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Author name: Vinod Jha

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बिहार के इस जिले में 130 करोड़ की लागत से बनेगा नया बाइपास, यूपी और सबेया एयरपोर्ट जाना होगा आसान

Bihar New Bypass: गोपालगंज के मीरगंज और उसके आस-पास के आधा दर्जन प्रखंडों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए एक बहुत बड़ी राहत की समाचार है. मीरगंज शहर को सीधे भागीपट्टी-समउर मुख्य रास्ते से जोड़ने के लिए एक नए बाइपास रोड का निर्माण कराया जाएगा. बिहार प्रशासन इस पूरी योजना पर करीब 130 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च करने जा रही है. इस प्रस्तावित बाइपास सड़क की कुल चौड़ाई करीब 30 मीटर होगी और इसकी लंबाई 3.18 किलोमीटर तय की गई है. पथ निर्माण विभाग के स्तर पर इस सड़क के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. इसके तुरंत बाद अब जमीन की नापी, सीमांकन और रकबा तय करने का काम तेजी से शुरू कर दिया गया है. लोगों को मिलेगी रोज-रोज के जाम से मुक्ति मीरगंज गोपालगंज जिले का एक बहुत बड़ा कमर्शियल एरिया है. इस वजह से यहां अपने रोजमर्रा के कामों और बिजनेस के सिलसिले में हर दिन हजारों लोग पहुंचते हैं, जिससे मीरगंज शहर के अंदर हमेशा गाड़ियों का भारी दबाव और जाम की स्थिति बनी रहती है. इस समस्या को दूर करने के लिए करीब पांच साल पहले मीरगंज-सिवान बाइपास सड़क का निर्माण भी कराया गया था, लेकिन इसके बावजूद शहर को जाम से पूरी राहत नहीं मिल सकी. हर दिन लगने वाले इस लंबे ट्रैफिक जाम के कारण हथुआ, भोरे, कटेया, विजयीपुर, उचकागांव और पंचदेवरी प्रखंड की तरफ आने-जाने वाले यात्रियों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था. अब इस नए बाइपास के बन जाने से इन सभी 6 प्रखंडों के लोगों का सफर बेहद आसान हो जाएगा. यूपी के देवरिया और सबेया एयरपोर्ट से सीधे जुड़ेगा रूट इस नए प्रोजेक्ट के तहत एनएच 531 पर स्थित सलेमपट्टी पेट्रोल पंप के पास से लेकर मीरगंज-भागीपट्टी-समउर रास्ते के दूसरे किलोमीटर तक इस शानदार बाइपास सड़क का निर्माण किया जाएगा. प्रशासन ने पिछले साल ही इस बाईपास को अपनी हरी झंडी दी थी. इस सड़क के चालू होने से न सिर्फ स्थानीय लोगों को फायदा होगा, बल्कि उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों से लेकर यूपी के देवरिया शहर तक की यात्रा भी बेहद सुगम और कम समय में पूरी हो जाएगी. इसके साथ ही ऐतिहासिक सबेया एयरपोर्ट भी अब जिला मुख्यालय से सीधे और बिना किसी रुकावट के जुड़ जाएगा. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें Bihar New Bypass: रेलवे फाटक का झंझट खत्म, बनेगा नया ओवरब्रिज इस बाइपास सड़क के निर्माण के साथ-साथ वाहन चालकों के समय की बचत के लिए सलेमपट्टी गांव के पास एक आधुनिक रेलवे ओवरब्रिज का भी निर्माण कराया जाएगा. यह नया ओवरब्रिज सिवान-थावे रेलखंड पर स्थित थावे और हथुआ रेलवे स्टेशनों के बीच में बनाया जाएगा. इस ओवरब्रिज के पूरी तरह बन जाने के बाद लोगों को रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रेन आने के समय फाटक खुलने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और गाड़ियां बिना रुके सीधे ऊपर से गुजर सकेंगी. इस संबंध में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अनिल कुमार ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि सलेमपट्टी पेट्रोल पंप से लेकर मीरगंज-भागीपट्टी-समउर पथ तक बनने वाले इस बाइपास के लिए लैंड एक्विजिशन और बाउंड्री तय करने की प्रक्रिया को जमीन पर शुरू कर दिया गया है, ताकि निर्माण कार्य को जल्द से जल्द शुरू किया जा सके. इसे भी पढ़ें: बांकीपुर से चुनाव लड़ेंगे प्रशांत किशोर, नितिन नवीन के गढ़ में बीजेपी को देंगे चुनौती सैलरी चाहिए तो 20 जुलाई तक करें यह काम, बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने जारी किया निर्देश The post बिहार के इस जिले में 130 करोड़ की लागत से बनेगा नया बाइपास, यूपी और सबेया एयरपोर्ट जाना होगा आसान appeared first on Naya Vichar.

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अरबों की आबादी, फुटबॉल का जुनून; फिर भी फीफा वर्ल्ड कप से क्यों दूर हैं भारत-चीन जैसे देश?

FIFA World Cup 2026: फीफा वर्ल्ड कप 2026 अपने चरम पर है. सबसे ज्यादा आबादी वाले देशों के बिना स्पोर्ट्से जा रहे इस टूर्नामेंट का क्रेज पहले से भी ज्यादा है. इस टूर्नामेंट में हिंदुस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान जैसे देश शामिल नहीं हैं. इसके बावजूद इन देशों के लोगों में फुटबॉल के जुनून को लेकर कोई कमी नहीं है. 17 जून को जब लियोनेल मेसी ने अल्जीरिया के खिलाफ फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अपना पहला गोल किया, तो हिंदुस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान में लोग सड़कों पर निकलकर खुशी मनाने लगे. वहीं अर्जेंटीना की जर्सी पहने फैंस ने आतिशबाजी की, नारे लगाए और जीत का जश्न मनाया. इसमें सबसे बड़ी बात यह रही कि इन देशों में जश्न मनाने वालों में शायद ही कोई अर्जेंटीना का नागरिक था. ऐसी कहानी लगभग हर उस देश की है, जो इस वर्ल्ड कप का हिस्सा नहीं है. कोलकाता में मेसी और माराडोना की तस्वीरें दीवारों पर दिखाई देती हैं. केरल में अर्जेंटीना और ब्राजील के विशाल कटआउट लगाए जाते हैं. पाकिस्तान में रोनाल्डो के प्रशंसकों की बड़ी संख्या है. इंडोनेशिया में विश्व कप मैचों के दौरान रातभर कैफे और सार्वजनिक स्थान भरे रहते हैं. लेकिन इसी कहानी का दूसरा पहलू कहीं ज्यादा दिलचस्प है. जिन देशों में फुटबॉल के लिए इतना जुनून है, उनकी अपनी टीमें विश्व कप में नहीं हैं. दुनिया के सबसे ज्यादा फैनबेस, लेकिन विश्व कप से बाहर दुनिया के 10 सबसे अधिक आबादी वाले देशों में से सिर्फ अमेरिका और ब्राजील 2026 विश्व कप में स्पोर्ट्स रहे हैं. हिंदुस्तान, बांग्लादेश, पाकिस्तान, इथियोपिया और चीन जैसे देश अब भी बाहर हैं. हिंदुस्तान दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश है. बांग्लादेश में फुटबॉल के लिए असाधारण जुनून है. चीन के पास दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी वित्तीय स्थिति है. इसके बावजूद ये देश विश्व कप तक नहीं पहुंच पाए. यहीं से सवाल शुरू होता है. आखिर क्यों इन देशों की टीमें फीफा विश्व कप तक नहीं पहुंच पातीं? रैंक देश आबादी (करोड़ में) 1 हिंदुस्तान 146.39 करोड़ 2 चीन 141.61 करोड़ 3 अमेरिका 34.73 करोड़ 4 इंडोनेशिया 28.57 करोड़ 5 पाकिस्तान 25.52 करोड़ 6 नाइजीरिया 23.75 करोड़ 7 ब्राजील 21.28 करोड़ 8 बांग्लादेश 17.57 करोड़ 9 रूस 14.40 करोड़ 10 इथियोपिया 13.55 करोड़ सिर्फ आबादी से नहीं जीता जाता विश्व कप ब्रिटिश अर्थशास्त्री और फुटबॉल विश्लेषक स्टीफन सिजमांस्की के बयान के मुताबिक, बड़ी आबादी खिलाड़ियों का बड़ा पूल तो देती है, लेकिन सफलता की गारंटी नहीं देता. उनके अनुसार विश्व फुटबॉल में सफलता के तीन स्तंभ हैं. जिसमें जनसंख्या, आर्थिक संसाधन और फुटबॉल का ऐतिहासिक अनुभव भी शामिल है. ब्राजील, जर्मनी, फ्रांस, अर्जेंटीना, इंग्लैंड और स्पेन जैसे देशों ने दशकों तक मजबूत घरेलू ढांचा तैयार किया. उनके पास प्रशिक्षण केंद्र, पेशेवर लीग, प्रतिभा पहचान प्रणाली और अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव मौजूद रहा. यही कारण है कि विश्व कप जीतने वाली लगभग सभी टीमें फुटबॉल के शुरुआती दौर से ही इस स्पोर्ट्स की महाशक्ति रही हैं. सिर्फ क्रिकेट को दोष नहीं दिया जा सकता हिंदुस्तान और बांग्लादेश में फुटबॉल लोकप्रिय है, लेकिन फुटबॉल व्यवस्था उतनी मजबूत नहीं है. हिंदुस्तान में क्रिकेट का दबदबा एक बड़ा कारण माना जाता है. आईपीएल दुनिया की सबसे अमीर क्रिकेट लीग है. स्पोर्ट्स प्रतिभाओं, निवेश और मीडिया का बड़ा हिस्सा क्रिकेट की ओर जाता है. हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि सिर्फ क्रिकेट को दोष नहीं दिया जा सकता. ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे देश क्रिकेट में सफल होने के बावजूद फुटबॉल विश्व कप में जगह बनाते रहे हैं. असल चुनौती जमीनी ढांचे, कोचिंग नेटवर्क, युवा विकास कार्यक्रम और दीर्घकालिक योजना की है. चीन का अरबों डॉलर वाला प्रयोग क्यों नहीं चला? चीन का मामला सबसे रोचक है. 2010 के दशक में चीन ने फुटबॉल पर भारी निवेश किया. यूरोप और दक्षिण अमेरिका के कई बड़े खिलाड़ियों को चीनी लीग में लाया गया. क्लबों ने करोड़ों डॉलर खर्च किए. इसके बावजूद चीन 2002 के बाद दोबारा विश्व कप में नहीं पहुंच पाया. विशेषज्ञों का मानना है कि समस्या निवेश की कमी नहीं, बल्कि फुटबॉल संस्कृति और जमीनी विकास मॉडल की कमजोरी है. शीर्ष स्तर पर पैसा खर्च हुआ, लेकिन निचले स्तर पर प्रतिभा विकास उतनी तेजी से नहीं हो पाया. इथियोपिया और पाकिस्तान की अलग चुनौतियां इथियोपिया कभी अफ्रीकी फुटबॉल की उभरती ताकत माना जाता था. 1962 में उसने अफ्रीका कप ऑफ नेशंस भी जीता था. लेकिन आज वहां स्टेडियमों की कमी तक देखने को मिलती है. पाकिस्तान में स्थिति और जटिल रही. वहां फुटबॉल प्रशासन लंबे समय तक नेतृत्वक विवादों और प्रतिबंधों से प्रभावित रहा. फीफा ने 2017 से 2025 के बीच पाकिस्तान फुटबॉल महासंघ पर कई बार प्रतिबंध लगाए. इंडोनेशिया ने दिखाई उम्मीद इंडोनेशिया 2026 विश्व कप क्वालिफायर के अंतिम चरण तक पहुंचा. हालांकि उसकी सफलता में यूरोप में जन्मे इंडोनेशियाई मूल के खिलाड़ियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही. यह मॉडल अल्पकालिक सफलता तो दे सकता है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि स्थायी सफलता के लिए घरेलू प्रतिभा विकास जरूरी है. विश्व कप का सबसे बड़ा विरोधाभास विश्व कप 2026 ने एक बार फिर फुटबॉल की सबसे दिलचस्प सच्चाई सामने रखी है. फुटबॉल के सबसे भावुक प्रशंसक हमेशा उन्हीं देशों में नहीं होते जो विश्व कप स्पोर्ट्सते हैं. कई बार सबसे ज्यादा जुनून उन देशों में मिलता है, जिनकी टीमें टूर्नामेंट का हिस्सा तक नहीं होतीं. ढाका में मेसी के गोल पर जश्न, कोलकाता में अर्जेंटीना के झंडे, कराची में रोनाल्डो के समर्थक और जकार्ता में पूरी रात चलने वाली वॉच पार्टियां इसी कहानी का हिस्सा हैं. फिलहाल इन देशों के करोड़ों प्रशंसक दूसरों की जीत का जश्न मना रहे हैं. लेकिन उनके मन में एक ही सपना है. किसी दिन विश्व कप में मेसी, रोनाल्डो या ब्राजील नहीं, बल्कि उनकी अपनी राष्ट्रीय टीम मैदान पर उतरे. यह भी पढ़ें: फीफा विश्व कप खत्म होने के बाद भी जारी रह सकती है निगरानी? AI कैमरों और ड्रोन पर उठे सवाल The post अरबों की आबादी, फुटबॉल का जुनून; फिर भी फीफा वर्ल्ड कप से क्यों दूर हैं हिंदुस्तान-चीन जैसे देश? appeared first on Naya Vichar.

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उन्नाव में दिल दहलाने वाली वारदात, बेटे ने कुल्हाड़ी से की भाजपा नेता की हत्या

UP Crime News: उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. 55 वर्षीय भाजपा नेता प्रमोद पासी उर्फ रेवती की उनके ही बेटे ने कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या कर दी. वारदात उस समय हुई, जब वह गांव के मंदिर में पूजा कर रहे थे. पुलिस ने आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया है. पूजा के दौरान किया हमला घटना औरास थाना क्षेत्र के चमारनखेड़ा मजरा ढकौली गांव की है. भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के हैदराबाद मंडल अध्यक्ष प्रमोद पासी मंदिर में शनि देव और बरम बाबा की पूजा कर रहे थे. इसी दौरान उनके बड़े बेटे सोनेलाल ने पीछे से सिर और गर्दन पर कुल्हाड़ी से कई वार कर दिए. गंभीर चोटों के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई. ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़ लिया घटना के बाद आरोपी मौके से भागने लगा, लेकिन ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया. प्रमोद पासी को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. पत्नी और जायदाद को लेकर था विवाद परिजनों के अनुसार, आरोपी सोनेलाल शराब का आदी था और अक्सर घर में विवाद करता था. वह अपनी पत्नी के साथ मारपीट करता था, जबकि प्रमोद पासी अपनी बहू का पक्ष लेते थे. इसके अलावा, सोनेलाल पिता पर जमीन बेचने या संपत्ति में हिस्सा देने का दबाव बना रहा था,लेकिन प्रमोद पासी इसके लिए तैयार नहीं थे. इसी बात को लेकर दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था. चंडीगढ़ से गांव लौटा था आरोपी परिजनों ने बताया कि सोनेलाल चंडीगढ़ में रहकर रैपिडो मे बाइक टैक्सी चलाता था. करीब दस दिन पहले वह चंडीगढ़ से निकला था. पहले वह अपनी ससुराल गया और कुछ दिन बाद अपने गांव पहुंचा. गांव लौटने के बाद से ही वह संपत्ति को लेकर परिवार पर दबाव बना रहा था. उन्नाव में पारिवारिक विवाद के चलते एक बेटे ने मंदिर में पूजा कर रहे अपने पिता और भाजपा नेता प्रमोद पासी की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है। खेती के साथ नेतृत्व में भी थे सक्रिय प्रमोद पासी भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के हैदराबाद मंडल अध्यक्ष थे. वह खेती-किसानी के साथ सामाजिक और नेतृत्वक गतिविधियों में भी सक्रिय रहते थे.उनके परिवार में पत्नी,चार बेटे और दो बेटियां हैं. आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी पुलिस ने आरोपी सोनेलाल को गिरफ्तार कर लिया है. परिजनों की शिकायत के आधार पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है, जबकि एहतियात के तौर पर गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. – खुशबू कुमारी की रिपोर्ट Also Read- राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक पर सबकी नजर, कल चंपत राय के इस्तीफे समेत 5 अहम एजेंडे पर होगी चर्चा The post उन्नाव में दिल दहलाने वाली वारदात, बेटे ने कुल्हाड़ी से की भाजपा नेता की हत्या appeared first on Naya Vichar.

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ENG-W vs AUS-W Final: ऑस्ट्रेलिया ने जीता टॉस, इंग्लैंड पहले करेगा बल्लेबाजी; देखें प्लेइंग-11

ENG-W vs AUS-W Final: स्त्री टी20 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच स्पोर्ट्सा जा रहा है. लॉर्ड्स में स्पोर्ट्से जा रहे इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया. टॉस से पहले कलाकारों ने शानदार प्रस्तुति देकर माहौल को यादगार बना दिया. हालांकि कॉन्सर्ट के कारण टॉस निर्धारित समय से थोड़ी देर बाद हुआ. फाइनल मुकाबले को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और लॉर्ड्स का लगभग पूरा स्टैंड खचाखच भरा नजर आया. दोनों टीमों की प्लेइंग-11 इंग्लैंड: एमी जोन्स (विकेटकीपर), डैनी वायट-हॉज, नैट सिवर-ब्रंट (कप्तान), ऐलिस कैप्सी, हीदर नाइट, फ्रेया केम्प, डेनियल गिब्सन, चार्लोट डीन, लिन्सी स्मिथ, सोफी एक्लेस्टोन, लॉरेन बेल. ऑस्ट्रेलिया: जॉर्जिया वोल, बेथ मूनी (विकेटकीपर), फोबे लिचफील्ड, एलिस पेरी, एश्ले गार्डनर, जॉर्जिया वेयरहम, एनाबेल सदरलैंड, निकोला कैरी, सोफी मोलिनक्स (कप्तान), किम गार्थ, लुसी हैमिल्टन. कैसा रहा दोनों टीमों का सफर? इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया दोनों ही टीमें टूर्नामेंट में अब तक अजेय रही हैं. ऑस्ट्रेलिया ने लगातार छह मैच जीतकर फाइनल में जगह बनाई है, जबकि नेट साइवर-ब्रंट की कप्तानी वाली इंग्लिश टीम ने भी सभी मुकाबले अपने नाम किए हैं. अब लॉर्ड्स में दोनों अजेय टीमों के बीच यह तय होगा कि स्त्री टी20 विश्व कप 2026 की ट्रॉफी किसके हाथ लगेगी. इंग्लैंड का अजेय रिकॉर्ड इंग्लैंड के पास घरेलू मैदान पर अपना शानदार रिकॉर्ड बरकरार रखने का मौका होगा. 2009 से लेकर मौजूदा टूर्नामेंट के सेमीफाइनल तक इंग्लिश टीम अपने घर में स्पोर्ट्से गए स्त्री टी20 विश्व कप के सभी 11 मुकाबले जीत चुकी है. ऐसे में ऑस्ट्रेलिया को सातवां खिताब जीतने के लिए इस रिकॉर्ड को तोड़ना होगा. यह भी पढ़ें: ‘BCCI किसी के साथ अन्याय नहीं करता’, वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू के बाद आलोचकों पर बरसे राजीव शुक्ला The post ENG-W vs AUS-W Final: ऑस्ट्रेलिया ने जीता टॉस, इंग्लैंड पहले करेगा बल्लेबाजी; देखें प्लेइंग-11 appeared first on Naya Vichar.

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अभिषेक बनर्जी की बढ़ीं मुश्किलें, कालीघाट पुलिस के नोटिस का नहीं दिया जवाब, जानें क्या है पूरा मामला

खास बातें क्या है पूरा मामला? क्यों दर्ज हुई प्राथमिकी? Abhishek Banerjee In Trouble: कानूनी धाराएं और प्रावधान चौतरफा कानूनी संकटों से घिरे अभिषेक बनर्जी जांच एजेंसियों के रडार पर अभिषेक कोलकाता से अमित शर्मा की रिपोर्ट Abhishek Banerjee In Trouble: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी फिर कानूनी पचड़े में फंसते नजर आ रहे हैं. मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicle Act) के कथित उल्लंघन मामले में कोलकाता की कालीघाट थाना पुलिस के नोटिस का उन्होंने तय समयसीमा में जवाब नहीं दिया. अब कालीघाट थाना की पुलिस उन्हें दोबारा नोटिस भेजने की तैयारी में जुट गयी है. क्या है पूरा मामला? क्यों दर्ज हुई प्राथमिकी? पूरा विवाद बागुईआटी के निवासी राजीव प्रशासन द्वारा दर्ज करायी गयी एक शिकायत के बाद शुरू हुआ. शिकायतकर्ता का आरोप है कि अभिषेक बनर्जी के वीआईपी काफिले में चलने वाली एक गाड़ी पर 2 सुरक्षाकर्मी बेहद खतरनाक तरीके से बाहर लटककर यात्रा कर रहे थे. यह सरेआम यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाना है. Abhishek Banerjee In Trouble: कानूनी धाराएं और प्रावधान धारा 123 (मोटर व्हीकल एक्ट) के तहत चलती गाड़ी में चालक या किसी भी सवार को पायदान या वाहन के बाहर लटककर यात्रा करने की सख्त मनाही है. धारा 184 (मोटर व्हीकल एक्ट) के अनुसार, सड़क पर खतरनाक ढंग से वाहन चलाना या जान जोखिम में डालकर यात्रा करना एक दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है. इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ कालीघाट थाने में प्राथमिकी दर्ज की थी और जांच के सिलसिले में नोटिस भेजकर गाड़ी के कागजात मांगे थे. इसे भी पढ़ें : अभिषेक बनर्जी की नयी मुसीबत ‘सेवाश्रय’, विष्णुपुर थाने में दर्ज हुआ केस, जानें पूरा मामला चौतरफा कानूनी संकटों से घिरे अभिषेक बनर्जी पुलिस का कहना है कि यदि दूसरे नोटिस के बाद भी अभिषेक बनर्जी या उनकी टीम की ओर से जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराये जाते हैं, तो पुलिस कानून के मुताबिक सख्त अगली कार्रवाई कर सकती है. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें जांच एजेंसियों के रडार पर अभिषेक अभिषेक बनर्जी अलग-अलग मामलों में लगातार जांच एजेंसियों के रडार पर बने हुए हैं. वे कथित कोयला और शिक्षक भर्ती जैसे घोटालों में पहले से ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) और सीबीआई (CBI) की जांच का सामना कर रहे हैं. विधानसभा में हस्ताक्षर जालसाजी प्रकरण (Signature Forgery Case) और चुनाव प्रचार के दौरान दियेगये ‘डीजे’ संबंधी विवादित बयान को लेकर भी उन पर कानूनी शिकंजा कसा हुआ है. डीजे टिप्पणी मामले में सीआईडी (CID) उनकी आवाज का नमूना (Voice Sample) लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर चुकी है. इसे भी पढ़ें महुआ मोईत्रा प्रकरण पर भड़के अभिषेक बनर्जी ने पूछा- क्या यही है ‘पोरिवर्तन’? इलाज के लिए विदेश जाना चाहते हैं अभिषेक बनर्जी, हाईकोर्ट से लगा तगड़ा झटका, जानें पूरा मामला युवराज से कैसे संकटग्रस्त नेता बन गये अभिषेक बनर्जी, ममता दीदी के भतीजे की 4 सबसे बड़ी चुनौतियां 4 साल में अभिषेक बनर्जी के चार्टर्ड विमानों पर तृणमूल ने खर्च कर दिये 141 करोड़ रुपए, कुणाल घोष भड़के The post अभिषेक बनर्जी की बढ़ीं मुश्किलें, कालीघाट पुलिस के नोटिस का नहीं दिया जवाब, जानें क्या है पूरा मामला appeared first on Naya Vichar.

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यूजरनेम के मुद्दे पर WhatsApp को जवाब देने के लिए सरकार ने 9 जुलाई तक दी मोहलत

WhatsApp: मैसेजिंग एप व्हाट्‌सएप ने फोन नंबर की जगह यूजरनेम फीचर पेश किया है. इस फीचर को यूजर की प्राइवेसी के लिए प्रशासन के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने खतरा बताया है और मेटा को नोटिस भेजा है. प्रशासन द्वारा मोहलत की अवधि बढ़ाए जाने के बाद अब कंपनी 9 जुलाई तक अपना जवाब दाखिल कर सकेगी. इससे पहले मंत्रालय ने 6 जुलाई तक जवाब मांगा था. इस संबंध में हिंदुस्तान टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में जानकारी दी है. क्या है यूजरनेम फीचर व्हाट्‌सएप द्वारा पेश किए गए नए यूजरनेम फीचर का फायदा यह है कि इसकी मदद से यूजर अपना मोबाइल नंबर साझा किए बिना भी दूसरे लोगों से मैसेजिंग कर सकेंगे. कंपनी का कहना है कि यह फीचर यूजर्स की प्राइवेसी बढ़ाने के लिए लाया जा रहा है. मेटा का कहना है कि इस फीचर में यूजरनेम और डिस्प्ले नेम अलग-अलग होंगे. डिस्प्ले नेम यूनिक होना जरूरी नहीं है, लेकिन हर अकाउंट का यूजरनेम अलग और यूनिक होगा. प्रशासन ने व्हाट्‌सएप के मामले में नोटिस क्यों भेजा? यूजरनेम फीचर को प्रशासन यूजर की प्राइवेसी के लिए खतरा मानती है. साथ ही प्रशासन यह भी मानती है कि इस फीचर की वजह से सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का मुद्दा उठेगा. मंत्रालय ने कंपनी से फीचर के तकनीकी पहलुओं, सुरक्षा उपायों और दुरुपयोग रोकने के इंतजामों की जानकारी देने को कहा है.प्रशासनी अधिकारियों को आशंका है कि यूजरनेम फीचर का दुरुपयोग साइबर अपराधी कर सकते हैं.प्रशासन ने मेटा से कहा है कि जब तक इस विषय पर चर्चा और समीक्षा पूरी नहीं हो जाती, तब तक हिंदुस्तान में इस फीचर को व्यापक रूप से लागू न किया जाए. प्रशासन पहले यह समझना चाहती है कि नया फीचर प्राइवेसी और सुरक्षा के बीच संतुलन कैसे बनाएगा और इससे कानून प्रवर्तन एजेंसियों के कामकाज पर क्या असर पड़ेगा. ये भी पढ़ें : मेटा को प्रशासन ने भेजा नोटिस-बच्चों के यौन शोषण वाले विज्ञापन इंस्टाग्राम से हटाएं राम मंदिर चंदा विवाद : VHP अध्यक्ष की मांग- केजरीवाल और प्रियंका गांधी के बयान हों दर्ज The post यूजरनेम के मुद्दे पर WhatsApp को जवाब देने के लिए प्रशासन ने 9 जुलाई तक दी मोहलत appeared first on Naya Vichar.

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छूट न जाए JHTET 2026 में आवेदन का मौका, झारखंड टीईटी के लिए जल्द करें अप्लाई

JHTET 2026 Application: झारखंड में शिक्षक बनने का सपना देख रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी समाचार है. झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ने Jharkhand Teacher Eligibility Test (JHTET) 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है. इच्छुक उम्मीदवार तय समय के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन की अंतिम तारीख 20 जुलाई 2026 है. ऐसे में आखिरी समय का इंतजार करने के बजाय जल्द से जल्द फॉर्म भर देना बेहतर रहेगा. उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले आधिकारिक नोटिफिकेशन को ध्यान से पढ़ लेना चाहिए ताकि पात्रता, परीक्षा पैटर्न और अन्य जरूरी जानकारी सही तरीके से समझ सकें. आवेदन के लिए ऑफिशियल वेबसाइट jacexamportal.in पर जाना होगा. JHTET 2026 की महत्वपूर्ण तारीखें JHTET 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन 21 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुके हैं. रजिस्ट्रेशन और आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तारीख 20 जुलाई 2026 तय की गई है. परीक्षा की तारीख फिलहाल घोषित नहीं की गई है और इसे बाद में आधिकारिक शेड्यूल के अनुसार जारी किया जाएगा. JHTET 2026 Application Form Check Here आवेदन शुल्क कितना देना होगा? अगर उम्मीदवार केवल पेपर-1 या केवल पेपर-2 के लिए आवेदन करते हैं, तो सामान्य, BC और EWS वर्ग के अभ्यर्थियों को 1300 रुपये शुल्क देना होगा. वहीं SC और ST वर्ग के उम्मीदवारों के लिए शुल्क 700 रुपये निर्धारित किया गया है. जो उम्मीदवार दोनों पेपर के लिए आवेदन करना चाहते हैं, उन्हें सामान्य, BC और EWS वर्ग के लिए 1500 रुपये तथा SC और ST वर्ग के लिए 800 रुपये आवेदन शुल्क देना होगा. फीस का भुगतान डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग या निर्धारित ऑफलाइन माध्यम से किया जा सकता है. कौन कर सकता है आवेदन? प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5) के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास 10+2 के साथ DElEd, BElEd, विशेष शिक्षा डिप्लोमा या निर्धारित योग्यता होनी चाहिए. वहीं स्नातक के साथ DElEd करने वाले या अंतिम वर्ष में पढ़ रहे उम्मीदवार भी पात्र हैं. जूनियर स्तर (कक्षा 6 से 8) के लिए अभ्यर्थियों के पास स्नातक के साथ DElEd, BEd, BEd स्पेशल एजुकेशन, BAEd, BScEd या संबंधित मान्यता प्राप्त योग्यता होनी चाहिए. कुछ मामलों में मास्टर डिग्री और इंटीग्रेटेड BEd-MEd कोर्स वाले उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं. विस्तृत पात्रता की जानकारी आधिकारिक नोटिफिकेशन में उपलब्ध है. JHTET 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट jacexamportal.in पर जाएं. JHTET 2026 Application लिंक पर क्लिक करें. नया रजिस्ट्रेशन करके जरूरी जानकारी भरें. मांगे गए सभी दस्तावेज, फोटो और हस्ताक्षर अपलोड करें. अपनी श्रेणी के अनुसार आवेदन शुल्क का भुगतान करें. सभी जानकारी जांचने के बाद फॉर्म सबमिट करें. भविष्य के लिए आवेदन फॉर्म और फीस रसीद का प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें. फॉर्म भरने से पहले सभी दस्तावेज तैयार रखें और अपनी शैक्षणिक योग्यता की जांच जरूर कर लें. आवेदन में किसी भी तरह की गलत जानकारी देने से फॉर्म रद्द हो सकता है. इसलिए सभी जानकारी ध्यानपूर्वक भरें और अंतिम सबमिट करने से पहले पूरे फॉर्म की एक बार अच्छी तरह जांच जरूर करें. यह भी पढ़ें: JPSC मेन्स एग्जाम सिर पर और फॉर्म भरने का प्रोसेस इतना कठिन! सोशल मीडिया पर उठ रहे हैं सवाल The post छूट न जाए JHTET 2026 में आवेदन का मौका, झारखंड टीईटी के लिए जल्द करें अप्लाई appeared first on Naya Vichar.

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₹60,000 तक महंगी हुई MG Windsor EV, खरीदने से पहले जान लें कितना महंगा हो गया हर वेरिएंट

अगर आप MG Windsor EV खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो पहले यह अपडेट जान लेना आपके लिए जरूरी है. कंपनी ने जुलाई 2026 से इस इलेक्ट्रिक कार की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है. अब इसके अलग-अलग वेरिएंट्स की कीमतें 60,000 रुपये तक बढ़ गई हैं. कंपनी का कहना है कि बढ़ती प्रोडक्शन कॉस्ट की वजह से यह फैसला लिया गया है. खास बात यह है कि MG अकेली कंपनी नहीं है जिसने कीमतें बढ़ाई हैं. हाल ही में Kia और Toyota जैसी कई अन्य ऑटो कंपनियां भी अपने गाड़ियों की कीमतों में इजाफा कर चुकी हैं. वेरिएंट-वाइज कितनी बढ़ी कीमत? सबसे ज्यादा असर बेस Excite वेरिएंट पर पड़ा है. इसकी कीमत में 60,000 रुपये की बढ़ोतरी हुई है. अब यह 14.10 लाख रुपये की बजाय 14.70 लाख रुपये में मिलेगी. वहीं Exclusive वेरिएंट की कीमत 46,900 रुपये बढ़कर 16 लाख रुपये हो गई है. Essence वेरिएंट भी अब 46,900 रुपये महंगा हो गया है और इसकी नई कीमत 17 लाख रुपये है. अगर आप Pro वेरिएंट्स पर नजर रख रहे हैं, तो Exclusive Pro अब 17.90 लाख रुपये में मिलेगा. इसकी कीमत में 52,000 रुपये की बढ़ोतरी हुई है. वहीं टॉप मॉडल Essence Pro की कीमत 40,000 रुपये बढ़कर 19 लाख रुपये पहुंच गई है. MG Windsor वेरिएंट नई कीमत (जुलाई 2026) पुरानी कीमत कीमत में बढ़ोतरी बढ़ोतरी (%) Excite ₹14,69,800 ₹14,09,800 ₹60,000 4.26% Exclusive ₹15,99,800 ₹15,52,900 ₹46,900 3.02% Essence ₹16,99,800 ₹16,52,900 ₹46,900 2.84% Exclusive Pro ₹17,89,900 ₹17,37,900 ₹52,000 2.99% Essence Pro ₹18,99,900 ₹18,59,900 ₹40,000 2.15% बैटरी, रेंज और परफॉरमेंस Excite, Exclusive और Essence वेरिएंट्स में 38 kWh का बैटरी पैक मिलता है. वहीं Exclusive Pro और Essence Pro वेरिएंट्स बड़े 52.9 kWh बैटरी पैक के साथ आते हैं. अच्छी बात यह है कि सभी वेरिएंट्स में परफॉर्मेंस एक जैसी रहती है. हर मॉडल 136 PS की पावर और 200 Nm का टॉर्क जनरेट करता है. असली फर्क बैटरी और ड्राइविंग रेंज में है. 38 kWh बैटरी वाले वेरिएंट्स एक बार फुल चार्ज होने पर 332 km तक की रेंज देते हैं. वहीं  52.9 kWh बैटरी वाले Pro वेरिएंट्स की रेंज बढ़कर 449 km तक पहुंच जाती है. चार्जिंग की बात करें तो 38 kWh बैटरी वाले वेरिएंट्स 45 kW DC फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करते हैं. इससे बैटरी 20% से 80% तक लगभग 45 मिनट में चार्ज हो जाती है. वहीं, बड़े 52.9 kWh बैटरी पैक वाले Pro वेरिएंट्स 60 kW DC फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करते हैं और इन्हें 20% से 80% तक चार्ज होने में करीब 50 मिनट का समय लगता है. यह भी पढ़ें: ₹1 लाख तक बढ़े इस कंपनी की कारों के दाम, अब खरीदने के लिए ज्यादा ढीली करनी होगी जेब The post ₹60,000 तक महंगी हुई MG Windsor EV, खरीदने से पहले जान लें कितना महंगा हो गया हर वेरिएंट appeared first on Naya Vichar.

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विदेश मंत्रालय के नाम पर सोशल मीडिया पर ठगी; MEA ने कहा- फर्जी सलाहकारों से बचें

MEA Warning: विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि सोशल मीडिया पर व्यापार, माइग्रेशन (प्रवासन) और अन्य नीतिगत मामलों में MEA को सलाह देने का दावा करने वालों से कोई लेना-देना नहीं है. पैसे लेकर सेशन देने का झांसा विदेश मंत्रालय के आधिकारिक फैक्ट-चेक X हैंडल से जारी एक बयान में कहा गया, “मंत्रालय के ध्यान में आया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कुछ लोग ऐसी पोस्ट कर रहे हैं जिनसे लगता है कि वे MEA को व्यापार, माइग्रेशन और अन्य मुद्दों से जुड़ी पॉलिसी के मामलों पर सलाह दे रहे हैं.” मंत्रालय ने आगे बताया कि ये जालसाज सिर्फ फर्जी दावा ही नहीं कर रहे, बल्कि विदेश मंत्रालय के साथ काम करने का तरीका सिखाने के नाम पर लोगों से पैसे वसूल रहे हैं. इसके लिए वे सशुल्क (paid) सलाह और ट्रेनिंग सेशन भी आयोजित कर रहे हैं. Ministry of External Affairs (MEA) issues a clarification warning against fraudulent social media handles claiming to advise the ministry on policy matters. The official X handle of the Ministry of External Affairs Official FactCheck Account tweets, “It has come to the notice of… pic.twitter.com/s8hBoSvaRA — ANI (@ANI) July 5, 2026 MEA की अपील: झांसे में न आएं लोग मंत्रालय ने लोगों को सावधान करते हुए कहा- “मंत्रालय आम जनता से अपील करता है कि वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चल रहे ऐसे किसी भी धोखाधड़ी वाले पोस्ट और दावों के झांसे में न आएं और सतर्क रहें.” ये भी पढ़ें: लाल सागर में यमन तट के पास कार्गो शिप पर हमला, ब्रिटिश सेना ने की पुष्टि The post विदेश मंत्रालय के नाम पर सोशल मीडिया पर ठगी; MEA ने कहा- फर्जी सलाहकारों से बचें appeared first on Naya Vichar.

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Box Office Report: बॉक्स ऑफिस पर किसका पलड़ा भारी और कौन हुआ फुस्स? कलेक्शन रिपोर्ट ने खोले पत्ते

Saturday Box Office Report: इन दिनों सिनेमाघरों में चार बड़ी फिल्मों के बीच जबरदस्त टक्कर देखने को मिल रही है. बॉक्स ऑफिस की इस रेस में आलिया भट्ट की ‘अल्फा’, हुमा कुरैशी की ‘बेबी डू डाई डू’ और अक्षय कुमार की ‘वेलकम टू द जंगल’ जैसी नई फिल्में शामिल हैं. वहीं शाहिद कपूर, कृति सेनन और रश्मिका मंदाना की ‘कॉकटेल 2’ अब भी अपनी पकड़ बनाए हुए है. अब सवाल यही है कि इस कड़ी टक्कर में कौन फिल्म आगे निकल रही है और किसका सफर धीमा पड़ता नजर आ रहा है. आइए जानते हैं शनिवार की कमाई में किसने बाजी मारी. Alpha Box Office Collection: आलिया भट्ट की ‘अल्फा’ की रफ्तार हुई तेज अल्फा बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट, फोटो- इंस्टाग्राम आलिया भट्ट और शरवरी की स्पाई यूनिवर्स फिल्म ‘अल्फा’ ने दूसरे दिन बॉक्स ऑफिस पर अच्छी ग्रोथ दिखाई. शुक्रवार को फिल्म ने लगभग 9-10 करोड़ रुपए की कमाई की थी, जबकि शनिवार को यह बढ़कर करीब 11.25-11.75 करोड़ रुपए तक पहुंच गई. इस तरह फिल्म ने दो दिनों में हिंदुस्तान में 20 करोड़ रुपए से ज्यादा नेट कलेक्शन कर लिया है. मल्टीप्लेक्स में शाम और रात के शो में फिल्म की ऑक्यूपेंसी बेहतर रही. वर्ल्डवाइड कलेक्शन भी दो दिनों में 37 करोड़ रुपए से ज्यादा पहुंच गया है. Welcome To The Jungle Box Office: अक्षय की ‘वेलकम टू द जंगल’ ने मारी सेंचुरी वेलकम टू द जंगल बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट, फोटो- इंस्टाग्राम अक्षय कुमार की कॉमेडी फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल‘ को रिलीज हुए 9 दिन हो चुके हैं. इस फिल्म ने शनिवार को हिंदुस्तान में 7.5 करोड़ रुपए की अच्छी कमाई की. इसी के साथ इस फिल्म ने हिंदुस्तान में टोटल 105.15 करोड़ रुपए कमाकर 100 करोड़ का क्लब पार कर लिया है. विदेशों से भी इस फिल्म को बहुत प्यार मिल रहा है, जिससे इसकी दुनिया भर की कुल कमाई 155 करोड़ रुपए से ज्यादा हो गई है. Cocktail 2 Box Office: शाहिद कपूर की ‘कॉकटेल 2’ अब भी है मजबूत कॉकटेल 2 बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट, फोटो- इंस्टाग्राम शाहिद कपूर, कृति सेनन और रश्मिका मंदाना की फिल्म ‘कॉकटेल 2‘ को सिनेमाघरों में तीन हफ्ते हो गए हैं. नई फिल्में आने के बाद भी लोग इसे देखने जा रहे हैं. शनिवार को अपने 16वें दिन इस फिल्म ने करीब 1.15 करोड़ रुपए की कमाई की. हिंदुस्तान में इसकी कुल कमाई अब 91.30 करोड़ रुपए हो चुकी है और यह फिल्म भी बहुत जल्द 100 करोड़ रुपए कमाने वाली है. Baby Do Die Do Box Office: हुमा कुरैशी की ‘बेबी डू डाई डू’ का बुरा हाल बेबी दो डाई दो बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट, फोटो- इंस्टाग्राम हुमा कुरैशी और उनके भाई साकिब सलीम की नई कॉमेडी फिल्म ‘बेबी डू डाई डू’ बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं दिखा पा रही है. शनिवार को फिल्म ने सिर्फ 70 लाख रुपए कमाए, जिससे दो दिनों में इसकी कुल कमाई करीब 1.34 करोड़ रुपए ही हो पाई है. यह कमाई उम्मीद से बहुत कम है. Final Box Office Update: किसका पलड़ा भारी? अगर कुल कमाई की बात करें, तो ‘वेलकम टू द जंगल’ अभी सबसे आगे है. वहीं ‘अल्फा’ तेजी से आगे बढ़ रही है. ‘कॉकटेल 2’ लगातार स्थिर प्रदर्शन कर रही है, जबकि ‘बेबी दो डाई दो’ बॉक्स ऑफिस पर सबसे कमजोर स्थिति में दिख रही है. यह भी पढ़ें: Alpha के सपोर्ट में उतरे करण जौहर, आलिया भट्ट के हुनर की तारीफ की, शरवरी और बॉबी देओल का नाम भी नहीं लिया यह भी पढ़ें: ‘वेलकम टू द जंगल’ की स्क्रिप्ट आई पसंद, शूटिंग भी कर ली, फिर संजय दत्त ने क्यों छोड़ी फिल्म? अहमद खान ने बताई सच्चाई The post Box Office Report: बॉक्स ऑफिस पर किसका पलड़ा भारी और कौन हुआ फुस्स? कलेक्शन रिपोर्ट ने खोले पत्ते appeared first on Naya Vichar.

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