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Author name: Vinod Jha

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डॉलर की बढ़ती मांग के चलते रुपया पस्त, आम आदमी पर बढ़ेगा बोझ

Crude Oil Price Impact on Rupee: सोमवार का दिन हिंदुस्तानीय इकॉनमी के लिए थोड़ी चिंता लेकर आया है. अमेरिकी डॉलर के मुकाबले हिंदुस्तानीय रुपया अपने अब तक के सबसे निचले स्तर (All-time low) पर जा गिरा है. बाजार खुलते ही रुपया 92.20 के स्तर पर था, जो देखते ही देखते 92.52 तक पहुंच गया है. क्यों टूट रहा है रुपया? रुपये की इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आया उछाल है. सोमवार को कच्चे तेल के दाम करीब 25% बढ़कर 116 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए है. हिंदुस्तान अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल बाहर से खरीदता है, जिसके लिए उसे डॉलर में पेमेंट करना पड़ता है. तेल महंगा होने से डॉलर की मांग बढ़ गई है, जिससे रुपया कमजोर हो रहा है. क्या बढ़ जाएगी महंगाई? एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब रुपया गिरता है, तो विदेशों से सामान मंगाना महंगा हो जाता है. चूंकि हिंदुस्तान कच्चे तेल का बड़ा इम्पोर्टर है, इसलिए पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ सकते हैं. अगर ट्रांसपोर्टेशन महंगा हुआ, तो फल, सब्जी और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों पर भी इसका सीधा असर पड़ सकता है. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने भी निवेशकों को डरा दिया है, जिससे वे सुरक्षित निवेश के लिए डॉलर की ओर भाग रहे हैं. आरबीआई (RBI) क्या कदम उठाएगा? अब सबकी नजरें रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया पर टिकी हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर रुपये में गिरावट इसी तरह जारी रही, तो आरबीआई दखल दे सकता है. आरबीआई अपने डॉलर भंडार का इस्तेमाल करके बाजार में उतार-चढ़ाव को कम करने की कोशिश करेगा. फिलहाल बाजार के जानकारों का मानना है कि जब तक ग्लोबल हालात और सप्लाई चेन ठीक नहीं होती, तब तक रुपये पर यह दबाव बना रह सकता है. ये भी पढ़ें: Asian Market Crash: तेल ने बिगाड़ा स्पोर्ट्स, एशियाई शेयर मार्केट धड़ाम The post डॉलर की बढ़ती मांग के चलते रुपया पस्त, आम आदमी पर बढ़ेगा बोझ appeared first on Naya Vichar.

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MAMC से MBBS करने का सपना होगा पूरा, जानें एडमिशन और कोर्स डिटेल

MAMC Delhi Admission: देश में मेडिकल पढ़ाई की जब भी बात होती है, तो मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज, दिल्ली (MAMC Delhi) का नाम प्रमुख इंस्टीट्यूट में लिया जाता है. New Delhi के मध्य स्थित यह कॉलेज सालों से मेडिकल एजुकेशन, रिसर्च और बेहतर हेल्थ सर्विस के लिए जाना जाता है. यहां पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को मॉडर्न लैब्स, छात्रों को आधुनिक प्रयोगशालाओं, बड़े टीचिंग हॉस्पिटल और अनुभवी डॉक्टरों के मार्गदर्शन में सीखने का अवसर मिलता है. यही कारण है कि यह इंस्टीट्यूट न केवल डॉक्टर तैयार करने में बल्कि देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है. आइए जानते हैं कि यहां (MAMC Delhi) एडमिशन कैसे मिलता है, कोर्स और प्लेसमेंट के क्या ऑप्शन मौजूद है.  MAMC Delhi Admission: एडमिशन प्रोसेस  मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में एडमिशन पाने के लिए स्टूडेंट्स को नेशनल लेवल की एंट्रेंस एग्जाम NEET UG पास करना होता है. यह एग्जाम पूरे हिंदुस्तान में मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में MBBS व अन्य कोर्स में एडमिशन के लिए कंडक्ट कराई जाती है.  NEET में मिले मार्क्स के बेसिस पर काउंसलिंग प्रोसेस होती है. काउंसलिंग के दौरान रैंक, कैटेगरी और सीट के आधार पर छात्रों को कॉलेज अलॉट किया जाता है. आमतौर पर MBBS में एडमिशन के लिए NEET में बेहतरीन स्कोर लाना जरूरी माना जाता है. यहां एडमिशन (MAMC Delhi) लेने के लिए कैंडिडेट्स को NEET-UG एग्जाम में क्वालिफाई करना अनिवार्य है.  उपलब्ध कोर्स  MAMC Delhi कॉलेज में मेडिकल एजुकेशन से जुड़े कई अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट और सुपर स्पेशियलिटी कोर्स कराए जाते हैं. यहां स्टूडेंट्स को मॉडर्न फैसिलिटी और अनुभवी फैकल्टी के जरिए पढ़ाई का अवसर मिलता है. नीचे कोर्स के नाम दिए गए हैं-  MBBS MD MS DM MCh   अन्य कोर्स कैसे नर्सिंग और पैरामेडिकल  MAMC Delhi MBBS Course Details Check Here प्लेसमेंट डिटेल्स  Maulana Azad Medical College में मुख्य रूप से इंटर्नशिप और रेजिडेंसी के माध्यम से करियर की शुरुआत होती है. MBBS की पढ़ाई पूरी करने के बाद स्टूडेंट्स को एक साल का इंटर्नशिप करना अनिवार्य होता है. इस दौरान स्टूडेंट्स को लगभग 23,000 से 25,000 प्रति माह तक स्टाइपेंड मिलता है. PG (MD/MS) के दौरान रेजिडेंट डॉक्टर को लगभग 80,000 से 1,15,000 प्रति माह तक स्टाइपेंड या सैलरी मिल सकती है. NIRF रिपोर्ट के अनुसार MBBS ग्रेजुएट के लिए मीडियन सैलरी लगभग 15.23 लाख प्रति वर्ष बताई गई है. मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस या पीजी करने वाले छात्रों के लिए प्रशासनी और प्राइवेट हॉस्पिटल में करियर के कई अच्छे अवसर मिलते हैं.  यह भी पढ़ें: देश का नंबर 1 है ये मेडिकल कॉलेज, जहां पढ़ने का सपना देखते हैं लाखों स्टूडेंट्स The post MAMC से MBBS करने का सपना होगा पूरा, जानें एडमिशन और कोर्स डिटेल appeared first on Naya Vichar.

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ईरान ने भारत को क्यों कहा थैंक्स, विदेश मंत्री ने राज्यसभा में बताया

Rajya Sabha : विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि वेस्ट एशिया में हो रहे घटनाक्रम हम सभी के लिए गहरी चिंता का कारण हैं. हमारा मानना है कि सभी मुद्दों के समाधान के लिए बातचीत और विचार-विमर्श किया जाना चाहिए. संघर्ष शुरू होने के बाद से हिंदुस्तान प्रशासन वहां के हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है. On the conflict situation in West Asia, EAM Dr S Jaishankar says,” The Indian Embassy has facilitated the relocation of several Indian students in Tehran to places outside. Indian nationals in Iran on business were facilitated to cross over to Armenia to return to India. Our… pic.twitter.com/zmMDEesmYn — ANI (@ANI) March 9, 2026 तेहरान में हमारा दूतावास पूरी तरह एक्टिव विदेश मंत्री ने कहा कि तेहरान में हिंदुस्तानीय दूतावास ने कई हिंदुस्तानीय छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने में मदद की. ईरान में व्यापार में लगे हिंदुस्तानीय नागरिकों को अर्मेनिया के रास्ते हिंदुस्तान लौटने में सुविधा दी गई. तेहरान में हमारा दूतावास पूरी तरह एक्टिव और हाई अलर्ट पर है. इस समय हम हिंदुस्तानीय समुदाय का पूरा समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. On the conflict situation in West Asia, EAM Dr S Jaishankar says,” Contacts with Iran at the leadership level are obviously difficult at this time….Iran’s foreign minister has expressed his country’s thanks to India for this human gesture of permitting the Iranian warship Lavan… pic.twitter.com/5HrQnE684k — ANI (@ANI) March 9, 2026 ईरान के विदेश मंत्री ने हिंदुस्तान का धन्यवाद किया जयशंकर ने कहा कि उस समय ईरान के नेतृत्व से सीधे संपर्क करना मुश्किल था. ईरान के विदेश मंत्री ने हिंदुस्तान का धन्यवाद किया कि हमने ईरानी युद्धपोत IRIS Lavan को कोच्चि बंदरगाह पर डॉक करने की अनुमति दी. इस कदम की तेहरान ने सराहना की.्र यह भी पढ़ें : मिडिल ईस्ट संकट के चलते 100 उड़ानें रद्द, हिंदुस्तानीय यात्री परेशान जयशंकर ने कहा कि हिंदुस्तान शांति, बातचीत और कूटनीति के जरिए समाधान का समर्थक है. हिंदुस्तान मौजूदा परिस्थितियों में तनाव कम करने, संयम बरतने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की वकालत करता है. The post ईरान ने हिंदुस्तान को क्यों कहा थैंक्स, विदेश मंत्री ने राज्यसभा में बताया appeared first on Naya Vichar.

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चिराग पासवान को मुख्यमंत्री बनाने की मांग, पोस्टर लगे- ‘बिहार का CM सिर्फ चिराग हो’

Bihar Politics: ‘ना दंगा हो, ना फसाद हो, बिहार का सीएम सिर्फ चिराग हो.’ पटना की सड़कों पर लोजपा (रामविलास) की तरफ से पोस्टर लगाए गए हैं. इन पोस्टरों में चिराग पासवान को बिहार का मुख्यमंत्री बनाने की मांग की जा रही है. दरअसल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा जाने वाले हैं. ऐसे में बिहार के अगले सीएम कौन होंगे, इसकी चर्चा तेज हो गई है. पोस्टर में क्या लिखा गया? पटना में चिराग पासवान को लेकर पोस्टर लगाए गए हैं, जिन पर लिखा है- ‘सजाओ इनके सर पर ताज, तभी आएगा बिहार में स्वर्ण काल. मोदी जी का मिला अपने हनुमान को आशीर्वाद, चिराग होंगे बिहार के नए सरताज. बिहार मांगे चिराग. अब वक्त आ गया है युवा मुख्यमंत्री बनाने का. एनडीए की होगी प्रशासन, सीएम होगा सिर्फ चिराग, सिर्फ चिराग.’ इस पोस्टर को जिलाध्यक्ष इमाम गजाली की ओर से लगाया गया है. पहले भी चिराग को सीएम बनाने की हुई थी मांग यह पहली बार नहीं है जब चिराग पासवान को बिहार का मुख्यमंत्री बनाने की मांग लोजपा (रामविलास) की तरफ से की गई है. जमुई के सांसद और चिराग के जीजाजी अरुण हिंदुस्तानी भी कह चुके हैं कि वे चिराग पासवान को बिहार के मुखिया के तौर पर देखना चाहते हैं. लेकिन उन्होंने यह भी कहा था कि यह गठबंधन का फैसला होगा. इस बीच चिराग पासवान को सीएम बनाने की मांग जोर पकड़ चुकी है. इन नेताओं के नाम की भी हो रही चर्चा सीएम नीतीश कुमार की तरफ से राज्यसभा के लिए नॉमिनेशन करने के बाद बिहार के अगले सीएम को लेकर कई प्रमुख नेताओं के नाम की चर्चा शुरू हो गई थी. इनमें बीजेपी से सबसे आगे डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का नाम लिया जा रहा था. इनके अलावा डिप्टी सीएम विजय सिन्हा, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और नीतीश मिश्रा के नाम शामिल थे. जबकि जेडीयू से मंत्री विजय कुमार चौधरी और श्रवण कुमार के नाम की चर्चा हो रही थी. इसके अलावा स्त्री मुख्यमंत्री में श्रेयसी सिंह और गायत्री देवी के नाम की चर्चा हो रही थी. इतना ही नहीं, सीएम नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने रविवार को ही जेडीयू ज्वाइन किया, जिसके बाद जेडीयू के कार्यकर्ता उन्हें ही मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर रहे हैं. इन संभावित नामों की लिस्ट में अब चिराग पासवान का नाम भी शामिल हो गया है. ऐसे में एनडीए गठबंधन के फैसले का इंतजार है. Also Read: बिहार में 542 करोड़ की लागत से बनेगा इन दो म्यूजियम को जोड़ने वाला टनल, मिलेंगी नई-नई सुविधाएं भी The post चिराग पासवान को मुख्यमंत्री बनाने की मांग, पोस्टर लगे- ‘बिहार का CM सिर्फ चिराग हो’ appeared first on Naya Vichar.

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Viral Video : मैदान में गूंजा शोर- ईशान को बॉलिंग दो, फैंस की डिमांड पर क्रिकेटर ने दिया मजेदार रिएक्शन

Viral Video : सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. इस वीडियो को tarang.uncut नाम के यूजर ने भी इंस्टाग्राम पर शेयर किया है. वीडियो शेयर करते हुए लिखा गया- Namo Stadium crowd has no chill. वीडियो में नजर आ रहा है कि फैंस ईशान किशन को बॉलिंग देने की मांग कर रहे हैं. फैंस के सामने मैदान पर खुद ईशान खड़े हैं. भीड़ चिल्ला रही है कि ईशान को बॉलिंग दो..इतना सुनने के बाद ईशान सामने अपने खिलाड़ियों को कुछ इशारा करते वीडियो में नजर आ रहे हैं. ऐसा लग रहा है कि वे फैंस का मैसेज आगे कैप्टन के पास पहुंचा रहे हैं. इशारा करने के बाद वे बॉलिंग करने का एक्शन करते दिख रहे हैं. आप भी देखें ये मजेदार वीडियो. View this post on Instagram A post shared by Tarang (@tarang.uncut) यह भी पढ़ें : विश्व चैंपियन बना हिंदुस्तान, लगाई रिकॉर्ड की लाइन, ऐसा करने वाली पहली टीम बनी ईशान किशन ने पकड़े तीन कैच 8 मार्च को स्पोर्ट्से गए मैच में सबसे ज्यादा चर्चा ईशान किशन के एक शानदार कैच की हो रही है. बाउंड्री के पास उन्होंने ऐसा कमाल का कैच पकड़ा कि हर किसी की नजर वहीं ठहर गई. स्टेडियम में बैठे फैंस भी हैरान रह गए. मैच में ईशान का जलवा सिर्फ इस एक कैच तक सीमित नहीं रहा. उन्होंने पूरे मुकाबले में शानदार फील्डिंग की और न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा. इस खिताबी मैच में ईशान ने कुल तीन अहम कैच पकड़े. यह भी पढ़ें : पीएम मोदी ने हिंदुस्तान को टी20 विश्व कप खिताब जीतने पर बधाई दी The post Viral Video : मैदान में गूंजा शोर- ईशान को बॉलिंग दो, फैंस की डिमांड पर क्रिकेटर ने दिया मजेदार रिएक्शन appeared first on Naya Vichar.

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तमिलनाडु की बेटी बनीं UPSC में महिला टॉपर, इस मंदिर को लेकर इंटरव्यू में पूछा गया था सवाल 

UPSC Topper: यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में दूसरी रैंक पर इस बार स्त्री ने बाजी मारी है. हम बात कर रहे हैं राजेश्वरी सुवे एम की, जिन्होंने 7 सालों की लंबे संघर्ष के बाद UPSC परीक्षा में सफलता हासिल की. इसी के साथ राजेश्वरी यूपीएससी सीएसई 2026 के रिजल्ट में टॉप 5 में जगह बनाने वाली इकलौती स्त्री कैंडिडेट बन गईं. आइए, जानते हैं राजेश्वरी की सक्सेस स्टोरी (Success Story), जिन्होंने यूपीएससी में सफलता हासिल करके इतिहास रच दिया है. कहां की रहने वाली हैं राजेश्वरी? राजेश्वरी मूल रूप से तमिलनाडु के मदुरै की रहने वाली हैं. उनके पिता बिजनेसमैन हैं और उनकी मां मैथ्स की प्रोफेसर हैं. वहीं उनके भाई MBBS कर रहे हैं. एक इंटरव्यू के दौरान जब राजेश्वरी से पूछा गया कि यूपीएससी उनके लिए किसी इत्तेफाक जैसा है या प्लान्ड सफलता है तो उन्होंने कहा कि इस परीक्षा को पास करने के लिए मैंने लगातार मेहनत की है. कहां से हुई पढ़ाई-लिखाई? राजेश्वरी सुवे एम ने साल 2018 में अन्ना विश्वविद्यालय, चेन्नई से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की. यूपीएससी से पहले उन्होंने टीएनपीएससी (TNPSC) ग्रुप-I परीक्षा में भी टॉप किया था और वर्तमान में वह डिप्टी कलेक्टर के पद पर कार्यरत हैं. मंदिर को लेकर पूछा गया सवाल राजेश्वरी से UPSC मॉक इंटरव्यू में तमिलनाडु के कल्चर और मंदिर को लेकर कई सवाल पूछे गए, जिसमें से एक मीनाक्षी टेंपल से जुड़ा सवाल था. साथ ही उनसे डिप्टी कलेक्टर होने के नाते कुछ सिचुएशन बेस्ड सवाल भी पूछे गए थे. राजेश्वरी से पूछा गया कि डिप्टी कलेक्टर की क्या भूमिका (Roles of Deputy Collector) होती है. वहीं उनसे पूछा गया था कि आजादी के बाद हिंदुस्तान में कौन -कौन से बड़े सामाजिक बदलाव आए. इस पर राजेश्वरी ने कहा कि गरीबी रेखा में बदलाव हुआ है, भुखमरी की समस्या पर भी हिंदुस्तान ने काबू पाया है और साथ ही हर फील्ड में स्त्रीओं की भागीदारी बढ़ी है. टॉप 5 में आने वाली इकलौती स्त्री बनीं यूपीएससी ने 6 मार्च 2026 को सिविल सेवा परीक्षा का रिजल्ट जारी किया है. इस बार कुल 958 कैंडिडेट्स सफल हुए हैं. इनमें से टॉप 5 में आने वाली राजेश्वरी पहली स्त्री हैं. ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल करने वाले अनुज अग्निहोत्री हैं. यह भी पढ़ें- समस्तीपुर के लाल ने किया कमाल! पहले IIT से गोल्ड मेडल फिर UPSC में लहराया परचम  The post तमिलनाडु की बेटी बनीं UPSC में स्त्री टॉपर, इस मंदिर को लेकर इंटरव्यू में पूछा गया था सवाल  appeared first on Naya Vichar.

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सस्पेंड थानेदार और SDPO से फिर पूछताछ करेगी CBI, मोबाइल फॉरेंसिक में देरी पर उठे सवाल

NEET Student Death Case: बिहार के बहुचर्चित नीट (NEET) छात्रा मामले में जांच की आंच अब पुलिस महकमे के उन आला अधिकारियों तक पहुंच गई है, जिन पर साक्ष्यों के साथ लापरवाही बरतने का आरोप है. केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) इस मामले में सस्पेंड थानेदार रोशनी कुमारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) अनु कुमारी से एक बार फिर कड़ी पूछताछ करने की तैयारी में है. जांच एजेंसी के पास अब कुछ ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब पहले दौर की पूछताछ में नहीं मिल सका था. मोबाइल फॉरेंसिक जांच में देरी बना बड़ा सवाल जांच एजेंसी के सामने सबसे बड़ा सवाल छात्रा के मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने में हुई देरी को लेकर है. शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि मोबाइल को तकनीकी जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया में तेजी नहीं दिखाई गई. मोबाइल कब जब्त किया गया, कितने समय तक किसकी कस्टडी में रहा और आखिर उसे जांच के लिए कब भेजा गया. इन सभी पहलुओं को लेकर अभी भी स्पष्टता नहीं है. CBI समझना चाहती है पूरी टाइमलाइन सीबीआई अब पूरी टाइमलाइन को स्पष्ट करना चाहती है. इसी वजह से निलंबित थानेदार रोशनी कुमारी और एसडीपीओ अनु कुमारी से दोबारा पूछताछ की तैयारी की जा रही है. जांच एजेंसी मोबाइल की कस्टडी चेन, केस डायरी में दर्ज विवरण और संबंधित दस्तावेजों का मिलान कर रही है, ताकि घटनाक्रम की सही तस्वीर सामने आ सके. जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि मोबाइल को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने में हुई देरी महज प्रशासनिक लापरवाही थी या इसके पीछे किसी स्तर पर जानबूझकर विलंब किया गया. डिजिटल साक्ष्य से खुल सकती है सच्चाई जांच एजेंसी का मानना है कि मोबाइल से मिलने वाले डेटा ही पूरी सच्चाई को सामने ला सकते हैं. फिलहाल, अधिकारियों की प्रारंभिक कार्रवाई और दस्तावेजों के मिलान की प्रक्रिया जारी है. इस देरी के पीछे किसी भी स्तर पर जानबूझकर किया गया विलंब साबित होता है, तो यह मामला केवल लापरवाही का नहीं बल्कि ‘साक्ष्य मिटाने’ की गंभीर धारा की ओर मुड़ सकता है. Also Read: मुजफ्फरपुर-सोनबरसा फोरलेन के लिए मिल गई NOC, 910 दिनों में निर्माण पूरा करने का लक्ष्य The post सस्पेंड थानेदार और SDPO से फिर पूछताछ करेगी CBI, मोबाइल फॉरेंसिक में देरी पर उठे सवाल appeared first on Naya Vichar.

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संसद : लोकसभा में हो सकता है हंगामा, ओम बिरला के खिलाफ प्रस्ताव पर फैसला आज

Parliament Updates : संसद के वर्तमान बजट सत्र के दूसरे चरण में हंगामे के आसार हैं. पीठासीन सभापति द्वारा बुलाए जाने पर सदन के 50 सदस्यों को नोटिस के समर्थन में खड़ा होना होगा. फिर प्रस्ताव सदन के विचार के लिए स्वीकृत माना जाएगा. इसके बाद प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान होगा. यदि 50 सदस्य नोटिस के समर्थन में खड़े नहीं होते हैं, तो प्रस्ताव पेश नहीं किया जा सकता है. भाजपा और कांग्रेस ने जारी किया व्हिप सत्तारूढ़ भाजपा और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस दोनों ने अपने-अपने लोकसभा सदस्यों को इस मुद्दे पर विचार के समय सदन में उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी किया है. सदन में संख्या बल प्रशासन के पक्ष में काफी अधिक है, जिससे यह लगभग तय माना जा रहा है कि प्रस्ताव नहीं आएगा. यह भी पढ़ें : लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव पास हुआ, तो क्या प्रशासन पर होगा कोई असर? बिरला को अध्यक्ष पद से हटाने का प्रस्ताव लाने के लिए कांग्रेस के तीन सदस्य मोहम्मद जावेद, के. सुरेश और मल्लू रवि सदन की अनुमति मांगेगे. कम से कम 50 सदस्यों का समर्थन मिलने के बाद वे यह प्रस्ताव सदन में चर्चा और मतदान के लिए रखेंगे. संविधान के अनुसार लोकसभा अध्यक्ष नोटिस पर विचार किए जाने के दौरान सदन में उपस्थित रह सकते हैं. वह प्रस्ताव पर अपना पक्ष रख सकते हैं. मतदान भी कर सकते हैं, लेकिन जब इस विषय पर चर्चा होगी तब वे कार्यवाही की अध्यक्षता नहीं कर सकते. अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करेंगे तृणमूल सांसद तृणमूल कांग्रेस बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करेगी. तृणमूल के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि पार्टी लोकसभा के कई विपक्षी सदस्यों द्वारा लाये गये अविश्वास प्रस्ताव के साथ हमेशा से खड़ी थी. कहां बैठेंगे ओम बिरला? बताया जा रहा है कि ओम बिरला संभवतः सत्तापक्ष की प्रमुख पंक्तियों में बैठ सकते हैं, हालांकि नियम इस बारे में स्पष्ट नहीं हैं.  The post संसद : लोकसभा में हो सकता है हंगामा, ओम बिरला के खिलाफ प्रस्ताव पर फैसला आज appeared first on Naya Vichar.

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सनी देओल की ‘लाहौर 1947’ बनी ‘बंटवारा 1947’? आखिर क्यों बदला फिल्म का नाम

राजकुमार संतोषी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘लाहौर 1947’ को लेकर एक बदलाव सामने आया है. फिल्म का टाइटल बदल दिया गया है. अब इस फिल्म को ‘बंटवारा 1947’ के नाम से रिलीज किया जाएगा. बताया जा रहा है कि मौजूदा समय में हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव को देखते हुए मेकर्स ने यह फैसला लिया है. मेकर्स नहीं चाहते कि फिल्म रिलीज होने के बाद ये किसी विवाद में फंसे. इस वजह से ये फैसला लिया गया. ‘लाहौर 1947’ का बदला नाम ईटाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, ‘लाहौर 1947’ का नाम अब ‘बंटवारा 1947’ हो गया है. मेकर्स ने ऐसा नाम चुनने का फैसला किया, जो बंटवारे के दर्द और उससे जुड़ी इंसानी भावनाओं को दिखाए, न कि किसी एक शहर पर ध्यान दे. बताया जा रहा है कि इस फैसले को पिछले हफ्ते ही अंतिम मंजूरी दी गई. फिलहाल मेकर्स की ओर से ऑफिशियल अनाउंसमेंट अभी बाकी है. फिल्म कब होगी रिलीज? इस फिल्म को आमिर खान प्रोड्यूस कर रहे हैं और इसमें सनी देओल, प्रीति जिंटा, शबाना आजमी, करण देओल, अली फजल और अभिमन्यु अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे. फिल्म को इस साल स्वतंत्रता दिवस वीकेंड पर रिलीज करने की तैयारी है. फिल्म की कहानी क्या है? फिल्म ‘लाहौर 1947’ की कहानी मशहूर लेखक असगर वजाहत के चर्चित नाटक ‘जिस लाहौर नई वेख्या, ओ जम्या ए नई’ से प्रेरित है. फिल्म की कहानी एक मुस्लिम परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है, जो बंटवारे के दौरान लखनऊ से लाहौर आकर बसता है. प्रशासन की ओर से उन्हें रहने के लिए एक हवेली दी जाती है, जो पहले एक हिंदू परिवार की थी और जिसे बंटवारे के कारण खाली कर दिया गया था. ‘बॉर्डर 2’ के बाद नई फिल्म में दिखेंगे सनी देओल फिल्म ‘बॉर्डर 2’ की सफलता के बाद सनी देओल अब अपने अगले बड़े प्रोजेक्ट में जुट गए हैं. सनी ने अपनी नई फिल्म ‘एंटनी’ की शूटिंग शुरू कर दी है. यह फिल्म एक हाई-ऑक्टेन थ्रिलर बताई जा रही है, जिसकी शूटिंग मुंबई में शुरू हो चुकी है. फिल्म ‘एंटनी’ में सनी के एक्ट्रेस ज्योतिका भी अहम भूमिका निभा रही है. वहीं विजय वर्मा इस फिल्म में विलेन के किरदार में नजर आएंगे. यह भी पढ़ें- शादी में न बुलाए जाने पर नन्ही फैन ने किया सवाल, विजय देवरकोंडा ने दिया जवाब The post सनी देओल की ‘लाहौर 1947’ बनी ‘बंटवारा 1947’? आखिर क्यों बदला फिल्म का नाम appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में 542 करोड़ की लागत से बनेगा इन दो म्यूजियम को जोड़ने वाला टनल, मिलेंगी नई-नई सुविधाएं भी

Bihar News: बिहार म्यूजियम घूमने आने वाले लोगों को कुछ दिनों में नई सुविधाएं मिलने वाली हैं. बिहार म्यूजियम और पटना म्यूजियम के बीच टनल का निर्माण शुरू कर दिया गया है. नेहरू पथ के पास हड़ताली मोड़ स्थित म्यूजियम सब-वे टनल के निर्माण को जल्द और बेहतर तरीके से पूरा करने का आदेश सीएम नीतीश कुमार ने दिया. इसके निर्माण में लगभग 542 करोड़ रुपए खर्च किए जायेंगे. टनल बनने से होगी यह सुविधा टनल के बन जाने से बिहार म्यूजियम और पटना म्यूजियम में लगे प्रदर्शों का लोग आसानी से एक जगह से दूसरी जगह जाकर अवलोकन (Observation) कर सकेंगे. पर्यटकों की संख्या में काफी बढ़ोत्तरी होगी, इसे ध्यान में रखते हुए पार्किंग और अन्य जरूरी सुविधाओं की भी समुचित व्यवस्था की जाएगी. सीएम नीतीश ने आदेश दिया है कि टनल का निर्माण इस प्रकार कराया जाए, जिससे नेहरू पथ पर आवागमन में किसी प्रकार की कठिनाई न हो. ऑफिसर्स हॉस्टल कैंपस और पार्क का निर्माण भी जानकारी के मुताबिक, बिहार म्यूजियम के सामने 60 आवास, ऑफिसर्स हॉस्टल कैंपस और पार्क का फिर से निर्माण किया जा रहा है. अधिकारियों ने बताया कि यहां बहुमंजिला भवन का निर्माण कराया जाना है. यहां निर्माण होने वाले भवन के नए परिसर में सोलर पार्किंग शेड, ओपेन पार्किंग, क्लब हाउस आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी. साथ ही पर्याप्त पार्किंग का प्रबंध भी रहेगा. सीएम नीतीश कुमार ने क्या कहा? सीएम नीतीश कुमार ने निर्माण कार्य को लेकर कहा, हमारे मन में पहले से ही यह इच्छा थी कि पुराने स्ट्रक्चर को तोड़कर मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बने जो हर प्रकार की आवश्यक सुविधाओं से लैस हो. नेहरू पथ के किनारे इस बहुमंजिला इमारत के बन जाने से रहने के लिए की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध होगी. इसके बगल में बेहतर ढंग से पार्क का निर्माण कराएं ताकि म्यूजियम आने वाले लोग इसका भी आनंद उठा सकें. Also Read: मुजफ्फरपुर-सोनबरसा फोरलेन के लिए मिल गई NOC, 910 दिनों में निर्माण पूरा करने का लक्ष्य The post बिहार में 542 करोड़ की लागत से बनेगा इन दो म्यूजियम को जोड़ने वाला टनल, मिलेंगी नई-नई सुविधाएं भी appeared first on Naya Vichar.

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