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Author name: Vinod Jha

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चैत्र नवरात्रि 2026 पर खरमास और पंचक का साया, क्या पड़ेगा प्रभाव? 

Chaitra Navratri 2026: 19 मार्च 2026 से चैत्र नवरात्रि शुरू हो रही है. इस दौरान खरमास और पंचक दोनों लगे रहेंगे. हिंदू धर्म में खरमास और पंचक दोनों को ही अशुभ अवधि माना जाता है. शास्त्रों में इस अवधि के दौरान शुभ कार्य करना वर्जित बताया गया है. ऐसे में कई श्रद्धालुओं के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या इस अवधि का चैत्र नवरात्रि की पूजा पर कोई नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है? और अगर पड़ता है, तो उससे बचाव के लिए क्या करना चाहिए? आइए इन सभी सवालों के जवाब आसान भाषा में जानते हैं. ज्योतिषीय समीकरण और प्रभाव इस वर्ष चैत्र नवरात्रि के दौरान सूर्य मीन राशि में रहेंगे, जिससे खरमास (15 मार्च से 14 अप्रैल) का प्रभाव रहेगा. साथ ही, नवरात्रि के शुरुआती दो दिन (19 और 20 मार्च) पंचक के अंतर्गत आएंगे. ज्योतिषियों का कहना है कि ‘अशुभ’ माने जाने वाले ये योग केवल भौतिक कार्यों के लिए होते हैं. आध्यात्मिक दृष्टिकोण से, खरमास और पंचक के दौरान की गई शक्ति उपासना, मंत्र जाप और दान-पुण्य अत्यंत शुभ माने जाते हैं. इसलिए इसका चैत्र नवरात्रि की पूजा पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा. हालांकि, इस दौरान खरमास और पंचक के नियमों के अनुसार विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश और घर की छत डालना जैसे सोलह संस्कार व अन्य शुभ कार्य वर्जित रहेंगे. नए व्यापार की शुरुआत या संपत्ति की खरीदारी को भी इस समय टालना ज्योतिषीय दृष्टि से उचित माना जाता है. माता दुर्गा की सवारी शास्त्रों के अनुसार, चैत्र नवरात्रि 2026 में मां दुर्गा का आगमन ‘पालकी’ (डोली) पर हो रहा है. ज्योतिषीय दृष्टि से पालकी की सवारी को बहुत शुभ नहीं माना जाता; यह समाज में महामारी, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं या नेतृत्वक उथल-पुथल का संकेत देती है. वहीं, मां की विदाई ‘हाथी’ पर होगी, जो एक अत्यंत शुभ संकेत है. हाथी पर प्रस्थान भारी वर्षा, अच्छी फसल और देश में आर्थिक समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. घटस्थापना शुभ मुहूर्त पहला मुहूर्त (प्रातः काल): सुबह 5:55 बजे से सुबह 7:24 बजे तक दूसरा मुहूर्त (अभिजीत मुहूर्त): सुबह 11:33 बजे से दोपहर 12:22 बजे तक तीसरा मुहूर्त (चौघड़िया लाभ-अमृत): सुबह 10:28 बजे से दोपहर 1:27 बजे तक यह भी पढ़ें: Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि और हिंदू नववर्ष 19 मार्च से शुरू, जानें मां दुर्गा की सवारी, घटस्थापना का मुहूर्त The post चैत्र नवरात्रि 2026 पर खरमास और पंचक का साया, क्या पड़ेगा प्रभाव?  appeared first on Naya Vichar.

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धोनी के साथ खेलने पर सैमसन का बयान, बताया क्यों छोड़ा राजस्थान रॉयल्स का साथ?

Highlights धोनी से फोन पर हुई बातचीत धोनी के साथ दो महीने बिताना बड़ा मौका राजस्थान छोड़ने का कारण  टी20 वर्ल्ड कप 2026 की जीत Sanju Samson Call MS Dhoni: आईपीएल 2026 की शुरुआत से पहले संजू सैमसन और महेंद्र सिंह धोनी की बातचीत चर्चा का विषय बनी हुई है. संजू अब चेन्नई सुपर किंग्स टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने बताया है कि नई टीम में शामिल होने के बाद उनकी धोनी से फोन पर बात हुई है. संजू पहली बार धोनी के साथ एक ही टीम में स्पोर्ट्सने को लेकर बहुत खुश हैं. यह मौका उन्हें आईपीएल इतिहास की सबसे बड़ी ट्रेड डील के कारण मिला है. संजू चेन्नई में आए हैं और उनके बदले रवींद्र जडेजा राजस्थान रॉयल्स में वापस चले गए हैं. धोनी से फोन पर हुई बातचीत संजू सैमसन ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि उनकी माही भाई से फोन पर बात हुई है. संजू ने कहा कि उन्होंने पहले भी कई बार धोनी से फोन पर संपर्क किया है. वह टीम इंडिया के ट्रेनिंग कैंप में भी उनसे मिल चुके हैं. लेकिन, किसी एक ही टीम के लिए एक साथ स्पोर्ट्सना उनके लिए एकदम नया अनुभव होगा. संजू का कहना है कि जब भी उनकी धोनी से बात होती है, उन्हें हमेशा कुछ नया और सकारात्मक सीखने को मिलता है. धोनी के साथ स्पोर्ट्सना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है. 🚨 SANJU SAMSON ON PLAYING WITH MS DHONI IN IPL FOR CSK🚨 Sanju Samson – “ I have spoken to Mahi bhai over the phone and interacted with him before, but playing alongside him is great opportunity to learn from him ” 🤝 pic.twitter.com/rszpBtXLed — Kiara (@crickiara) March 16, 2026 धोनी के साथ दो महीने बिताना बड़ा मौका संजू सैमसन मानते हैं कि आईपीएल के दौरान धोनी के साथ पूरे दो महीने का समय बिताना उनके करियर के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा. वह यह देखना चाहते हैं कि धोनी क्रिकेट को किस तरह से समझते हैं और मैच से पहले वह खुद को कैसे तैयार करते हैं. संजू ने कहा कि वह इस मौके को धोनी से क्रिकेट की बारीकियां सीखने के अवसर के रूप में देख रहे हैं. चेन्नई सुपर किंग्स में आना संजू के लिए एक नई शुरुआत है और वह धोनी के साथ स्पोर्ट्सने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं. राजस्थान छोड़ने का कारण  संजू सैमसन ने 11 साल तक राजस्थान रॉयल्स के लिए आईपीएल स्पोर्ट्सा. उन्होंने 2013 से 2015 तक और फिर 2018 से 2025 तक इस टीम का साथ दिया. संजू ने साफ किया कि उन्होंने राजस्थान रॉयल्स का साथ इसलिए छोड़ा क्योंकि उन्हें लगा कि वहां उनका समय अब पूरा हो चुका है. अब आईपीएल 2026 में चेन्नई का पहला मैच ही राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ होने वाला है. यह मैच राजस्थान के घरेलू मैदान पर होगा. संजू ने कहा कि वह पुरानी टीम के खिलाफ स्पोर्ट्सते समय भावुक नहीं होंगे और मैदान पर अपना सबसे अच्छा स्पोर्ट्स दिखाने की पूरी कोशिश करेंगे. टी20 वर्ल्ड कप 2026 की जीत हिंदुस्तान ने हाल ही में आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब अपने नाम किया है. यह टूर्नामेंट हिंदुस्तान में ही स्पोर्ट्सा गया था और संजू इस जीत का अहम हिस्सा रहे. नई दिल्ली में बीसीसीआई के एक कार्यक्रम में संजू ने कहा कि यह जीत अभी भी उनके लिए किसी सपने की तरह है. जब वह सुबह उठते हैं तो सोचते हैं कि क्या सच में उन्होंने वर्ल्ड कप जीता है. संजू को पक्का भरोसा है कि हिंदुस्तान में जिस तरह के शानदार युवा खिलाड़ी सामने आ रहे हैं, उससे टीम इंडिया भविष्य में भी ऐसे कई बड़े खिताब लगातार जीतेगी. ये भी पढ़ें- IPL 2026: बीसीसीआई का सभी टीमों को झटका, प्रैक्टिस में मनमानी नहीं कर पाएंगी फ्रेंचाइजी किडनी टचिंग कैप्शन… वेडिंग एनिवर्सरी पर पत्नी संजना ने बुमराह के मजे लिए आईपीएल ने प्लेयर्स को बनाया निडर, T20 WC में इंडिया की जीत पर रिकी पोंटिंग का बयान The post धोनी के साथ स्पोर्ट्सने पर सैमसन का बयान, बताया क्यों छोड़ा राजस्थान रॉयल्स का साथ? appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल में प्रशासनिक फेरबदल, चुनाव आयोग ने 12 जिलों के SP बदले

Bengal IPS Transfer: कोलकाता. चुनाव आयोग ने राज्य पुलिस में एक बार फिर फेरबदल किया है. एक ही झटके में राज्य के एक दर्जन पुलिस अधीक्षकों को बदल दिया गया है. इतना ही नहीं, इंदिरा मुखर्जी को कोलकाता के डीसी (सेंट्रल) पद से भी हटा दिया गया है. चुनाव आयोग ने राज्य पुलिस में एक बार फिर फेरबदल किया है. एक ही झटके में राज्य के एक दर्जन पुलिस अधीक्षकों को बदल दिया गया है. इतना ही नहीं, इंदिरा मुखर्जी को कोलकाता के डीसी (सेंट्रल) पद से भी हटा दिया गया है. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 12 पुलिस अधीक्षकों का तबादला सोमवार को चुनाव आयोग ने राज्य के पुलिस महानिदेशक पीयूष पांडे को उनके पद से हटा दिया. कोलकाता के पुलिस आयुक्त में भी फेरबदल किया गया. 24 घंटे के भीतर ही एक और फेरबदल हुआ. येलवार श्रीकांत जगन्नाथ राव को कोलकाता के पुलिस उपायुक्त (केंद्रीय) इंदिरा के स्थान पर प्रभार सौंपा गया. इसके अलावा, आयोग ने राज्य में 12 स्थानों पर पुलिस अधीक्षकों का भी तबादला किया है. इस सूची में बीरभूम, पूर्वी मेदिनीपुर, कूच बिहार और मालदा के पुलिस अधीक्षक शामिल हैं. सूर्य प्रताप यादव को बीरभूम का पुलिस अधीक्षक बनाया गया है. वे 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. मुर्शिदाबाद के एसपी बदले गये आयोग ने मुर्शिदाबाद पुलिस जिले के एसपी धृतिमान प्रशासन को उनके पद से हटा दिया है. उनकी जगह 2013 बैच के आईपीएस अधिकारी सचिन को कार्यभार सौंपा गया है. आयोग ने बसीरहाट के पुलिस अधीक्षक आरिश बिलाल को भी हटा दिया है. उनकी जगह 2017 बैच के आईपीएस अधिकारी अलकनंदा भोयाल को नियुक्त किया गया है. मालदा के पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार यादव की जगह अनुपम सिंह को नियुक्त किया गया है. पूर्वी मिदनापुर के एसपी परिजात बिश्वास को भी हटा दिया गया है. उन्हें कुछ दिन पहले ही इस जिले का कार्यभार सौंपा गया था. इस बार पूर्वी मिदनापुर के नए पुलिस अधीक्षक अंशुमन साहा हैं. वे 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. जगह पद जो थे जो बने दक्षिण बंगाल एडीजी राजीव मिश्रा राजेश कुमार सिंह उत्तर बंगाल एडीजी सुकेश कुमार जैन के जयर्मन हावड़ा पुलिस आयुक्त आकाश मगड़िया अखिलेश कुमार चतुर्वेदी दुर्गापुर कमिश्नरेट सुनील कुमार चौधरी डॉ प्रणब कुमार बैरकपुर कमिश्नरेट प्रवीण त्रिपाठी अमित कुमार सिंह चंदननगर कमिश्नरेट कोटेश्वर राव सुनील कुमार यादव केंद्रीय प्रभाग डीसी इंदिरा मुखर्जी श्रीकांत जगन्नाथराव बारासात एसपी प्रियब्रत रॉय पुष्पा कूच बिहार एसपी संदीप कर्रा जसप्रीत सिंह बीरभूम एसपी राज नारायण मुखर्जी सूर्य प्रताप यादव इस्लामपुर एसपी जोबी थॉमस राकेश सिंह हुगली ग्रामीण एसपी कामनाशीष सेन कुमार सनी राज डायमंड हार्बर एसपी बिशप प्रशासन ईशानी पाल मुर्शिदाबाद एसपी धृतिमान प्रशासन सचिन बशीरहाट एसपी अरिश बिलाल अलकनंदा भवाल मालदा एसपी अभिजीत बनर्जी अनुपम सिंह पूर्व मेदिनीपुर एसपी पारिजात विश्वास अंगशुमन साहा जांगीपुर एसपी हुसैन मेहदी रहमान सुरिंदर सिंह पश्चिम मेदिनीपुर एसपी पलाश चंद्र ढाली पापिया सुल्ताना डायमंड हार्बर के पुलिस अधीक्षक बनी ईशानी पाल इसके अलावा, आयोग ने जंगीपुर और पश्चिम मेदिनीपुर जिलों के एसपी में भी फेरबदल किया है. पश्चिम मेदिनीपुर के पुलिस अधीक्षक पलाश ढाली को हटाकर पापिया सुल्ताना को कार्यभार सौंपा गया है. वह 2015 बैच की पदोन्नत आईपीएस अधिकारी हैं. जंगीपुर के एसपी सुरिंदर सिंह को भी हटाकर नियुक्त किया गया है. वह 2016 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. आयोग ने डायमंड हार्बर के पुलिस अधीक्षक का भी तबादला किया है. इस पद पर बिशप प्रशासन थे. उनकी जगह ईशानी पाल को नियुक्त किया गया है. जसप्रीत सिंह को कूच बिहार का पुलिस अधीक्षक बनाया गया है. वे 2016 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. बारासात पुलिस जिले की नई पुलिस अधीक्षक पुष्पा हैं, जो 2012 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं. Also Read: बंगाल में पहचान की लड़ाई, भाजपा के ‘घुसपैठिये’ से ममता की ‘बंगाली अस्मिता’ का मुकाबला The post बंगाल में प्रशासनिक फेरबदल, चुनाव आयोग ने 12 जिलों के SP बदले appeared first on Naya Vichar.

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नोरा फतेही का गाना ‘सरके तेरी चुनर सरके’ यूट्यूब से हटा, विरोध के बाद बैकफुट पर मेकर्स

Nora Fatehi Song Controversy: इन दिनों म्यूजिक इंडस्ट्री में गानों के बोल और कंटेंट को लेकर विवाद लगातार बढ़ते जा रहे हैं. हाल ही में रैपर बादशाह के गाने ‘टटीरी’ पर बवाल थमा भी नहीं था कि अब एक और गाना विवादों में घिर गया है. इस बार मामला बॉलीवुड डांसर और एक्ट्रेस नोरा फतेही के नए गाने सरके चुनर तेरी सरके से जुड़ा है, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर जबरदस्त विरोध देखने को मिल रहा है. अब मेकर्स ने गाने को यूट्यूब से हटा दिया है. गाने के बोल पर भड़के लोग जैसे ही यह गाना रिलीज हुआ, वैसे ही इसके लिरिक्स को लेकर लोगों में नाराजगी फैल गई. लोगों का कहना है कि गाने में इस्तेमाल किए गए शब्द काफी वल्गर हैं और सुनते ही आपत्तिजनक लगते हैं. इसी वजह से सोशल मीडिया पर लोग खुलकर इस गाने का विरोध करने लगे और इसे हटाने की मांग तेज हो गई. यूट्यूब से हटाना पड़ा गाना विवाद बढ़ता देख आखिरकार मेकर्स को बड़ा कदम उठाना पड़ा. बढ़ते विरोध के बीच सरके चुनर तेरी सरके को यूट्यूब से हटा दिया गया है. यह गाना कन्नड़ फिल्म KD: The Devil का है, जिसमें ध्रुव सरजा लीड रोल में दिखाई देने वाले हैं. गाने में दिखे नोरा और संजय दत्त इस गाने में एक्ट्रेस नोरा फतेही के साथ संजय दत्त नजर आए थे. शुरुआत में यह गाना अपनी ग्रैंड प्रेजेंटेशन और डांस की वजह से चर्चा में आया था. लेकिन जैसे-जैसे लोगों ने इसे देखा, वैसे-वैसे इसके बोल और डांस स्टेप्स को लेकर विवाद गहराता चला गया. यह भी पढ़ें: नोरा फतेही ने इस गाने में की बोल्डनेस की सारी हदें पार, संजय दत्त की गोद में बैठीं The post नोरा फतेही का गाना ‘सरके तेरी चुनर सरके’ यूट्यूब से हटा, विरोध के बाद बैकफुट पर मेकर्स appeared first on Naya Vichar.

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IPL 2026: बीसीसीआई का सभी टीमों को झटका, प्रैक्टिस में मनमानी नहीं कर पाएंगी फ्रेंचाइजी

Highlights प्रैक्टिस मैच के लिए बोर्ड की परमिशन जरूरी फ्लडलाइट्स में सिर्फ साढ़े तीन घंटे की प्रैक्टिस मुख्य पिच और नेट्स को लेकर सख्त नियम मेहमान टीम को मिलेगी प्राथमिकता IPL 2026 का सीजन शुरू होने से पहले बीसीसीआई ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. हिंदुस्तानीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने सभी 10 टीमों को एक सख्त चेतावनी भेजी है. बोर्ड ने प्रैक्टिस सेशन और वार्म-अप मैचों के लिए नए और कड़े नियम लागू कर दिए हैं. इन नियमों का सीधा मकसद सभी टीमों को तैयारी का बराबर मौका देना और मैच के लिए पिच की क्वालिटी को अच्छा बनाए रखना है. अगर कोई भी टीम इन नियमों को नहीं मानती है, तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. बीसीसीआई हर हाल में इन नियमों का पालन करवाएगी. प्रैक्टिस मैच के लिए बोर्ड की परमिशन जरूरी बीसीसीआई का पूरा फोकस गेम को सही तरीके से चलाने और पिच को सुरक्षित रखने पर है. नए नियमों के अनुसार, कोई भी फ्रेंचाइजी अब ज्यादा से ज्यादा सिर्फ दो प्रैक्टिस मैच ही स्पोर्ट्स सकती है. इन मैचों को स्पोर्ट्सने के लिए भी फ्रेंचाइजी को पहले बीसीसीआई से परमिशन लेनी होगी. बोर्ड ने यह भी साफ कर दिया है कि ये मुकाबले मेन मैच वाली पिच पर बिल्कुल नहीं स्पोर्ट्से जाएंगे. इससे पिच को खराब होने से बचाया जा सकेगा. फ्लडलाइट्स में सिर्फ साढ़े तीन घंटे की प्रैक्टिस रात के समय होने वाले प्रैक्टिस मैचों के लिए भी बीसीसीआई ने समय फिक्स कर दिया है. अगर कोई प्रैक्टिस मैच फ्लडलाइट्स के नीचे स्पोर्ट्सा जाएगा, तो वह मैच साढ़े तीन घंटे से ज्यादा नहीं चल सकेगा. बोर्ड का यह कदम मेन पिच पर ज्यादा टूट-फूट को रोकने के लिए है. इससे पिच मैच वाले दिन बिल्कुल अच्छी हालत में रहेगी और स्पोर्ट्स की क्वालिटी खराब नहीं होगी. मुख्य पिच और नेट्स को लेकर सख्त नियम अब कोई भी टीम अपनी विरोधी टीम की ओर से इस्तेमाल की गई नेट्स या पिच का इस्तेमाल नहीं कर पाएगी. हर टीम के लिए एकदम फ्रेश नेट्स और पिच दी जाएगी. अगर एक टीम पहले प्रैक्टिस कर रही है, तो दूसरी टीम उनके नेट्स का इस्तेमाल नहीं कर सकेगी. इसके अलावा, किसी भी टीम के पहले होम मैच से चार दिन पहले मेन पिच पर कोई प्रैक्टिस या मैच नहीं होगा. जरूरत पड़ने पर टीमों को फ्री में कोई दूसरा मैदान दिया जा सकता है. मेहमान टीम को मिलेगी प्राथमिकता अगर दो टीमों के प्रैक्टिस शेड्यूल का समय एक साथ टकराता है, तो मेहमान टीम को हमेशा पहली प्राथमिकता मिलेगी. पिछले सीजन में कुछ होम टीमों पर पिच के ज्यादा इस्तेमाल की शिकायतें आई थीं. इसका असर मैचों पर पड़ा था. अब बीसीसीआई ने इसे रोकने के लिए यह कदम उठाया है. इन नियमों के बाद मेहमान टीम को बराबरी का मौका मिलेगा और होम टीम अपने घरेलू मैदान का गलत फायदा नहीं उठा सकेगी. ये भी पढ़ें- किडनी टचिंग कैप्शन… वेडिंग एनिवर्सरी पर पत्नी संजना ने बुमराह के मजे लिए आईपीएल ने प्लेयर्स को बनाया निडर, T20 WC में इंडिया की जीत पर रिकी पोंटिंग का बयान The post IPL 2026: बीसीसीआई का सभी टीमों को झटका, प्रैक्टिस में मनमानी नहीं कर पाएंगी फ्रेंचाइजी appeared first on Naya Vichar.

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गुजरात पहुंचा टैंकर ‘नंदा देवी’, होर्मुज स्ट्रेट पार करके लाया 46500 MT एलपीजी, क्या दूर होगी गैस की किल्लत?

Nanda Devi Reached India: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हमलों के डर से तेल और गैस संकट के बीच हिंदुस्तान ने राहत की सांस ली है. हिंदुस्तानीय एलपीजी कैरियर नंदा देवी मंगलवार को गुजरात के जामनगर स्थित वाडीनार पोर्ट (द्वारका जिला) पहुंच गया. यह 46,500 मीट्रिक टन तरलीकृत पेट्रोलियम गैस लेकर आया है. यह गैस एंकरिज पर शिप-टू-शिप ट्रांसफर के लिए लाई गई है. यानी आज से मदर वेसल एमटी नंदा देवी से डॉटर वेसल एमटी बीडब्लू बिर्च को एलपीजी ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू होगी. दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी के चेयरमैन इस प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए जहाज पर पहुंचे और उन्होंने नंदा देवी के कप्तान व क्रू से बातचीत की. हालांकि नंदा देवी की यात्रा आसान नहीं थी. यह जहाज सऊदी अरब के Ras Al Khair से एलपीजी लेकर आया और इसे Strait of Hormuz से होकर गुजरना पड़ा. मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के चलते ईरान ने इस जलडमरूमध्य में नौवहन पर कुछ प्रतिबंध लगाए थे. ईरान ने शुरुआत में होर्मुज़ से गुजरने वाले टैंकरों पर पाबंदियां लगाकर तेल और गैस की आपूर्ति को धीमा करने की कोशिश की थी. हालांकि, हिंदुस्तान को खाड़ी क्षेत्र से गुजरने वाली अपनी एलपीजी खेप के लिए छूट मिल गई थी. हिंदुस्तान ने अपने शिप के आवागमन के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज किए और हिंदुस्तानीय टैंकर की लगातार निगरानी भी की. नंदा देवी जहाज के मुख्य अधिकारी ने बताया कि यह पहल बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय और शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया द्वारा की गई थी. इसमें हिंदुस्तानीय नौसेना और ईरानी नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने में आवश्यक सहायता प्रदान की. आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि नंदा देवी के पहुंचने से गैस वितरण पर दबाव कम होगा, सिलेंडर बुकिंग का इंतजार घटेगा और घबराहट में हुई खरीदारी के कारण बढ़ी कीमतों पर लगाम लगेगी. 🇮🇳⚓ India, under the visionary leadership of Hon’ble Prime Minister, ensures uninterrupted energy lifelines even amid global challenges. MT Nanda Devi arrives at Vadinar (Jamnagar) carrying 46,500 MT LPG for ship-to-ship transfer at the anchorage. STS transfer to MT BW Birch to… pic.twitter.com/bRgSMa1ldh — Deendayal Port Authority, Kandla (@Deendayal_Port) March 17, 2026 शिवालिक पहले ही आ चुका यह दूसरा एलपीजी कैरियर है जो होर्मुज स्ट्रेट को सफलतापूर्वक पार करने के बाद हिंदुस्तान पहुंचा है. इससे पहले सोमवार शाम हिंदुस्तानीय कैरियर शिवालिक, जो 46,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर आया था, गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पहुंचा था. इसमें से 20,000 मीट्रिक टन एलपीजी मुंद्रा में उतारी जाएगी, जबकि शेष 26,000 मीट्रिक टन मैंगलोर भेजी जाएगी. जल्द ही आ सकता जग लाडकी वहीं, हिंदुस्तानीय झंडे वाला जहाज जग लाडकी यूएई से लगभग 81,000 टन मुरबन कच्चा तेल लेकर रवाना हुआ है. वह भी सुरक्षित रूप से हिंदुस्तान की ओर बढ़ रहा है. हिंदुस्तान में एलपीजी सिलेंडरों को बंदरगाह से डिपो और फिर वितरण केंद्रों तक ट्रकों के जरिए पहुंचाया जाता है. क्या अब दूर होगी गैस की किल्लत? एक जहाज आमतौर पर करीब 60,000 टन गैस ले जाता है. एक एलपीजी सिलेंडर का वजन लगभग 15 किलोग्राम होता है, यानी एक जहाज करीब 40 लाख सिलेंडरों के बराबर गैस ला सकता है.  हिंदुस्तान अपनी कुल एलपीजी जरूरत का करीब 60% आयात करता है, जिसमें से लगभग 90% आपूर्ति खाड़ी के देशों से होती है. इसका सबसे बड़ा रूट स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर गुजरता है. ऐसे में खाड़ी क्षेत्र में किसी भी तरह की बाधा सीधे हिंदुस्तान की रसोई गैस सप्लाई को प्रभावित कर सकती है. ये भी पढ़ें:- अमेरिका में उठी RSS और RAW को बैन करने की मांग, हिंदुस्तानीय विदेश मंत्रालय ने दिया कड़ा जवाब ये भी पढ़ें:- एपस्टीन विवाद: दिल्ली हाईकोर्ट का एक्शन, हरदीप पुरी की बेटी पर आपत्तिजनक कंटेंट ब्लॉक करने का आदेश जल्द ही आ सकते हैं कई सारे जहाज शिपिंग मंत्रालय में विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने सोमवार को बताया कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में सभी हिंदुस्तानीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में किसी भी तरह की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है. मौजूदा समय में फारस की खाड़ी में कुल 22 हिंदुस्तानीय ध्वज वाले जहाज मौजूद हैं, जिन पर 611 नाविक तैनात हैं. अगर यह समय पर आती हैं, तो प्रशासन की विभिन्न एजेंसियां अब रिफाइनरियों और एलपीजी वितरकों के साथ मिलकर इस गैस को तेजी से उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की कोशिश करेंगी. हिंदुस्तान प्रशासन ने ईरान के साथ बातचीत से सुलझाया मामला हिंदुस्तान प्रशासन ईरान के साथ लगातार बातचीत कर रही है. रिपोर्ट्स के अनुसार, इसमें ईरान की ओर से उसके तीन शिप को हिंदुस्तानीय कब्जे से रिहा करने और कुछ जीवन रक्षक दवाईयों की मांग की गई है. इसके बदले में हिंदुस्तान अपने शिप को होर्मुज स्ट्रेट से इंडियन नेवी के वॉरशिप को तैनात करते हुए ले जा पा रहा है. The post गुजरात पहुंचा टैंकर ‘नंदा देवी’, होर्मुज स्ट्रेट पार करके लाया 46500 MT एलपीजी, क्या दूर होगी गैस की किल्लत? appeared first on Naya Vichar.

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अमेरिका में उठी RSS और RAW को बैन करने की मांग, भारतीय विदेश मंत्रालय ने दिया कड़ा जवाब

USCIRF Report 2026 India Response: हिंदुस्तान ने सोमवार को यूएस कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम की ताजा रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया. इसमें अमेरिकी प्रशासन से हिंदुस्तान को ‘विशेष चिंता वाला देश’ (Country of Particular Concern – CPC) घोषित करने और कुछ व्यक्तियों व संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की गई थी. हिंदुस्तान प्रशासन ने इसे ‘प्रेरित और पक्षपातपूर्ण बताया. हिंदुस्तानीय विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता के बयान में कहा गया कि यह रिपोर्ट हिंदुस्तान में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति का गलत आकलन करती है. यूएससीआईआरएफ की 2026 की वार्षिक  रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि हिंदुस्तान में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति खराब हुई है और अल्पसंख्यकों तथा उनके पूजा स्थलों को निशाना बनाया जा रहा है. रिपोर्ट में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और हिंदुस्तान की बाहरी खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) पर धार्मिक स्वतंत्रता के कथित उल्लंघनों को लेकर लक्षित प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की गई है. यूएससीआईआरएफ रिपोर्ट में आरएसएस जैसे हिंदू राष्ट्रवादी संगठनों और सत्तारूढ़ हिंदुस्तानीय जनता पार्टी के बीच संबंधों की भी जांच की गई है. इसमें दावा किया गया है कि मौजूदा नेतृत्वक माहौल ने धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ भेदभाव को बढ़ावा दिया है. इसके अलावा, रिपोर्ट में कई राज्यों में लागू धर्मांतरण विरोधी कानूनों की आलोचना की गई है. इसके साथ ही आरोप लगाया गया है कि अधिकारियों ने अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिरासत, निष्कासन और भीड़ द्वारा हमलों जैसी घटनाओं को बढ़ावा दिया है. रिपोर्ट में आगे सुझाव दिया गया है कि अमेरिकी प्रशासन, हिंदुस्तान को दी जाने वाली सुरक्षा सहायता, हथियारों की बिक्री और द्विपक्षीय व्यापार नीतियों को धार्मिक स्वतंत्रता में सुधार के मुद्दों से जोड़े. साथ ही आर्म्स एक्सपोर्ट कंट्रोल एक्ट की धारा 6 लागू करते हुए हिंदुस्तान को हथियारों की बिक्री रोकने की भी सिफारिश की गई है. इसके अलावा अमेरिकी कांग्रेस से कहा गया है कि वह 2024 के ट्रांसनेशनल रिप्रेशन रिपोर्टिंग एक्ट को फिर से पेश कर पारित करे, ताकि हिंदुस्तान प्रशासन द्वारा अमेरिका में धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाते हुए किए गए कथित ट्रांसनेशनल रिप्रेशन के मामलों की सालाना रिपोर्टिंग अनिवार्य की जा सके. हिंदुस्तान प्रशासन की प्रतिक्रिया यूएससीआईआरएफ की रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए हिंदुस्तानीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि आयोग ने एक बार फिर हिंदुस्तान की छवि को तोड़-मरोड़ कर पेश किया है. उन्होंने कहा कि तथ्यों के बजाय संदिग्ध स्रोतों तथा वैचारिक कथनों पर भरोसा किया है.  बयान में कहा गया, ‘हमने यूएससीआईआरएफ की ताजा रिपोर्ट पर ध्यान दिया है. हम हिंदुस्तान के बारे में उसके प्रेरित और पक्षपातपूर्ण वर्णन को सिरे से खारिज करते हैं. कई वर्षों से यूएससीआईआरएफ हिंदुस्तान की एक विकृत और चयनात्मक तस्वीर पेश करता रहा है, जो वस्तुनिष्ठ तथ्यों के बजाय संदिग्ध स्रोतों और वैचारिक कथाओं पर आधारित है. इस तरह की बार-बार की गलत प्रस्तुति आयोग की अपनी विश्वसनीयता को ही कमजोर करती है.’ बयान में आगे कहा गया, ‘हिंदुस्तान की चयनात्मक आलोचना जारी रखने के बजाय यूएससीआईआरएफ को अमेरिका में हिंदू मंदिरों पर हो रही तोड़फोड़ और हमलों की चिंताजनक घटनाओं, हिंदुस्तान को निशाना बनाने की प्रवृत्ति, और अमेरिका में हिंदुस्तानीय मूल के लोगों के खिलाफ बढ़ती असहिष्णुता व डराने-धमकाने की घटनाओं पर भी गंभीरता से विचार करना चाहिए.’ अमेरिका में हिंदुस्तानीयों पर हमले: बढ़ती घटनाएं अमेरिका में हिंदुस्तानीयों के खिलाफ हमलों और नफरत से जुड़ी घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है. विभिन्न रिपोर्ट्स के मुताबिक, एंटी-इंडियन हेट क्राइम के मामलों में पिछले कुछ वर्षों की तुलना में तेज उछाल आया है. 2023 से 2025 के बीच इसमें 100% से ज्यादा वृद्धि दर्ज की गई. 2024-25 के दौरान करीब 10 से ज्यादा हिंदुस्तानीय छात्रों की मौत हुई. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक 2020-25 के बीच 160 हिंदुस्तानीयों की मौत हुई है, इनमें से 100 से ज्यादा छात्र हैं. वहीं अलग-अलग रिपोर्ट्स यह संकेत देती हैं कि पिछले एक साल 2025-26 में भी हिंदुस्तानीयों पर हमलों की संख्या दर्जनों में रही है. हिंदुस्तानीयों के प्रति हिंसा में गोलीबारी, हिंसक हमले और संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौतें शामिल हैं. हालांकि, सभी मौतों को हेट क्राइम नहीं माना गया है, लेकिन लगातार सामने आ रही घटनाओं ने हिंदुस्तानीय समुदाय की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है. यही वजह है कि इन मामलों को लेकर हिंदुस्तान प्रशासन और प्रवासी हिंदुस्तानीय संगठनों की सतर्कता भी बढ़ी है. हाल के वर्षों में अमेरिका में हिंदू मंदिरों को भी निशाना बनाए जाने की कई घटनाएं सामने आई हैं. इनमें मंदिर पर देर रातगोलियां चलाना, मंदिर को खालिस्तान जनमत संग्रह से जुड़े नारे लिखकर विकृत करना और हिंदुस्तान विरोधी नारे लिखे जाने की घटनाएं हुई हैं. इसके अलावा, सोशल मीडिया पर भी हिंदुस्तानीयों के खिलाफ नफरत भरे संदेशों में बढ़ोतरी देखी गई है. इन सभी घटनाओं ने हिंदुस्तान के उस तर्क को मजबूत किया है कि अमेरिका को दूसरों पर टिप्पणी करने से पहले अपने भीतर बढ़ती असहिष्णुता और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए. क्या है यूएससीआईआरएफ? यूएससीआईआरएफ की स्थापना, साल 1998 में अमेरिकी कांग्रेस के एक अधिनियम के तहत की गई थी. यह दुनिया भर में धार्मिक स्वतंत्रता की निगरानी करता है और अमेरिकी प्रशासन को नीतिगत सिफारिशें देता है. हालांकि आयोग खुद को स्वतंत्र बताता है, लेकिन इसके आयुक्तों की नियुक्ति अमेरिकी राष्ट्रपति और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं द्वारा की जाती है. ये भी पढ़ें:- ईरान युद्ध का अंत अभी नहीं! ईरानी विदेश मंत्री बोले; US से कोई बात नहीं, सारे दावे झूठे ये भी पढ़ें:- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तैनात हुई इंडियन नेवी, वॉरशिप से एस्कॉर्ट कर रही तिरंगा लगे जहाज हिंदुस्तान पहले भी कई बार इस आयोग की आलोचना कर चुका है. इसी साल की शुरुआत में जायसवाल ने कहा था कि यूएससीआईआरएफ को ही ‘चिंता का विषय’ माना जाना चाहिए, क्योंकि नई दिल्ली के मुताबिक यह संस्था लगातार हिंदुस्तान के खिलाफ पक्षपातपूर्ण और नेतृत्वक एजेंडा चला रही है. 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सलीम खान को आज अस्पताल से मिली छुट्टी, ब्रेन हेमरेज के बाद 1 महीने रहे भर्ती

Salim Khan Health Update: बॉलीवुड से एक राहत भरी समाचार सामने आई है. दिग्गज स्क्रीनप्ले राइटर और सलमान खान के पिता सलीम खान की तबीयत अब पहले से बेहतर बताई जा रही है. पिछले एक महीने से अस्पताल में भर्ती सलीम खान अब घर लौट चुके हैं, जिससे उनके फैंस और परिवार ने राहत की सांस ली है. अस्पताल से मिली छुट्टी 90 वर्षीय सलीम खान को आज यानी मंगलवार को लीलावती अस्पताल से डिस्चार्ज किये गए. वह पिछले करीब एक महीने से इलाजरत थे. उन्हें माइनर ब्रेन हेमरेज हुआ था. अब उनकी हालत में काफी सुधार हो चुका है और डॉक्टरों ने उन्हें घर भेजने का फैसला लिया है. क्या हुआ था सलीम खान को? दरअसल, सलीम खान को 17 फरवरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका इलाज डॉक्टर जलील पारकर की निगरानी में चल रहा था. डॉक्टरों ने जानकारी दी थी कि सलीम खान को माइनर ब्रेन हेमरेज हुआ था. हालांकि, समय रहते इलाज किया गया और एक छोटा सा प्रोसीजर भी सफलतापूर्वक पूरा हुआ. कुछ समय तक उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था, लेकिन अब उनकी स्थिति स्थिर है और उनकी सेहत में लगातार सुधार हो रहा है. परिवार और दोस्तों ने रखा पूरा ख्याल अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान सलीम खान से मिलने उनके बेटे सलमान खान, अरबाज खान और सोहेल खान लगातार पहुंचते रहे. इसके अलावा शाहरुख खान, आमिर खान और उनके पुराने साथी जावेद अख्तर भी उनका हाल जानने अस्पताल पहुंचे. यह भी पढे़ं: एलियंस और सुपरहीरो की जबरदस्त कहानी, लंबे समय बाद सिनेमाघरों में लौटे बॉलीवुड के ‘भिडु’ The post सलीम खान को आज अस्पताल से मिली छुट्टी, ब्रेन हेमरेज के बाद 1 महीने रहे भर्ती appeared first on Naya Vichar.

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रुपया कमजोर, डॉलर के मुकाबले 92.42 तक फिसला; कच्चे तेल और विदेशी निकासी का असर

Rupee vs Dollar: मंगलवार को शुरुआती कारोबार में हिंदुस्तानीय रुपया दबाव में नजर आया और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 14 पैसे टूटकर 92.42 पर पहुंच गया. अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 92.35 पर खुला था, लेकिन जल्द ही गिरकर 92.42 तक आ गया. इससे पहले सोमवार को रुपया 92.28 पर बंद हुआ था, जिससे साफ है कि एक दिन में रुपये में कमजोरी बढ़ी है. कच्चे तेल की महंगाई से बढ़ा दबाव पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 102 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है. हिंदुस्तान अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल महंगा होने का सीधा असर रुपये पर पड़ता है. तेल की कीमतें बढ़ने से देश का आयात बिल बढ़ता है और डॉलर की मांग तेज हो जाती है, जिससे रुपया कमजोर होता है. यही वजह है कि मौजूदा हालात में रुपये पर लगातार दबाव बना हुआ है. विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी वजह रुपये में गिरावट का एक बड़ा कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली भी है. सोमवार को एफआईआई ने 9,300 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर बेचे, जिससे बाजार से डॉलर का आउटफ्लो बढ़ा. घरेलू शेयर बाजार में भी इसका असर दिखा और सेंसेक्स-निफ्टी शुरुआती कारोबार में गिरावट के साथ खुले. इसके अलावा डॉलर इंडेक्स में मजबूती और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर फैसले को लेकर अनिश्चितता ने भी निवेशकों को सतर्क बना दिया है. कुल मिलाकर, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, विदेशी निवेशकों की निकासी और वैश्विक अनिश्चितता. ये तीनों वजहें फिलहाल रुपये को कमजोर बना रही हैं. आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय हालात और केंद्रीय बैंकों के फैसले इसकी दिशा तय करेंगे. Also Read : मिडिल ईस्ट संकट के बीच पेट्रोल-डीजल के नए दाम जारी, जानें 17 मार्च को आपके शहर में क्या है रेट The post रुपया कमजोर, डॉलर के मुकाबले 92.42 तक फिसला; कच्चे तेल और विदेशी निकासी का असर appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल में पहचान की लड़ाई, भाजपा के ‘घुसपैठिये’ से ममता की ‘बंगाली अस्मिता’ का मुकाबला

मुख्य बातें हिंदी को लेकर तृणमूल ने भाजपा को घेरा बांग्ला भाषी पर हमले को बनाया मुद्दा विपक्षी दलों के पास टीएमसी के खिलाफ दो मुद्दे प्रमुख भाजपा बनायेगी घुसपैठ को चुनावी मुद्दा Bengal Election : कोलकाता. बंगाल की चुनावी चर्चा धीरे-धीरे तृणमूल और भाजपा के बीच तीखे वैचारिक टकराव की ओर बढ़ रहा है. बंगाल, जहां ऐतिहासिक रूप से चुनावी चर्चा खुले तौर पर सांप्रदायिक नेतृत्व से अपेक्षाकृत अछूती रही है, धीरे-धीरे तृणमूल और भाजपा के बीच तीखे वैचारिक टकराव की ओर बढ़ रहा है. भाजपा जहां हिंदूत्व का नारा एक बार फिर जोरशोर से उठा रही है, वहीं तृणमूल कांग्रेस बंगाल अस्मिता को लेकर मुखर हो गयी है. हिंदी को लेकर तृणमूल ने भाजपा को घेरा तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा के खिलाफ लड़ाई में हमेशा ‘बंगाली-गैर-बंगाली’ का नारा इस्तेमाल किया है. इस विधानसभा चुनाव में भी तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा के खिलाफ ‘बंगाल का वंचन-बंगाली का वंचन’ का नारा लेकर मैदान में उतरी है. यह नारा चुनाव प्रचार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. भाजपा इस बार अपने उम्मीदवारों की सूची हिंदी में प्रकाशित की है. लोगों का मानना ​​है कि सूची हिंदी में प्रकाशित करके भाजपा ने पहले से आक्रामक तृणमूल कांग्रेस को एक और नेतृत्वक ‘हथियार’ सौंप दिया है. बांग्ला भाषी पर हमले को बनाया मुद्दा बंगाल में एसआईआर कराने का मुद्दा सियासी खींचतान के केंद्र में है ही, भाजपा शासित राज्यों में बांग्ला भाषी प्रवासियों पर हो रहे हमलों के खिलाफ भी तृणमूल नेता सड़कों पर हैं. संसद में आक्रामक रूप से अभियान चला रखे हैं. भाजपा के खिलाफ ‘बोहिरागोटो’(बाहरी) का मुद्दा तृणमूल के लिए पिछले कुछ चुनावों में कारगर साबित हुआ है. प्रवासी उत्पीड़न के संदर्भ में बंगाली उप-राष्ट्रवाद का मुद्दा इसबार उसका ही विस्तार है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर ‘बंगाली पहचान पर हमले’ का आरोप लगाया है. विपक्षी दलों के पास टीएमसी के खिलाफ दो मुद्दे प्रमुख भ्रष्टाचार और बेरोजगारी दो ऐसे मुद्दे हैं जो तृणमूल के खिलाफ विपक्षी दलों का धारदार हथियार हो सकता है. वैसे प्रधानमंत्री ने स्पष्ट संदेश दे दिया कि भाजपा अपने चुनाव अभियान में ‘घुसपैठियों’ के मुद्दे को प्रमुखता से रखेगी. भाजपा ने ‘उद्योगों के पलायन’ का आरोप लगाते हुए राज्य को ‘उद्योगों का कब्रिस्तान’ करार दिया. पार्टी नेताओं का दावा है कि पिछले 14 वर्षों में 6,000 से अधिक कंपनियां बंगाल से बाहर चली गई हैं और उनकी दलील है कि राज्य व्यापार शिखर सम्मेलन से प्राप्त निवेश प्रस्तावों में से केवल लगभग तीन प्रतिशत ही जमीन पर उतर पाए हैं, जिससे राज्य ‘मजदूर निर्यात वित्तीय स्थिति’बन गया है. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें भाजपा बनायेगी घुसपैठ को चुनावी मुद्दा भाजपा घुसपैठ को ममता के खिलाफ सबसे बड़ा मुद्दा मान रही है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुस्लिम बहुल सीमावर्ती जिले मालदा में एक रैली के दौरान तृणमूल प्रशासन पर घुसपैठ के मुद्दे को लेकर निशाना भी साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े पैमाने पर अवैध घुसपैठ से जनसांख्यिकी बदल गई है और दंगों को बढ़ावा मिला है. प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि तृणमूल के ‘संरक्षण और सिंडिकेट राज’ के कारण यह फल-फूल रहा है. इसी के साथ उन्होंने स्पष्ट संदेश दे दिया कि भाजपा अपने चुनाव अभियान में ‘घुसपैठियों’ के मुद्दे को प्रमुखता से रखेगी. Also Read: चुनाव आयोग पर भड़की ममता बनर्जी, नौरकशाहों के तबादले पर ज्ञानेश कुमार को लिखा पत्र The post बंगाल में पहचान की लड़ाई, भाजपा के ‘घुसपैठिये’ से ममता की ‘बंगाली अस्मिता’ का मुकाबला appeared first on Naya Vichar.

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