Hot News

Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

सूर्य-शनि का ‘षडाष्टक योग’ 5 राशि के जातकों के लिए बेहद अशुभ, किन चुनौतियों का करना पड़ेगा सामना?

Shadashtak Yog Rashifal: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में सूर्य और शनि को एक दूसरे का शत्रु बताया गया है. ज्योतिष शास्त्र की गणना के अनुसार, सूर्य-शनि से षडाष्टक दृष्टि योग का निर्माण होने जा रहा है. ज्योतिष शास्त्र के जानकार पं. धनंजय पांडेय ने बताया कि यह षडाष्टक योग मेष समेत 5 राशि के जातकों के लिए बहुत अच्छा नहीं है. इन राशि के जातकों को धन और करियर को लेकर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. 1. मेष राशि नौकरीपेशा जातकों को कार्यक्षेत्र या कार्यस्थल पर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. अधिकारियों से किसी बात पर बहस हो सकती है. बिजनेस में बनते हुए अचानक बिगड़ जाएंगे, जिससे तनाव हो सकता है. परिवार में बिता या बड़े भाई से किसी बात पर विवाद हो सकता है. 2. वृषभ राशि कार्यक्षेत्र में किए गए कार्यों के परिणाम निराशा उत्पन्न करने वाले होंगे. प्रशासनी नौकरी करने वाले जातक कार्यस्थल पर अधिकारियों की बात का बुरा मान लेंगे, जिससे मन अशांत रहेगा. कोर्ट का मामला पक्ष में न आने की वजह से निराशा होगी. रोजमर्रा की आमदनी प्रभावित होगी. सेहत को लेकर सतर्क रहना होगा, क्योंकि पेट या हड्डी से जुड़ी परेशानी हो सकती है. ये भी पढ़ें: Weekly Rashifal 6 To 12 September: चिंताओं का होगा अंत या बढ़ेंगी टेंशन , यहां जानें मेष से लेकर मीन राशि का साप्ताहिक राशिफल 3. कर्क राशि कार्यक्षेत्र में सम्मान को ठेस पहुंच सकता है. नौकरी करने वाले जातकों का कोई बड़ा काम प्रभावित होगा. निवेश से जुड़ा कोई बड़ा कार्य अचानक रुक सकता है. परिवार में पिता की सेहत को लेकर चिंता रहेगी. 4. सिंह राशि आंख से जुड़ी समस्या उत्पन्न हो सकती है. सामाजिक कार्य से जुड़े जातकों के सम्मान में कमी देखने को मिल सकती है. कोई भरोसेमंद साथी उम्मीद के खिलाफ काम करेगा, जिससे कष्ट हो सकता है. व्यापार करने वाले लोग आर्थिक सफलता न मिलने से परेशान रह सकते हैं. 5. तुला राशि नौकरी करने वाले लोग में कार्यक्षेत्र में अपमान के कारण निराश रह सकते हैं. जमीन का किसी बड़ी प्रॉपर्टी को लेकर भाई से विवाद हो सकता है. परिवार में पिता से बहस करना भारी पड़ सकती है. आर्थिक तरक्की में बाधाएं आएंगी. ये भी पढ़ें: Venus in Libra: शुक्र का तुला राशि में प्रवेश 5 राशि वालों के लिए वरदान जैसा! धन और करियर में होगा जबरदस्त फायदा कब बनेगा षडाष्टक योग? सूर्य-शनि के षडाष्टक दृष्टि योग को दर्शाती तस्वीर. इमेज- एआई. कैसे बनता है षडाष्टक योग? वैदिक ज्योतिष शास्त्र की गणना के अनुसार, षडाष्टक योग तक बनता है जब कोई दो ग्रह एक दूसरे छठे और आठवें भाव में विराजमान रहते हैं. दूसरे अर्थों में जब कोई दो ग्रह 150 डिग्री कोणीय अंश का निर्माण करते हैं तब षडाष्टक योग बनता है. The post सूर्य-शनि का ‘षडाष्टक योग’ 5 राशि के जातकों के लिए बेहद अशुभ, किन चुनौतियों का करना पड़ेगा सामना? appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

हर बार फीकी बनती है चाय? इन आसान टिप्स से आएगा टपरी जैसा स्वाद

How to Make Strong Tea: चाय के बिना सुबह की शुरुआत अधूरी लगती है. कई लोगों को चाय इतनी पसंद होती है कि दिन में दो-तीन बार इसे पीना पसंद करते हैं. घर पर चाय बनाते समय स्वाद बढ़ाने के लिए अदरक, इलायची, लौंग और दालचीनी जैसी चीजें भी डाली जाती हैं. इसके बावजूद कई बार चाय में वह कड़क स्वाद नहीं आ पाता, जिसकी उम्मीद होती है. अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो हर बार ज्यादा मसाले डालने की जरूरत नहीं है. दरअसल, चाय का स्वाद सिर्फ मसालों पर निर्भर नहीं करता. चायपत्ती को किस तरह पकाया जा रहा है, दूध और पानी का अनुपात क्या है और सामग्री किस समय डाली जा रही है, इन छोटी बातों का भी स्वाद पर काफी असर पड़ता है. चायपत्ती को ठीक से पकाना है जरूरी कई लोग चाय का रंग गहरा करने के लिए ज्यादा चायपत्ती डाल देते हैं. लेकिन सिर्फ चायपत्ती की मात्रा बढ़ाने से चाय कड़क नहीं बनती. चायपत्ती को पानी में कुछ देर अच्छी तरह पकाना भी जरूरी है. इससे उसका फ्लेवर पानी में अच्छी तरह घुलता है और चाय का स्वाद बेहतर आता है. दूध-पानी का रखें सही बैलेंस चाय में पानी बहुत ज्यादा और दूध कम होने पर भी स्वाद हल्का लग सकता है. वहीं, सिर्फ दूध ज्यादा डाल देने से भी हर बार मनपसंद चाय नहीं बनती. इसलिए अपनी पसंद के हिसाब से दूध और पानी का संतुलन बनाए रखें. सबसे जरूरी है कि दोनों को सही तरीके से गर्म होने और पकने का समय मिले. चायपत्ती डालने का समय भी रखता है मायने चायपत्ती को बहुत ठंडे दूध में डालने से उसका फ्लेवर अच्छी तरह नहीं निकल पाता. बेहतर स्वाद के लिए पहले पानी को गर्म करके उसमें चायपत्ती डालकर कुछ देर पकाया जा सकता है. इसके बाद दूध मिलाएं और चाय को धीमी आंच पर पकने दें. अदरक और इलायची कब डालें? अदरक और इलायची को शुरुआत में ही डालने के बजाय चाय के पकने के दौरान सही समय पर मिलाने से उनका स्वाद और खुशबू अच्छी तरह उभर सकती है. अदरक को हल्का कूटकर डालें, जबकि इलायची को भी थोड़ा दबाकर इस्तेमाल करें. इससे मसालों की खुशबू चाय में अच्छे से आएगी. इसलिए अगली बार चाय बनाते समय सिर्फ मसालों की मात्रा बढ़ाने के बजाय इन छोटी-छोटी बातों पर ध्यान दें. सही तरीके से पकाई गई चाय में कम मसालों के बावजूद भी अच्छा स्वाद और खुशबू मिल सकती है. यह भी पढ़ें: आलू उबालने से पहले कर लें ये छोटा काम, छिलका निकलेगा फटाफट The post हर बार फीकी बनती है चाय? इन आसान टिप्स से आएगा टपरी जैसा स्वाद appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Whoop और Fitbit को टक्कर देने आया Luna Band, ₹13,999 में बिना सब्सक्रिप्शन मिलेंगे एडवांस्ड फीचर्स

IFA 2026 में Luna ने अपने नए Luna Band की जानकारी दी है. कंपनी के मुताबिक, यह बिना स्क्रीन वाला फिटनेस बैंड अब दुनियाभर के कस्टमर्स तक पहुंचना शुरू हो गया है. Luna Band को पहली बार इस साल जनवरी में हुए CES 2026 इवेंट में दिखाया गया था. इसके बाद जुलाई में कंपनी ने इसकी प्री-बुकिंग शुरू कर दी थी. Luna Band को आपकी सेहत और फिटनेस पर नजर रखने के लिए बनाया गया है. इसमें एक खास सेंसर दिया गया है, जो लगातार दिल की धड़कन पर नजर रखता है. यह बैंड हार्ट रेट, शरीर में ऑक्सीजन का स्तर (SpO2), नींद और एक्सरसाइज से जुड़ी कई जरूरी जानकारियां रिकॉर्ड कर सकता है. बिना सब्सक्रिप्शन के मिलेंगे एडवांस फीचर्स Luna Band की सबसे खास बात यह है कि इसे इस्तेमाल करने के लिए किसी तरह का सब्सक्रिप्शन लेने की जरूरत नहीं पड़ती. यही चीज इसे Whoop और Fitbit Air जैसे दूसरे फिटनेस डिवाइसेज से अलग बनाती है, जहां कई एडवांस फीचर्स का यूज करने के लिए सब्सक्रिप्शन लेना पड़ता है. Luna Band एक स्क्रीनलेस वियरेबल है, यानी इसमें कोई डिस्प्ले नहीं मिलता. इसे कलाई के अलावा बांह के ऊपरी हिस्से पर भी पहना जा सकता है. कितनी है कीमत? हिंदुस्तान में इस वियरेबल की कीमत 13,999 रुपये रखी गई है. इसे कंपनी की इंडिया वेबसाइट से खरीदा जा सकता है. वहीं, अमेरिका में इसकी कीमत 149 डॉलर (करीब 14,000 रुपये) है. हिंदुस्तान में Luna Band को तीन कलर ऑप्शन, Aloe Green, Desert Beige और Onyx Black में पेश किया गया है. इसके अलावा, यूजर्स अपनी पसंद के हिसाब से अलग से स्ट्रैप भी खरीद सकते हैं. स्ट्रैप Ember Orange, Atlantic Blue और Glacier Blue कलर में उपलब्ध हैं. Luna Band के स्पेसिफिकेशन्स यह बैंड LifeOS प्लेटफॉर्म पर काम करता है और इसे एक तरह के पर्सनलाइज्ड डेली हेल्थ कोच के तौर पर यूज किया जा सकता है.  Luna Band यूजर के मेंस्ट्रुअल साइकल और डाइट से जुड़ी आदतों को ट्रैक करता है और इसी डेटा के बेस्ड पर हेल्थ से जुड़े सुझाव देता है.  हेल्थ मॉनिटरिंग के लिए इसमें PPG हार्ट रेट सेंसर, 6-एक्सिस एक्सेलेरोमीटर और स्किन टेम्परेचर सेंसर दिए गए हैं, जो अलग-अलग हेल्थ मेट्रिक्स पर नजर रखने में मदद करते हैं. Luna Band को Apple और Android दोनों डिवाइस के साथ आसानी से पेयर किया जा सकता है.  यह स्मार्ट बैंड हार्ट रेट, SpO2 लेवल और VO2 Max जैसे हेल्थ डेटा को ट्रैक करता है. इतना ही नहीं, यह रनिंग, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, बॉक्सिंग और Hyrox जैसी एक्टिविटीज को अपने आप पहचानकर लॉग भी कर सकता है. यह बैंड आपके शरीर का टेम्परेचर और आपकी नींद पर नजर रखता है. यह यह भी बताता है कि आपको रोज कितना पानी पीना चाहिए. इसके अलावा, आपकी सेहत और शरीर की सिचुएशन को देखते हुए यह जरूरी सप्लीमेंट्स लेने की सलाह भी देता है. बैटरी की बात करें तो कंपनी का दावा है कि Luna Band एक बार चार्ज करने पर 10 दिनों तक चल सकता है. वहीं, 5 ATM वॉटर रेजिस्टेंस के चलते इसे पानी के कॉन्टैक्ट में आने पर भी यूज किया जा सकता है. ये भी पढ़ें: Google का नया Fitbit Air लॉन्च से पहले ही हिंदुस्तान में बिकने लगा? स्क्रीनलेस फिटनेस ट्रैकर की कीमत आई सामने The post Whoop और Fitbit को टक्कर देने आया Luna Band, ₹13,999 में बिना सब्सक्रिप्शन मिलेंगे एडवांस्ड फीचर्स appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

एक्टिविस्ट स्वतंत्र भारद्वाज गिरफ्तार, कोर्ट ने एक दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा

स्वतंत्र भारद्वाज पर आरोप है कि जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के प्रदर्शन के दौरान उन्होंने एक छात्र प्रदर्शनकारी के पिता का सिर फोड़ने की बात कही थी. इस मामले को लेकर CJP और विपक्ष की ओर से विरोध प्रदर्शन किया गया था. इसके बाद शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर स्थित उनके घर से स्वतंत्र को हिरासत में लिया गया. बाद में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया. कोर्ट ने स्वतंत्र भारद्वाज को एक दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया. मामले की जांच जारी है और पुलिस उनके खिलाफ लगे आरोपों की जांच कर रही है. अदालत के सूत्रों के हवाले से न्यूज एजेंसी पीटीआई ने बताया कि भारद्वाज को दोपहर लगभग दो बजे अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह लालेर के आवास पर पेश किया गया. उसकी कानूनी सहायता के लिए नियुक्त वकील वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से न्यायाधीश के समक्ष पेश हुए. दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार (4 सितंबर) को स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम और आपराधिक धमकी से जुड़ी धाराएं जोड़ी थीं. भारद्वाज के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) कानून के तहत भी मामला दर्ज किया गया है. ये भी पढ़ें: जंतर-मंतर पर मारपीट के बाद फरार था स्वतंत्र भारद्वाज, बुलंदशहर से दिल्ली पुलिस ने दबोचा भारद्वाज के एक इंटरव्यू का वीडियो वायरल भारद्वाज के एक इंटरव्यू का वीडियो वायरल हुआ. इसमें उसने दावा किया गया था कि 20 जुलाई के विरोध प्रदर्शन के दौरान उसने नाबालिग कार्यकर्ता के पिता संजय का ‘‘सिर फोड़ दिया था’’. वीडियो में भारद्वाज को यह कहते हुए सुना जा सकता है, “…क्या आपको पता है कि इस अपराध में कौन सी धारा लगती है? धारा 307। उसे 60 टांके लगे थे.’’ नाबालिग का आरोप- दुष्कर्म की धमकी दी गई नाबालिग ने आरोप लगाया कि पिता पर हुए हमले के खिलाफ आवाज उठाने और पुलिस में शिकायत करने के बाद उसे दुष्कर्म की धमकी दी गई. आरोप है कि उसके साथ गाली-गलौज भी की गई और उसकी तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ की गई. मामले को लेकर आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने संसद मार्ग थाने में पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की. उन्होंने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की.  The post एक्टिविस्ट स्वतंत्र भारद्वाज गिरफ्तार, कोर्ट ने एक दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बिहार : CM सम्राट चौधरी का ऐलान- अब एक सप्ताह में आएगा मैट्रिक-इंटर का रिजल्ट, खुलेगा BHU का सेंटर

Bihar Government: (प्रह्लाद कुमार की रिपोर्ट) शिक्षक दिवस के मौके पर बिहार प्रशासन ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई बड़े ऐलान किए. एसके मेमोरियल सभागार में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मैट्रिक और इंटर की परीक्षा से लेकर शिक्षकों की ट्रेनिंग तक कई अहम बातें कहीं. उन्होंने कहा कि मैट्रिक और इंटर की परीक्षा का परिणाम एक सप्ताह के अंदर घोषित किया जाएगा. सेंटर वार जारी होगा परीक्षा परिणाम मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रशासन की योजना सेंटर वार परीक्षा परिणाम जारी करने की है. उन्होंने कहा कि प्रशासन की कोशिश परीक्षा के बाद जल्द से जल्द रिजल्ट जारी करने की है. मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी इच्छा तो 48 घंटे में परीक्षा परिणाम घोषित करने की है. इसके लिए परीक्षा और मूल्यांकन व्यवस्था को और बेहतर बनाने पर काम किया जाएगा. फेल छात्रों को 15 दिन में दोबारा परीक्षा का मौका मुख्यमंत्री ने फेल होने वाले विद्यार्थियों को लेकर भी बड़ा ऐलान किया. उन्होंने कहा कि ऐसे छात्रों को 15 दिनों के अंदर दोबारा परीक्षा देने का अवसर मिलेगा. इससे विद्यार्थियों को एक साल इंतजार नहीं करना पड़ेगा. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें शिक्षकों की ट्रेनिंग के लिए बनेगा नया विश्वविद्यालय मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों को बेहतर प्रशिक्षण देने के लिए एक नया विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा. इसका उद्देश्य शिक्षकों की क्षमता बढ़ाना और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना है. उन्होंने बिहार में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) का सेंटर खोलने की भी घोषणा की. प्रशासन की योजना से राज्य में उच्च शिक्षा के अवसरों का विस्तार होने की उम्मीद है. एक साल में जमीन पर उतरेगा विक्रमशिला विश्वविद्यालय मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विक्रमशिला विश्वविद्यालय को लेकर भी बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि एक साल के अंदर विक्रमशिला विश्वविद्यालय को जमीन पर उतारा जाएगा. इसके साथ ही विश्वविद्यालयों में शिक्षकों और कर्मचारियों से जुड़े मामलों को भी प्राथमिकता देने की बात कही. शिक्षकों को समय पर मिलेगा वेतन मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों को समय पर वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा. उन्होंने मदरसा और संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों के बकाये को लेकर भी घोषणा की. उन्होंने कहा कि सितंबर तक मदरसा और संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों के सभी बकाये का भुगतान कर दिया जाएगा. वित्त रहित शिक्षकों के लिए नया वेतनमान मुख्यमंत्री ने वित्त रहित शिक्षकों को लेकर भी प्रशासन की योजना बताई. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों के आंतरिक संसाधनों और प्रशासनी अनुदान की मदद से वित्त रहित शिक्षकों के लिए नया वेतनमान देने की योजना है. प्रशासन के इन ऐलानों से परीक्षा व्यवस्था में बदलाव के साथ-साथ शिक्षकों की ट्रेनिंग, वेतन और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी नई पहल की उम्मीद है. Also Read: Naya Vichar Exclusive: बिहार के चर्चित IPS की पत्नी ने किए कई खुलासे, कहा-मेरे पति ने मेरी बेटी को मुझसे दूर कर दिया, मैंने जहर खा लिया फिर भी… The post बिहार : CM सम्राट चौधरी का ऐलान- अब एक सप्ताह में आएगा मैट्रिक-इंटर का रिजल्ट, खुलेगा BHU का सेंटर appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

जम्मू-कश्मीर एनकाउंटर: जवानों को देख आतंकी यासिर ने शुरू की फायरिंग, सुरक्षाबलों ने घेरा और कर दिया ढेर

आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने यूसमर्ग के ऊपरी इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया. खुफिया जानकारी के आधार पर स्पेशल फोर्सेज और 53 राष्ट्रीय राइफल्स के जवानों ने संयुक्त रूप से यह कार्रवाई की. तलाशी के दौरान सुरक्षाबलों का सामना आतंकियों से हो गया, जिसके बाद दोनों ओर से गोलीबारी शुरू हो गई. सुरक्षाबलों ने इलाके को घेरकर आतंकियों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया. इसी मुठभेड़ में लश्कर कमांडर यासिर मारा गया. इंडिया टुडे ने सूत्रों के हवाले एक बताया कि यासिर पहले लश्कर-ए-तैयबा के सुलैमान मूसा गुट का हिस्सा था. हालांकि, करीब एक साल पहले वह इस गुट से अलग हो गया था और तब से अलग तरीके से काम कर रहा था. सुरक्षा एजेंसियां काफी समय से उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थीं. यूसमर्ग इलाके में भी उसकी मौजूदगी और गतिविधियों की निगरानी की जा रही थी. ये भी पढ़ें: जम्मू-कश्मीर के बडगाम में सेना और अन्य सुरक्षाबलों के संयुक्त अभियान में एक आतंकवादी ढेर लश्कर-ए-तैयबा के किन आतंकियों से संपर्क था यासिर का? सूत्रों के अनुसार, ग्रुप से अलग होने के बाद यासिर इलाके में लश्कर-ए-तैयबा के एक प्रमुख आतंकी के तौर पर एक्टिव था. यूसमर्ग में हुई यह मुठभेड़ ऐसे समय हुई है, जब जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों ने आतंकियों के खिलाफ अभियान तेज कर रखा है. यासिर के मारे जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अब उसके पूरे नेटवर्क की जांच कर रही हैं. यह भी पता लगाया जा रहा है कि उसके लश्कर-ए-तैयबा के किन आतंकियों से संपर्क थे और वह इलाके में कितनी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था. यासिर के हाल की आतंकी घटनाओं में भूमिका की जांच तेज सुरक्षा एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि क्या यासिर का जम्मू-कश्मीर में हाल में हुई किसी आतंकी गतिविधि की साजिश रचने, उसे अंजाम देने में मदद करने या किसी तरह का सहयोग देने में कोई हाथ था. The post जम्मू-कश्मीर एनकाउंटर: जवानों को देख आतंकी यासिर ने शुरू की फायरिंग, सुरक्षाबलों ने घेरा और कर दिया ढेर appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Nepal Flood: सांस थमने से पहले पहुंची रेस्क्यू टीम, 10 दिन बाद मलबे में दबी 60 साल की महिला जिंदा मिली

नेपाल में विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के करीब 10 दिन बाद एक और चमत्कारी रेस्क्यू हुआ है. नुवाकोट जिले के बेत्रावती इलाके में मलबे में दबे चार मंजिला मकान से 60 वर्षीय चंडिका श्रेष्ठ को जिंदा बाहर निकाला गया. नेपाल के सशस्त्र पुलिस बल (APF) की टीम ने शनिवार को उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला. मकान की ऊपरी मंजिल पर फंसी हुई थीं स्त्री रिपोर्ट के मुताबिक, चंडिका श्रेष्ठ मकान की ऊपरी मंजिल पर फंसी हुई थीं. APF इंस्पेक्टर सुमन बीके के नेतृत्व वाली टीम ने उन्हें बाहर निकाला और उन्हें हेलिकॉप्टर से काठमांडू ले जाने की तैयारी की गई. ये भी पढ़ें: Video: नेपाल के दार्चुला में अब भारी भूस्खलन, चौलानी नदी का बहाव प्रभावित, निचले इलाकों में अलर्ट नेपाल में 26 अगस्त की भयावह बाढ़ और भूस्खलन के बाद हजारों लोग अब भी लापता हैं. इससे एक दिन पहले भी त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से दो कर्मचारियों को 9 दिन बाद जिंदा निकाला गया था, जिससे अन्य लापता लोगों के जिंदा मिलने की उम्मीद बढ़ी है. The post Nepal Flood: सांस थमने से पहले पहुंची रेस्क्यू टीम, 10 दिन बाद मलबे में दबी 60 साल की स्त्री जिंदा मिली appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

सहारनपुर में 100 साल से ज्यादा पुरानी मस्जिद पर चला बुलडोजर, DIG ने कहा- अवैध निर्माण पर हुई कार्रवाई

Saharanpur Mosque Controversy: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलक्ट्रेट परिसर के अंदर बनी 100 साल से अधिक पुरानी मस्जिद को जिला प्रशासन ने अवैध निर्माण माना है. प्रशासन की कार्रवाई के तहत आज सुबह करीब 5 बजे मस्जिद को बुलडोजर से ढहा दिया गया. बताया जाता है कि अंग्रेजों के दौर में कलक्ट्रेट में काम करने वाले मुस्लिम कर्मचारियों के लिए यह मस्जिद बनवाई गई थी, ताकि उन्हें नमाज पढ़ने के लिए दूर न जाना पड़े. 16 जुलाई को जिला प्रशासन ने मस्जिद के निर्माण को अवैध माना था. मस्जिद कमेटी ने कोर्ट में 1 जनवरी 1911 का बिजली बिल पेश कर दावा किया कि कलक्ट्रेट से पहले ही यहां मस्जिद मौजूद थी, जबकि प्रशासन ने दलील दी कि सहारनपुर में बिजली की शुरुआत 1912 में हुई थी. रात में सील की बात, सुबह मस्जिद जमींदोज सहारनपुर मस्जिद के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे. रात में भी मस्जिद तोड़े जाने की सूचना फैलने के बाद डीएम ने लोगों को मस्जिद सील किए जाने की बात कहकर शांत किया था, लेकिन सुबह तक मस्जिद जमींदोज हो चुकी थी. कार्रवाई के विरोध में आने वाले कई नेताओं को उनके घरों में नजरबंद किए जाने की सूचना है. सपा सांसद इकरा हसन को कैराना स्थित उनके घर से निकलने नहीं दिया गया. दिल्ली में सांसद इमरान मसूद ने कार्रवाई पर कहा, ‘बुलडोजर मस्जिद पर नहीं कानून पर चला है. ये संविधान, कानून पर बुलडोजर चला रहे हैं. 100 साल से बनी मस्जिद गिरा दी गई. जबरदस्ती रातों-रात मस्जिद बुलडोज कर दी. हम इसे नजीर नहीं बनने देंगे, सुप्रीम कोर्ट जाएंगे.’ सहारनपुर में मस्जिद पर बुलडोजर एक्शन उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर के अंदर बने मस्जिद का ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है. मौके पर एसडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट और भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद है. सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने पिछले महीने निर्माण को अवैध मानते हुए इसे गिराने का आदेश जारी किया था. इसी आदेश के तहत प्रशासन की मौजूदगी में बुलडोजर से ध्वस्तीकरण किया जा रहा है. कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौके पर तैनात हैं. मायावती ने मस्जिद ध्वस्तीकरण पर जताई चिंता बसपा प्रमुख मायावती ने सहारनपुर की मस्जिद समेत उत्तर प्रदेश में मस्जिदों को अवैध बताकर जल्दबाजी में ध्वस्त किए जाने की कार्रवाई को अनुचित बताया है. उन्होंने प्रशासन से ऐसे कदमों पर तत्काल रोक लगाने और विवादों के समाधान के दूसरे रास्ते अपनाने की मांग की. मायावती ने कहा कि संवैधानिक प्रशासन का दायित्व सभी धर्मों और उनके धार्मिक स्थलों का समान सम्मान व सुरक्षा सुनिश्चित करना है. उन्होंने अभियुक्तों के मकान ध्वस्त कर परिवार को सामूहिक सजा देने वाली कार्रवाई पर भी चिंता जताते हुए कानून के तहत कानून का राज कायम करने की जरूरत बताई. मायावती ने न्यायालय से भी ऐसे मामलों पर समुचित ध्यान देने की अपील की और सभी पक्षों से सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखने का आह्वान किया. अवैध निर्माण पर कार्रवाई: DIG सहारनपुर के DIG अभिषेक सिंह ने कहा कि कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने प्रशासनी जमीन पर अवैध रूप से निर्मित पाया था. उन्होंने बताया कि मस्जिद कमेटी की ओर से दाखिल अपील भी खारिज हो चुकी है, जिसके बाद अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की कार्रवाई की जा रही है. विपक्षी नेताओं के बयानों पर DIG ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जरूरी निवारक कदम उठाए गए हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन इस कार्रवाई में सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन कर रहा है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. इकरा हसन बोलीं- मस्जिद गिराना शर्मनाक सहारनपुर कलेक्ट्रेट में मस्जिद के ध्वस्तीकरण पर सपा सांसद इकरा हसन ने कहा कि निचली सिविल कोर्ट का आदेश आने के बाद पूरी मस्जिद को सील कर दिया गया था और आसपास बैरिकेडिंग लगा दी गई थी. उन्होंने कहा कि इस दौरान लोग अधिकारियों से बात कर कुछ समय मांगना चाहते थे, क्योंकि वे हाई कोर्ट जाना चाहते थे, लेकिन उन्हें समय नहीं दिया गया. इकरा हसन ने कहा कि सहारनपुर जिले के सभी प्रमुख लोगों को हाउस अरेस्ट किया गया और सुबह-सुबह मस्जिद ढहा दी गई. उन्होंने इसे शर्मनाक और पूरी तरह निंदनीय बताते हुए कहा कि वह इस मामले को कोर्ट में ले जाएंगी. उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई लोकतंत्र की हत्या दिखाती है और ‘क्विक जस्टिस’ को मानक तरीका बनाया जा रहा है. इकरा हसन ने सवाल उठाया कि अगर हर फैसला सिर्फ प्रशासनी आदेशों के आधार पर होना है, तो फिर कानूनी व्यवस्था की जरूरत ही क्या है. उन्होंने कहा कि इस गुनाह का अंजाम जिम्मेदार लोगों को जरूर भुगतना होगा. मस्जिद पर बुलडोजर क्यों? मजहबी आजादी पर सवाल सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद को आज सुबह 5 बजे गिराने पर असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि क्या मुसलमानों की मजहबी आजादी का संवैधानिक अधिकार अब भी सुरक्षित है? मस्जिद कमेटी ने अदालत में 1911 के दस्तावेज पेश कर यह बताने की कोशिश की कि मस्जिद कलेक्ट्रेट से पहले से मौजूद थी और एक सदी से अधिक समय से वहां लगातार नमाज होती रही है. ऐसे में वक्फ बाय यूजर, Limitation Act और लंबे समय से चले आ रहे कब्जे के कानूनी पहलुओं पर भी सवाल उठते हैं. कहा गया कि जब मस्जिद पहले थी और कलेक्ट्रेट बाद में बना, तो इतने पुराने इबादतगाह पर अचानक बुलडोजर क्यों चलाया गया? मजहबी आजादी किसी की रहम-ओ-करम पर निर्भर नहीं है और अपनी खुन्नस मिटाने के लिए मस्जिद को निशाना नहीं बनाया जा सकता. शमीम खान बोले- धार्मिक स्थलों को ढहाना समाज बांटने वाला कदम AIMIM के यूपी प्रदेश महासचिव मोहम्मद शमीम खान ने कहा कि 1950 में संविधान लागू होने के समय यह तय किया गया था कि संविधान लागू होने से पहले मौजूद धार्मिक स्थलों को यथास्थिति में रखा जाएगा. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी चुनाव करीब आने पर धार्मिक स्थलों को ध्वस्त कर वोटों के ध्रुवीकरण की कोशिश करती है. शमीम खान ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई समाज को बांटने वाली और सामाजिक स्थिरता को प्रभावित करने वाली है. इससे सामाजिक भाईचारे और

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

ज्यादा माइलेज के लिए हाइब्रिड गाड़ी लेना चाहते हैं? जानिए Kia Sorento और MG Hector Tomahawk के बीच कौन है ज्यादा वैल्यू फॉर मनी?

हिंदुस्तानीय ऑटोमोबाइल बाजार में हाइब्रिड गाड़ियों की मांग तेजी से बढ़ रही है. इसी सेगमेंट में मुकाबला कड़ा करने के लिए दो बड़ी 3-रो वाली प्रीमियम SUVs आमने-सामने हैं-Kia Sorento Hybrid और MG Hector Tomahawk PHEV. Kia जहां अपनी दमदार स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड तकनीक और पावर के साथ आती है, वहीं MG ने हिंदुस्तान में पहली बार प्लग-इन हाइब्रिड (PHEV) सेटअप पेश कर दांव स्पोर्ट्सा है. अगर आप एक बड़ी फैमिली SUV खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आइए जानते हैं साइज, इंजन, माइलेज और कीमत के आधार पर कौन किस पर भारी है. साइज में कौन सी गाड़ी है ज्यादा बड़ी? साइज के मामले में Kia Sorento, Hector Tomahawk से हर पैमाने पर बड़ी नजर आती है. Sorento की लंबाई, चौड़ाई, ऊंचाई और व्हीलबेस हेक्टर के मुकाबले ज्यादा है, जिससे इसके केबिन में बेहतर स्पेस मिलने की उम्मीद है. हालांकि, तीसरी पंक्ति की सीटों के पीछे बूट स्पेस के मामले में MG हेक्टर 13 लीटर ज्यादा जगह देती है. डायमेंशन कंपैरिजन स्पेसिफिकेशन Kia Sorento Hybrid    MG Hector Tomahawk PHEV लंबाई 4,815 मिमी 4,745 मिमी चौड़ाई 1,900 मिमी 1,850 मिमी ऊंचाई 1,785 मिमी 1,770 मिमी व्हीलबेस 2,815 मिमी 2,810 मिमी बूट स्पेस 179 लीटर 192 लीटर पहिए (Alloy Wheels) 18-19 इंच 18 इंच ये भी पढ़ें: Kia Sorento vs Toyota Fortuner: कीमत, इंजन और फीचर्स के मामले में कौन है असली किंग? देखें तुलना स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड vs प्लग-इन हाइब्रिड दोनों गाड़ियों की हाइब्रिड तकनीक में बुनियादी अंतर है: MG Hector Tomahawk (PHEV): इसमें 20.5 kWh का बड़ा बैटरी पैक मिलता है, जिसे घरेलू AC चार्जर या DC फास्ट चार्जर से प्लग करके चार्ज किया जा सकता है. कंपनी का दावा है कि यह पूरी तरह इलेक्ट्रिक (EV) मोड में 115 किमी से ज्यादा चल सकती है. Kia Sorento (Strong Hybrid): इसकी बैटरी को बाहर से चार्ज करने की जरूरत नहीं होती. यह कार के पेट्रोल इंजन और रीजेनरेटिव ब्रेकिंग से खुद-ब-खुद चार्ज होती रहती है. इंजन और परफॉर्मेंस स्पेसिफिकेशन फीचर Kia Sorento Hybrid MG Hector Tomahawk PHEV इंजन 1.6L टर्बो-पेट्रोल (180 hp / 265 Nm) 1.5L नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इलेक्ट्रिक मोटर 65 hp / 264 Nm PMSM मोटर कुल सिस्टम आउटपुट घोषणा बाकी 198 hp / 230 Nm बैटरी क्षमता कॉम्पैक्ट बैटरी 20.5 kWh ट्रांसमिशन 6-स्पीड ऑटोमैटिक (AT) डेडिकेटेड हाइब्रिड ट्रांसमिशन (DHT) ड्राइव टाइप FWD और AWD केवल FWD 0-100 किमी/घंटा TBA 9.0 सेकंड दावा किया गया माइलेज TBA 50 किमी/लीटर चार्जिंग समय लागू नहीं DC फास्ट चार्ज: 35 मिनट (30-80%) फ्यूल टैंक क्षमता 67 लीटर 52 लीटर ड्राइविंग मोड्स और फीचर्स Kia Sorento हाइब्रिड: इसमें बेहतर ग्रिप के लिए ऑल-व्हील ड्राइव (AWD) का विकल्प मिलता है. साथ ही Eco, Sport और Smart ड्राइविंग मोड्स के अलावा Snow, Mud और Sand जैसे टेरेन मोड्स भी दिए गए हैं. MG Hector Tomahawk PHEV: यह केवल फ्रंट-व्हील ड्राइव (FWD) में आती है. इसमें बैटरी चार्ज के आधार पर तीन ड्राइविंग मोड्स मिलते हैं- सीरीज-हाइब्रिड (इंजन बैटरी चार्ज करता है, मोटर पहिए चलाती है), पैरेलल-हाइब्रिड (इंजन और मोटर दोनों मिलकर ताकत देते हैं), और प्योर इंजन मोड. कीमत और वेरिएंट्स कीमत के मोर्चे पर MG Hector Tomahawk काफी आक्रामक नजर आती है, जबकि Kia Sorento का प्रीमियम टैग साफ दिखाई देता है. मॉडल शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत टॉप मॉडल एक्स-शोरूम कीमत Kia Sorento Hybrid ₹29.49 लाख ₹40.19 लाख (6 वेरिएंट्स) MG Hector Tomahawk PHEV ₹25.70 लाख ₹27.79 लाख (2 वेरिएंट्स) Kia Sorento का बेस मॉडल भी हेक्टर के बेस मॉडल से करीब 3.79 लाख रुपये महंगा है. वहीं, Sorento के टॉप AWD वेरिएंट की कीमत हेक्टर के टॉप वेरिएंट से लगभग 12.40 लाख रुपये ज्यादा है. आपके लिए कौन सी SUV बेहतर? MG Hector Tomahawk PHEV चुनें अगर: बजट ₹26 से ₹28 लाख के बीच है, आप रोजाना 80-100 किमी का सफर सिर्फ इलेक्ट्रिक मोड (सस्ते खर्च) में तय करना चाहते हैं और आपको एक बजट-फ्रेंडली 7-सीटर फैमिली कार चाहिए. Kia Sorento Hybrid चुनें अगर: बजट ज्यादा है, आपको ऑल-व्हील ड्राइव (AWD), बड़ा रोड प्रेजेंस, टर्बो-पेट्रोल की दमदार परफॉर्मेंस और 6-सीटर कैप्टन सीट्स का लग्जरी अनुभव चाहिए. ये भी पढ़ें: Kia Syros का Flex-Fuel मॉडल हुआ पेश, 85% एथेनॉल तक वाले फ्यूल से चलेगी ये SUV The post ज्यादा माइलेज के लिए हाइब्रिड गाड़ी लेना चाहते हैं? जानिए Kia Sorento और MG Hector Tomahawk के बीच कौन है ज्यादा वैल्यू फॉर मनी? appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते को नहीं मिली राहत, CID की विशेष अदालत ने खारिज की जमानत याचिका

JPSC CID Probe: 14वीं जेपीएससी परीक्षा फर्जीवाड़ा मामले में गिरफ्तार झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते को फिलहाल अदालत से राहत नहीं मिली है. सीआईडी की विशेष अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी. इससे पहले बुधवार को जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनकर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. अब अदालत ने फैसला सुनाते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया है. छापेमारी में नहीं मिला आपत्तिजनक दस्तावेज सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से दलील दी गई कि एल खियांग्ते के खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य मौजूद नहीं है. उनके अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि सीआईडी द्वारा की गई छापेमारी में भी ऐसा कोई आपत्तिजनक दस्तावेज या सामग्री बरामद नहीं हुई, जिससे यह साबित हो सके कि उनके मुवक्किल किसी आपराधिक साजिश में शामिल थे. बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि केवल आरोपों के आधार पर उन्हें लंबे समय तक जेल में रखना उचित नहीं है, इसलिए उन्हें जमानत का लाभ दिया जाना चाहिए. एल खियांग्ते की भूमिका गंभीर दूसरी ओर, सीआईडी ने अदालत के समक्ष अपनी जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए एल खियांग्ते की भूमिका को गंभीर बताया. जांच एजेंसी का आरोप है कि ब्लैकलिस्टेड निजी कंपनी ट्रिपल डी डिजिटल प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) को JPSC की परीक्षाएं आयोजित कराने का काम दिलाने में एल खियांग्ते की मुख्य भूमिका रही. सीआईडी के अनुसार, इस पूरे मामले में भारी कमीशन लेने का आरोप भी उनके खिलाफ जांच में सामने आया है. पूछताछ के दौरान साक्ष्य नष्ट करने की कोशिश जांच एजेंसी ने अदालत को यह भी बताया कि पूछताछ के दौरान साक्ष्य नष्ट करने की कोशिशों से जुड़े तथ्य सामने आए थे. इसी आधार पर सीआईडी ने उन्हें गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद से वे न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं. सीआईडी कर रहा मामले की जांच यह मामला JPSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और परीक्षा संचालन में निजी एजेंसियों की भूमिका को लेकर चल रही व्यापक जांच का हिस्सा है. सीआईडी इस मामले में पूर्व अधिकारियों, निजी कंपनी के प्रतिनिधियों और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है. इसे भी पढ़ें: JPSC Student Protest: तीन दिनों की पूछताछ के बाद पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते जेल भेजे गये फिलहाल जेल में ही रहेंगे एल खियांग्ते अदालत द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद एल खियांग्ते को फिलहाल जेल में ही रहना होगा. वहीं, सीआईडी अब मामले में आगे की जांच और साक्ष्यों को मजबूत करने की दिशा में कार्रवाई जारी रखेगी. JPSC परीक्षा अनियमितता मामले में यह फैसला जांच एजेंसी के लिए अहम माना जा रहा है. इसे भी पढ़ें: JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते को नहीं मिली राहत, CID की विशेष अदालत ने खारिज की जमानत याचिका The post JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते को नहीं मिली राहत, CID की विशेष अदालत ने खारिज की जमानत याचिका appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top