हो रहा है विरोध? मैरिटल रेप को अपराध बनाने का विरोध इसलिए नहीं हो रहा है कि प्रशासन या कानून यह मानता है कि पत्नी के साथ जबरन यौन संबंध सही है. केंद्र प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में स्पष्ट किया है कि पति को पत्नी की सहमति के खिलाफ यौन संबंध बनाने का कोई मौलिक अधिकार नहीं है. विवाद इस बात को लेकर है कि क्या ऐसे कृत्य को अलग से रेप मानकर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए या मौजूदा वैवाहिक/आपराधिक कानूनों के तहत इसपर कार्रवाई हो. केंद्र प्रशासन का मानना है कि मैरिटल रेप को अपराध नहीं माना जाता है, अगर इस कृत्य को अपराध की श्रेणी में लाया जाएगा, तो उसके लिए अलग से कानून बनाना होगा, जो संसद का काम है. प्रशासन यह भी मानती है कि मैरिटल रेप से हमारा समाज भी जुड़ा है, अगर यह कानून का रूप ले लेता है तो इसके दुरुपयोग की भी प्रबल आशंका है. अगर इस कानून का दुरुपयोग हुआ, तो विवाह नामक संस्था खतरे में आ सकती है, जिसका असर परिवार पर पड़ेगा. परिवार अगर टूटे तो समाज भी टूटेगा और यह खतरनाक हो सकता है. हिंदुस्तानीय समाज दूसरे किसी भी देश

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Watch Video: लेडी तस्कर नेहा झा की जेल में पहली रात कैसे कटी? खाना छोड़ा, नींद नहीं आई और फिर कही ये बात

Bihar Liquor Smuggling Neha Jha : स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस की एसी फर्स्ट क्लास के वीआइपी कूपे से शराब के साथ पकड़ी गई नेहा झा फिलहाल समस्तीपुर मंडल कारा में बंद है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेहा को स्त्री बंदियों के लिए बने कस्तूरबा वार्ड में रखा गया है. जेल पहुंचने के बाद शुरुआती दिनों में वह काफी परेशान नजर आयी और ठीक से खाना भी नहीं खाया. जेल पहुंचते ही फूट-फूट कर रोने लगी नेहा रिपोर्ट्स के मुताबिक, 5 सितंबर की शाम रेल पुलिस ने नेहा झा और उसके जीजा को समस्तीपुर मंडल कारा भेजा था. कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद रात करीब 7 बजे नेहा को कस्तूरबा वार्ड और उसके जीजा को कृष्णा वार्ड में भेजा गया. दोनों वार्डों के बीच दूरी करीब 100 मीटर बतायी गयी है, हालांकि स्त्री वार्ड में पुरुष बंदियों के जाने की अनुमति नहीं है. स्त्री वार्ड में पहुंचने के दौरान नेहा काफी भावुक थी और रो रही थी. जेल मैनुअल के अनुसार उसे भोजन में रोटी, सब्जी और अचार दिया गया. बताया जाता है कि वह काफी देर तक प्लेट को देखती रही और फिर वार्डन के कहने पर एक रोटी खाकर खाना छोड़ दिया. पहली रात करवटें बदलते बीती रिपोर्ट्स के अनुसार, रात करीब 9 बजे सोने के लिए घंटी बजने के बाद सभी बंदियों को अपने-अपने बिस्तर पर जाने का निर्देश दिया गया. नेहा काफी देर तक अपने बिस्तर पर बैठी रही और फिर उठती रही. एसी फर्स्ट क्लास के कूपे से सीधे जेल के सामान्य माहौल में पहुंचना उसके लिए बिल्कुल नया अनुभव था. वार्ड में गश्त कर रही स्त्री वार्डन ने उसे सुबह जल्दी उठने और जेल के नियमों के बारे में बताया. इसके बावजूद नेहा रात में ठीक से सो नहीं सकी. कुछ देर के लिए उसकी आंख लगी, लेकिन सुबह उठने की घंटी बजने के बाद उसे अन्य बंदियों के साथ दिनचर्या में शामिल होना पड़ा. सुबह गिनती के लिए लगना पड़ा लाइन में 6 सितंबर की सुबह गिनती के दौरान नेहा को भी अन्य स्त्री बंदियों के साथ लाइन में लगना पड़ा. इसके बाद उसे नाश्ते में गुड़ और चना दिया गया. जेल में सोने, उठने, बैठने और अन्य गतिविधियों के लिए तय नियमों के बारे में भी उसे जानकारी दी गयी. बताया जाता है कि शुरुआती दिनों में नेहा ने खाना काफी कम खाया. रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि पहले और दूसरे दिन उसने वार्डन की सख्ती के बाद सिर्फ एक-एक रोटी खायी. जेल में बंद स्त्रीओं को पढ़ाने की जताई इच्छा नेहा ने स्त्री वार्डन से कहा कि वह पढ़ी-लिखी है और जेल में बंद स्त्रीओं को पढ़ाना चाहती है. उसने कहा कि इससे उसका मन भी लगा रहेगा. हालांकि वार्डन ने उसे इसकी अनुमति नहीं दी और जेल की लाइब्रेरी में जाकर किताबें पढ़ने की सलाह दी. शराब के साथ गिरफ्तारी के बाद जेल भेजी गयी नेहा झा को 5 सितंबर की शाम समस्तीपुर रेलवे स्टेशन पर स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस की एसी फर्स्ट क्लास के वीआइपी कूपे से शराब के साथ पकड़े जाने की बात सामने आयी थी. इसके बाद रेल पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. मामले में उसके जीजा को भी गिरफ्तार कर मंडल कारा भेजे जाने की जानकारी है. फिलहाल नेहा झा समस्तीपुर मंडल कारा में बंद है. मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है. Also Read : VIDEO : ‘लगाइब चार डंडा’ वाली प्रिया मल्लिक, अब लड़कों के लिए ला रहीं हैं गाना… The post Watch Video: लेडी तस्कर नेहा झा की जेल में पहली रात कैसे कटी? खाना छोड़ा, नींद नहीं आई और फिर कही ये बात appeared first on Naya Vichar.

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