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Author name: Vinod Jha

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कोर्ट की लाइव-स्ट्रीमिंग को बिना इजाजत सोशल मीडिया पर अपलोड करना बैन

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कोर्ट की लाइव-स्ट्रीम की गई कार्यवाही के वीडियो को बिना अनुमति सोशल मीडिया या अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड करना, उसे एडिट करना, शेयर करना, पोस्ट करना और रीपोस्ट करना भी मना है. इसके लिए सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल और संबंधित हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल की अनुमति आवश्यक होगी. अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट और सभी हाई कोर्ट अपनी-अपनी आधिकारिक वेबसाइटों पर अपलोड करें. कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यह आदेश समाचार रिपोर्टिंग पर लागू नहीं होगा और मीडिया की सामान्य रिपोर्टिंग इससे प्रभावित नहीं होगी. सुप्रीम कोर्ट ने अदालत की कार्यवाही के वीडियो के अनधिकृत उपयोग, प्रसार और उससे कमाई (मॉनेटाइजेशन) पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर केंद्र और सभी राज्य प्रशासनों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. ये भी पढ़ें : राहुल गांधी ने प्रशासन से कहा-धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करने से पहले संसद में नहीं होगी कोई चर्चा The post कोर्ट की लाइव-स्ट्रीमिंग को बिना इजाजत सोशल मीडिया पर अपलोड करना बैन appeared first on Naya Vichar.

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देवशयनी एकादशी पर करें इस व्रत कथा का पाठ, श्रीहरि विष्णु की मिलेगी कृपा

Devshayani Ekadashi 2026: देवशयनी एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित हिंदू धर्म का अत्यंत पवित्र व्रत है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान श्रीहरि विष्णु चार महीनों के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं. इसी के साथ चातुर्मास का शुभारंभ भी हो जाता है. वर्ष 2026 में देवशयनी एकादशी का व्रत 25 जुलाई, शनिवार को रखा जाएगा. इस दिन विधि-विधान से पूजा करने के साथ-साथ व्रत कथा का पाठ करना भी अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है. मान्यता है कि व्रत कथा का श्रद्धापूर्वक श्रवण या पाठ करने से पूजा का पुण्य फल कई गुना बढ़ जाता है और भगवान श्रीहरि विष्णु शीघ्र प्रसन्न होकर भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं. देवशयनी एकादशी की पौराणिक कथा  राजा मांधाता के राज्य में पड़ा भीषण अकाल पौराणिक कथा के अनुसार, सूर्यवंश में मांधाता नाम के एक महान और धर्मपरायण राजा राज्य करते थे. वे अपनी प्रजा से संतान की तरह प्रेम करते थे. उनके राज्य में सभी लोग सुखी और समृद्ध थे. लेकिन एक समय ऐसा आया जब लगातार तीन वर्षों तक वर्षा नहीं हुई. सूखे के कारण खेत बंजर हो गए, अन्न की कमी हो गई और यज्ञ-हवन भी बंद हो गए. पूरा राज्य अकाल की चपेट में आ गया और प्रजा दुखी हो गई. महर्षि अंगिरा से मिला समाधान जब प्रजा ने अपनी परेशानी राजा को बताई, तो उन्होंने इसका उपाय खोजने का निश्चय किया. राजा मांधाता कई ऋषि-मुनियों के आश्रमों में गए और अंत में ब्रह्माजी के पुत्र महर्षि अंगिरा से मिले. उन्होंने महर्षि को प्रणाम कर पूछा कि राज्य में इतना बड़ा संकट क्यों आया है और इससे कैसे छुटकारा पाया जा सकता है. देवशयनी एकादशी व्रत से दूर हुआ संकट महर्षि अंगिरा ने राजा से कहा, “हे राजन! आप आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की देवशयनी (पद्मा) एकादशी का पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ व्रत करें. इस व्रत के प्रभाव से सभी संकट दूर होंगे और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होगी.” राजा मांधाता ने महर्षि की बात मानी. उन्होंने अपनी पूरी प्रजा के साथ श्रद्धापूर्वक देवशयनी एकादशी का व्रत और भगवान विष्णु की पूजा की. व्रत के प्रभाव से कुछ ही समय बाद घने बादल छा गए और अच्छी वर्षा हुई. सूखा समाप्त हो गया, खेतों में हरियाली लौट आई, फसलें लहलहाने लगीं और पूरे राज्य में फिर से सुख, शांति और समृद्धि आ गई. यह भी पढ़ें: देवशयनी एकादशी से चातुर्मास की शुरुआत, जानें पूजा-पाठ और नियमों का महत्व The post देवशयनी एकादशी पर करें इस व्रत कथा का पाठ, श्रीहरि विष्णु की मिलेगी कृपा appeared first on Naya Vichar.

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राहुल गांधी ने सरकार से कहा-धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करने से पहले संसद में नहीं होगी कोई चर्चा

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को संसद भवन परिसर में पत्रकारों से कहा कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त नहीं किया जाएगा, तब तक विपक्ष संसद में पेपरलीक के मसले पर कोई चर्चा नहीं करेगा. राहुल गांधी पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि नीट पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों की तीन मांगें हैं और विपक्ष भी उन मांगों को पुरजोर तरीके से उठा रहा है. छात्रों की तीन मांगें धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें छात्रों को पीटने वालों की जवाबदेही तय होनी चाहिए प्रधानमंत्री छात्रों से माफी मांगें राहुल गांधी ने कहा कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त नहीं किया जाता, हम कोई संवाद और चर्चा नहीं करेंगे. राहुल गांधी ने कहा कि केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने सदन में कहा कि नीट पेपर लीक पर चर्चा होनी चाहिए. उन्होंने मेरा नाम लेकर कहा कि मैं अपने सांसदों को चर्चा के लिए तैयार करवाऊं. प्रोटोकाॅल के तहत जब किसी सदस्य का नाम लिया जाता है तो उसे जवाब देने का मौका दिया जाता है. इसी वजह से जब मैं रिजिजू की बात का जवाब देना चाह रहा था, मुझे बोलने का मौका नहीं मिला. मुझसे माइक ले लिया गया. डीयू पर भी बरसे राहुल गांधी इससे पहले राहुल गांधी ने दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) की तीखी आलोचना करते हुए शुक्रवार को सवाल किया था कि लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने वाले छात्रों को धमकाने की हिम्मत विश्वविद्यालय कैसे कर सकता है. राहुल गांधी ने अपने एक्स हैंडल पर डीयू के नोटिफिकेशन को रिपोस्ट करते हुए लिखा है कि आप ही वे लोग हैं जिन्हें समय आने पर जवाबदेह ठहराया जाएगा. डीयू ने बृहस्पतिवार को जारी किया था नोटिस डीयू ने बृहस्पतिवार को अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा है कि प्रिय छात्रों और शिक्षकों, आपकी सुरक्षा हमारे लिए महत्वपूर्ण है. कृपया ध्यान दें कि नयी दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाली कोई भी गैरकानूनी सभा या प्रदर्शन को लेकर कानूनी कार्रवाई हो सकती है. विश्वविद्यालय ने कहा था कि ऐसी गतिविधियां छात्रों की व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकती हैं और उनकी शैक्षणिक प्रगति तथा पेशेवर अवसरों को भी काफी प्रभावित कर सकती हैं. ये भी पढ़ें :Parliament Session Live : राहुल गांधी का आरोप, लोकसभा में मैं जवाब देने उठा तो माइक ले लिया गया The post राहुल गांधी ने प्रशासन से कहा-धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करने से पहले संसद में नहीं होगी कोई चर्चा appeared first on Naya Vichar.

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CWG 2026 में पूरा दम नहीं लगाएंगी मीराबाई चानू, बोलीं- मेरा असली लक्ष्य एशियन गेम्स का मेडल

CommonWealth Games 2026: टोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता और हिंदुस्तान की स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने साफ कर दिया है कि उनका पूरा ध्यान कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 नहीं, बल्कि इसी साल सितंबर में होने वाले एशियन गेम्स 2026 पर है. यही वजह है कि वह ग्लासगो में होने वाले राष्ट्रमंडल स्पोर्ट्सों में अपनी पूरी ताकत नहीं झोंकेंगी और लंबे समय से चर्चित 90 किलोग्राम स्नैच का प्रयास भी नहीं करेंगी. सबसे बड़ा टारगेट एशियन गेम्स मीराबाई लगातार तीसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने की दावेदार हैं, लेकिन उनका कहना है कि उनका सबसे बड़ा लक्ष्य एशियन गेम्स में पहला पदक जीतना है. एशियन गेम्स 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक जापान में आयोजित होंगे. अपना पूरा एफर्ट नहीं लगाऊंगी:मीराबाई पीटीआई से बातचीत में मीराबाई ने कहा, “मैं कॉमनवेल्थ गेम्स में अपना पूरा एफर्ट नहीं लगाऊंगी. मेरा फोकस एशियन गेम्स पर है, जो बहुत करीब हैं. मेरी पूरी ट्रेनिंग उसी योजना के अनुसार चल रही है. इसलिए यहां मेरा प्रदर्शन और प्रयास भी उसी प्लान पर निर्भर करेगा.” 49 किलोग्राम वर्ग में उतरेंगी एशियन गेम्स में मीराबाई के सामने चीन, थाईलैंड और उत्तर कोरिया जैसे मजबूत देशों की वेटलिफ्टर्स की चुनौती होगी. इसी कठिन प्रतिस्पर्धा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अपनी तैयारी और प्रतियोगिता की रणनीति बनाई है. मीराबाई ने यह भी बताया कि एशियन गेम्स के बाद वह 53 किलोग्राम भार वर्ग में शिफ्ट हो जाएंगी. कॉमनवेल्थ गेम्स में वह 48 किलोग्राम और एशियन गेम्स में 49 किलोग्राम वर्ग में उतरेंगी. इसके बाद वह 53 किलोग्राम वर्ग में नई शुरुआत करेंगी. वेट मैनेजमेंट सबसे मुश्किल काम उन्होंने कहा कि कई वर्षों तक 48 या 49 किलोग्राम वजन बनाए रखना आसान नहीं रहा. “वेट मैनेजमेंट सबसे मुश्किल काम होता है. खिलाड़ी की आधी जिंदगी वजन नियंत्रित करने में निकल जाती है. 53 किलो वर्ग में जाने से राहत मिलेगी, लेकिन वहां प्रतिस्पर्धा और भी कठिन होगी. इसलिए मुझे अपने प्रदर्शन को और बेहतर बनाना होगा.” खान-पान को लेकर रहें सतर्क कॉमनवेल्थ गेम्स में हिंदुस्तान के वेटलिफ्टिंग कोटे में कमी और डोपिंग के मामलों पर भी मीराबाई ने अपनी राय रखी. उन्होंने खिलाड़ियों को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें अपने खान-पान को लेकर बेहद सतर्क रहना चाहिए. एक गलत चीज आपकी पूरी जिंदगी और करियर खराब कर सकती है. इसलिए हमेशा सावधान रहें और अपनी मेहनत पर भरोसा रखें. ये भी पढ़ें: हिंदुस्तान की पुरुष क्रिकेट टीम सीधे स्पोर्ट्सेेगी नॉकआउट मैच, स्त्री टीम जापान से करेगी अभियान की शुरुआत The post CWG 2026 में पूरा दम नहीं लगाएंगी मीराबाई चानू, बोलीं- मेरा असली लक्ष्य एशियन गेम्स का मेडल appeared first on Naya Vichar.

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क्रिकेटर आकाशदीप और मुकेश कुमार बने DSP, सम्राट चौधरी ने दिया ऑफर लेटर, दोनों ने CM के छुए पैर

Mukesh Kumar Akash Deep DSP: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को ‘मेडल लाओ, नौकरी पाओ’ योजना के तहत नियुक्ति पत्र बांटा. ऐसे में हिंदुस्तानीय क्रिकेट टीम के दो खिलाड़ी आकाशदीप और मुकेश कुमार डीएसपी बन गए हैं. कार्यक्रम के दौरान सीएम सम्राट चौधरी ने दोनों क्रिकेटरों को ऑफर लेटर दिया. स्टेज पर क्रिकेटर आकाशदीप और मुकेश कुमार ने सीएम के पैर छूकर आशीर्वाद लिया. विभाग की ओर से जारी लेटर में क्या-क्या लिखा? इसे लेकर सामान्य प्रशासन विभाग के अवर सचिव सिद्धेश्वर चौधरी ने इस संबंध में गृह विभाग को प्रस्ताव भेजा था. इसके बाद दोनों खिलाड़ियों के नाम पर मंजूरी दे दी गई थी. प्रशासन की ओर से जारी लेटर में बताया गया था कि मुकेश कुमार ने चीन के हांगझोउ में आयोजित 19वें एशियन गेम्स में हिंदुस्तानीय क्रिकेट टीम के सदस्य के रूप में स्वर्ण पदक जीतने में योगदान दिया था. जबकि आकाश दीप भी एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली हिंदुस्तानीय टीम का हिस्सा रहे हैं. इसके अलावा उन्होंने वर्ष 2025 में इंग्लैंड के खिलाफ स्पोर्ट्सी गई पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में हिंदुस्तानीय टीम का हिस्सा थे. इसके साथ ही लेटर में नियुक्ति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण शर्तें भी रखीं गईं थीं. इन पदों पर की गईं हैं नियुक्तियां जानकारी के मुताबिक, योजना के तहत खिलाड़ियों को डीएसपी, दारोगा, पंचायती राज पदाधिकारी और अन्य उपयुक्त पदों पर सीधी नियुक्ति दी जा रही है. स्पोर्ट्स मंत्री श्रेयसी सिंह ने बताया था कि खिलाड़ियों को आधुनिक स्पोर्ट्स अवसंरचना, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, नेशनल और इंटरनेशनल प्रतियोगिताओं के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है. नई योजना से मिलेगा ये फायदा ‘मेडल लाओ, नौकरी पाओ’ योजना को लेकर प्रशासन का मानना है कि इससे स्थाई रोजगार मिलने से खिलाड़ी बिना किसी चिंता के अपने स्पोर्ट्स पर पूरा ध्यान दे सकेंगे और देश-विदेश में बेहतर प्रदर्शन करेंगे. प्रशासन का विश्वास है कि यह पहल युवाओं को स्पोर्ट्स को सम्मानजनक करियर के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित करेगी और नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. Also Read:बिहार में अब रात के 2 बजे भी नहीं रुकेगी बच्चों की पढ़ाई? नए डिजिटल लर्निंग ऐप से मिलेगा ये फायदा The post क्रिकेटर आकाशदीप और मुकेश कुमार बने DSP, सम्राट चौधरी ने दिया ऑफर लेटर, दोनों ने CM के छुए पैर appeared first on Naya Vichar.

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CJI सूर्यकांत ने कहा-सीजेपी प्रोटेस्ट पर पुलिस कार्रवाई के मामले में नहीं दाखिल हुई कोई याचिका, सुनवाई से इनकार की खबरें गलत

CJI Suryakant on Student Protest : मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने शुक्रवार को साफ कहा कि 20 जुलाई को दिल्ली में छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के मामले में सुप्रीम कोर्ट में कोई रिट याचिका दाखिल ही नहीं हुई थी. उन्होंने कहा कि अदालत के रजिस्ट्रार से रिकॉर्ड की जांच कराई गई और सुबह 10 बजे तक इस मामले में एक भी पन्ना दाखिल नहीं किया गया था. ऐसे में यह कहना कि सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया, सही नहीं है. ‘सिर्फ एक चिट्ठी आई थी, याचिका नहीं’ CJI ने कहा कि अदालत के पास सिर्फ एक प्रतिनिधित्व यानी एक चिट्ठी भेजी गई थी. उन्होंने कहा कि किसी चिट्ठी को रिट याचिका नहीं माना जा सकता. मीडिया रिपोर्ट के प्रति नाराजगी जताते हुए कहा कि बिना याचिका दाखिल हुए यह समाचार चलाना कि मुख्य न्यायाधीश ने मामले की सुनवाई से इनकार कर दिया, गैरजिम्मेदाराना रिपोर्टिंग है. उन्होंने कहा कि पिछले दो दिनों में इस तरह की गलत समाचारें लगातार चलाई गईं. दो दिन पहले क्या हुआ था? 20 जुलाई की पुलिस कार्रवाई के बाद अधिवक्ता नरेंद्र मिश्रा ने बिना लिखित याचिका दाखिल किए सुप्रीम कोर्ट से इस मामले का स्वत: संज्ञान लेने की अपील की थी. उन्होंने अदालत से कहा था कि सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो मौजूद हैं, जिनमें पुलिस प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट करती दिखाई दे रही है. इस पर अदालत ने तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए कहा था कि उसके पास वीडियो देखने का समय नहीं है. हालांकि, उस समय भी कोई औपचारिक याचिका दाखिल नहीं की गई थी. दिल्ली हाईकोर्ट में चल रही है सुनवाई इस मामले की सुनवाई फिलहाल दिल्ली हाईकोर्ट में चल रही है. हाईकोर्ट ने केंद्र प्रशासन और दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है. साथ ही पुलिस कार्रवाई से जुड़े CCTV फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और दूसरे रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है. मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर को होगी. दूसरी ओर, छात्र आंदोलन से जुड़े संगठन CJP ने कहा है कि उनकी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा. वहीं, केंद्र प्रशासन से बातचीत का भरोसा मिलने के बाद सोनम वांगचुक ने अपना 26 दिन का अनशन खत्म कर दिया है. ये भी पढ़ें : मिशन सुदर्शन चक्र को मिलेगी ताकत, अगले 12 महीनों में प्रोजेक्ट कुशा के 3 इंटरसेप्टर मिसाइलों का होगा परीक्षण The post CJI सूर्यकांत ने कहा-सीजेपी प्रोटेस्ट पर पुलिस कार्रवाई के मामले में नहीं दाखिल हुई कोई याचिका, सुनवाई से इनकार की समाचारें गलत appeared first on Naya Vichar.

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सम्राट सरकार के 100 दिन पूरे, एनकाउंटर से लेकर पेंशन और 13 नए कानून तक, जानिए क्या-क्या बदला?

Samrat Government: बिहार में भाजपा नेतृत्व वाली सम्राट प्रशासन ने अपने कार्यकाल के 100 दिन पूरे कर लिए हैं. इस दौरान प्रशासन ने प्रशासनिक सुधार, कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार पर कार्रवाई और जनकल्याण योजनाओं को लेकर कई बड़े फैसले लिए हैं. प्रशासन का दावा है कि सुशासन को मजबूत करने के लिए 100 दिनों में कई अहम कदम उठाए गए हैं. इसी अवधि में 13 विधेयक भी पारित किए गए. ‘लोक सेवक आवास’ बना मुख्यमंत्री आवास प्रशासन ने मुख्यमंत्री आवास का नाम बदलकर ‘लोक सेवक आवास’ कर दिया है. इसे प्रशासन ने प्रशासनिक सोच में बदलाव का प्रतीक बताया है. अपराध पर सख्ती, 16 अपराधियों का एनकाउंटर कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है. 100 दिनों के दौरान 16 कुख्यात अपराधियों के खिलाफ एनकाउंटर कार्रवाई हुई. 4 अपराधी मारे गए. 12 अपराधियों के पैर में गोली लगी. प्रशासन का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा. 132 साल पुराना जेल मैनुअल खत्म प्रशासन ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए 132 साल पुराने जेल मैनुअल को समाप्त कर दिया है. इसके साथ ही जेल व्यवस्था में नए नियम लागू करने की दिशा में काम शुरू हो गया है. भ्रष्टाचार और पेपर लीक माफिया पर कार्रवाई प्रशासन ने बड़े टेंडर घोटाले में शामिल पूर्व IAS अधिकारियों समेत कई अफसरों पर कार्रवाई की है. वहीं, पेपर लीक माफिया और सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने वालों पर अब CCA लगाने का फैसला लिया गया है. परीक्षा माफिया को डेढ़ साल तक जमानत नहीं मिलने का भी प्रावधान किया गया है. स्त्री सुरक्षा के लिए नई पहल छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ‘पुलिस दीदी’ पहल शुरू की गई है. इसके अलावा डायल 112 का रिस्पॉन्स टाइम घटाकर 7 से 8 मिनट करने का लक्ष्य तय किया गया है. पेंशन दिवस से लाखों लोगों को राहत प्रशासन ने हर महीने की 10 तारीख को ‘पेंशन दिवस’ मनाने की व्यवस्था शुरू की है. इसके तहत करीब 97.84 लाख लाभार्थियों के खाते में समय पर पेंशन भेजी जा रही है. प्रशासन का कहना है कि बाकी पात्र लोगों को भी जल्द इस योजना से जोड़ा जाएगा. 12 नई सैटेलाइट टाउनशिप की तैयारी बढ़ती शहरी आबादी और ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए प्रशासन 12 नई सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना पर काम कर रही है. योजना का खाका तैयार हो चुका है और कंसल्टेंट भी नियुक्त किए जा चुके हैं. हालांकि, कुछ जगहों पर जमीन अधिग्रहण को लेकर स्थानीय विरोध सामने आ रहा है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें ‘सहयोग’ कार्यक्रम में 30 दिन की समय सीमा जनता की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए प्रशासन ने ‘सहयोग’ कार्यक्रम शुरू किया है. इस व्यवस्था के तहत 30 दिनों के भीतर शिकायत का निपटारा करना अनिवार्य होगा. यदि तय समय में समाधान नहीं हुआ तो 31वें दिन संबंधित अधिकारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी. इसकी निगरानी खुद मुख्यमंत्री करेंगे. शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी जोर प्रशासन ने शिक्षा के क्षेत्र में 551 मॉडल स्कूल और 211 नए डिग्री कॉलेज शुरू करने का दावा किया है. हालांकि, कई संस्थानों में शिक्षकों की कमी और बुनियादी सुविधाओं का अभाव अब भी बड़ी चुनौती बना हुआ है. आगे क्या हैं प्रशासन के बड़े लक्ष्य? सम्राट प्रशासन ने आने वाले समय के लिए कई बड़े लक्ष्य तय किए हैं. इनमें… 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना 1 करोड़ रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य कानून-व्यवस्था को और मजबूत करना आधारभूत संरचना का विस्तार हालांकि, जमीन अधिग्रहण, संसाधनों की उपलब्धता और परियोजनाओं को समय पर पूरा करना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं. Also Read: बिहार के प्रशासनी स्कूलों में शनिवार को होगा हाफ डे? CM सम्राट चौधरी बोले- एक हफ्ते में लिया जाएगा फैसला The post सम्राट प्रशासन के 100 दिन पूरे, एनकाउंटर से लेकर पेंशन और 13 नए कानून तक, जानिए क्या-क्या बदला? appeared first on Naya Vichar.

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बारिश में भीगने के बाद त्वचा में होने लगी है खुजली? तुरंत अपनाएं ये 7 असरदार टिप्स

Itchy Skin in Monsoon: बारिश में भीगना लगभग सभी को अच्छा लगता है, लेकिन लंबे समय तक गीले कपड़ों में रहने से त्वचा से जुड़ी कई समस्याएं हो सकती हैं. बरसात के मौसम में नमी बढ़ने की वजह से खुजली, रैशेज और फंगल इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ जाता है. अगर आप भी बारिश का आनंद लेती हैं, तो भीगने के बाद त्वचा की सही देखभाल करना बहुत जरूरी है. कुछ आसान आदतें अपनाकर आप इन परेशानियों से बच सकती हैं. भीगने के बाद तुरंत नहाएं अगर आप बारिश में भीग गई हैं, तो घर पहुंचते ही गुनगुने पानी से नहा लें. इससे त्वचा पर जमा गंदगी और बैक्टीरिया साफ हो जाते हैं. नहाते समय माइल्ड साबुन या हल्के बॉडी वॉश का इस्तेमाल करें, ताकि त्वचा की नमी भी बनी रहे और संक्रमण का खतरा कम हो. त्वचा को अच्छी तरह सुखाएं नहाने के बाद शरीर को तौलिए से अच्छी तरह पोंछ लें. खासकर गर्दन, बगल, उंगलियों के बीच और शरीर की सिलवटों वाली जगहों को सूखा रखना जरूरी है. गीली त्वचा पर कपड़े पहनने से फंगल इंफेक्शन और खुजली की संभावना बढ़ सकती है. सूखे और सूती कपड़े पहनें बारिश के मौसम में हमेशा पूरी तरह सूखे और साफ कपड़े पहनें. कोशिश करें कि कॉटन यानी सूती कपड़ों का इस्तेमाल करें. ये पसीना और नमी जल्दी सोख लेते हैं, जिससे त्वचा लंबे समय तक सूखी रहती है. अगर कपड़ों में सीलन हो, तो उन्हें पहनने से बचें. बारिश में भीगे जूते-मोजे तुरंत बदलें अगर बारिश में आपके जूते और मोजे भीग गए हैं, तो घर पहुंचते ही उन्हें बदल दें. लंबे समय तक गीले मोजे पहनने से पैरों में फंगल इंफेक्शन, खुजली और बदबू की समस्या हो सकती है. पैरों को अच्छी तरह धोकर सुखाएं और फिर साफ व सूखे मोजे पहनें. ढीले कपड़े पहनें बरसात के मौसम में बहुत टाइट कपड़े पहनने से पसीना और नमी शरीर पर ज्यादा देर तक बनी रहती है. इससे त्वचा पर रैशेज और खुजली होने का खतरा बढ़ सकता है. इसलिए इस मौसम में ढीले, हल्के और आरामदायक कपड़े पहनें, ताकि त्वचा को हवा मिलती रहे और वह सूखी रहे. एंटीसेप्टिक लिक्विड मिलाकर नहाएं अगर आप बारिश में भीग गए हैं, तो नहाने के पानी में डॉक्टर की सलाह के अनुसार थोड़ी मात्रा में एंटीसेप्टिक लिक्विड मिलाकर स्नान कर सकते हैं. इससे त्वचा पर मौजूद गंदगी और कुछ हद तक संक्रमण फैलाने वाले कीटाणुओं को साफ करने में मदद मिल सकती है. हालांकि, इसका रोजाना या जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल न करें, क्योंकि इससे त्वचा रूखी भी हो सकती है. यदि त्वचा पर घाव, तेज जलन या पहले से कोई स्किन प्रॉब्लम है, तो इसका इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें. खुजली होने पर बार-बार न खुजलाएं अगर त्वचा पर खुजली, लालपन या छोटे-छोटे दाने हो जाएं, तो उस जगह को बार-बार खुजलाने से बचें. ऐसा करने से संक्रमण बढ़ सकता है. अगर परेशानी दो-तीन दिन तक बनी रहे, घाव बनने लगें या जलन ज्यादा हो, तो बिना देरी किए त्वचा विशेषज्ञ (डर्मेटोलॉजिस्ट) से सलाह लें. यह भी पढ़ें: बारिश के मौसम में हेलमेट से क्यों आती है बदबू? जानें सफाई का सही तरीका The post बारिश में भीगने के बाद त्वचा में होने लगी है खुजली? तुरंत अपनाएं ये 7 असरदार टिप्स appeared first on Naya Vichar.

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‘देवियों और सज्जनों…’ 1 अगस्त से फिर टीवी पर छाएंगे अमिताभ बच्चन, KBC 18 की वापसी

लोकप्रिय क्विज शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (KBC) अपने 18वें सीजन के साथ जल्द ही दर्शकों के बीच लौटने वाला है.  इस बार भी शो की मेजबानी मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन करेंगे. नए सीजन की शूटिंग 1 अगस्त 2026 से मुंबई की फिल्म सिटी में बनाए गए खास सेट पर शुरू होने की उम्मीद है. KBC 18 Theme: क्या है KBC 18 की थीम?  (KBC) का नया सीजन का नए थीम के साथ लौट रहा है, ‘इस बार… सोचना पड़ेगा’ इस शो की थीम होगी.  इस बार शो में सिर्फ सामान्य ज्ञान और सवालों के सही जवाब देने पर ही ध्यान नहीं होगा, बल्कि सोच-समझकर निर्णय लेने और सही रणनीति बनाने को भी महत्व दिया जाएगा. यानी कंटेस्टेंट्स को किसी भी सवाल का जवाब देने से पहले अच्छी तरह विचार करना होगा. Amitabh Bacchan KBC 18: जिंदगी में हर बार पहला जवाब सही नहीं होता- अमिताभ बच्चन सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन ने शो का एक नया प्रोमो जारी किया है.  इसमें अमिताभ बच्चन एक शानदार गोल्फ कोर्स में दिखाई दे रहे हैं. प्रोमो में वे गोल्फ और जिंदगी के बीच समानता बताते हुए कहते हैं कि हर बार पहला जवाब सही नहीं होता. इसलिए किसी भी फैसले से पहले रुक कर सोचने और फिर सही जवाब चुनने की जरूरत होती है. वह प्रोमो में कहते हुए दिखाई देते  हैं कि, “बचपन में हमें सिखाया जाता था कि जो सबसे पहले जवाब दे, वह सही होता है. लेकिन जिंदगी में हर बार पहला जवाब सही नहीं होता, इसलिए इस बार केबीसी में जवाब देने से पहले थोड़ा रुकना और सोचना जरूरी होगा, समझे? इस बार… पहले सोचना पड़ेगा.” इस आसान लेकिन असरदार संदेश के जरिए प्रोमो केबीसी के एक नए अंदाज की झलक दिखाता है.  इस बार प्रतियोगियों को किसी भी सवाल का जवाब जल्दबाजी में नहीं, बल्कि सोच-समझ कर देना होगा. उन्हें रुककर सही रणनीति बनानी होगी और फिर अपने जवाब का चुनाव करना होगा. गोल्फ कोर्स के शांत माहौल में शूट किया गया यह प्रोमो गोल्फ और केबीसी के बीच एक दिलचस्प समानता दिखाता है. जैसे गोल्फ में धैर्य, एकाग्रता और सही समय पर सही फैसला जरूरी होता है, वैसे ही केबीसी की हॉट सीट पर भी सोच-समझ कर लिया गया निर्णय जीत में अहम भूमिका निभा सकता है. KBC 18 Show: शो का सोच-विचार करके फैसले लेने पर खास ध्यान इस सरल लेकिन प्रभावी मैसेज के जरिए प्रोमो दर्शकों को इस लोकप्रिय क्विज शो के एक नए अंदाज की झलक देता है.  गोल्फ कोर्स के शांत माहौल में फिल्माया गया यह प्रोमो गोल्फ में जरूरी धैर्य और सटीकता को KBC की हॉट सीट पर लिए जाने वाले महत्वपूर्ण फैसलों से जोड़ता है. यहां एक सही फैसला पूरे स्पोर्ट्स का रुख बदल सकता है. नए सीजन में समझदारी और सोच-विचार करके फैसले लेने पर खास ध्यान दिया जाएगा. शो यह संदेश देता है कि सिर्फ जानकारी होना ही हमेशा पर्याप्त नहीं होता. कई बार कुछ पल रुक कर सोचने और सही फैसला लेने से भी जीत और हार के बीच का अंतर तय हो सकता है. When is KBC 18 Premiere? कब होगा शो का प्रीमियर?  ‘कौन बनेगा करोड़पति’ सीजन 18 का प्रीमियर 10 अगस्त 2026 को होगा. यह शो सोमवार से शुक्रवार रात 9 बजे सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन  (Sony Entertainment Television) पर प्रसारित किया जाएगा और Sony LIV पर स्ट्रीम भी किया जाएगा. यह भी पढ़े: अमिताभ बच्चन की अस्पताल वाली पोस्ट से बढ़ी चिंता, बोले- ‘सर्जरी के लिए अस्पताल में था और ICU में रहा’ The post ‘देवियों और सज्जनों…’ 1 अगस्त से फिर टीवी पर छाएंगे अमिताभ बच्चन, KBC 18 की वापसी appeared first on Naya Vichar.

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IIT से BTech, सोलर एनर्जी के लिए किया काम, जानें कौन हैं नए उच्च शिक्षा सचिव नरेश पाल गंगवार

Naresh Pal Gangwar: केंद्र प्रशासन ने उच्च शिक्षा विभाग के सचिव पद की जिम्मेदारी नरेश पाल गंगवार को सौंपी है. उन्हें ऐसे समय में ये पद सौंपा गया है, जब उच्च शिक्षा में गड़बड़ियों खासकर NEET UG परीक्षा को लेकर दिल्ली के जंतर मंतर समेत देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं. नरेश पाल गंगवार के पास डिग्रियों की एक लंबी लिस्ट है. उन्होंने IIT जैसे कई फेमस शिक्षण संस्थान से पढ़ाई की है. आइए, जानते हैं उनके एजुकेशनल सफर के बारे में. राज्य और केंद्र प्रशासन में संभाल चुके हैं कई जरूरी पद  नरेश पाल का जन्म 21 अक्टूबर 1970 को नैंनीताल में हुआ था. वे 1994 बैच के राजस्थान कैडर के IAS हैं. उन्होंने 1993 में UPSC परीक्षा पास की थी. राज्य प्रशासन के साथ ही वे केंद्र प्रशासन में भी कई पदों पर रहे हैं.  नरेश पाल गंगवार ने IIT से की है पढ़ाई  उच्च शिक्षा विभाग के सचिव का पद संभालने वाले नरेश पाल के पास खुद भी कई डिग्रियां हैं. उन्होंने IIT Roorkee से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में BTech किया है. इसके बाद IIT Delhi से कम्युनिकेशन एंड रडार में MTech की डिग्री हासिल की है. इसके साथ ही उन्होंने राजस्थान यूनिवर्सिटी से इकनॉमिक्स में MA भी किया है. इन पदों पर दे चुके हैं सेवा  wikiias.com से मिली जानकारी के अनुसार, नरेश पाल गंगवार इससे पहले नई दिल्ली मत्स्य पालन और पशुपालन विभाग में सचिव पद पर अपनी सेवा दे रहे थे. इससे पहले वे दिल्ली में कई विभागों में अपनी सेवा दे चुके हैं.  राजस्थान में शिक्षा व्यवस्था भी संभाल चुके हैं  राजस्थान कैडर से आने वाले नरेश पाल गंगवार ने राजस्थान में भी कई पदों पर अपनी सेवा दी है. कृषि विभाग, एनर्जी विभाग, ट्रांसपोर्ट विभाग जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवा दी है. राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था की भी कमान संभाल चुके हैं. भरतपुर, जोधपुर, टोंक, सवाई माधोपुर जैसे जिलों के कलेक्टर रह चुके हैं.  वह राजस्थान प्रशासन में कई अहम पदों पर रह चुके हैं. उनके पास शिक्षा विभाग का अनुभव भी है. 2014 में उन्हें राजस्थान प्रशासन में स्कूल शिक्षा विभाग का सचिव बनाया गया था. इसके बाद वह काफी लंबे समय तक इस विभाग में रहे.  2020 में केंद्र में आए लगभग ढाई दशकों तक राजस्थान प्रशासन में काम करने के बाद 2020 में उन्हें केंद्र में नियुक्त किया गया. दिसंबर 2020 में नरेश पाल को पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया. जनवरी 2022 में उन्हें इसी मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव बनाया गया.  पिछले साल अगस्त में ही उन्हें पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के पशुपालन और डेयरी विभाग में सचिव नियुक्त किया गया था. अब उन्हें शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग में सचिव बनाया गया है. यह भी पढ़ें- NEET Protest के बीच हटाए गए उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी, नरेश पाल गंगवार को मिली जिम्मेदारी The post IIT से BTech, सोलर एनर्जी के लिए किया काम, जानें कौन हैं नए उच्च शिक्षा सचिव नरेश पाल गंगवार appeared first on Naya Vichar.

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